जानें किन इलाकों में बरसेगा पानी टीम एबीएन, रांची। मार्च का महीना शुरू हो गया है। वहीं, महीना शुरू होते ही झारखंड के लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है, लेकिन मौसम विज्ञान के मुताबिक होली के समय हल्की बारिश होगी। प्री मानसून बारिश की आशंका मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि होली के समय हल्की बारिश देखने को मिलेगी। यह प्री मानसून बारिश होगी, जिसके चलते मौसम सुहाना होगा व लोगों को थोड़ा ठंड का एहसास होगा, हालांकि यह बारिश 2-3 दिन तक ही रहेगी। अभिषेक आनंद ने बताया यह बारिश बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने के कारण होगी। बंगाल की खाड़ी से गर्म हवा सबसे पहले पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, रांची की तरफ से आयेगी। इसलिए इन इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन गढ़वा, पलामू, चतरा, देवघर, धनबाद, सिमडेगा में बेहद हल्की बारिश देखने को मिलेगी।
टीम एबीएन, गुमला। चैनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अपराधियों ने दो युवकों को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गंभीर स्थिति में दोनों को रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के लंगड़ा मोड़ स्थित दो अलग-अलग घरों में घुसकर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना में राहिल अमन (18) और इमरान खान (22) घायल हो गये। दोनों के परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में भर्ती कराया, जहां से सदर अस्पताल गुमला भेजा गया। दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उनको रांची रिम्स रेफर कर दिया है। एक युवक के हाथ में और दूसरे की कमर में गोली फंसे होने की बात बतायी जा रही है। घर में घुसकर युवकों को गोली मारने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गये। परिजनों ने चैनपुर पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची चैनपुर की पुलिस जांच में जुट गयी है। घटना में शामिल एक अपराधी की पहचान हो चुकी है, जो बरवे नगर चैनपुर का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सली संगठन द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन शनिवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। वे विधानसभा गेट पर नियोजन और स्थानीय नीति की मांगों को लेकर धरने पर बैठ गये। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। मुख्यमंत्री तत्काल पद से इस्तीफा दें। सदन में झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि राज्य में नियोजन नीति को लेकर उहापोह की स्थिति है। नियोजन नीति कैबिनेट में लाया गया जबकि उसे सदन में लाना चाहिए था। यह सदन की अवमानना है। भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि सरकार नियोजन नीति जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चलते सत्र के दौरान कैबिनेट के बैकडोर से कोई फैसला नहीं कर सकती। सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को 2016 और 1932 वाली नियोजन नीति को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।
टीम एबीएन, सरायकेला/ रांची। सरायकेला-कांड्रा मार्ग पर सीनी मोड़ के समीप शुक्रवार देर रात सरायकेला की ओर से आ रहे अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार 65 वर्षीय राजाराम महतो की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि मृतक के पुत्र मनसा महतो की गंभीर रूप से घायल जो गया।आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जमशेदपुर रेफर कर दिया गया है। घटनाक्रम के अनुसार मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्र जमशेदपुर से आ रहे थे। सीनी मोड़ के समीप सरायकेला से आ रहे अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गये। इस घटना के बाद मोटरसाइकिल में आग लग गयी, जिससे मोटरसाइकिल जलकर पूरी तरह राख हो गई। उधर, घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सरायकेला- टाटा मुख्य मार्ग को करीब तीन घंटे जाम कर दिया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे और मुआवजे की मांग की। सरायकेला एवं सीनी थाना प्रभारी दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। पुलिस ने हाइवा जब्त कर लिया है। घटना के बाद चालक फरार हो गया। मृतक सरायकेला मानिक बाजार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची में होली और शब-ए-बारात पर सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा की ओर से विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए आदेश जारी किया गया है। दोनों पर्व को देखते हुए सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान विशेष सतर्कता और निगरानी बरतने का आदेश उपायुक्त ने दिया है। उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर और बुंडू, सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं। जिला के सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्र में होली एवं शब-ए-बारात पर्व के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिए 06 मार्च के पूर्व थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक करने का आदेश दिया गया है, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव, शांति व्यवस्था एवं विधि व्यवस्था बनी रहे। उपायुक्त ने सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध धारा 107 की कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
भोपाल के लैब से रिपोर्ट आने के बाद हरकत में आया पशुपालन विभाग टीम एबीएन, रांची। बोकारो के बाद अब राजधानी रांची के नगर निगम क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। पिछले दिनों राजधानी के करमटोली-ओल्ड जेल मोड़ के पास एक निजी कुक्कुट पालक के यहां अचानक मुर्गियों के मरने की खबर मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने सैंपल जांच के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट हाई सिक्यूरिटी एनिमल डिजीज डायग्नोस्टिक लैब भेजा था। जहां से मुर्गियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू बतायी गयी है।भोपाल के अत्याधुनिक सरकारी लैब से बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है। रांची के शहरी इलाके में एच5एन1 एवियन इंन्फ्लूएंजा वायरस से मुर्गियों की मौत की पुष्टि होने के बाद पशुपालन निदेशक चंदन कुमार ने रांची के डीसी को पत्र लिखा है और बर्ड फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए भारत सरकार के एक्शन प्लान के तहत कार्य योजना बनाने को कहा है।पशुपालन निदेशक चंदन कुमार ने जिला पशुपालन अधिकारी कोई निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि रांची नगर निगम क्षेत्र में जेल मोड़ के पास बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद एवियन इंन्फ्लूएंजा की डेली रिपोर्ट, पशुपालन स्वास्थ्य और उत्पादन संस्थान कांके के निदेशक को हर दिन शाम 5 बजे उपलब्ध करायी जाये।
टीम एबीएन, लातेहार/ रांची। आज दिनांक 4-03-2023 दिन शनिवार को लातेहार के धरमपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामुदायिक भवन में भारतीय किसान संघ के स्थापना दिवस मनाने को लेकर जिला महामंत्री बबन मांझी की अध्यक्षता में कार्यक्रम किया गया। जिसके मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष जयकुमार सिंह ने इस स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर बताया कि इसकी स्थापना 4 मार्च 1979 को राजस्थान के कोटा शहर में की गयी। विलक्षण संगठन व कुशलता के धनी महान भारतीय तत्वचिंतक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी ने भारतीय किसानों के उत्थान हेतु इस संगठन को साकार किया एवं उनका नारा था, देश का हम भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगे। आगे जय सिंह जी ने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए यह संगठन किसानों के साथ है। किसानों को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य मिलनी चाहिए और झारखंड में आगामी होने वाले मार्च महीने में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के कार्यक्रम को लेकर ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ता तैयार रहें। श्री शशि भूषण पाठक जी ने कहा कि किसान ग्रामों में नियमित बैठक करें एवं संगठित हों। कार्यक्रम की समाप्ति पर बबन मांझी जी ने कार्यकर्ताओं को बताया कि आगामी होने वाले लातेहार जिले में किसानों के कार्यक्रम को लेकर 12 मार्च 2023 को लातेहार में बैठक तय किया गया है। इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष उदय भानु प्रताप सिंह, जिला युवा प्रमुख रविंद्र प्रसाद, महिला प्रमुख चिंतामणि देवी, प्रखंड अध्यक्ष सरजू प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद, बाल गोविंद सिंह, गोपाल सिंह, राजू गंझू, राजेश प्रसाद, रामपति सिंह, रामा भगत, मनोज उरांव, सुदामा सिंह, गिरि बाबा आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, बुढ़मू (रांची)। बालू कोयला जिसमें से दो ऐसे खनिज पदार्थ है जिसपर वन विभाग, स्थानीय बुढ़मू थाना या स्थानीय प्रशासन के कई अन्य विंग ऐसे हैं। जहां कोयले की काली कमाई व बालू के उड़ते नोटों को पकड़ने मे यहां के पदाधिकारी मालामाल है। चालान के नाम पर दो नंबर बालू को एक नंबर करने की फिराक में दामोदर नदी के अस्तित्व को समाप्त करने मे लगे है। माफिया, यूं कहे तो बुढ़मू में अवैध बालू व कोयले का धंधा आज कोई नई बात नहीं है पिछले कई वर्षों से बदस्तूर जारी इन दो धंधों के चलते बुढ़मू थाना आज सोने की चिड़ियां बन चुका है। सालों भर चलने वाले इन दोनों धंधों मे प्रशासन से लेकर उग्रवादी तक मालमाल है। बालू में एक और जहां दो दर्जन से अधिक बालू माफिया सक्रिय हो झारखंड के खनिज संपदा को लूटने का काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर बुढ़मू के विभिन्न क्षेत्रों से जारी अवैध कोयले के धंधों मे दर्जनों बड़े माफिया व सैकड़ों छोटे स्तर के माफिया सक्रिय होकर पूरे छापर माइंस (कोल) क्षेत्र को खोखला कर चुके हैं। जिसे रोकने व टोकने वाला आज कोई अधिकारी नहीं है। रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक सांय सांय दौड़ाती बालू व कोयले की गाड़ियों से आज राहगीरों को भी चलना दूभर हो चुका है।अगर बुढ़मू प्रशासन की बात करें, तो उक्त धंधे को लेकर स्थानीय बुढ़मू पुलिस अवैध वसूली तक ही सिमट कर रह गई है। इस कारण आज अपराध का ग्राफ भी काफी हद तक बढ़ गई है। अगर वर्तमान स्थिति को अगर देखें तो बुढ़मू पुलिस की भूमिका काफी संदिग्ध है। दिलचस्प बात तो ये है कि बालू व कोयले की यह अवैध धंधे मे पुलिस व उग्रवादियों की भूमिका सामान नजर आ रही है। स्थिति यह है कि बाघ बकरी एक ही घाट में पानी पीते नजर आ रहे हैं। प्रशासन से ज्यादा यहां नक्सली संगठन हावी है और तो और खुलेआम बालू और कोयला तस्करों से नक्सली संगठन के नाम पर पर्ची भी काटी जा रही है। जिसको बुढ़मू प्रशासन द्वारा अप्रत्याशित रूप से समर्थन भी किया गया है।
खानवा गांव में कृषक वैज्ञानिक अंतरमिलन कार्यक्रम संपन्न टीम एबीएन, पलामू/ रांची। आत्मा पलामू की ओर से मेदिनीनगर सदर प्रखंड के जोड़ पंचायत स्थित खनवा गांव में आज कृषक वैज्ञानिक अंतरमिलन कार्यक्रम किया गया। इसमें जिला कृषि पदाधिकारी एवं कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल के विभिन्न प्रजाति एवं सिंचाई के अलग-अलग पद्धतियों के बारे में व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी।जिला कृषि पदाधिकारी दिनेश कुमार मांझी ने टपक सिंचाई पद्धति से खेती करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि टपक सिंचाई पद्धति किसानों के लिए बेहतर है। इस पद्धति के प्रयोग से किसान पानी की बचत कर सकते हैं, साथ ही फसल का उत्पादन भी अधिक ले सकेंगे। उन्होंने किसानों के अनुरोध पर नीलगाय के प्रकोप से बचने के लिए कुछ यांत्रिक संरक्षण प्रदान करने एवं उन्हें उपलब्ध कराने से संबंधित उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए पहल करने का आश्वासन दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक दिलीप कुमार पांडेय ने किसानों को कम पानी वाली खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पलामू कम बारिश वाला क्षेत्र है। इसे देखते हुए किसान फलदार पौधों को लगायें। उन्होंने फलदार पौधों के लाभ से लोगों को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने मोटे अनाज वाले फसलों को अपनाकर उसकी खेती करने की पहल शुरू करने की बातें कही। साथ ही नीलगाय से फसल को बचाने के लिए तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रयोग कर जानवरों से फसल के नुकसान को बचाया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र चियांकी के वैज्ञानिक अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को अधिक आमदनी वाली खेती को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने ज्वार, बाजरा आदि मोटे अनाज की खेती करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की खेती से किसान को एक ओर जहां फायदा होगा, वहीं दूसरी ओर उनके सेहत भी बने रहेंगे। उन्होंने समन्वित खेती को अपनाने एवं उसके लाभ के बारे में भी बताया। साथ ही जैविक खेती करने और उसके फायदे तथा उत्पादन के बारे में जानकारी दी। कृषक वैज्ञानिक अंतरमिलन कार्यक्रम में सदर प्रखंड के तकनीकी प्रबंधक सुमित वर्मा, मोहम्मदगंज के सहायक तकनीकी प्रबंधक आफताब आलम, आत्मा के उप परियोजना निदेशक प्रवीण राज, जोड़ पंचायत की मुखिया प्रभा देवी, किसान विजय कुमार मेहता, मुखराम यादव सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित थे।
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