एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में बुधवार को संघर्षपूर्ण मुकाबलों में हार गए जबकि लक्ष्य सेन को सीधे गेम में पराजय मिली। एशिया चैम्पियनशिप के उपविजेता आयुष को दूसरी वरीयता प्राप्त पूर्व विश्व चैम्पियन थाईलैंड के कुन्लावुत वितिदसर्न ने 21-19, 23-25, 21-15 से हराया।
विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर काबिज उन्नति को चीनी ताइपै की हुआंग यू सुन ने 16-21, 21-16, 21-15 से मात दी। आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप उपविजेता लक्ष्य को स्थानीय खिलाड़ी कोकी वातानाबे ने 38 मिनट में 21 -16, 21-14 से हराया।
भारत के तीनों खिलाड़ी पहले दौर की बाधा भी पार नहीं कर सके जो अगले महीने दिल्ली में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। भारत 17 साल बाद इसकी मेजबानी कर रहा है।
अब भारत की उम्मीदें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू और ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की मिश्रित टीम पर टिकी हैं। सिंधू का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान युइ से होगा जबकि ध्रुव और तनीषा शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यान झि और हुआंग डोंग पिंग से खेलेंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (रांची)। हॉकी इंडिया ने मस्कट (ओमान) में 20 से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाली महिला एवं पुरुष यूथ हॉकी 5 साइड एशियन चैंपियनशिप के लिए 10-10 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। घोषित टीम में झारखंड के कुल छह खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें महिला वर्ग में पांच और पुरुष वर्ग में एक खिलाड़ी शामिल हैं।
महिला टीम में संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी, खिल्ली कुमारी और नीलम टोपनो का चयन हुआ है, जबकि पुरुष वर्ग में आशीष तनी पूर्ति भारतीय टीम का हिस्सा बने हैं। छह खिलाड़ियों के चयन से झारखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज करायी है।
हॉकी इंडिया ने मध्य प्रदेश के भोपाल में 4 से 18 जुलाई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर महिला टीम का चयन किया है। वहीं पुरुष टीम का चयन चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के आधार पर किया गया। चयनित महिला खिलाड़ी पहले से ही भोपाल में चल रहे 15 सदस्यीय सब-जूनियर राष्ट्रीय तैयारी समूह का हिस्सा थीं।
हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि झारखंड के छह खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन राज्य में हॉकी के विकास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के खेल विभाग और हॉकी झारखंड द्वारा जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने का सकारात्मक परिणाम अब लगातार सामने आ रहा है।
हॉकी झारखंड के पदाधिकारी मनोज ने कहा कि यह पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। हमारे खिलाड़ियों ने कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है। हमें पूरा विश्वास है कि सभी खिलाड़ी एशियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर भारत और झारखंड का नाम रोशन करेंगे। हॉकी झारखंड भविष्य में भी खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के यूनाइटेड किंगडम एक्सपोजर दौरे के लिए भी झारखंड की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में भी राज्य की चार खिलाड़ी शामिल हैं।
अब सब-जूनियर यूथ हॉकी 5डी टीम में पांच और खिलाड़ियों के चयन के साथ सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर भारतीय महिला टीमों में झारखंड की कुल 13 खिलाड़ी जगह बना चुकी हैं। इसे राज्य के हॉकी इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि झारखंड भारतीय हॉकी को लगातार प्रतिभाशाली खिलाड़ी दे रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। वर्ल्ड कप से जुड़े एक और विवाद के शांत होने के साथ ही एक बात साफ हो गयी है कि फीफा के बॉस जियानी इन्फेंटिनो पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। 2026 के टूर्नामेंट की लगभग हर पहलू से आलोचना हुई है, चाहे वह टिकट की कीमत हो, ईरान की टीम को बाहर रखना हो, सोमालिया के रेफरी पर रोक लगाना हो या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहली बार फीफा शांति पुरस्कार देना हो।
पिछले कुछ दिनों में फीफा के प्रति नाराजगी तब चरम पर पहुंच गई जब ट्रंप के दबाव में एक सस्पेंडेड स्टार अमेरिकी खिलाड़ी को मैदान पर उतरने की इजाजत दी गई जिसकी गैर-अमेरिकी लोगों ने कड़ी आलोचना की। स्पोर्ट्स लॉयर निक डी मार्को ने कहा, अब मुद्दा यह नहीं है कि ओरिजिनल रेड कार्ड सही था या नहीं। मुद्दा यह है कि क्या फीफा ने वर्ल्ड कप की गरिमा और फुटबॉल के ग्लोबल रेगुलेटर के तौर पर अपनी अथॉरिटी को कमजोर किया है।
हालांकि, टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ये शिकायतें शायद खत्म हो जायेंगी। बेल्जियम द्वारा वर को 4-1 से बुरी तरह हराने के बाद अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को खेलने की इजाजत देने से जुड़े विवाद की तीव्रता कम होने लगी है। इस बीच इन्फेंटिनो अपने सबसे अहम काम पैसा कमाने पर पूरी तरह से फोकस बनाये हुए हैं। फीफा को सत्ता और पैसे के साथ अपनी दूसरी जिम्मेदारी (खेल के नियमों और कानूनों को बनाये रखने) के बीच संतुलन बनाने में लगातार तनाव का सामना करना पड़ता है। पैसा जीत रहा है।
दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई वाले खेल के 56 वर्षीय एडमिनिस्ट्रेटर के नेतृत्व में फीफा के 2026 वर्ल्ड कप से सीधे तौर पर लगभग $9 बिलियन कमाने की उम्मीद है, जो कतर में हुए 2022 एडिशन से लगभग $2 बिलियन ज्यादा है। एक दशक से कुछ समय पहले वर प्रॉसिक्यूटर द्वारा भ्रष्टाचार के मामले की जांच के बाद फीफा घोटालों का पर्याय बन गया था।
एक साल के भीतर इन्फेंटिनो को संगठन के नए चेहरे के तौर पर लाया गया। उन्होंने सुधारों की देखरेख की, पारदर्शिता में थोड़ी बढ़ोतरी की और फीफा के टूर्नामेंट्स (जिसमें ज्यादा कमाई वाला क्लब वर्ल्ड कप भी शामिल है) के साइज और दायरे को काफी बढ़ाया। लेकिन उन्होंने गवर्निंग बॉडी को पैसे, सत्ता और राजनीति को मिलाने के पुराने रास्ते पर भी आगे बढ़ाया है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ पहली बार खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में अब सिर्फ आठ टीमें बची हैं, जो 19 जुलाई को होने वाले फाइनल में जगह बनाने के लिए क्वार्टर फाइनल में भिड़ेंगी। हालांकि, इस बार टूर्नामेंट ने एक ऐसा इतिहास भी रचा है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला था। पहली बार ब्राजील और जर्मनी दोनों ही विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं।
विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब फुटबॉल की दो सबसे सफल टीमों ब्राजील और जर्मनी में से कोई भी अंतिम आठ में नहीं पहुंच पाया। अब तक खेले गये 17 विश्व कप में 10 बार दोनों टीमें एक साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं।
जर्मनी 1938, 1950, 2018 और 2022 में अंतिम आठ से बाहर रहा था, जबकि ब्राजील 1934, 1966 और 1990 में क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच सका था। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ था कि दोनों टीमें एक साथ बाहर हो जाएं। इस बार ब्राजील को प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड आॅफ-16) में नॉर्वे ने हराया, जबकि जर्मनी का सफर राउंड आॅफ-32 में पराग्वे के हाथों खत्म हो गया।
विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में यूरोप की छह टीमों ने जगह बनार्यी है। इनके अलावा दक्षिण अमेरिका से सिर्फ अर्जेंटीना और अफ्रीका से मोरक्को अंतिम आठ में पहुंचने में सफल रहे हैं।
वहीं बेल्जियम और मोरक्को कभी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ सके हैं। स्विट्जरलैंड 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है, जबकि नॉर्वे ने पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल की बाधा पार की है। ऐसे में 2010 में स्पेन के बाद पहली बार फुटबॉल जगत को नया विश्व चैंपियन मिलने की संभावना भी बढ़ गई है।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांस दोनों ही शानदार फॉर्म में हैं। फ्रांस ने अब तक अपने सभी पांच मुकाबले निर्धारित 90 मिनट के भीतर जीते हैं। दूसरी ओर, अर्जेंटीना ने भी पांचों मैच जीते हैं, लेकिन राउंड आॅफ-32 में केप वर्दे के खिलाफ मुकाबला अतिरिक्त समय तक गया था, जहां लियोनेल मेसी की टीम ने 3-2 से जीत दर्ज की। स्पेन और इंग्लैंड ने चार-चार जीत के साथ एक-एक मैच ड्रॉ खेला है। नॉर्वे ने भी चार मुकाबले जीते, जबकि बेल्जियम, मोरक्को और स्विट्जरलैंड ने तीन-तीन जीत और दो-दो ड्रॉ दर्ज किए हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी/ रांची। खूंटी में आयोजित झारखंड राज्य स्तरीय खो खो प्रतियोगिता में डी ए वी गांधीनगर से सात खिलाड़ियों ने रांची जिला खो खो टीम का प्रतिनिधित्व किया और रांची जिला की टीम को विजेता बनाया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य पीके झा, वरिष्ठ खेल शिक्षक गोविंद झा, कौशल कुमार, स्वाति शिप्रा, आदि ने पुरी रांची खो खो टीम को बहुत बहुत बधाई दी और भविष्य में और अच्छे खेलनें की शुभकामनाएं दी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे से हारकर ब्राजील के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद 34 वर्षीय नेमार ने अपने 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने की घोषणा की।
ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए राउंड आॅफ-16 मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। नॉर्वे की ओर से स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने दो गोल दागे, जबकि ब्राजील के लिए नेमार ने मैच के अंतिम क्षणों में पेनल्टी पर एकमात्र गोल किया। हालांकि उनका यह गोल टीम को हार से नहीं बचा सका।
मैच समाप्त होने के बाद नेमार मैदान पर ही भावुक हो गये। अंतिम सीटी बजते ही वह घुटनों के बल बैठ गये और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके साथी खिलाड़ियों ने उन्हें सांत्वना दी। संन्यास की घोषणा करते हुए नेमार ने कहा, मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। मेरी यात्रा की शुरूआत भी मेटलाइफ स्टेडियम से हुई थी और अंत भी यहीं हुआ। अब सब खत्म हो चुका है।
दाहिनी पिंडली की चोट से जूझ रहे नेमार पूरे टूर्नामेंट में केवल दो मैच ही खेल सके। ब्राजील के पांच मुकाबलों में से वह अधिकांश समय बाहर रहे। ग्रुप चरण में स्कॉटलैंड के खिलाफ भी वह केवल 15 मिनट के लिए मैदान पर उतरे थे। लगातार चोटों ने पिछले कुछ वर्षों में उनके करियर को काफी प्रभावित किया और वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आ सके।
नेमार ने 9 अगस्त 2010 को इसी मेटलाइफ स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ मैत्री मैच से ब्राजील के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। अपने पहले ही मैच में उन्होंने गोल भी किया था। उन्होंने 16 साल के शानदार करियर का अंत ब्राजील के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में किया। नेमार ने राष्ट्रीय टीम के लिए 80 गोल किये, जो महान खिलाड़ी पेले के 77 गोलों से तीन अधिक हैं।
नेमार के संन्यास के बाद अब ब्राजील की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों के कंधों पर होगी। टीम के कप्तान मार्किनहोस ने कहा, हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ धैर्य रखें और शुरुआत से ही उनका समर्थन करें। नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया। उनकी उपलब्धियां और यादगार प्रदर्शन लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। नयी दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में 6 जुलाई से 10 जुलाई तक आयोजित होने वाली प्रो बॉक्सिंग लीग प्रतियोगिता के लिए झारखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन के महासचिव सह अंतरराष्ट्रीय रेफरी/ जज प्रकाश कुमार मंडल का चयन किया गया है।
उनका चयन प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय रेफरी/जज के रूप में किया गया है। यह झारखंड राज्य के लिए गौरव की बात है। उनके चयन पर झारखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुणा मिश्रा वरीय उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, रश्मि शर्मा, बिपुल ओझा, रामदास दयानंद सह सचिव संतोष अग्रवाल, कुणाल शर्मा, जगरनाथ त्रिया, नितेंद्र बासु एवं खेल प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें सफल दायित्व निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने तीसरे दौर में फ्रांस के आर्थर रिंदरकनेच को कड़े मुकाबले में 7-5, 6-4, 1-6, 7-6(4) से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (चौथे दौर) में जगह बना ली। इस जीत के साथ जोकोविच ने विंबलडन पुरुष एकल में रोजर फेडरर के 105 जीत के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
39 वर्षीय सर्बियाई दिग्गज अब विंबलडन में पुरुष एकल के इतिहास में सबसे ज्यादा 105 मैच जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में रोजर फेडरर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गये हैं। पूरे इतिहास में उनसे आगे सिर्फ महिला टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा हैं, जिन्होंने विंबलडन में 120 एकल मुकाबले जीते हैं।
जीत के बाद जोकोविच ने कहा कि इस खेल में इतिहास रचना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, इस खेल में इतिहास बनाना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। खासकर विंबलडन में, क्योंकि बचपन से यही मेरा सपना रहा है। मैं 105 या 106 जीत के बारे में नहीं सोच रहा, मेरा पूरा ध्यान हर मैच जीतने पर है।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, आज मैं सामान्य से ज्यादा दबाव में था। मुझे पता था कि मुकाबला आसान नहीं होगा। मैं खुश हूं कि इसे जीत पाया। अब मैं चाहता हूं कि 106वीं जीत के लिए मेरा मुकाबला रोजर फेडरर से ही हो जाये।
दूसरे दौर में स्टेफानोस सित्सिपास को सीधे सेटों में हराने वाले जोकोविच इस बार अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आये। फ्रांस के आर्थर रिंदरकनेच ने पहले दो सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए तीसरा सेट 6-1 से अपने नाम किया। चौथे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी और रोमांचक रैलियां देखने को मिलीं। रिंदरकनेच ने कई शानदार सर्विस और वॉली से दर्शकों को प्रभावित किया, लेकिन टाई-ब्रेक में जोकोविच के अनुभव ने बाजी पलट दी।
अब जोकोविच का सामना चौथे दौर में क्वालिफायर रोमन सफियुलिन से होगा। सफियुलिन ने तीसरे दौर में ब्राजील के जोआओ फोन्सेका को 6-3, 6-3, 6-3 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई। चोटों से जूझने वाले सफियुलिन ने इस साल विंबलडन से पहले टूर स्तर पर एक भी मैच नहीं जीता था।
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