टीम एबीएन, रांची। रविवार को खेलो इंडिया 10 का दम वीमेन लीग के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। जिसमें योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन ऑफ झारखंड ने महिलाओं को जागरूक किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मधुलिका वर्मा (डायरेक्टर, रांची यूनिवर्सिटी रांची योग विभाग) विशिष्ट अतिथि स्वामी देव जी (आचार्यकुलम), सुधा झा (पतंजलि महिला प्रभारी झारखंड), वरीय उपाध्यक्ष अंशु सरकार जी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, सचिव विपिन पांडे, कोषाध्यक्ष मनोज तिवारी, संतोषी कुमारी (कंपटीशन डायरेक्टर), मधु स्वाइन (कंपटीशन मैनेजर), मलय डे (टेक्निकल हेड) टेक्निकल ऑफिसर, को -ऑर्गेनाइजर प्रशांत सिंह, प्रहलाद भगत, डॉ एसके घोषाल, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ऑब्जर्वर पीएन दास, सुरेंद्र कुमार प्रसाद, मणिकांत कुमार इत्यादि लोग कार्यक्रम उपस्थित रहे।ओपनिंग सेरेमनी के दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मधुलिका वर्मा ने योग के क्षेत्र में महिलाओं-बालिकाओं के बढ़ते कदम को सराहा। प्रधानमंत्री के द्वारा इस प्रकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाने का संकल्प लिया, ताकि ग्रामीण इलाकों से खेल के प्रति महिलाओं के माध्यम से जागरूकता बड़े और राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के तरफ से पदक की प्राप्ति हो।समापन में मुख्य अतिथि सीपी सिंह (विधायक रांची), विशिष्ट अतिथि विकास झाझरिया, सुशांत कुमार, अपराजिता सिंह, अतुल कुमार, निशांत यादव (उपाध्यक्ष रांची जिला योगासन) बिट्टू दिव्य (नटराज योग संस्थान) उपस्थित रहे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में खेलो इंडिया वूमेन चलेगा एक सराहनीय कदम रहा है।मुख्य अतिथि सीपी सिंह विधायक रांची ने कहा कि खेलो इंडिया वूमेन महिलाओं में खेल के प्रति जागरूकता को ग्रामीण इलाकों से निकालकर शहर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक लेकर आयेगा। जिससे खेल के क्षेत्र में बेटियों के माध्यम से भारत का नाम रोशन होगा। इसी प्रतिज्ञा के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं बेटी खिलाओ का भी स्लोगन हमें रखना चाहिए। यह वक्तव्य मुख्य अतिथि का रहा।योगासन प्रतियोगिता का परिणाम18+ आर्टिस्टिक सिंगल में प्रथम स्थान अनुपा किंडो, द्वितीय रिया सेन, तृतीय बेबी कुमारी एवं 18+ ट्रेडिशनल योगासना में प्रथम स्थान आकांक्षा सिंह, द्वितीय आकृति राज, पम्मी कुमारी ,तृतीय रेखा बहरा और अंडर18 आर्टिस्टिक सिंगल मे प्रथम स्थान नाइसा सरकार, द्वितीय अर्पिता स्वाइन, तृतीय नंदिनी रॉय अंडर18 ट्रेडिशनल योगासना में प्रथम स्थान श्रेया भट्टाचार्य, द्वितीय अद्विता आनंदी, ट्विंकल स्वाइन, तृतीय अंशिका कुमारी, दीप्तिमाई शेट्टी को प्राप्त हुआ।
महिलायें घर और बाहर मिलाकर अधिक काम करती हैं : संजय पासवान एससी आंगनबाड़ी केन्द्रों में 6 माह से नहीं मिला पोषाहार : मीरा देवीटीम एबीएन, झुमरीतिलैया। झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ (सीटू) के बैनर तले ब्लॉक परिसर पार्क में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़ा मनाया गया। ज्ञात हो कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष होली हो जाने के कारण रविवार को मनाया गया। मौके पर आंगनबाड़ी संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी 2020-21 में महज़ 25.1 प्रतिशत थी, वहीं इसी अवधि में पुरुषों की भागीदारी 57.5 प्रतिशत थी, 32.4 प्रतिशत का यह फासला बताता है कि भले ही संविधान महिलाओं और पुरुषों को बराबर के अधिकार देता है, 21वीं सदी में भी औरतें बहुत पीछे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण उन्हें घर के सारे काम भी खुद करने पड़ रहे हैं। जेंडर गैप के मामले में भारत 140वें स्थान से गिरकर 112वें स्थान पर पहुंच चुका है। हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जब 8 घंटे का कार्यदिवस या 40 घंटे का कार्य-सप्ताह एक सपना सा बन गया है। महिला श्रमिक घर और बाहर मिलाकर 8 घंटे से अधिक काम करती हैं, पर उनके घरेलू श्रम को मान्यता नहीं दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका सहायिका का लगातार शोषण हो रहा है। अनुसूचित जाति आंगनबाड़ी केन्द्रों में पिछले छह महीने से पोषाहार नहीं मिला है, उधार लेकर केन्द्र चलाना मुश्किल हो गया है। बाकी केन्द्रों में भी तीन महीने से पोषाहार बकाया है। इंटरनेट का पैसा नहीं दिया जा रहा है, लेकिन पोषण ट्रैकर ऐप पर काम के लिए मजबूर किया जा रहा है। इंट्री कम होने पर लाभुकों का टीएचआर का पैकेट कम दिया जा रहा है, जिसके कारण काफी दिक्कत हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र में गैस सिलेंडर नहीं भराये जाने से बच्चों के पोषाहार बनाने में भी मुश्किल हो रहा है। इन मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करना होगा। मौके पर निर्णय लिया गया कि 24 मार्च को सेविका सहायिका की जिला स्तरीय विस्तारित जीबी बैठक आयोजित किया जायेगा और आंदोलन का निर्णय लिया जायेगा। बैठक की अध्यक्षता जिला सचिव वर्षा रानी ने की जबकि संचालन संतोषी देवी ने की। कार्यक्रम में दीपा कुमारी, संगीता सिन्हा, सुप्रीति कुमारी, सुषमा देवी, शीला देवी, फरजाना खातुन, रीना देवी, सुनीता देवी, संजीता देवी, किरण देवी, कांति देवी सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
संकुल स्तरीय वार्षिक कार्य योजना का हुआ निर्माणसत्र 2023 - 24 के लिए वार्षिक बजट पर हुई चर्चा टीम एबीएन, लोहरदगा। संकुल संयोजक शशिधर लाल अग्रवाल के अध्यक्षता में संकुल स्तरीय प्रधानाचार्य की बैठक सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर लोहरदगा में संपन्न हुई एवं बजट पर चर्चा की गयी।इस बैठक में विपिन कुमार दास प्रधानाचार्य शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, विमलेश कुमार तिवारी प्रधानाचार्य सेन्हा, सुरेश चंद्र पांडे प्रधानाचार्य सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, मनोहर मोदी प्रधानाचार्य चापीं, प्रमोद कुमार प्रधानाचार्य कैरो, राजकुमार नाग प्रधानाचार्य कुडु, उत्तम मुखर्जी प्रधानाचार्य मनोहर लाल इंटर महाविद्यालय एवं विभाग प्रमुख की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। संकुल स्तरीय वार्षिक कार्य योजना का निर्माण किया गया तथा संकुल स्तरीय विषय प्रमुख का चयन किया गया। इस अवसर पर संकुल के 4 विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर बड़की चापी, सरस्वती विद्या मंदिर कैरो, सरस्वती विद्या मंदिर कुडू एवं सरस्वती विद्या मंदिर सेन्हा को संकुल केंद्र से वार्षिक उत्सर्ग पत्रिका सप्रेम भेंट की गयी। इन चारों विद्यालयों में वार्षिक पत्रिका नहीं आती थी। इस व्यवस्था से प्रेरित होकर चारों विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने अगले सत्र में वार्षिक पत्रिका मंगवाने का संकल्प लिया।
राइफल क्लब के अपने हैं हथियार, कार्बन गैस फीलिंग की सुविधाभारत और झारखंड राइफल एसोसिएशन से मान्यता मिलेगा : धीरज साहूइलेक्ट्रॉनिक टारगेट वाला झारखंड का पहला राइफल शूटिंग सेंटर होगाटीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा में न केवल झारखंड बल्कि देश के आधुनिकतम राइफल शूटिंग सेंटर बनकर तैयार है। इसका शुभारंभ शीघ्र होने वाला है। लोहरदगा जिला राइफल शूटिंग के चेयरमैन सांसद धीरज प्रसाद साहू ने शुक्रवार को बीएस कॉलेज स्टेडियम परिसर में बने राइफल शूटिंग का निरीक्षण किया। झारखंड का सबसे आधुनिक और सुविधाओं से युक्त राइफल शूटिंग है।सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बताया कि शूटिंग सेंटर में उपयोग आने वाले उपकरण और सामग्री करीब 75 लाख रुपये की लागत से मंगवायी गयी है। सेंटर के एसी भवन बनाया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि शूटिंग सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक टारगेट है। जो देश के काफी कम जगहों में यह उपलब्ध है। झारखंड में के देवघर में भी राइफल शूटिंग सेंटर है, पर उसमें इतनी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।लोहरदगा के शूटिंग सेंटर में कार्बन सीओटू गैस फिलिंग की सुविधा है। इसके लिए कंप्रेसर बड़ा और छोटा सिलेंडर स्थापित किया गया है। जिससे फायर होगा। यह सुविधा झारखंड के किसी सेंटर में नहीं है। लोहरदगा राइफल क्लब में खुद के दर्जनभर राइफल और पिस्टल है।यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। 20 एसी भवन में लगे हैं। उत्कृष्ट फर्नीचर लगाये गये हैं।सांसद श्री साहू ने कहा कि आधारभूत संरचना के मामले में लोहरदगा राइफल शूटिंग देश के चुनिंदा सेंटरों में जाना जायेगा। भारतीय राइफल एसोसिएशन और झारखंड राइफल एसोसिएशन इस सेंटर को शीघ्र मान्यता मिल जायेगी। उसके बाद यहां ट्रेनिंग भी दिया जायेगा। राइफल शूटिंग के लिए करीब डेढ़ करोड रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है। भारतीय राइफल एसोसिएशन के रवि कुमार सिन्हा ने बताया कि लोहरदगा में बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रतियोगिता भी कराया जा सकता है। 10 मीटर के टारगेट वाला इस शूटिंग सेंटर के आरंभ होने के बाद क्षेत्र के निशानेबाजों को एक बड़ा मंच मिलेगा। यही नहीं दोनों एसोसिएशन से मान्यता मिलने और प्रतियोगिता को लिस्टिंग करने के बाद यहां से जारी प्रमाण पत्र देशभर में मान्य होगा। श्री सिन्हा ने बताया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय कोच द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जेपी नौटियाल ने भी लोहरदगा में अपनी सहमति कोचिंग के लिए दी है।
सरना धर्म कोड महारैली को लेकर एकजुट दिखेंगे आदिवासीटीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान से जुड़े विभिन्न आदिवासी संगठनाें की ओर से आज रांची के मोरहाबादी मैदान में वृहद सरना धर्म कोड महारैली किया जा रहा है। इस महारैली में संगठनों की ओर से बड़ी संख्या में आदिवासियों के भाग लेने का दावा किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों सहित नेपाल, भूटान, बांग्लादेश के सरना धर्मावलंबी भी आयेंगे।महारैली के माध्यम से केंद्र सरकार से आगामी जनगणना के विहित परिपत्र के धर्म कॉलम में सातवें धर्म के रूप में सरना धर्म शामिल करने, कॉमन सिविल कोड लागू नहीं करने, पेसा कानून और समता जजमेंट लागू करने और पारसनाथ मरंगबुरू आदिवासी समुदाय के पूजा स्थल के रूप में अधिसूचित करने पर प्रस्ताव लाकर केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की जायेगी।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक के बाद चिकित्सकों ने 13 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल ली वापसटीम एबीएन, रांची। झारखंड में चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों ने राज्य सरकार के साथ बैठक के बाद 13 मार्च को अपनी प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) झारखंड के सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि चिकित्सकों के संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिन के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इन मुद्दों में चिकित्सकों की उनके कार्यस्थलों पर सुरक्षा के लिए नैदानिक स्थापन अधिनियम में संशोधन शामिल है। सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक सार्थक रही। हमने देखा कि सरकार हमारी मांगों को लेकर गंभीर है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने झारखंड मेडिकल सर्विस एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य इकाई के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। ये संगठन नैदानिक स्थापन अधिनियम में संशोधन के साथ कार्यस्थल पर अधिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार मुद्दों के रचनात्मक समाधान के लिए काम कर रही है। श्री सिंह ने कहा कि चिकित्सकों के संगठनों की एक बैठक के दौरान, 13 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।
टीम एबीएन, बोकारो/ रांची। बोकारो थर्मल के जारंगडीह स्थित अपर बंगला और शिव मंदिर के पास शनिवार की रात अज्ञात बाइक सवारों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस फायरिंग से मची अफरा-तफरी में कोल व्यवसायी शांतिपद गोराई (46) को गोली लग गयी। गोली उनके कमर के नीचे लगी। शांतिपद गोराई आरआर शॉप कॉलोनी के रहने वाले हैं।गोली लगने के बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए डीवीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर स्थिति को देख उसे बोकारो रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस की ओर से अपराधियों की गिरफ्तारी की बात कहे जाने के बाद लोगों ने सड़क जाम हटाया।इधर, घटना की सूचना पाकर बोकारो थर्मल थाना के इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी शैलेश कुमार चौहान के नेतृत्व में पुलिस की टीम गोली चलाने वाले अपराधियों का सुराग लगाकर पकड़ने के अभियान में जुटी हुई है।घटना के विरोध में लोगों ने कथारा-फुसरो मुख्य मार्ग को जामकर आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। घटना के संबंध में बताया गया कि एक बाइक में सवार तीन युवक काफी समय से आपस में ही विवाद कर रहे थे, जिसे सुनकर कई लोग वहां पहुंचे तथा तीनों को घर जाने की बात कहने पर तीनों युवक चले गये। लेकिन कुछ समय बाद फिर वापस आकर गाली-गलौज करते हुए फायरिंग शुरू कर दिया। उसी समय शांति पद गोराई अपने आवास से बड़े भाई महादेव गोराई के घर जा रहा था। इसी बीच एक गोली उसके कमर के नीचे जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की तरफ से एक योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत सरकार की तरफ से किसानों को वैकल्पिक खेती के तौर पर भी तैयार करने और इसमें भी आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी है।आपको बता दें कि झारखंड सरकार की तरफ से इस योजना की शुरुआत साल 2020 में की गयी थी और इस योजना को झारखंड के लाल और क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रखा गया है। बिरसा हरित ग्राम योजना का केवल और केवल एक उद्देश्य है कि प्रदेश को पूरी तरह से हरियाली युक्त किया जा सके।बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत सरकार ने 5 करोड़ से ज्यादा फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर जिले में 1400 एकड़ के करीब परती भूमि को रखा गया है। बता दें कि इस योजना को पूरी तरह से निगरानी में रखने का काम जिला उपायुक्त को सौंपा गया है। इसके साथ ही लक्ष्य यह है कि जब ये फलदार पेंड फल देने लगेंगे तो इन्हें पास के ग्रामीणों को पट्टे पर दिया जा सके ताकि इसकी देखभाल भी हो जाये और साथ ही इससे आमदनी का स्त्रोत भी बने।इस योजना के तहत पूरे प्रदेश के 2 लाख एकड़ से ज्यादा भूमि पर आम, अमरूद जैसे फलदार पौधों की बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। इसमें केवल फलों के पौधे होंगे ऐसा नहीं है नींबू की तरह के फल वाले पौधे भी इसके तहत लगाये जाने का लक्ष्य रखा गया है।बता दें कि बिरसा हरित ग्राम योजना को झारखंड सरकार ने मनरेगा से जोड़ दिया है ताकि इससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल जाये, प्रदेश में हरियाली भी बढ़े और सरकार को वित्त का भी फायदा मिले।योजना में ग्रामीणों और खासकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख परिवारों को 100-100 पौधों का देने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में पूरे प्रदेश में 5 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। बता दें कि इसके तहत पौधों के रोपण का काम शुरू कर दिया गया है। इस योजना के तहत बेकार और बंजर पड़ी भूमि को इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम में पुरुष किसानों के साथ ही स्त्रियों को भी सहभागी बनाया जा रहा है ताकि उनको भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
डॉक्टर ने दी सतर्कता बरतने की सलाहटीम एबीएन, रांची। देश के विभिन्न राज्यों की तरह झारखंड में भी एच3एन2 मौसमी इन्फ्लूएंजा फैलने की आशंका है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। कोरोना के समान लक्षण वाली बीमारी तेजी से फैल सकती है। इस बीमारी से जान जाने का खतरा बना रहता है।दिखने लगते हैं लोगों में ये लक्षण : रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर संजय ने बताया कि इस बीमारी में लोगों को लंबी खांसी, सांस फूलने, शरीर में लगातार थकान की शिकायत रहती है। ऐसे में लोगों को बिना समय गंवाये जांच करानी आवश्यक है। समय पर जांच नहीं होने पर कई बार बीमारी अंतिम स्टेज में पता चलती है और लोगों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आगे बताया कि इस बीमारी में जान जाने की भी आशंका रहती है। वहीं समय पर जांच हो जाने से सही तरीके से इलाज हो पाता है।मास्क उपयोग करने की दी हिदायत : इस बीमारी से बचने के सबसे बेहतर उपाय है कि मास्क का उपयोग ज्यादा से ज्यादा हो। सांस के द्वारा फैलने वाली इस बीमारी में मास्क कारगर साबित होता है।मौसमी इन्फ्लूएंजा से अब तक देश भर में 2 मौतें : मौसमी इन्फ्लूएंजा एच3एन2 से अब तक 2 मौतें हुई हैं। एक कर्नाटक और दूसरी हरियाणा से मौत की खबर सामने आयी है। वहीं डॉक्टर ने आगे बताया कि आम लोगों को वायरस की जानकारी नहीं है और बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के दवाई ले लेते हैं। लोग पास के मेडिकल स्टोर से खुद जाकर छोटी मोटी बीमारी बता के दवाई ले आते है, जो वक्त आने पर खतरनाक साबित हो सकता है।
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