टीम एबीएन, रांची। साइबर अपराधी अब संगठित रूप से साइबर क्राइम को अंजाम देने की कोशिश में लगे हुए हैं। रांची पुलिस में साइबर अपराधियों के ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो शहर के वीआईपी इलाके में रहकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को निरुद्ध किया है।
रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि रांची के गोंदा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक के पास स्थित रॉक व्यू अपार्टमेंट के एक फ्लैट में कुछ अपराधी जमा हुए हैं। सूचना के सत्यापन के बाद मामले में कार्रवाई के लिए सदर डीएसपी नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी।
टीम के द्वारा बेहद गुप्त तरीके से अपार्टमेंट में विधिवत छापेमारी की गयी। इस दौरान फ्लैट में पांच संदिग्ध लोग पाये गये। जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे लोग फर्जी कागजातों के आधार पर साइबर ठगी करते हैं।
एसएसपी ने बताया कि फ्लैट की तलाशी लेने पर उक्त पांचों लोगों के पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। पूछताछ करने पर पता चला कि फर्जी पहचान पत्र के आधार पर फर्जी अकाउंट खोला जाता था और उसके बाद साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाता था।
साथ ही पकड़े गये साइबर ठगों ने पुलिस को यह भी बताया कि यह फ्लैट किसी निखिल भैया का है और उनके द्वारा ही इनलोगों को यहां बुलाकर साइबर क्राइम की ट्रेनिंग दी गयी है।
पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने सभी सामानों को विधिवत जब्त कर लिया और चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। मामले को लेकर गोंदा थाना कांड संख्या-68/26 दिनांक 28/05/2026 दर्ज की गयी है।
साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस गिरोह के सरगना निखिल की तलाश में जुट गयी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी कागजातों के आधार पर साइबर अपराधियों के द्वारा कितने बैंक खाते खोले गये थे और उनके माध्यम से किन-किन लोगों से ठगी की गयी थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक 4 जून गुरुवार को लोहरदगा समाहरणालय सभागार में आयोजित होगी। जिसकी अध्यक्षता लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत करेंगे। उक्त जानकारी सांसद के निजी सचिव आलोक कुमार साहू ने दी।
श्री साहू ने बताया कि बैठक में जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा सांसद के द्वाराकी जायेगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर कर विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया जायेगा।
सांसद सुखदेव भगत बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आयुष्मान भारत, वृद्धा पेंशन, छात्रवृत्ति और कृषि योजनाओं सहित अन्य योजनाओंकी अद्यतन स्थिति की समीक्षा करेंगे।
दिशा की बैठक का मकसद सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि धरातल पर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। गर्मी में पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर विशेष चर्चा होगी। जिस विभाग की प्रगति धीमी मिलेगी, उसकी जवाबदेही सांसद तय करेंगे।
उपायुक्त कार्यालय से सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन के साथ बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है। सभी विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की योजनाओं का पूर्ण ब्योरा लेकर आने को कहा गया है। गौरतलब है कि उपायुक्त और उपविकास आयुक्त की यह पहली बैठक होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को नयी पहचान देने की तैयारी शुरू हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य में रिम्स-2 के नाम से एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जायेगा। इस परियोजना के पहले फेज के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 2600 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दे दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रिम्स-2 पूरी तरह हाईटेक अस्पताल होगा। यहां कैंसर, हार्ट, किडनी और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अलग-अलग स्पेशल विंग बनाये जायेंगे। मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज देने के लिए आधुनिक तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना को जल्द कैबिनेट में लाया जायेगा। मंजूरी मिलने के बाद तीन साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि झारखंड मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बने और लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स-2 बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में करीब 2000 स्थानीय लोगों को नौकरी देने की योजना है। उन्होंने विपक्ष से स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य झारखंड के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जमशेदपुर में यात्री रेल गाड़ियों की लेटलतीफी के खिलाफ आंदोलन चला रही रेल यात्री संघर्ष समिति के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) ने बुधवार को बैठक की। संघर्ष समिति ने एलान किया था कि यदि लेटलतीफी बंद नहीं हुई तो समिति रेल जीएम का विरोध करेगी। इसके बाद कल चक्रधरपुर के डीआरएम ने विधायक सरयू राय को फोन कर सूचित किया कि जीएम कल जमशेदपुर आ रहे हैं और उनके साथ वार्ता करेंगे।
बुधवार को दोपहर बाद रेल यात्री संघर्ष समिति के शिष्ट मंडल और रेल जीएम एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। विधायक सरयू राय ने रेल जीएम को बताया कि उनकी केवल और केवल एक ही मांग है कि टाटानगर में यात्री रेलगाड़ियों की लेटलतीफी बंद की जाय और यात्री रेलगाड़ियों को रास्ते में खड़ा कर माल गाड़ियों को पास करने का सिलसिला बंद किया जाय।
रेल जीएम ने यह बात मानी और रेल यात्री संघर्ष समिति को बताया कि अब से यात्री रेल गाड़ियों को खड़ा कर माल गाड़ियों को आगे नहीं बढा़या जायेगा।
उन्होंने रेलवे के अन्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस निर्णय को लागू करें और देखें कि किसी भी स्थिति में यात्री रेल गाड़ियों को रोकर माल गाड़ियों को आगे नहीं बाढ़या जाय।
संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि आपका यह निर्देश लागू हो रहा है या नहीं, ये कैसे पता चलेगा? इस पर रेल जीएम ने चक्रधरपुर के डीआरएम को निर्देश दिया कि वे जमशेदपुर में एक पूर्ण कालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर बहाल करें जो रेल गाड़ियों की लेटलतीफी और माल गाड़ियों को यात्री गाड़ियों से आगे नहीं बढ़ाने के बारे में जानकारी लेगा और निर्देश देगा तथा प्रत्येक दिन रेल गाड़ियों के आवाजाही के बारे में प्रेस एवं संघर्ष समिति को सूचित करेगा।
इसके पूर्व विधायक सरयू राय ने रेल जीएम को बताया था कि स्थानीय मेमू ट्रेनों और पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यहाँ के व्यवसायियों, कर्मचारियों, छात्रों, दैनिक वेतन भोगी मजदूरों तथा आमजनों को काफी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यात्री रेल गाड़ियाँ टाटानगर के निकटतम स्टेशनों जैसे चांडिल, कांड्रा, गम्हरिया, राखामाइंस तक समय पर आ जाती हैं, पर वहाँ से टाटानगर आने में 35-40 किमी की दूरी तय करने में 4-5 घंटे का समय लग जाता है। इस पर रेल जीएम ने कहा कि वे इन गाड़ियों की रोजाना समीक्षा करेंगे कि वे टाटानगर समय पर पहुंच रही हैं या नहीं।
विधायक सरयू राय ने रेल जीएम और डीआरएम को धन्यवाद दिया कि रेल यात्री संघर्ष समिति की सभी बातें मान ली गयी हैं। संघर्ष समिति कुछ दिनों तक रेल जीएम के आश्वासनों की प्रतीक्षा करेगी तदोपरांत आगे का कार्यक्रम तय करेगी।
बैठक में रेल जीएम के साथ रेल एजीएम, चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम, सीनियर डीसीएम आदि अधिकारी थे, जबकि रेल यात्री संघर्ष समिति में विधायक सरयू राय, शिव शंकर सिंह, कन्हैया सिंह के अतिरिक्त सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, नीरज सिंह, अमित शर्मा, राजीव आदि मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। श्री सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं।
टीम एबीएन, रांची। विभागीय समीक्षा के क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के कामकाज को जाना। झारखंड मंत्रालय में आयोजित बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या में शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाये। सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाये।
टीम एबीएन, रांची। अपनी सरकार के कामकाज की जमीनी हकीकत को जानने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज सोमवार से विभागीय कामकाज की समीक्षा करना प्रारंभ किया। विभागवार यह समीक्षा 11 जून तक चलेगा। विभागीय समीक्षा के क्रम में आज पहले दिन झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
इस बैठक में विभागीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गयी। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी।
समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर, मूल्य वर्धित कर, प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
इस समीक्षा बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायें। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया।
सीएम ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में रिम्स-2 निर्माण परियोजना को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की टीम के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गयी।
एडीबी की टीम राज्य में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के लिए फैक्ट फाइंडिंग मिशन पर रांची पहुंची है। बैठक के दौरान टीम ने परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण प्रक्रिया, योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों, अस्पताल की क्षमता, भवन संरचना तथा भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स-2 को केवल एक अस्पताल के रूप में नहीं, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से युक्त एक समग्र स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रिम्स-2 का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जायेगा। अस्पताल का डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल सुविधाएं, तकनीकी व्यवस्था और कंसल्टेंसी पूरी तरह वर्ल्ड क्लास स्तर की होगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जायेगा।
बैठक में बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा लगभग 2600 करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि इस पर 4200 करोड़ का पूरा खर्च आयेगा। एडीबी की टीम ने परियोजना की क्षमता, तकनीकी आवश्यकताओं तथा प्रशासनिक तैयारियों का आकलन कर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। जानकारी दी गयी कि आने वाले छह महीनों में लोन प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं को अंतिम रूप दे दिया जायेगा। इसके बाद दिसंबर 2026 अथवा जनवरी 2027 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाये, ताकि जल्द राज्यवासियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग गंभीरता से की जाये और कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में अस्पताल को सेल्फ सस्टेनिंग मॉडल पर विकसित करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान यह विचार किया गया कि अस्पताल की संचालन व्यवस्था ऐसी हो, जिससे भविष्य में संस्थान आर्थिक रूप से भी मजबूत बना रहे और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा सके।
बैठक में लोन रेडीनेस, कंसल्टेंट चयन की समयसीमा, ईएमई वर्कशॉप से प्राप्त प्रमुख सीख, फाइनेंशियल ड्यू डिलिजेंस, फंड फ्लो मैनेजमेंट, फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी एनालिसिस, एनवायरमेंटल सेफगार्ड, स्टाफिंग पैटर्न, तकनीकी विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव ध्रुव प्रसाद, जेएसबीसीसीएल के अधिकारी, विभागीय पदाधिकारी तथा एडीबी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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