टीम एबीएन, चतरा/ रांची। जिला में जंगली फल खाने से बच्चे बीमार हुए हैं। बताया जा रहा है कि जंगली फसल बगरेड़ी यानी जेड्रोफा खाने से सभी बच्चे बीमार हुए। इसके बाद इनको स्वास्थ्य उपकेंद्र कान्हाचट्टी में भर्ती कराया गया, जहां से इन्हें सदर अस्पताल भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री सत्यानंद भोक्ता बीमार बच्चों से मिले।घटना को लेकर बताया जा रहा है कि शनिवार को राजपुर थाना क्षेत्र के स्कूल के पास जंगल से बच्चों ने बगरेड़ी यानी जेड्रोफा तोड़कर खाए थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों की बीमारी की सूचना मिलते ही कान्हाचट्टी बीडीओ ने ग्रामीणों के सहयोग से सभी बच्चों को इलाज के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र कान्हाचट्टी में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। इलाज के बाद उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दिया है। जिसके बाद केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बर्ड फ्लू के लिए स्वास्थ विभाग निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।बता दें कि एक सप्ताह पहले ही बर्ड फ्लू के कारण बोकारो में करीब 4,000 मुर्गियों और बत्तखों को मारा गाया था। जिसके एक सप्ताह बाद राजधानी रांची में भी बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लुएंजा) की पुष्टि की गयी है। ऐसे में होली में मुर्गा खाने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने तीन मार्च को झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को लिखे एक पत्र में राजधानी में मुर्गियों में एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) संक्रमण की पुष्टि की व इसके रोकथाम के लिए राज्य सरकार को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। वहीं मुर्गियों में इस वायरस के लक्षण पाये जाने की सूचना मिलने के बाद झारखंड के पशुपालन विभाग ने इसके नमूने भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान में जांच के लिए भेजे थे।उन्होंने बताया कि शुक्रवार को संस्थान ने एक नमूने में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि की। वहीं राज्य के पशुपालन निदेशक चंदन कुमार ने भी रांची के उपायुक्त और जिला पशुपालन अधिकारी को बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सभी एहतियातन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले बोकारो के चास में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि की गयी थी, जिसके बाद करीब 4000 मुर्गियों एवं बत्तखों को मारा गया था। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने राज्य में बढ़ रहे बर्ड फ्लू के मामलों पर कहा कि हमारा विभाग भी इस पर ध्यान देगा। साथ में पशुपालन विभाग भी इस पर ध्यान देगा। किसी के शरीर पर इस वायरल का दुष्प्रभाव न पड़े। अभी तक ऐसी कोई गंभीर बात सामने तो नहीं आई हैं। आधिकारिक तौर पर अगर कोई मामला सामने आयेगा तो तुरंत उस पर संज्ञान लिया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में सुखाड़ प्रभावित 22 जिलों के 226 प्रखंडों में घोषित सुखाड़ को लेकर प्रत्येक परिवार को राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए 268.14 करोड़ रुपये झारखंड आकस्मिकता फंड (जेसीएफ) से लेने की मंजूरी दी है। कृषि विभाग के अनुरोध पर गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।आदेश के अनुसार प्रत्येक परिवार को 3500 रुपये राहत के रूप में राशि मुहैया करायी जायेगी। राज्य के 22 जिलों से 21,17,555 आवेदन मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना से प्राप्त हुए हैं। इसके लिए करीब 280 करोड़ रुपये की राशि की जरूरत है,जिसमें 268 करोड़ की राशि जेसीएफ से लेने की स्वीकृति दी गयी है।वहीं, जिन जिलों में 33 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट हुई है, वहां अलग से कृषि इनपुट अनुदान की राशि की मांग की जायेगी। आपदा विभाग ने राज्य आपदा मोचन निधि से यह फंड उपलब्ध करायेगा।
टीम एबीएन, रांची। हुटुप इरबा स्थित शाश्वत इंस्टिट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन में दिनांक 4-3-2023 को होली मिलन समारोह मनाया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ विनोद कुमार राय ने छात्रों को होली की बधाई दी तथा महाविद्यालय प्रबंधक डॉ आनंद जी ने अलग अलग रंगों की महत्व को समझाते हुए अच्छे रंगों का इस्तेमाल कर होली खेलने का आग्रह किया।इस प्रोग्राम में सेशन 2022-2024 सत्र के बच्चे शामिल हुए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंजली कुमारी, डॉ रश्मिरती, डॉ विनीता खलखो, ममता कुमारी, देशराज सिंह, संजीव कुमार, नागेंद्र कुमार, रूपेश कुमार, अशोक गोप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के बाजार होली के रंगों में रंगने लगे हैं। लोगों ने होली की तैयारियां शुरू कर दी है। दुकानें सज-धज कर तैयार है, जहां अनेक तरह के मुखोटा और तरह-तरह के गुलाल दिख रहे हैं।बच्चों को लुभाने के लिए होली के बाजारों में स्पाइडर मैन करेक्टर वाले गन, मोनो फिश वाटर टैंक, पब्जी गन, कैप्टेन अमेरिका और मेजिकल गन दिख रहे हैं। इसके अलावे छोटे और बड़े पिचकारी भी बाजार में उपलब्ध हैं। बाजार में मौजूद इन पिचकारी की कीमत 40 से 1600 रुपयों के बीच है। बाजार में थंडर मटका गुलाल भी मौजूद है, जिसकी कीमत 1300 रूपए से शुरू होता है। इस मटके को दबाने पर कलरफूल गुलाल निकलते हैं। मेजिक गन गुलाल की कीमत 300 रुपये है। इसके साथ ही कलर स्मोक हैंड पायरो गन की कीमत 1100 रुपये से शुरू है। लोगों की डिमांड पर डरवाने मास्क और मलिंगा बाल भी बाजार में उतारे गये हैं। जबकि होली है और बुरा ना मानो होली है लिखे हुए टी-शर्ट 100 रुपये में मिल रहे हैं।बाजार में इस साल नेचुरल और हर्बल गुलाल का क्रेज भी काफी ज्यादा है। होली के आते ही लोग अपने स्किन को लेकर काफी सतर्क हो जाते है। इस वजह से भी हर्बल गुलाल की डिमांड काफी बढ़ी है। रंग-बिरंगे गुलाल की बात करें तो ये सिंगल पैकेट के साथ-साथ पांच पिस के सेट में बिक रहे हैं। मार्केट में हरा, गुलाबी-पीला, लाल, नीला, पर्पल जैसे अनेक रंग मिल रहे हैं और इनकी कीमत 100 से 500 के बीच है।रांची में होली के सभी सामान दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से मंगाये जा रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में से इस वर्ष होली की वैराइटीज की कीमत में तकरीबन 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रांची के अपर बाजार के दुकानदारों का कहना कोरोना के बाद इस बार लोग बिना डरे काफी उत्साह-उमंग के साथ होली का त्योहार।
टीम एबीएन, रांची। शनिवार को मास कॉम आरयू के यूजी सेमेस्टर एक के छात्रों की बनायी डॉक्युमेंट्री फिल्म अनादृत को गोस्नर कॉलेज में आयोजित सिने फेस्ट में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। निदेशक डॉ बीपी सिन्हा की देखरेख तथा शिक्षक मनोज कुमार शर्मा के मेंटरशिप में पांच छात्रों उत्कर्ष, आकांक्षा, सुहाना, श्रुति और जगजीत ने किन्नरों की जिंदगी उनके संघर्ष और व्यथा को अपने इस डॉक्युमेंट्री बहुत ही संजीदगी से दिखाया है। छात्रों के इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा तथा मास कॉम के निदेश डॉ बीपी सिन्हा ने हर्ष व्यक्त किया और छात्रों को बधाई दी है।
टीम एबीएन, रांची। एचसीजी अब्दुर रज्जाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने स्टिलेटोस में पुरुषों के लिए रैंपवॉक का आयोजन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। एचसीजी अब्दुर रज्जाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को रंगों के अधिकार नामक एक अभियान के साथ चिह्नित किया। इस अभियान के एक भाग के रूप में, अस्पताल ने एक अद्वितीय रैंप का आयोजन किया। सेंट जेवियर्स कॉलेज हॉंस्टिलेटोस में पुरुषों के लिए वॉक, जहां छात्रोंऔर फैकल्टी सदस्यो ने रैंपवॉक किया, यह दिखाने के लिए कि एक महिला के जूते में क्या होना पसंद हैऔर उन चुनौतियों और कठिनाइयों को समझते हैं, जो वे अक्सर सहते हैं। इस पहल का उद्देश्य दैनिक आधार पर उनके सामने आनेवाली चुनौतियों को उजागर करते हुए महिलाओं के लचीलेपन और ताकत का प्रदर्शन करना था। यह महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव भी था, क्योंकि प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक जुटता के साथ रैंपवॉक किया। श्री माहेर खत्री, सीओओ, एचसीजी अब्दुर रज्जाक अंसारी कैंसर अस्पताल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस के लिए सभी व्यक्तियों और संगठनों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। एचसीजी द्वारा कलर्स आफ एंपावरमेंट अभियान का उद्देश्य समाज महिलाओं के सामने आनेवाली चुनौतियों को उजागर करते हुए उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाना था। रैंप वॉक एक अनूठा अनुभव था जिसने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को पुरुषों और महिला ओं को एक साथ लाकर महिलाओं द्वारा सामना किये जाने वाले दैनिक संघर्षों को प्रदर्शित करने की अनुमति दी। महिला सशक्ति करण के लिए इतने सारे लोगों को एकजुट होते देखना सुखद था। हम आशा करते हैं कि यह अभियान और अधिक लोगों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महिलाओं की यात्रा में समर्थन करने के लिए प्रेरित करेगा। महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत एचसीजी अब्दुर रज्जाक अंसारी कैंसर अस्पताल, रांची ने सेंट जेवियर्स कॉलेज में मुफ्त परामर्श प्रदान किया। इन परामर्शों की पेशकश करके, एचसीजी का उद्देश्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को अपनी भलाई बनाये रखने के लिए आवश्यक समर्थन मिले। रंगों के अधिकार अभियान लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एचसीजी की चल रही प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालता है। यह दूसरों कोई महत्वपूर्ण कारण में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है और सभी महिलाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने में मदद करता है। हॉस्पीटल कैंसर से संबंधित सभी रोगों का समुचित ईलाज के लिये प्रयत्नशील है और इस क्षेत्र में बेतहर सेवा उपलब्ध करा रहा है।
रांची से जयपुर, गोवा की लंबित मांग पर विचार का निर्णय स्वागतयोग्य टीम एबीएन, रांची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जयपुर और गोवा की सीधी फ्लाईट शुरू किये जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स ने एयरपोर्ट प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की। चैंबर के सीविल एविएशन उप समिति चेयरमेन दिनेश प्रसाद साहू ने कहा कि झारखण्ड चैंबर की मांग पर इंडिगो द्वारा 26 मार्च से रांची-गोवा-रांची और 23 मई से रांची से जयपुर सीधी कनेक्टिविटी शुरू करने का निर्णय लिया गया है। समर शेड्यूल में पहली बार रांची से जयपुर के लिए सीधी विमान सेवा शुरू होगी। इंडिगो का 180 सीटर एयरबस विमान सप्ताह में तीन दिन उडान भरेगा। श्री साहू ने कहा कि रांची से जयपुर को विमान सेवा से जोडने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। सीधी फ्लाईट नहीं होने के कारण वर्तमान में लोगों को दिल्ली या कोलकाता होकर जयपुर जाना पडता है जिसमें काफी समय लग जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिगो द्वारा जल्द ही रांची से अहमदाबाद की सीधी फ्लाईट भी शुरू की जायेगी, जिससे यात्री लाभान्वित होंगे। श्री साहू ने झारसुगुडा से रांची के लिए भी सीधी विमान सेवा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान में लोगों को वाया कोलकाता होकर आवागमन करना पडता है। ईधर, एक साल से आपरेशनल कारणों से बंद एयर इंडिया द्वारा फिर रांची से दिल्ली के लिए विमान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चैंबर ने खुशी जताते हुए इसे यात्रियों के लिए हितकर बताया।
मामला सेवा संपुष्टि और अनावश्यक स्पष्टीकरण पूछे जाने का जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन टीम एबीएन, कोडरमा। सेवा संपुष्टि, अनावश्यक रूप से परेशान करने और अनावश्यक स्पष्टीकरण पूछे जाने के मामले को लेकर शिक्षक शनिवार को डीईओ आफिस के सामने धरना पर बैठ गए। इसके पूर्व कोडरमा माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि नियुक्ति के समय से ही कोडरमा माध्यमिक शिक्षक संघ समस्याओं से त्रस्त रहा है। सुप्रीम कोर्ट से जंग लड़ कर जब शिक्षक उबरे हैं तो कोडरमा जिला शिक्षा कार्यालय का सौतेला रवैया अभी भी बरकरार है। सेवा संपुष्टि, बकाया वेतन भुगतान आदि समस्या पर संघ द्वारा बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी उसका निराकरण नहीं हो सका है। यदि समस्याओं का समाधान त्वरित गति से नहीं हुआ तो माध्यमिक शिक्षक प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि 2019 बैच के नियुक्त माध्यमिक शिक्षकों की सेवा संपुष्टि नहीं हो सकी है। 2019 बैच के नियुक्त माध्यमिक शिक्षकों जिनकी सेवा संपुष्टि 3 साल हो गई है उनका जिला कार्यालय के निष्क्रियता के कारण सेवा संपुष्टि लंबित है। इतिहास और नागरिक विषय के शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। इनका 3 माह का बकाया वेतन लंबित है। मानवता को ध्यान में रखते हुए अविलंब इसका भुगतान किया जाए। जिले के लगभग विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त है। प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इससे संबंधित कोई भी प्रशिक्षण उन्हें प्राप्त नहीं है, जिससे स्पष्ट हो कि उनका कार्य दायित्व क्या-क्या है। सेवा पुस्तिका का संधारण प्रभारी प्रधानाध्यापक से कराने की परंपरा पहले से चली आ रही है।2015 बैच के सभी शिक्षकों की सेवा संपुष्टि का संधारण व संपुष्टि हेतु गोपनीय प्रतिवेदन तत्कालीन कार्यरत प्रधानाध्यापकों के द्वारा ही संधारित किया गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि कोडरमा डीसी को भी सौंपी गयी है। ज्ञापन में जिलाध्यक्ष राधेश्याम शुक्ला, शशि शेखर, विनोद कुमार, सुनील यादव, अजय कुमार, हारून रशीद आलम, श्याम सुंदर यादव, वीरेंद्र कुमार यादव, शंकर पासवान, विनोद शर्मा, पी कुमार रविदास समेत लगभग 22 शिक्षकों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन पर विचार नहीं किके4 जाने के विरोध में शिक्षक डी ई ओ कार्यालय के समक्ष घंटों तक धरना पर बैठे रहे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.