टीम एबीएन, रांची। इंडिया गठबंधन की पहली चुनावी रैली भले ही मध्यप्रदेश के भोपाल में हो, लेकिन केंद्र के खिलाफ गठबंधन के आंदोलन का आगाज झारखंड की राजधानी रांची से हो गया है। जहां इंडिया गठबंधन ने एचइसी को बचाने के लिए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। एचइसी यानी हैवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, जिसे एशिया की सबसे बड़ी मदर इंडस्ट्री कहा जाता था। एचइसी ने इसरो से लेकर रक्षा मंत्रालय तक के लिए कई मशीनें तैयार की, लेकिन आज एचइसी अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद में लगा है। 18 महीने से एचइसी कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों और मजदूरों की स्थिति दयनीय हो गई है। ऐसे में इंडिया गठबंधन ने मजदूरों को भुखमरी से बचाने और एचइसी को वापस इंडस्ट्री के रूप में इस्टैब्लिश करने के लिए प्रदर्शन किया। जहां गठबंधन नेताओं को एचइसी मजदूरों का भी साथ मिला। जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राजभवन तक रैली निकाली और राजभवन के सामने केंद्र के खिलाफ विरोध जताया।गठबंधन नेताओं को मिला मजदूरों का साथविपक्ष हमेशा से ही केंद्र सरकार पर एचइसी की उपेक्षा का आरोप लगाता आया है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार ऌएउ को भी कथित उद्योगपति मित्रों के हवाले करना चाहती है। यही वजह है कि इंडिया दलों की संयुक्त बैठक केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला लिया गया। हालांकि ये आंदोलन राष्ट्रव्यापी होगा, लेकिन इसका आगाज रांची में जन आंदोलन के रूप में हुआ। जहां विपक्षी नेताओं के साथ ही मजदूरों ने भी एचइसी की अनदेखी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी एशिया की सबसे बड़ी मदर इंडस्ट्री आज संकट में है। 2800 हेक्टेयर भूमि पर फैले एचइसी की शुरुआत 15 नवंबर 1963 को हुई। उस वक्त एचईसी को मदर आफ आल इंडस्ट्री कहा गया था। 22 हजार कर्मचारियों से शुरू हुई एचइसी में आज 3,000 कर्मचारी रह गये हैं। कर्मचारियों को भी वेतन देने के लिए भी एचईसी के पास पैसे नहीं हैं। सरकार की अनदेखी के चलते आज एचइसी बंद होने की कगार पर है। चंद्रयान के लिए लॉन्च पैड बनाने में भी एचईसी ने बड़ी भूमिका निभायी, लेकिन आज नौबत ये है कि इसे बचाने के लिए इंडिया गठबंधन और कर्मचारियों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।
टीम एबीएन, कोडरमा। कोडरमा सहित अन्य पड़ोसी जिलों में जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने वाली संस्था रक्त सेवा संघ कोडरमा के द्वारा शनिवार 16 सितंबर को न्यू उत्तम मेडिकल, नवलशाही कोडरमा में सुबह 11 से 3 बजे तक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। संस्था की ओर से संस्थापक राहुल वर्णवाल ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी को देखते हुए रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है, जिससे कुछ हद ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर किया जायेगा। राहुल वर्णवाल ने आगे बताया कि यह संस्था का तीसरा रक्तदान शिविर है। संस्था के अध्यक्ष दीपक वर्णवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर लगाने से गांव के निवासी भी रक्तदान करने के प्रति जागरूक हो रहे हैं। वहीं संस्था के सचिव पिंटू कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि रक्तदान शिविर की तैयारियां जोरों पर है। उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि जिस प्रकार से पिछले रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ रक्तदान किया था, वैसा ही सहयोग रक्तदाताओं से 16 सितंबर को भी अपेक्षाकृत मिलेगा। एक साझा बयान में फलजीत कुमार और सुधीर कुमार ने बताया है कि संस्था की ओर से बैनर बना लिया गया है, रक्तदाताओं के लिए उचित व्यवस्था प्रबंध की जा रही है। इस शिविर में भाग लेने के लिए संस्था के फेसबुक आईडी या व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपना नाम पंजीकृत करा सकते हैं। वहीं कोडरमा जिला वॉलंटरी ब्लड डोनेशन संगठन के पदाधिकारी अध्यक्ष रितेश माधव, सचिव विशाल सिंह एवं कोषाध्यक्ष अली हैदर बंटी ने सोशल मीडिया के माध्यम से डोमचांच प्रखंड के रक्तवीरों से आग्रह किया है कि इस रक्तदान शिविर में रक्तदान कर शिविर को सफल बनाने में सहायक बनें ताकि किसी जरूरतमंद को यह ब्लड उपलब्ध कराया जा सके।रक्तदान शिविर को सफल बनाने में जुड़े संस्था के सदस्य संतोष यादव, बृज किशोर शर्मा, कृष्णदेव रविदास, किशोर कुमार, सचिन कुमार, खगेंद्र दास, शाहनवाज हुसैन, मोइन खान, उमाशंकर पासवान, सोनू कुमार, अभिलाषा सिन्हा, स्वीटी कुमारी, अनिल कुमार, धीरज कुमार एवं संस्था के समस्त सदस्यों का प्रयास जारी है।
टीम एबीएन, कोडरमा। कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर झुमरी तिलैया में हिंदी दिवस वंदना सभा में दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन के साथ प्रारंभ हुआ। भैया बहनों के बीच वक्तव्य देते हुए आचार्य प्रदीप कुमार ने कहा कि आज ही के दिन 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था।तब से लेकर आज तक हिंदी की विकास यात्रा में कई अहम कार्य हुए हैं। वर्तमान समय में सड़क से लेकर संसद तक की भाषा के रूप में हिंदी ने अपने आप को स्थापित किया है। जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और असम से लेकर गुजरात तक हिंदी का प्रभाव देखा जा सकता है। इसे इस रूप में भी समझा जा सकता है की बॉलीवुड में बनने वाली हिंदी फिल्में पूरे भारत में देखी जाती है और सभी उसकी प्रशंसा भी करते हैं। हिंदी दिवस मनाने के पीछे यह उद्देश्य निहित है की हिंदी की विकास यात्रा को हम और गति दें और तब तक नहीं रुके जब तक इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त न हो जाए। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने कहा की हिंदी हमारी मातृभाषा है और भाषा के रूप में हमारे मन मस्तिष्क में हिंदी का स्थान सर्वोपरि है। आज हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता तब होगी जब हम सच्चे मन से हिंदी के विकास के लिए कार्य करें। इस अवसर पर विद्या विकास समिति के तत्वावधान में विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें विद्यालय के भैया बहनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया एवं निबंध लिखें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य मनोज कुमार सिंह, नीरज कुमार, वीरेंद्र मिश्र, वीरेंद्र प्रसाद, संजय कुमार महतो, दीपक कुमार विश्वकर्मा, उमाशंकर कुमार, मुन्ना सिंह, कुमार मुरलीधर, पवन शर्मा, सुनील कुमार, धीरज पांडे, बिपिन डे, प्रणव प्रभास, प्रभात सौरव, संजय सिंह, श्वेता श्रीवास्तव, शर्मिष्ठा शाहा, सोनी कुमारी, अर्चना सिन्हा, चंद्रकावेरी निहाल, रिमझिम कुमारी, मोनिका कुमारी आदि की सहभागिता रही।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। मेरिडियन अकादमी झुमरी तिलैया में हिंदी सप्ताह के अंतर्गत सप्ताह भर कई कार्यक्रम किया गया। विद्यालय के प्राचार्य अभिषेक कुमार पांडेय ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी वैश्विक भाषा बन चुकी है। यह जन-जन की भाषा है। इसमें हमारी संस्कृति और भारतीयता परिलक्षित होती है। हिंदी का इतिहास लगभग 1000 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। हिंदी सन 1949 के 14 सितंबर को राजभाषा के रूप में समाद्रित हुई। संविधान के अनुच्छेद 343(1) के अंतर्गत हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया, साथ ही राजभाषा प्रचार समिति अनुशंसा के आलोक में 14 सितंबर 1953 को हिंदी दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। तब से प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।हिंदी प्रत्येक भाषा से ज्यादा समृद्ध है, यह अत्यंत ही वैज्ञानिक भाषा है। इस भाषा में हम जैसा सुनते हैं वैसा ही लिखते हैं। जैसा लिखते हैं वैसा ही पढ़ते हैं। यह मधुर, सरल, बोधगम्य और भाव युक्त है। हमें अंग्रेजी से कोई खतरा नहीं है, किंतु हमें अपने हिंदी को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉ श्रीनिवास कुमार ने कहा हिंदी भाषा एक अप्रतिम भाषा है, जो राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए सेतु का काम करता है। हमें अपने निज भाषा और निज गौरव पर अभिमान होना चाहिए और सदैव हिंदी की वकालत करनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कुरेश शर्मा ने किया। मौके पर बच्चों ने भी अपने विचार रखे। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस कार्यक्रम में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। उपायुक्त कार्यालय परिसर में बीमा जागरूकता अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के लिए डीसी मेघा भारद्वाज, डीडीसी ऋतु राज, अग्रणी जिला प्रबंधक निवास कुमार, बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक वीमल झा एवं बीमा कंपनी के हजारीबाग आंचलिक प्रमुख दीपांकर भट्टाचार्य के द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान की गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।ये जागरूकता अभियान बैंक आफ इंडिया के बीमा कंपनी एस यू डी लाइफ इंश्योरेंस के द्वारा आयोजित किया गया है। यह जागरूकता अभियान कोडरमा जिले के तीस गांव में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को बीमा से संबंधित जानकारी देंगे। मौके पर बैंक आफ इंडिया के हीरोडीह शाखा के पीएमजेजेबीवाई की लाभुक सविता देवी को 2 लाख का चेक दिया गया। उनके पति की मृत्यु उपरान्त उपायुक्त के द्वारा दिया गया। उपायुक्त मेघा भारद्वाज एवं उप विकास आयुक्त ने सभी कोडरमा वासी से पीएम एस बी वाई और पीएमजेजेबीवाई से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस योजना से मात्र 20 रुपए सालाना प्रीमियम से 2 लाख का दुर्घटना बीमा और 436 रुपए सालाना प्रीमियम में किसी भी तरह के मृत्यु के उपरांत नामित व्यक्ति को 2 लाख का लाभ मिल सकता है। साथ ही उन्होंने सभी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक को इससे जोड़ने का निर्देश दिया। मौके पर अग्रणी जिला प्रबंधक निवास कुमार ने बताया कि राज्य भर में समूह की महिला को बीमा से जोड़ने एवं दावा भुगतान में पूरे प्रदेश में कोडरमा जिला पहले स्थान पर है। और जिले के प्रति व्यक्ति को यह सुविधा देने के लिए बैंक आफ इंडिया प्रतिबद्ध है। मौके पर बैंक आफ इंडिया के बीमा कंपनी से प्रकाश मिश्र, हीरोडीह के शाखा प्रबंधक सन्नी कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेवियर, प्रतीक कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी महाविद्यालय के हिंदी विभागध्यक्ष के निर्देशानुसार गुरुवार को हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ स्मिता गहलोत व डॉ सीमा चौधरी के मार्गदर्शन में मनाया गया।सर्वप्रथम कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए डॉ सीमा चौधरी ने हिंदी की महत्ता तथा आवश्यकता एवं इसकी संवैधानिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। साथ ही संवैधानिक स्तर पर हिंदी भाषा की महत्व को बताया। हिंदी भाषा की राजभाषा के घोषणा को लेकर आज तक के हिंदी भाषा के क्षेत्र में हुए कार्यों तथा स्थिति पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की अगली कड़ी में डॉ स्मिता गहलोत ने हिंदी के राष्ट्रस्तर पर आवश्यकता को लेकर अपना उद्बोधन दिया। उन्होनें कहा की हिंदी हमारी अखण्डता को बनायें रखा है। हिंदी भाषा के कारण ही आज हम भारतवासी अनेकता से एकता के सूत्र में बधे हुए हैं।वहीं बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मोहित पाठक ने हिंदी दिवस पर हिंदी की महत्ता के संदर्भ को बताया। उन्होनें कहा कि इसकी क्षेत्र में हम युवाओं को आगे-आने की आवश्यकता है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। जो संपूर्ण देश को एकता की सूत्र के बांधी रखी है।वहीं कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम के मुख्य ऑर्गेनाइजर सदस्य हंसराज चौरसिया व सोनाली उपाध्याय, भवानी प्रसाद ने हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ स्मिता गहलोत व डॉ सीमा चौधरी साथ ही सभी छात्र व छात्राओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है ।
हिंदी भारत की मातृभाषा है मात्रभाषा नहीं : प्राचार्यटीम एबीएन, झुमरी तिलैया। सेक्रेड हार्ट स्कूल में 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सबसे पहले प्राचार्य नवीन कुमार, पीटीआई राकेश पांडेय और शिक्षक पवन ठाकुर ने भारतेंदु हरिश्चंद्र की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।बच्चों के बीच हिंदी की दशा-दिशा और भविष्य पर भाषण और कविता वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अंशिका सिंह, अंजुम आरा अंसारी, सुहानी कुमारी, तैयबा जबीन, अदिति रानी, तनीषा शर्मा, आर्ची कुमारी, सौम्या कुमारी, अमित कुमार, प्रियांशी कुमारी और अर्पित कुमार ने अपने-अपने विचार रखे। बच्चों ने कहा कि हिंदी हमारे देश की भाषा ही नहीं आशा और उम्मीद है।अपनी मातृभाषा का विकास किए बिना हम देश के विकास की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि हिंदी के उत्थान में, हिंदी के विकास में और प्रचार-प्रसार में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। वहीं प्राचार्य नवीन कुमार ने कहा कि हिंदी मात्र भाषा नहीं बल्कि मातृभाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी की स्थिति अपने देश में भले ही थोड़ी कमजोर हो, पर विदेश में इसके पांव तेजी से फैल रहे हैं। मॉरीशस, सूरीनाम और त्रिनिदाद आदि देशों में भारत की तरह हिंदी व्यवहार में लायी जाती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के विश्वविद्यालय में हिंदी की पढ़ाई होना और इंग्लैंड में प्रतिवर्ष हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन इसकी सफलता का प्रमाण है।यह एकमात्र ऐसी भाषा है जो संपूर्ण देश को एकता के सूत्र में बांधे रखने में सक्षम है। कार्यक्रम का संचालन शैल्वी सिंह और दिव्याणी कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम एकेडमिक डायरेक्टर प्रमोद शर्मा के निर्देश पर और हिंदी शिक्षक मनोज कुमार पांडेय की देखरेख में हुआ।आयोजन को सफल बनाने में एकेडमिक को-ऑर्डिनेटर प्रवीण कुमार, दीपक सर्राफ, संजय तिवारी, जयप्रकाश सिंह, शंकर कुमार, विक्रम कुमार, अभिलाषा सिंह, पायल सिंह, सतीश कुमार, विक्की कुमार समेत अन्य शिक्षकों और शिक्षक के उत्तर कर्मियों का योगदान रहा।
टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। कन्स्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सी डब्लू एफ आई) एवं सीटू से संबद्ध झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन का जिला स्तरीय मजदूर अधिकार कन्वेंशन 20 सितम्बर को झुमरीतिलैया में आयोजित होगा। कन्वेंशन का उदघाटन सीटू झारखंड के महासचिव विश्वजीत देव करेंगे, जबकि मुख्य वक्ता के तौर पर सीडब्लू़एफआई केन्द्रीय कमिटी सदस्य व निर्माण कामगार यूनियन के राज्य महासचिव संजय पासवान और सीटू के जिला संयोजक रमेश प्रजापति सम्बोधित करेंगे। इसकी तैयारी को लेकर निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के गांवों, बस्तियों और टोलों में बैठकें आयोजित की जा रही है।इसी के तहत नगर पर्षद अंतर्गत झलपो में मजदूरों की एक सभा आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता झलपो निवासी सहदेव दास ने किया। मजदूरों को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता और निर्माण यूनियन के सचिव प्रेम प्रकाश ने कहा कि निर्माण मजदूरों को मिलने वाला अधिकार श्रम विभाग से नहीं मिल रहा है।झारखंड सरकार का पोर्टल सही से काम नहीं करने के चलते निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना हो जाने से मजदूरों को कोई मुआवजा नहीं मिल रहा है। महिला मजदूरों को मजदूरी कम मिलता है, वहीं कार्य स्थल पर इनका शोषण भी होता है।मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति भी नहीं दिया जा रहा है और न ही बीमारी की ईलाज की व्यवस्था है। ऐसे में अपने अधिकारों की रक्षा और शोषण के खिलाफ संघर्ष को तेज करने के लिए मजदूर अधिकार सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।बैठक में नारायण दास, दिनेश, मनोज, राजु दास, मुनिया देवी, संतोष दास, किसुन दास, सोनिया देवी, बासुदेव दास, बिंदेश्वर दास, लक्ष्मी जयंती, सुमा, केसरी, सुनीता, वैजंती, बैजनाथ दास, राधा, श्याम सुन्दर, दौलती देवी, मुन्नी, काली दास, सुरेश दास, प्रभु दास, मुन्द्रिका, हेमराज, रेणु, कौशल्या, रिंकु, मीणा, सरोज, राजु राम, सरस्वती, बिनोद दास, मुंशी दास, बसंती, किशोर, विजय, उमेश, रोहित, गौरी देवी, गिरि देवी सहित दर्जनों महिला पुरूष मौजूद थे।
समाज के गणमान्य लोग शिक्षा पर विशेष ध्यान दें : हारिस बिन जमां टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश द्वारा कांटा टोली सुल्तान कॉलोनी स्थित मुजीब कुरैशी के आवास पर विदाई सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें रांची के ट्रैफिक एसपी व ग्रामीण एसपी रहे हारिस बिन जमां को अपने छेत्र में सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ट समाजसेवी मुजीब कुरैशी, झारखंड पुलिस एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मो महताब आलम सहित रांची जिले के गणमान्य लोगों ने मुबारकबाद दिया साथ हीं लोहरदगा जिला का एसपी बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी। लोगों ने माला पहना कर और बुके देकर स्वागत किया। मंच का संचालन गुलाम जावेद ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सदर गुलाम गौस ने किया। बताते चलें कि हारिस बिन जमां अपने सामाजिक दायित्व को भी निभाते रहे हैं। वे इससे पहले मुजीब कुरैशी द्वारा आयोजित 32 सालों से चले आ रहे दावते ए इफ्तार के साथ-साथ झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। ट्रैफिक एसपी सह ग्रामीण एसपी रहे हारिस बिन जमां सभा को संबोधित करते हुए कह रहे थे कि जब मैं रांची में था तब मुजीब कुरैशी के कार्यक्रम में शामिल होता रहा हूं। इनका समाज में अहम योगदान रहा है और समाज को बेहतर बनाने में प्रशासन को काफी योगदान करते रहे हैं। इसी तरह समाज को शिक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आप सभी लोगों से मुझे यहां काफी प्यार मिला है जिसके लिए सभी का शुक्रिया। झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी ने कहा कि हरीश बिन जमां साहब एक नेक व्यक्तित्व के मालिक है अपनी जिम्मेदारियों के प्रति काफी सजग रहते हैं। उन्हें लोहरदगा का प्रभार दिया गया है। मेरे और मेरे पूरे समाज की ओर से उन्हें रांची जिला में सराहनीय कार्य के लिए मुबारकबाद और लोहरदगा एसपी बनाये जाने पर शुभकामनाएं। इसपर झारखंड पुलिस एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मो महताब आलम ने कहा कि हारिस जमां साहब अपने छेत्र के नागरिकों से काफी प्रेम पूर्वक व्यवहार करते रहे है। वे अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा पूर्वक करते हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में भी नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभायेंगे। मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेगी। लोहरदगा एसपी हारिस बिन जमां को विदाई देने वालों का तांता लगा रहा, जिसमें सदर गुलाम गौस कुरैशी, महासचिव सह पत्रकार परवेज कुरैशी, हाजी मिन्हाज, अशिक, अकबर कुरैशी, आदिल कुरैशी, समाजसेवी जाकिर हुसैन, साजिद खान, आवेश कुरैशी, हसीब खान, सदाम कुरैशी, नायब सदर लडन, फरहाद कुरैशी, अफजल, माशूक कुरैशी, फिरोज खान सहित शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। उक्त जानकारी झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के मीडिया प्रभारी गुलाम जावेद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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