विशेषज्ञों की सलाह पाकर प्रशिक्षणार्थियों ने की बेहतर भविष्य की उम्मीदटीम एबीएन, रांची। बी आई टी लालपुर सेंटर के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी आई टी मेसरा के संकाय मामलों के डीन डॉ कुणाल मुखोपाध्याय ने इस आयोजन में शामिल होकर मुझे खुशी हुई इस तरह के शैक्षणिक आयोजन से बच्चों के ज्ञान और प्रगतिशील बनने की ताकत मिलती हैं।इस पूरे कार्यक्रम के आयोजन समिति की अध्यक्ष सह निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्य ने कहा की यह आयोजन प्रतिभागियों के भविष्य को और ऊर्जावान बनाने में सहायक होगा।इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में जिन विशेषज्ञ ने अपने सत्र में भाग लिया डॉ वंदना भट्टाचार्य, डॉ प्रणव कुमार डॉ सोमित्रो चक्रवर्ती डॉ प्रणव कुमार, डॉ महुवा बनर्जी, डॉ पार्थो, सारथी विष्णु अपने-अपने विषयों पर प्रकाश डाला।इस पूरे कार्यक्रम को संचालित करने में डॉ प्रदीप मुंडा, डॉ स्वाति मिंज डॉ अमृता सरकार, मनोज कुमार, सुबोजीत पॉल, शांतनु सिन्हा बासुदेव सिंह, आलोकित टोप्पो, आस्था कुमारी, इशिका सिंह, साईं अदिति वर्मा, सृष्टि आनंद ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सयोजक डॉ तन्मय कुमार बनर्जी ने किया।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 04/08/2023 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के सदस्य विश्वविद्यालय प्रभारी अभिषेक झा के नेतृत्व में महामहिम राजपाल महोदय को 7 अगस्त को प्रस्तावित सीनेट की बैठक छात्र संघ चुनाव के बाद कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा।मौके पर आजसू विश्वविद्यालय प्रभारी अभिषेक झा ने कहा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की समस्याओं एवं उनके हित की बात करने वाला एवं छात्र छात्राओं का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है।विश्वविद्यालय द्वारा सीनेट की बैठक आयोजित करना उचित नहीं है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन पहले छात्र संघ चुनाव करवाए ताकि सीनेट की बैठक में छात्र-छात्राओं का प्रतिनिधित्व करने वाला सीनेट की बैठक में छात्र-छात्राओं की समस्या को रखें एवं छात्र हित में बात हो सके।आगे अभिषेक झा ने कहा कि अखिल झारखंड छात्र संघ आजसू छात्र हित में मांग करती है कि छात्रसंघ चुनाव के बाद ही सीनेट की बैठक आयोजित की जाये अन्यथा अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) छात्र हित में सीनेट की बैठक का पुरजोर विरोध करेगी।मौके पर प्रेम, विकाश,कैलाश, मुकेश, असफाक, सूर्या, शंकर के अलावा कई छात्र उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। आज संत मरिया महागिरजा रांची में लगभग 50 पुरोहितों के साथ रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने संत जोन मेरी वियन्नी सभी पुरोहितों के संरक्षक के पर्व के अवसर पर, रांची के विश्वासियों के लिए मिस्सा बलिदान अर्पित कर सभी पुरोहितों के लिए प्रार्थना की।प्रत्येक वर्ष 04 अगस्त को सभी पुरोहितों के संरक्षक संत जोन मेरी वियन्नी का पर्व मनाया जाता है। वे स्वाभाव से नम्र थे पढ़ाई में कमजोर थे लेकिन उनकी आध्यात्मिकता का स्तर बहुत ऊंचा था। यही कारण था कि भीड की भीड़ उनके पास पाप स्वीकार संस्कार के आती थी। उनके आध्यात्मिक जीवन ने अर्श शहर के लोगों का जीवन बदल दिया। उन्हीं के जीवन का उदाहरण देते हुए रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने अपने धर्मोपदेश में सभी पुरोहितों को उनके पदचिह्नों पर चलने का संदेश दिया, साथ ही विश्वासियों से सभी पुरोहितों के लिए प्रार्थना करने का निवेदन भी किया ताकि प्रत्येक पुरोहित अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह भली भांति कर सके।रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने लोगों को बताया कि संत जोन मेरी वियन्नी के हृदय में कमजोर और गरीबों के लिए बहुत बड़ा स्थान रहा है, इसलिए प्रत्येक पुरोहित को भी इस गुण को अपनाने की आवश्कता है। इस वर्ष मणिपुर में हिंसात्मक स्थिति के कारण झाखंड के बिशापों द्वारा सादगी से पर्व मनाने का आह्वान किया गया है। पर्व के दौरान होने वाले खर्च को त्याग कर मणिपुर में पीड़ित पुरोहितों की सहायता के लिए भेजा जायेगा। मिस्सा बलिदान के अंत में सभी पुरोहितों को फुलगुछा दे कर विश्वासियों ने उनके स्वार्थहीन उदारता के लिए शुक्रिया अदा कर उन्हें शुभकामनाएं दी।
फनाह हो गये हैं इस दुनिया में सच को दबाने वालेटीम एबीएन, लोहरदगा। प्रधानमंत्री, उनके मंत्री, उनके संतरी, उनकी मशीनरी सबने मिलकर सच के लिए लड़ने वाले को रोकने के लिए उनकी आवाज को दबाने के लिए पूरी ताक़त झोंक डाली थी।इन्हें लगा था राहुल गांधी डर जायेगा। लेकिन आज सच फिर जीत गया है।रात हो लंबी दूर सवेरा पर मन से हार न मानो जब सांसों में तूफान जगे तब जीत की जिद को ठानों सत्कर्मों की लौ जला के रखना है चलना है निरंतर रुकना नहीं आएं चाहे अवरोध जितने मुश्किलों में झुकना नहीं है
राज्य के सभी 32 जनजातीय समूह के 32 स्टॉल की होगी प्रदर्शनीराज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी मिलेगी जानकारीटीम एबीएन, रांची। विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित किये जानेवाले झारखंड आदिवासी महोत्सव-2023 में झारखंड की जनजातीय कला-संस्कृति का अद्भुत, अनूठा समागम देखने को मिलेगा। रांची के जेल चौक स्थित भगवान बिरसा मुण्डा स्मृति उद्यान सह संग्रहालय में आयोजित किये जा रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में लगभग 72 स्टॉल की प्रदर्शनी लगायी जायेगी, जिनमें जनजातीय समूहों के भी स्टॉल होंगे।32 जनजातीय समूह के 32 स्टॉल की प्रदर्शनीझारखंड आदिवासी महोत्सव-2023 में राज्य के 32 जनजातीय समूह के 32 स्टॉल की प्रदर्शनी लगायी जायेगी। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की ओर से ये स्टॉल लगाये जायेंगे। जिसमें राज्य के सभी 32 जन जातियों के कला-संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत जनजातीय स्वयं सहायता समूह के 05 स्टॉल भी लगाये जायेंगे। 06 स्टॉल कल्याण विभाग तथा 1-1 स्टॉल खादी और झारक्राफ्ट के भी होंगे।राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी मिलेगी जानकारीझारखंड आदिवासी महोत्सव-2023 में लोगों को राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी। इसमें कृषि, कल्याण, ग्रामीण विकास, श्रम, शिक्षा, समाज कल्याण आदि से संबंधित योजनाओं के स्टॉल होंगे। प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद एवं बिरसा हरित ग्राम अभियान, सारथी योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड, सर्वंजन पेंशन योजना, सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मरांग गोमके जयपाल सिंह मुण्डा ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम (एमजीओएस) आदि से संबंधित स्टॉल लगायें जायेंगे ताकि लोग योजना की जानकारी के साथ-साथ लाभान्वित होने की प्रक्रिया भी जान पायें।इसके अलावा जोहारग्राम, जोबरा, ट्राइबल इंडियन चेंबर एंड इंडस्ट्री, चाला अखड़ा खोरहा, लाइव आर्टिसन और डॉक्टर मनीषा उरांव ओपन फील्ड के भी स्टॉल लगाये जायेंगे।
टीम एबीएन, रांची। आज झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का अंतिम दिन है। वहीं, आज विपक्ष सरकार पर प्रतियोगी परीक्षा विधेयक को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। दरअसल, सदन की शुरुआत के साथ ही भाजपा ने अपना विरोध दर्ज कराया और विधेयक वापस लेने की मांग की। विपक्ष वेल में पहुंचकर हेमंत सरकार हाय-हाय के नारे लगाने लगे। सभा के अध्यक्ष ने विपक्ष से सदन चलाने और चर्चा में शामिल होने की अपील की। भाजपा ने कहा कि नकल कौन कर रहा है, पहले से कानून है इसके बावजूद भी कानून बनाया गया। सरकार इस कानून के माध्यम से अपनी कमियों को, घोटालों को छिपा रही है।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कल भी सदन में विधायकों ने प्रतियोगी परीक्षा विधेयक को काला कानून बताया था। भाजपा इसे काला कानून मानती है। इस कानून से कदाचार रुकेगा नहीं बल्कि और बढ़ेगा। परीक्षा में कदाचार छात्र नहीं जेपीएससी और जेएससीसी कर रही है। नौकरी के लिए आवेदन निकालने के बाद यह लोग नियम बदलते हैं। वहीं, विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी करता रहा, जिसके चलते हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड समेत पूरे देश की आदिवासी संस्कृति, परम्परा, वेशभूषा और खानपान का अनोखा संगम 9 एवं 10 अगस्त को आयोजित जनजातीय महोत्सव में देखने को मिलेगा। महोत्सव में अरुणाचल प्रदेश, आसाम, आंध्रप्रदेश, ओड़िसा, राजस्थान के जनजातीय समुदाय के मेहमान अपनी परम्परा और संस्कृति से राज्यवासियों को रूबरू करायेंगे।सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत नागपुरी, सराइकेला छऊ, डोमकच, पायका समेत अन्य नृत्य की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की जायेगी। एक ओर जहां लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे वहीं दूसरी ओर, आदिवासी भाषा के समक्ष चुनौती और अवसर, आदिवासी युवाओं के लिए उद्यमिता, जनजातीय व्यंजनों का विपणन, कृषि पारिस्थितिकी की प्रासंगिकता और महत्व समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा और परिचर्चा का आयोजन होगा। सेमिनार के जरिये आदिवासी इतिहास, मानवशास्त्र, आदिवासी अर्थव्यवस्था - एक वैकल्पिक अर्थव्यवस्था की परिकल्पना, जनजातीय साहित्य-काल्पनिक और गैर-काल्पनिक जैसे विषयों पर लोग अपनी बातों को रखेंगे।महोत्सव में ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन होगा, जिसमें पहाड़ा, एड्पा काना, डीबी दुर्गा, बरदु, रवाह, सोंधैयानी, अबुआ पायका, द वॉटरफॉल, बैकस्टेज, सम स्टोरीज अराउंड विचेज, लाको बोदरा, छैला, द अगली साइड ऑफ ऑफ ब्यूटी, बंधा खेत, बठुन्दी, अजतान्त्रिक जैसी फिल्में प्रदर्शित की जायेंगी। इसके अतिरिक्त ड्रोन शो, लेजर शो, आतिशबाजी और ट्राइबल फैशन शो का भी आयोजन होगा। 2 दिनों तक आयोजित इस महोत्सव में 32 स्टाल आदिवासियों के होंगे जो अलग-अलग आदिवासी समुदाय को रिप्रेजेंट करेंगे। साथ ही, विभिन्न विभागों और सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के भी स्टाल लगाये जायेंगे।
टीम एबीएन, हरिहरगंज/ पलामू। पलामू जिले के हरिहरगंज सिटी के अररुआ खुर्द निवासी अफरोज आलम 25 वर्ष की मौत सड़क हादसे में हो गया। मृतक बुधवार की देर शाम बाइक से औरंगाबाद से हरिहरगंज घर लौट रहा था। इसी बीच बिहार के रिसियप के समीप ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार अफरोज आलम की मौत हो गयी। बाइक पर पीछे बैठा अशरफ अली घायल हो गया है। अशरफ का इलाज औरंगाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद मोहल्ला में शोक की लहर है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए दमदार विधेयक है और मुख्यमंत्री इसके लिए धन्यवाद के पात्र हैं। भाजपा के विरोध पर उन्होंने कहा कि गुजरात और यूपी में भी ऐसा ही बिल पारित हुआ है। फिर किस मुंह से भाजपा इसका विरोध कर रही है, यह समझ से परे है। भाजपा नहीं चाहती कि यहां के बच्चे पढ़ें और सही तरीके से परीक्षा दें। ये चाहते हैं कि यहां पेपर लीक हो और परीक्षा रद्द हो।फिलहाल इसमें संशोधन हुआ है और मुख्यमंत्री ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी इसमें संशोधन की जरूरत पड़ी, तो उसके लिए रास्ते खुले हैं। शिल्पी ने कहा कि यह विधेयक झारखंड में बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था।भाजपा विधायक अमित मंडल ने कहा कि भाजपा शुरू से ही इस बिल का विरोध कर रही है। इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रही थी। सत्तापक्ष के विधायक गुजरात का उदाहरण दे रहे हैं, तो उन्हें सोचना चाहिए कि यह गुजरात नहीं, झारखंड है और इसलिए यहां का बिल झारखंड के हिसाब से बनना चाहिए।
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