एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कॉमनवैल्थ गेम्स 2022 की क्रिकेट स्पर्धा में खेलने उतरी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहले सेमीफाइनल में इंगलैंड को हराकर अपना पदक पक्का कर लिया। बर्मिंघम के मैदान पर पहले खेलते हुए टीम इंडिया ने 164 रन बनाए थे। जवाब में इंगलैंड की टीम लक्ष्य भेद नहीं पाई। भारतीय टीम के लिए अच्छी बात फील्डिंग में चुस्ती रही। टीम ने इंगलैंड की तीन बल्लेबाजों को रन आऊट कर मैच का पासा पलट दिया। इससे पहले बर्मिंघम के मैदान पर भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के कारण जोरदार शुरुआत की। स्मृति ने महज 23 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और पहले पावरप्ले में स्कोर 6 ओवर में 64 पर ला खड़ा किया। शैफाली 15 तो स्मृति 32 गेंदों में 61 रन बनाकर आऊट हुई। कप्तान हरमनप्रीत ने 20 रनों का योगदान दिया। टीम इंडिया को यहां जेमिमा रोडिग्ज का एक बार फिर से साथ मिला। जेमिमा ने 31 गेंदों में सात चौकों की मदद से 44 रन बनाए और टीम का स्कोर 164 तक ले गईं। जेमिमा के अलावा दीप्ति शर्मा ने भी 22 रनों का योगदाान दिया। इंगलैंड की ओर से फ्रे कैप ने 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इसी तरह कप्तान नटालिया ने 26 रन देकर एक तो कैथरीन ब्रंट ने 30 रन देकर 1 विकेट लिया। जवाब में खेलने उतरी इंगलैंड की टीम ने ओपनर डेनियल व्हाइट और सोफिया डंकले की बदौलत तेजतर्रार शुरूआत की। दीप्ति शर्मा द्वारा सोफिया को 19 रन पर आऊट कर देने के बाद तान्या भाटिया और स्नेह राणा ने मिलकर कैप्से को 13 रन पर रन आऊट कर दिया। हालांकि इस दौरान इंगलैंड की कप्तान नटालिया सीवर ने एक छोर संभाले रखा। डेनियल व्हाइट के 35 और एमी जोन्स के 31 रन पर आऊट होने के बाद भी नटालिया ने हिम्मत नहीं हारा। आखिरी ओवर में इंगलैंड को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे लेकिन स्नेह राणा ने शानदार गेंदबाजी कर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचा दिया। अब भारत का पदक पक्का है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पदक विजेता पहलवानों को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। भारतीय कुश्ती दल ने खासा असाधारण प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों के 8वें दिन 6 पदक जीते जिनमें 3 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांस्य शामिल है। पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा कुश्ती में बजरंग पुनिया, पुरुषों की फ्रीस्टाइल 86 किग्रा कुश्ती में दीपक पूनिया और महिला फ्रीस्टाइल 62 किग्रा कुश्ती में साक्षी मलिक ने स्वर्ण पदक जीते हैं। अंशु मलिक ने महिला फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती में रजत, जबकि महिला फ्रीस्टाइल 68 किग्रा कुश्ती में दिव्या काकरान ने और पुरुषों की फ्रीस्टाइल 125 किग्रा कुश्ती में मोहित ग्रेवाल ने कांस्य पदक जीते। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और देश के कोने-कोने से भारत के लोगों ने इन पदक विजेताओं को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाइयां दी है। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, साक्षी मलिक ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कड़ी चुनौती को पार किया और भारतीयों को गौरवान्वित किया। आप हमारे युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए एक आदर्श हैं। आप कामयाबी की और सीढ़ियां चढ़ें। हार्दिक बधाई...। एक अन्य ट्वीट में राष्ट्रपति ने कहा, राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में लगातार दूसरा स्वर्ण जीतने और इतिहास रचने के लिए बजरंग पुनिया को बधाई। आपकी निरंतरता, समर्पण और उत्कृष्टता हमारे युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। आपके स्वर्ण पदक दरअसल सर्वश्रेष्ठ बनने की आपकी ललक और नए भारत की भावना को दशार्ते हैं। दीपक को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, हमारे युवा पहलवान दीपक पूनिया को राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई। आपका आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण देखने में बेहद प्रभावशाली था। आपने भारत को बहुत खुशी और मान दिलाया है। अंशु को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में रजत पदक जीतने के लिए अंशु मलिक को बधाई...। आपने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय पहलवानों में से एक के तौर पर अपनी योग्यता साबित की है। आपके सभी भावी प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। दिव्या को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने ट्वीट में कहा, दिव्या काकरान को राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में कांस्य पदक जीतने के लिए बधाई...। आपकी अचूक दृढ़ता और फुर्ती ने भारत को दिल खुश करने वाली जीत दिलाई। आप जैसे हमारे युवा पहलवान भारतीय खेलों के भविष्य के लिए संभावनाओं से भरपूर हैं। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, एक और प्रतिभाशाली युवा पहलवान मोहित ग्रेवाल ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। आप जहां हैं वहां पहुंचने के लिए आपने कई चुनौतियों को पार किया है। ये देश कामना करता है कि आप भविष्य में ऐसे कई और सम्मान लाएंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम को निराशा हाथ लगी है। आखिरी मिनटों में वंदना कटारिया के गोल के दम पर शानदार वापसी करने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम राष्ट्रमंडल खेलों के बेहद रोमांचक सेमीफाइनल में शूटआउट में आस्ट्रेलिया से 0 -3 से हार गई। हालांकि अभी भी भारतीय महिला टीम के पास पदक जीतने का मौका है। अब भारतीय टीम कांस्य पदक के लिये खेलेगी। कांस्य पदक के मुकाबले में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। इससे पहले दसवें मिनट में ही रेबेका ग्रेइनेर के गोल के दम पर आस्ट्रेलिया ने बढ़त बना ली थी लेकिन इसके बाद गोलकीपर कप्तान सविता पूनिया की अगुवाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षापंक्ति ने आस्ट्रेलिया को बांधे रखा। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये बराबरी का गोल 49वें मिनट में सुशीला के पास पर वंदना कटारिया ने किया। विवादित पेनल्टी शूटआउट में भारत के लिये नेहा, नवनीत कौर और लालरेम्सियामी गोल नहीं कर सकीं जबकि आस्ट्रेलिया के लिये एम्ब्रोसिया मालोन, एमी लॉटन और कैटलीन नोब्स के शॉट निशाने पर लगे। भारत को पहले क्वार्टर में छह पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। इसके बाद भारतीय रक्षापंक्ति ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए आस्ट्रेलियाई स्ट्राइकरों को कोई मौका नहीं दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय पहलवानों ने अपना जलवा बिखेर दिया है। दरअसल, बर्मिंघम में शुक्रवार का दिन पूरी तरह से भारतीय रेसलिंग के नाम रहा। भारतीय पहलवानों ने तीन गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत की ओर से बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया ने गोल्ड मेडल जीता तो वहीं अंशु मलिक ने सिल्वर और दिव्यान काकरान ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के 8वें दिन रेसलिंग के इवेंट आयोजित हुए और भारतीय पहलवानों ने बर्मिंघम में पूरी दुनिया के सामने हिंदुस्तान का लोहा मनवा लिया। सबसे पहले बजरंग पूनिया ने मेन्स की 65 KG फ्रीस्टाइल कैटेगिरी के फाइनल मुकाबले में कनाडा के लचलान मैकनील को 9-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। बजरंग ने सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के जॉर्ज रैम को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। जॉर्ज रैम को रेसलिंग में सबसे धाकड़ खिलाड़ी माना जा रहा था। बजरंग पूनिया के बाद साक्षी मलिक ने भारत को 8वां गोल्ड मेडल दिलाने का काम किया। आपको बता दें कि साक्षी मलिक ने 62 किग्रा श्रेणी फ्रीस्टाइल के फाइनल में कनाडा की गोडिनेज गोंजालेज को हराकर गोल्ड मेडल जीता। साक्षी ने विपक्षी खिलाड़ी को चित कर चार अंक हासिल किए और मुकाबला जीता। आपको बता दें कि साक्षी मलिक ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार गोल्ड जीता है। इससे पहले उन्होंने 2014 में सिल्वर और 2018 में ब्रॉन्ज मेडल जीत था। कुश्ती में सबसे दिलचस्प मुकाबला दीपक पूनिया और पाकिस्तानी खिलाड़ी मोहम्मद इमान के बीच का था। बजरंग और साक्षी मलिक के बाद दीपक पूनिया ने भी 86 किग्रा फ्रीस्टाइल श्रेणी में मोहम्मद इनाम को 3-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दीपक पूनिया ने भारत को 9वां गोल्ड मेडल दिलाया। दीपक पूनिया ने क्वार्टर फाइनल में दीपक ने शेकू कससेगबामा को 10-0 से मात दी थी। गोल्ड मेडल के अलावा रेसलिंग में भारतीय रेसलर्स ने एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं। सबसे पहले अंशु मलिक ने महिलाओं के 57 किग्रा कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। अंशु मलिक गोल्ड की दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन फाइनल में नाइजीरिया की ओडुनायो अदेकुओरोये ने उन्हें 7-3 से हरा दिया। ओडुनायो ने कॉमनवेल्थ में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके अलावा दिव्या काकरान ने फ्रीस्टाइल 68 किग्रा श्रेणी में टोंगा की लिली कॉकर को 2-0 से हराकर ब्रॉन्ज जीता तो वहीं मोहित ग्रेवाल ने भी 125 किग्रा की कैटेगिरी में ब्रॉन्ज जीता।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बर्मिंघम में चल रहे CWG 2022 में भारत के बजरंग पूनिया ने शानदार प्रदर्शन किया है। बजरंग ने फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग में कनाडा के लचलान मैकनिल को 9-2 से हराकर गोल्ड जीता। भारत का बर्मिंघम में कुश्ती में यह पहला और कुल छठा गोल्ड मेडल है। इससे पहले भी बजरंग 2018 में गोल्ड जीतने में कामयाब रहे थे। इतना ही नहीं बजरंग ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजकों के लिये एक शर्मसार होने वाली घटना में एक ‘आॅडियो’ उपकरण के छत से गिरने के कारण पहला सत्र शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद कुश्ती मुकाबले रोक दिये गये और दर्शकों को हॉल से निकलने के लिये कह दिया गया। प्रशंसकों और अधिकारियों को सुरक्षा जांच के लिये परिसर खाली करने को कह दिया गया जिससे कुश्ती प्रतिस्पर्धा के शुरुआती दिन अव्यवस्था का मंजर दिख रहा था। सुबह का सत्र दो से ज्यादा घंटे तक रोक दिया गया। एक सुरक्षा अधिकारी तथा एक भारतीय, स्कॉटिश और पाकिस्तानी टीम के अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि एक ‘स्पीकर’ हॉल की छत से गिर गया जो लंबे विलंब का कारण बना। स्थानीय समयानुसार सत्र 11.22 मिनट पर रोका गया और फिर घोषणा की गयी थी कि मुकाबले 12.15 मिनट पर शुरू होंगे। खबर लिखने तक सत्र दोबारा शुरू करने का समय तीन बार बदल दिया गया। स्थल के एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा, हम सुन रहे हैं कि एक स्पीकर गिर गया था और सुरक्षा जांच के लिये हर किसी को हॉल खाली करने के लिये कह दिया गया। एक भारतीय अधिकारी ने कहा, हम वॉर्म-अप क्षेत्र में हैं। हमने सुना कि एक स्पीकर मैट (खेल क्षेत्र) के करीब गिर गया था। पाकिस्तानी टीम का एक अधिकारी भी घटना के समय हॉल के अंदर था, उन्होंने कहा, मैं इसे देख नहीं सका, लेकिन कुछ चीज नीचे गिरी थी। उन्होंने कहा कि यह एक स्पीकर था और हमें बाहर आना पड़ा। स्थल के अंदर मौजूद हर कोई इस घटना पर चुप्पी बनाये हुए है कि आखिर हुआ क्या था। दर्शक कॉरिडोर में इंतजार कर रहे हैं और मुकाबला शुरू होने के समय में स्पष्टता चाह रहे हैं। एक प्रशंसक इदंरपाल ने कहा, हम यहां एक घंटे से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुकाबले जल्द शुरू होंगे लेकिन हमें अभी तक सही समय पता नहीं चला है। सत्र रूकने से पहले नौ मुकाबले हो चुके थे। स्वर्ण पदक के दावेदार बजरंग पूनिया और दीपक पूनिया ने आसानी से अपने वर्ग में जीत दर्ज की।
एबीएन, स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रीय खेलों में पहली बार शामिल हुए योगासन स्पर्धा में झारखंड की ओर से 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया है जिसकी सूची मेल के माध्यम से योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन झारखंड के कार्यालय को प्राप्त हुई। जानकारी देते हुए योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन आॅफ झारखंड के सचिव विपिन कुमार पांडे ने बताया कि यह बेहद ही हर्ष और उत्साह का समय है, जब योगासन खेल को राष्ट्रीय खेलों में पहली बार शामिल किया गया है। बताते चलें कि यह कार्यक्रम गुजरात में 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगी और इसमें झारखंड की ओर से बालक वर्ग में विकास गोप, रोहित कुमार, अमित कुमार, पवन झा, रवि रंजन एवं बालिका वर्ग में दीपिका लामा दीप कुमार मांझी पूजा नायक हेमा कुमारी सुरभि थापा का नाम शामिल है। इनका चयन नेशनल योगासना स्पोर्ट्स फेडरेशन के द्वारा गुजरात अहमदाबाद में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के आधार पर हुआ है, जहां झारखंड कि दोनों टीमें आर्टिस्टिक योगा ग्रुप वर्ग में पांचवें स्थान पर रही थी। बच्चों के इस चयन पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन आॅफ झारखंड के संरक्षक छवि विरमानी अध्यक्ष संजय सिंह वरीय उपाध्यक्ष अंशु सरकार कोषाध्यक्ष मनोज तिवारी रवि निवार सुधा झा, सपना झा, रानी सिंह, आरती झा, उमेश राम, ललित केजरीवाल एवं तमाम जिला इकाइयों के सदस्यों ने अपनी बधाई दी है और इनके बेहतर प्रदर्शन की कामना की।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा-पावरलिफ्टर सुधीर ने स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया है। वह राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा-पावरलिफ्टिंग (दिव्यांग एथलीट्स की वेटलिफ्टिंग) में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले 2014 में पावर लिफ्टर सकिना खातून ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। सुधीर ने पुरुषों के हेवीवेट कैटेगरी में 212 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 87.30 किलो वजन वाले सुधीर ने रैक हाइट 14 के साथ पहले प्रयास में 208 किलो वजन उठाया। वहीं, दूसरे प्रयास में उन्होंने 212 किलो वजन उठाया। 212 किलो वजन की लिफ्ट के साथ सुधीर ने नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया। अपने आखिरी अटैम्प्ट में सुधीर 217 किलो वजन उठाने में नाकाम रहे। 134.5 पॉइंट्स लेकर सुधीर टॉप पर रहे और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह भारत के लिए बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में छठा स्वर्ण पदक है। इससे पहले वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू, जेरेमी लालनिरुंगा और अचिंता शेउली स्वर्ण जीत चुके हैं। वहीं, महिला लॉन बॉल टीम और पुरुष टेबल टेनिस टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। भारत के लिए यह कुल 20वां पदक रहा। इनमें छह स्वर्ण, सात रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर है। 27 साल के सुधीर ने स्वर्ण पदक के साथ बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पैरा खेलों में पदकों का खाता खोला। मेन्स हेवीवेट कैटेगरी में सुधीर के बाद नाइजीरिया के इकेचुकु क्रिस्टियन ओबिचुकु ने 133.6 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि स्कॉटलैंड के मिकी यूल ने 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। सुधीर ने इससे पहले इसी साल जून में दक्षिण कोरिया में विश्व पैरा पावरलिफ्टिंग एशिया-ओशिनिया ओपन चैंपियनशिप में पुरुषों के 88 किग्रा भारवर्ग में 214 किग्रा की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के साथ कांस्य पदक जीता था। सुधीर ने साथ ही 2022 हांग्झू एशियाई पैरा खेलों के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के हाई जंपर तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में पुरूषों की ऊंची कूद स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी शंकर ने 2.22 मीटर की कूद लगाई। तेजस्विन शंकर ने रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। वह राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बने। दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर ऐन मौके पर टीम में शामिल किए गए 23 साल के शंकर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.27 और सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 2.29 मीटर है। तेजस्विन शंकर तीन दिन पहले ही बर्मिंघम पहुंचे थे। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुरुआत में यूएसए में प्रैक्टिस कर रहे तेजस्विन शंकर को भारतीय टीम से बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने भारत की राष्ट्रीय अंतरराज्यीय मीट में भाग नहीं लिया था।
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