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Published / 2026-08-06 20:14:34
डिजिटल निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से पारदर्शिता बढ़ेगी : सुखदेव भगत

कोयला और खनन क्षेत्र में सुधार पर संसदीय समिति की अहम बैठक, सांसद सुखदेव भगत ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव 

राजस्व की हानि रुकेगी और कोयला क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित होगी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली/लोहरदगा)। संसद की कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को नयी दिल्ली में समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत, आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक में देश के कोयला एवं खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए घरेलू कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा आयात पर निर्भरता लगातार कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 

उन्होंने कहा कि देश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक और प्रभावी उपयोग कर ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।सांसद ने अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी तथा अवैध परिवहन को गंभीर चुनौती बताते हुए इस पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग की मांग की। 

उन्होंने खनन प्रहरी मोबाइल एप, सैटेलाइट सर्विलांस और अन्य डिजिटल निगरानी प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने का सुझाव दिया, ताकि अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सुखदेव भगत ने खदानों से कोयले के परिवहन, भंडारण एवं आपूर्ति की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए कोयला शक्ति डैशबोर्ड को पूरी तरह सक्रिय एवं सुदृढ़ रखने पर भी बल दिया। 

उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व की हानि रुकेगी और कोयला क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। बैठक शुरू होने से पहले सांसद सुखदेव भगत और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बीच समिति के एजेंडे को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार तथा अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किये। 

बैठक में उपस्थित सदस्यों और अधिकारियों ने भी कोयला क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। समिति की यह बैठक देश के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने और कोयला उद्योग में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Published / 2026-08-05 19:51:33
मोदी सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती, गृहमंत्री सदन में आकर दें जवाब : सुखदेव भगत

लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत का पीएम और गृह मंत्री पर हमला 

अमित शाह जवाब दो के नारों से गूंजा संसद परिसर, छात्रों पर कार्रवाई और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर विपक्ष का मार्च 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा संग्रह में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बुधवार को संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सांसदों ने संसद भवन परिसर से पैदल मार्च निकालते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध मार्च में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में अमित शाह देश को जवाब दो, अमित शाह संसद से गायब क्यों हैं? 

अमित शाह जवाब दो लिखे बैनर और तख्तियां थीं। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस ने बर्बरता की, जिसमें छात्राओं के साथ भी कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। साथ ही राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठायी गयी। 

मौके पर सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को सदन में उपस्थित होकर देश और छात्रों के सवालों का जवाब देना ही होगा। लोकतंत्र में जवाबदेही से कोई नहीं बच सकता। 

विपक्ष का आरोप है कि गंभीर जनसरोकारों से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार चर्चा से बच रही है और गृहमंत्री अमित शाह संसद में उपस्थित होकर जवाब नहीं दे रहे हैं। इसी के विरोध में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

Published / 2026-08-04 18:04:24
पेपर लीक मामले में सरकार का चरित्र गड़बड़ : भाजपा

पेपर लीक मामले में कांग्रेस अपना रही है दोहरा मापदंड : भाजपा 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर पेपर लीक मामले को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है और इस मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर जवाब मांगा है। 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री खरगे राज्यसभा में खड़े होकर घंटों भाषण देते हैं। अच्छी बात है, कम से कम चर्चा तो हुई, लेकिन जब उसी विषय पर उनके सुपुत्र कर्नाटक में ऐसा बयान देते हैं जो असंवेदनशील है, अमानवीय है, उस पर श्री गांधी और श्री खरगे चुप हैं। 

उन्होंने कहा, हमने टीवी पर देखा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे जी ने कर्नाटक में हुए पेपर लीक पर, पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़े अहंकार से कहा कि ठीक है, पहले छात्रों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे, फिर अपने इस्तीफे के बारे में चिंता करेंगे। 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, इस मुद्दे पर श्री गांधी चुप हैं और मैं दावे के साथ कहना चाहूंगा कि आज भी वे सदन चलने नहीं देंगे। यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगी दल मानसून सत्र को बाधित कर रहे हैं। 

एक सत्र में करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं। हालांकि, सत्र शुरू होने के बाद से, प्रश्नकाल नहीं हो पाया है। शायद ही किसी भी विधेयक पर कोई चर्चा हो रही है। श्री पात्रा ने कहा, मैं बस उनके दोहरे मानकों से हैरान हूं। संसद का सत्र चलाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। फिर भी, शुरू से ही, शून्य काल घंटे को बाधित करने के प्रयास किये गये हैं। 

समस्या कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार में निहित है। दोहरे मापदंड चौंकाने वाले हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रियांक खरगे ने एक असंवेदनशील बयान देते हुए कहा कि उन्हें भूख हड़ताल पर जाने दो। फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, और उसके बाद ही मैं इस्तीफा देने के बारे में सोचूंगा। श्री गांधी अभी भी इस पर चुप हैं। 

झारखंड में हजारों छात्र विरोध प्रदर्शन में बैठे हैं, और कांग्रेस पार्टी झारखंड में आंदोलन में बैठे छात्रों के पक्ष में एक भी शब्द नहीं बोल रही है, और न ही ऐसा लगता है कि वह सदन में उस मुद्दे को उठा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जेपीएससी परीक्षा के संबंध में एक भी प्लेकार्ड कांग्रेस के हाथों में नहीं देखा गया है ... क्योंकि यह चयनात्मक आक्रोश है।

Published / 2026-08-04 17:59:55
झारखंड के छात्र आंदोलन में के समर्थन में कूदे असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

छात्रों के न्यायपूर्ण आंदोलन के साथ, हिमंत बिस्वा सरमा ने जेपीएससी आंदोलन को दिया समर्थन 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब दूसरे राज्यों से भी समर्थन मिलने लगा है। 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आंदोलनरत छात्रों को अपना नैतिक समर्थन देते हुए झारखंड की झामुमो सरकार से उनकी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करने और उन्हें न्याय देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

छात्रों के दर्द और गुस्से को करीब से देखा : हिमंत सरमा 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें जेएसएससी-सीजीएल अभ्यर्थियों की पीड़ा, गुस्से और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं को करीब से समझने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि आज जो छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को वह अच्छी तरह समझते हैं। 

सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई होती तो यह स्थिति नहीं आती 

हिमंत सरमा ने दावा किया कि यदि झामुमो सरकार ने समय रहते छात्रों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगातार बढ़ते गये, जिसके कारण आज लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। 

29 जुलाई से जारी है छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन 

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Published / 2026-07-31 21:40:30
एक को आंध्र-कर्नाटक को 1900 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम मोदी

  • 1 अगस्त को आंध्र-कर्नाटक दौरे पर PM मोदी, 17,900 करोड़ की परियोजनाओं का देंगे तोहफा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की यात्रा पर जाएंगे। इस एक दिवसीय दौरे में वे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

आंध्र प्रदेश में कार्यक्रम

प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11 बजे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित भोगपुरम पहुंचेंगे। यहां वे अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। लगभग 11:30 बजे प्रधानमंत्री इस नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। 

इसके साथ ही वे 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित भी करेंगे। इस अवसर पर वे स्थानीय जनसभा को संबोधित करेंगे।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित यह हवाई अड्डा 5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना है। इसे प्रति वर्ष 60 लाख यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। हवाई अड्डे को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोमेट्रिक यात्री प्रसंस्करण, स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, एयरसाइड 4.0 तकनीक शामिल हैं।

ईको-फ्रेंडली एयरपोर्ट

हवाई अड्डा पर्यावरण के अनुकूल भी है। इसमें सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा-कुशल सिस्टम, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधा और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी कई सस्टेनेबल विशेषताएं शामिल हैं। टर्मिनल भवन को US Green Building Council के मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है।

कर्नाटक में कार्यक्रम

आंध्र प्रदेश के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 3:30 बजे कर्नाटक के मैसूरु पहुंचेंगे। यहां वे श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

Published / 2026-07-31 19:06:43
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ शुरू किया देशव्यापी अभियान

  • जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ शुरू किया देशव्यापी अभियान
  • डेढ़ लाख गांव को बनाया जाएगा चाइल्ड ट्रैफिकिंग मुक्त गांव
  • देशभर में ट्रैफिकिंग के शिकार एक लाख बच्चों को कराया जाएगा मुक्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी के दौरान नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग की शुरुआत की। 

चाइल्ड ट्रैफिकिंग के खिलाफ यह अभियान देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी 782 जिलों में जेआरसी अपने 250 से अधिक सहयोगी संगठनों के जरिए चलाएगा। इस अभियान का लक्ष्य अगले एक वर्ष में 1.5 लाख गांवों को चाइल्ड ट्रैफिकिंग से मुक्त बनाकर, ट्रैफिकिंग के शिकार हुए एक लाख बच्चों को बचाना है।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन  बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जो जमीन पर जिला प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बाल कल्याण समितियों और पंचायती राज संस्थाओं के साथ मिलकर ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों की पहचान, बचाव, पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ता है। 

इसके तहत ट्रैफिकरों और उनके संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कानूनी हस्तक्षेप को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा, ताकि हर पीड़ित बच्चे को न्याय मिल सके। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 2024 के अनुसार देश में रोजाना 6 बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता है। इसके अलावा हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। 

इनमें से अधिकांश बच्चे ट्रैफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर से इनके निशाने पर हैं, क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। वहीं असंगठित क्षेत्र में बच्चों से बाल मजदूरी ट्रैफिकिंग के सबसे प्रचलित रूपों में से है।

इस अभियान के तहत ग्राम सभाओं, स्कूलों और पंचायतों के जरिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रमों, पोस्टरों, बैनरों और विभिन्न गतिविधियों के जरिए परिवारों व समुदायों को बच्चों की ट्रैफिकिंग के बदलते रूपों और पीड़ितों बच्चों के कानूनी अधिकारों व उपायों की जानकारी दी जाएगी। अभियान में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के संवेदनशील क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

साथ ही, ट्रैफिकिंग से जुड़े नए तरीकों को पहचान कर उसकी सूचना देने के लिए समुदायों को भी जागरूक और सतर्क बनाया जाएगा। और वंचित और कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के साथ ही उनका स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा, ताकि वे ट्रैफिकिंग से बच सकें।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा, हमारी संसद ने ट्रैफिकिंग के खिलाफ दुनिया के सबसे सख्त कानूनों में से एक बनाकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। अब जरूरत है कि इनका जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। हर मामले की त्वरित रिपोर्टिंग, समय रहते बचाव, जांच, कार्रवाई और पुनर्वास के समन्वित प्रयास से चाइल्ड ट्रैफिकिंग के इस संगठित अपराध को हम 2030 तक समाप्त कर सकते हैं। इस खबर से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें। 

Published / 2026-07-30 21:04:56
इंडिया गठबंधन के सांसदों का संसद भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन

लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने लिया हिस्सा, सरकार पर साधा निशाना 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन परिसर में केंद्र सरकार की नीतियों और जनविरोधी फैसलों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत भी बड़ी संख्या में इंडिया गठबंधन के साथी सांसदों के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री भगत ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों पर हमला हो रहा है। 

इंडिया गठबंधन जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। श्री भगत ने कहा कि राहुल गांधी जी लीडर का अपोजिशन है सदन में स्टूडेंट के साथ हुई बर्बरता पूर्ण कार्रवाई पर जवाब मांग रहे हैं।

जिम्मेदारी किन की है, जाहिर है दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन है जो गृह मंत्रालय को अपना रिपोर्ट सौपती है तो जवाब देही गृह मंत्री का होगा। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और संसद परिसर में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

Published / 2026-07-30 20:31:10
सोनिया गांधी ने सांसद सुखदेव भगत के सुपुत्र के विवाह रिसेप्शन पर भेजीं शुभकामनाएं

नवदंपति को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली/लोहरदगा। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष एवं कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत के सुपुत्र अभिनव के विवाह उपरांत 27 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित रिसेप्शन समारोह के अवसर पर शुभकामना संदेश भेजकर नवदंपति को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। 

अपने संदेश में सोनिया गांधी ने अभिनव एवं अंजली को विवाह की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने लिखा कि ईश्वर दोनों के दांपत्य जीवन को सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि से परिपूर्ण बनाए।

 आप दोनों का जीवन खुशियों से भरा रहे, आप एक-दूसरे के लिए प्रेरणा, विश्वास और संबल बनें तथा ईश्वर आपको दीर्घायु, सफल और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्रदान करें। सोनिया गांधी का यह आत्मीय शुभकामना संदेश सांसद सुखदेव भगत एवं उनके परिवार के लिए सम्मान और स्नेह का प्रतीक माना जा रहा है।

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