दिखेगा टैलेंट, एलिगेंस और लीडरशिप का संगम बी रियल, बी बोल्ड, बी द क्राउन होगी थीम टीम एबीएन, रांची। राजधानी में फैशन, प्रतिभा और आत्मविश्वास के बड़े मंच द क्राउन आॅफ झारखंड 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन से पूर्व शुक्रवार को रूद्रांश होटल, अशोक नगर में प्रेस वार्ता कर आयोजकों ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। श्वेता श्रीवास्तव, प्रशांत जाधव, रूमी रानी सिंह, तन्मय नरेंद्र काले और सिमरन पाटेकर ने बताया कि छह सितंबर को करमटोली चौक स्थित आइएमए हॉल में राज्यस्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया जायेगा। आॅरेलिया अटायर के इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं की छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष समारोह की थीम बी रियल, बी बोल्ड, बी द क्राउन रखी गयी है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी पहचान, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जायेगा। टैलेंट, एलिगेंस, और लीडरशिप का उत्सव है : श्वेता श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि द क्राउन आॅफ झारखंड को सिर्फ प्रतियोगिता के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह टैलेंट, एलिगेंस, व्यक्तित्व और लीडरशिप का उत्सव है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागी इसमें शामिल होकर प्रतिभा और हुनर का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में शहर और राज्य की कई गणमान्य हस्तियां गेस्ट आॅफ आॅनर के रूप में मौजूद रहेंगी। युवाओं और फैशन प्रेमियों में उत्साह समारोह की शुरुआत दोपहर दो बजे गेस्ट रिपोर्टिंग से होगी। आयोजन को लेकर राजधानी के युवाओं और फैशन प्रेमियों में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड की प्रतिभाओं को नयी पहचान देने का प्रयास किया जायेगा। पास बुकिंग और आयोजन से जुड़ी जानकारी के लिए 91306 52391 और 97718 77736 पर संपर्क किया जा सकता है। ग्रूमिंग सेशन आज प्रशांत जाधव और रूमी रानी सिंह ने बताया कि मुख्य समारोह से एक दिन पहले शनिवार को होटल रूद्रांश, अशोक नगर में ग्रूमिंग सेशन आयोजित होगा। इसमें प्रतिभागियों को मंच पर प्रस्तुति, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और फैशन की बारीकियों की जानकारी दी जायेगी। साथ ही बेहतर प्रस्तुति के लिए विशेषज्ञ जरूरी टिप्स देंगे।
झारखंड में स्वाइन फ्लू का दायरा बढ़ा: 38 से ज्यादा संक्रमित; रिम्स में 36 सैंपल की जांच में 12 पॉजिटिव टीम एबीएन, रांची। झारखंड में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। रिम्स में अब तक 36 सैंपल की जांच की गयी है, जिसमें 12 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। वहीं, राज्य में अब तक 38 से अधिक संक्रमित मरीज मिलने की बात सामने आ रही है। राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों से मरीज इलाज के लिए रिम्स पहुंच रहे हैं।बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एच1एन1 एक श्वसन संबंधी संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा, पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बुखार और खांसी समेत ये हैं प्रमुख लक्षण स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यदि मरीज को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या होंठ और चेहरे का रंग नीला पड़ने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए। रिम्स में संक्रमित मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रिम्स में स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों के लिए अलग विशेष वार्ड तैयार किया है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मरीजों की 24 घंटे निगरानी कर रही है।
एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा को मिलेगा नया नियामक ढांचाकाउंसिल की पहली बैठक में कई अहम फैसलेटीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की पहली बैठक मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यकक्ष में हुई। बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, काउंसिल की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा किरण, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, डॉ. अजीत खलखो, डॉ. विनोद कुमार अंशु सिंह सहित परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।बैठक में राज्य में एलाइड एवं हेल्थकेयर से जुड़े पाठ्यक्रमों के नियमन, मानकीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। परिषद कॉलेजों एवं संस्थानों को संबद्धता देने के साथ विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उनका पंजीकरण भी करेगी। डिप्लोमा सहित विभिन्न स्तर के पाठ्यक्रम परिषद के नियमन के दायरे में होंगे।बैठक में पहले से अध्ययनरत ट्रांजिशन बैच के विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जिन पाठ्यक्रमों की अंतिम परीक्षा नहीं हो सकी है, उनके संबंध में आवश्यक निर्णय कैबिनेट के माध्यम से लेने की बात कही गई।परिषद के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन तथा एक समर्पित वेब पोर्टल विकसित करने का निर्णय लिया गया। पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों, संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को पाठ्यक्रम, परीक्षा, पंजीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, एमपीडब्ल्यू सहित कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लगभग छह माह का विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से मौजूदा मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने के साथ राज्य को प्रशिक्षित अतिरिक्त मानव बल भी उपलब्ध कराया जा सकता है।बैठक में पुराने परिषदों से संबंधित लंबित मामलों, परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के हस्तांतरण, मानव संसाधन की व्यवस्था तथा संस्थानों और पाठ्यक्रमों के नियमन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई। परिषद के गठन का उद्देश्य झारखंड में एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा और पेशेवर सेवाओं के लिए एक समान, पारदर्शी और व्यवस्थित नियामक व्यवस्था विकसित करना है।
एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा को मिलेगा नया नियामक ढांचाकाउंसिल की पहली बैठक में कई अहम फैसलेटीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की पहली बैठक मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यकक्ष में हुई। बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, काउंसिल की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा किरण, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, डॉ. अजीत खलखो, डॉ. विनोद कुमार अंशु सिंह सहित परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।बैठक में राज्य में एलाइड एवं हेल्थकेयर से जुड़े पाठ्यक्रमों के नियमन, मानकीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। परिषद कॉलेजों एवं संस्थानों को संबद्धता देने के साथ विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उनका पंजीकरण भी करेगी। डिप्लोमा सहित विभिन्न स्तर के पाठ्यक्रम परिषद के नियमन के दायरे में होंगे।बैठक में पहले से अध्ययनरत ट्रांजिशन बैच के विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जिन पाठ्यक्रमों की अंतिम परीक्षा नहीं हो सकी है, उनके संबंध में आवश्यक निर्णय कैबिनेट के माध्यम से लेने की बात कही गई।परिषद के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन तथा एक समर्पित वेब पोर्टल विकसित करने का निर्णय लिया गया। पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों, संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को पाठ्यक्रम, परीक्षा, पंजीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, एमपीडब्ल्यू सहित कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लगभग छह माह का विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से मौजूदा मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने के साथ राज्य को प्रशिक्षित अतिरिक्त मानव बल भी उपलब्ध कराया जा सकता है।बैठक में पुराने परिषदों से संबंधित लंबित मामलों, परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के हस्तांतरण, मानव संसाधन की व्यवस्था तथा संस्थानों और पाठ्यक्रमों के नियमन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई। परिषद के गठन का उद्देश्य झारखंड में एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा और पेशेवर सेवाओं के लिए एक समान, पारदर्शी और व्यवस्थित नियामक व्यवस्था विकसित करना है।
स्वाइन फ्लू पर झारखंड सरकार का बड़ा एक्शन! स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने पूरे राज्य को किया अलर्ट, एडवाइजरी जारी टीम एबीएन, रांची। राज्य में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक/ प्राचार्य एवं जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सतत् निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी एवं आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं प्रतिबद्ध है। स्वाइन फ्लू से किसी की जान नहीं जाने दी जायेगी स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा, स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल तक हर स्तर पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है।हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। सभी जिलों में सर्विलेंस मजबूत करने का निर्देश स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) एवं सीवर एक्यूट रिस्पाइरेटरी इन्फेक्शन (एसएआरआई) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित एवं गंभीर मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो, ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिये गये हैं।
दिल में छेद वाले बच्चों के लिए वरदान बनी झारखंड सरकार की पहल, 20 बच्चे नि:शुल्क इलाज के लिए कोच्चि रवाना गरीब परिजनों की आंखों में आंसू, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी को दिल से दिया आशीर्वाद, कहा- मंत्री हो तो डॉ इरफान अंसारी जैसा गरीब की पीड़ा का एहसास है डॉ. इरफान अंसारी को : परिजन टीम एबीएन, रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को नि:शुल्क हृदय आपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया। बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, मंत्री हो तो डॉ इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है। हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा : भावुक हुए परिजन इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है। परिजनों ने आगे कहा, सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, आॅपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क करायेगी। उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय आॅपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का आॅपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी जायेंगी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व और राहुल गांधी जी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक नि:शुल्क हृदय आॅपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है। उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका आॅपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका नि:शुल्क इलाज एवं आॅपरेशन सुनिश्चित करेगी। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है। नि:शुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण आॅपरेशन की पूरी सुविधा आवश्यक दवाएं अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था आॅपरेशन के बाद फॉलोअप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, आॅपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है। रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, धनबाद के सौजन्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सदर अस्पताल में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच एवं उपचार के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान जारी है। इस क्रम में शनिवार को आयोजित विशेष उपचार शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 103 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गयी तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में 64 बच्चों में श्रवण संबंधी समस्या की जांच की गयी। वहीं 28 बच्चों को हियरिंग एड (श्रवण यंत्र) के लिए सलाह दी गयी। इसके अलावा 5 बच्चों में ओटाइटिस मीडिया (कान के परदे के पीछे मध्य कान में होने वाला सूजन या संक्रमण), 2 बच्चों में छींक संबंधी समस्या, 28 बच्चों में न्यूरोलॉजिकल समस्या, 2 बच्चों की पीडियाट्रिक्स तथा 2 बच्चों की जनरल सर्जरी से संबंधित मामलों की जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर आवश्यक उपचार, आगे की जांच एवं उचित चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया। उपायुक्त ने कहा कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं समुचित विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके सभाकक्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित विभाग एवं मिशन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एनएचएम कर्मियों के ईपीएफ, बजट, ममता वाहन, तंबाकू नियंत्रण, नेत्र जांच, कुष्ठ रोग नियंत्रण सहित मानव संसाधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में एनएचएम की ओर से बताया गया कि राज्य में 15 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले कर्मियों के लिए एढऋ लागू है, लेकिन 15 हजार रुपये से अधिक मानदेय पाने वाले कर्मी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने संशोधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने 15 हजार रुपये को बेसलाइन मानते हुए अधिक मानदेय पाने वाले कर्मियों को भी ईपीएफ के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव देने को कहा। प्रस्ताव लागू होने पर राज्य के 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने झारखंड एनएचएम का 3124.75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने वाली ममता वाहन सेवा के वर्तमान भुगतान दर में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने के लिए अब तंबाकू नियंत्रण केंद्र सीएचसी स्तर पर शुरू किए जाएंगे। अभी ये केंद्र मुख्य रूप से जिला अस्पतालों में संचालित होते हैं। इसी तरह सीएचसी स्तर पर आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक सीएचसी में आंखों की जांच के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाएगी तथा जरूरतमंद मरीजों को चश्मा भी वितरित किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर संचारी रोग और कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष चप्पल तैयार कराने तथा दिव्यांगता प्रबंधन की सुविधा को रिम्स के साथ सदर अस्पताल एवं सीएचसी स्तर तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लेप्रा समिति के साथ एमओयू करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया गया। बैठक में राज्य से जिला स्तर तक एनएचएम में कर्मचारियों के पदों की नई संरचना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत के अनुरूप मानव संसाधन को मजबूत करने और विभिन्न प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिये गये।
मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के रक्तदान शिविर में 100 यूनिट रक्त संग्रहटीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी ब्राह्मण सभा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का आयोजन स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर किया गया, जिसमें 100 समाज बंधुओ ने रक्तदान किया। समस्त रक्तदाता को रक्तदान प्रमाणपत्र, स्मृति चिन्ह एवं सुरक्षा के मद्देनजर ISI मार्का हेलमेट भेट किय गया। कार्यक्रम संयोजक अमित सारस्वत, कमल शर्मा, नथमल शर्मा, अशोक पुरोहित, कृष्ण शर्मा, रावशंकर शर्मा धर्मचंद शर्मा, मनीष शर्मा सहित कई सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय मंत्री मनोज बजाज सहपत्नी दीप्ति बजाज ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं हेलमेट भेट किया।
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