टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के असाध्य रोग की मरीज रोयलेन होरो (ग्राम टेंगरातुकु दारीबेड़ा, थाना जलडेगा, जिला सिमडेगा) को इलाज हेतु एक लाख रुपये का चेक सौंपा। रोयलेन के पति संतोष होरो ने चेक प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने बच्ची एवलिन केरकेट्टा की बेहतर चिकित्सा के लिए उसकी माता अंजना केरकेट्टा और पिता प्रमोद केरकेट्टा (ग्राम गोतरा खमन टोली, सिमडेगा) को भी मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मौके पर विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी भी मौजूद थे।
लोगों को मिलने लगा लाभ, 73 वर्षीय बुजुर्ग को किया गया एयरलिफ्ट टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार द्वारा शुरू किये गये एयर एंबुलेंस सुविधा का लाभ अब राज्य वासियों को मिलने लगा है। रविवार को रामगढ़ जिले के कुंज बिहारी राय ने एयर एंबुलेंस का लाभ उठाया। जानकारी के अनुसार, 73 वर्षीय कुंज बिहारी राय दिल के मरीज हैं। रविवार को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गयी। जिसके बाद उनके परिजनों ने एयर एंबुलेंस के लिए आवेदन दिया। आवेदन मिलते ही राज्य नागर विमानन की तरफ से तुरंत ही मरीज को एयर एंबुलेंस सेवा मुहैया करा दी गयी। एयर एंबुलेंस सेवा की सुविधा मिलने के बाद मरीज के परिजनों ने सरकार के इस प्रयास की सराहना की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार भी जताया। परिजनों ने बताया कि जितनी आसानी से वर्तमान में एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। कुछ दिन पहले तक इस सुविधा के लिए राज्य वासियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन, सरकार के बेहतर प्रयास की वजह से अब आम लोगों को भी आसानी से एयर एंबुलेंस मुहैया हो पा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 21 नये मरीज सामने आये हैं। इनमें पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के 15 मरीज हैं। राज्य में फिलहाल 480 एक्टिव मरीज हैं और 17 मरीज स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बताया कि नए मरीजों में पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के 15, रामगढ़ का एक और रांची के पांच मरीज हैं। विभाग के मुताबिक इस अवधि में 21 जिलों में एक भी मरीज नहीं मिला है। राज्य में सबसे ज्यादा पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में 245 मरीज हैं।
टीम एबीएन, पलामू। पलामू जिला का इतिहास 127 साल पुराना है। 1 जनवरी 1892 को पलामू को जिला घोषित किया गया था। इस जिले का मुख्यालय मेदनीनगर है। इसे डाल्टनगंज के नाम से भी जाना जाता है। इस क्षेत्र पर कभी खरवार, उरांव और चेरो ने पलामू पर शासन किया। मुगलकाल में इसे पलून या पालून भी कहा जाता था। जंगलों-पहाड़ों से घिरा पलामू क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों से परिपूर्ण है। कहते हैं पांडवों ने अपने अज्ञातवर्ष का कुछ समय यहां पर बिता था। दूसरे नंबर के पांड्व भीम यहीं पर भोजन बनाया करते थे। इसके चलते भीम चूल्हा आज भी यहां है। लामू के प्रमुख जनजातियों में खेरवार, चेरो, उरांव, बिरजिया और बिरहोर शामिल हैं। खेरवार अपने-आपको सूर्यवंशी क्षत्रिय बताते हैं और यूपी में स्थित अयोध्या को काफी पूज्यनीय मानते हैं। जनजातीय विश्वास और रीति-रिवाज के चलते लोग जंगलों को पवित्र मानते हैं। पलामू लोकसभा सीट, झारखंड के दो जिलों पलामू और गढ़वा में फैली हुई है। इस लोकसभा सीट के तहत 7 विधानसभा सीटें (पलामू, डाल्टनगंज, गरहवा, भगवंतपुर, बिस्वरामपुर, छतरपुर और हुसैनाबाद) आती हैं। इनमें छतरपुर अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित है।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता टीम एबीएन, खूंटी। पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार देर शाम पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सब जोनल कमांडर सुखराम गुड़िया उर्फ रोड़े को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों से मिली खबर के अनुसार पुलिस द्वारा पीछा करने के दौरान रोड़े की बाइक असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी और वो भागने लगा लेकिन उसे खदेड़ कर गिरफ्तार कर लिया गया। पीएलएफआई का कुख्यात पूर्व जोनल कमांडर जीदन गुड़िया, जिसकी मुठभेड़ में मौत हो चुकी है, उसका करीबी रह चुका है सुखराम। गिरफ्तार नक्सली पर दो लाख रुपये का इनाम था। खूंटी पुलिस ने पांच लाख इनाम के लिए प्रस्ताव भेजा था लेकिन उससे पहले ही वो पुलिस गिरफ्त में आ गया। बताया जाता है कि इनामी नक्सली सुखराम गुड़िया एके 47 लेकर चलता था। इसके खिलाफ जिले के तपकरा, मुरहू, खूंटी सहित चाईबासा के गुदड़ी थाने में हत्या, आर्म्स, लेवी व 17 सीएलए एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कुल 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी के बाद पीएलएफआई पहले से ज्यादा कमजोर हो गया है; क्योंकि जीदन के मारे जाने के बाद लाका पहान ने क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन उसे भी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। जबकि लाका के मारे जाने के बाद सुखराम मुरहू से तपकरा और रनिया व तोरपा इलाके में दहशत बना हुआ था। पुलिस को लगातार चुनौती देने वाला सुखराम भी आखिरकार गिरफ्तार हो गया। इसकी गिरफ्तारी से माना जा रहा है कि पीएलएफआई संगठन में सुप्रीमो के अलावा अब कोई बचा नहीं है।
मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश में हुए हैं कई बदलाव टीम एबीएन, रांची। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड को पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने जमशेदपुर के बारीडीह मंडल में बिरसा मुंडा टाउन हॉल में स्थानीय लोगों के साथ सुना। लोगों की सोच और नजरिए में आया है काफी बदलाव इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश में कई बड़े जन आंदोलन हुए हैं। इनमें स्वच्छता अभियान, वोकल फॉर लोकल, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कितने ही उदाहरण हमारे सामने हैं। लोगों की सोच और नजरिये में काफी बदलाव आया है। दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले गुमनाम नायकों को देश के सामने लाने का कार्य भी इस कार्यक्रम के माध्यम से हुआ है। अब तक 100 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पीएम के मन की बात सुनी आईआईएम की एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक 100 करोड़ से ज्यादा लोगों ने प्रधानमंत्री के मन की बात सुनी है। हर माह 22 करोड़ लोग इसे सुनते हैं। आज इसके 100वें एपिसोड को सुनने के लिए लोगों में जो उत्सुकता देखी, वह इसकी सफलता और लोकप्रियता की गवाही दे रही है।
जुआरियों पर पुलिस की दबिश से लोगों में हड़कंप टीम एबीएन, रामगढ़। जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में रेलवे फाटक के पास जुआ खेल रहे 9 जुआरियों को पुलिस ने करीब 70 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया है। जुआ स्थल से स्कूटी सहित चार बाइक भी जब्त किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर पतरातू पुलिस ने ये कार्रवाई की। पकड़े गये सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। स्कूटी सहित चार बाइक जब्त : पतरातू थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने छापेमारी करते हुए नौ जुआरियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा। सभी जुआ खेलने वाले पुलिस को देख कर भागने का प्रयास जरूर किया, लेकिन पुलिस ने धर दबोचा। कार्रवाई में ताश के पत्ते सहित 67100 हज़ार रुपये पुलिस ने जब्त किये। इसके अलावा जुआ स्थल से स्कूटी सहित 4 बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया है। इन लोगों की हुई गिरफ्तारी : लक्ष्मण सोनी, अविनाश कुमार, अंकित कुमार, पिंटू कुमार, विनोद कुमार साहू, राजीव रंजन प्रसाद, संदीप सिंह, अयूब खान उर्फ अली, विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इनके ऊपर धारा 290/ 420/ 34 भादवी एवं बंगाल सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 के तहत मामला दर्ज किया गया है। किसके पास से कितने रुपये मिले : जमीन पर गमछा बिछा कर वहां से खेले जा रहे जुए के स्थल से लक्ष्मण सोनी के पास से 15750 रुपये एवं ताश के कुल 53 पत्तियां, अविनाश कुमार के पास से 4700 सौ रुपये, अंकित कुमार के पास से 4150 रुपया पिंटू कुमार के पास 7100 सौ रुपये विनोद कुमार साहू के पास से 4800 सौ रुपये, राजीव रंजन प्रसाद के पास से 2500 सौ रुपये संदीप सिंह के पास से 6700 सौ रुपये आयूब खान उर्फ अली के पास से 3900 सौ रुपये विकास कुमार के पास से 7 हज़ार रुपये, लक्ष्मण सोनी के पास से 10500 रुपये इसके साथ घटना स्थल से काला रंग का एक स्कूटी, के साथ साथ 3 बाईक जब्त किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्य सरकार मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। मछली उत्पादकों के लिए मछली ग्रामीण एटीएम की तरह हो गया है। पैसे की जरुरत हुई, मछली निकालो, बेचो और जरूरत पूरा करो। राज्य सरकार का लक्ष्य मछली उत्पादन के क्षेत्र में झारखंड को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि राज्य में मछली का उत्पादन कर आस-पास के दूसरे राज्यों की आवश्यकता की पूर्ति भी करना है। जिसकी बदौलत झारखंड के किसान आत्मनिर्भर बनें और उनके आय में बढ़ोतरी हो। इसी कड़ी में राज्य योजना अंतर्गत मत्स्य बीज उत्पादकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मत्स्य विभाग के द्वारा किया गया। राज्य सरकार मत्स्य उत्पादन को लेकर कर रही है काम मत्स्य निदेशालय में राज्य भर से आए मत्स्य उत्पादकों को मत्स्य बीज उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य निदेशक ने मत्स्य पालक किसान को बताया। मत्स्य बीज को तैयार करने के लिए किन-किन चीजों का ध्यान देना आवश्यक है। मछली के प्राकृतिक भोजन के लिए तालाब में खरपतवार को हमेशा साफ रखने की सलाह दी गयी। खरपतवार के रहने से मछली को प्राकृतिक भोजन नहीं मिलेगा और फिर मछली का गुणवत्तापूर्ण बीज का उत्पादन संभव नहीं है। मछली पालन में आयी क्रांति आगे झारखंड मछली उत्पादन के क्षेत्र में मत्स्य निदेशक ने कहा कि हमने भी नहीं सोचा था, मछली पालन भी अलग-अलग तरीके से होगा। नयी-नयी तकनीक आ चुका है। मछली को खाना दिया जा रहा है, आधुनिक तकनीक आ गया है। केज कल्चर आया, जिससे मछली पालन में क्रांति आयी और लोगों के आय में बढ़ोतरी हो रही है। बायोफलॉक के जरिए लोग अब छत पर भी मछली पालन कर रहे हैं। रंगीन मछली के पालन से रोजगार बढ़ा रंगीन मछली के पालन से रोजगार बढ़ा है। मत्स्य कृषक राज्य में बेहतर काम कर रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में दो लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ, जबकि लक्ष्य दो लाख 95 हजार टन उत्पादन का रखा गया था। बीज उत्पादकों को मछली के बीज तैयार करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसे मत्स्य कृषक स्थानीय स्तर पर पंचायत लेबल पर बीज तैयार कर राज्य में मछली उत्पादन को बढ़ावा देंगे। मछली पालन रोजगार का अच्छा अवसर है। राज्य सरकार मत्स्य कृषक पलकों को बेहतर प्रशिक्षण देती है। प्रशिक्षुओं के लिए होस्टल की भी व्यवस्था है, जहां रख कर मछली पालन को सीखते हैं। राज्य सरकार सब्सिडी के जरिए जाल, बीज और फीस फीड तक देती है। इसके अलाव भी कई सुविधाएं राज्य सरकार की तरफ से समय-समय पर दिया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन संग ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किये। इस मौके पर उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर झारखंड और झारखंड वासियों की उन्नति, सुख-समृद्धि-शांति, खुशहाली और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री हेमंत ने पत्नी के साथ जगन्नाथ मंदिर जाकर किए दर्शन : इस मौके पर उन्होंने आशीर्वाद के रूप भगवान जगन्नाथ का भोग ग्रहण किया। इससे पहले मुख्यमंत्री के यहां आगमन पर मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और प्रतीक चिन्ह के रूप में जगन्नाथ मंदिर की तस्वीर सप्रेम भेंट की गयी। पुरी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय मीडिया के साथ संवाद करते हुए कहा कि कल कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के समारोह में शामिल होने का मौका मिला था। इस संस्थान के संस्थापक डॉ अच्युत सामंता यहां गरीब और वंचित आदिवासी समुदाय के 40 हजार से ज्यादा बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देकर उनका उज्जवल भविष्य गढ़ रहे हैं। वे जिस तरह इनोवेटिव और क्रिएटिव कार्य कर रहे हैं, इसे जानने- समझने और देखने के लिए यहां आया। इस दौरान यहां पढ़ रहे बच्चों से संवाद कर बहुत कुछ सीखने को मिला। हमारी इच्छा है कि झारखंड के बच्चों के लिए भी संस्थान स्थापित करें : सीएम हेमंत ने कहा कि हमारी इच्छा है कि डॉ सामंता जी के साथ मिलकर झारखंड के बच्चों के लिए भी इसी तरह का संस्थान स्थापित करें, ताकि यहां के आदिवासी बच्चे-बच्चियों को बेहतर शिक्षा दे सकें और वे हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल करें।
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