रांची : सेवंथ डे एड्वेंटिस्ट हाई स्कूल के ऑडिटोरिय में मना फ्रेशर्स डेटीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 1 नवम्बर 2026 को कॉलेज में फ्रेशर्स डे का आयोजन किया गया, जिसमें रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा मिस्टर एवं मिसेस मेटास प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से 2 के बीच सेवंथ डे एड्वेंटिस्ट हाई स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया।अश्विन जॉन्सन तिर्की ने इस वर्ष मिस्टर मेटास 2026 का खिताब जीता। वही नितिन कुल्लू हंसक ने प्रथम एवं अभिजीत कुमार ने द्वितीय रनर अप का खिताब जीता और रितिका टोप्पो ने इस वर्ष मिस मेटास 2026 का खिताब जीता वही सृष्टि मिंज और एंजेलीना मिंज ने प्रथम और द्वितीय रनर अप का खिताब जीता।समारोह में कॉलेज के वाइस प्रेसिडेंट सह कैंपस इंचार्ज अजीत सोलोमन बाजराय, रजिस्ट्रार विजय राज, कॉलेज प्रिंसिपल एंजेलिन रेचल, सुनीता हंसदा, डॉक्टर सुभाकर प्रसाद, लिविंगस्टन नोवामुनि,दीपक कसारे व अन्य लेक्चरर्स उपस्थित थे।कार्यक्रम में जजों की भूमिका अमनदीप कुजूर ट्राइबल, एक्टर डांसर फिल्म मेकर और मॉडल, मनीषा गोस्वामी, कथक डांसर एवं जुबली घरभाभी दार्थगमावी, मेकअप आर्टिस्ट ने निभायी। उक्त जानकारी जनसंपर्क अधिकारी आलोक नारायण वर्मा ने दी।
जीवन में नियमित अभ्यास और कार्यक्रम से करियर को तक ले जाने में बहुत मदद मिलती है साथ ही हर दिन के कार्यक्रमों को उद्देश्य में लगी रहने की दिशा देना भी महत्वपूर्ण काम है
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा कल: 986 केंद्रों पर 5.65 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा; इन 3 केंद्रों के बदले पते टीम एबीएन, रांची। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी)-2026 की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। राज्य के सभी 24 जिलों में एक नवंबर को परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक), राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इस साल राज्यभर में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं, जहां 5,65,048 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों की इस परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। परिषद ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दर्ज जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी है। खास बात यह है कि पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के तीन परीक्षा केंद्रों के नाम और पते में बदलाव किया गया है। दो पालियों में होगी जेटीईटी-2026 की परीक्षा जेटीईटी-2026 का आयोजन दो पालियों में किया जायेगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज समय और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। प्राथमिक स्तर पर 1.95 लाख और उच्च प्राथमिक में 3.69 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में दो अलग-अलग स्तरों के लिए अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। कक्षा एक से पांच तक के प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 1,95,935 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 3,69,113 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस तरह दोनों स्तरों को मिलाकर कुल 5,65,048 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। धनबाद में सबसे ज्यादा 108 परीक्षा केंद्र, रांची दूसरे स्थान पर राज्य के 24 जिलों में बनाये गये 986 परीक्षा केंद्रों में सबसे अधिक केंद्र धनबाद में हैं। यहां कुल 108 केंद्र बनाये गये हैं। राजधानी रांची 101 परीक्षा केंद्रों के साथ दूसरे स्थान पर है। रांची में 65 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में 93, बोकारो में 72 और हजारीबाग में 53 परीक्षा केंद्र निर्धारित किये गये हैं। सभी 986 केंद्रों पर सीसीटीवी से होगी निगरानी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने केंद्रों के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किये हैं। परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सभी 986 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जायेगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, गृह रक्षक और दंडाधिकारियों की तैनाती की जायेगी। प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित परिवहन के लिए भी पुख्ता व्यवस्था की गयी है। झारखंड अधिविद्य परिषद ने परीक्षा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और चेकलिस्ट जारी की है। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के तीन केंद्रों के पते बदले परीक्षा से ठीक पहले झारखंड अधिविद्य परिषद ने पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के तीन परीक्षा केंद्रों के नाम और पते में संशोधन किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि बदलाव केवल केंद्रों के नाम और पते में किया गया है। केंद्र कोड पहले की तरह ही रहेंगे। पूर्वी सिंहभूम जिले के केंद्र कोड 51079 पटमदा इंटर कॉलेज, जाल्ला, पटमदा के विवरण में आंशिक संशोधन किया गया है। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम जिले के केंद्र कोड 52021 मधुसूदन महतो हाई स्कूल, चाईबासा का स्थान बदलकर अब मधुसूदन महतो हाई स्कूल, चक्रधरपुर कर दिया गया है। इसी जिले के केंद्र कोड 52022 आदर्श मिडिल स्कूल, देवगांव, चाईबासा का संशोधित पता अब आदर्श मिडिल स्कूल, देवगांव, चक्रधरपुर होगा। परिषद ने इन केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अपने प्रवेश पत्र में दर्ज विवरण दोबारा जांच लें और संशोधित पते के आधार पर ही परीक्षा केंद्र पहुंचें। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए परिषद ने विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेगा।
रांची विश्वविद्यालय में सम्मान समारोह आयोजितशैक्षणिक एवं प्रशासनिक योगदान को किया गया याद टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट आॅफ कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट में शनिवार को छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष एवं वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) सुदेश कुमार साहू के सम्मान में गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उनके लंबे शैक्षणिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता, समर्पण एवं विद्यार्थियों के हित में किये गये उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी गयी। इस अवसर पर विभाग के शिक्षकों, नॉन-टीचिंग स्टाफ, नीड-बेस्ड फैकल्टी सदस्यों एवं शोधार्थियों ने प्रो. (डॉ.) साहू के प्रति सम्मान एवं आत्मीय भावनाएं व्यक्त की।यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट आॅफ कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता ने कहा कि किसी भी शिक्षाविद् की वास्तविक पहचान केवल उसके पद और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संस्थान, सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों के जीवन पर छोड़ी गयी सकारात्मक छाप से होती है। इस दृष्टि से प्रो. (डॉ.) सुदेश कुमार साहू का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। समारोह के दौरान उनके शैक्षणिक नेतृत्व, प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कुशल निर्वहन तथा विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता की विशेष रूप से सराहना की गयी। उपस्थित सदस्यों ने उनके साथ कार्य करने के अनुभव साझा करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। कार्यक्रम यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट आॅफ कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उन्होंने समारोह को सफल एवं यादगार बनाने में सक्रिय सहयोग के लिए डॉ केएएन शाहदेव, डॉ एमएन जुबैरी, डॉ. विकास कुमार, डॉ आर आर शर्मा, नीड-बेस्ड फैकल्टी सदस्यों, नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं शोधार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आठवीं मंजिल से गिर कर गयी जान, गेट में हासिल की थी 10वीं रैंक एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। आईआईटी-आईएसएम में शनिवार की सुबह एक दुखद घटना में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र माने राजकुमार प्रतीक (25) की मौत हो गयी। वह महाराष्ट्र के लातूर जिले के अहमदपुर का रहने वाला था। घटना संस्थान के एक्वामरीन हॉस्टल की आठवीं मंजिल से गिरने के बाद हुई। इस घटना से पूरे परिसर में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे छात्र हॉस्टल की आठवीं मंजिल से नीचे गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही संस्थान के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। उसे तत्काल अशर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। उसका शव अस्पताल की मर्चरी में रखा गया है। इसको लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आयी है कि प्रतीक ने गेट-2026 की पेट्रोलियम इंजीनियरिंग परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की थी। वह पढ़ाई के साथ छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहता था। आईआईटी-आईएसएम के सुरक्षा प्रभारी राम मनोहर सिंह के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दे दी गयी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह हादसा था या आत्महत्या, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों के धनबाद पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। माता-पिता को मैसेज कर कहा था सॉरी सूत्रों की अगर मानें तो बताया जा रहा है कि राजकुमार ने अपने मोबाईल से एक दिन पूर्व ही अपने माता-पिता को मैसेज कर सॉरी कहा था। बताया जा रहा है कि राजकुमार के मौत की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता की स्थिति काफी बिगड़ गयी है। स्थिति ये है कि राजकुमार का शव भी लेने वे दोनों नहीं आ पा रहे हैं। राजकुमार का शव लेने उसके दो चचेरे भाई धनबाद पहुंच रहे हैं। फोटो संकेत : मृतक छात्र माने राजकुमार प्रतीक की फाइल फोटो।
एसआर डीएवी पुंदाग में राष्ट्रीय एकता दिवस सह कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए परामर्श सत्र का आयोजन एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल,पुंदाग में राष्ट्रीय एकता दिवस श्रद्धा भाव से मनाया गया। इस वर्ष इस समारोह का थीम नक्सल मुक्त भारत रखा गया था। झारखंड पब्लिक स्कूल्स, जोन- जेके एआरओ सह एसआर डीएवी पुंदाग के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने शिक्षक तथा विद्यार्थियों के साथ भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए सभा को संबोधित किया।साथ ही विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं शैक्षणिक तैयारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए कक्षा एवं कक के विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों के लिए एक विशेष परामर्श सत्र (काउंसलिंग सेशन) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रांची के कांके स्थित रिनपास से आये दो विशिष्ट विशेषज्ञों ने अपने विचार एवं महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। रिनपास के प्रोजेक्ट तरंग में कार्यरत, आरसीआई पंजीकृत क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं प्रोजेक्ट रिसर्च आॅफिसर राहुल शर्मा ने किशोरावस्था में होने वाले मानसिक तनाव, व्यवहार संबंधी चुनौतियों तथा भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक एवं भावनात्मक चुनौतियों को समझने तथा उनसे सकारात्मक ढंग से निपटने के लिए प्रेरित किया। वहीं, रिनपास की सीनियर रिसर्च फेलो एवं पीएच.डी. शोधार्थी सुश्री आयशा आरिफ ने विशिष्ट अधिगम अक्षमता तथा अन्य तंत्रिका-विकास संबंधी स्थितियों, जैसे एडीएचडी एवं आॅटिज्म स्पेक्ट्रम डिसआॅर्डर के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमताओं एवं आवश्यकताओं को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने अपने संबोधन में किशोर विद्यार्थियों की भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से परिपूर्ण, भावनात्मक रूप से संतुलित एवं जिम्मेदार व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद करें, उनकी समस्याओं एवं भावनाओं को समझें तथा ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करें, जहां बच्चे स्वयं को सुना जाना, समझा जाना , सम्मानित एवं प्रोत्साहित महसूस कर सकें। यह संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। इसके माध्यम से उन्होंने किशोरावस्था की समस्याओं, व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं तथा शैक्षणिक दबाव एवं भावनात्मक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उपायों को समझा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को पुन: रेखांकित किया। विद्यालय का उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को उचित मार्गदर्शन, समझ, संवेदनशीलता एवं सहयोग प्राप्त हो, ताकि वह अपनी क्षमताओं को पहचानकर जीवन में सफलता की ओर अग्रसर हो सके। क्योंकि प्रत्येक बच्चा समझे जाने, सहयोग पाने और सफलता के लिए सशक्त बनाए जाने का हकदार है।
एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत दिनांक 27-10-2026 से 29-10-2026 तक संत जेवियर्स कॉलेज, रांची में ई-कचरे के सुरक्षित निपटान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन आईक्यूएसी (इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल) एवं ग्रीन कैंपस कमिटी के सहयोग से शिक्षा विभाग के धरामीत क्लब की अगुवाई में किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, ग्रीन कैंपस कमिटी के प्रभारी डॉ. फादर प्रभात केनेडी सोरेंग, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. फादर फ्लोरेंस पूर्ति, धरामीत क्लब की संरक्षिका प्रोफेसर डॉ. नंदिता पांडेय तथा विभाग के सभी प्रोफेसर एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। अभियान के दौरान कॉलेज के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को पेम्पलेट वितरित करके तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से ई-कचरे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने की सकारात्मक पहल की गयी। इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा ई-कचरा संग्रहण केंद्र में ई-कचरा जमा किया गया। एकत्रित किये गये इस पूरे ई-कचरे को सरकार द्वारा प्रमाणित ई-कचरा रिसाइक्लिंग कंपनी को सौंपा जायेगा, जिससे इसका सुरक्षित एवं उचित तरीके से निपटान किया जा सके।
दीपावली से पहले स्कूली छात्रों को तोहफा, बैंक खातों में जल्द आयेगी ड्रेस और जूता-मोजा की राशि टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के पांच महीने बाद भी पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा के लिए मिलने वाली राशि का इंतजार है। दुर्गा पूजा बीत चुकी है और अब दीपावली व छठ का त्योहार नजदीक है। ऐसे में बच्चों और अभिभावकों को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित राशि मिल जायेगी। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने दीपावली के अंत तक सभी पात्र बच्चों के बैंक खातों में राशि भेजने का लक्ष्य रखा है। परिषद के निदेशक शशि रंजन ने बताया कि केंद्र सरकार से राशि का आवंटन हो चुका है। इसके बाद भुगतान और सामग्री वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है।कई जिलों में बच्चों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है, जबकि कुछ विद्यालयों में सामग्री का वितरण भी किया जा चुका है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा उपलब्ध कराने के लिए कक्षा के अनुसार राशि निर्धारित की गयी है। विद्यार्थी अब भी इंतजार में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को प्रति छात्र 600 रुपये दिये जाने का प्रावधान है। इसमें दो सेट पोशाक के लिए 350 रुपये, स्वेटर के लिए 150 रुपये और जूता-मोजा के लिए 100 रुपए शामिल हैं।वहीं, कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 700 से 760 रुपये तक का प्रावधान है। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पोशाक सहित निर्धारित सामग्री के लिए 1,200 रुपये देने की व्यवस्था है। राज्य के कुछ विद्यालयों में बच्चों को राशि या सामग्री मिल चुकी है, जबकि कई जगहों पर विद्यार्थी अब भी इंतजार कर रहे हैं। कक्षा एक और दो के जिन बच्चों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके लिए स्कूल प्रबंधन समितियों या स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामग्री खरीदकर वितरण करने की व्यवस्था है। अन्य पात्र विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है या निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामग्री उपलब्ध करायी जाती है। बैंक खातों और विद्यार्थियों के विवरण के सत्यापन में गड़बड़ी होने से भुगतान में देरी हो सकती है। ऐसे में लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करना जरूरी है। ठंड का मौसम नजदीक आने के कारण बच्चों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा खरीदना अतिरिक्त खर्च का कारण बनता है। कुछ जिलों में खरीद के लिए स्वयं सहायता समूहों और जेम पोटर्ल के माध्यम से प्रक्रिया अपनायी जा रही है। अब विभाग के सामने दीपावली तक भुगतान का लक्ष्य पूरा करने और लंबित मामलों में तेजी लाने की चुनौती है। जिलावार प्रगति की समीक्षा और बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर ही सभी पात्र बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचायी जा सकती है।
वर्ष 2019-20 में 580 सीटें थीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़कर 1,650 हुईं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा—चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर दिया जोर टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में पिछले सात वर्षों के दौरान उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या वित्तीय वर्ष 2019-20 में 580 से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,650 हो गयी है। इस प्रकार उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के अनुसार, सीटों की संख्या में लगभग तीन गुनी वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस की 50 सीटें और जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 50 सीटें थीं। वहीं, दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 100-100 सीटें थीं। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में 180 सीटें उपलब्ध थीं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, धनबाद में सीटों की संख्या बढ़कर 100 और एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर में 150 हो गयी। दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या 100-100 बनी रही। वहीं, रिम्स में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हो गयीं। झारखंड में निजी मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत और उनमें सीटों की वृद्धि से भी चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 150 एमबीबीएस सीटों के साथ पढ़ाई शुरू हुई। वित्तीय वर्ष 2022-23 में पलामू स्थित लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटें उपलब्ध हुईं। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरायकेला स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 100 सीटों के साथ शुरुआत हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर की सीटें बढ़कर 250, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज, पलामू की सीटें 150 तथा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सरायकेला की सीटें 200 हो गयीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या में हुई वृद्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलें और भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़े। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं, आवश्यक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना भी जरूरी है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीटों में वृद्धि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि बढ़ती सीटों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था, अस्पतालों का आधारभूत ढांचा, चिकित्सकीय संसाधन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी मजबूत हो। चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि योग्य और कुशल चिकित्सक तैयार करना भी है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1,650 बतायी गयी है। सीटों में यह वृद्धि झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।
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