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हुटुप गौशाला धाम में श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्री सीताराम विवाह का मार्मिक वर्णन
Published / 2025-03-21 20:30:37
हुटुप गौशाला धाम में श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्री सीताराम विवाह का मार्मिक वर्णन

श्री राम सीता का विवाह धर्म आदर्श और संस्कारों का प्रतीक था, सच्चे प्रेम और संबंधों में ईश्वर का होना अनिवार्य : किशोरी जी टीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के पांचवे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक सुश्री संगीता किशोरी जी ने श्री सीताराम विवाह पर बेहद सुंदर और विस्तृत कथा का वाचन किया। उनके शब्दों में वह शक्ति थी, जो श्रोताओं को श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़ रही थी। सुश्री संगीता किशोरी जी ने श्रीराम और सीता के विवाह के महत्व को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने सबसे पहले विवाह से पहले के घटनाक्रम को विस्तार से समझाया, जिसमें श्रीराम के पिता महाराज दशरथ द्वारा श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास देना और फिर सीता के स्वयंवर में श्रीराम का भाग्य और पराक्रम उजागर होना शामिल था। कथा में बताया गया कि जब भगवान श्रीराम ने शिव धनुष तोड़ा और सीता जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया, तब यह संयोग देवताओं द्वारा निर्धारित किया गया था। कथा वाचन में सुश्री किशोरी जी ने विवाह के दृश्य को भी बहुत ही भावुकता और गरिमा के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम और सीता का विवाह केवल एक पारंपरिक विवाह नहीं था, बल्कि यह धर्म, आदर्श और संस्कारों का प्रतीक था। इस विवाह के माध्यम से भगवान श्रीराम ने यह संदेश दिया कि सच्चे प्रेम और संबंधों में ईश्वर का होना अनिवार्य है। कथा के दौरान दर्शकों ने यह महसूस किया कि श्रीराम और सीता का मिलन न केवल एक व्यक्तिगत संबंध था, बल्कि यह सम्पूर्ण मानवता के लिए आदर्श था। दोनों ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने के रूप में बिताया। सुश्री संगीता किशोरी जी ने यह भी कहा कि भगवान राम ने अपने विवाह के समय जिस प्रकार से मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन किया, वही जीवन का सर्वोत्तम तरीका है। इस कथा में उन्होंने विवाह के बाद के राम-सीता के जीवन के प्रारंभ को भी दशार्या, जिसमें भगवान श्रीराम और माता सीता का आदर्श प्रेम और भक्ति का परिचय मिला। इस आयोजन में उपस्थित श्रोताओं ने भगवान श्रीराम के जीवन से जीवन के हर पहलू को अपनाने की प्रेरणा ली। कथा के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन भी हुआ, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। इस विशेष दिन की कथा में हजारों भक्तों ने भाग लिया और श्रीराम के जीवन के इस महत्वपूर्ण अध्याय से सीख ली, जो आज भी समाज में अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान करती है। कथा में श्री सीताराम के विवाह की जीवंत झांकियां देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गये। बारिश होने के बावजूद पांचवें दिन भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक वासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, काशी प्रसाद कनोई, संजय गोयल, अशोक सोढ़ानी, पवन शर्मा, मनोज बजाज, प्रमोद सारस्वत, विजय काबरा, महेश्वर सिंह, के अलावे बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रो से आये पुरुष व महिलाएं उपस्थित थे। श्री राम कथा में 22 मार्च को छठे दिन वन गमन एवं केवट प्रसंग पर कथा होगी। उक्त जानकारी मुकेश काबरा और संजय सर्राफ ने दी। 

अपना गांव अपना राज दूर भगाओ विदेशी राज का सपना अब भी अधूरा : देवेन्द्र नाथ महतो
Published / 2025-03-21 18:05:10
अपना गांव अपना राज दूर भगाओ विदेशी राज का सपना अब भी अधूरा : देवेन्द्र नाथ महतो

रघुनाथ महतो कि विचारधारा से ही झारखंड का कल्याण संभव : देवेंद्रनाथ महतोरघुनाथ जन्मस्थली पर मनाया जयंती समारोहएबीएन न्यूज नेटवर्क, निमडीह। चुवाड़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो का जयंती आज संपूर्ण राज्य में मनाया गया। पैतृक गांव नीमडीह प्रखंड के घुटियाडीह में 287वीं जयंती मनाया गया। जयंती समारोह में झारखंड के अतिरिक्त पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सामाजिक प्रतिनिधि पहुंचे। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो अपने कार्यकर्ताओं के साथ जन्म स्थली पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। देवेंद्र नाथ महतो ने रघुनाथ महतो के जीवन एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके संघर्ष को बताया गया। एवं उनके वंशज परिवार से मुलाकात किया। इस दौरान सामाजिक रीति-रिवाज संस्कृति आदि पर भी चर्चा किया गया। जयंती के उपलक्ष पर एम जी एम हॉस्पिटल के सहयोग से 50 यूनिट ब्लड संग्रह किया गया। मौके पर संगठन के ईचागढ़  विधानसभा पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो, फुलचंद महतो, वशिष्ठ, अभिषेक, सपन आदि पहुंचे। साथ ही बताते चलें कि इससे पूर्व देवेंद्र नाथ महतो लोवाडीह चौक रांची एवं शहीद रघुनाथ महतो के शहादत स्थल लोटा किता सिल्ली पहुंच कर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।

मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सत्र 2025-27 का चुनाव रविवार को
Published / 2025-03-21 18:00:33
मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सत्र 2025-27 का चुनाव रविवार को

प्रेस प्रकाशनार्थ                21/3/2025*मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सत्र 2025- 2027 का चुनाव रविवार को**सत्र के लिए उपाध्यक्ष ,उप मंत्री, कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक एवम 13 कार्यकारणी सदस्य निर्विरोध चुने गये।**मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सदस्य अपने मताधिकार के प्रयोग से अध्यक्ष और सचिव का चयन करेंगे*मारवाड़ी ब्राह्मण सभा रांची का द्वि वार्षिक चुनाव सत्र 2025- 27 आगामी रविवार को मारवाड़ी ब्राह्मण भवन में मैं होने जा रहा है। मुख्य चुनाव पदाधिकारी राधेश्याम भारद्वाज  ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार 23 मार्च 2025 कोप्रातः 10:00 बजे से संध्या 5:00 बजे तक मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सदस्यों द्वारा मारवाड़ी ब्राह्मण भवन आकर वोट डाले जा सकेंगे।उन्होंने बताया अध्यक्ष और मंत्री का चयन सदस्यों के मताधिकार के प्रयोग से किया जाएगा ।जैसा कि आपको ज्ञात है उपाध्यक्ष, उप मंत्री,कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक, सहित कार्यकारणी के 13 पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं।जब कि अध्यक्ष और मंत्री के दो पदों के लिए चुनाव होना है।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं वहीं मंत्री पद हेतु दो प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं।जबकि अध्यक्ष और मंत्री  का चयन सदस्यों को वोट देकर करना है।मुख्य चुनाव पदाधिकारी राधेश्याम भारद्वाज  ने मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सभी संरक्षक और आजीवन सदस्यों से रविवार को मारवाड़ी ब्राह्मण भवन पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर करने का आग्रह किया है उन्होंने कहा है की अध्यक्ष और मंत्री के चयन की प्रक्रिया आपके मताधिकार के प्रयोग से की जाएगी सदस्यों से आग्रह होगा ज्यादा से ज्यादा सदस्य रविवार को प्रातः 10:00 बजे से संध्या 5:00 बजे के अंदर पहुंचकर सबसे महत्वपूर्ण पद अध्यक्ष और सचिव का चयन  करने में अपने महत्वपूर्ण मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।अतः आप सबों से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में समय पर मारवाड़ी ब्राह्मण भवन रांची में पधार कर अपने बहुमूल्य मत से अध्यक्ष एवं मंत्री का चुनाव करें।मुख्य चुनाव पदाधिकारी राधेश्याम भारद्वाजउक्त जानकारी मारवाड़ी ब्राह्मण सभा, रांची के 

श्री हनुमान मंडल, रांची का 47वां वार्षिक महोत्सव रविवार 23 मार्च को
Published / 2025-03-21 17:56:36
श्री हनुमान मंडल, रांची का 47वां वार्षिक महोत्सव रविवार 23 मार्च को

प्रातः 7:00 बजे महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में गणेश पूजन के साथ वार्षिक उत्सव प्रारंभभजन सागर पुस्तिका का किया जाएगा विमोचन, जिसमें भजनों के नए कलेक्शन मौजूद रहेंगेटीम एबीएन, रांची। रांची की धार्मिक संस्था श्री हनुमान मंडल ,रांची आगामी 23 मार्च रविवार को महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में 47 वा वार्षिक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाने जा रही है। श्री हनुमान मंडल के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि 46 वर्षों से श्री हनुमान मंडल रांची अपना वार्षिक महोत्सव मनाता आ रहा है।जबकि 23 मार्च रविवार को एक दिवसीय 47 वा उत्सव हम मनाने जा रहे हैं।श्री पाड़िया ने  बताया कि प्रवीण मोदी को महोत्सव का संयोजक बनाया गया है।मंडल के सचिव श्रवण अग्रवाल और महोत्सव संयोजक प्रवीण मोदी ने बताया एक दिवसीय महोत्सव में प्रातः 7:00 बजे  गणेश पूजन के संग श्री बालाजी की अखण्ड ज्योत के संग महोत्सव प्रारंभ हो जाएगा।इस अवसर पर प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रांची के सुप्रसिद्ध सुंदरकांड वाचक सुरेश बजाज के सानिध्य में 500 से भी अधिक श्रद्धालु पुरुष, महिला भक्तों के द्वारा महोत्सव स्थल पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन रखा गया है।इस बीच श्री बालाजी महाराज को  छप्पन भोग सहित सवामणि का भोग श्रद्धालु भक्तों के द्वारा लगाया जाएगा।महोत्सव स्थल पर श्रीबालाजी महाराज का दिब्य व भव्य दरबार बनाया जाएगा भगवान के सुंदर नयनाभिराम झांकी के दर्शन भक्तगण कर सकेंगे। दोपहर 1:00 बजे से स्थानीय भजन सम्राटों के द्वारा भव्य संकीर्तन का भी आयोजन उत्सव के महाकुंभ में रखा गया है।साथ ही इस अवसर पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका राउलकेला की स्वर्णरेखा संग जमशेदपुर की प्रीति शर्मा व पाखी शर्मा के द्वारा भजनों की गंगा प्रवाह की जाएगी। राजस्थान के सूरजगढ़ से हमारे बीच महोत्सव में भजनों के आमंत्रित कलाकार होंगे संजय सेन जिनके द्वारा रात्रि 9:00 बजे तक भव्य संकीर्तन के द्वारा उत्सव में शामिल श्रद्धालु भक्तगण के बीच  श्री बालाजी महाराज के भजनो की अमृत वर्षा की जाएगी।महोत्सव स्थल पर भगवान की नयनाभिराम झांकी के अद्भुत दर्शन संग अखंड ज्योत भी श्रद्धालु भक्त ले सकेंगे। रात्रि 9:00 बजे आरती के साथ लोगों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया जाएगा।उसी के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा।श्री हनुमान मंडल के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया एवम संयोजक प्रवीण मोदी ने रांची के सभी समस्त श्रद्धालु भक्तों से एक दिवसीय श्री बालाजी महाराज के उत्सव में सपरिवार ईस्ट मित्रों सहित शामिल होने का आग्रह किया है।प्रेस वार्ता में अध्यक्ष सज्जन पाड़िया, मंत्री श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिव भावसिंहका, महोत्सव संयोजक प्रवीण मोदी, हनुमान बेड़िया, नरेंद्र डीडवानिया, प्रशांत सरावगी, नारायण अग्रवाल, बाल किशन जी, महेश, विजय खोवाल, प्रकाश ढेलिया, विष्णु सोनी, रवि जोशी, विभोर डागा, रमन बगड़िया, अरुण बाजोरिया, प्रशांत सरावगी, नितिन भावसिंहका, प्रमोद सारस्वत सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। महोत्सव को सफल बनाने में काफी संख्या में सदस्य लगे हैं।

दिव्यांग, दृष्टिबाधित, निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह 23 को, तैयारियां पूरी
Published / 2025-03-21 13:33:09
दिव्यांग, दृष्टिबाधित, निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह 23 को, तैयारियां पूरी

टीम एबीएन, रांची। लायन्स क्लब ऑफ रांची द्वारा विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग के सहयोग से दिनांक 23 मार्च दिन- रविवार को सुबह- 9 बजे से अपराह्न- 3 बजे तक श्री राणी सती मंदिर रातू रोड़ रांची के प्रांगण स्थित हनुमान बक्श पोद्दार सत्संग भवन में इस वर्ष 41 जोड़ियों का पाणिग्रहण संस्कार हेतु आदर्श सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है।लायंस क्लब के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह एवं विवाह समारोह के संयोजक राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि 23 मार्च को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की तैयारीयां पूरी कर ली गई है। सभी कन्याओं का विवाह सनातन वैदिक रीति से पंडित श्याम सुन्दर भारद्वाज द्वारा सम्पन्न कराया जायेगा। तथा संथाल परगना से आने वाले 150 से अधिक दृष्टिबाधित और दिव्यांग दुल्हा-दुल्हन और बारातियों  की आवासीय एवं भोजन की व्यवस्था एक दिन पूर्व 22 मार्च शनिवार को सुबह से की गई है।विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह-सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल एवं प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस वर्ष के आदर्श सामूहिक विवाह समारोह में पाकुड़, गोड्डा, साहेबगंज, दुमका, रांची और खूंटी जिले के 17 दिव्यांग जोड़ियों का विवाह 24 अन्य जोड़ियों के साथ कराया जा रहा है,नौ जोड़ियां दृष्टिबाधित हैं, और आठ जोड़ियां शारीरिक दिव्यांगों की हैं। दृष्टिबाधितों और दिव्यांगों को विवाह में बहुत सी सामाजिक आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकांश स्थितियों में परिवार जन भी ध्यान नहीं देते हैं जबकि इनकी भी जैविक और नैसर्गिक आवश्यकताएं रहती हैं। अतः इस वर्ष हमारा प्रयास है कि मानवीयता के नाते इन्हें भी समाज की मुख्य धारा से जोड़कर गृहस्थी बसाने और सुखी दाम्पत्य जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाये। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु लायंस क्लब के प्रो. हरबीन्दर बीर सिंह, डा. देवेन्द्र सिंह, दिलीप बंका, बीना बंका, सुनीता चौधरी, शुभ्रा मजूमदार, निशि अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, सिद्धार्थ मजूमदार, राजेश मोर, निर्मल मानपुरिया, मनीष गाड़ोदिया, डा. प्रदीप कुमार, विनोद गढ्ढायन, विश्व हिन्दू परिषद रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश कुमार केशरी, राजेश अग्रवाल, रतन केसरी, अनिल तिवारी, मनोज मुंडा, जितेन्द्र महतो, मनीष चौधरी, गुंजन गुप्ता अपना पूर्ण सहयोग दे रहे हैं।

शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज को आयोजन समिति ने दी भावभीनी विदाई
Published / 2025-03-21 13:03:24
शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज को आयोजन समिति ने दी भावभीनी विदाई

*प्रेस विज्ञप्ति**संत,पंथ व ग्रंथ की रक्षा का संकल्प ले : शंकराचार्य महाराज* ---------------------------------------------शंकराचार्य अभिनंदन समारोह समिति के संयोजक मंडल ने रांची के अग्रसेन पथ स्थित महाराजा श्री अग्रसेन भवन  में प्रवास द्वारकाशारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज  का भावभीनी विदाई करते हुए एयरपोर्ट तक काफिले मे प्रस्थान किया। विदाई के समय जगतगुरु ने आयोजन समिति के उपस्थित सदस्यों को अमूल्य रुद्राक्ष माला भेंट किया। धर्म, प्रवचन व आध्यात्मिक सभा के भव्य आयोजन हेतु आयोजन समिति को आशीर्वाद व भूरि भूरि प्रसंशा प्रकट किया।जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज ने विदाई अवसर पर अभिनंदन समिति व रांची के प्रमुख सामाजिक एवं धार्मिक संस्था से कहा कि संत, पंथ और ग्रंथ की रक्षा का संकल्प हम सबों को करनी चाहिए। आधुनिकता और परंपरा में संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, रांची शहर बहुत ही शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में बसा हुआ है और यहां के लोग हमेशा धर्म और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलते हैं, उन्होंने रांची में इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने की बात कही ताकि लोग अधिक धार्मिक और मानसिक शांति प्राप्त कर सके। इस आयोजन ने रांची में एक नया अध्याय जोड़ा है।धर्मगुरु के विदाई अवसर मे- समिति के मुख्य संयोजक विनय सरावगी, संयोजक मंडल बसंत मित्तल, रवि शंकर शर्मा, मनोज बजाज, प्रमोद शाश्वत, अशोक पुरोहित,पवन पोद्दार, ललित नारायण ओझा, नंदकिशोर चंदेल, सौरभ सरावगी, सज्जन पाड़िया, नरेंद्र डिडवानिया के अलावा बड़ी संख्या में भक्तगण एवं धर्म प्रेमी उपस्थित थे। उक्त जानकारी समिति के संयोजक मनोज बजाज ने दी।

विप्र फाउंडेशन ने किया जगतगुरु शंकराचार्य जी का अभिनंदन : जे पी शर्मा
Published / 2025-03-21 11:52:40
विप्र फाउंडेशन ने किया जगतगुरु शंकराचार्य जी का अभिनंदन : जे पी शर्मा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। दिनांक 20.03.2025 दिन गुरुवार की देर शाम रांची स्थित मारवाड़ी भवन, हरमू रोड के विशाल मंडप के मंच पर परम आदरणीय जगतगुरु शंकराचार्य जी का स्वागत सर्वप्रथम स्वस्तिवाचन एवं मंत्रोच्चारण के द्वारा स्वागत किया गया एवं धर्म गुरु संत श्री की चरण पादुका की पूजा  की उसके उपरांत अनंतश्री विभूषित पश्चिमामान्नय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज ने धर्म सभा में अपने आशीष वचनों से अमृत रस पान कराया तथा उन्होंने मुख्य रूप से  गौ माता राष्ट्रीय माता, जल्द घोषित हो एवं धर्म परिवर्तन पर रोक हो।इस दौरान विप्र फाउंडेशन झारखंड प्रदेश के पदाधिकारियों के द्वारा परमआदरणीय शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया गया जिसमें मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा, विप्र फाउंडेशन के झारखंड प्रदेश महामंत्री व विश्व ब्राह्मण संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा उर्फ ज्ञानी शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पवन शर्मा, झारखंड प्रदेश के कोषाध्यक्ष शशांक भारद्वाज, झारखंड प्रदेश सचिव अमित मणि शर्मा , इत्यादि  पदाधिकारियों ने आदि शंकराचार्य जी को माला पहना कर एवं अंगवस्त्र ओढ़ा कर अभिनंदन किया एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आशय की जानकारी झारखंड प्रदेश महामन्त्री प्रदीप कुमार शर्मा रामगढ़ ने दी।

हुटुप गौशाला धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का चौथा दिन : धनुष यज्ञ पर मार्मिक कथा
Published / 2025-03-20 19:59:54
हुटुप गौशाला धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का चौथा दिन : धनुष यज्ञ पर मार्मिक कथा

सत्य, धर्म और शक्ति किसी भी परिस्थिति में अंततः होती है विजयी : किशोरी जीटीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रहे 9 दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक सुश्री संगीता किशोरी जी द्वारा धनुष यज्ञ पर एक मार्मिक और भावपूर्ण कथा का वाचन किया गया। इस अवसर पर कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए झांकियों का आयोजन किया गया, जो उपस्थित श्रद्धालुओं को रामायण के काल की वास्तविकता से जोड़ने में सफल रहा। संगीता किशोरी जी ने धनुष यज्ञ के महत्व को समझाते हुए बताया कि यह यज्ञ केवल एक शारीरिक चुनौती नहीं थी, बल्कि यह सत्य, धर्म और शक्ति के प्रतीक के रूप में राम के चरित्र का एक महत्वपूर्ण भाग था। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम के जीवन में कई मोड़ आए, लेकिन धनुष यज्ञ की घटना उनके जीवन का एक प्रमुख और निर्णायक क्षण था, जिसमें राम ने भगवान शिव के धनुष को तोड़कर यह सिद्ध कर दिया कि वे ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और सबसे योग्य धनुषधारी हैं, जिन्हें श्री राम के रूप में स्वीकार किया गया। झांकी के माध्यम से दर्शाया गया कि कैसे रानी जनक के दरबार में भगवान राम ने एक विशाल और भव्य धनुष को उठाया और उसे अपनी पूरी शक्ति से तुड़ दिया। यह घटना न केवल राक्षसों और असुरों के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत थी, बल्कि यह राम के जीवन के उस महान उद्देश्य का प्रतीक थी, जिसके लिए उन्होंने जन्म लिया। कथा के दौरान, कथा वाचिका ने इस घटना के आंतरिक और बाहरी प्रभावों पर भी प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि यह यज्ञ न केवल श्री राम के आदर्शों का प्रतीक था, बल्कि यह दर्शाता था कि धर्म और सत्य की विजय अंततः होगी। कथा के इस हिस्से को सुनते हुए श्रद्धालु गहरी श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत हो गये।विशेष रूप से उन झांकियों को देखकर, जो धनुष यज्ञ की घटना का सजीव चित्रण कर रही थीं, एक अद्वितीय अनुभव हुआ। कथा वाचन के दौरान उपस्थित भक्तों ने भगवान राम के जीवन के इस महत्त्वपूर्ण मोड़ पर विचार करते हुए खुद को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित महसूस किया। इस विशेष दिन के कार्यक्रम में, श्रद्धालुओं ने भगवान राम के आदर्शों को जीवन में उतारने और अपने आंतरिक बल को जागृत करने की प्रेरणा ली।इस आयोजन ने सबको यह सिखाया कि सत्य, धर्म और शक्ति की शक्ति किसी भी परिस्थिति में अंततः विजयी होती है। यह दिव्य कथा निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के हृदय में एक स्थायी छाप छोड़ने में सफल रही, और इसके माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन के आदर्शों का गहरा संदेश सभी तक पहुंचा। चौथे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक वासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, उदय शर्मा, अशोक प्रधान, राकेश भाला, निकिता भाला, शत्रुघ्न गुप्ता, दिनेश काबरा, गोवर्धन भाला, वृद्धा आश्रम के सभी भक्तगण, तथा शेखपुरा गांव तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रो से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित थे। 21 मार्च को श्री राम कथा में श्री सीताराम विवाह का कथा होगा।

मारवाड़ी भवन रांची में शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज जी का भव्य नागरिक अभिनंदन
Published / 2025-03-20 19:35:51
मारवाड़ी भवन रांची में शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज जी का भव्य नागरिक अभिनंदन

गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित होनी चाहिए, धर्मांतरण पर रोक लगे, भारतीय सभ्यता हमें हमेशा सत्य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देती है : शंकराचार्य महाराजटीम एबीएन, रांची। शंकराचार्य अभिनंदन समारोह समिति के तत्वाधान में रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में द्वारकाशारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज जी का भव्य नागरिक अभिनंदन, धर्म सभा एवं प्रवचन का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के मुख्य संयोजक विनय सरावगी ने सपरिवार के साथ श्री शंकराचार्य  जी महाराज का चरण पादुका खड़ाऊ का पूजन पूरे विधि विधान के साथ किया। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज का नागरिक अभिनंदन रांची के प्रमुख सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं-अग्रवाल सभा, मारवाड़ी सहायक समिति, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन, रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन, श्री माहेश्वरी सभा, मारवाड़ी ब्राह्मण सभा, दिगंबर जैन पंचायत, हरियाणा संघ, खंडेलवाल वैश्य संघ, विजय वर्गीय सभा, मारवाड़ी सैन समाज,मारवाड़ी युवा मंच, रांची मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मारवाड़ी युवा मंच समर्पण शाखा, अग्रवाल युवा सभा, झारखंड विप्र फाउंडेशन, राजस्थानी प्रोफेशनल सोसाइटी, श्री परशुराम इंटरनेशनल श्री कृष्ण प्रणामी सेवा ट्रस्ट, ओसवाल संघ, चैती दुर्गा पूजा समिति, श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, श्री महावीर मंडल, श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, झारखंड साहित्य संस्कृति मंच, झारखंड प्रांतीय दिगंबर जैन सभा, श्री श्याम मंडल, रांची गौशाला न्यास, श्री श्याम मित्र मंडल, श्री हनुमान मंडल, श्री राणी सती मंडल, गौ सेवा समिति, झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ, श्री रानी सती मंदिर कमेटी, श्री सालासर हनुमान मंडल, राजस्थान मित्र मंडल, चंद्रशेखर आजाद क्लब, श्री श्याम संघ, सुरेश्रवर धाम मंदिर, श्री सनातन महापंचायत, चिन्मय मिशन रांची, विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग, जीण माता परिवार, के प्रतिनिधियों ने अंग वस्त्र, माला पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी ने एक महत्वपूर्ण धर्मसभा मे उपस्थित श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। शंकराचार्य जी के प्रवचन में उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेदों और उपनिषदों के महत्व को उजागर किया। स्वामी जी ने कहा कि भारतीय सभ्यता हमेशा सत्य, अहिंसा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य क जीवन नष्ट कर देता है। संत, पंथ और ग्रंथ की रक्षा हम सबों को करनी चाहिए तथा सभी हिंदुओं को अपने धर्म की ज्ञान होना चाहिए हमें अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए और धर्म के पथ पर चलते हुए आत्मा की शुद्धि करनी चाहिए। स्वामी जी ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ें और आधुनिकता के नाम पर अपनी पहचान को न खोएं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा में संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहें और साथ ही दुनिया के साथ चल सकें। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण बहुत बड़ी समस्या है इसके लिए जागरूकता लाने कीआवश्यकता है। धर्म परिवर्तन कराने वालों के लिए कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए। इस पर हम लोग तो एक काम कर कर ही रहे हैं कई संस्थाओं द्वारा भी कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म बोर्ड बनना चाहिए और उसमें अधीनस्थ सभी मंदिर हो। तथा गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाले सभी हिंदू राष्ट्र चाहेंगे लेकिन संविधान में संशोधन से ही हिंदू राष्ट्र बन सकता है, सनातन धर्म ही हिंदू धर्म है तथा सनातन धर्मालंबियों में एकता और अनुशासन का होना अति आवश्यक है। धर्म सभा के बाद शंकराचार्य जी ने सभी धर्म प्रेमियों को आशीर्वाद दिया और कहा कि रांची शहर बहुत ही शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में बसा हुआ है और यहां के लोग हमेशा धर्म और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलते हैं, उन्होंने रांची में इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने की बात कही ताकि लोग और अधिक धार्मिक और मानसिक शांति प्राप्त कर सके।धर्म सभा कार्यक्रम में समिति के मुख्य संयोजक विनय सरावगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन, संयोजक मंडली सदस्य बसंत मित्तल, रवि शंकर शर्मा, मनोज बजाज, प्रमोद शाश्वत,केशव महतो कमलेश, ललित कुमार पोद्दार, सुरेश चंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार जैन, पवन शर्मा, शिव शंकर साबू अशोक पुरोहित, मनोज चौधरी, पवन पोद्दार, गोवर्धन गाड़ोदिया, संजय सर्राफ, प्रमोद अग्रवाल, ललित नारायण ओझा, नंदकिशोर चंदेल, राजेश सिन्हा सनी, रमेश सिंह,संजय जयसवाल, जय सिंह यादव, कमल सिंघानिया, श्याम सुंदर शर्मा, सौरभ सरावगी, अनिल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, डूंगरमल अग्रवाल, रतनलाल बंका, राजेश साहू, पवन मंत्री, विजय खोवाल, कमलेश संचेती, सज्जन पाड़िया, नरेंद्र लखोटिया, किशोर कुमार मंत्री, अजय डीडवानिया, किशन पोद्दार रमाशंकर बगड़िया, मधु सराफ, दिलीप पटवारी, अरुण बुधिया, अजय खेतान, आतिश सिंह, विनीता सिंघानिया, किशन साबू, आनंद जालान, मुकेश पोद्दार, राजेश कौशिक, कौशल राजगढ़िया, तुलस्यान जी,के अलावा बड़ी संख्या में भक्तगण एवं धर्म प्रेमी उपस्थित थे। रांची की जनता ने शंकराचार्य जी के प्रवचनों का लाभ उठाया और उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।इस आयोजन ने रांची में एक नया अध्याय जोड़ा है और शंकराचार्य जी के आशीर्वाद से रांचीवासियों को जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली है। उक्त जानकारी समिति के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

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