टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने वर्षा ऋतु के अवसर पर राज्यभर के सभी जिला एवं शाखा इकाइयों से व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने का आह्वान किया है। सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन ने सभी शाखा एवं जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों, सदस्यों तथा समाजबंधुओं से अपने-अपने क्षेत्र में कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु प्रकृति का अनुपम उपहार है और पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय भी। इस मौसम में लगाये गये पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक होती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य भी सफल होता है। उन्होंने कहा कि आज बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि तथा घटते हरित क्षेत्र मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष केवल पौधा नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, शीतल छाया, वर्षा, जैव विविधता का संरक्षण तथा संतुलित पर्यावरण प्रदान करते हैं। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे वृक्षारोपण के माध्यम से प्रभावी ढंग से निभाया जा सकता है।
सम्मेलन के सभी पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने घर, प्रतिष्ठान, विद्यालय, मंदिर, सार्वजनिक स्थल, पार्क अथवा आसपास के खाली स्थानों पर कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगायें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि लगाये गये पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था हो, क्योंकि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उसका संरक्षण उससे भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल वृक्ष लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण का भी माध्यम बनेगा।
यदि प्रत्येक सदस्य एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पूरे राज्य में हजारों नए वृक्ष तैयार होंगे, जो भविष्य में हरित एवं स्वच्छ झारखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का साझा दायित्व है। सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे एक पौधा-एक जीवन, हर सदस्य-एक संकल्प के संदेश को जन-जन तक पहुंचायें तथा अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करें। वृक्ष लगायें, पर्यावरण बचायें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित झारखंड का निर्माण करें। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मानसूनी गतिविधियां और तेज हो गयीं। मुंबई में भारी बारिश के कारण विमान परिचालन बाधित हुआ जबकि केरल, ओडिशा और झारखंड में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी व्यापक बारिश हुई है।
इस मानसून में मुंबई पर सबसे तगड़ी मार पड़ी है जहां रातभर हुई भारी बारिश के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब एक घंटे तक विमानों का परिचालन रोकना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को मुंबई के लिए रेड अलर्ट बरकरार रखा है और आगे भी लगातार बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है।
विमान परिचालन बाधित होने से कई उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों को विमानों के प्रस्थान में औसतन 75 मिनट और आगमन में कम से कम 28 मिनट की देरी का सामना करना पड़ा। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने एक बयान में कहा, सुबह करीब 10.17 बजे खराब मौसम, जिसमें 42 नॉट तक की तेज हवाएं और भारी बारिश के कारण कम दृश्यता शामिल थी, की वजह से रनवे का संचालन प्रभावित हुआ।
हालांकि, मौसम में सुधार के बाद एक घंटे के भीतर हवाई पट्टी पर परिचालन सामान्य कर दिया आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक और कुछ जगहों पर 300 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र गहरे अवदाब में बदल गया है, जिसके बाद राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह प्रणाली अगले एक दिन में चांदबली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार कर सकती है, जिससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है। केरल के भी अधिकांश हिस्सों में रविवार को व्यापक वर्षा हुई जिसके बाद कई क्षेत्रों में आॅरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने छह जुलाई को कन्नूर और कासरगोड तथा सात जुलाई को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए आॅरेंज अलर्ट जारी किया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन, मिट्टी धंसने और अचानक आने वाली बाढ़ के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निदेर्शानुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। दिल्ली के कई हिस्सों में रविवार को हुई मध्यम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 2.30 बजे तक छतरपुर में सबसे अधिक 49 मिमी बारिश दर्ज की गयी। इसके बाद गुरुग्राम में 35 मिमी, महरौली में 18 मिमी, ग्रेटर नोएडा में 17 मिमी, नजफगढ़ में 8 मिमी और जनकपुरी में 7 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने दिन के समय आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है जबकि अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उधर झारखंड में, आईएमडी ने छह से नौ जुलाई तक सभी 24 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम केंद्र ने कहा, राज्य में बादल छाये रहने और अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ सुदूर स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। सोमवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और रांची में भारी बारिश होने का अनुमान है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई जिलों में इस समय अच्छी बारिश हो रही है। गुरुवार को भी कई स्थानों में अच्छी बारिश की खबर आयी है। सबसे अच्छी 80 मिमी बारिश मधुपुर में रिकॉर्ड की गयी है। हजारीबाग डीवीसी में 74 मिमी, कोनर डीवीसी में 55 मिमी, गारू में 53 मिमी, नंदीडीह में 45 मिमी, पलामू के नौडीहा में 38 मिमी, कोलेबिरा में 35 मिमी डालटनगंज में 33 मिमी, सिसई में 29 मिमी, जरमुंडी में 28 मिमी और तोपचांची में 27 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी है।
बारिश की गति बढ़ने से लोगों को गर्मी से निजात तो मिल ही रही है, लोग राहत की सांस भी ले रहे हैं। किसान भी चाह रहे हैं कि बारिश का यह क्रम जारी रहे ताकि उन्हें खरीफ की बुआई करने का मौका मिल जाये।
मौसम विभाग ने बारिश की जानकारी देते हुए झारखंड में 3 से 7 जुलाई तक मानसून की अच्छी बारिश होने की सम्भवना जतार्यी है। साथ ही कहा कि कहीं-कहीं पर 30-40 किमी की रफ्तार की हवाओं, वज्रपात की घटनाओं के साथ मध्यम दर्जे से तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने मौसम का रुख देखकर सतर्कता बरतने की भी चेतावना जारी की है।
जहां तक तापमान की बात है तो पलामू के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश होने के साथ डालटनगंज में सबसे अधिक 35.4 डिग्री तापमान भी दर्ज किया गया है। लातेहार सबसे ठंडा जिला रहा। यहां पर न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री दर्ज किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और तापमान में भी गिरावट आयेगी।
पिछले 24 घंटे में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान डाल्टनगंज में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान कांके, रांची में 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
सबसे ज्यादा 38.6 मिमी बारिश सिमडेगा के कोलेबिरा में रिकॉर्ड की गयी। रांची में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री, बोकारो थर्मल में 39.1 डिग्री, चाईबासा में 35.8 डिग्री और पाकुड़ में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, रांची में 27 जून को आंशिक रूप से बादल छाये रहेंगे और मेघ गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। 28 जून से 3 जुलाई तक शहर में बादल छाये रहने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। मौसम केंद्र, रांची के मुताबिक आज यानी 22 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे।
कई स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम केंद्र ने राज्य के दक्षिणी एवं निकटवर्ती मध्य भागों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
इन क्षेत्रों में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और धनबाद जिले शामिल हैं। यहां कहीं-कहीं वज्रपात के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के शेष हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
23 जून को भी राज्य में मौसम का यही रुख बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
24 जून को राज्य के उत्तर-पश्चिमी और निकटवर्ती उत्तर-मध्य क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। कई इलाकों में गर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं।
टीम एबीएन, रांची। एकल अभियान के अंतर्गत वन बंधु परिषद के रांची चैप्टर के 19 अंचल के अंतर्गत 4500 एकल विद्यालयों में योग दिवस मनाया गया। सभी विद्यालयों के बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी योग में हिस्सा लिया।
वन बंधु परिषद के अध्यक्ष श्री अंचल किंगर ने बताया कि इस वर्ष एकल विद्यालयों में योग दिवस को सभी विद्यालयों में सफलतापूर्वक मनाने के लिए रांची चैप्टर अंतर्गत सभी 19 अंचल के प्रभारी चैप्टर से नियुक्त किये गये थे। उनके सफल नेतृत्व से झारखंड के 4500 गांवों में एकल विद्यालयों में आज योग दिवस मना।
रांची, रामगढ़, रातू, खूंटी, गुमला, पलामू, लोहरदगा, हजारीबाग कोडरमा बोकारो लातेहार जामताड़ा देवघर पाकुड़ चतरा गढ़वा सिमडेगा पांकी जिलों के एकल विद्यालयों में योग दिवस का नेतृत्व अजयदीप वाधवा, मनोज तुलस्यान, मोनिका जैन, वंदना मोदी, राजकुमारी जैन, सुमन मिनोचा, मंजू खेतान, राजेश अडूकिया, दीपक श्रीवास्तव, अजय रूंगटा, सज्जन सर्राफ, विनोद भंडारी, संजय टांटिया, शिव शंकर साबू ने किया। सभी विद्यालयों के बच्चो ने योग किया साथ ही उन्हें योगा का महत्व भी बताया गया।
टीम एबीएन, रांची। रांची समेत राज्य के कई जिलों में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और मौसम सुहावना हो गया है। गुरुवार को दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे, हालांकि पलामू, कोडरमा और गुमला समेत कुछ इलाकों में हुई बारिश से राहत मिली।
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, सरायकेला- खरसावां तथा पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
कई स्थानों पर रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। विशेष रूप से रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
24 जून तक लगातार बारिश के आसार
विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 24 जून तक झारखंड में लगातार बारिश का दौर बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक 35.0 मिमी वर्षा बालूमाथ में रिकॉर्ड की गई। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 18 जून तक झारखंड में सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य वर्षापात 74.9 मिमी होना चाहिए था, जबकि वास्तविक वर्षा केवल 30.8 मिमी दर्ज की गई।
गढ़वा जिला अब तक 100 प्रतिशत वर्षा घाटे की स्थिति में है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो परिस्थितियां और स्थानीय स्तर पर मानसून की धीमी प्रगति राज्य में सामान्य से कम वर्षा के प्रमुख कारण हैं। हालांकि आने वाले दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में जून की गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम केंद्र रांची के ताजा पूवार्नुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। खासकर दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है।
सोमवार को राज्य में आंशिक रूप से बादल दिखी है। दक्षिणी झारखंड और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कई इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार नजर आये। कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ वज्रपात और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम केंद्र के अनुसार आज उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज में असर दिख सकता है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गयी है।
मंगलवार को राज्य के दक्षिणी भाग और उससे सटे मध्य क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने तथा गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। रांची, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला और कोल्हान क्षेत्र के जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
बुधवार को उत्तर-पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। संथाल परगना, कोल्हान और रांची प्रमंडल के कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है।
गुरुवार को उत्तर-पूर्वी तथा मध्य झारखंड के कई जिलों में मौसम और प्रभावी हो सकता है। धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जतायी गयी है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम केंद्र के अनुसार अगले एक-दो दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 8 और 9 जून को आंशिक बादल छाए रहने तथा गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है। 10 और 11 जून को बारिश और मेघ गर्जन की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम केंद्र ने इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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