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तीनपहाड़-साहेबगंज में शीघ्र रेल ओवरब्रिज का हो निर्माण : अनंत ओझा
Published / 2021-03-17 12:18:04
तीनपहाड़-साहेबगंज में शीघ्र रेल ओवरब्रिज का हो निर्माण : अनंत ओझा

साहेबगंज । झारखंड विधानसभा में बुधवार को राजमहल विधायक अनंत ओझा ने ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से रेल ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने का मामला उठाया। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से सवाल किया कि तीनपहाड़-धमधमिया के मध्य एलसी नंबर 47(c) पर रोड ओवरब्रिज के निर्माण कार्यहेतु 93 करोड़ 94 लाख 54 हजार 204 रुपये की प्रशानिक स्वीकृति पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दी गयी थी। इसके उत्तर में सरकार ने स्वीकार किया कि प्रथम चरण में परियोजना अंतर्गत भू अर्जन हेतु जिला भूअर्जन पदाधिकारी साहेबगंज को राशि उपलब्ध करायी जा चुकी हैं एवं 45 प्रतिशत रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका हैं। रेलवे में लागू नियम अनुसार भूमि हस्तांतरण के पश्चात ही रेलवे द्वारा की जाती हैं। भू अधिग्रहण के पूरा होते ही अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने साहेबगंज पश्चमी फाटक के ओवरब्रिज एलसी नंबर-82बी/टी ओवरब्रिज का अभीतक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर उन्होंने सरकार से बताया कि साहेबगंज पश्चमी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की योजना के निमित्त Combind GAD की स्वीकृति रेलवे द्वारा प्रदान की जा चुकी हैं। इसके आलोक में पथ निर्माण विभाग झारखंड सरकार द्वारा डीपीआर तैयार कर रेलवे मुख्यालय को भेजा जा चुका हैं। विधायक ने सरकार से कहा कि पूर्वी फाटक के ओवरब्रिज निर्माण पर रेलवे के साथ 50:50 सहमति के बाद कि प्रक्रिया नहीं बन पायी हैं। जिसके उत्तर में सरकार ने कहा कि एलसी नंबर 56 टी पर ओवरब्रिज निर्माण हेतु मार्ग रेखांकित का चयन 19 फरवरी 2021को रेल तथा पीडब्ल्यूडी के संयुक्त निरिक्षण के उपरांत पूरा कर लिया गया हैं। वर्तमान में एनएच 80 पर यह ओवरब्रिज स्थित हैं। पीडब्ल्यूडी में एनएचएआई से स्थानांतरित होते ही इस दिशा में अग्रतर करवाई की जाएगी।

रसदार फलों की खेती से पलामू बनेगा दूसरा नागपुर : आयुक्त
Published / 2021-03-17 12:12:57
रसदार फलों की खेती से पलामू बनेगा दूसरा नागपुर : आयुक्त

मेदिनीनगर । क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चियांकी में कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग के द्वारा पलामू में नींबू वर्गीय फलों की खेती की संभावनाएं पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उदघाटन प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी, पलामू उपायुक्त शशिरंजन व अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ डीएन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त श्री चौधरी ने कहा कि हॉर्टिकल्चर के लिए किसान स्वयं आगे आएं, सरकार हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। पलामू प्रमण्डल के किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए साइट्रस फ्रूट पर विशेष तौर पर ध्यान दें। मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी, अनुसन्धान केंद्र के वैज्ञानिक सहित, उप निदेशक जन सम्पर्क पलामू प्रमण्डल, प्रमण्डल के तीनों जिले के उद्यान मित्र तथा किसान मौजूद थे। सेमिनार में आयुक्त ने कहा कि क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी की शुरूआत साइट्रस फ्रूट के विकास के लिए ही किया गया था। उन्होंने कहा कि अगर पलामू प्रमण्डल के किसान बड़े पैमाने में नींबू वर्गीय फलों की खेती करते हैं तो पलामू को साइरस फ्रूट का हब बनेगा। इसके लिए किसानों को आगे आना होगा और पलामू की धरती पर नींबू वर्गीय फलों को उगाना होगा। पलामू में कीनू के बागान को अगर प्रोत्साहित किया जाए तो पलामू भारत में कीनू उत्पादन में राजस्थान के गंगानगर के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा और किसानों की आर्थिक दशा में काफी सुधार आएगा। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि अगर पलामू में संतरा की खेती को बढ़ावा दिया जाए तो पलामू भारत का दूसरा नागपुर बन सकता है। उपायुक्त शशि रंजन ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पलामू के किसानों की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए वर्तमान सरकार व जिला प्रशासन कटिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे बड़े पैमाने में नींबू वर्गीय फलों की खेती करें। उपायुक्त ने बताया कि पलामू में पारंपरिक खेती के अलावा नकदी फसल को तैयार करने की। जिला प्रशासन यहां के किसानों को माइक्रो इरिगेशन तथा टपक सिंचाई के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। आने वाले समय में हमारे किसान उन्नत कृषि की ओर अग्रसर होंगे। सेमिनार में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉक्टर डी एन सिंह ने क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पलामू का वातावरण इन फसलों के लिए काफी अनुकूल है यहां के संतरे एवं कीनू की क्वालिटी काफी अच्छी होती है। सेमिनार के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने सेमिनार में मौजूद उद्यान मित्रों तथा किसानों को निम्बू वर्गीय फलों की खेती के बारे में विस्तार से बताया।

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