टीम एबीएन, रांची। सोमवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर धुर्वा के केशव सभागार में शिशु विकास मंदिर समिति झारखंड धुर्वा रांची द्वारा आयोजित अरुणोदय पत्रिका लोकार्पण सह आचार्य सम्मान समारोह- 2023 हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि आदित्य प्रसाद साहू, सांसद राज्यसभा, झारखंड ने दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया। मुख्य एवं अन्य मंचासीन अतिथियों का परिचय विद्यालय प्रबंधन के मंत्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने कराया। उन्होंने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरुणोदय पत्रिका एवं आचार्य सम्मान समारोह होता आ रहा है। आज का कार्यक्रम इसी की एक कड़ी है। सन 1969 में 10 विद्यार्थी से शुरू हुआ यह विद्यालय आज 2500 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। विद्यालय मध्यम स्तर के बच्चों का नामांकन लेकर उन्हें उत्कृष्ट अंक दिलाने वाले भैया बहनों के आचार्यों का सम्मान गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करता रहा है। मौके पर विद्यालय की वार्षिक पत्रिका अरुणोदय एकादश सर्ग का लोकार्पण माननीय मुख्य अतिथि एवं अन्य मंचासीन अतिथियों ने किया। पत्रिका की संपादक बहन रिया कक्षा द्वादश ने अपने उद्बोधन में कहा कि अरुणोदय पत्रिका का एकादश सर्ग विद्यालय के भैया-बहनों की रचनात्मकता की प्रस्तुति है। उन्होंने एकादश सर्ग को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि पत्रिका में कविताएं, कहानियां, लेख एवं चित्र भविष्य का चित्रण करते हुए मिलेगा। पत्रिका भारत के स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड का योगदान पर आधारित है। इस पत्रिका में झारखंड के वीर सपूतों की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका के दर्शन होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि पत्रिका भैया-बहनों में देश प्रेम का भाव जगाने में सक्षम होगी। आचार्य सम्मान समारोह का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य डॉ संध्या सिंह एवं वरिष्ठ आचार्य रामदेव कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, अभय कुमार सिंह को अतिथि ने अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।मौके पर एकल गीत विद्यालय के आचार्य राजेश पाठक ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन पवन कुमार सिंह ने किया। शिशु विकास मंदिर समिति के अध्यक्ष शक्तिनाथ लाल दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु दो अक्षर गु और रु के योग से बना है। गु का अर्थ होता है अंधकार और रु का अर्थ होता है दूर करने वाला। गुरु हमें अंधकार से दूर करने का कार्य करता है। गुरु की महिमा अपरंपार है।संस्कारयुक्त शिक्षा गुरुकुल के रूप में आज भी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के विद्यालयों में जीवित है, जहां ज्ञान दिया जा रहा है। गुरु शिक्षा का दान करते हैं। जब भी मार्ग में अंधेरा प्रतीत होता है तब गुरु की आवश्यकता होती है। बच्चे देश राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित हो ऐसी अपेक्षा है। मुख्य अतिथि आदित्य प्रसाद साहू ने कहा कि यह देश महापुरुषों और साधु-संतों का देश है। देश में गुरु शिष्य की परंपरा रही है गुरु को ईश्वर का दर्जा मिला हुआ है। प्रथम गुरु माता-पिता हैं। माता की गोद प्रथम पाठशाला है। गुरु बालक को शिक्षित कर वटवृक्ष के रूप में तैयार करते हैं। संस्कारयुक्त समाज एवं देश के निर्माण में गुरु की महती भूमिका होती है। इस विद्यालय से जो बच्चे अध्ययन कर निकलते हैं वह देश एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित होते हैं। अन्य विद्यालयों के बच्चे में इसका अभाव दिखता है। यदि आज झारखंड के प्रशासनिक अधिकारी इस विद्यालय से रहे होते तो झारखंड की इतनी बदनामी नहीं होती। मौके पर उन्होंने विद्यालय के चहुंमुखी विकास हेतु हरसंभव मदद की पेशकश की।आचार्य सम्मान समारोह के इस कार्यक्रम में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर धुर्वा एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर निपट के आचार्य बंधु-भगिनी को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन शिशु विकास मंदिर समिति के माननीय सह मंत्री डॉ धनेश्वर महतो ने किया।कार्यक्रम में रामकुमार पाहन, पूर्व विधायक, खिचरी विधानसभा, शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड) धुर्वा के संरक्षक पवन मंत्री, कोषाध्यक्ष एस वेंकट रमन, महावीर सिंह, लाल अशोक नाथ शाहदेव, बलराम उपाध्याय, डॉ सुचिता रानी, आशीष नाथ शाहदेव, नागेंद्र श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ संध्या सिंह, उप प्राचार्य ललन कुमार मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 03/07/23 को स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर एक संगोष्ठी आयोजित की गयी। जिसमें प्रो अर्चना कुमारी दुबे (मानविकी संकाय प्रमुख तथा अध्यक्ष संस्कृत विभाग) ने दीप प्रज्ज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया।गुरु की महत्ता को व्यास के जन्मदिन से जोड़ते हुए सारगर्भित शब्दों में छात्रों के निरंतर उन्नति का संदेश दिया। विभाग के अन्य प्राध्यापकों ने भी अपने मधुर एवं ज्ञानवर्धक सुवचन से छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किये।डॉ मधुलिका वर्मा ने कहा शिष्यों में भी देवत्व होता है। डॉ उषा टोप्पो, डॉ प्रकाश सिंह, डॉ भारती द्विवेदी, डॉ घोषाल, डॉ राहुल कुमार, डॉ जगदंबा प्रसाद सभा में उपस्थित हुए। शोधार्थियों में धर्मवीर आर्य, जगन्मय विश्वास, मुरारी मंडल, कोयल दास तथा चतुर्थ समसत्र एवं द्वितीय समसत्र के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभा का संचालन स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के द्वितीय समसत्र के विद्यार्थी करिश्मा तथा रंजीत ने किया। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। नेहा कुमारी ने बहुत ही सुंदर नृत्य तथा रत्नप्रिया ने सुंदर गीत प्रस्तुति की।
टीम एबीएन, कोडरमा। झुमरी तिलैया स्थित गुमो में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण कार्य को लेकर एसडीओ संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुआ। बैठक में अंचल अधिकारी कोडरमा, विद्यालय के प्राचार्य, अंचल निरीक्षक, भवन निर्माण करने वाले संवेदक शामिल हुए। बैठक में सबसे पहले विद्यालय के निर्माण कार्य से संबंधित सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। एसडीएम मीना ने विद्यालय के निर्माण करने वाले संवेदक से कहा कि विद्यालय का सबसे पहले बाउंड्री वॉल का निर्माण करें और निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का बाधा या समस्या उत्पन्न होती है तो इसकी सूचना तुरंत दें। निर्माण कार्य हेतु मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों की तैनाती की जायेगी ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह का बाधा न हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी और संवेदक आपस मे बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालय का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करें। बैठक मेें अंचल अधिकारी कोडरमा अनिल कुमार, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी, अमीन व संवेदक मौजूद रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। उसरी नदी की तेज बहाव में तीन युवक बह गये। तीन में से एक युवक तैर कर बाहर निकल आया लेकिन दो युवक लापता हैं। यह घटना गिरिडीह शहर के बरगंडा के पुराने पुल (निर्माणाधीन) के समीप की है। घटना के बाद से इलाके में अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न है।बताया जाता है कि रविवार की रात को हजारीबाग के तीन युवक आनंद चौरसिया, मनीष मेहता व शंकर कुमार मेहता बेंगाबाद से वापस अपने घर की और लौट रहे थे। तीनों बाइक पर सवार थे और गूगल मैप का सहारा लेकर चल रहे थे। गिरिडीह कॉलेज के बाद मैप ने दो रास्ता दिखाया तो ये लोग पुराने पुल की तरफ आ गये, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है।यहां आते ही तीनों को रास्ता नहीं दिखाऐसे में सबसे पहले शंकर बाइक से उतर कर नदी की धार को नापने की कोशिश करने लगा और इसी क्रम में वह बह गया। शंकर को बहता देख उसके दोनों साथी आनंद और मनीष भी नदी में उतर गये। दोनों शंकर को खोजने लगे लेकिन तेज धार ने इन दोनों को भी बहाना शुरू कर दिया। शंकर तो तैर कर बाहर निकल गया लेकिन मनीष तथा आनंद का कुछ भी पता नहीं चल सका। शंकर के मुताबिक जब वह पानी में गुम हो गया तो मनीष तथा आनंद ने एक बार खोज लिया। तीनों एक स्थान पर मिले भी लेकिन धार ने फिर से दोनों को बहा दिया। उसने अपने दोनों दोस्तों को काफी खोजा पर पता नहीं चला। वह तैर कर बाहर निकलने में कामयाब रहा।
बेबी देवी बोलीं, पति के सपने को करूंगी पूराटीम एबीएन, रांची। झारखंड के दिवंगत शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी महतो सोमवार को हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली यूपीए गंठबंधन सरकार में मंत्री के तौर पर शपथ लेंगी। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के दरबार हाल में साढ़े बारह बजे होगा। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन सीएम हेमंत सोरेन और अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में बेबी देवी महतो को शपथ दिलायेंगे। राजभवन प्रवक्ता ने बताया कि शपथ ग्रहण का कार्यक्रम सोमवार को साढ़े बारह बजे होना है। शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद से हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट में मंत्री का एक पद खाली है। महतो के पास स्कूल शिक्षा के अलावा साक्षरता एवं आबकारी विभाग था। वहीं बेबी देवी ने कहा कि वह सरकार के साथ मिलकर अपने स्व पति जगरनाथ महतो के सपने को पूरा करेंगी। डुमरी सीट से लड़ेंगी चुनाव झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के अनुसार दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के स्थान पर पार्टी ने उनकी पत्नी बेबी देवी महतो को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके मंत्रिमंडल सहयोगी तथा पार्टी नेता राजभवन में उपस्थित रहेंगे। पार्टी नेता ने बताया कि बेबी देवी बाद में प्रदेश के डुमरी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव पार्टी के टिकट पर लड़ने की संभावना हैं। इस बीच, बता दें कि दिवंगत जगरनाथ महतो के निधन के बाद से झारखंड की डुमरी विधानसभा सीट खाली है। जगरनाथ महतो डुमरी विधानसभा क्षेत्र से लगातार झामुमो के चार बार विधायक रहे थे। 6 अप्रैल को उनका निधन हो गया था। तब से यह सीट रिक्त है। छह अक्तूबर से पहले उपचुनाव होना है। ऐसा माना जा रहा है कि बेबी देवी झामुमो उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगी। उनके सपने पूरे करूंगी स्वर्गीय जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ने कहा कि वो सरकार के साथ मिलकर अपने पति के सपने को पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन और सीएम हेमंत सोरेन का जो भी आदेश होगा वह उनका पालन करेंगी। साथ ही क्षेत्र की जनता की सेवा अपने पति के प्रतिनिधि के रूप में करेंगी। उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम करेंगी।
रजरप्पा मंदिर में पूजा करने जा रहे श्रद्धालुओं की बस पलटी, एक की मौत, 12 लोग घायल टीम एबीएन, हजारीबाग। झारखंड में हजारीबाग जिले के चौपारण के जीटी रोड के पिपरा के पास रविवार तड़के श्रद्धालुओं से भरी बस के पलट जाने से एक की मौत हो गयी, जबकि 12 लोग घायल हो गये। घायलों में तीन की हालत गंभीर है। बस में 30 श्रद्धालु सवार थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र अंतर्गत धामकपुर गांव से सभी श्रद्धालु बस में सवार रजरप्पा मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। इस बीच चौपारण के जीटी रोड के पिपरा के पास बस पलट गयी। हादसे में 20 वर्षीय सिकंदर कुमार की मौत हो गयी जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गये। घायलों में तीन लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। बस मालिक मंटू प्रसाद की बहन संजू देवी की हालत गंभीर बतायी जा रही है। उसे बरही अनुमंडलीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाने के बाद रांची रेफर किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के अरगोड़ा इलाके में मारपीट के एक मामले को मजहबी रंग देने की पूरी कोशिश की गई। हालांकि रांची पुलिस की सतर्कता की वजह से असामाजिक तत्वों का यह मंसूबा कामयाब नहीं हो पाया। मारपीट की घटना शनिवार देर रात की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अरगोड़ा इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित हरमू बाजार में शनिवार की रात आशीष स्टूडियो के संचालक की पार्क की गयी बाइक से एक स्कूटर सवार टकरा गया। टक्कर के बाद स्टूडियो के संचालक आशीष ने स्कूटी सवार युवक को बाइक की मरम्मत कराने या फिर हर्जाना देने को कहा। जिसके बाद बाइक सवार युवक ने कहा कि वह अपने घर से पैसे लेकर आ रहा है। लेकिन थोड़े ही देर बाद वह युवक 15 लोगों को अपने साथ लेकर आ गया और आशीष के साथ मारपीट करने लगा।आशीष के साथ मारपीट होता देख हरमू बाजार समिति के अध्यक्ष बलराम ओझा समेत कुछ लोग जाकर लड़ाई झगड़ा छुड़ाने की कोशिश करने लगे तो उनके साथ भी मारपीट कर दी गयी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन पुलिस को देखते ही उपद्रवी वहां से फरार हो गये।
टीम एबीएन, गुमला। जिले की रायडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर राजेश गोप उर्फ टाइगर के दस्ते के सक्रिय 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने तीन राइफल और 15 गोली भी बरामद किया है। एसडीपीओ विकास आनंद लंगुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। गिरफ्तार नक्सलियों पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन से भी अधिक मामले दर्ज हैं। एसडीपीओ विकास आनंद लंगुरी ने बताया कि शुक्रवार रात को गुप्त सूचना मिली थी कि रायडीह थाना क्षेत्र के बाघलता और डुमरघाटी के बीच बरटोली जाने वाले रास्ते के जंगल के पास हथियार से लैस कुछ लोग छिपे हुए हैं। सूचना थी कि वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गयी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक टीम का गठन किया गया। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए टीम बाघलता जंगल पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस को देख भागने लगे नक्सली छापेमारी करते हुए टीम आगे बढ़ी तो जंगल में कुछ लोगों की बात करने की आवाज सुनाई दी। तब टीम के सदस्य दो तरफ से घेराबंदी करते हुए आगे बढ़े। तभी पुलिस को आता देख तीन व्यक्ति भागने लगे। पुलिस की टीम ने खदेड़ कर तीनों को पकड़ लिया। उनके पास से 315 बोर का लोडेड दो देसी राइफल और 13 जिंदा कारतूस बरामद किया गया।वहीं पूछताछ करने पर गिरफ्तार व्यक्ति मंजित प्रधान उर्फ गुड्डू के घर से एक और 315 बोर का लोडेड देसी राइफल और दो गोली बरामद किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान अनिल उरांव उर्फ कुठू, मंजित प्रधान उर्फ गुड्डू और गुड्डू सिंह के रूप में हुई है। इसमें अनिल उरांव के खिलाफ आधा दर्जन से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। कड़ाई से पूछताछ पर गिरफ्तार लोगों ने बताया कि वे तीनों पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर राजेश गोप उर्फ टाइगर के दस्ते के सदस्य हैं और संगठन के लिए काम करते हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए सभी हथियार राजेश गोप ने उन्हें दिया था।
रेड करने खूंटी पहुंची रांची पुलिस के सामने आये ग्रामीण, डेढ़ घंटे तक बनाया बंधकटीम एबीएन, रांची। खूंटी थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरदगा गांव के ग्रामीणों ने देर शाम तक छापामारी करने आई रांची के नामकोम पुलिस को बंधक बना लिया था। फिर ग्रामीणों ने एकजुटता और घेराबंदी से न केवल दंपती को छुड़ाया बल्कि उसके मोबाइल को भी पुलिस से ले लिया। वहीं मौके पर कर्रा थाना व खूंटी पुलिस के पहल पर बंधक बने रांची पुलिस की छापेमारी टीम को मुक्त किया जा सका। वहीं तोरपा थाना के खूंटी जिले के रोडो में पुलिस को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद एक बार फिर से ग्रामीणों ने पुलिस टीम को डुमरदगा गांव में बंधक बना लिया। दरअसल शुक्रवार शाम करीब 5-6 बजे रांची जिले के नामकोम थाना के पुलिस टीम किसी मामले को लेकर छापेमारी करने खूंटी जिले के खूंटी थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरदगा पहुंची थी। जिस टीम में कई पुलिस कर्मी सिविल ड्रेस में थे और डुमरदागा गांव पहुंचकर एक घर में घुसकर कार्रवाई करते हुए उसके घर जाकर एक महिला से मोबाइल फोन छीन लिया। जिस बात से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और फिर यह सिलसिला करीब एक घंटे तक चला। वहीं इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान फगुआ मुंडा ने बताया कि पुलिस टीम बिना किसी सूचना के गांव पहुंची थी और जबरन एक घर में घुसकर महिला से मोबाइल छीना और दुर्व्यवहार किया। जिस बात की सूचना मिलते हीं ग्रामीण इकठ्ठा होने लगे। वही ग्रामीणों को इकठ्ठा होते देख पुलिस टीम वहां से भागने लगी, भागने के क्रम में एक दो पुलिस कर्मी गाड़ी में नहीं बैठ पाए और तभी ग्रामीणों ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया और गांव में आने का कारण पूछा, लेकिन पुलिस टीम ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिस बात से ग्रामीण और उग्र हो गये। ग्राम प्रधान फगुआ मुंडा ने आगे बताया की इतना कुछ होने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस टीम को ग्राम सभा स्थल पर जाने को कहा। जहां बैठकर बातचीत कर सकेंगे, लेकिन पुलिस टीम ने वहां जाने से मना कर दिया। वहीं इस घटना की जानकारी खूंटी पुलिस को मिली और जानकारी मिलते ही खूंटी थाना के पुलिस बल एवं कर्रा थाना की पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंची। जहां काफी समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और फिर ग्राम सभा के नियमानुसार ग्राम सभा बैठक पुस्तिका खाता में पुलिस टीम को गांव में आने का कारण लिखाकर व हस्ताक्षर कराकर नामकोम थाना के पुलिस टीम को बंधक से मुक्त कराया गया। इसके साथ हीं यह भी बता दें कि कुछ महीने पहले ही खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र के रोड़ो गांव में भी पुलिस टीम को बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई थी, जहां की तोरपा पुलिस एक अपराधी की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी करने पहुंची थी। जहां ग्रामीणों ने तोरपा थाना के पुलिस टीम को रातभर बंधक बनाये रखा था। अब फिर से कुछ ही महीने के भीतर यह घटना एक बार फिर से दोहराया गया, जहां डूमरदगा गांव में ग्रामीणों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया। हालांकि इस मामले को लेकर खूंटी पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि गलतफहमी के चलते कुछ इस प्रकार का मामला उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों के साथ आपस में बैठकर बातचीत किया गया और मामले को शांत कराया गया। कन्हैया मुण्डा ने बताया कि गांव के ग्राम प्रधान को बिना सूचना दिए हुए ही रांची के नामकोम पुलिस गांव की महिला का मोबाइल लेकर उसे ले जाना चाहती थी। जो कि गांव वालों को पता चलने पर उनसे कारण पुछा गया तो स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हम सभी यहां बैठक करके सभी निर्णय लेते हैं।
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