एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर जिला समाज कल्याण विभाग, खूंटी के तत्वावधान में समाहरणालय परिसर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मो० जावेद हुसैन ने हरी झंडी दिखाकर पोषण रथ को रवाना किया। पोषण रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण कर आमजनों को संतुलित आहार, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सुपोषित समाज के निर्माण में जनभागीदारी के प्रति जागरूक करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा पोषण शपथ भी ली गयी। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिशा कुजूर, सिविल सर्जन ललित रंजन पाठक, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग आनंद कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, तोरपा पूजा कुमारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस मनीषा सांचा सहित अन्य विभागीय कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज समाहरणालय स्थित सभागार कक्ष में उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज की अध्यक्षता में पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त के द्वारा जिले के 38 इलाजरत टीबी मरीजों के बीच बेहतर पोषण, इम्युनिटी बढ़ाने और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से पोषण पोटली का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि टीबी एक पूरी तरह साध्य बीमारी है, बशर्ते मरीज बिना कोई खुराक छोड़े समय पर नियमित दवा का सेवन करें और बीच में इलाज न छोड़ें, क्योंकि अधूरी दवा लेने से बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है। इसके साथ ही उन्होंने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने तथा दवा के साथ-साथ संतुलित व पौष्टिक आहार लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिले को पूर्णत: टीबी मुक्त बनाने और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के आसपास टीबी बीमारी से ग्रसित मरीजों को सामर्थ्य अनुसार गोद लें, ताकि उन्हें निक्षय मित्र योजना के तहत नियमित रूप से पोषण व नैतिक सहयोग मिल सके। उपायुक्त ने रामगढ़ को टीबी मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिला प्रशासन निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ स्वराज, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर वियतनाम में मृत राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर लाया जा रहा रांची टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश एवं श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सतत प्रयासों के फलस्वरूप वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मृत रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत वापस लाया गया। मुख्यमंत्री के निदेर्शानुसार राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय एवं भारतीय दूतावास से निरंतर समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचाने की व्यवस्था की गयी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के अंतर्गत 5 लाख की वित्तीय सहायता राशि उपलब्ध करायी जायेगी। मालूम हो कि रांची के कैलाश नगर निवासी राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वियतनाम में एक सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे, जिसके पश्चात इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। परिजनों द्वारा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने हेतु गुहार लगायी गयी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास एवं संबंधित वियतनामी प्राधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद प्रक्रियाएं पूर्ण कराते हुए पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता हवाई अड्डा लाया गया।कोलकाता हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूर्ण किए जाने के पश्चात पार्थिव शरीर को रांची स्थित पैतृक निवास तक सकुशल पहुंचाने के लिए रांची जिला प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था की गयी है।
डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव ने झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में नयी संभावनाओं के द्वार खोले : डॉ. इरफान अंसारीटीम एबीएन, रांची। झारखंड हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 के दो दिवसीय ऐतिहासिक आयोजन का गुरुवार को समापन हुआ। समापन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल दो दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक नई शुरूआत है।डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर झारखंड भी हाईटेक टेक्नोलॉजी को अपनाएगा। मेरा लक्ष्य है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा किया जाये। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित है और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनका प्रयास रहेगा कि झारखंड के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण इलाज अपने राज्य में ही मिल सके।अमीर व्यक्ति इलाज के लिए दुनिया के किसी भी कोने में जा सकता है, लेकिन गरीब मरीज के लिए यह आसान नहीं है। इसलिए हमारी प्राथमिकता है कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार हो, जहां मरीज को बेहतर इलाज के लिए झारखंड से बाहर जाने की जरूरत न पड़े।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल, सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। आईसीयू, वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से पहाड़ी, सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह पहुंचाने का काम किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद गैप को तकनीक के माध्यम से तेजी से कम करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।निवेशकों और विशेषज्ञों का किया आभारडॉ इरफान अंसारी ने कॉन्क्लेव में देश-विदेश से पहुंचे विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने झारखंड को अपना बहुमूल्य समय दिया और आधुनिक तकनीक से राज्य को परिचित कराया।उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान विशेषज्ञों के दिये गये सुझावों और प्रस्तुतियों को उन्होंने गंभीरता से समझा है और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उपयोगी सुझावों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे। उन्होंने झारखंड में निवेश के लिए कंपनियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पताल, मेडिकल संस्थान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने वाले निवेशकों को राज्य में प्रोत्साहित किया जायेगा।मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोरस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों का विस्तार उनकी प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य केवल मरीजों को इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि झारखंड को मेडिकल टूरिज्म के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने का प्रयास होगा, जिससे झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़े और दूसरे राज्यों के मरीज भी इलाज के लिए झारखंड आयें।डिजिटल हेल्थ से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्थाकॉन्क्लेव के दौरान एआई, टेली-आईसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, डिजिटल हेल्थ पोर्टल और डेटा आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दीं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ह्लएआई असिस्टेंट से लेकर भविष्य की एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं तक, तकनीक का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का विकल्प बनना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और पहुंच को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का सबसे बड़ा लाभ झारखंड के दूरदराज के मरीजों को मिलना चाहिए।स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े गैप को पाटने की तैयारीकार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, अस्पतालों और आईसीयू बेड की कमी को एक बड़ी चुनौती बताते हुए डिजिटल हेल्थ और एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।उन्होंने टेली-आईसीयू के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने और टेली-रेडियोलॉजी के माध्यम से विशेषज्ञ जांच सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।एनएचए के सीईओ डॉ सुनील कुमार बरनवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के साथ डिजिटल हेल्थ सेवाओं के एकीकरण पर प्रकाश डाला।विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा ने कॉन्क्लेव के दौरान शुरू किए गए डिजिटल स्वास्थ्य पोर्टलों की जानकारी दी, जबकि अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह ने झारखंड में एआई आधारित हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।यह शुरूआत है, मंजिल अभी बाकी हैडॉ इरफान अंसारी ने कहा कि दो दिवसीय कॉन्क्लेव में जो ज्ञान, तकनीक और विशेषज्ञता झारखंड तक पहुंची है, उसे अब जमीन पर उतारना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।मैंने अपना जीवन लोगों के लिए समर्पित किया है। झारखंड के स्वास्थ्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए दिन-रात काम करूंगा। मरीज की जरूरत हमारी प्राथमिकता है और बेहतर तकनीक के साथ समुचित इलाज हमारा लक्ष्य है। स्वास्थ्य मंत्री ने कॉन्क्लेव को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों, विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, कंपनियों और आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा कि आप सभी ने झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद जगायी है। इस कॉन्क्लेव में जो सीख मिली है, उसे केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उपयोगी तकनीकों और सुझावों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का संदेश स्पष्ट है— तकनीक आधुनिक होगी, स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी और इलाज की पहुंच गांव-गांव तक होगी।
धनबाद : दुर्गा पूजा को लेकर बरोरा में पुलिस की बैठक, शांतिपूर्ण आयोजन पर जोरएबीएन न्यूज नेटवर्क, बरोरा (धनबाद)। दुर्गापूजा को लेकर बुधवार को बरोरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता कतरास इंस्पेक्टर रुस्तम अंसारी ने की। उन्होंने पूजा समितियों के सदस्यों से दुर्गापूजा का आयोजन शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के माहौल में कराने की अपील की।बैठक में बरोरा, मुराइडीह, हरिणा, बेहराकुदर, टुंडू, खोनाठी समेत विभिन्न क्षेत्रों की दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समिति सदस्यों ने पूजा आयोजन के दौरान आने वाली समस्याओं और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव रखे।पुलिस अधिकारियों ने पूजा समितियों को आवश्यक सहयोग और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही आयोजन के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस के साथ समन्वय करने की अपील की गयी।मौके पर बरोरा थानेदार अभय कुमार, सचिव मिथिलेश कुमार, उपप्रमुख रंजीत सिंह, मुखिया विनोद नापित, दयाल महतो, महेंद्र सिंह, देवानंद राजभर, विनय पांडे, देवानंद साव, भोला रवानी, आजाद कुम्हार, छोटन अंसारी, मुन्ना अंसारी, भीमलाल रवानी, गोपाल सिंह, नागेश्वर सिंह, गौतम सिंह, शशि यादव और संतोष चौहान समेत अन्य लोग मौजूद थे।
धनबाद : मेयर-विधायक ने लिया दशहरा, दिवाली और छठ की तैयारियों का जायजादुर्गा पूजा दीपावली व छठ को लेकर धनबाद के मेयर संजीव सिंह सहित झरिया विधायक रागिनी सिंह ने झरिया क्षेत्र का किया निरीक्षणचार नंबर से बाटा मोड़ तक सड़क . नाली. सफाई व बिजली व्यवस्था का लिया जायजाअधिकारियों को समय पर तैयारी पूरी करने का दिया निर्देश!एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ महापर्व को देखते हुए धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह एवं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने बुधवार को झरिया के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर पर्व-त्योहार की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने झरिया चार नंबर, धर्मशाला रोड चार नंबर, बाटा मोड़, लक्ष्मणीया मोड़ सहित आसपास के इलाकों का भ्रमण कर सड़क, नाली, साफ-सफाई एवं बिजली व्यवस्था की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान झरिया राजा तालाब में प्रस्तावित विद्युत सौंदर्यीकरण को लेकर भी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गयी।महापौर एवं विधायक ने कहा कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में साफ-सफाई, जल निकासी, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखना जरूरी है।महापौर संजीव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्व-त्योहार के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, जनता की सुविधा और शहर की बेहतर व्यवस्था नगर निगम की प्राथमिकता है। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को देखते हुए सफाई, नाली, सड़क एवं प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी कमियों को समय रहते दूर किया जाये। जिन कार्यों की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाये ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित वातावरण मिल सके।वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि झरिया में पर्व- त्योहार आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हमारी कोशिश है कि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। सड़क, नाली, सफाई और बिजली जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर समय रहते सभी कमियों को दूर कराया जायेगा। राजा तालाब के सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है।दोनों जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर ही विभिन्न समस्याओं और आवश्यक कार्यों पर चर्चा करते हुए पर्व से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में नियमित निगरानी रखते हुए जहां भी समस्या सामने आये। उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाये। इस अवसर पर नगर निगम के अभियंता एवं संबंधित अधिकारी गण सहित स्थानीय आमजन मौजूद रहे।
धनबाद में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस सख्त, डीजे बजा तो रद्द होगा पूजा समिति का लाइसेंसपूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्नि सुरक्षा अनिवार्यचोरी-गृहभेदन रोकने के लिए आठ जोन और तीन सुपर जोन में होगी रात्रि गश्तीएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। दुर्गा पूजा के दौरान जिले में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में एसएसपी प्रभात कुमार की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, आईपीएस अंकित सिन्हा समेत जिले के सभी डीएसपी, एसडीपीओ, अंचल निरीक्षक, थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी मौजूद रहे।बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, रात्रि गश्ती, चोरी और गृहभेदन की घटनाओं पर नियंत्रण तथा आर्म्स एक्ट के लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।हर पूजा पंडाल का थाना प्रभारी करेंगे निरीक्षणएसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र की पूजा समितियों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा। थाना प्रभारी प्रत्येक पूजा पंडाल का भ्रमण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और अग्नि सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था भी अनिवार्य करने को कहा गया है।सहायता केंद्र पर जरूरी नंबर करना होगा प्रदर्शितपूजा पंडालों के समीप सहायता केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है। यहां पुलिस, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल, अग्निशमन विभाग और बिजली विभाग सहित जरूरी सेवाओं के संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने होंगे, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके।डीजे बजा तो लाइसेंस रद्द, पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाईएसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक पूजा समितियों द्वारा डीजे साउंड का इस्तेमाल किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।डीजे का उपयोग पाए जाने पर संबंधित पूजा समिति का लाइसेंस तत्काल रद्द करने के साथ समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीजे जब्त करने और साउंड ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है।यातायात व्यवस्था के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजनापूजा के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। ऑटो और टोटो चालकों की मनमानी, गलत स्थान पर वाहन खड़ा करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।श्रमिक चौक पर जर्जर सड़क के कारण उत्पन्न होने वाली यातायात समस्या को देखते हुए सड़क मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करने की बात कही गई। वहीं बरमसिया पुल के समीप सड़क पर एफसीआई वाहनों के खड़े होने से होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।चोरी और गृहभेदन रोकने के लिए आठ जोन में बंटा जिलाचोरी और गृहभेदन की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने नया रात्रि गश्ती ब्लूप्रिंट तैयार किया है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों को आठ जोन में बांटा गया है।प्रत्येक रात इंस्पेक्टर स्तर के नोडल थाना प्रभारी अपने संबंधित जोन के थाना क्षेत्रों में भ्रमणशील रहेंगे और रात्रि गश्ती दल की निगरानी करेंगे।तीन सुपर जोन में होगी गश्ती की निगरानीआठ जोन को तीन सुपर जोन में बांटा गया है। प्रत्येक रात डीएसपी और एसडीपीओ स्तर के अधिकारी अपने-अपने सुपर जोन में भ्रमणशील रहकर रात्रि गश्ती की निगरानी करेंगे।इसके अलावा एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब भी क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर रात्रि गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।दो माह में आर्म्स एक्ट के लंबित मामलों का होगा निष्पादनबैठक में आर्म्स एक्ट से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी थाना प्रभारियों को अगले दो माह के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।एसएसपी ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, यातायात नियमों का उल्लंघन या रात्रि गश्ती में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निबंधन की आॅनलाइन प्रक्रिया, अभिलेखों के संधारण एवं आमजनों को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं का लिया जायजा एबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। प्रमंडलीय आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग विजय कुमार गुप्ता ने कोडरमा जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अवर निबंधन कार्यालय, कोडरमा का निरीक्षण कर कार्यालय की कार्यप्रणाली एवं विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यालय में अभिलेखों के संधारण एवं संरक्षण, निबंधन से संबंधित कार्यों की प्रगति तथा आमजनों को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने रजिस्ट्री की आॅनलाइन प्रक्रिया के साथ-साथ निबंधन की संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी ली तथा प्रतिबंधित सूची का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालय में उपलब्ध कर्मियों की संख्या एवं उनके बीच किये गये कार्य आवंटन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फ्लैटों के निबंधन की प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण एवं संरक्षण तथा निबंधन से संबंधित कार्यों का नियमानुसार एवं सुचारू रूप से निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, उप विकास आयुक्त रवि जैन, अपर समाहर्ता संजय पी.एम. कूजूर, अनुमंडल पदाधिकारी निर्मल सोरेन एवं जिला अवर निबंधक पदाधिकारी विकास कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
जांच में नहीं मिला एनालॉग अथवा स्टार्च मिश्रित पनीर, दो प्रतिष्ठानों से पनीर के नमूने संग्रहित एबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। विभागीय निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, कोडरमा द्वारा बागीटांड़ क्षेत्र स्थित विभिन्न होटल एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठानों में बेचे एवं उपयोग किये जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच की गयी। विभागीय आदेश के आलोक में विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता की जांच की गयी। निरीक्षण के क्रम में पंजाबी ढाबा, राजगीर होटल, कोडरमा इन, सुरेश होटल, ग्रीन चिल्ली, अंकित स्टोर, शिवम् स्वीट्स सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गयी। जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर अथवा स्टार्च मिश्रित पनीर की पुष्टि नहीं हुई। वहीं, गुणवत्ता की विस्तृत जांच हेतु पंजाबी ढाबा एवं सुरेश होटल से पनीर के नमूने संग्रहित किये गये।निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सुरेश होटल को आवश्यक सुधार हेतु नोटिस जारी किया गया। सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि पैकेज्ड एवं डिब्बाबंद खाद्य सामग्री की खरीद एवं बिक्री से पूर्व उस पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, यूज-बाय/ एक्सपायरी तिथि तथा निर्माता का पूर्ण पता अंकित होना सुनिश्चित करें। इन मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी। होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित एवं अनुमन्य मात्रा में फूड कलर का उपयोग करने तथा किसी भी परिस्थिति में मिलावटी मिठाई एवं अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया। खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में समुचित साफ-सफाई, स्वच्छता एवं हाइजीन संबंधी मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री सुनिश्चित करने को कहा गया। फूड स्टॉल, कार्ट एवं ठेला संचालकों को अपना फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का भी सख्त निर्देश दिया गया। सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में रखी एक्सपायरी, बासी अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तत्काल हटाकर नष्ट करने का निर्देश दिया गया। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं फूड स्टॉल संचालकों को पनीर, खोआ, मिठाई सहित अन्य खाद्य सामग्री केवल विश्वसनीय एवं एफएसएसएआई लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खरीदने तथा खरीदारी के समय पक्का बिल प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। जिन खाद्य कारोबारियों ने अब तक फूड लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन प्राप्त नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द नजदीकी प्रज्ञा केंद्र अथवा सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया गया। अगली जांच में बिना वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार करते पाए जाने पर नियमानुसार अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही, गलत अथवा भ्रामक जानकारी देकर फूड लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन के निलंबन सहित अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जायेगी। उक्त जांच टीम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, कोडरमा-1 अभिषेक आनंद एवं खाद्य सुरक्षा कार्यालय के डाटा एंट्री आॅपरेटर धर्म प्रसाद शामिल थे।
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