एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका पूंजीगत व्यय 16.64 प्रतिशत बढ़कर 3,399 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,914 करोड़ रुपये था। देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी ने एक बयान में कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) गतिविधियों पर 804 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो कुल पूंजीगत व्यय का लगभग एक-चौथाई है।
समय पर भूमि अधिग्रहण कोयला खनन के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बगैर भले ही भंडार उपलब्ध हों, खनन परियोजनाएं शुरू नहीं हो सकतीं न ही उनका विस्तार हो सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सीआईएल ने कोयला निकासी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए सहायक रेल पटरी बिछाने एवं गलियारे के विकास पर 754 करोड़ रुपये निवेश किये। इसके अलावा कोयला साज-संभाल संयंत्र, भंडारण और सड़कों पर 195 करोड़ रुपए खर्च किये गये, जिससे इस मद में कुल व्यय 949 करोड़ रुपये हो गया।
संयंत्र एवं मशीनरी पर 819 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें भारी मशीनरी की खरीद और वॉशरी विस्तार शामिल है। कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम ने कहा, भूमि, अवसंरचना और मशीनरी पर निवेश कुल पूंजीगत व्यय का 75 प्रतिशत से अधिक है और इससे उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। स्वच्छ ऊर्जा पहल के तहत सौर परियोजनाओं पर 278 करोड़ रुपये और संयुक्त उपक्रमों में 207 करोड़ रुपये निवेश किये गये।
एबीएन बिजनेस डेस्क। देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन आॅयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कमर्शियल एलपीजी बाजार में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियां जल्द ही 10 किलोग्राम क्षमता वाले हल्के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर बाजार में उतार सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य छोटे कारोबारियों, रेस्तरां संचालकों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए गैस सिलेंडर का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक बनाना है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित 10 किलो के सिलेंडर खास तौर पर उन लोगों के लिए होंगे, जिन्हें कम मात्रा में गैस की जरूरत होती है या जिनके पास बड़े 19 किलो के सिलेंडर रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। इनमें स्ट्रीट वेंडर्स, कैफे, फूड कियोस्क, किराएदार, छात्र और प्रवासी मजदूर जैसे उपभोक्ता शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि नए सिलेंडर हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एचडीपी) से बने कंपोजिट सिलेंडर होंगे। इन्हें गैस एजेंसियों और चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के जरिए कमर्शियल एलपीजी दरों पर उपलब्ध कराया जा सकता है।
फिलहाल सरकारी तेल कंपनियां घरेलू ग्राहकों के लिए हल्के कम्पोजिट सिलेंडर सीमित स्तर पर उपलब्ध कराती हैं। वहीं कमर्शियल ग्राहकों के लिए अभी 19 किलोग्राम, 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर उपलब्ध हैं।
एबीएन बिजनेस डेस्क। दिग्गज बैंक शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 521 अंक की तेजी रही जबकि निफ्टी 160 अंक चढ़ गया। विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के ताजा पूंजी प्रवाह ने भी घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख को मजबूती दी। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 521.16 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,285.07 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 634.15 अंक यानी 0.81 प्रतिशत चढ़कर 78,398.06 अंक तक पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 159.50 अंक यानी 0.66 प्रतिशत बढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ। यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार चौथा सत्र रहा। इन चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल 1,806.4 अंक यानी 2.36 प्रतिशत चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी में 564.6 अंक यानी 2.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक का शेयर सर्वाधिक 3.59 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति के शेयर भी बढ़त में रहे। दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फिनसर्व और पावर ग्रिड के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.82 प्रतिशत के नुकसान के साथ 71.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,355.33 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, वैश्विक संकेतकों के मिले-जुले रुख के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के साथ कारोबार हुआ, जिसमें कच्चे तेल की स्थिर कीमतों से समर्थन मिला।
कच्चे तेल में नरमी से मुद्रास्फीति, चालू खाते का संतुलन, पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की लाभप्रदता और समग्र व्यापक आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिलेगा। नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े शेयरों में मुनाफावसूली का असर बाजारों पर दिखा, लेकिन विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार से भारत का प्रदर्शन खासकर बड़ी कंपनियों के शेयरों में बेहतर रह सकता है।
दिग्गज बैंक शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 521 अंक की तेजी रही जबकि निफ्टी 160 अंक चढ़ गया।
विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के ताजा पूंजी प्रवाह ने भी घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख को मजबूती दी। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 521.16 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,285.07 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 634.15 अंक यानी 0.81 प्रतिशत चढ़कर 78,398.06 अंक तक पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 159.50 अंक यानी 0.66 प्रतिशत बढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ।
यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार चौथा सत्र रहा। इन चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल 1,806.4 अंक यानी 2.36 प्रतिशत चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी में 564.6 अंक यानी 2.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक का शेयर सर्वाधिक 3.59 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति के शेयर भी बढ़त में रहे।
दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फिनसर्व और पावर ग्रिड के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.82 प्रतिशत के नुकसान के साथ 71.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,355.33 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, वैश्विक संकेतकों के मिले-जुले रुख के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के साथ कारोबार हुआ, जिसमें कच्चे तेल की स्थिर कीमतों से समर्थन मिला।
कच्चे तेल में नरमी से मुद्रास्फीति, चालू खाते का संतुलन, पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की लाभप्रदता और समग्र व्यापक आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिलेगा। नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े शेयरों में मुनाफावसूली का असर बाजारों पर दिखा, लेकिन विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार से भारत का प्रदर्शन खासकर बड़ी कंपनियों के शेयरों में बेहतर रह सकता है।
एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन के शंघाई कम्पोजिट में गिरावट आई। यूरोप के बाजार दोपहर के सत्र में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बंद रहे थे। शुक्रवार को सेंसेक्स 261.79 अंक बढ़कर 77,763.91 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 95.15 अंक चढ़कर 24,270.85 अंक पर रहा था।
एबीएन बिजनेस डेस्क। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी-प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी के दम पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 790.54 अंक उछल कर 76,991.22 और निफ्टी 197.55 अंक की तेजी के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ।
एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार में लॉन्ग वीकेंड रहने वाला है। 25 जून को कारोबारी दिन के बाद शेयर बाजार 29 जून को ओपन होगा। शुक्रवार, 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहने वाली है।
मुहर्रम के अवसर पर देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई में अधिकांश सेगमेंट्स में कारोबार बंद रहेगा। 27, 28 जून को शनिवार, रविवार होने के कारण शेयर बाजार बंद रहते हैं। वैसे तो शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी मार्केट बंद रहता है।
बीएसई पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, एनडीएस-आरएसटी ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स में शाम का सेशन ओपन रहने वाला है। बीएसई में भी स्थिति लगभग समान रहेगी।
एक्सचेंज पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और अन्य प्रमुख सेगमेंट्स में कारोबार बंद रहेगा। हालांकि, कमोडिटी डेरिवेटिव्स में शाम के सत्र के दौरान ट्रेडिंग जारी रहेगी।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी बाजार में एक्सेंचर (Accenture) के रेवेन्यू अनुमान घटाने और उसका शेयर 19% टूटने के बाद घरेलू आईटी शेयरों में दबाव देखने को मिला।
इसके चलते Nifty IT इंडेक्स करीब 6% तक गिर गया। वहीं, दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) का शेयर 8.3% और टीसीएस (TCS) 6.5% से ज्यादा टूट गया। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, विप्रो और अन्य आईटी स्टॉक्स भी 4% से 7% तक टूट गए। इससे निवेशकों की वेल्थ में 1.35 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि Accenture की कमजोर टिप्पणी ने वैश्विक स्तर पर आईटी सेवाओं की मांग में सुस्ती की आशंका को बढ़ा दिया है। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों की बड़ी कमाई उत्तरी अमेरिका से आती है, इसलिए इस सेक्टर पर सीधा असर पड़ा है।
यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आईटी और टेक सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के बीच नौकरी सुरक्षा, वेतन वृद्धि और बोनस को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। भारत के आईटी सेक्टर में 50 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं।
एबीएन बिजनेस डेस्क। सेंसेक्स और निफ्टी ने वीरवार को कमजोर शुरुआत की, हालांकि भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते वे जल्द वापसी कर बढ़त में कारोबार करने लगे। बीएसई सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में 111.23 अंक टूटकर 77,044.39 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 26.85 अंक फिसलकर 24,058.85 अंक पर पहुंच गया।
हालांकि बाद में दोनों सूचकांकों ने शुरूआती नुकसान की भरपाई कर ली और बढ़त में कारोबार करने लगे। बीएसई सेंसेक्स 108.95 अंक चढ़कर 77,264.57 अंक पर जबकि निफ्टी 44.25 अंक की बढ़त के साथ 24,132.60 अंक पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। वहीं ट्रेंट, भारत लेक्ट्रॉनिक्स, एचडीएफसी बैंक और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर बढ़त में रहे। सेंसेक्स पिछले चार कारोबारी सत्रों में 3,323.07 अंक यानी 4.50 प्रतिशत जबकि निफ्टी 924.1 अंक यानी 3.98 प्रतिशत चढ़ा है।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की 225 बढ़त में रहे जबकि चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.23 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स बुधवार को 347.14 अंक और निफ्टी 96.55 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
एबीएन बिजनेस डेस्क। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 1300 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 736.38 अंक की तेजी के साथ 76,264.33 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की बढ़त रही, ये 23,853.90 पर बंद हुआ।
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