जलाशय बचाओ पदयात्राटीम एबीएन, रांची। जलाशय बचाओ पदयात्रा की तैयारियों लेकर आज महालक्ष्मी काम्प्लेक्स एजूकेशन इंडिया के आफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। प्रेस को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता श्री अमृतेश पाठक ने कहा कि रांची में तीन ऐसे जलाशय है, जिनकी स्थिति पहले से भी खराब हो गया है और समय के साथ और भी खराब हो रहा है। उनमें कांके डैम, बडा़ तालाब और हरमू नदी की दुर्दशा देखकर तो धरती और प्रकृति भी भीतर ही भीतर सिसकती होगी। ऐसा प्रतीत होता है रांची शहर में पहले जिस तरह से सैकड़ों तालाब बर्बाद और फिर धीरे धीरे विलुप्त हो गयी। ये तीनों जलाशय भी एक दिन विलुप्त हो जायेंगे। कांके डैम, बडा़ तालाब और हरमू नदी में पूरे रांची का मल मूत्र और कचरा सीधे सीधे प्रवेश करता है। आज स्थिति यह है कि इन तीनों जलाशयों के पानी पीने या नहाने तो छोड़िये पैर धोने लायक भी नही बचा है। दुर्गंध से इन जलाशयों के बगल से पार होना भी जंग लड़ने जैसा लगता है। पूरे जलाशय से बदबू आती है। सारे जलीय जीव प्रदुषण के कारण मर गए हैं। सौंदर्यशास्त्र पढ़ कर इन जलाशयों को सुंदर बनाने निकले नगर निगम, सरकार के मंत्री , अधिकारी , ईंजीनियर और ठेकेदार ने मिलकर आज इसकी ऐसी सूरत बिगाड़ी है जिसे देखकर आप यही कह सकते हैं कि यह बेहद डरावना है। जमीन दलालों ने और यहाँ तक की आम जनता ने भी इन जलाशयों को बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं रखा है।प्रकृति की गोद में बसा एक सुंदर सा शहर पेड़ पौधों, नदी, डैम, तालाब के बर्बादी पर रो रही है। हम सभी के पास अब भी वक्त बचा है। हम अब भी इन जलाशयों को बचा सकते हैं। सिर्फ सरकार को अपनी नीति और नीयत तथा जनता को अपनी प्राथमिकता पुनः परिभाषित करनी है। इसी संकल्प के निमित्त कि रांची के इन तीन जलाशयों को हमें मिलजुलकर बचाना है जलाशय बचाओ पदयात्रा 4 जून को सुबह 8 बजे से कांके डैम के सरोवर नगर तट से शुरू होगा। हम रांची के सभी नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन से अपील करते हैं कि आप सभी इस पदयात्रा में शामिल हो। प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजसेवी श्री आर पी शाही, श्री शैलेश्वर दयाल सिंह, डाक्टर सत्यप्रकाश मिश्रा, कोकिला दास, जया तिवारी, हरेन्द्र जी भी शामिल हुए। उक्त जानकारी संघ के अमृतेश पाठक (8340157187, 9546151078) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। 26 मई 2023 को आर्यभट्ट सभागार में जलवायु परिवर्तन चुनौतियां एवं अवसर विषय पर एक बहुत ही सफल संगोष्ठि का समापन हो गया। यह संगोष्ठि जूलॉजी डिपार्टमेंट आरयू तथा आइक्यूएसी के द्वारा आर्यभट्ट सभागार में आयोजित किया गया। संगोष्ठी में देश के कई शहरों से प्राध्यापकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कुलपति आरयू प्रो.डॉ. अजीत कुमार सिन्हा इस संगोष्ठी में आये सभी वक्ताओं को स्मृति चिन्ह, शॉल तथा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि संगोष्ठी के दूसरे दिन के कार्यक्रम में डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि हमें वर्तमान जीवन शैली को बदलना होगा और प्लास्टिक फ्री जीवनशैली को विकसित करना होगा। वर्तमान में हमारा खान पान भी हमारे स्वास्थ्य सहित प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है। हम वैसे भोजन का सेवन हमें अपने पारंपरिक खान-पान की शैली पर विशेष ध्यान देना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्लासिटक फ्री परिवेश बनाने के लिये प्रत्येक व्यक्ति को एक लिस्ट बना कर अपने कार्यस्थल और परिसर में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का प्रयास करना चाहिये। कुलपति आरयू प्रो. डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि अब रांची विश्वविद्यालय के प्रत्येक कार्यक्रम में हम और हमारे छात्र एक पौधा अवश्य लगायेंगे । हाल में ही झारखंड सरकार से यह पत्र मिला है कि हमें एक जून से सात जून तक एक स्प्ताह का पर्यावरण सप्ताह मनाना है, पर हम इसे एक पखवाड़े तक आयोजित करने जा रहे हैं और यह पर्यावरण पखवाड़ा इस संगोष्ठी के 25 जून से ही प्रारंभ हो चुका है।उन्होंने कहा कि इस प्रयास में मैं किसी लीडर की तरह नहीं बल्कि सबों के साथ एक सहयोगी की तरह उपलब्ध हूं। संगोष्ठी में ओरल प्रेजेंटेशन के लिये छात्रों एवं प्राध्यापकों को कुलपति एवं अन्य द्वारा पुरस्कृत किया गया जिसमें जमशेदपुर की पीजी की छात्रा पूजा कुमारी को प्रथम पुरस्कार, आरएलएसवाई कॉलेज के जूलॉजी की प्राध्यापक माधुरी कुमारी को द्वितीय पुरस्कार, मनीष कुमार साहू एंथ्रोपोलॉजी विभाग आरयू के प्राध्यापक को तृतीय पुरस्कार तथा पोस्टर प्रेजेंटेशनके लिये साइकॉलॉजी विभाग जेएनकॉलेज की प्राघ्यापक इंदू सोलंकी को पुरस्कृत किया गया। संगोष्ठी में झारखंड ओपन युनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. टीएन साहू ने कहा कि हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बना कर जीने की कला आनी चाहिये। यह सारी चीजें हम आदिवासी समाज से सीख सकते हैं। आदिवासी समाज वृक्षों की पूजा करता है, जल्दी किसी वृक्ष को काटता नहीं, उसके सारे पर्व त्यौहार प्रकृति के साथ जुड़े होते हैं। वास्तव में आदिवासी प्रकृति का रक्षक और सेवक है। संगोष्ठी में बीएचयू बनारस से आये प्रो. एक.के. त्रिगुण, उमाशंकर सिंह, ने भी जलवायु परिवर्तन विषय पर अपने शोधपरक जानकारियों से सभागार में सभी लोगों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। आरयू के पूर्व वरिष्ठ प्राध्यापक, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य रहे एवं शिक्षाविद् डॉ. तुलस्यान ने रांची विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय संगोष्ठि की प्रसंशा करते हुये कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि रांची विश्वविद्यालय सहित देश भर के शिक्षाविद् और जानकार जलवायु परिवर्तन जैसे विषय पर मंथन और निदान के लिये एकत्र हुये। उन्होंने सबों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी डायरेक्टर वोकेशनल डॉ. स्मृति सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो बीके सिन्हा एवं सोनी कुमारी तिवारी ने किया। प्रो बीके सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर कुलसचिव आरयू डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता, एफओ डॉ. कुमार आदित्यनाथ शाहदेव, डॉ.फिरोज अहमद, एफए डॉ देवाशीष गोस्वामी, सीसीडीसी डॉ. पी.के.झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष कुमार झा, एफ.ओ. डॉ. कुमार आदित्यनाथ शाहदेव, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश साहु, डॉ. राजकुमार शर्मा , डॉ. जीएस.झा समेत, साईंस डीन डॉ. कुनुल कुंदिर समेत कई विभागों के हेड, डीन एवं प्राध्यापक एवं सैकड़ो छात्र उपस्थित थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। स्थानीय को आरक्षण हेतु हेमन्त सरकार की भेदभावपूर्ण नीति के विरुद्ध पिछड़ी जाति वर्ग संघर्ष समिति के आहवाहन पर राज्य के सात जिलों में आज बुलायी गयी बंद को शत प्रतिशत समर्थन प्राप्त हुआ एवं बंद सफल रही। लोहरदगा ज़िला में आज सुबह सात बजे से ही पिछड़ी जाति वर्ग समिति के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता द्वारा बाजार में घूम घूमकर व्यवसायियों से निवेदन कर पूरा ज़िला में बंद को सफल बनाने हेतु व्यवसायियों से समर्थन मांगा गया, जिस कारण सभी के सहयोग से आज का बंद शत प्रतिशत सफल रहा। बंद की सफलता का शुभ संकेत यह भी रहा कि पिछड़ी जाति वर्ग के लोग एकजुट तो हो ही रहे हैं साथ ही साथ आंदोलित भी हैं। सरकार द्वारा पिछड़ी जाति को दिए जानेवाला 27% आरक्षण को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, चाईबासा, दुमका में रह रहे पिछड़ी जातियों को भी देने का काम जल्द से जल्द करना चाहिए तथा इसको लागू करने हेतु सकरात्मक कदम भी उठाये। अन्यथा आगे की रणनीति में झारखण्ड राज्य के सम्पूर्ण व्यवसाय व आवागमन ठप करने के साथ साथ इससे भी कड़ा आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने को मजबूर होगी। जिसका सम्पूर्ण जवाबदेही राज्य सरकार की होगा। ज्ञात हो कि झारखण्ड सरकार द्वारा गजट जारी कर राज्य के 17 जिलों में रह रहे स्थानीयों को वर्गीकृत कर आरक्षण दिया गया है, जिसमे पिछड़ी जाति भी शामिल है।परन्तु बाकि बचे सात जिलों में रह रहे आदिवसी, हरिजन व जनरल वर्ग के लोगो को आरक्षण तो दिया गया परन्तु पिछडों के आरक्षण को शून्य कर दिया गया, जो सरकार की भेदभावपूर्ण नीति को दर्शाता है। अतः झारखण्ड सरकार को आज के बंद से यह संकेत दिया गया कि हम पिछड़ी जाति वर्ग विशेष की लोग अपने साथ हुए अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा अन्याय खिलाफ पूरी ताकत से आवाज़ उठायेंगे। आज के बंद को सफल बनाने में पिछड़ी जाति वर्ग संघर्ष समिति लोहरदगा जिलाध्यक्ष रितेश कुमार, कोषाध्यक्ष अजय कुमार पंकज, महासचिव मनोज साहू, प्रवक्ता रोहित साहू, उपाध्यक्ष दीपक साहू, बजरंग साहू, केंद्रीय कार्यकरिणी के राजकिशोर महतो, संदीप कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता मन्ना सक्रिय सदस्य विनोद साहू, राजकुमार साहू, अभय महतो, बाल्मीकि कुमार इत्यादि सदस्य शामिल रहें।
टीम एबीएन, कैरो (लोहरदगा)। लोहरदगा कैरो थाना क्षेत्र के गुड़ी फुदकी टोली में एक महिला की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गयी। गांव के हेम्बा उरांव की 30 वर्षीय पत्नी फुलमंती उरांव की मौत शुक्रवार को बज्रपात की चपेट में आने से हो गयी।अपराह्न चार बजे फुलमंती अपने घर के पीछे बारी में पेड़ के नीचे पुआल गांज के पास खड़ी थी। अचानक तेज हवा के साथ बारिश होने लगी, इसी बीच तेज गरज के साथ वज्रपात होने से फुलमंती की मौत हो गयी। फुलमंती के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। घटना की सूचना पाकर कैरो थाना एसआई ऋषिकांत कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पोस्मार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से गांव में मातम छा गया है।
टीम एबीएन, लातेहार। जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में बीती रात नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान सड़क निर्माण कार्य में लगे एक पोकलेन और कई ट्रैक्टरों को जला दिया है। घटना महुआडांड़ थाना क्षेत्र के चटकपुर सरनाडीह गांव के पास की है। फिलहाल पुलिस घटनास्थल की ओर रवाना हो गयी है। जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात हथियारबंद नक्सली सड़क निर्माण स्थल के साइडिंग पर पहुंचे। इस दौरान नक्सलियों ने वहां उपस्थित मजदूरों को एक तरफ हटाते हुए साइडिंग में खड़े ट्रैक्टर और पोकलेन को जला दिया। नक्सलियों ने इस दौरान उपस्थित मजदूरों को कहा कि बिना संगठन के आदेश के काम आरम्भ नहीं करें नहीं तो परिणाम गंभीर भुगतना पड़ेगा। लगभग एक घंटा तक उत्पात मचाने के बाद नक्सली वहां से चलते बने। बताया जाता है कि नक्सलियों ने इस दौरान साइडिंग में खड़े चार ट्रैक्टर और एक पोकलेन को जला दिया है।
टीम एबीएन, कोडरमा। शिक्षाविद प्रोफेसर केपी शर्मा की माता सीता देवी के श्राद्ध कर्म में शुक्रवार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी स्थानीय विधायक नीरज यादव, बरही के पूर्व विधायक मनोज यादव, बरकट्ठा के पूर्व विधायक जानकी यादव, रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी, पूर्व आई जी लक्ष्मण सिंह समेत दर्जनों प्रदेश स्तर के नेता व स्थानीय समाजसेवी समेत दर्जनों मौजूद थे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अलार्म जी से एक अनौपचारिक वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में अफसरशाही व्याप्त है आपसे निरंकुश हो गये हैं वहीं बिजली प्रबंधन पूरी तरह फेल हो गयी है पूरे प्रदेश में ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।सचिव विदेश भ्रमण पर चले गये हैं जो दुखद है वहीं उन्होंने कहा पूरे प्रदेश में भूमि घोटाला भू माफियाओं की मनमानी चरम पर है यदि सरकार नहीं चेती तो बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाया जायेगा। वहीं उन्होंने ढिबरा उत्खनन के लिए ढील देने की भी बात कही। उल्लेखनीय हो कि सीता देवी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सैकड़ों आंदोलनकारियों को डोमचांच महथाडीह स्थित अपने आवास में गुप्त प्रवास दी थीं। वहीं इनके पति स्वर्गीय श्रीपति शरण सिंह राजेंद्र प्रसाद, विनोवा भावे सरीखे आंदोलनकारियों के आंदोलन की रूप रेखा तथा उनके लिए संसाधन मुहैया कराने के लिए प्रसिद्ध थे। मौके पर रमेश सिंह, नितेश चंद्रवंशी, रमेश हर्ष धर, दिगंबर पांडेय, शांति प्रिया, देवेंद्र मेहता, शिव लाल सिंह बसंत मेहता, प्रोफेसर हिमांशु कुमार, बेदू साव, अंगलाल राम, विजय राम आदि मौजूद थे।
टीम एबीएन, कोडरमा। कोडरमा डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन एवं फोकस एंड फेथ आर्चरी ट्रेनिंग सेंटर द्वारा दिनांक 26 मई से 10 जून 2023 तक झुमरी तिलैया के सैक्रेड हार्ट स्कूल मैदान में तीरंदाजी समर कैंप का आयोजन किया गया, जिसका उद्धघाटन संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा फीता काट कर और बच्चों का स्वागत कर के किया गया। इस कैंप में नेता जी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स पटियाला से एन आई एस क्वालिफाइड कोच विशाल सिंह प्रतिभागी बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस आयोजन में 8 वर्ष से 15 वर्ष तक के कुल 23 बच्चों ने भाग लिया है। इस आयोजन में प्रतिभागी बच्चों को तीरंदाजी प्रशिक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण, शारीरिक ताकत बढ़ाना, मानसिक तनाव दूर करने हेतु मानसिक नियंत्रण योग, नेतृत्व प्रशिक्षण, खेल कोटा तैयारी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि के लिए कई अन्य गतिविधियां करवायी गयी।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। आत्मा पलामू की ओर से आज पिपरा प्रखंड के एग्रीक सेंटर में गोबर्धन योजना को लेकर किसान गोष्ठी-सह-जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक संजय कुमार ने पशुपालकों एवं अन्य किसानों, किसान मित्रों को गोबर्धन योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गोबर के प्रबंधन और बायोगैस बनाने की योजना है। गोबर्धन योजना स्वच्छ भारत अभियान का एक हिस्सा है। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जिससे किसानों को वर्मी कंपोस्ट बनाने में कोई कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पलामू जिला में 114 केंचुआ खाद यूनिट बनाने का लक्ष्य दिया है। किसानों से गोबर खरीदकर उससे बायोगैस, बायो सीएनजी बनाकर गांव के प्रत्येक घर एवं किसानों तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में संतोष कुमार गुलशन, कृष्णकांत सिंह, सुमंत सिंह, प्रभु यादव, लाल बहादुर सिंह, राकेश सिंह, मिथिलेश सिंह, भोला सिंह आदि किसान एवं किसान मित्र सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, बाघमारा/ धनबाद। भोजपुरी जगत के सुपर स्टार राकेश मिश्रा श्री रामराज्य मंदिर चिटाही धाम दर्शन करने पहुंचे। जहां बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो ने सम्मान के साथ उनका भव्य स्वागत किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मंदिर के दिव्य स्वरूप में विराजमान देवी-देवताओं को देखकर प्रफुल्लित हुए और मंदिर की भव्यता-सुंदरता को देख भाव विभोर हुए।
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