भारतीय किसान संघ झारखंड प्रांत के प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय बैठक बाबा नगरी बैद्यनाथ धाम देवघर में संपन्न टीम एबीएन, देवघर/ रांची। भारतीय किसान संघ झारखंड प्रांत के प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय बैठक बाबा नगरी बैद्यनाथ धाम देवघर में बाबा बैद्यनाथधाम विवाह भवन में सम्पन्न हआ। बैठक में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष युगल किशोर मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष जयकुमार सिंह, महामंत्री प्रकाश नारायण सिंह, संगठन महामंत्री आचल जी के अलावे विभिन्न जिलों के अध्यक्ष एवं जिला मंत्री उपस्थित थे।आज की बैठक में पूरे झारखंड प्रदेश में किसानों की संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए नियमित मासिक बैठक जिला, प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर करने का करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पूरे प्रदेश में सदस्यता अभियान दिसंबर माह से चलाया जायेगा। इस बैठक में विशेष रूप से रांची के बेनी साव, दीपक उरांव, लातेहार के बबन कुमार, हजारी बाग से इन्द्र नारायण कुशवाहा, चतरा से रुद्र प्रताप देवघर से महाराज उदयनाथ, डॉक्टर सतीश, जागेश्वर यादव कथावाचक बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक सिद्धार्थ जयसवाल पूर्व जिलाध्यक्ष देवघर सिद्धेश्वर सिंह के अलावे विभिन्न जिला से आये प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बाल विवाह रोकने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन व झारखंड सरकार ने स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ किया परामर्श सम्मेलन एबीएन सोशल डेस्क। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संगठन बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं को लामबंद कर इस मुहिम से जोड़ने के लिए झारखंड पंचायती राज विभाग के साथ मिल कर रांची में एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में झारखंड सरकार के विभिन्न महकमों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ 2030 तक देश से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गहन विचार विमर्श किया गया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा पिछले साल बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एलान के बाद बीबीए देश के सभी राज्यों में इस तरह के सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है जिसके तहत झारखंड में भी यह आयोजन हुआ। इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव राजीव एक्का, महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा और ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी सचिव चंद्र शेखर भी मौजूद थे। बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा किये गये आह्वान के बाद पूरे देश में इसकी अप्रत्याशित और आश्चर्यचकित कर देने वाली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। देशभर के 7028 गांवों से 76,000 महिलाएं और बच्चे मशाल लेकर एक साथ सड़कों पर उतरे और बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठायी। देश के 20 राज्यों में आयोजित होने वाले ये सम्मेलन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक और कदम हैं। बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई और इसके पूरी तरह से खात्मे के लिए हमें एक बहुस्तरीय और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है। इन परामर्श सम्मेलनों के जरिए हम सभी हितधारकों को साथ लाना चाहते हैं कि ताकि इस अपराध के खिलाफ हम सभी साझा लड़ाई लड़ सकें। इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई में हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे और इसमें शामिल लोगों ने जिस तरह की प्रतिबद्धता दिखायी है, उससे हमारे संकल्प और हौसले को और बल मिला है। सम्मेलन में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन (केएससीएफ) की भी भागीदारी रही। बाल विवाह के बच्चों पर होने वाले दुष्परिणामों के मद्देनजर इस सामाजिक बुराई को रोकने की जरूरत को रेखांकित करते हुए केएससीएफ के पार्टनरशिप एवं कैंपेन प्रमुख बिधान चंद्र ने कहा कि बाल विवाह को बच्चों के प्रति अपराध के तौर पर देखने की जरूरत है और इसीलिए इसे रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकारी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे सभी हितधारकों को राज्य से इस बुराई को उखाड़ फेंकने के लिए साझा प्रयास करने चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव राजीव एक्का ने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में बचपन बचाओ आंदोलन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा- बाल विवाह मूल रूप से महिला सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है। तमाम सर्वेक्षणों में हम देखते हैं कि बाल विवाह के सबसे ज्यादा दुष्परिणाम महिलाओं को भोगने पड़ते हैं। इसलिए हमें खास तौर से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने की जरूरत है। महिलाओं के सशक्तीकरण से बाल विवाह जैसी समस्याएं अपने आप दूर हो जायेंगी। बाल विवाह के खिलाफ राज्य की कार्ययोजना में इसको ध्यान में रखना होगा। सिर्फ किसी संस्था के प्रयासों या फिर कानून से बाल विवाह की बुराई पर रोक नहीं लग सकती। इससे आजादी के लिए सरकार और समाज सभी को पहल करनी होगी। खास तौर से पंचायत स्तर पर चुने हुए प्रतिनिधियों को इसमें अहम भूमिका निभानी होगी तभी बाल विवाह मुक्त भारत का सपना साकार हो सकेगा। बताते चलें कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-2021) के अनुसार देश में 20 से 24 साल की 23.3 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 वर्ष का होने से पूर्व ही हो गया था जबकि झारखंड में यह औसत 32.2 प्रतिशत है। 2011 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में हर साल 3.59 लाख बच्चों का विवाह 18 वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले ही हो जाता है। इसके बावजूद 2019-21 के दौरान राज्य में बाल विवाह के महज 10 मामले दर्ज हुए। सम्मेलन में इस बात पर चिंता जाहिर की गयी और जनता, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से बाल विवाहों के खिलाफ ठोस व गंभीर कदम उठाते हुए साझा प्रयासों की अपील की गयी।
टीम एबीएन, कोडरमा। दिनांक 24 सितम्बर 2023 को दिन रविवार को रामगढ़ शहर के सिद्धि विनायक होटल में झारखंड डेंटल संगठन का दूसरा राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन रामगढ़ के प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ अभिषेक कुमार के अध्यक्षता में किया गया।संगठन के अध्यक्ष केंद्रीय अध्यक्ष डॉ राजुद्दीन एवं संयोजक सचिव डॉ राजन कुमार सिंह ने बताया कि जीडीएस का यह दूसरा राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन संगठन के रामगढ़ शाखा के द्वारा आयोजित है। कार्यक्रम में राज्य भर से सैकड़ों की संख्या में दंत चिकित्सक आये हैं। कॉन्फ्रेंस में स्पीकर के तौर पर राज्य के प्रसिद्ध दन्त चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश, डॉ हर्ष प्रियंक एवं डॉ प्रेम भूषण उपस्थित हुए हैं। कॉन्फ्रेंस की का शुभारंभ स्पीकर एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा विधिवत दिप प्रज्ज्वलित कर किया गया। जेडीएस के इस राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस में जीडीएस के रामगढ़ शाखा के अध्यक्ष डॉ मनीष केसरी के साथ-साथ संगठन के अन्य पदाधिकारी जैसे डॉ राहुल कुमार शर्मा, डॉ अख्तर, डॉ अमरेश कुमार गिरी, डॉ शैलेंद्र व अन्य दन्त चिकित्सक उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, कोडरमा। ग्रिजली कॉलेज आफ एजुकेशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के 55वें स्थापना दिवस पर महाविद्यालय कैंपस में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री झारखंड डॉ॰ नीरा यादव, विधायक कोडरमा एवं बैजनाथ प्रसाद स्नेही कॉलेज आफ एजुकेशन, डोमचांच के प्राचार्य डॉ भूपेंद्र ठाकुर जी ने पौधारोपण किया। जिसमें बीएड सत्र 2022-24 के प्रशिक्षुओं एवं सभी सहायक प्राध्यापक व शिक्षेकेतर कर्मचारी ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग लिये।मौके पर महाविद्यालय की उप निदेशिका डॉ संजीता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज एवं राष्ट्र के नव निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना सदैव अपनी तत्परता दिखाता है। हमें हमेशा एक कदम आगे बढ़कर समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में आगे कार्यक्रम सह नोडल पदाधिकारी, कोडरमा सौरभ शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के व्यक्तित्व का विकास करती है। समाज में विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियानों के द्वारा समाज को जागरूक करती है।सहायक प्राध्यापक मनीष कुमार पासवान ने राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्ता को बताते हुए सभी प्रशिक्षुओं को एनएनएस की सदस्यता हेतु प्रेरित किया। मौके पर भारत विकास परिषद के सदस्य सुनील भार्गवे, रामरतन महर्षि, श्रीमती जयंती सेठ, प्रवीण बर्णवाल एवं बीएड सत्र 2022-24 के प्रशिक्षु उमेश कुमार दांगी, जीतेंद्र यादव, सचिन, सोनू, कुमारी अनुराधा, स्नेहा कुमारी, वैभवी श्री एवं महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक खुशबू कुमारी सिन्हा, संजीत कुमार, नीरज कुमार, अनिल कुमार दास एवं शिक्षेकेतर कर्मचारी सूचित कुमार, रोहित कुमार, चुन्नु कुमार, निशा कुमारी, दीपक पाण्डेय, मुख्तार आलम अन्य सभी उपस्थित थे।
बेटियां समाज की पूंजी : शालिनीटीम एबीएन, झुमरी तिलैया। अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस को लेकर प्रेरणा शाखा ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संकल्प को फिर से दोहराया। आज के परिपेक्ष्य में लक्ष्मी का वरदान है बेटी, धरती पर भगवान है बेटी, बेटी के नारों को बुलंद भी किया।मुख्य अतिथि पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने इस अवसर कहा कि हमें गर्व है कि बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है। बेटियां आज समाज की पूंजी है, और बेटा अंश है तो बेटी वंश है, बेटा आन है तो बेटी शान है। बेटियां खुशियों का प्रतीक भी है जिस प्रकार से घर की शोभा रंगोली या अल्पना से बढ़ती है उसी तरह बेटियां परिवार की शोभा को बढ़ाती है।घर परिवार में बेटों को बेटियों से ज्यादा अहम माना जाता है, लेकिन उसे पुरुष प्रधान को भी सलाम है जहां की बेटियों को बढ़ावा देने में पुरुष लगे हुए हैं उनका यही उद्देश्य है की आधी आबादी जैसे प्रेरणा शाखा एवं अन्य महिला संगठन आज चार दिवारी से निकलकर समाज के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कार्यों को अंजाम दे रही है। कहा भी गया है कि बेटियां है तो कल है, बस बेटियों को समझने और उनके प्रति सोच बदलने की भी जरूरत है। प्रेरणा शाखा की अध्यक्ष श्रेया केड़िया ने कहा कि आज भी बेटियों की चाह ना होने पर भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसे कृत किए जाते हैं। बाल विवाह पहले से कुछ कम हुआ है लेकिन कन्या भ्रूण हत्या आज भी व्याप्त है।ऐसे में मारवाड़ी युवा मंच एवं उनकी इकाइयां प्रेरणा शाखा, सुरभि शाखा, जागृति शाखा, समर्पण शाखा, समृद्धि शाखा की महिलाएं समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चल रही हैं। आज हम अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस पर यह संकल्प लेने की जरूरत है की बेटियों की भ्रूण हत्या न करें और समाज को एक अनुकरणीय इतिहास बनाने में सहयोग करें। सचिव सारिका लड्ढा ने कहा कि बेटियां घर की लक्ष्मी है, बेटियां घर में उजाला करती हैं, और अगले 20 दिनों के बाद नवरात्रि प्रारंभ होने वाली है और इसमें 9 बेटियों का पूजन भी किया जाता है। बेटियां अगर नहीं होगी तो बेटियों का पूजन के साथ-साथ रक्षाबंधन में भाइयों के हाथों की कलाइयों पर राखी कौन बांधेगा तथा बेटियां नहीं होगी तो बहू कहां से लाओगे। यह समाज के प्रत्येक लोगों को सोचने कीआवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां बेटियों ने कमाल नहीं किया हो। शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में बेटियों के बढ़ते कदम इसकी बानगी है। इस अवसर पर केक काटकर इस दिवस को मनाया गया। इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष नेहा हिसारिया उषा शर्मा, मिनी हिसारिया, श्वेता गुटगुटिया, प्रीति गुटगुटिया, रश्मि गुटगुटिया, पायल खाटू वाला, अनु संघई, नेहा बजाज, ज्योति अग्रवाल, कृतिका मोदी, काजल गुप्ता, प्रीति केड़िया, प्रगति चौधरी आदि उपस्थित थे।
आर्थिक रूप से कमजोर बालक एवं बालिकाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं तीरंदाजी कोच विशाल सिंह, खिलाड़ियों को अपने हीं पैसों से खेल सामग्री करवा रहे उपलब्ध टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। नेशनल इंस्टिट्यूट आफ स्पोर्ट्स से तीरंदाजी में जिले के एकमात्र क्वालिफाइड तीरंदाजी कोच विशाल सिंह झुमरी तिलैया के सेक्रेड हार्ट स्कूल के मैदान में पिछले 6 महीने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह इन खिलाड़ियों को राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय समेत और बड़ी तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं। विशाल ने बताया कि वैसे बालक एवं बालिका खिलाड़ी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और तीरंदाजी का अभ्यास करने इनके पास आते हैं उन्हें विशाल सिंह द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें अभ्यास हेतु तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध करा रहे हैं। जिले में एकमात्र आर्चरी ट्रेनिंग सेंटर होने की वजह से काफी दूर-दूर से खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचते हैं। जिसमें आदिवासी इलाके की कुछ बालिका खिलाड़ी भी शामिल हैं।आर्चरी कोच विशाल सिंह ने बताया कि आर्चरी में उन्होंने अपने जीवन का 12 वर्ष से अधिक का समय तीरंदाजी सीखने में दिया है। कोडरमा जिले में तीरंदाजी अभ्यास हेतु उचित सुविधा ना होने की वजह से वो धनबाद में रह रहे तीरंदाज पिंटू कुमार राणा के पास अभ्यास करने जाते थें। इसके साथ हीं वे राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में पदक भी जीत चुके हैं। एवं कई अन्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में हिस्सा ले कर काफी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आर्चरी के प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ी प्रतिदिन शाम 3 बजे से ग्राउंड पहुंचते हैं। इसके बाद उन्हें बेसिक से एडवांस्ड लेवल तक की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि प्रशिक्षित खिलाड़ी जिला स्तर के बाद राज्यस्तर और राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तीरंदाजी का प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करें। खिलाड़ी ने कहा- सरल तरीका में सीखते हैं आर्चरीआर्चरी का प्रशिक्षण ले रहीं खिलाड़ी श्रेया समेत कई खिलाड़ियों ने बताया कि कोच विशाल सिंह की ओर से बेहतर तरीके से बारीकियों को समझाते हुए आर्चरी का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे उन्हें सरल तरीकों से आर्चरी सीखने का मौका मिल रहा है।उनका लक्ष्य राज्य स्तर समेत ओलंपिक तक की प्रतियोगिता में मेडल लाने का है। जिसे वो एक दिन जरूर हासिल कर जिले, राज्य एवं देश का नाम रौशन करेंगे।
अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ ने महिला अधिवक्ताओं को किया सम्मानितटीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में आज न्यू बार भवन के प्रथम तल्ला पर विधिवेता ,पूर्व सांसद बिनोद बिहारी महतो की 100 वीं जयंती एवं लोक सभा और राज्यसभा से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल पारित किये जाने की खुशी में रांची बार की महिला अधिवक्ताओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।मौके पर झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता योगेन्द्र प्रसाद ने कहा कि बिनोद बाबू विधिवेता और कुशल राजनीति थे। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना कर झारखंड आन्दोलन को एक नया स्वरुप दिया जिसका परिणाम अलग झारखंड राज्य आज आपके सामने है। लोक सभा और राज्यसभा से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल पारित किये जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को अधिकार देने का कार्य किया है। अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के केन्द्रीय प्रधान महासचिव भरत चन्द्र महतो ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला अधिवक्ताओं रेखा वर्मा, अर्चना कुमारी, बन्दना, उषा बाखला, सरोजा, निर्मला इन्दवार, जूही, नूतन, अमिता, सोनी रुपा, दिव्या, पूणम, रेणु, कनुप्रिया, आदि को अंगवस्त्र देकर सम्मानित करते हुए कहा कि संघ आगे भी अधिवक्ताओं को सम्मानित करने का कार्य करेगा। संघ के रांची जिला अध्यक्ष अंजित कुमार ने कहा कि महिलाएं आगे भी पुरुषों से भारी थीं। आज भी हैं और आगे भी रहेंगी। प्रधानमंत्री ने 33 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को सम्मान देने का कार्य किया है। संघ की उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने महिला अधिवक्ताओं को सम्मानित किये जाने के लिए अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष प्रकाश झा, सचिव जेपी महतो, निरंजन राम, मो साजिद, सतेन्द्र प्रसाद सिंह, विजय कुमार गुप्ता, सागर कुमार, कमलेश कुमार, प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी मृत्युंजय प्रसाद समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।
लोहरदगा जिला शूटिंग क्लब की बैठक में निर्णयटीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा जिला शूटिंग क्लब (लोहरदगा जिला राइफल एसोसिएशन) की बैठक शनिवार को संगठन के कोषाध्यक्ष अशोक यादव के अध्यक्षता में हुई। इसमें आगामी 27 सितंबर को बलदेव साहू महाविद्यालय स्थित इंडोर राइफल शूटिंग क्लब का उद्घाटन समारोह आयोजित करने को लेकर विमर्श किया गया।क्लब के सफल संचालन के लिए उप समितियां बनायी गयी। उद्घाटन समारोह को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए लोहरदगा जिला के गणमान्य और प्रबुद्धजनों को आमंत्रित करने के लिए संजय बर्मन, नेसार अहमद, पंकज जयसवाल, मनी उरांव जब्बारूल अंसारी और कंवलजीत सिंह को जवाबदेही दी गयी।आयोजन समिति में प्रो लोहरा उरांव, अशोक कुमार यादव, डॉ शशि कुमार गुप्ता,अजय शाहदेव, आलोक राय, संजय सिंह, आशीष कुमार। स्वागत समिति-सलीम अंसारी बड़े, रमेश साहू, प्रभात भगत, युनुस अंसारी, अनिल उरांव, सत्यदेव भगत, जुगल भगत, विनोद सिंह खेरवार, रघु उरांव, शशि भगत, कुणाल अभिषेक, महताब आलम, रहमत अंसारी। मंच व्यवस्था और मंच संचालन-सुखैर भगत को रखा गया है।उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और सेलिब्रिटी भाग लेंगे। बैठक में अशोक यादव, सुखैर भगत, अमर सिन्हा, विकास सिन्हा, डॉ अजय शाहदेव, नेसार अहमद संजय बर्मन प्रो लोहारा उरांव, प्रो डॉ शशि गुप्ता, मनी उरांव, आलोक राय, आशीष कुमार, जब्बारुल अंसारी, सलीम अंसारी, बड़े, प्रभात भगत, कवंलजीत सिंह, पंकज जयसवाल, रमेश साहू, सत्यदेव भगत, कुणाल अभिषेक, विनोद खेरवार, तनवीर गौहर, रघु उरांव, जुगल भगत, शशि कुमार, अनिल उरांव, युनुस अंसारी, राजेश शर्मा, रहमत अंसारी, महताब आलम, इनामुल अंसारी मौजूद थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। शनिवार को आदिवासी सहयोग समिति भारत ट्रस्ट 23 सितंबर को करमा पूर्व संध्या सांस्कृतिक समारोह कुटमू देशवाली लोहरदगा के प्रांगण में आयोजित किया गया। इसमें जिले के 25 खोड़ाओं ने करमा त्यौहार और धर्म परंपरा से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत नृत्य, नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा कि प्रकृति पूजा के साथ भाई बहनों के प्रेम से जुड़ा यह पर्व झारखंड की परंपरा संस्कृति का अनमोल हिस्सा है। सामूहिक नृत्य एकता और परस्पर सामंजस्य की भावना को भी मजबूत करता है। लक्ष्य से विचलित हुए बिना ईमानदारी और निष्ठा से कर्तव्य पालन की भी शिक्षा इस पर्व से मिलती है। कार्यक्रम में जिला हजारीबाग डीएसपी संदीप भगत, सरना राजी पड़हा प्रार्थना सभा जिला समिति कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, केन्द्रीय उपाध्यक्ष सोमे उरांव, प्रदेश महासचिव रायमुन्नी उरांव, महिला बिसनी उरांव, सुलेखा उरांव, राजमनी उरांव, प्रभा भगत, जयन्ती, सरिता, बिना, आदिवासी सहयोग समिति अध्यक्ष शिवदयाल उरांव, चंद्रशेखर भगत, विकास, तिवारी, प्रदीप, अमोद, अकला, लालदेव, मनोज, सहदेव, दिलीप, शंकर, तंबू, दिनेश, विक्रम, सपन, वार्ड पर्षद कमला देवी, सुगो देवी सहित जिला के आदिवासी सहयोग समिति भारत ट्रस्ट पुलिसकर्मी सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे शामिल थे।
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