एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। दुमका-भागलपुर मार्ग के दुधानी चौक पर शुक्रवार देर रात एक पुआल लदे ट्रक में आग लग गई। देखते-देखते पूरा ट्रक और उसमें लोड पुआल धू-धूकर जल उठा। आसपास के सैकड़ों लोग जमा हो गये पर आग की लपटें इतनी ज्यादा थी कि कोई नजदीक जाकर आग बुझाने की कोशिश भी नहीं कर सका।आग लगने की यह घटना इतनी विकराल थी कि लगभग दो घंटे तक सड़क पर आवागमन ठप हो रहा। आग की चपेट में आने के डर से गुजरने वाले लोगों ने अपनी गाड़ी साइड में खड़ी कर दी। वहीं आग की ऊंची लपटों ने बिजली की तार को भी अपने चपेट में ले लिया, जिससे एहतिहात के तौर पर दुधानी क्षेत्र की बिजली काट दी गयी।ट्रक में आग लगा देख लोगों ने फायर स्टेशन को खबर की, जिसके बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची पर तब तक ट्रक और उस पर लोड सारा पुआल जलकर राख हो चुका था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का अनुमान है कि ट्रक में पुआल काफी ऊंचाई तक लोड किया गया था। वहीं पुआल बिजली की तार की चपेट में आ गया होगा, जिससे यह घटना घटी। उल्लेखनीय है कि दुमका में 12 घंटे के अंतराल में आग लगने की यह दूसरी घटना घटी। शुक्रवार को दोपहर बाद स्थानीय बस पड़ाव में खड़ी एक बस में भी आग लग गयी थी, जिसमें बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गयी। उसमें भी आग लगने के कारणों की अभी जांच ही हो रही है।
टीम एबीएन, रांची। आजसू पार्टी का धनबाद के बैंक मोड़ स्थित कच्छ गुर्जर धर्मशाला में (शनिवार) आज होने वाला मिलन समारोह स्थगित कर दिया गया है। मिलन समारोह में धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) के पूर्व महासचिव विनय सिंह अपने समर्थकों के साथ आजसू पार्टी में शामिल होना था। इसी बीच आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने शनिवार को कहा कि अपरिहार्य कारणों से धनबाद में आयोजित मिलन समारोह अगली तिथि तक के लिए स्थगित की जाती है।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन के आवास का शनिवार को घेराव करने की मिली सूचना पर रांची पुलिस अलर्ट मोड में आ गयी है। रांची में धारा 144 लागू कर दी गयी। वहीं सीएम आवास और सीएम सचिवालय, कांके रोड के 200 मीटर की परिधि में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि पर पाबंदी लगा दी गयी है। इस संबंध में रांची डीसी राहुल कुमार सिन्हा और एसएसपी किशोर कौशल ने साझा आदेश शुक्रवार की रात जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के विधायक स्टीफन मरांडी की ओडिशा में अचानक तबीयत बिगड़ गयी। उन्हें गंभीर हालत में बलांगीर के भीम भोई मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें संबलपुर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन यात्रा के दौरान वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गये, जिसके बाद उन्हें बलांगीर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक स्टीफन मरांडी ट्रेन से वेल्लोर से झारखंड आ रहे थे। तभी उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गयी, जिसके बाद उन्हें बलांगीर रेलवे स्टेशन पर उतारना पड़ा। जहां से उन्हें एंबुलेंस द्वारा बलांगीर के भीम भोई मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। एक विशेष चिकित्सा दल ने उनका वहां इलाज शुरू किया। जहां, उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार कम हो रहा था, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए संबलपुर के बुर्ला अस्पताल में रेफर कर दिया गया।इस दौरान बलांगीर जिलाधिकारी लंबोदर धरूआ और बलांगीर के अतिरिक्त एसपी स्वयं निगरानी में वहां मौजूद थे। पुलिस खुद एक विशेष मेडिकल टीम के साथ स्टीफन मरांडी को एंबुलेंस से बुर्ला अस्पताल ले गयी। इस मामले पर अभी तक ना तो प्रशासन और ना ही चिकित्सा अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया दी है। मालूम हो कि उनकी तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है। विधायक स्टीफन मरांडी के साथ उनकी एक बेटी भी मौजूद है। स्टीफन मरांडी झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे झारखंड के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता हैं।
टीम एबीएन, रांची। वरिष्ठ झामुमो नेता व महेशपुर (पाकुड़) से विधायक स्टीफन मरांडी की तबीयत बिगड़ गयी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक उनका इलाज संबलपुर (ओडिशा) के बुर्ला अस्पताल में चल रहा है।ट्रेन द्वारा वेल्लोर से झारखंड आते समय उनकी तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें बलांगीर रेलवे स्टेशन पर उतारना पड़ा। जहां से उन्हें एंबुलेंस द्वारा बलांगीर के भीम भोई मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें संबलपुर रेफर किया गया।झारखंड के उप-मुख्यमंत्री भी रह चुके स्टीफन मरांडी के साथ उनकी एक बेटी भी मौजूद है। बलांगीर के जिलाधिकारी लंबोदर धरूआ और बलांगीर के अतिरिक्त एसपी उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
आक्रोशित होकर किया प्रदर्शनटीम एबीएन, रांची। झारखंड में बिजली और पानी की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम ये है कि अब परेशान होकर लोग प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गये हैं। सुखदेव नगर थाना के नगर निगम फ्लैट के लोग खाली बाल्टी और बर्तन के साथ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। ये लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हालात ये हो गये हैं कि इस भीषण गर्मी में लोगों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक लोग पानी की सप्लाई का इंतजार करते हैं, लेकिन जो पानी आता है वो भी गंदा पानी होता है। इसी से परेशान होकर अब लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।भीषण गर्मी में नहीं मिल रहा पीने का पानीरांची में पानी की समस्या नई नहीं है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद के लिए त्राहिमाम हो रहा है। पानी की चरमरायी व्यवस्था के खिलाफ अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सुखदेव नगर थाना इलाके के स्थानीय लोगों ने हाथों में बर्तन और बाल्टी लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। दरअसल यहां पानी की ऐसी समस्या है कि पीने के लिए भी बामुश्किल पानी का इंतजाम हो पाता है। पानी की किल्लत से लोग बीमार पड़ने लगे हैं, जो पानी मिल रहा है वो इतना गंदा है कि उससे कपड़े धोने में भी इस्तेमाल नहीं कर सकते। बावजूद लोगों की मजबूरी ऐसी है कि लोग इसी गंदे पानी के सहारे गुजारा कर रहे हैं। इसी को लेकर आक्रोशित लोगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जल्द से जल्द समस्या खत्म करने की मांग की है।बिजली कटौती भी बड़ी मुसीबतहालांकि यहां समस्या सिर्फ पानी की ही नहीं है इलाके में बिजली कटौती भी बड़ी मुसीबत है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक की अनदेखी और लापरवाही का दंश आम लोग झेलने को मजबूर हैं। यही वजह है कि अब प्रदर्शन के जरिये लोग अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उनकी मांग पर सुनवाई होती है या नहीं, ये तो वक्त ही बतायेगा।
टीम एबीएन, रांची। नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मध्य नजर आयुष विभाग का सात दिवसीय योग काउंट डाउन कार्यक्रम के दूसरे दिन के पहले सत्र में सुबह छह बजे से जिसमें आयुष मंत्रालय द्वारा जारी योगा प्रोटोकोल के अनुसार आसन, प्राणायाम, शिथिलीकरण और ध्यान कराया गया। इस सत्र में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन योग शिक्षिका शालिनी कुमार ने किया। आज के दूसरे सत्र में महिलाओं और पुरुषों के योगासन की योगासन प्रतियोगिता हुई जो तीन ग्रुप में विभाजित थे।स्पेशल सीनियर ग्रुप 40 साल से ऊपरसुपर सीनियर ग्रुप - 25 साल से 40 सालसीनियर ग्रुप - 15 से 25 सालसभी को पांच तरह के आसन करने थे जिनमेंआगे झुकने वाले आसन, पीछे झुकने वाले आसन, स्ट्रेचिंग, ट्विस्टिंग और संतुलन वाले आसन पुरुषों, महिलाओं और बच्चो की प्रतियोगिताएं अलग-अलग हुई। जिसमें लगभग 60 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में डॉ. शाहीन अख्तर, डॉ. रशीदा हुसैन, डॉ सरिता, डॉ जाहिद अनवर, पी. एन सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभायी। कार्यक्रम का संचालन राज्य योग केंद्र की योग प्रशिक्षिका डॉ अर्चना कुमारी ने किया।आज का कार्यक्रम निदेशालय आयुष निदेशालय के निदेशक डॉ फैजलुस शमी, राज्ययोग केंद्र के प्रभारी डॉ मुकुल कुमार दीक्षित की उपस्थिति में हुआ। इसके अलावा राहुल कुमार (नोडल ऑफिसर, एन ए एम), दिवाकर चंद्र झा (नोडल ऑफिसर, एच डब्ल्यू सी) एस पी एम (एन ए एम), अलतमश (सहायक, निदेशालय) उपस्थित थे।आज की प्रतियोगिता के पुरस्कारों का वितरण 20 जून को राज्ययोग केंद्र में होगा।17 जून 2023 का कार्यक्रम इस प्रकार है।सुबह 6 बजे से 8 बजे तक अंतरराष्ट्रीय योगा प्रोटोकोल का अभ्यासशाम 4 बजे से 6 बजे तक योगासन प्रतियोगिता (जूनियर )
टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव में आज मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड का खिताब जीतने वाली डॉ अपराजिता सिन्हा को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य श्री एमके सिन्हा ने बच्चों को डॉ अपराजिता सिन्हा को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि डीएवी संस्कार युक्त शिक्षा देने को प्रतिबद्ध है और यह डीएवी के संस्कारों का ही फल है कि डॉ अपराजिता सिन्हा ने संस्कार से संबंधित प्रश्न के उत्तर अच्छे से दिए और मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड का खिताब जीता। मौके पर बोलते हुए डॉ अपराजिता सिन्हा ने कहा कि वे इस विद्यालय के छात्र रही हैं। वह आज बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं क्योंकि जिस मंच पर उन्होंने कभी नृत्य किया था और डिबेट में भाग लिया था। आज वहीं उन्हें सम्मानित किया जा रहा है और वह भी उन्हीं शिक्षकों के द्वारा जिन से उन्होंने पढ़ा है। उन्होंने सभा में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का जीवन बड़ा कठिन हो गया है। प्रतियोगिता हर जगह है इसलिए अपने आप को सकारात्मक बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन मेहनत से ही सफलता मिल सकती है और सपने सच हो सकते हैं। मिस इंडिया वर्ल्ड वाइड ने कहा कि हमें अपने कर्म करते जाना चाहिए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। लेकिन प्रयास पूरा होना चाहिए अपने आप को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए।जैसा कि आपको मालूम है कि 4 दिन पूर्व दुबई में आयोजित एक समारोह में डॉ अपराजिता सिन्हा को मिस इंडिया वर्ल्ड वाइड घोषित किया गया।मौके पर डॉ अपराजिता सिन्हा के पति डॉ अनिरुद्ध, उनके पिता दीपक सिन्हा को भी शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिकाएं तथा वर्ग 9, 10 और 12 के छात्र-छात्राएं इस मौके पर मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
संदिग्ध लोगों ने पुल निर्माण में लगे ट्रैक्टर और बाइक में लगा दी आग, छानबीन में जुटी पुलिसएबीएन न्यूज़ नेटवर्क, पलामू। संदिग्ध लोगों ने एक नक्सल संगठन के नाम पर पुल निर्माण में लगे ट्रैक्टर और बाइक को फूंक दिया है। आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले लोगों के पास सिर्फ एक पिस्टल था। आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले लोगों ने मौके पर एक पर्चा भी छोड़ा है और लेवी के लिए धमकी दी है।बता दें कि यह घटना पलामू के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के खूंटिसोत नदी की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीपीओ सुरजीत कुमार, बिश्रामपुर थाना प्रभारी शशि रंजन समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गये और मामले की छानबीन कर रहे हैं। घटना के पीछे नक्सली संगठन टीएसपीसी का हाथ है या नहीं इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। मौके से बरामद हुआ पर्चा भी संदिग्ध है।दरसअल पलामू के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के खूंटिसोत नदी में पुल का निर्माण मां छिन्मस्तिका कंपनी द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार के सुबह आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध लोग मौके पर पंहुचे थे। संदिग्ध लोगों ने मौके पर मजदूरों से मोबाइल छीन लिया और उनके साथ हल्का बल प्रयोग भी किया है। मोबाइल छीनने के बाद उनलोगों ने आगजनी की घटना अंजाम दे दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी फरार हो गये। संदिग्ध लोगों के पास सिर्फ एक पिस्टल था। पुल निर्माण में लगी कंपनी को लेवी के लिए कोई कॉल नहीं गया था। एसडीपीओ सुरजीत कुमार ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के पीछे शरारती तत्वों का हाथ है। पुलिस मामले की अनुसंधान कर रही है। इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। घटना के पीछे नक्सल हैं या नहीं इसकी जांच की जा रही है। खूंटिसोत में पिछले कई महीनों से पुल का निर्माण किया जा रहा है, तीन महीने से ठेकदार को कोई भी कॉल नहीं गया था। आशंका जतायी जा रही है कि लेवी के लिए घटना को अंजाम दिया गया है।
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