टीम एबीएन, कोडरमा। तिलैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर के निकट संतोष कुमार के घर से पुलिस ने दुपट्टे से झूलता एक युवती का शव बरामद किया है। युवती की पहचान काजल गुप्ता (22) पिता संतोष कुमार गुप्ता के रूप में की गयी। घटना शुक्रवार अपराहन 3 बजे की बतायी गयी है। सूत्रों के मुताबिक घटना के वक्त युवती अपने घर के एक रूम में बंद थी। परिजनों ने खाने के लिए जब अपनी बेटी को आवाज लगायी तो घर से उसकी आवाज नहीं आने पर लोगों ने घर के दरवाजे को तोड़कर उसे नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रत्यक्षदर्शी की मानें तो युवती पिछले 10 दिनों से काफी मानसिक तनाव में रह रही थी। वैसे घटने का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका चल सका है।
टीम एबीएन, रांची। योगासना सपोर्ट एसोसिएशन आफ झारखंड के 10 खिलाड़ी जिनका चयन तृतीय नेशनल चैंपियनशिप जो जोधपुर में आयोजित हो रही है के लिए हुआ है सभी को धनबाद स्टेशन से रवाना किया गया। उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय कुमार सिंह, मनोज तिवारी, अंशु सरकार, प्रह्लाद भगत, प्रशांत सिंह, अमित कुमार, सुनीता ओझा, मनोज कुमार सिंह एवं संघ के अन्य पदाधिकारियो ने हार्दिक बधाई दी है। टीम के कोच डॉ डीके घोषाल एवं मैनेजर सोनाली सरकार को बनाया गया है। सभी बच्चे 19 से 21 मार्च तक चलने वाले इस प्रतियोगिता के विभिन्न इवेंट में अपनी योग कला का प्रदर्शन करेंगे। रवानगी के समय योगासना सपोर्ट एसोसिएशन और झारखंड के महासचिव विपिन कुमार पांडे उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का पंचम अधिवेशन आयोजितटीम एबीएन, लोहरदगा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का पांचवां अधिवेशन शुक्रवार को नगर भवन में रामधनी देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मौके पर आगत अतिथियों ने भगवान विश्वकर्मा एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ की स्थापना मजदूरों के द्वारा एवं मजदूरों के लिए किया गया है। आज यह देश का सबसे बड़ा श्रम संगठन है। भारतीय मजदूर संघ आंगनबाड़ी कर्मचारी बहनों के लिए बहुत कुछ किया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के रीति नीति पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। सभा को संबोधित करते हुए रामचंद्र गोप ने कहा कि आज का अधिवेशन अधिकार एवं कर्तव्य दोनों के लिए है। सभी सिर्फ अधिकार की बात करते हैं और कर्तव्यों को भूल जाते हैं । उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ लगातार संघर्षरत रहा है और आगे भी संघर्ष करता रहेगा। झारखंड सरकार ने कुछ मांगों को माना है परंतु यह पर्याप्त नहीं है। आगे और संघर्ष करने की आवश्यकता है। सभा को संबोधित करते हुए बालोमनी बाखला ने कहा कि लगातार संघर्ष के बाद थोड़ा मानदेय तो बड़ा है परंतु यह काफी नहीं है, कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए रोज संगठन बदल रहे हैं। सेविकाओं को इसे समझने की आवश्यकता है। उमा देवी ने कहा कि संगठन में शक्ति है शक्ति से सरकार झुकती है और मांगों को पूरा करती है इसलिए हमें संगठित रहने की आवश्यकता है। विदेश साहू ने कहा कि संगठन को सशक्त बनाये जो लोग आज यहां कल वहां करते हैं वैसे लोग स्वार्थी प्रवृत्ति के हैं इसे समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नवंबर में दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में केंद्र सरकार के विरुद्ध व्यापक आंदोलन किया जायेगा। मौके पर कई प्रस्ताव पारित किये गये, जिसमें पुरानी कमेटी को भंग करते हुए नयी कमेटी का गठन किया गया। अधिवेशन में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 18,000 एवं सहायिकाओं को 10,000 प्रति माह दिया जाये। मृतक सभी सेविकाओं तथा सहायिकाओं को बीमा राशि का भुगतान किया जाये। सभी सेविकाओं को स्मार्टफोन दिया जाए तथा प्रत्येक माह उसका रिचार्ज भी कराया जाये। सभी केंद्र में गैस एवं चूल्हा दिया जाए एवं रिफिलिंग हेतु राशि उपलब्ध कराई जाए। मानदेय एवं पोषाहार राशि प्रत्येक माह दिया जाये। 2017 के बाद अभी तक पर्यवेक्षिका की बहाली नहीं की गयी है इसकी बहाली शीघ्र की जाये। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका बहाल किया जाये।आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष बनी बबीता उरांवलोहरदगा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की पूर्व कमेटी को भंग करते हुए सर्वसम्मति से नयी कमेटी का गठन किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष के रूप में बबीता उरांव, उपाध्यक्ष दयामनी उरांव, शशि देवी, मंत्री पूनम तिर्की, सह मंत्री मंजू देवी, संगठन मंत्री रामधनी देवी, कोषाध्यक्ष शांति देवी, कार्यसमिति सदस्य सुमंती उरांव, शांति उरांव, प्रभावती उरांव, मीना देवी, शांता मिंज, गीता देवी, शमशाद अजीज, मनरखनी उरांव, शीतल तिर्की, मुन्नी देवी, बालोमनी बाखला, उमा देवी, उर्मिला देवी, बसंती कुमारी बाड़ा, रोशन आरा रूमाना खातून को बनाया गया है।
टीम एबीएन, गुमला। जिला में घाघरा थाना क्षेत्र के टोटाम्बी केन टोली में शुक्रवार की सुबह गांव में एक महिला की धान कूटने वाली मशीन में फंसकर मौत हो गयी। मशीन में फंस जाने से महिला का सिर धड़ से अलग हो गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह के करीब 9 बजे धान कूटने वाली मशीन को अपने घर के पास धान कूटवाने के लिए रामलाल भगत की पत्नी नईहरि देवी (39 वर्ष) मंगवाई थी। मशीन के आने के बाद वो धान की कुटाई करने में व्यस्त हो गयी। इस काम में नईहरि देवी इतनी व्यस्त थी कि उसका शॉल उसके लिए काल बन जाएगा ये उसने कभी सोचा ना होगा। लेकिन हुआ भी कुछ ऐसा ही शॉल ओढ़कर वो घर में बोरियों में रखे धान को टीन में भरकर बाहर मशीन में लाकर डाल रही थी। इसी दौरान अचानक नईहरि देवी का शॉल मशीन में फंस गयी, सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि जबतक वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते तब तक महिला का सिर धड़ से अलग हो चुका था। कुछ ही पलों में मशीन से नईहरि देवी का सिर उसके धड़ से अलग होकर गिर पड़ा। इतना देखते ही वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गयी। इसके बाद नईहरि देवी के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी। इस घटना के कुछ देर बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना घाघरा थाना को दी। जानकारी पाकर घाघरा थाना प्रभारी अमित कुमार चौधरी और एसआई अभिषेक कुमार दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने महिला के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया।वहीं इस घटना की सूचना पाकर टूटामी पंचायत के मुखिया विनोद उरांव भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि लापरवाही की वजह से यह घटना हुई और महिला की जान चली गई। उन्होंने सभी ग्रामीणों से कहा कि सावधानी और सतर्कता के साथ धान कुटवायें ताकि किसी के साथ इस तरह का हादसा न हो।
टीम एबीएन, कोडरमा। सिविल सर्जन सभागार कोडरमा जिला अंतर्गत सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में पदस्थापित सभी एएनएम को एकदिवसीय ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी एनसीडी सेल कोडरमा की अध्यक्षता में संपन्न करायी गयी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर ओरल हेल्थ से संबंधित सुविधाएं ग्रामीण लोगों तक उपलब्ध कराने का कहा। वहीं प्रशिक्षण में दंत चिकित्सा पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम के डॉ शरद कुमार एवं दंत चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सोमेश ने प्रशिक्षण में मुख एवं दंत रोग से संबंधित बीमारियों की लक्षण बचाव एवं उपचार के बारे में विभिन्न जानकारियां देकर प्रशिक्षित किया एवं ओरल हेल्थ से संबंधित ओरल कैंसर, दांत खराब होने, दांत में दर्द, मसूड़े में सूजन एवं बीमारियों संबंधित इलाज की प्रशिक्षण दी। उन्होंने सभी उन्होंने सभी को बताया कि दंत एवं मुख्य रोग से संबंधित किसी भी प्रकार के कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में उपचार हेतु जाने की सलाह दें। जिससे हम संचारी रोगों के फैलाव का पता लगा सकेंगे एवं समय रहते उनका उपचार कर सकेंगे। वहीं बताया गया कि हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में आने वाले मुख एवं दांत के मरीजों का उचित उपचार, बीमारियों पहचान कर जागरूक कर एवं इलाज की आवश्यकता होने पर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां दंत चिकित्सक पदस्थापित हों या जिला अस्पताल में रेफर करें। रेफर के पश्चात एएनएम एवं सीएचओ द्वारा फॉलोअप भी करना है कि वह मरीज इलाज हेतु स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा या नहीं, अगर वह स्वयं से स्वास्थ्य केंद्र तक जाने में सक्षम नहीं है, तो सरकारी संस्थान में उपलब्ध एंबुलेंस से उसे रेफर किये हुए संस्थान तक पहुंचाने की भी व्यवस्था सीएचओ को सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षकों ने सभी एएनएम को बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान अगर वैसे मरीज मिलते हैं, जिन्हें ओरल हेल्थ से संबंधित किसी प्रकार के लक्षण दिख रहे हों तो उन्हें जागरूक करें एवं सही ढंग से ब्रश करने के तरीका के बारे में बतायें। प्रशिक्षण में ब्रश करने के तरीके भी बताये गये। प्रशिक्षण में बताया गया कि कैसे मुंह और दांतों की जांच करनी है और क्या-क्या लक्षण दिखने पर उसे कैसे प्राथमिक उपचार कर संबंधित दंत चिकित्सक के पास रेफर करना है। ज्ञात हो कि जिले में कुल 41 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुचारू रूप से संचालित है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत सरकार की योजना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक भी ओरल हेल्थ से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जा सके और उपचार मुहैया कराया जा सके। मौके जिला कार्यक्रम प्रबंधक महेश कुमार, एनसीडी के जिला कार्यक्रम सहायक प्रदीप कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार, जिला परामर्शी दीपेश कुमार एवं अन्य कर्मी मौजूद थे।
टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। शहर के पानी टंकी रोड स्थित सृष्टि बुक सेंटर का उद्घाटन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने फीता काटकर उद्घाटन किया। जिसके बाद दुकान के संचालक राजा कुमार ने मुख्य अतिथि को बुके देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि शालिनी गुप्ता ने दुकान के संचालक राजा कुमार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की किताब दुकान खुलने से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। वहीं दुकान के संचालक राजा कुमार ने कहा कि सभी तरह का किताब एवं स्टेशनरी का सामान ग्राहकों और छात्र-छात्राओं को उचित दामों पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां सभी प्रकार के एनसीइआरटी बुक, स्कूल, कॉलेज एवं साइड बुक उपस्थित है। मौके पर मनोज साव, अजय कुमार, बीरेंद्र रजक, रंजीत कुमार, अभिषेक सिंह, रंजीत पासवान, चिंता देवी, सुरेंद्र रजक, रौशन यादव, महेंद्र रजक, सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।
सीआरपीएफ कोबरा को मिल सकता है नया टास्कएबीएन सेंट्रल डेस्क। माओवादी घटनाओं में तेजी से आ रही कमी के चलते अब कई राज्यों में केंद्रीय बलों की तैनाती की समीक्षा की जा रही है। उन इलाकों से केंद्रीय बलों की संख्या को कम किया जा सकता है, जहां पर्याप्त संख्या में फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस एफओबी और कैंप स्थापित किये गये हैं। चूंकि नक्सलियों को खत्म करने, दशकों से प्रभाव वाले इलाकों से खदेड़ने और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने में सीआरपीएफ एवं जंगल वॉरफेयर में प्रशिक्षित इसकी कोबरा इकाई की अहम भूमिका रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लगातार माओवादी हिंसा से प्रभावित जिलों की समीक्षा की जा रही है। गत वर्ष बिहार और झारखंड का ऐसा कोई इलाका नहीं बचा है, जहां सुरक्षा बलों की पहुंच न हो। इसी वजह से अब कोबरा की आधा दर्जन टीमों को झारखंड से हटाकर दूसरे राज्यों में भेजा गया है। इनमें से कुछ टीमें तेलंगाना के चेन्नापुरम और बाकी टीम छत्तीसगढ़ के टिप्पापुरम में तैनात की जा रही हैं। वामपंथी उग्रवाद के परिदृश्य की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा नियमित रूप से समीक्षा बैठकें की जाती है। विभिन्न योजनाओं के तहत कार्यों को शीघ्र पूरा करने और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बैठकें और दौरे किये जा रहे हैं। भारत सरकार, एलडब्ल्यूई प्रभावित राज्यों की क्षमता संवर्धन के लिए गृह मंत्रालय और अन्य संबद्ध मंत्रालयों की योजनाओं/पहल के माध्यम से सहायता प्रदान करती है। एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार, बेहतर दूरसंचार, शैक्षणिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन पर विशेष बल दिया जाता है। गृह मंत्रालय, एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में प्रमुख योजनाओं का अधिकतम कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी मंत्रालयों के साथ समन्वय करता है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 14 मार्च को लोकसभा में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के संकट से समग्र रूप से निपटने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में एक राष्ट्रीय नीति एवं कार्य योजना को मंजूरी दी थी। उक्त नीति के अंतर्गत एक बहुआयामी रणनीति की परिकल्पना की गयी थी। इसमें सुरक्षा के उपाय, विकासपरक हस्तक्षेप तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों एवं हकदारियों को सुनिश्चित करना आदि शामिल था। इस नीति के दृढ़ कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप पूरे देश में एलडब्ल्यूई हिंसा में निरंतर कमी आयी है। एलडब्ल्यूई संबंधी हिंसा की घटनाओं में वर्ष 2010 के स्तर की तुलना में वर्ष 2022 में 77 फीसदी की कमी दर्ज हुई है। परिणामी मौतों सुरक्षा बलों और आम नागरिकों में भी 90 फीसदी की कमी आयी है, जो वर्ष 2010 में अब तक के सर्वाधिक स्तर 1005 से कम होकर 2022 में 98 हुई है।
रोजगार ढूंढ रहे अभ्यर्थियों को मिलेगा प्लेटफार्मटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन 17 मार्च को अपराह्न 4 बजे विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारनियोजन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा बनाये गये पोर्टल के माध्यम से सरकार नियोक्ता एवं रोजगार ढूंढ रहे अभ्यर्थियों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है।इस पोर्टल पर नियोक्ता अपने व्यवसाय एवं उससे संबंधित मानव बल के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं। साथ ही, आवश्यक मानव बल के लिए रिक्तियां भी निकाल सकेंगे। वहीं रोजगार के लिए इच्छुक अभ्यर्थी संबंधित रोजगार के लिए खुद को रजिस्टर कर अपना आवेदन भी भर सकेंगे। इसके साथ ही राज्य के युवाओं के हित में सभी नियोक्ताओं से सरकार की अपेक्षा है कि वे राज्य के प्रति अपने सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए स्वेच्छा से झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र के रोजगार में 75% स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2021 का अनुपालन करें।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी में तेज हवा के साथ बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। बेमौसम बारिश ने सबसे ज्यादा शहर की बिजली आपूर्ति पर बुरा असर डाला। शहर में जगह जगह बिजली के तार पर पेड़ गिरने से बिजली गुल रही। तेज हवा के कारण जगह जगह गिरे पेड़ को हटाने में बिजलीकर्मी देर रात तक मशक्कत करते रहे। जिस वजह से शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली कई घंटों तक गुल रही और शहर अंधेरे में डूबा रहा।रांची प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मेनरोड सहित राजधानी के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने की सूचना जैसे जैसे आ रही है। बिजी विभाग की टीम उन इलाकों में पेड़ों को हटाकर बिजली व्यवस्था सुचारू की जा रही है।देर रात तक राजधानी का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा, जिस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक सुजाता चौक के नजदीक पेड़ गिरने से काफी देर तक बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं बहु बाजार, चुटिया, समलोंग, बेल बगान, कोकर सुंदर बिहार में शाम 4 बजे से ही बिजली नहीं होने के वजह से लोग घंटों परेशान रहे। इसी तरह की शिकायत शहर के आदर्श नगर कोकर, हैदर अली रोड कोकर, चुटिया केतरी बगान में रहने वाले लोगों ने किया।
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