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एयरटेल डिजिटल टीवी ने सोनी विज़ा के लॉन्च के साथ अपने तमिल मनोरंजन पोर्टफोलियो का किया विस्तार
Published / 2026-10-22 14:53:12
एयरटेल डिजिटल टीवी ने सोनी विज़ा के लॉन्च के साथ अपने तमिल मनोरंजन पोर्टफोलियो का किया विस्तार

एयरटेल डिजिटल टीवी ने सोनी विज़ा के लॉन्च के साथ अपने तमिल मनोरंजन पोर्टफोलियो का किया विस्तारएबीएन बिजनेस डेस्क। इस त्यौहार के माहौल में, जब परिवार एक साथ मिल कर खुशियां मानते हैं, एयरटेल तमिल दर्शकों को मनोरंजन के अधिक विकल्प प्रदान कर रहा है। एयरटेल डिजिटल टीवी ग्राहक, अब नया तमिल चैनल सोनी विज़ा देख सकते हैं। यह एक नया तमिल मनोरंजन चैनल है, जो स्थानीय संस्कृति और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से प्रेरित पारिवारिक ड्रामा, रियलिटी शो और ओरिजिनल प्रोग्राम पेश करता है।पोर्टफोलियो में सोनी विज़ा के जुड़ने से एयरटेल की यह कोशिश और मजबूत होती है कि ग्राहकों को उनकी पसंदीदा भाषा में वही कंटेंट मिले, जो उन्हें सबसे ज़्यादा पसंद है। तमिल संस्कृति की जड़ों से जुड़ी कहानियों और पूरे परिवार के लिए तैयार मनोरंजन के साथ, ग्राहक एयरटेल डिजिटल टीवी पर और भी समृद्ध और प्रासंगिक अनुभव पा सकते हैं।त्योहारों के दौरान परिवार के साथ बैठकर टीवी देखने से लेकर रोज़मर्रा के मनोरंजन तक, सोनी विज़ा ग्राहकों को एयरटेल डिजिटल टीवी देखने की एक और वजह देता है। चाहे दमदार ड्रामा हो, दिलचस्प रियलिटी शो हो या संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम- एयरटेल ग्राहकों के लिए उनका पसंदीदा मनोरंजन खोजना और उसका आनंद लेना और आसान बनाता है, जो उनके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखता है।एयरटेल डिजिटल टीवी पर सोनी विज़ा चैनल नंबर 778 पर उपलब्ध है। इसे चैनल पैक के जरिए एक्सेस किया जा सकता है या अलग से भी सब्सक्राइब किया जा सकता है, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद का कंटेंट चुनने की सुविधा मिलती है। चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए, ग्राहक 9154052778 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं या इसे सीधे एयरटेल ऐप के जरिए भी जोड़ सकते हैं।यह साझेदारी एक विविध कंटेंट पोर्टफोलियो के माध्यम से ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने की एयरटेल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह पोर्टफोलियो ग्राहकों को उन कहानियों, संस्कृति और मनोरंजन से जोड़े रखता है जिन्हें वे सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।

लगातार पांचवें हफ्ते घटा देश का विदेशी मुद्रा भंडार
Published / 2026-10-17 22:03:27
लगातार पांचवें हफ्ते घटा देश का विदेशी मुद्रा भंडार

60 अरब डॉलर की गिरावट, जानिये क्या है वजह रुपये में उतार-चढ़ाव रोकने के लिए आरबीआई लगातार डॉलर बेच रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की बढ़ती मांग से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ है एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज की गयी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.6 अरब डॉलर घटकर 726 अरब डॉलर रह गया। रुपये को डॉलर के मुकाबले ज्यादा गिरने से बचाने के लिए आरबीआई लगातार बाजार में डॉलर बेच रहा है। इसका असर विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4 सितंबर को 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से लगातार गिरावट जारी है। पिछले पांच हफ्तों में विदेशी मुद्रा भंडार करीब 59.7 अरब डॉलर कम हो चुका है। विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आ रही गिरावट? विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह रुपये पर बना दबाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव रोकने के लिए आरबीआई बाजार में डॉलर बेच रहा है। इससे डॉलर की उपलब्धता बढ़ती है और रुपये को सहारा मिलता है। हालांकि, इसके चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता के मुताबिक, आरबीआई ने सप्ताह के दौरान करीब 9.8 अरब डॉलर बेचे। हालांकि, विदेशी मुद्रा के मूल्य में बदलाव से कुछ फायदा भी हुआ, जिससे भंडार में कुल गिरावट कम रही। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह भारत के भुगतान संतुलन में घाटे की आशंका है। इसके अलावा कच्चे तेल के आयात के लिए डॉलर की मांग भी बनी रहेगी। विदेशी मुद्रा भंडार में कितनी आयी कमी? आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.14 अरब डॉलर घटकर 597.61 अरब डॉलर रह गयीं। यह देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। वहीं, सोने का भंडार भी 1.32 अरब डॉलर घटकर 105.09 अरब डॉलर रह गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से मिलने वाले विशेष आहरण अधिकार यानी एसडीआर में 10.9 करोड़ डॉलर की कमी आयी और यह घटकर 18.55 अरब डॉलर रह गया। आईएमएफ में भारत की आरक्षित स्थिति भी एक करोड़ डॉलर घटकर 4.78 अरब डॉलर रह गयी। रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने क्या कदम उठाये? रुपये पर दबाव कम करने के लिए आरबीआई ने हाल में कई कदम उठाये हैं। केंद्रीय बैंक ने सरकारी तेल कंपनियों के लिए डॉलर उपलब्ध कराने की अलग व्यवस्था शुरू की है। इससे इन कंपनियों को अपनी जरूरत के डॉलर सीधे बाजार से खरीदने की आवश्यकता कम होगी। इसके अलावा विदेशी मुद्रा से जुड़े डेरिवेटिव सौदों के नियम भी सख्त किए गए हैं। आरबीआई ने 10 अक्टूबर को रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी वाले सौदों पर लगाम लगाने के लिए नए उपायों की घोषणा की थी। कुछ डेरिवेटिव लेनदेन के लिए विदेशी मुद्रा जोखिम से जुड़ा अतिरिक्त रिजर्व रखने की शर्त भी लागू की गई है। इन कदमों से रुपये पर कुछ दबाव कम हुआ है। हालांकि, तेल आयात और दूसरी जरूरतों के लिए डॉलर की मांग अभी भी बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपये की क्या स्थिति है? शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली। रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 94.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। यह 8 सितंबर के बाद रुपये का सबसे मजबूत स्तर है। पूरे सप्ताह के दौरान रुपये में करीब 1.9 फीसदी की तेजी आई, जो पिछले चार वर्षों में उसका सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन है। एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख के मुताबिक, आरबीआई ने चालू सप्ताह में भी बड़े पैमाने पर डॉलर बेचे हैं। उनका कहना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर में बड़ी गिरावट नहीं आती, तब तक रुपये के मौजूदा स्तर के आसपास बने रहने की संभावना है।

शेयर मार्केट : सेंसेक्स रिकॉर्ड 1,109 अंक उछला
Published / 2026-10-13 21:26:07
शेयर मार्केट : सेंसेक्स रिकॉर्ड 1,109 अंक उछला

शेयर बाजार में दिखी शानदार तेजी, सेंसेक्स 1,109 अंक उछला, जानें 4 बड़े कारण एबीएन सेंट्रल डेस्क। एबीएन शेयर बाजार में मंगलवार को शानदार तेजी देखने को मिली। भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर के बेहतर अनुमान और आईटी शेयरों में जोरदार उछाल से बाजार को मजबूती मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,033.78 पर बंद हुआ।वहीं, एनएसई निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60% उछलकर 22,721.95 पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार में तेजी का असर सभी शेयरों पर समान रूप से नहीं दिखा। मिडकैप शेयरों में मजबूती रही, जबकि स्मॉलकैप शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। बाजार में तेजी की 4 बड़ी वजहें....निचले स्तरों पर खरीदारी : बाजार में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। वैल्यू बाइंग से प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। आईएमएफ ने बढ़ाया जीडीपी ग्रोथ का अनुमान : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने अक्टूबर वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया। मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को इसका प्रमुख आधार माना गया है। आईटी शेयरों में जोरदार उछाल : सेक्टर आधारित सूचकांकों में आईटी इंडेक्स 3% से अधिक चढ़ा। एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। पीएसयू बैंक और निजी बैंकिंग शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया। बाजार की धारणा में सुधार : निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार से प्रमुख सूचकांकों को बढ़त मिली। हालांकि, इंडिया वीआईएक्स में तेजी दर्ज की गयी, जो बाजार में निकट अवधि के उतार-चढ़ाव की आशंका बने रहने का संकेत देती है।

नवरात्रि के पहले ही कारोबारी दिन में लाल हुआ शेयर मार्केट
Published / 2026-10-12 17:57:59
नवरात्रि के पहले ही कारोबारी दिन में लाल हुआ शेयर मार्केट

सप्ताह के पहले दिन ही लाल हुआ शेयर बाजार, निवेशकों के 14.73 लाख करोड़ रुपये स्वाहा एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली, ऊंचे स्तर से हुई मुनाफा वसूली और हैवीवेट शेयरों की हुई बिक्री के कारण घरेलू शेयर बाजार आज सप्ताह के पहले दिन ही गिरावट का शिकार हो गया। बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से 1,200 अंक से अधिक टूट गया। इसी तरह निफ्टी भी ऊपरी स्तर से 345 अंक से अधिक फिसल गया। हालांकि बाद में खरीदारी के सपोर्ट से इन दोनों सूचकांकों की स्थिति में कुछ सुधार भी हुआ। इसके बावजूद दोनों सूचकांक गिरावट से उबर नहीं सके। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 0.76 प्रतिशत और निफ्टी 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। बाजार में आज की जोरदार बिकवाली की वजह से शेयर बाजार के निवेशकों की संपत्ति में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गयी। बीएसई का सेंसेक्स आज 298.99 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,771.32 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही खरीदारी के सपोर्ट से शुरुआती मिनट में ही यह सूचकांक 411.92 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,884.25 अंक के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि यह तेजी टिक नहीं सकी। थोड़ी देर बाद ही बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से सेंसेक्स अपनी सारी बढ़त खो कर लाल निशान में गिर गया। शेयरों की लगातार हो रही बिक्री के कारण आज का कारोबार खत्म होने के थोड़ी देर पहले यह सूचकांक दिन के ऊपरी स्तर से 1,208.15 अंक टूट कर 796.23 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 71,676.10 अंक के स्तर तक आ गया। अंत में इंट्रा-डे सेटलमेंट की वजह से हुई खरीदारी के सपोर्ट से सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 248.58 अंक की रिकवरी कर 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 अंक के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 72.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,593.20 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही खरीदारी का सपोर्ट मिलने से यह सूचकांक कुछ ही देर में 130.65 अंक यानी 0.58 प्रतिशत उछल कर 22,651.10 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गयी। लगातार हो रही बिक्री की वजह से निफ्टी अपनी बढ़त गंवा कर कुछ देर में ही लाल निशान में पहुंच गया। आज के कारोबार में ज्यादातर समय बिकवालों का पलड़ा भारी रहा, जिसकी वजह से आज का कारोबार खत्म होने के कुछ देर पहले यह सूचकांक दिन के ऊपरी स्तर से 346.65 अंक लुढ़क कर 216 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,304.45 अंक के स्तर तक आ गया। अंत में दिन के सौदों के निपटारे के कारण हुई खरीदारी की मदद से यह सूचकांक दिन के निचले स्तर से 58.90 अंक सुधर कर 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,363.35 अंक के स्तर पर बंद हुआ। आज दिन भर के कारोबार के दौरान मीडिया सेक्टर के शेयरों की लगातार खरीदारी होती रही, जिसकी वजह से निफ्टी का मीडिया इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक की मजबूती हासिल करने में सफल रहा। इसी तरह कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों की भी लगातार मांग बनी रही। इसके अलावा रियल्टी, आॅटोमोबाइल, हेल्थकेयर और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज इंडेक्स भी मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। दूसरी ओर, आईटी सेक्टर के शेयरों की आज लगातार बिकवाली होती रही, जिसकी वजह से बीएसई का टेक इंडेक्स एक प्रतिशत की गिरावट का शिकार हो गया। निफ्टी के आईटी इंडेक्स ने 0.79 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के कारोबार का अंत किया। इसके अलावा बैंकिंग, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और आॅयल एंड गैस इंडेक्स भी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में आज खरीदारी होती रही, जिसके कारण निफ्टी का मिडकैप इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स ने 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ आज की कारोबार का अंत किया। आज शेयर बाजार में आई गिरावट के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में लगभग पौने पंद्रह लाख करोड़ रुपये की कमी आ गयी। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद घट कर 466.08 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 480.81 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 14.73 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। आज दिन भर के कारोबार के दौरान बीएसई में 4,736 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें 2,291 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,164 शेयरों में गिरावट का रुख रहा, वहीं 281 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के बंद हुए। एनएसई में आज 3,285 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 1,580 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में और 1,705 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 7 शेयर बढ़त के साथ और 23 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 14 शेयर हरे निशान में और 36 शेयर लाल निशान में बंद हुए। आज दिन भर के कारोबार के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेट्रीज 2.71 प्रतिशत, बजाज आॅटो 2.62 प्रतिशत, टीएमपीवी 1.63 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 1.56 प्रतिशत और बीएसई लिमिटेड 1.31 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, अपोलो हॉस्पिटल 3.15 प्रतिशत, आईटीसी 3.05 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 2.85 प्रतिशत, लार्सन एंड टूब्रो 2.05 प्रतिशत और मैक्स हेल्थकेयर 2.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।

झारखंड : पेट्रोल-डीजल महंगा होने से लोगों को लगा जोरदार झटका
Published / 2026-10-08 21:12:40
झारखंड : पेट्रोल-डीजल महंगा होने से लोगों को लगा जोरदार झटका

जानिए आपके शहर में कितना बढ़ा दाम टीम एबीएन, रांची। पेट्रोल-डीजल के भाव में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज हुई है। झारखंड में पेट्रोल-डीजल 38 पैसा प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं एक्स्ट्रा प्रीमियम की कीमत में भी 38 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पेट्रोल-डीजल के भाव में हुई बढ़ोतरी आज 3 सितंबर से लागू हो गयी है। यानि आज से आपको सभी पेट्रोल पंपों पर बढ़ी हुई कीमत पर पेट्रोल-डीजल मिलेगा। इस बढ़ोतरी के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 105.65 और डीजल की कीमत करीब 101 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। ईंधन के भाव में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।

आरबीआई के फैसले से शेयर मार्केट धड़ाम
Published / 2026-10-07 21:06:54
आरबीआई के फैसले से शेयर मार्केट धड़ाम

आरबीआई की रेट हाइक और महंगे क्रूड से बाजार धड़ाम, 4.31 लाख करोड़ डूबे एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी दबाव देखने को मिला। आरबीआई की ब्याज दरों में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिकी बाजार के फ्यूचर्स में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। सेंसेक्स 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 पर आ गया वहीं निफ्टी 173.05 अंक गिरकर 22,603.05 के लेवल पर बंद हुआ। 7 अक्टूबर को इरए पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ?470.44 लाख करोड़ रह गया। एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को यह करीब ?474.75 लाख करोड़ था यानी एक कारोबारी दिन में बाजार की कुल वैल्यू में करीब 4,30,691 करोड़ यानी लगभग 4.31 लाख करोड़ की कमी आयी। शेयर बाजार में गिरावट के 4 बड़े कारण आरबीआई ने बढ़ायी ब्याज दर आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाया है। ब्याज दर बढ़ने से कंपनियों और ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा होने की आशंका रहती है। इससे कंपनियों की फाइनेंसिंग लागत बढ़ सकती है और लोगों की खर्च करने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से ब्याज दर बढ़ने के बाद शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। क्रूड $101 के पार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1% बढ़कर 101.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। अमेरिका में तूफान के कारण तेल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका और सऊदी अरब पर हूती हमलों की चिंता से कच्चे तेल की कीमतों को सपोर्ट मिला। पश्चिम एशिया से सप्लाई बढ़ने की खबर भी इस दबाव को पूरी तरह कम नहीं कर सकी। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है क्योंकि इससे देश का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव बन सकता है। एफआईआई की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार आठवें कारोबारी सत्र में बिकवाल रहे। 6 अक्टूबर को एफआईआईएस ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 2,961 करोड़ की नेट बिकवाली की। हालांकि बिकवाली की रफ्तार में कुछ कमी आयी है लेकिन लगातार विदेशी पैसा निकलने से बाजार पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी फ्यूचर्स में कमजोरी भारतीय बाजार के सेंटीमेंट पर अमेरिकी बाजार के फ्यूचर्स की कमजोरी का भी असर पड़ा। डाओ फ्यूचर्स करीब 110 अंक और नैस्डैक फ्यूचर्स करीब 50 अंक नीचे कारोबार कर रहे थे।

जितिया पर्व पर धनबाद में सब्जियों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर
Published / 2026-10-03 09:18:53
जितिया पर्व पर धनबाद में सब्जियों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

जितिया पर्व पर धनबाद में सब्जियों के दाम रिकॉर्ड स्तर परसत्पुतिया झींगा बिका 400 रुपये प्रति किलोनहाए खाए के साथ आज से जितिया पर्व की हो गयी शुरुआतएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जीवितपुत्रिका (जितिया) पर्व के पावन अवसर पर कोयलांचल धनबाद में हरी सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं।जितिया व्रत को लेकर सब्जी मंडियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और दिनभर गहमागहमी बनी रही।बाजार में सब्जियों की मांग बढ़ते ही खुदरा बाजारों में खीरा 200 से 250 रुपये प्रति किलो तो सत्पुतिया झींगा 400 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड भाव पर बिक रहा है। महज हफ्ते भर के भीतर सब्जियों की दरें कई गुना तक बढ़ गई हैं।

एयरटेल का पोस्टपेड ऑफर हुआ और दमदार
Published / 2026-09-22 15:06:06
एयरटेल का पोस्टपेड ऑफर हुआ और दमदार

एयरटेल का पोस्टपेड ऑफर हुआ और दमदारमिलेगा ऐपल का नया विस्तारित आईक्लाउड+साथ में ऐपल टीवी और ऐपल आर्केड भीएबीएन बिजनेस डेस्क। भारत की प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों में से एक भारती एयरटेल ने घोषणा की है कि वह अपने ₹999 और उससे अधिक के फैमिली पोस्टपेड प्लान को ऐपल के आईक्लाउड+ (iCloud+) के साथ और बेहतर बना रही है।आईक्लाउड+ में अब ऐपल टीवी (Apple TV) और ऐपल आर्केड (Apple Arcade) भी शामिल हैं। इससे ग्राहकों को अधिक वैल्यू और साथ में अपना प्लान अपग्रेड करने की एक और वजह मिलेगी। एयरटेल के नए पोस्टपेड ऑफर में ऐपल की नई विस्तारित आईक्लाउड+ सेवाएं शामिल हैं। इनमें निजी कंटेंट को सुरक्षित तरीके से स्टोर और शेयर करने की सुविधा के साथ ऐपल टीवी के अवॉर्ड-विनिंग ओरिजिनल कार्यक्रमों और ऐपल आर्केड पर सैकड़ों मनोरंजक गेम्स का आनंद लेने की सुविधा मिलती है। यह नया ऑफर ₹999 और उससे अधिक के फैमिली प्लान लेने वाले एयरटेल ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।आईक्लाउड+ के जरिए एयरटेल के लाखों पोस्टपेड ग्राहक अपनी फोटो, फाइलें, पासवर्ड, कॉन्टैक्ट्स और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को अपने सभी ऐपल डिवाइसेज पर स्टोर, सिंक और एक्सेस कर सकेंगे। उनका डेटा सुरक्षित रूप से बैकअप भी किया जाएगा। इससे नया डिवाइस सेट करना आसान होगा और उनकी डिजिटल लाइफ कनेक्टेड और सुलभ बनी रहेगी। ऐपल टीवी ग्राहकों को ऐपल की प्रीमियम ओरिजिनल सीरीज और फिल्में उपलब्ध कराता है, जबकि ऐपल आर्केड पर बिना विज्ञापनों और इन-ऐप खरीदारी के गेम्स के कैटलॉग का अनलिमिटेड एक्सेस मिलता है।₹999 का फैमिली पोस्टपेड प्लान तीन सदस्यों वाले परिवार के लिए है। इसमें फास्टलेन तकनीक के साथ असीमित डेटा, स्पैम से सुरक्षा और मनोरंजन सब्सक्रिप्शन का एक्सेस शामिल है। ऐपल के आईक्लाउड+, ऐपल टीवी और ऐपल आर्केड को जोड़ने के बाद यह प्लान परिवारों के लिए और अधिक वैल्यू प्रदान करता है। इसमें कनेक्टिविटी, एंटरटेनमेंट, गेमिंग और क्लाउड स्टोरेज को एक ही पोस्टपेड प्लान में शामिल किया गया है। इससे ग्राहकों को अपने पोस्टपेड प्लान को अपग्रेड करने और उससे अधिक वैल्यू प्राप्त करने की एक और वजह मिलती है। ग्राहक एयरटेल ऐप के जरिए या किसी भी एयरटेल स्टोर पर जाकर इन प्लान्स को आसानी से अपग्रेड कर सकते हैं।भारती एयरटेल के डायरेक्टर, मार्केट ऑप्स, अमित त्रिपाठी ने कहा, "एयरटेल में हम लगातार ऐसे तरीकों पर काम करते हैं, जिनसे हमारे ग्राहकों की जिंदगी आसान बने और हमारे ऑफर के माध्यम से उन्हें अलग और अधिक वैल्यू मिले। हमारे फैमिली पोस्टपेड प्लान इसी सोच के आधार पर तैयार किए गए हैं। इनमें कनेक्टिविटी, एंटरटेनमेंट और ऐसे डिजिटल अनुभवों को एक ही प्लान में शामिल किया गया है, जो पूरे परिवार के लिए महत्वपूर्ण हैं। अपने फैमिली पोस्टपेड प्लान में ऐपल के आईक्लाउड+, ऐपल टीवी और ऐपल आर्केड को जोड़कर ऐसे ग्राहकों को और अधिक वैल्यू मिलेगी और एयरटेल के साथ उनका अनुभव और बेहतर होगा।

जानें शेयर मार्केट के औंधे मुंह गिरने के कारण
Published / 2026-09-15 21:06:49
जानें शेयर मार्केट के औंधे मुंह गिरने के कारण

औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, अचानक आयी बड़ी गिरावट, जानें कारण? एबीएन बिजनेस डेस्क। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 778 अंक टूटकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 279 अंक गिरकर पांच महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 अंक पर बंद हुआ। यह छह अप्रैल, 2026 के बाद निफ्टी का सबसे निचला बंद स्तर है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में करीब छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), टाइटन, बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, एचसीएल टेक्नोलॉजीज 3.98 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.64 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 2.31 प्रतिशत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 2.18 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 1.27 प्रतिशत चढ़े। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89 प्रतिशत बढ़कर 107.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें...अमेरिकी बॉन्ड यील्ड  अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5 प्रतिशत पर पहुंच गयी। अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार यील्ड ने इस महत्वपूर्ण स्तर को छुआ है। इसका सीधा असर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट पर पड़ता है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बेचकर अपना पैसा अमेरिका ले जा सकते हैं। विदेशी पैसा बाहर जाने पर शेयर बाजार के साथ रुपए पर भी दबाव बढ़ सकता है। क्रूड आॅयल ने बढ़ायी चिंता बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आया। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा क्रूड इम्पोर्ट बिल बढ़ाने के साथ रुपये और महंगाई पर दबाव डाल सकता है। महंगाई और ब्याज दरों का डर अमेरिकी फेड की तरफ से रेट हाइक की संभावना करीब 94 फीसदी हो गयी है। भारत में भी अगस्त की रिटेल महंगाई 4.82 फीसदी पहुंचने से आरबीआई द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंका मजबूत हुई है। रुपये में गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 95.80 के आसपास पहुंच गया। इससे तेल और विदेशी सामान खरीदना महंगा होगा।

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