मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने माध्यमिक विद्यालयों के लिए नवनियुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को सौंपा नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा - स्थानीय भाषा को जरूर सीखें और बच्चों के साथ उसी भाषा में संवाद करें मुख्यमंत्री ने कहा -आदिवासी, दलितों , पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाना है बच्चों के भविष्य संवारने के साथ राज्य और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ शैक्षणिक गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावा विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी से लेकर विभिन्न कोर्सेज के लिए दी जा रही आर्थिक सहायता उत्कृष्ट विद्यालय सशक्त होने के साथ नई उंचाईयां हासिल करेंगी टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों जब 3469 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। मौका था टाना भगत इनडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में माध्यमिक विद्यालयों के लिए नवनियुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र वितरण का। मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा- यह तो शुरूआत है। बहुत जल्द हजारों की संख्या में शिक्षक नियुक्त होंगे। राज्य में शिक्षा का बेहतर माहौल, गुणवत्ता युक्त शिक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कई और अहम कड़ियां जुड़ने जा रही है। यह नियुक्ति पत्र नहीं जिम्मेदारी है मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। क्योंकि इतने बड़े समूह में माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों एक साथ नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। लेकिन, यह नियुक्ति पत्र नहीं एक जिम्मेदारी है। बच्चों के भविष्य को संवारने का अहम कार्य आपको करना है। बच्चे हर दृष्टिकोण से मजबूत हों, इसमें आपकी अहम भूमिका होने वाली है। समाज में शिक्षक भगवान के समान होते हैं। ऐसे में आप अपने कार्यों का निर्वहन इस तरह करें कि वह पूरे समाज और राज्य मील का पत्थर साबित हो। नियुक्तियों का शुरू हो चुका है सिलसिला मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो चुका है। पिछले 3 वर्षों में जेपीएससी सिविल सर्विसेज, सहायक लोक अभियोजक, कृषि पदाधिकारी, पशु चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सक और सहायक अभियंताओं समेत कई पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति हो चुकी है। इसके अलावा शिक्षकों और अन्य पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यहां के नौजवानों को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। निजी क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर हुई है नियुक्ति मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में भी लगातार रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं । हमारी सरकार ने अब तक निजी कंपनियों में 10 हजार से ज्यादा युवाओं को नियोजित करने का कार्य किया है। सरकार ने इन सभी का डेटाबेस रखा है। मुझे इस बात की खुशी है कि यहां से काम करने के बाद कई नौजवान विदेशों में भी अपने कार्यों से झारखंड का मान सम्मान बना रहे हैं। इतना ही नहीं, अब निजी क्षेत्र में होने वाली नियुक्तियों में 75 प्रतिशत नियुक्ति स्थानीय को देना अनिवार्य कर दिया गया है। क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दे रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों के पद पर भी नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि उनकी जहां भी पोस्टिंग होती है, वहां की स्थानीय भाषा को वे जरूर सीखें और बच्चों के साथ उसी भाषा में संवाद करें। इससे बच्चों के पढ़ने और सीखने की क्षमता में काफी इजाफा होगा, जिसका फायदा बच्चे के साथ उनके अभिभावक, परिवार, समाज और राज्य को मिलेगा। विद्यालयों की होगी ग्रेडिंग, किये जायेंगे पुरस्कृत मुख्यमंत्री ने कहा की सरकार बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करेगी। इस कड़ी में अब विद्यालयों की ग्रेडिंग की जाएगी। इस ग्रेडिंग में जो विद्यालय अव्वल होंगे, उसे सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में पैरंट्स- टीचर्स मीट नियमित रूप से कराने को कहा, ताकि बच्चों को लेकर उनके अभिभावकों के साथ टीचर्स का बेहतर समन्वय बन सके। उत्कृष्ट विद्यालय नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करें, इसी सोच के साथ सरकार ने पहले चरण में 80 उत्कृष्ट विद्यालयों की शुरुआत की है। आने वाले दिनों में 5 हजार विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालयों का दर्जा दिया जायेगा। इन विद्यालयों में पठन-पाठन को लेकर सभी आधुनिक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी है। मुझे विश्वास है कि उत्कृष्ट विद्यालय सशक्त होने के साथ नई उंचाइयां हासिल करेंगी। बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बच्चों की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण प्रभावित नहीं हो, इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है। बच्चों की स्कॉलरशिप राशि बढ़ा दी गयी है। हर तरह की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों के लिए भी सरकार आर्थिक मदद कर रही है। मेडिकल इंजीनियरिंग अथवा अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए आर्थिक सहायता देने का निर्णय सरकार ने दिया है। इतना ही नहीं, विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भी विद्यार्थियों का पूरा खर्च सरकार वाहन कर रही है। इसके अलावा गुरुजी क्रेडिट योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आसान ब्याज दर पर 15 लाख रुपये तक का लोन देने की योजना सरकार ने शुरू की है। कार्यप्रणाली में बदलाव लाने पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और राज्य वासियों के हित में हम सभी को अपने कार्य प्रणाली में बदलाव लाने की जरूरत है । विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष कार्य करना है। इन दोनों ही क्षेत्रों में इसकी बुनियाद को इतना मजबूत करना है ताकि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों हमें भी कोई इसे डिगा नहीं पाये। इसके अलावा यहां आदिवासी दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक और बौद्धिक हर रूप से मजबूत बनाना है। राज्य को पिछड़ेपन और समस्याओं के जंजाल से निजात दिलाना है मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के लिए यहां के आदिवासियों और मूल वासियों ने लंबा संघर्ष किया। हजारों लोगों ने अपनी शहादत दी। लेकिन, अफसोस इस बात का है कि प्रचुर खनिज संसाधनों के बाद भी झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है।इतना ही नहीं, यह राज्य समस्याओं के जंजाल में भी जकड़ा है। ऐसे में हमारी सरकार ने झारखंड को तमाम समस्याओं से निकालकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प ले रखा है और इस दिशा में हम तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। मंत्री श्री आलमगीर आलम और श्री सत्यानंद भोक्ता एवं मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने भी समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के रवि कुमार, जेईपीसी की स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर किरण कुमारी पासी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सुनील कुमार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार महतो समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के बाद मुख्यमंत्री ने किया कई अहम ऐलानटीम एबीएन, रांची। झारखंड में 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के शुभारंभ के बाद हजारों शिक्षकों की बहाली हुई। शुक्रवार को सभी नवनियुक्त शिक्षकों को सीएम हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्रा सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम ऐलान किये। जिसमें से एक है कि राज्य के सभी स्कूलों की ग्रेडिंग होगी। फिर अव्वल स्कूलों के शिक्षकों को पुरस्कृत किया जायेगा। नवनियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने झारखंड में 80 उत्कृष्ट विद्यालय बनायें। आगे चलकर राज्य में 5000 से अधिक उत्कृष्ट विद्यालय होंगे। लेकिन इन उत्कृष्ट विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाये रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आने वाले वाले समय में राज्य के सभी स्कूलों की ग्रेडिंग होगी। जिसके बाद टॉप थ्री में आने वाले स्कूलों के शिक्षकों को पुरस्कृत किया जायेगा। हालांकि, क्या पुरस्कार दिया जायेगा अभी इसका जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन इतना इशारा जरूर किया किया गया कि यह पुरस्कार काफी बड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफल स्कूलों के शिक्षकों को एक विशेष रूप में पैकेज दिया जायेगा, जिसका अभी जिक्र नहीं होगा। यह ऐसा पुरस्कार होगा, जो आप कभी सोच भी नहीं सकते हैं। इन सबके साथ सीएम हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में गुरुजी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 15 लाख रुपये तक न्यूनतम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न हों, इसके लिए राज्य सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। सीएम ने कहा कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लेने वालों को 5 साल तक सरकार के पैसे वापस नहीं करने हैं, छठे साल भी नहीं करना है, बल्कि सातवें साल में वे सरकार के पैसे वापस करें। जब पूरी पढ़ाई के बाद वे अपने पैरों पर खड़े हो जायें।
टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज रांची के भूविज्ञान विभाग और कॉलेज के आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में क्यूजीआईएस एवं डीजीपीएस के प्रयोग से नक्शा तैयार करना विषयक दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला का उद्घाटन कॉलेज की प्राचार्य प्रो इलानी पूर्ति ने किया।मौके पर रिसोर्स पर्सन ग्रीनमार्क नई दिल्ली के निदेशक जेम्स आर टोपनो ने भूविज्ञान विभाग के बच्चों को क्यू जी आई एस और डीजीपीएस की विशेषताओं और उपयोगिता को बताते हुए कहा की यह एक ऐसी विधि है जिसमें उपग्रहों के साथ जीपीएस के माध्यम से स्वयं के लोकेशन को सुस्थापित कर नक्शा तैयार कर सकते हैं। कार्यशाला में जानकारी दी गई कि सामान्य नक्शा से लेकर तोपोशीट को जिओ रेफरेंसिंग के साथ डिजिटल रूप में परिवर्तित भी कर सकते हैं। साथ ही साथ गूगल अर्थ की प्रायोगिक जानकारी भी दी गयी। मौके पर उपग्रह की सूचनाओं को डिजिटल और एनालॉग रूप में आदान-प्रदान करने के तकनीकों की भी विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यशाला को सफल बनाने में कॉलेज की कोषाध्यक्ष प्रोफेसर आशारानी केरकेट्टा और सहायक कोषाध्यक्ष प्रोफेसर प्रवीण सुरीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में भू विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमरेश चंद्र मिश्र की सक्रिय भूमिका रही। मौके पर विभाग के प्रोफेसर सीआर नवल लुगुन, डॉ श्याम लाल सिंह, धनंजय कुमार एवं पीपीके कॉलेज बुंडू की भूविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विनीता श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित थे। साथ ही कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि प्रोफेसर अमरदीप टोपनो, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ मृदुला खेस्स,मानवशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एसके मुर्मू, भूगोल विभाग की प्रोफेसर डॉ दिव्या रतन कोनगाड़ी, डॉ होली अर्चना कच्छप, डॉ योताम कुल्लू, डॉ कोरनेलियुस मिंज एवं भूगोल तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के पहले तीसरे और छठे सेमेस्टर के के लगभग 70 विद्यार्थी मौजूद थे।
टीम एबीएन, पलामू। पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार पंचायत सचिव के लिए नियुक्ति से संबधित अनुशंसित अभ्यर्थियों की मेघा सूची के अनुसार शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र एवं अन्य कागजातों की जांच आज से प्रारंभ हुई। अभ्यर्थियों का शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों की जांच 20 मई 2023 को भी 10 बजे पूर्वाह्न से 4 बजे अपराह्न तक होगा। पलामू जिले के समाहरणालय स्थित ब्लॉक सी के सभागार जांच चल रही है। आयोग द्वारा पलामू जिले के अनुशंसित अभ्यर्थी का पंचायत सचिव से संबंधित प्रवेश पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र/ स्थानीय प्रमाण पत्र एवं समर्पित अन्य कागजातों (मूल रूप में) की जांच की जा रही है।प्रमाण पत्रों की जांच-सह-काउंसलिंग में पंचायती राज्य पदाधिकारी शैलेश कुमार सिंह, नीलाम पत्र पदाधिकारी कपिलदेव ठाकुर, सतबरवा के अंचल अधिकारी प्रशांत कुमार के अलावा राम लखन राम, विनोद प्रसाद गुप्ता, संजय कुमार आदि कर्मी जुटे हैं।
दक्षिण बिहार के शिक्षार्थियों से संघ प्रमुख ने परिचय लियाद्वितीय वर्ष वर्ग में स्वयंसेवकों के जिज्ञासा का सोदाहरण समाधान बतायेंश्रीराम की प्रतिज्ञा ने ही उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम बनायाराष्ट्र और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए श्रीराम जैसा प्रतिज्ञा करेंआज मोहन भागवत संघ के प्रथम संघचालक केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का करेंगे अनावरणमोहन भागवत का लोहरदगा प्रवास का होगा सत्र में अंतिम उद्बोधनटीम एबीएन, लोहरदगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को शिक्षार्थियों के तमाम जिज्ञासाओं का समाधान किये। संघ प्रमुख मोहन भागवत शिक्षार्थियों के जिज्ञासा के अनुरूप उनका समाधान भी बताया। वह गुरुवार को दक्षिण बिहार प्रांत के शिक्षार्थियों के साथ परिचय प्राप्त किए।उनके कार्यों की गतिविधियों की जानकारी भी ली।आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत लोहरदगा में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष विशेष के शिक्षार्थियों को संघ की प्रतिज्ञा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संघ शिक्षा वर्ग बौद्धिक और शारीरिक रूप से स्वयंसेवकों को संघ की जानकारी तो देते ही हैं। साथ-साथ समाज, राष्ट्र और धर्म की शिक्षा भी देते हैं।संघ प्रतिज्ञा सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर अपने पूर्वजों का स्मरण कराते हुए स्वयंसेवकों ने प्रतिज्ञा किया कि अपने पवित्र सनातन धर्म और संस्कृतियों के साथ हिंदू समाज का संरक्षण कर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति करने के लिए मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक बना हूं।संघ का कार्य मैं प्रमाणिकता और निस्वार्थ बुद्धि से तन, मन, धन पूर्वक करूंगा।इस व्रत का मैं आजन्म पालन करूंगा। इस प्रतिज्ञा के बाद सभी शिक्षार्थी संघ प्रमुख के साथ भारत माता की जय की जयकारे लगाये। इस अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि श्रीराम को भगवान बनाने में उनके माता-पिता के बजाय उनके प्रतिज्ञा का योगदान अधिक है।श्रीराम द्वारा की गई प्रतिज्ञा- अच्छे कार्य करते समय प्रतिज्ञा सम्बल बनती हैं। भीष्म, प्रताप, शिवाजी, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चन्द्र बोस प्रतिज्ञा से प्राप्त सम्बल के कारण ही अपने उद्देश्य को प्राप्त कर पाये।हम प्रतिज्ञा का प्रारम्भ सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर से करते हैं। प्रतिज्ञा में हम अपने पूर्वजों का स्मरण भी करते हैं। प्रतिज्ञा व्यक्तिगत संकल्प हैं। यह केवल कण्ठस्थ ही नहीं हृदयस्थ भी होने चाहिए। प्रतिज्ञा ऐसी होनी चाहिए कि हम सनातन धर्म और संस्कृति के साथ हिन्दू समाज के संरक्षण का व्रत लें, राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति की प्रतिज्ञा। यह सर्वांगीण उन्नति सर्वे भवन्तु सुखिनः…. के भाव से ही होगी।संघ का कार्य प्रमाणिकता से करूंगा, प्रमाणिकता का अर्थ हैं जो कहे वहीं करें। स्वयंसेवकों ने प्रतिज्ञा किया कि मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य निःस्वार्थ बुद्धि से करूंगा। स्वयंसेवक के मन में किसी प्रकार का लोभ नहीं आना चाहिए। जैसे श्रीराम की भक्ति में हनुमान जी ने किया है। इस प्रतिज्ञा से ही फलश्रुति भारत माता की जय से होगी।दूसरी ओर संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष का भी कक्षा संचालित हो रहा है। प्रशिक्षण में बिहार और झारखंड के स्वयंसेवक शामिल है। संघ शिक्षा वर्ग का गुरुवार को छठा दिन था। वही द्वितीय वर्ष के विशेष वर्ग में संघ प्रमुख मोहन भागवत जी का तीसरा दिन था।शुक्रवार को उनका लोहरदगा में प्रवास का अंतिम दिन होगा। वह शुक्रवार को प्रातः 9:30 संघ संस्थापक और करोड़ों लोगों के प्रेरक केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।संघ शिक्षा वर्ग में विशेष रूप से संघ के राष्ट्रीय अधिकारी अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, अखिल भारतीय सह- प्रचार प्रमुख आलोक, बिहार- झारखंड क्षेत्र प्रचारक रामनवमी, सह- प्रचारक रामकुमार, क्षेत्र संघचालक देवव्रत पहान, झारखंड प्रांत प्रचारक गोपाल, सह- प्रांत प्रचारक राजीव कुमार और झारखंड प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल समेत तमाम अधिकारी मौजूद है। संघ शिक्षा वर्ग दो जून तक चलेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में बुधवार को भागवत ने संघ प्रार्थना की विस्तृत व्याख्या कीप्रार्थना की सरलता और इसमें समाहित भाव के बारे में बतायासुबह और सांय के संघ स्थान गतिविधियों में भाग लियाउत्तर बिहार और झारखंड प्रांत के शिक्षार्थियों से परिचय प्राप्त कियागण शिक्षकों के साथ संघ प्रमुख ने जलपान कियाटीम एबीएन, लोहरदगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे हर भारतीय के व्यक्तित्व में राष्ट्रप्रेम भक्ति और अटूट आस्था भर देता है। यह प्रार्थना भारत की संस्कृति, संस्कार, अध्यात्मिक पहलुओं के प्रति हमें सजग बनाता है। राष्ट्र कैसे परम वैभव को प्राप्त करें,हमारी प्रार्थना यह सीख भी देता है। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहीं।वह लोहरदगा में चल रहे 20 दिवसीय द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग विशेष के शिक्षार्थियों को बुधवार को संबोधित कर रहे थे। अपने चार दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग सत्र के दूसरे दिन बुधवार को आरएसएस के ग्लोबल हेड मोहन भागवत ने संघ प्रार्थना की व्याख्या और उसकी सरलता को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संघ प्रार्थना संस्कृत में संस्कृत हमारी संस्कृति का प्रतीक है।नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रार्थना है। सम्पूर्ण प्रार्थना संस्कृत में है। इसकी अन्तिम पंक्ति भारत माता की जय ही हिन्दी में है। इसे सर्वप्रथम 23 अप्रैल 1940 में पुणे के संघ शिक्षा वर्ग में गाया गया था। तब से यह प्रार्थना संघ की शाखा या अन्य कार्यक्रमों में इस प्रार्थना को अनिवार्यतः गाया जाता है। ध्वज के सम्मुख नमन किया जाता है।प्रथम और द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग 20-20 दिन के होता हैं।द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग का आयोजन सामान्यत: क्षेत्र करता है। तृतीय संघ शिक्षा वर्ग हर साल नागपुर में ही होता है। संघ प्रमुख मोहन भागवत में बुधवार को संघ संगठन के दृष्टिकोण से उत्तर बिहार और झारखंड के संघ शिक्षार्थियों से परिचय प्राप्त किया। संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष विशेष क्षेत्रीय संगठन द्वारा आयोजित होता है।संघ प्रमुख बुधवार को सुबह और शाम को शाखा की गतिविधियों में भाग लिए। वह 12 गण शिक्षकों के साथ जलपान जलपान किये। बुधवार के को दो प्रांतों के 55 शिक्षार्थियों से परिचय प्राप्त किया। संघ की गतिविधियों की जानकारी ली। सांय को संघ स्थान के बाद भी परिचय का सत्र चलता रहा।19 मई को मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर प्लस टू स्कूल परिसर में संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जायेगा। लोहरदगा में संघ शिक्षा वर्ग प्रथम और द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण अलग-अलग स्थान पर चल रहा है। इसमें 800 से अधिक स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। संघ के जिला, विभाग, प्रांतीय और क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं।
टीम एबीएन, लोहरदगा। मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर +2 विद्यालय लोहरदगा में डॉ हेडगेवार जी की प्रतिमा का अनावरण आरएसएस के सर संघचालक डॉ मोहन मधुकर भागवत ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीफल तोड़कर किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलित किया गया और डॉ हेडगेवार जी की प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। डॉ हेडगेवार जी की प्रतिमा के दोनों तरफ कल्पवृक्ष का पौधरोपण सर संघचालक ने किया।कार्यक्रम में संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख आलोक कुमार, अखिल भारतीय ग्राम विकास सदस्य सिद्धनाथ सिंह, क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, क्षेत्र प्रचारक प्रमुख अरुण झा, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी, सह क्षेत्र प्रचारक रामकुमार, क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख प्रेम अग्रवाल, क्षेत्र सद्भावना प्रमुख राकेश लाल, दक्षिण बिहार के प्रांत संघ चालक राजकुमार सिन्हा, झारखंड के प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल, प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, प्रांत कार्यवाह संजय कुमार, जमशेदपुर विभाग कार्यवाह मनोज गिरी, गुमला विभाग संघचालक साहू प्रकाश लाल, विद्या भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री ख्यालीराम, क्षेत्र मंत्री रामअवतार नारसरिया, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, लोहरदगा के सांसद सुदर्शन भगत, गुमला विभाग कार्यवाह किनेश्वर महतो, विभाग प्रचारक शम्मी कुमार, जिला संघचालक मनोज दास, विद्या भारती नगर क्षेत्र विद्यालयों के समिति अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष विनोद राय, सचिव अजय प्रसाद, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, सदस्य शशि कुमार गुप्ता, शोभा देवी, प्राचार्य उत्तम मुखर्जी, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे, सुधीर अग्रवाल, ओमप्रकाश सिंह, स्नेह कुमार, सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर अग्रवाल, कृपा प्रसाद सिंह, शिवशंकर सिंह, उमाकांत लाल, प्रणव पाठक, राजकिशोर महतो, गुमला विद्या मंदिर के अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, सचिव अमृत मेटे, प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा, बड़की चापि विद्या मंदिर के सचिव भूषण तिवारी, प्रधानाचार्य मनोहर मोदी, कैरो के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार मांझी, रितेश कुमार, गणेश मिश्रा, पशुपतिनाथ पारस, संजय बर्मन, देवेंद्र मंडल, गोरख पांडे सहित तीनों विद्यालय के आचार्य, स्वयंसेवक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।डॉक्टर भागवत सुबह 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में आये और लगभग 20 मिनट के लोकार्पण एवं पौधरोपण समारोह के उपरांत वापस लौट गये। इसके पूर्व उन्होंने शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में सिर्फ फल का पौधा लगायाl
टीम एबीएन, लोहरदगा। कुडू थाना क्षेत्र के उडूमूडू पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के दूसरे क्लास के छात्र उडूमूडू निवासी बीरेंद्र साहू के पुत्र कृष कुमार साहू का कोयल नदी में डूबने से मौत हो गयी। बताया जाता है कि विद्यालय के द्वारा बच्चों को विद्यालय से पांच किलोमीटर की दूरी पर कोयल नदी के तट पर घूमने ले जाया गया था। इसी दौरान कृष पानी में डूबने लगा। उसे वहां से निकाल कर कूडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया।घटना के बाद ग्रामीण अक्रोशित है और विद्यालय को घेर कर रखा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी विद्यालय पहुंच चुकी है।
टीम एबीएन, लोहरदगा। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग, भारती विज्ञान क्लब, भास्कर ऐस्ट्रो एसोसिएशन एवं सिनी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में गिरिवर शिशु सदन उच्च विद्यालय में किशोर किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के छः कंपोनेंट्स पर विस्तार पूर्वक से जानकारी दी गयी साथ ही इससे संबंधित विडियो भी विद्यार्थियों को दिखाया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पोषण में सुधार, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार, गैर संचारी रोग की जानकारी, नशीले पदार्थों के सेवन को रोकना, चोट, हिंसा एवं दुर्घटना को रोकना, माहवारी संबंधित जानकारी, लैंगिक हिंसा आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ सुलामी होरो, विशिष्ट अतिथि अर्चना प्रसाद, परामर्शदाता सदर अस्पताल उपस्थित थे। अथितियों को विद्यालय सचिव एवं प्राचार्य के द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुये छः कंपोनेंट्स पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी साथ ही बच्चों में लैंगिक असमानता के कारण होने वाले भेदभाव, एनीमिया से होने वाले दुष्प्रभाव, बचाव के तरीके के विषय में विस्तारपूर्वक बताया।बच्चे अपनी स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का समाधान नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से पा सकते हैं। विशिष्ट अतिथि ने एचआईवी एड्स के प्रसार तथा रोकथाम के तरीकों को बताया।क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक आहाना, सिनी के ओमप्रकाश शर्मा तथा फील्ड ऑफिसर आहाना, सिनी के जेवियर हेमंत कुजूर के द्वारा कार्यक्रम में सभी छः कंपोनेंट्स पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो दिखा व्याख्या भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से उनका फीडबैक आवेदन प्रपत्र के माध्यम से लिया गया तथा अल्प जलपान की व्यवस्था की गयी। कार्यक्रम में विद्यालय सचिव चन्दन भारती, प्राचार्य जयमंती कुमारी, सरस्वती सिंह, अनामिका भारती, आभा कुजूर, काजल साहू, सिद्दीका परवीन, कंचन मेहता, अर्पणा सिन्हा, सबिता कुमारी, आशा दास, संगीता वर्मा, डोरोथी खलखो, उमा मिश्रा, सुमन लकड़ा, कविता कुमारी तथा विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे।
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