टीम एबीएन, विष्णुगढ़। हजारीबाग रेलवे स्टेशन से हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन तक रेलवे लाइन बिछाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता विशेश्वर प्रसाद स्वर्णकार हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा को पत्र सौंपा है। पत्र में कहा गया है कि हजारीबाग संसदीय क्षेत्र बिष्णुगढ़ में 1910 ईस्वी में रेलवे लाइन का आधारशिला हजारीबाग से होते हुए बिष्णुगढ़ चैनपुर दनिया से जोड़े जाने का रखा गया था। परंतु अभी तक इस कार्य को पूरा नहीं किया जा सका है। जबकि हाल ही में हजारीबाग रेलवे स्टेशन से गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक के रेलवे लाइन का परिचालन शुरू की गई है, और हजारीबाग रेलवे स्टेशन से हजारीबाग रोड तक में हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के टाटीझरिया दारू बिष्णुगढ़ झुमरा आदि को नजरअंदाज कर दिया गया है। अगर हजारीबाग रोड से बिष्णुगढ़ होते हुए चैनपुर धनिया रेलवे लाइन से जोड़ दिया जाए तो इस क्षेत्र के लोगों को यातायात की परेशानियों से निजात मिल सकेगा साथ ही साथ इस क्षेत्र का विकास तभी संभव है। विदित हो कि इस क्षेत्र के अधिकांश लोग कृषक एवं व्यापारी है साथ ही एक बड़ी संख्या बेरोजगारी के कारण क्षेत्र से पलायन करते हैं और अगर ध्यान दिया जाए तो बिष्णुगढ़ क्षेत्र से पलायन की समस्या पर विराम लग सकता है। हजारीबाग सांसद को दिए खत के माध्यम से प्रधानमंत्री व रेल मंत्री भारत सरकार को अवगत कराने की अपिल की है।
टीम एबीएन, बिष्णुगढ़। कांग्रेस नेता विशेश्वर प्रसाद स्वर्णकार ने झारखंड के मुखिया हेमंत सोरेन को खत लिखकर बिष्णुगढ़ थाना नया भवन बनवाने की मांग की है। खत के माध्यम से झारखंड सरकार को अवगत करवाया गया है कि बिष्णुगढ़ थाना में पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस कर्मियों का कोई आवास नहीं है, अगर है भी तो काफी जर्जर अवस्था में बिष्णुगढ़ पुलिसकर्मियों द्वारा काफी दिनों पूर्व बने आवास जर्जर की हालात ठीक नहीं है। जर्जर भवन में पुलिसकर्मी रहने को विवश है और दुर्घटना होने की संभावना है।
टीम एबीएन, चरही। सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र के सभी परियोजनाओं और भारतीय मजदूर संघ के कार्यालय में 100 वें अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। हजारीबाग कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि मजदूर कंपनी के एक रीढ़ हैं। इनके बिना कोई कार्य संभव नहीं है। आगे कहा कि मजदूरों के साथ भेदभाव बर्दास्त के बाहर है। मजदूर और पदाधिकारी सामंजस्य बनाकर चलें और मजदूरों के हितों के बारे में सोचें तथा यह भी कहा कि मजदूर हैं तो हम हैं। मजदूरों की बदौलत सारे विश्व के निम्ब टीके हुए हैं। इनके प्रति निगाहें ठीक होनी चाहिए। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री नीरज सिंह ने कहा कि मजदूर पूरे विश्व के स्तम्भ हैं। इनके बिना कोई कार्य संभव नहीं है। जगह-जगह मजदूरी कर अपने परिजनों को लालन-पालन करते हैं। कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी आज भी हिन भावनाओं से देखा जाता है। इनके बिना कोई कार्य हो पाना मुश्किल है। आगे कहा कि हर क्षेत्र में प्रशंसनीय है। केवल इनको परखने वाले कि जरूरत है।देश में आज भी मजदूरों को शोषण किया जाता है। इसके बावजूद हम मजदूर दिवस मनाते हैं। जिनको समान दृष्टि देखने वाले लोग ही मजदूर दिवस मनायें। इनके शोषण करने वाले होशियार हो जाओ। इनके शोषण पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा। हमेशा लोगों को मजदूर हित में सोचने की जरूरत है। ये मजदूर हमारे अभिन अंग हैं। इनके बिना कल्पना नहीं किया जा सकता है।
टीम एबीएन, चरही। सोमवार को चरही थाना क्षेत्र के 15 माइल स्थित जोजोबेडा के रेलवे ट्रैक से एक सीसीएल सुरक्षाकर्मी का शव चरही पुलिस ने बरामद किया। जानकारी के अनुसार सीसीएल सुरक्षाकर्मी मांडू थाना के गरगाली निवासी बालेश्वर महतो (45) चरही रेलवे साइडिंग में कार्यरत था। बीते 30 अप्रैल को डियूटी समाप्त कर रात्रि 10 बजे पसेंजर ट्रेन पर सवार होकर चरही रेलवे स्टेशन से मांडू जा रहा था।उसी दौरान 15 माइल स्थित जोजोबेडा रेलवे ट्रैक के पास पैर फिसल जाने से गिर पड़ा। जिस कारण दोनों पैर कट गये। साथ ही माथे सहित शरीर के कई भागों में भी गंभीर चोट के निशान हैं। जिस कारण उसकी मौत घटना स्थल पर हो गयी। सुबह 1 मई को ग्रामीण ट्रैक के किनारे टहल रहे थे। उसी समय ट्रैक पर पड़ा शव को देखा। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने तत्काल चरही रेलवे विभाग के अधिकारियों को दी। इस सूचना मिलते ही विभाग के लोग घटना स्थल पहुंचे। रेलवे ट्रैक पर पड़ा शव को देख अधिकारियों ने तत्काल चरही थाने को सूचित किया। चरही थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में कर मृतक के परिजनों को खबर किया गया।मृतक व्यक्ति की पहचान परिजनों ने बालेश्वर महतो के रूप में किया।पुलिस ने सरकारी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग अस्पताल भेज दिया गया।थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
टीम एबीएन, गढ़वा। गढ़वा जिले के भंडरिया वन क्षेत्र में तेंदुए द्वारा 3 बच्चों को मौत के घाट उतारे जाने का भय अभी समाप्त भी नहीं हुआ है कि मंगलवार को एक और घटना सामने आ गयी है। मिली जानकारी के अनुसार इस बार भंडरिया वन क्षेत्र में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गयी है। बताया जा रहा है कि एक वृद्ध महिला जोन्हीखांड जंगल में महुआ चुनने गई थी। इस दौरान एक हाथी ने उस पर हमला कर दिया और पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। 70 वर्षीय महिला की मौत मृतक महिला की पहचान जोन्हीखांड निवासी स्व बीगु सिंह की 70 वर्षीय पत्नी अकली कुंवर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अकली कुंवर मंगलवार की अहले सुबह अपनी नातिन पुतोहू सुमित्रा देवी और एक 18 वर्षीय नतिनी के साथ महुआ चुनने के लिए गांव के जंगल में गई हुई थी। महुआ चुनने के दौरान वहां एक जंगली हाथी आ गया और पुतोहू सुमित्रा देवी पर अचानक हमला कर दिया। सुमित्रा देवी किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई, लेकिन वृद्ध अकली कुंवर वहां से नहीं भाग पाई और हाथी ने उसे पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान मौत हाथी के हमले की जानकारी मिलते ही गांव के लोग भाग कर जंगल में पहुंचे। हाथी तब तक घने जंगलो में चला गया था। ग्रामीणों के द्वारा घटनास्थल पर पहुंच घायल वृद्ध महिला को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया लाया गया। अस्पताल पहुंचने के उपरांत ही घायल वृद्ध महिला की मौत हो गई। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। सूचना पर भंडरिया पुलिस और वनकर्मी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया पहुंच घटना की जानकारी ली। साथ ही भंडरिया पुलिस के द्वारा शव को अंतपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल गढ़वा भेजा गया।
मजदूर संगठन समिति से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी, सरकार ने संगठन पर लगाया था बैनटीम एबीएन, बोकारो। जिले में एनआइए ने दबिश दी है। यह दबिश मजदूर संगठन समिति के महासचिव समेत तीन लोगों के ठिकानों पर दी गयी है। दरअसल, जिले के बोकारो थर्मल में मंगलवार की सुबह मजदूर संगठन समिति के महासचिव बच्चा सिंह के आवास सहित तीन अन्य लोगों के ठिकानों पर एनआइए की टीम ने छापेमारी की है। जानकारी के अनुसार बोकारो में मजदूर संगठन समिति के केंद्रीय महासचिव बच्चा सिंह सहित तीन लोगों के ठिकानों पर एनआईए छापेमारी कर रही है। मंगलवार की सुबह रांची से एनआईए की टीम बोकारो पहुंची और बोकारो थर्मल स्थित निसनहाट कॉलोनी में डीवीसी स्थित बच्चा सिंह के आवास पर छापा मारा। इसके अलावा एनआईए मजदूर संगठन समिति के नागेश्वर महतो और संजय तुरी के आवास पर भी छापेमारी कर रही है। मौके जिला के विभिन्न थाना के पुलिस भी मौजूद है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी में एनआइए को कुछ नक्सली साहित्य, परिचय पत्र आदि बरामद हुआ है। बताते चलें कि बच्चा सिंह जिस मजदूर यूनियन के महासचिव हैं, उसका नाम मजदूर संगठन समिति है। इसे मजदूर यूनियन पर झारखंड सरकार ने नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का फ्रंटल आर्गेनाइजेशन होने का आरोप लगाकर प्रतिबंध लगा दिया था। कोर्ट के आदेश पर बाद में संगठन पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था।
मुख्यमंत्री बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारा उद्देश्य टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आज से स्कूल आफ एक्सीलेंस की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज इसका उद्घाटन करेंगे। आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जगन्नाथपुर स्थित ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव हाई स्कूल कैंपस में बने नवनिर्मित भवन का उदघाटन कर करेंगे। पहले चरण में पूरे राज्य में बने 80 उत्कृष्ट विद्यालयों का आनलाइन उद्घाटन होगा। उद्घाटन समारोह कार्यक्रम पूरी तैयारी कर ली गयी है। शिक्षा विभाग के नवनीत उज्ज्वल ने बताया कि यह एक बेहतरीन कोशिश है। इसके तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। उन्हें सारी सुविधाएं दी जायेंगी। स्मार्ट क्लास और डिजिटल मैटेरियल के जरिए भी बच्चों को पढ़ाया जायेगा।
लोहरदगा में विश्व श्रम दिवस पर पत्रकारिता अर्थ परिभाषा और सुरक्षा पर सेमिनार का आयोजन रांची लोहरदगा और गुमला के पत्रकार हुए शामिल टीम एबीएन, लोहरदगा। पत्रकारों को जन और सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों से जुड़कर गरीबों, किसानों, मजदूरों, जरुरतमंदों, महिलाओं और विद्यार्थियों को न्याय दिलाने व हितों की रक्षा के लिए काम करने की जरूरत है। बदलते परिवेश में पत्रकारों को जन सरोकार के साथ राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए अपने कलम की धार को और गति देने की जरूरत है। उक्त बातें अतिथि शिक्षाविद बीएस कॉलेज प्राध्यापक डॉ शशि कुमार गुप्ता ने कही। वह लोहरदगा के बक्शीडीपा में विश्व श्रम दिवस पर एनयूजे (आई) और जेयूजेएस की लोहरदगा इकाई जिला पत्रकार संघ द्वारा आयोजित पत्रकारिता, अर्थ, परिभाषा और सुरक्षा विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ गुप्ता ने कहा कि पत्रकारों का सम्मान आज भी कायम है। जरूरत इस बात की है, कि पत्रकार को भी अपनी गरिमा को बनाए रखने की जरूरत है। आचार- व्यवहार और लेखनी के माध्यम से समाज में उन्हें अपनी मिरर की भूमिका को पूरी पारदर्शिता के साथ निभानी चाहिए। जेएसजेयू के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव प्रसाद शर्मा ने कहा कि विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए दुनिया भर के समाचार हमारे घरों तक पहुंचते हैं, चाहे वह समाचार पत्र हो या टेलीविजन और रेडियो या इंटरनेट या सोशल मीडिया। समाचार संगठनों में काम करने वाले पत्रकार देश-दुनिया में घटनेवाली घटनाओं को समाचार के रूप में परिवर्तित कर हम तक पहुंचाते हैं। इसके लिए वह रोज सूचनाओं का संकलन करते हैं और उन्हें समाचार के प्रारूप में ढालकर पेश करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को ही पत्रकारिता कहते हैं। पत्रकारिता का अर्थ पत्रकारिता शब्द अंग्रेजी के जर्नलिज्म का हिन्दी रूपांतर है। जर्नलिज्म शब्द जर्नल से निर्मित है और इसका अर्थ है दैनिकी, दैनंदिनी, रोजनामा अर्थात जिसमें दैनिक कार्यों का विवरण हो। आज जर्नल शब्द मैगजीन, समाचार पत्र, दैनिक अखबार का द्योतक हो गया है। जर्नलिज्म यानी पत्रकारिता का अर्थ समाचार पत्र, पत्रिका से जुड़ा व्यवसाय, समाचार संकलन, लेखन, संपादन, प्रस्तुतीकरण, वितरण आदि होगा। जेएसजेयू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी दिव्य ज्ञान ने कहा कि वर्तमान युग मे पत्रकारिता के अभी अनेक माध्यम हो गये हैं, जैसे-अखबार, पत्रिकाएं, रेडियो, दूरदर्शन, वेब-पत्रकारिता, सोशल मीडिया, इंटरनेट आदि। हिन्दी में भी पत्रकारिता का अर्थ भी लगभग यही है। पत्र से पत्रकार और फिर पत्रकारिता से इसे समझा जा सकता है। पत्रकार का अर्थ समाचार पत्र का संपादक या लेखक। और पत्रकारिता का अर्थ पत्रकार का काम या पेशा, समाचार के संपादन, समाचार इकट्ठे करने आदि का विवेचन करने वाली विधा है। उन्होंने कहा कि वृहत शब्दकोश में साफ है कि पत्र का अर्थ वह कागज या साधन जिस पर को बात लिखी या छपी हो जो प्रामाणिक हो, जो किसी घटना के विषय को प्रमाणरूप पेश करता है। पत्रकार का अर्थ उस पत्र, कागज को लिखने वाला, संपादन करने वाला। सेमिनार में रांची, गुमला और मेजबान लोहरदगा के पत्रकार शामिल हुए। कार्यशाला में एनयूजे (आई)के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिहार झारखंड और उड़ीसा के प्रभारी दीपक मुखर्जी ने कहा कि जनसंचार माध्यम दुनिया का नक्शा बदल दिया है। सामयिक ज्ञान का व्यवसाय ही पत्रकारिता है। इसमे तथ्यों की प्राप्ति उनका मूल्यांकन और ठीक-ठाक प्रस्तुतीकरण होता है। पत्रकारिता को रणभूमि से ज्यादा बड़ी चीज समझता हूं। यह एक जीवन है, जिसे अपने को स्वेच्छापूर्वक समर्पित किया। पत्रकारिता कला भी है, वृत्ति भी और जनसेवा भी। जब को यह नहीं समझता कि मेरा कर्तव्य अपने पत्र के द्वारा लोगों का ज्ञान बढ़ाना, उनका मार्गदर्शन करना है, तब तक से पत्रकारिता की चाहे जितनी ट्रेनिंग दी जाये, वह पूर्णरूपेण पत्रकार नहीं बन सकता है। ज्ञान और विचारों को समीक्षात्मक टिप्पणियों के साथ शब्द, ध्वनि तथा चित्रों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है। यह वह विद्या है जिसमें सभी प्रकार के पत्रकारों के कार्यों, कर्तव्यों और लक्ष्यों का विवेचन होता है। पत्रकारिता समय के साथ साथ समाज की दिग्दर्शिका और नियामिका है। सेमिनार को गुमला के दिलीप मिश्रा, संजय कुमार सिन्हा, राकेश कुमार, शशि कुमार, लोहरदगा के अवनी कुमार, अरविंद पाठक, ओम प्रकाश साहू, रवि प्रजापति, आकाश कुमार, किनेश कुमार, देवकुमार सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, नूतन कच्छप, शकील अहमद, इमरान हुसैन आदि ने संबोधित करते हुए कहा किवर्तमान दुनिया में पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। शायद ही को क्षेत्र बचा हो जिसमें पत्रकारिता की उपादेयता को सिद्ध न किया जा सके। इसलिए यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि आधुनिक युग में जितने भी क्षेत्र हैं। सबके सब पत्रकारिता के भी क्षेत्र हैं, चाहे वह राजनीति हो या न्यायालय या कार्यालय, विज्ञान हो या प्रौद्योगिकी हो या शिक्षा, साहित्य हो या संस्कृति या खेल हो या अपराध, विकास हो या कृषि या गांव, महिला हो या बाल या समाज, पर्यावरण हो या अंतरिक्ष या खोज। इन सभी क्षेत्रों में पत्रकारिता की महत्ता एवं उपादेयता को सहज ही महसूस किया जा सकता है। दूसरी बात यह कि लोकतंत्र में इसे चौथा स्तंभ कहा जाता है। ऐसे में इसकी पहुंच हर क्षेत्र में हो जाता है।समय के साथ पत्रकारिता का मूल्य बदलता गया है। इतिहास पर नजर ड़ाले तो स्वतंत्रता के पूर्व की पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति ही लक्ष्य था। स्वतंत्रता के लिए चले आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता ने अहम और सार्थक भूमिका निभाइए है। उस दौर में पत्रकारिता ने परे देश को एकता के सूत्र में बांधने के साथ साथ पूरे समाज को स्वाधीनता की प्राप्ति के लक्ष्य से जोड़े रखा। आजादी के बाद निश्चित रूप से इसमें बदलाव आना ही था। आज इंटरनेट और सूचना अधिकार ने पत्रकारिता को बहुआयामी और अनंत बना दिया है। आज को भी जानकारी पलक झपकते उपलब्ध करा जा सकती है। पत्रकारिता वर्तमान समय मे पहले से क गुना सशक्त, स्वतंत्र और प्रभावकारी हो गया है। अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारिता की पहुंच का उपयोग सामाजिक सरोकारों और समाज की भला के लिए हो रहा है लेकिन कभी कभार इसका दुरुपयोग भी होने लगा है। पत्रकार में कुछ गुण ऐसे होने चाहिए जो उसे सफल पत्रकार बना सकता है उसमें सक्रियता, विश्वासपात्रता, वस्तुनिष्ठता, विश्लेषणात्मक क्षमता, भाषा पर अधिकार होनी चाहिए। सभी प्रकार के समाचारों में सीधी, सरल और बोधगम्य भाषा का प्रयोग किया जाता है।
रांची विश्वविद्यालय में साइबर सिक्युरिटी कोर्स के लिए हुआ सप्लीमेंट्री एमोयू टीम एबीएन, रांची। 1 मई 2023 को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में कुलपति सभागार में एक सप्लीमेंट्री एमोयू पर हस्ताक्षर किया गया। यह सप्लीमेंट्री एमोयू साइबर सिक्युरिटी कोर्स प्रारंभ करने के लिये रांची विश्वविद्यालय, साइबर पीस तथा सीपीसी के बीच किया गया है। कुलपति की उपस्थिति में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, बीएसएनएल के जीएम आइटी चेयरमैन यूपी शाह तथा साइबर पीस के ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने इस स्पलीमेंट्री एमोयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर मेजर विनीत कुमार ने कुलपति आरयू प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा को एक पुस्तक भी भेंट की जिसमें वर्तमान में साइबर हमलों और उनसे बचाव संबंधित जानकारियां हैं। एक जुलाई से कोर्स होगा, प्रारंभ एमसीए तथा फिजिक्स विभाग में होंगी कक्षाएं कुलपति ने कहा कि साइबर सिक्युरिटी कोर्स में नामांकन के लिये आवेदन जून से मांगा जायेगा वहीं एक जुलाई से कोर्स को प्रारंभ किया जायेगा। इस कोर्स की कक्षायें एमसीए तथा फिजिक्स डिपार्टमेंट में आयोजित होंगी। प्रायोगिक कक्षायें एमसीए विभाग में वहीं थ्योरी कक्षाएं फिजिक्स विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में होंगी। हमारा पूरा प्रयास है कि झारखंड साइबर क्राइम हब से साइबर सिक्युरिटी हब बने। अब तक झारखंड के जामताड़ा के कारण राज्य साइबर क्राइम के लिए जाना जाता था, पर आरयू के साइबर सिक्युरिटी कोर्स से पढ़ कर युवा झारखंड को साइबर सिक्युरिटी हब के रूप में पहचान दिलायेंगे। इस कोर्स में क्लास के साथ ही हम रिसर्च की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रति सेंकेंड हजारों साइबर हमले देश पर होते हैं और हमें ज्यादा संख्या में साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट की आवश्यकता है। रांची विश्वविद्यालय में इसी उद्देश्य से मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के सहयोग से इस महत्वपूर्ण कोर्स को प्रारंभ किया जा रहा है। गर्मी छुट्टियों में साइबर सिक्युरिटी ट्रेनिंग का प्रस्ताव इस एमोयू के अवसर पर आइटी चेयरमैन यूपी शाह ने गर्मी की छुट्टियों में छात्रों को साइबर सिक्युरिटी पर एक ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसे वेकेशन के साथ जोड़ने से छात्रों को और ज्यादा लाभ होगा। जिसपर सबों ने इसे जल्द ही प्रारंभ करने की बात कही। आस्ट्रेलिया भी जा सकेंगे हमारे छात्र इंटरडिस्प्लिीनरी होगा कोर्स, मेजर विनीत कुमार, साइबर पीस के ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने कहा कि आरयू में प्रारंभ हो रहा यह कोर्स इंटरडिसिप्लीनरी कोर्स है। इसमें नन आइटी या किसी भी संकाय (आर्ट्स साईंस, कॉमर्स) के छात्र नामांकन ले सकते हैं। हम आस्ट्रेलिया में भी एमोयू करने जा रहे हैं। उसके बाद यहां के छात्र प्लेसमेंट के लिए और साइबर सिक्युरिटी में और उच्च शिक्षा के लिये आस्ट्रेलिया भी जा सकेंगे। उन्होंने आगे बताया कि प्रति सेकेंड विश्व में हजरपन साइबर हमले हो रहे हैं। देश पर हाल के कुछ महिनों में ही 1,57,103 साइबर हमले हुये हैं और अभी देश में 3.5 मिलीयन साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट की आवश्यकता है। इस सप्लीमेंट्री एमोयू के अवसर पर कुलपति आरयू प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा, कुलसचिव डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, साइबर पीस के ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार, बीएसएनएल के जीएम व आई चेयरमैन यूपी शाह, डिप्टी डायरेक्टर वोकेशनल आरयू डॉ स्मृति सिंह, एजीएम बीएसएनएल आरके किशोर, वी देवघरिया व अन्य उपस्थित थे।
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