टीम एबीएन, रांची। द इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग और सोसाइटी ऑफ जियो-साइंटिस्ट झारखंड की ओर से 12 और 13 अगस्त को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान विषय वन व पर्यावरण स्वीकृति पर वृहत परिचर्चा, जिससे खनन व इंफ्रास्ट्रकचर में व्यापार करने में आसानी हो पर चर्चा होगी। संगोष्ठी में भाग लेन के लिए देशभर से 200 प्रतिनिधि पहुंचेंगे। इसमें मुख्य अतिथि खान व भूतत्व विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दकी शामिल होंगे। इसके अलावा गोवा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष महेश पाटिल, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के पूर्व महानिदेशक रंजन सहाय, सीसीएल व सीएमपीडीआइ के निदेशक रामबाबू प्रसाद, शंकर नागाचारी, इएसी के सदस्य अभिजीत घोष, वन विभाग के पूर्व प्रमुख शशि नंदकुलियार, एमसीएल के पूर्व अध्यक्ष एएन सहाय समेत अन्य शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को डोरंडा स्थित इंजीनियरिंग भवन में सुबह 10 बजे से होगी।
टीम एबीएन, गिरिडीह/ रांची। झारखंड जिले का गिरिडीह का लाल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गया। अपने राज्या का यह सीआरपीएफ का जवान देश की सुरक्षा के लिए कुर्बान हो गया है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हो गयी। इस घटना में एक जवान शहीद हो गया है।शहीद जवान अजय कुमार राय देवरी थाना इलाके के ढेंगाडीह का रहने वाले थे। सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अजय का परिवार गिरिडीह के पटेल नगर में किराए के मकान में रहता है। पटेल नगर में यह खबर आग की तरह फैल गई, शहीद के घर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। शहीद के पैतृक गांव में भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। घटना के बाद अजय कुमार राय के पिता राजू राय व पत्नी स्वाति लगातार रो रही हैं। जानकारी के अनुसार शनिवार की अहले सुबह पुलवामा के अवंतिपुरा में आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सुरक्षा बलों के द्वारा भी जवाबी फायरिंग की गई। इस क्रम में अजय कुमार राय को गोली लगी और वह शहीद हो गये।शहीद जवान के परिजनों के अनुसार वर्ष 2016 में अजय कुमार राय ने सीआरपीएफ में योगदान दिया था। उनकी ड्यूटी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में दी गई थी। शनिवार की सुबह वे पुलवामा जिले के अवंतिपुरा में ड्यूटी पर तैनात थे। यहां मोर्चा पर संतरी की ड्यूटी वो कर रहे थे। इसी बीच सुबह में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, इसी गोलीबारी में अजय को गोली लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना सीआरपीएफ नके शहीद के परिजनों को दी है।
कला प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयोजन टीम एबीएन, रांची। एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) की तीसरी वर्षगांठ के शुभ अवसर पर रांची सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स तथा डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल, कडरू के संयुक्त तत्वावधान में कला प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में रांची के 23 सीबीएसई स्कूलों ने भाग लिया।बच्चों में कला के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने तथा शिक्षा में कला को समेकित करने हेतु इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएवी कपिलदेव के प्राचार्य एमके सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में जी-20 की थीम वन अर्थ, वन पर्सन और वन फ्यूचर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा सीखने का नाम है। हमें रोज नई-नई चीजें सीखनी चाहिए सीखी गई विद्या का प्रयोग सामाजिक जीवन में दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिएटिविटी से सोच बढ़ती है और इससे व्यक्ति सीखता है।अपनी कार्यकुशलता को हम जितना बढ़ा सकते हैं। उतना हमारे जीवन के लिए अच्छा होगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के प्रेसिडेंट सह जवाहर विद्यामंदिर के प्राचार्य समरजीत जाना ने जी ट्वेंटी का अर्थ समझाया तथा बताया कि यह किस प्रकार छात्रों से जुड़ा है और किस प्रकार आज प्रासंगिक है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव शर्मा जी ने संविधान की प्रस्तावना को बच्चों के बीच में गाकर बतलाया कि हमारा भारत महान है। दूसरों का आदर करना और प्रणाम करना भारत की परंपरा रही है।सभी भारतवासियों में एक ही आत्मा बसती है इसलिए कोई ऊंचा और नीचा नहीं है।रांची के वरिष्ठ पत्रकार मधुकर ने एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें जाति, धर्म संप्रदाय के नाम पर भेदभाव से बचना चाहिए। बाद में अतिथियों ने सामूहिक रुप से प्रदर्शनी का मुआयना किया। सभी अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडली के सदस्य वीके पाठक, पी सारंगी, विनीता वर्मा और विश्वनाथ चक्रवर्ती ने प्रदर्शनी को गौर से देखा और उसकी समीक्षा की। मौके पर स्थानीय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कपिल देव गिरि, सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल की प्रिंसिपल शमिता सिन्हा, डीएवी गांधीनगर के प्राचार्य एस के सिन्हा, डीएवी बारियातू के प्रिंसिपल वी के पांडेय और डीएवी खूंटी के प्राचार्य टीपी झा उपस्थित थे। इस अवसर पर आयोजित सभा का संचालन ऋषभ पांडेय, भूमिका जालान, आर्यमन साहू और आकांक्षा सिंह ने सम्मिलित रूप से किया। सभा के अंत में सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र पूर्व आइएएस के के खंडेलवाल, प्राचार्य एम के सिन्हा और झारखंड साइको ग्राफी सोसाइटी के विकास कुमार ने सम्मिलित रुप से प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान डीएवी कपिल देव की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग झलकियां भी प्रस्तुत कीं। उनके द्वारा प्रस्तुत है नृत्य सराहनीय रहे। मौके पर एस के राणा, संजय कुमार सिंह, पशुपतिनाथ झा, अशोक कुमार सिंह, उदयनाथ झा समेत कई शिक्षक मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव कडरू के आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। नामकुम स्थित आर के आनन्द बॉल्स ग्रीन में राज्य के विजेताओं और अन्य को सन्मानित करने के लिए आयोजित स्टेट अवार्ड्स समारोह संपन्न हो गये।झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आर के आनंद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुए इस समारोह में सभी को उपस्थित अतिथियों ने सम्मानित किया। आज प्रातः इस समारोह के पूर्व झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा आयोजित की गयी, जिसमें राज्य विभिन्न मान्यताप्राप्त खेल संघ एवम जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर झारखंड ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त सभी इकाइयों को प्रेसिडेंट आर के आनंद ने निर्देश दिया कि वे सभी सोसाइटी या ट्रस्ट में अपना निबंधन करवा लें और अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाये।उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि वे भारत सरकार के स्पोर्ट्स गाइडलाइन के हिसाब से राज्य खेल संघ और जिला ओलंपिक संघ में खिलाड़ी और महिला की भागीदारी सुनिश्चित करें।अपराह्न दो बजे से प्रारम्भ हुए इस अवार्ड समारोह में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, राष्ट्रीय खेल के पदक विजेता खिलाड़ी और राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सन्मानित किया गया।साथ ही स्टेट अवार्ड्स के तहत विभिन्न ग्यारह वर्गों में खिलाड़ी, कोच और प्रशासक सहित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिये गये।मौके पर विशेष रूप से रांची यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर प्रोफेसर अजित कुमार सिन्हा, रजिस्ट्रार प्रोफेसर मुकुंद मेहता, सी सी एल के आदिल सहित शेखर बोस, एस एम हाशमी, अनिल जायसवाल, हरभजन सिंह गुलाम रब्बानी, सी डी सिंह, एस के पांडे, सुरेश कुमार, फरजान हिरजी, बिपिन कुमार सिंह, डॉ मधुकांत पाठक, शिवेंद्र दुबे, मोहम्मद खुर्शीद, हेजाज़ असदाक, वरुण कुमार, चंचल भट्टाचार्य, उदय साहू, शैलेंद्र कुमार सहित लवली चौबे, सुनील बहादुर, दिनेश कुमार, आदित्य कुमार गौरव, सरिता कुमारीं, आरजू रानी, अनामिका लकड़ा, भांति मिश्र आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में शेखर बोस ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
टीम एबीएन, बोकारो। बोकारो सेक्टर-12 थाना अंतर्गत बारी को-ऑपरेटिव स्थित स्मृति ज्वेलर्स में चोरों ने ताला तोड़कर 80 हजार रुपये की आभूषण चोरी कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। दुकानदार साहिल कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मकान मालिक द्वारा सूचना मिली कि ज्वेलरी दुकान का ताला टूटा हुआ है। इसके बाद जब दुकान में आये, तो ताला टूटा हुआ पाया। दुकान के अंदर जाने पर सारे सामान बिखरे पाये। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गयी। इधर, पुलिस ने बताया कि दुकानदार के बयान पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
सनातन में शिव और राम ने बहुपत्नी को नहीं स्वीकारा टीम एबीएन, रांची। विवाह केवल शरीर सुख के लिए नहीं है। विवाह जगत के कल्याण के लिए होता है। विवाह से आपके नीचे हजारों पीढ़ियां नीचे चलती हैं। इसके साथ ही समाज का निर्माण होता है। शिव विवाह जगत के कल्याण के लिए पार्वती से हुआ, ताकि समाज में व्याप्त तारकासुर जैसी राक्षसी शक्तियां का वध हो। शिव स्वयं के विवाह में नान्दीमुख श्राद्ध और ग्रहों की शान्ति कर विवाह किया, जबकि मंगल इनका पुत्र है। आज विश्व में विवाह का आधार छिन्न-भिन्न हो रहा है। आज लिव इन रिलेशनशिप ने अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश में मुश्किल हो गया है। ये देश भारतीय विवाह परम्परा को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं, क्योंकि इस रिलेशनशिप में बच्चों का लालन पालन, मेंटर और मानसिक स्थिति पर प्रभावी होता है। शिव राम भी बहुत विवाह के पोषक नहीं रहे। बहु-विवाह अंतर्जातीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय विवाह से लोक संस्कृति को भी खतरा है। इसलिए अर्जुन ने वर्ण संकरता को नाश का कारक गीता में माना है। जिन सभ्यताओं में वर्ण संकरता और बहु विवाह का प्रचलन आया, वह सभ्यता ही मिट गयी; क्योंकि वहां की संस्कृति और विवाह संस्था टूट रही है। लिव इन रिलेशनशिप राष्ट्र के लिए अभिशाप है। उक्त बातें पं रामदेव पाण्डेय ने राम-जानकी मन्दिर बरियातू में शिव पुराण की कथा में कही।
घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांगरांची विमेंस कालेज, रांची के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा हो भाषा में कार्यरत थींटीम एबीएन, रांची। रांची विमेंस कालेज, रांची के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा हो भाषा में कार्यरत नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ०लक्ष्मी पिंगुवा का कल मस्तिष्काघात से असमय निधन हो गया। झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कांट्रैक्टच्युल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एसके झा ने कहा कि उनके निधन से झारखंड के बौद्धिक जगत में बहुत बड़ी शून्यता आ गयी। उन्होंने कहा कि जब से नया संकल्प :1040, दिनांक :11.05.2023 आया है, तब से नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर लगातार मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। डॉ लक्ष्मी पिंगुवा मेम के पति बिरसी कुंकल के अनुसार 21 जुलाई को महाविद्यालय प्रांगण में कुछ शिक्षकों ने उनके साथ कक्षा को लेकर दुर्व्यवहार किया, तदुपरांत उनका तबियत खराब हुआ। पुनः अस्पताल में भर्ती कराया गया, कल ब्रेन हैमरेज से उनका असमय निधन हो गया। डॉ लक्ष्मी पिंगुवा मेम एक सामान्य परिवार से निकल कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर काफी संघर्षपूर्ण जीवन से इस सेवा में आयी थी, जहां वह व्यवस्था का शिकार बन 50 वर्ष की अवस्था में अपने पीछे दो पुत्र और पति को अपने पीछे छोड़ चल बसी। आज पश्चिम सिंहभूम जिला के मंजारी प्रखंड स्थित जितलपी गांव में दिन के 2 बजे अंतिम संस्कार किया जायेगा। संघ के सचिव डॉ ब्रह्मानंद साहू ने कहा कि डॉ लक्ष्मी पिंगुवा स्वभाव की धनी और मृदुभाषी थी, उनके साथ हुई प्रताड़ना का उच्च स्तरीय जांच की जाये। अन्यथा संघ आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। संघ के पदाधिकारी डॉ सुमंत कुमार ने कहा कि डॉ लक्ष्मी पिंगुवा हो और संथाली भाषा की विदुषी थीं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक हो साहित्य काफी चर्चित है। वह न सिर्फ एक शिक्षिका बल्कि समाजसेवी भी थी। पिंगुवा मेडम के साथ हुई घटनाओं का सरकार उच्च स्तरीय जांच करायें। शाषी निकाय के सभी सदस्यों ने एक सूर में कहा कि झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पारित संकल्प संख्या -1040 , दिनांक 11.05.2023 किसी भी प्रकार से हमसभी शिक्षकों के हितार्थ नहीं है बल्कि यह शोषणकारी कारी व्यवस्था को जन्म दिया है। बोकारो स्टील सिटी कालेज बोकारो तथा एसएस एलएनटी कालेज धनबाद में हुई घटना अभी शांत भी नहीं हुई थी कि कि एक अन्य घटना सामने आ गयी।शासी निकाय के सदस्यों में डॉ रीझू नायक, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ अराधना तिवारी, डॉ अजयनाथ शाहदेव, डॉ रुपम, डॉ मिराकल टेटे, डॉ कंचन गिरी, डॉ शाहीना नाज, डॉ हरेंद्र पंडित, डॉ वासुदेव प्रजापति, डॉ किरण कुमारी, डॉ वसंत कुमार, डॉ दीपक कुमार, डॉ स्मिता कुमारी, डॉ प्रियव्रत पांडेय, डॉ हर्षवर्द्धन, डॉ गजनाफर अली, डॉ सोयब अंसारी, डॉ उम्मे कुलसूम, डॉ अजीत हांसदा, डॉ बिंदेश्वर साहू, डॉ देवेंद्र साहू, डॉ तेतरु उरांव, डॉ अवंतिका कुमारी, डॉ सुजाता बाला, डॉ अन्नपूर्णा झा, डॉ पुष्पा तिवारी ने कहा कि संघ ने एक समर्पित कार्यकर्ता व संघर्षशील शिक्षिका को खो दिया है।जेएपीसीए (झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कांट्रैक्टच्युल एसोसिएशन)के सैकड़ों शिक्षकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए तथा सरकार से मांग की है कि इस तरह के असमय मृत्यु पर शिक्षकों के कल्याणार्थ कुछ न कुछ उपाय करना चाहिए तथा बोकारो, धनबाद और रांची की इन घटनाओं का उच्च स्तरीय जांच हो। उक्त जानकारी झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कांट्रैक्टच्युल एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, बोकारो। बोकारो सेक्टर-12 थाना अंतर्गत बारी को-ऑपरेटिव स्थित स्मृति ज्वेलर्स में चोरों ने ताला तोड़कर 80 हजार रुपये की आभूषण चोरी कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। दुकानदार साहिल कुमार ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मकान मालिक द्वारा सूचना मिली कि ज्वेलरी दुकान का ताला टूटा हुआ है। इसके बाद जब दुकान में आये, तो ताला टूटा हुआ पाया। दुकान के अंदर जाने पर सारे सामान बिखरे पाये। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गयी। इधर, पुलिस ने बताया कि दुकानदार के बयान पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बहरागोड़ा। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बीते गुरुवार को टीपीएस डीएवी पब्लिक स्कूल, बहरागोड़ा के वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि लगन हो और ईमानदारी से परिश्रम किया जाये तो लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी दिनचर्या निर्धारित करें एवं उसका अनुसरण करें। जीवन में समय के महत्व को समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्थान आपके पैतृक संपत्ति, बैंक बैलेंस एवं धन-दौलत से ऊपर है, आप कहीं भी जायेंगे तो आपकी पहचान शिक्षा एवं संस्कार से होगी।उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ स्थल पर स्थापित इस विद्यालय में आयोजित इस समारोह में आकर बहुत प्रसन्नता हो रही है क्योंकि यहां पर चारों तरफ के दूरदराज के ग्रामों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं एवं उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त हो रही है। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में आप सभी तभी सफल हो पायेंगे, जब आप शिक्षित होंगे। शिक्षित होकर आप अपने समाज का भला भी करेंगे, समाज सुखी होगा तभी हमें वास्तविक सुख की अनुभूति होगी। इसीलिए शिक्षित होकर समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना है। इसके लिए जीवन में अनुशासित रहकर कार्य करना जरूरी है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय की पाबंदी, अनुशासित जीवन एवं दूरद्दष्टि के कारण आज वैश्विक नेता के रूप में स्थापित हुए हैं। उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम था कि कोरोना महामारी के समय भारत ने अति अल्प समय में स्वदेशी टीका विकसित किया। भारत ने टीका विकसित कर अपने देश के नागरिकों के टीकाकरण के साथ मानवता का परिचय देते हुए विकासशील देशों को बिना कोई मूल्य के टीका उपलब्ध कराकर अपनी कर्मठता एवं विश्व बंधुत्व की भावना का परिचय दिया।राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश में मैकाले की शिक्षा पद्धति ही लागू थी जिसके कारण हम परतंत्रता की भावना से उबर नहीं पा रहे थे। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बात का ध्यान रखा गया है कि देश का सर्वांगीण विकास कैसे हो? उन्होंने इसी क्रम में बताया कि हमें विभिन्न भाषाओं को भी सीखना चाहिए। किसी भी भाषा में ज्ञान के महत्व को स्वीकार किया जाता है।राज्यपाल ने विद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आस-पास के ग्रामों के रहने वाले जो बच्चे पढ़ाई में पिछड़ गये हैं, उनसे संवाद स्थापित कर अवकाश में ट्यूटोरियल/ट्रेनिंग प्रोग्राम चलायें, यह एक पुनीत कार्य होगा। राज्यपाल महोदय ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया।राज्यपाल ने वार्षिक समारोह में भाग लेने के उपरांत लौटने के क्रम में एक दिव्यांग से मिले। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को उनके समस्याओं के निदान के लिए निर्देशित किया।
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