एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में आम लोगों के लिए खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक प्रधानमंत्री के असम से लौटने के बाद शाम को आयोजित की जायेगी।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, मनोहर लाल खट्टर, प्रल्हाद जोशी, के राममोहन नायडू और हरदीप सिंह पुरी समेत कई मंत्री शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास तथा कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध से उत्पन्न हालात को चुनौतीपूर्ण बताया था।
उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस संकट का सामना करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री ने संकट का राजनीतिकरण करने वालों को भी चेतावनी दी और कहा कि ऐसे समय में स्वार्थ की राजनीति की कोई जगह नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को भी देश के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा था, पिछले एक महीने से हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है। ये चुनौतीपूर्ण समय है और हमें मिलकर इसका सामना करना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा की खपत वर्ष 2025 में 31जीबी के आंकड़े को पार कर गयी है जबकि वर्ष 2024 में यह खपत 27.5 जीबी थी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी नोकिया के वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (एमबीइटी) के 13वें संस्करण में कहा गया है कि वर्ष 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 5जी नेटवर्क पर डेटा का कुल मासिक उपयोग एक साल पहले की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (ईबी) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी अब लगभग 47 प्रतिशत हो गयी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत में हुई यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में 18 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर को दर्शाती है। यह बढ़ोत्तरी उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड के तीव्र विस्तार और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अनुप्रयोगों, उच्च गुणवत्ता वाले 4के वीडियो देखने और क्लाउड गेमिंग जैसी अधिक डेटा खपत वाली सेवाओं की बढ़ती मांग का परिणाम है। भारत में कुल डेटा उपयोग वर्ष 2025 में 27 एक्साबाइट प्रति माह को पार कर गया है। एक एक्साबाइट का मतलब एक अरब जीबी से थोड़ा अधिक होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी उपभोक्ता आधार वाला देश बन गया है।
साथ ही, 5जी डेटा खपत और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में भी भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) प्रौद्योगिकी की मदद से घरों या कार्यालयों में केबल के बगैर उच्च गति का इंटरनेट मुहैया कराया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 5जी डेटा में एफडब्ल्यूए की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत को पार कर गई है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में दोगुनी वृद्धि देखी गयी है।
नोकिया इंडिया की नामित कंट्री मैनेजर विभा मेहरा ने कहा, नेटवर्क उपयोग के नए तरीकों और स्मार्ट सेवाओं के अनुरूप बदलने के समय नोकिया दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य-उन्मुख और उच्च प्रदर्शन वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका विस्तार आसानी से किया जा सके। इस रिपोर्ट के मुताबिक, महानगरों में 5जी का उपयोग सबसे अधिक है, जहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। पिछले साल सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 89.2 करोड़ तक पहुंच गयी, जिनमें से 38.3 करोड़ से अधिक उपकरण पहले से ही 5जी-सक्षम हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्रीमती मुर्मु ने सोमवार को अपने संदेश में कहा- महावीर जयंती के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेष रूप से जैन भाइयों और बहनों को अपनी शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।
भगवान महावीर के पांच सिद्धांत - अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह - हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। इन सिद्धांतों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
भगवान महावीर ने समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध आवाज उठाई और बेहतर जीवन का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं सदा प्रासंगिक रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर, आइए हम भगवान महावीर के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, असम/ डिब्रूगढ़/ तिंगखोंग/ सोनारी/ रांची। असम चुनाव प्रचार के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष ने डिब्रूगढ़ जिले के तिंगखोंग एवं सोनारी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशी महावीर बासके और बलदेव तेली के पक्ष में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया।
अपने संबोधन में हेमन्त सोरेन ने कहा कि असम का चाय बागान समुदाय जो लगभग 200 वर्षों से असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है, आज भी अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित है। असम में चाय बागान श्रमिकों को मात्र 250 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलती है, जबकि अन्य राज्यों जैसे कर्नाटक में यह लगभग 600 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने आगे कहा कि चाय बागान श्रमिकों को आज भी भूमि अधिकार, सम्मानजनक आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इस समुदाय का केवल वोट बैंक के रूप में उपयोग किया गया है, परंतु उनके जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय के साथ हो रहे लगातार शोषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर बार आदिवासियों का केवल उपयोग करती है और काम निकल जाने के बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ देती है। आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि उन्हें उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा जाता है। अब समय परिवर्तन का है और आदिवासी समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा। जिस प्रकार झारखण्ड में हमारे पूर्वजों ने संघर्ष के बल पर राज्य हासिल किया, उसी प्रकार अब असम में भी अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष किया जाएगा।
आदिवासी समाज की शक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी कमजोर नहीं हैं, बल्कि वे सत्ता बनाना भी जानते हैं और जरूरत पड़ने पर सत्ता को बदलना भी जानते हैं। आदिवासी समाज अपने अधिकार लेकर रहेगा और इसके लिए निरंतर संघर्ष करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने झारखण्ड के वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्वजों ने तीर-धनुष के बल पर अपने अधिकारों की रक्षा की उसी मार्ग पर चलते हुए इस चुनाव में भी आदिवासी समाज अपनी ताकत का परिचय देगा। उन्होंने चाय बागान एवं आदिवासी समुदाय से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया तथा आगामी विधानसभा चुनाव में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की।
असम के सोनारी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी बलदेव तेली के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए हेमन्त सोरेन ने कहा झारखण्ड की तरह यहाँ भी युवाओं को अवसर, मेहनतकशों को सम्मान और आदिवासी-स्थानीय समाज को उनका अधिकार मिलना चाहिए। विकास का मतलब केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हर घर तक पहुंचती खुशहाली है। असम के सोनारी विधानसभा में असम की महान जनता को अब बदलाव चाहिए - ऐसा बदलाव जो सिर्फ़ वादों में नहीं, जमीनी हकीकत में दिखे। इस अवसर पर झारखण्ड सरकार के कई कैबिनेट मंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ विधायक भी उपस्थित रहे। जनसभा में हजारों की संख्या में चाय बागान श्रमिक, आदिवासी समुदाय के सदस्य एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी 28 मार्च को असम में विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका दौरा टल गया। अब वे जल्द ही नया कार्यक्रम बनाकर असम जाएंगे और वहां पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का असम दौरा मौसम खराब होने की वजह से स्थगित कर दिया गया है। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे असम रवाना होना था, लेकिन अचानक मौसम बदलने के कारण उन्होंने यात्रा टाल दी।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी चुनाव प्रचार के लिए असम जा सकती हैं। मुख्यमंत्री वहां कुछ दिनों तक रुककर पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।
गौरतलब है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम विधानसभा चुनाव में 21 उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें से तीन के नामांकन रद्द होने की खबर है। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उन सभी क्षेत्रों में जनसभाएं और प्रचार करेंगे, जहां पार्टी के प्रत्याशी मैदान में हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर यहां भारी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे और एक रैली को भी संबोधित करेंगे।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ बहु-मॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। बयान के अनुसार हवाई अड्डे में एक बहु-मॉडल कार्गो हब भी शामिल है, जिसे प्रतिवर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है।
बयान के अनुसार इस क्षमता को लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है। बयान के अनुसार हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री संचालन क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष होगी, जिसे सात करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। मोदी टर्मिनल का निरीक्षण भी कर सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। यह बैठक डिजिटल माध्यम से हो रही है। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। आदर्श आचार संहिता के कारण चुनावी राज्य इस बैठक में शामिल नहीं हैं। चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से की जायेगी।
इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बाल संरक्षण और बाल अधिकारों को अकादमिक ढांचे में संस्थागत स्वरूप देने के लिए गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयूएसटी) ने सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) से हाथ मिलाया है। दोनों के बीच हुए समझौते के तहत बाल अधिकार व बाल संरक्षण से जुड़े विषय अब विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे और स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने के साथ ही दोनों संयुक्त रूप से इन विषयों पर शोध भी करेंगे।
सी-लैब की स्थापना इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन ने की है जो बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इस समझौते के तहत सी-लैब अलग-अलग कोर्स के लिए शैक्षणिक सामग्री, अवधि और पात्रता शर्तें तय करने के साथ ही विश्वविद्यालय को बाल अधिकारों व बाल संरक्षण के बाबत अपनी विशेषज्ञता व तकनीकी मदद भी मुहैया करायेगा।
वहीं, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अपने सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड आॅनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) के जरिए इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए जरूरी नीतिगत फैसले लेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय अपने कैंपस में इन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध करायेगा। विश्वविद्यालय और सी-लैब ने इन पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम फीस रखने का फैसला किया ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इसमें दाखिला ले सकें और आगे चलकर देश में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती दे सकें।
हरियाणा के शीर्ष सरकारी विश्वविद्यालयों में शुमार गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो। नरसी राम बिश्नोई ने कहा, हमारा प्रयास है कि हम ऐसे ऊर्जावान और जानकार मानव संसाधन तैयार करें जो देश के विकास और समाज के कल्याण में सार्थक योगदान देने के साथ ही हमें बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करें।
उन्होंने कहा, सी-लैब के साथ यह समझौता भविष्य के हमारे उस खाके को और मजबूत करता है जिसके तहत हम जागरूक और संवेदनशील युवाओं की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं जो नीति-निर्माण, पैरोकारी, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, मीडिया और सामुदायिक स्तर के हस्तक्षेपों में प्रभावी योगदान देने के साथ बाल संरक्षण तंत्र को और सुदृढ़ बना सके।
जमीनी अनुभवों व विशेषज्ञता के साथ अकादमिक क्षमता निर्माण की इस साझेदारी की अहमियत के बाबत इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की एसोसिएट डाइरेक्टर संगीता गौड़ ने कहा, यह साझेदारी जमीनी वास्तविकताओं और अकादमिक विमर्श के बीच के फासले को भरने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अलग-अलग क्षेत्रों के भावी पेशेवर बाल संरक्षण को अधिकार-आधारित नजरिए से देखें और समझें।
हमारा मुख्य ध्यान बाल विवाह, बाल मजदूरी, बच्चों की ट्रैफिकिंग, आनलाइन सुरक्षा और बाल अधिकारों के लिए कानूनी ढांचे जैसे अहम मुद्दों पर है जिसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानून भी शामिल हैं। इस समझौते पर गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो। नरसी राम बिश्नोई और इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के ट्रस्टी रजत कुमार ने दस्तखत किये। इस दौरान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ विजय कुमार और अंतरराष्ट्रीय मामले विभाग के डीन प्रो ओ पी सांगवान भी मौजूद थे।
हिसार शहर में 372 एकड़ में फैले 30 साल पुराने इस विश्वविद्यालय में 52,000 छात्र हैं। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने इसे ए+ विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दे रखी है। देश में विश्वविद्यालयों की रैंकिंग तय करने वाले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) ने 2025 में इस विश्वविद्यालय को राज्यों के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में जगह दी और इसे हरियाणा का शीर्ष सरकारी विश्वविद्यालय घोषित किया। विश्वविद्यालय मौजूदा समय में अपने परिसर, दूरस्थ शिक्षा और आॅनलाइन दूरस्थ शिक्षा माध्यमों के जरिए 100 से भी अधिक स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
इस बीच, सी-लैब ने बाल यौन शोषण के मामलों में सपोर्ट पर्सन्स के लिए अपनी तरह का पहला सर्टिफिकेट कोर्स पहले ही शुरू कर दिया है। वर्ष 2023 में बाल यौन शोषण मामलों में सपोर्ट पर्सन की अनिवार्य रूप से नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इनकी मांग में खासी बढ़ोतरी हुई है।
फोटो संकेत : बाल अधिकारों से जुड़े पाठ्यक्रमों की शुरूआत के लिए समझौते पर दस्तखत करते गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरसी राम बिश्नोई व इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के ट्रस्टी रजत कुमार। मौके पर इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की एसोसिएट डाइरेक्टर डॉ संगीता गौड़, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ विजय कुमार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विभाग के डीन प्रो ओपी सांगवान भी मौजूद थे। और जानकारी के लिए संपर्क करें : जितेंद्र परमार (8595950825)
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