टीम एबीएन, रांची। भजनों की लय पर भक्तगण भाव विभोर हुए , अवसर था अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 2 अप्रैल 2026 हनुमान जयंती अत्यंत भक्तिभाव व श्रद्धा के साथ मनाया गया। हनुमान जयंती का उल्लास लिए भक्तगण प्रात:काल से ही वीर हनुमान के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। प्रात:काल में हनुमान जी को नवीन वस्त्र पहनाकर आभूषणों से अलंकृत कर विभिन्न प्रकार के फूलों जैसे गुलाब, जूही, बेला, मोगरा, गेंदा व से मनभावन श्रृंगार किया गया।
साथ ही मंदिर में विराजमान शिव परिवार एवं श्री श्याम प्रभु का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया। रात्रि 8:30 बजे श्री वीर हनुमान के जयकारों के बीच भक्तगण कतारबद्ध होकर वीर बजरंगबली का दर्शन कर मंगलमय जीवन की कामना कर रहे थे। श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने संगीतमय संकीर्तन प्रारम्भ कर भजनों की अमृत वर्षा की।
मौके पर वीर बजरंगबली को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान, फल, मेवा का भोग अर्पित किया गया। रात्रि 11:30 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश सारस्वत, ओम जोशी, चंद्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, विवेक ढांढनीयां, विकास पाडिया, ज्ञानप्रकाश बगला, नितेश लखोटिया, अजय साबू, अरुण धानुका, प्रियांश पोद्दार एवं राजेश सारस्वत का विशेष सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन श्रीराम भक्त बजरंगबली हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव मनाने की परंपरा भारतीय संस्कृति में है। आज का दिन वह शुभ मुहूर्त है जिसमें हनुमान जी भक्तों की पूजा, अर्चना और प्रार्थना से सहज प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
संत गोस्वामी तुलसीदास ने स्वयं ही कहा था कि उनके द्वारा रचित हनुमान चालीसा हनुमान जी महाराज की स्तुति में बहुत ही अल्प है। हनुमान जी महाराज इतने सरल हैं कि अपने परम आराध्य प्रभु श्रीराम का मात्र नाम सुनते ही प्रसन्न हो जाते हैं और शरणागत की दुख हर लेते हैं।
ज्ञानियों में अग्रणी श्रीराम दूत हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव के शुभ मुहूर्त में आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं। हनुमान जी महाराज से विनती है कि अपनी कृपा सभी के ऊपर बनाये रखें।
टीम एबीएन, रांची। रांची शहर की सुप्रसिद्ध धार्मिक संस्था श्री सालासर हनुमान मंडल रांची का दशम श्री हनुमान जन्मोत्सव महोत्सव 2 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार को हनुमान जयंती के पावन अवसर में श्री सालासर हनुमान मंदिर, मारवाड़ी ब्राह्मण भवन प्रांगण, बंशीधर अडुकिया रोड, रांची में धूमधाम से मनाया जायेगा। उपरोक्त जानकारी संस्था के अध्यक्ष धर्मचंद शर्मा ने देते हुए बताया कि प्रात: 8 से रात्रि 10 बजे तक श्री हनुमान जन्मोत्सव महोत्सव में नयनाभिराम झांकी, अखंड ज्योत, रस माधुरी श्रृंगार से सुसज्जित सालासर बालाजी के सान्निध्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
महोत्सव संयोजक राहुल शर्मा ने कहा कि 2 अप्रैल 2026 को प्रात: 8 बजे गणेश पूजन सह अखंड ज्योत मुख्य यजमान अमित सारस्वत सहपत्नी प्रज्ज्वलित करेंगे। प्रात: 9 बजे से 151 संकल्पित श्रद्धालु महिलाओं द्वारा सस्वर सुंदरकांड पाठ का आयोजन श्री जनार्दन जी जोशी के सानिध्य में किया जायेगा। तदुपरांत 108 सामूहिक श्री हनुमान चालीसा का पाठ का वृहत आयोजन श्री भगवती व्यास जी के सान्निध्य में किया गया है। साथ ही साथ 251 सवामणि भोग एवं छपन भोग बालाजी महाराज को श्री नथमल शर्मा द्वारा संचालित अर्पित किया जायेगा।
ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अशोक पुरोहित एवं मंत्री किशन शर्मा ने कहा कि संध्या 5 बजे से रांची के सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहकों द्वारा भजनों की अविरल गंगा प्रभावित की जायेगी, जिसमें भजन प्रवाहक पवन शर्मा, मदन सोनी, दिनेश शर्मा एवं प्रवीण व्यास के सुमधुर भजनो में श्रद्धालु गोता लगायेंगे। रात्रि 10 बजे महाआरती के साथ मौसम का समापन होगा।
ब्राह्मण भवन के पूर्व अध्यक्ष रविशंकर शर्मा टोली ने कहा कि मारवाड़ी ब्राह्मण भवन प्रांगण में स्थापित श्री सालासर बालाजी का जागृत विग्रह प्रतिमा सन् 1995 से प्राण प्रति स्थापित है। ये सच्चा दरबार एवं बालाजी की गद्दी है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं। उक्त जानकारी श्री सालासर हनुमान मंंदिर के प्रवक्ता मनोज बजाज ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में कल से पांच दिवसीय श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के सान्निध्य में प्रारंभ होगा।
महोत्सव के प्रथम दिन सुबह 5:30 बजे अपर बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य घटयात्रा निकाली जायेगी। दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप वाकलीवाल और प्रवक्ता राकेश गंगवाल ने बताया कि घटयात्रा में 271 महिलाएं पारंपरिक परिधान में शामिल होंगी।
घटयात्रा मंदिर परिसर से निकलकर सर्कुलर रोड स्थित बिरसा मुंडा फन पार्क स्थित महोत्सव स्थल तक जायेगी। इसके बाद महोत्सव का शुभारंभ मंगलाचरण और यागमंडल विधान से होगा, तत्पश्चात गर्भ कल्याणक का आयोजन किया जायेगा।
इस दौरान तीर्थंकर भगवान के गर्भ में आगमन की पावन घटना का भावपूर्ण चित्रण किया जायेगा तथा माता के 16 स्वप्नों की झांकी प्रस्तुत की जायेगी। इस अवसर पर मुनि श्री का विशेष प्रवचन भी होगा। शाम में शंका समाधान और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
पांच दिवसीय महोत्सव के प्रारंभ से पूर्व मंगलवार को महोत्सव स्थल पर भगवान के माता सीता सोगानी और पिता के पात्र बिमल सोगानी का दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष और मंत्री द्वारा सहपरिवार सम्मान किया गया। इसके बाद कनक-प्रदीप और ज्योति-जितेंद्र छाबड़ा द्वारा भी सम्मान किया गया। तत्पश्चात महिलाओं ने भजनों के साथ मेहंदी की रस्म संपन्न की।
राजधानी में विराजमान दिगंबर जैनाचार्य मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज ने मंगलवार को अपने प्रात:कालीन प्रवचन में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आत्मशुद्धि, अहिंसा और संयम को जीवन का अनिवार्य आधार बताया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का उत्थान बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अंतर्मन की निर्मलता से होता है। अहिंसा केवल व्यवहार नहीं, बल्कि जीवन का दृष्टिकोण है। जब मनुष्य के भीतर कटुता, ईर्ष्या और राग-द्वेष समाप्त होते हैं, तभी उसके जीवन में शांति और स्थिरता आती है। उन्होंने सत्य, करुणा और अपरिग्रह को जीवन की मूल आवश्यकताएं बताते हुए कहा कि इन सिद्धांतों के पालन से समाज में सौहार्द और सद्भाव बढ़ता है।
आगामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का उल्लेख करते हुए मुनिश्री ने कहा कि यह उत्सव आत्मजागरण और श्रेष्ठ आचरण का संदेश देता है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्माण का मार्गदर्शक है। युवा वर्ग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला हैं। यदि युवाओं का चरित्र उज्ज्वल हो, तो समाज स्वत: बदल जाता है।
प्रवचन के अंत में मुनिश्री ने स्व-रचित मंगल पाठ मंगल-मंगल होय जगत में, सब मंगलमय होय, इस धरती के हर प्राणी का मन मंगलमय होय... का पाठ किया और अहिंसा, संयम एवं सद्भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। संध्या 6:20 बजे शंका समाधान कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिसके बाद आरती संपन्न हुई।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय टोली बैठक दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय (संकट मोचन आश्रम, सेक्टर-6, रामकृष्णपुरम, नई दिल्ली) में आज दोपहर 12:30 बजे संपन्न हुई। बैठक में विगत 3 माह के बीच संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की योजना बनायी गयी। इनमें निम्न हैं :
1 अक्टूबर 2026 से 21 सितंबर 2027 तक श्रद्धेय अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने के लिए तिथियां तय की गई। बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं एवं विश्व हिंदू परिषद के संपर्क अधिकारी भैया जी जोशी ने कहा हमने सांगठनिक ढांचा तो तैयार करने में सफलता प्राप्त कर ली है।
हमारी बातों को सुनने के लिए भी समाज तैयार है परंतु इसे मजबूत करने के लिए आज सभी आयामों का पूर्ण विकास आवश्यक है। संस्कार, सुरक्षा एवं सक्रियता प्रत्येक हिंदू का मापदंड बनना चाहिए। हमें मशीन की तरह सिर्फ निदेर्शात्मक कार्यों को ही पूर्ण नहीं करना चाहिए बल्कि हमें सोच-समझकर क्रियात्मक कार्य करने वाला व्यक्तित्व अर्थात सक्षम कार्यकर्ता का निर्माण करना चाहिए।
किसी भी कार्य को क्यों?, क्या?, कैसे?, कब? और किसके द्वारा कराना है? यह हमारे सामाजिक जीवन में व्याप्त होना होगा। हमारी उपासना पद्धति अलग हो सकती है परंतु व्यक्तिगत धर्म, सामाजिक धर्म एवं राष्ट्र धर्म एक हुआ करता है, इस प्रकार की अनुकूल व सकारात्मक वातावरण बनाने की आवश्यकता है।
बैठक में केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे सहित सभी केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे। झारखंड-बिहार (पटना क्षेत्र) के प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू एवं क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडेय उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के झारखंड-बिहार (पटना क्षेत्र) क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू (7033541040) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मंडल, रांची द्वारा अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में आज खाटू नरेश श्याम बाबा को चांदन द्वादशी के पावन अवसर पर संध्या 6:30 बजे से रात्रि 9 बजे तक श्री श्याम प्रभु को खीर चूरमा का भोग अर्पित किया गया। आज के भोग के मुख्य यजमान उमेश अग्रवाल ने श्याम बाबा को खीर चूरमा का भोग अर्पित किये।
सर्व प्रथम मंडल के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश बागला, मंत्री धीरज बंका एवं अग्रवाल परिवार से सोनिया अग्रवाल, कशवी, अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, मधु लता अग्रवाल, नितिन अग्रवाल परिवार ने गणेश पूजन कर मंदिर में विराजे वीर बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी पूजन कर विभिन्न प्रकार के फल एवं मिष्ठान अर्पित कर श्री श्याम प्रभु को खीर चूरमे का भोग अर्पित किया। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर हारे के सहारे की जय लखदातार की जय जयकारों के गूंज उठा।
द्वादशी के दिन श्री श्याम प्रभु का प्रिय भोग खीर चूरमा को लेने भक्तगण कतारबद्ध होकर प्राप्त कर रहे थे। साथ ही श्री श्याम मंडल के कार्यकर्ता आये हुए भक्तजनों को शुद्ध पेयजल का वितरण कर रहे थे तथा उनके चरण पादुका को रखने की उत्तम व्यवस्था बनायी हुई थी। आज के खीर चूरमा का भोग श्री श्याम मंदिर में ही निर्मित किया गया तथा 550 से ज्यादा भक्तजनों प्रसाद प्राप्त किया।
आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास पाड़िया, प्रदीप अग्रवाल, संजय सारस्वत, अजय साबू, प्रमोद बगड़िया, महेश सारस्वत, अमित जलान का सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन मार्ग रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में भगवान हनुमान का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके जन्मोत्सव के रूप में मनायी जाने वाली हनुमान जयंती श्रद्धा, भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
इस वर्ष हनुमान जयंती का पावन पर्व 2 अप्रैल दिन गुरुवार को मनायी जायेगी। देश के विभिन्न राज्यों में तिथि और परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में भी हनुमान जयंती मनाने की प्रथा प्रचलित है।भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव मनाना और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना है। पवनपुत्र हनुमान को अटूट भक्ति, अपार बल, निष्ठा और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति और समर्पण से यह सिद्ध किया कि सच्ची सेवा ही सर्वोच्च धर्म है। इस दिन भक्तगण उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प लेते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रा अवतार संकट मोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था हनुमान जी का जन्म माता अंजना और केसरी के यहां हुआ था।
उन्हें पवन देव का पुत्र भी कहा जाता है, इसलिए वे पवनपुत्र के नाम से विख्यात हैं। बाल्यकाल से ही उनमें अद्भुत शक्तियां थीं। सूर्य को फल समझकर निगलने की कथा उनकी अलौकिक शक्ति को दशार्ती है।रामायण में हनुमान जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने माता सीता की खोज में लंका पहुंचकर अद्भुत साहस का परिचय दिया और रावण की लंका में आग लगाकर अपनी वीरता का प्रदर्शन किया।
संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाने की कथा उनकी बुद्धिमत्ता और सेवा भावना का सर्वोत्तम उदाहरण है। हनुमान जयंती का धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। इस दिन भक्तगण व्रत रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में किसी भी कठिनाई का सामना धैर्य, साहस और विश्वास से किया जा सकता है।
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, अर्थात वे सभी कष्टों को दूर करने वाले हैं। इसलिए इस दिन उनकी उपासना करने से भय, रोग और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हनुमान जयंती के अवसर पर जगह-जगह शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह पर्व समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह साहस, समर्पण और सच्ची भक्ति का संदेश देने वाला पावन पर्व है। भगवान हनुमान का जीवन हमें सिखाता है कि यदि हमारे भीतर विश्वास और निष्ठा हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। अत: इस पावन अवसर पर हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हटिया, रांची। हटिया देवी मंडप के प्रांगण में हिन्दू संगम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि अद्वैत आश्रम के स्वामी अमृतानंद जी ने हिन्दू समाज के सद्भाव एवं एकता पर आशीर्वचन देकर भेदभाव-रहित समाज निर्माण की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम संरक्षक सम्मानित पद्मश्री श्री महाबीर नायक जी ने अपने उद्बोधन में हिन्दू धर्म में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी श्रीमंत महाराज जी ने धर्म के माध्यम से समाज निर्माण पर बल दिया।
मुख्य वक्ता आशुतोष द्विवेदी ने पंच परिवर्तन के पांच आयामों—सामाजिक समरसता, स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से राष्ट्र को सुदृढ़, समरस और विकसित बनाने पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में हटिया क्षेत्र की मातृशक्ति, बंधुओं एवं भगिनियों की बड़ी संख्या ने समाज की एकता का जीवंत प्रदर्शन किया। नन्हे बच्चों ने पौराणिक चरित्रों के स्वरूप धारण कर सबका मन मोह लिया, साथ ही स्तोत्र, श्लोक एवं मंत्रों के उद्घोष से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए।
समाज एवं समुदाय के प्रत्येक घर से एकत्र अनाज से ग्राम देवी माता एवं भारत माता को भोग अर्पित कर दुर्गा माता एवं भारत माता की आरती एवं जयघोष के साथ लगभग 400 से अधिक आगंतुकों को प्रसाद वितरित किया गया। इसने सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री अखिलेश्वरनाथ मिश्र, डॉ. एन.डी. गोस्वामी, डॉ. उमाशंकर शर्मा, राजा राम सिंह, डॉ. प्रेम प्रकाश मिश्र, मिथिलेश्वर, नर्मदेशवर मिश्र एवं राजन वर्मा एवं समाज के अनेक गणमान्य, मातृशक्ति उपस्थित रहे। उक्त जानकारी बिरसा नगर के रोहित कुमार ने दी।
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