जमीन पर किसी और ने किया दावाटीम एबीएन, साहिबगंज/ रांची। साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड के पूर्वी नारायणपुर गांव में 1965 से रह रहे लोगों को यहां से उजड़ने की चिंता सता रही है। यहां 650 हिंदू परिवार के 3 हजार शरणार्थी दहशत में आ गये हैं।मोहम्मद यूसुफ ने अनसर्वे भूमि पर ठोका दावा : बता दें कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार के दिनों बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी थी। इसके बाद बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने इन लोगों को बसाने के लिए 2500 बीघा जमीन दी। अब उसी जमीन पर मो। यूसुफ समेत अन्य ने दावा ठोक दिया है। जानकारी के मुताबिक, 2012-13 में स्थानीय मोहम्मद यूसुफ ने अनसर्वे भूमि पर दावा करते हुए उपायुक्त साहिबगंज के न्यायालय में एक वाद दाखिल किया। कोर्ट ने सीमांकन कराने का निर्देश दिया था। अमल नहीं हुआ तो 2019-20 में उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने 2020 में उपायुक्त को सीमांकन कार्य कराने का निर्देश दिया। बाद में यूसुफ ने फिर हाईकोर्ट में आदेश अनुपालन की गुहार लगाई, जिस पर कोर्ट ने उपायुक्त से आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी। इस पर राजमहल के अंचलाधिकारी ने इन परिवारों को नोटिस देकर कहा है कि जहां वे बसे हैं, उस भूमि का उपायुक्त और हाईकोर्ट के आदेश पर सीमांकन किया जायेगा।बांग्लादेश से उजाड़ा गया, अब यहां से भी बेघर करने की तैयारी : हाईकोर्ट के आदेश पर राजमहल एसडीओ रोशन शाह की अगुवाई में पुलिस पदाधिकारियों की टीम जमीन की मापी करने पहुंची तो यहां बसे लोगों के होश उड़ गये। लोगों ने इसका विरोध किया। यहां बसे लोगों ने कहा कि एक बार बांग्लादेश से उजाड़ा गया। अब पूर्वी नारायणपुर गांव से भी बेघर करने की तैयारी है, क्योंकि जमीन का दस्तावेज होने के बावजूद प्रशासन साथ नहीं दे रहा। परिवारों का कहना है कि यह इलाका अनसर्वे लैंड का है। बांग्लादेशी घुसपैठिये पुलिस-प्रशासन की आंख में धूल झोंक कर उन लोगों को बेघर करने की कोशिश कर रहे हैं। इंसाफ के लिए वे अंतिम दम तक लड़ेंगे। हाईकोर्ट की भी शरण लेंगे।जमीन का सर्वे नहीं हुआ है : वहीं, भारती मंडल, नयनतारा सरकार, सरस्वती मंडल, अर्जुन मंडल, विनोदिनी सरकार आदि ने बताया कि जिस जगह वो गुजर-बसर करते हैं उस जमीन का सर्वे नहीं हुआ है। 650 हिंदू परिवार यहां 2500 बीघा जमीन पर 1965 से रह रहे हैं। यहां उनका घर है। खेती-बारी भी करते हैं। उनके पास दस्तावेज उपलब्ध हैं। वो लोग पूर्वी पाकिस्तान से भाग कर यहां आये थे। तत्कालीन सरकार ने उनको यहां बसाया था। 1971 में उन्हें नागरिकता मिली थी।
झारखंड विधानसभाभाजपा विधायक सदन के अंदर भगवा रंग की टी शर्ट पहन कर पहुंचेटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में गुरुवार को भी सदन के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। भाजपा विधायक सदन के अंदर भगवा रंग की टी शर्ट पहन कर पहुंचे, जिन पर 60-40 नाय चलतो और 1932 का क्या हुआ लिखा था।कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक वेल में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच स्पीकर अल्पसूचित प्रश्न ले रहे थे। विपक्ष का हंगामा और नारेबाजी देख विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।इससे पहले अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार से सिंचाई के लिए परकोलेशन टैंक की जगह डीप बोरिंग योजना को स्वीकृति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान डीप बोरिंग की मांग कर रहे हैं। जवाब में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि वर्ष 2023-24 के बजट में डीप बोरिंग के लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर एक अप्रैल के बाद राज्यादेश निकलेगा।विधायक ने मंत्री से जानना चाहा कि प्रति प्रखंड कितना डीप बोरिंग दिया जायेगा। इस पर मंत्री स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पाये। मंत्री के जवाब पर विधायक दीपिका ने अध्यक्ष से कहा कि मंत्री का गोलमोल जवाब आपके सामने है, इसीलिए हम लोग सवाल नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कोई प्री प्लान नहीं है क्या। यही वजह है कि साल के अंत में पता चलता है कि आधे से अधिक राशि खर्च नहीं हो पाती।प्रदीप यादव ने लंबित सिंचाई परियोजना का मामला उठाया : विधायक प्रदीप यादव ने सालों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में 50 साल बाद भी कई डैमों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। डैमों के जीर्णोद्धार के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी उनका कैंचमेंट एरिया कम हो रहा है और नहरें सूख रही हैं। राज्य में 29।4 लाख हेक्टेयर खेती योग्य जमीन में से 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर ही सिंचाई की सुविधा है। प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार डैमो के अधूरे कार्यों को कब तक पूरा करेगी।प्रदीप यादव के सवाल पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि अधूरी परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। 2025 तक अधूरे योजनाओं को पूरा किया जायेगा। सालों से लंबित परियोजनाओं को लेकर सरकार गंभीर है। इसपर प्रदीप यादव ने कहा कि जो योजनाएं 50 साल में भी पूरे नहीं हुए हैं वे पांच साल में कैसे पूरे होंगे। इसका क्या आधार है मंत्री बतायें।मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सबसे बड़ा आधार सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 2025 तक अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो जायेंगी।झारखंड राज्य वक्फ बोर्ड का गठन एक महीने के अंदर कर लिया जायेगा : मंत्रीमंत्री हफीजुल हसन ने सदन में आश्वासन दिया है कि एक महीने के अंदर झारखंड राज्य वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया जाएगा। माले विधायक विनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का गठन कर लिया गया है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना आदि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य एवं जिला स्तरीय 15 सूत्री समिति का गठन कर लिया गया है। एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का भी गठन कर लिया जायेगा। विधायक बिनोद सिंह ने सरकार से जानना चाहा था कि राज्य में 15 सूत्री राज्य और जिला समिति, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम का गठन नहीं होने से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले से सदन के बाहर विपक्ष के तेवर देख कर इस बात का अनुमान लग गया था कि आज भी सदन में शोर शराबा गूंजेगा। जिस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए, उन मुद्दों पर सिर्फ शोर शराबा के जरिए सदन का वक्त जाया हो रहा है और नुकसान राज्य की जनता को उठाना पड़ रहा है। बुधवार को ही विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के विधायकों के द्वारा स्लोगन लिखे भगवा रंग के टी शर्ट पहन कर आने पर आपत्ति जतायी थी और नियमन दिया था। इसके बावजूद गुरुवार को भी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा के विधायक कल वाली ही टी-शर्ट पहन कर विधानसभा पहुंचे और नतीजन विधानसभा का प्रश्नकाल हंगामे की भेंट ही चढ़ा।सदन बाधित होता रहा, स्थगित होता रहा। अध्यक्ष के मना करने के बाद भी विपक्ष के विधायक टी शर्ट उतारने को तैयार नहीं हुए। सदन में जमकर तू तू मैं मैं हुआ। खूब शोर शराबा मचा। जिस सदन में जनता के हित की बात गुंजनी चाहिए, वहां सिर्फ आरोप प्रत्यारोप शोर शराबा सुनाई देता रहा। लिहाजा विधानसभा स्थगित होता रहा। सदन के संचालन में राज्य की जनता के हर दिन करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, पर उसका लाभ राज्य को नहीं मिल पा रहा है।झारखंड विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में कहा कि कार्य मंत्रणा की बैठक में तय हुआ कि सभी विपक्ष के विधायक स्लोगन लिखा हुआ टी शर्ट उतार देंगे। विधानसभा अध्यक्ष भी बीजेपी के विधायकों से इसे उतारने का आग्रह करते रहे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कल भी व्यवधान हुआ था, जो भी सदस्य आज चर्चा में भाग लें। भगवा कलर का स्लोगन लिखा टी शर्ट उतार कर चर्चा में भाग लें। ताकि सदन की मर्यादा बनी रहे।कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि आज जो बहस होगा, अगर इस ड्रेस में होगा तो कार्य मंत्रणा के निर्णय का कोई मतलब नहीं रहा। जबकि सदन में विपक्ष की तरफ से भाजपा विधायकों ने टी शर्ट उतारने से मना कर दिया।भाजपा विधायक सी पी सिंह ने कहा कि कल से हम लोग पहन कर नहीं आयेंगे। भाजपा विधायक भानू प्रताप ने कहा कि कल सत्ता पक्ष के तरफ से व्यवधान पैदा किया गया था। आप का सम्मान है और आपने आग्रह किया है तो कल से विपक्ष इस परिधान को पहन कर नहीं आयेंगे।झारखंड विधानसभा की अगर हम बात करें तो सदन का ज्यादातर समय शोर शराबे और हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। इसका लाभ राज्य की जनता को मिले। इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी भूमिका निभाना होगा। विपक्ष जिस तरह से अपनी जिद पर आमादा है, उससे इतर सदन में बहस में भाग लेकर सरकार को न सिर्फ घेर सकती है, बल्कि सरकार को विपक्ष के द्वारा सदन में उठाये गये सवाल का सदन में सरकार को जबाव देने के लिए मजबूर कर सकती है।
समाज के प्रतिभावान छात्रों को मिला सम्मानटीम एबीएन, कोडरमा। माहुरी वैश्य मंडल के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय मां मथुरासिनी महोत्सव के तीसरे श्री माहुरी भवन में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों व सदस्यों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नवादा जेल अधीक्षक अजित वैश्यकियार व विशिष्ट अथिति कोडरमा स्टेशन प्रबंधक संतोष कुमार, माहुरी वैश्य महामंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता, महामंत्री उमाशंकर चरणपहाड़ी, उपाध्यक्ष रवि कपसीमे, राजेंद्र तर्वे, संगठन मंत्री प्रदीप कुमार, उप धर्म संचार मंत्री मनीष कुमार आकाश, उप सचिव राजकुमार अठघरा, केंद्रीय नवयुवक समिति उपाध्यक्ष रितेश लोहानी शामिल हुए। अतिथियों ने समारोह का उद्घाटन दिप प्रज्वलित कर किया। मौके पर मुख्य अथिति अजित वैश्यकियार ने कहा कि जीवन में हर पग पर मुसीबत आती है लेकिन जो इन मुसीबतों से जूझ कर आगे बढ़ता है वो ही आगे नया मुकाम हासिल करता है। हार से कभी डरना नहीं चाहिए कोशिस करने वालों की कभी हार नहीं होती है। इस लिए सबों को अपने लक्ष्य पर फोकस करते हुए अपने आत्मविश्वस को मजबूत रखने कि जरूरत है। उन्होंने सभी बच्चों को ईमानदारी से कड़ी मेहनत करने की बात कही। विशिष्ट अतिथियों ने भी उपस्थित लोगों को मां मथुरासिनी महोत्सव को शुभकामनाएं दी। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके उपरांत मां मथुरासिनी वंदना के साथ सम्मान समारोह प्रारंभ हुआ। समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों व सदस्यों को अतिथियों के द्वारा प्रशस्त्री पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।समारोह के परियोजना निदेशक दिलीप अठघरा व महिला समिति की रेणु बड़गवे थी। मौके पर मंडल अध्यक्ष मुन्ना भदानी, सचिव संजय तर्वे, उपाध्यक्ष दयानंद पवनचौदह, कोषाध्यक्ष विजय वैश्यकियार, संगठन मंत्री विशाल भदानी, अरविंद एकघरा, नवयुवक समिति अध्यक्ष प्रतीक कुमार, उपाध्यक्ष अंकित एकघरा, सचिव साहिल भदानी, खेल मंत्री संस्कार लोहानी, पीयूष लोहानी, महिला समिति अध्यक्ष ललिता भदानी, सचिव सरोज पवनचौदह आदि मौजूद थे।
झारखंड के रामगढ़, हजारीबाग, पलामू, गढ़वा 291 किमी के लिए माल गाड़ियों के लिए होगा वरदान साबितटीम एबीएन, कोडरमा। किसी भी शहर या राज्य को विकसित करने के लिए बिजली आपूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। निर्बाध रूप से कोयला की आपूर्ति होना एक बड़ी समस्या बन रही थी। रेलवे ने इससे विशेष रूप से अलग रेलवे ट्रैक का निर्माण कर झारखंड-बिहार के कोयला खदानों से जोड़ने की कवायद की है।इधर, गुरुवार को संरक्षा आयुक्त पूर्वी सर्किल कोलकाता के सुवोमोय मित्रा ने सोननगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। इसके बाद स्पीड ट्रायल सफलतापूर्ण संपन्न हुआ। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 291 किमी लंबे सोननगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना 2015-16 के बजट मे 4500 सौ करोड़ की लागत से स्वीकृत की गयी थी। जोकि बिहार के औरंगाबाद, झारखंड के रामगढ, हजारीबाग, गढ़वा, पलामू औ लातेहार जिलों से होकर गुजरती है। सीआरएस की स्वीकृति के बाद परियोजना नवी नगर रोड और टंडवा स्थित सुपर थर्मल पॉवर प्लांटों से सीधे देश भर के किसी भी राज्य में कोयला की आपूर्ति की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। रेलवे सोन नगर में कोडरमा जंक्शन के रास्ते डीएफसी लाइन के साथ विलय के लिए फीडर मार्ग के रूप में भी काम करेगी।
टीम एबीएन, कर्रा। लोधमा बाजार हाट में लगी सोलर जल टंकी का समरसेबल खराब हो जाने से पानी की समस्या बढ़ गई है। लोगों को पीने के पानी के अलावा माल मवेशियों को पानी पिलाने में काफी दिक्कत हो रही है। बाजार करने वालों राहगीरों दुकानदारों को भी पानी पीने की समस्या हो रही है। लोधमा बाजार हाट पर मात्र एक चपा नल है, जिसका पानी पीने योग्य नहीं है। जिससे वहां का पानी पिया जा सके लोगों को अभी दूर-दूर से पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है।
टीम एबीएन, रांची। देश में एच3एन2 वायरस तेजी से अपना पांव पसार रहा है। इस बीच झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में भी एच3एन2 वायरस को लेकर अलर्ट है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के तरफ से भी कई दिशा निर्देश दिये गये हैं। फिलहाल झारखंड में अभी एक भी केस नहीं आया है।रिम्स के पीआरओ राजीव कुमार ने बताया है की रिम्स इस वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। वैसे जो भी मरीज अगर आते है तो उनका जांच किया जायेगा। नए सस्पेक्ट के कारण यहां टेस्टिंग जरूरी है। पहले जो आरटी पीसीआर होता था उसी से जांच होगा। किट भी जल्द उपलब्ध होगा। वहीं इससे बचने के लिए धनबाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। धनबाद में इस बीमारी से निपटने की तैयारी चल रही है। अस्पतालों के ओपीडी में सर्दी खांसी बुखार सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या लेकर आने वाली मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। धनबाद के सिविल सर्जन ने कहा कि इससे संबंधित विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से अलर्ट है। धनबाद के किसी सरकारी या प्राइवेट लैब में भी एच3एन2 टेस्ट की सुविधा भी नहीं है। इससे बचने का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाना है। वहीं एच3एन2 के मामले को देखते हुए लोहरदगा स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश के बाद लोहरदगा जिले में स्वास्थ्य सुविधा प्रखंड स्तर में सुदृढ़ किया गया है। इससे पूर्व अन्य जिलों में बढ़े बर्ड फ्लू के मामले को देखते हुए भी स्वास्थ्य विभाग पूर्व से ही अलर्ट है। हालांकि अब तक जिले में इन दोनों में से किसी के भी मरीज सामने नहीं आये हैं। सदर अस्पताल में कोविड काल के दौरान लगाये गये आक्सीजन प्लांट भी चालू है वहीं सदर अस्पताल में 16 बेड को अत्याधुनिक मशीनों से लैस वार्ड तैयार रखा गया है।
टीम एबीएन, खूंटी। हॉकी इंडिया और हॉकी झारखंड की ओर से खूंटी में 19 से 26 मार्च तक एक साथ महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग का ईस्ट जोन राष्ट्रीय जूनियर हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन किया जायेगा।झारखंड में पहला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन होगा जब एक साथ दो-दो मैदान में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग का राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन किया जायेगा। ईस्ट जोन राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में झारखंड, बिहार, ओडिसा, पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश की महिला और पुरुष टीम भाग लेगी। इस प्रतियोगिता नौ टीमों में 400 से अधिक महिला एवं पुरुष हॉकी खिलाड़ी एवं ऑफिशियल भाग लेंगे।
टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। जनजातीय समुदाय के सबसे बड़े त्योहार सरहुल पहले धार्मिक के साथ ही सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व था, लेकिन अब इसका भी राजनीतिकरण हो गया है। लोग अलग-अलग समूह बनाकर अलग-अलग दिनों में सरहुल मना रहे हैं। पहले खूंटी में एक ही दिन सामूहिक रूप से सरहुल मनाया जाता था, लेकिन अब न वो सामाजिक एकता रही और न ही पुरानी परंपरा। ये बातें लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष पद्मभूषण कड़िया मुंडा ने कही।कड़िया मुंडा अपने अनिगड़ा (खूंटी) स्थित आवास में हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत कर रहे थे। खूंटी संसदीय क्षेत्र से आठ बार सांसद रहे पद्मभूषण कड़िया मुंडा ने कहा कि हर गांव में अलग-अलग दिनों में सरहुल मनाया जाता है। सरना धर्म की परंपरा रही है कि जिस गांव में सरहुल संपन्न नहीं हुआ है, उस गांव में सखुआ या सरई के फूल को ले जाने की मनाही थी।गांव में सरहुल होने के बाद ही कोई व्यक्ति इस फूल को लेकर जा सकता है। इसीलिए खूंटी के सीमावर्ती गांवों में सरहुल मनाने के के बाद अंतिम में खूंटी में सामूहिक रूप से सरहुल मनाया जाता था, ताकि सभी गांवों के लोग मुख्य कार्यक्रम में शामिल हो सकें।यदि किसी गांव में सरहुल नहीं मनाया गया है, तो उस गांव के लोग खूंटी के सरहुल में शामिल नहीं हो सकते थे, लेकिन अब लोग खूंटी में दो दिन सरहुल मनाने लगे हैं।कड़िया मुंडा ने कहा कि कुछ लोग 24 मार्च को ही खूंटी में सरहुल मनायेंगे, जबकि पहले की परंपरा के अनुसार इस वर्ष छह अप्रैल को खूंटी में सामूहिक रूप से सरहुन मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों का इस तरह राजनीतिकरण कर कुछ लोग आदिवासियों की एकता को गंभीर चोट पहुंचा रहे हैं और सामाजिक एकता को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपरा, धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने वाले लोग भी अब दिखावे के लिए कानों में औेर अपने घरों में सखुआ या सरई का फूल लगाने लगे हैं।सूर्य और पृथ्वी के विवाह का पर्व है सरहुल : पद्मभूषण कडिष मुंडा ने कहा कि सरहुल का त्योहार सूर्य और पृथ्वी की शादी का पर्व है। इसीलिए गांव के पाहन और उसकी पत्नी को नया वस्त्र, नया घड़ा आदि देने की परंपरा है। कड़िया मुंडा ने कहा कि सरहुल के बाद ही किसान खेतों में धान बुनने का काम शुरू करते हैं अर्थात सूर्य और पृथ्वी की शादी होने के बाद ही खेती-किसानी का काम शुरू होता है।ईसाई बन चुके लोगों को पड़हा अध्यक्ष बनने का अधिकार नहीं : पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि अब तो ईसाई धर्म अपना चुके लोगों को भी पड़हा राजा बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि रुढ़िवादी परंपरा को मानने वालों को ही पड़हा राजा का पद दिया जा सकता है और उसकी पगड़ी बांधी जा सकती है, लेकिन जन जनजातियों की परंपरा और संस्कृति को छोड़कर ईसाई बन चुके लोग पड़हा राजा बन रहे हैं। यह जनजातीय परंपरा के लिए ठीक संकेत नहीं है।
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