जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष ने बंदी का लेटर किया जारीटीम एबीएन, रांची। केंद्रीय सरना स्थल सिरम टोली बचाव आंदोलन अब जोर पकड़ते जा रही है। राज्य के आदिवासी संगठनों ने रांची बंदी का आह्वान किया है। इसे लेकर आज गुरुवार को नवोदित राजनीतिक पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने भी इस बंदी का समर्थन दिया है। संगठन के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने अपने आधिकारिक लेटर जारी करते हुए अपने संगठन की ओर से बंदी का समर्थन किया है। श्री महतो ने कहा कि यह आंदोलन केंद्रीय सरना स्थल सिरम टोली और पारंपरिक सरहुल शोभा यात्रा की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। वर्तमान सरकार के द्वारा धार्मिक आस्था पर ठेस और आघात पहुंचाने वाले के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा। केवल विकास के नाम पर हमारे क्षेत्रिय धार्मिक आस्था के साथ छेड़छाड़ कि गुस्ताखी स्वीकार नहीं किया जाएगा। 22 मार्च को संपूर्ण राजधानी बंदी एवं 21 मार्च को बंदी के पूर्व संध्या शांतिपूर्ण मसाल जुलूस निकाला जाएगा।
स्थानीय प्रशासन व कोल कंपनियों के प्रतिनिधि समन्वय के साथ करें कार्यकोल ब्लॉक शुरू होने से जिले का होगा आर्थिक विकासउपायुक्त ने की कोल ब्लॉक से जुड़े विकास कार्यो के प्रगति की समीक्षाएबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)।पलामू जिले में कंपनियों को आवंटित कोल ब्लॉकों से उत्खनन कार्य शुरू करने में आ रही कठिनाईयों को प्राथमिकता के तहत दूर करना सुनिश्चित करें। उत्खनन कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए स्थानीय प्रशासन व कोल कंपनियों के प्रतिनिधि समन्वय के साथ कार्य करें। जिले में विभिन्न कंपनियों को आवंटित कोल ब्लॉक को चालू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। वहीं जिले का आर्थिक विकास होगा। साथ ही सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। यह बातें उपायुक्त शशि रंजन ने कही। वे आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय वेश्म में जिले के संबंधित पदाधिकारी तथा पलामू के सभी कोल कंपनियों के पदाधिकारी एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे।उपायुक्त ने सीसीएल, रजहारा द्वारा अबतक उत्खनन कार्य प्रारंभ नहीं किये जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए उत्खनन कार्य शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सीसीएल को चेतावनी देते हुए सकारात्मक प्रयास करते हुए उत्खनन शुरू करने का निर्देश दिया। सीसीएल के प्रोजेक्ट ऑफिसर द्वारा बताया गया कि अगले एक माह में सीसीएल, रजहारा कोल माइंस से उत्खनन कार्य चालू करा दिया जायेगा। हिंडालको ने बताया कि वर्तमान में उनके कोल ब्लॉक से उत्खनन स्थगित है। भूमि संबंधी समस्या को लेकर माननीय न्यायालय में मामला विचाराधीन है। उपायुक्त ने मामले में निर्णय आने उपरांत समस्याओं का निराकरण करते हुए उत्खनन कार्य पुनः चालू कराने के दिशा में सार्थक प्रयास किए जाने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने फेयर माइन कार्बन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोल ब्लॉक चालू करने में जमीन अधिग्रहण की गति में तेजी लाने एवं अरण्य माइंस के लिए जमीन का डाटा अपलोड करने का निर्देश संबंधित अंचल अधिकारी को दिया। त्रिमुला कोल माइंस के लिए जमीन सिड्यूल के लिए उनके प्रतिनिधि को अपर समाहर्ता को प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने कंपनी की ओर से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) मद से किए जाने वाले विकास कार्यो की भी समीक्षा की। उन्होंने सीएसआर मद से षिक्षा एवं स्वास्थ्य आदि संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव आदि क्षेत्रों में कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सभी कोल कंपनियों के प्रतिनिधियों को पीपीटी के माध्यम से कार्य प्रगति को प्रदर्शित करने एवं कार्य प्रगति की एडवांस प्लानिंग करने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने राष्ट्रीय उच्च पथ के चौड़ीकरण के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्य में प्रगति लाने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार, जिला निबंधन पदाधिकारी, संबंधित अंचल के अंचल अधिकारी सहित विभिन्न कोल कंपनियों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।
23 को इन इलाकों में निषेधाज्ञा लागूटीम एबीएन, रांची। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आरटीएस परीक्षा 23 मार्च 2025 को आयोजित की जायेगी। परीक्षा से एक दिन पहले रांची बंद का आह्वान किया गया है।इस कारण रांची में 22 मार्च की रात 12 बजे तक कोई गाड़ी सड़कों पर दिखाई नहीं देंगी। ऐसे में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परीक्षा रांची स्थित परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।ऐसे में इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। रांची स्थित सिरमटोली फ्लाईओवर के रैंप को हटाने की मांग पर शनिवार (22 मार्च 2025) को रांची बंद का आह्वान किया गया है। सिरमटोली बचाओ मोर्चा इसका नेतृत्व कर रहा है।कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न करवाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। परीक्षा केंद्र के आसपास 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। रविवार की सुबह 6:30 बजे से शाम 7 बजे तक निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी। निषेधाज्ञा के दौरान पांच या अधिक व्यक्तियों के एक जगह पर जमा होने, लाउडस्पीकर का प्रयोग, लाठी-डंडा या किसी प्रकार का हथियार साथ रखने पर रोक रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।
मंईयां सम्मान योजना की राशि नहीं मिलने पर महिलाओं में आक्रोशटीम एबीएन, पलामू / रांची। मंईयां सम्मान योजना की राशि नहीं मिलने से महिलाओं आक्रोशित दिख रही हैं। पलामू के सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में मंईयां सम्मान योजना का लाभ पाने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रोजाना 300 से 400 महिलाएं दफ्तर के चक्कर लगा रही हैं। कई महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में योजना की राशि मिली थी, लेकिन दूसरे महीने से भुगतान बंद हो गया। कई महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन उनकी हार्ड कॉपी जमा नहीं हो पाई। अब वे इसे अपडेट कराने के लिए दफ्तर आ रही हैं। वहीं, कई अन्य लाभार्थी अपने आवेदन में हुई गलतियों को सुधारने के लिए भटक रही हैं। वहीं, जामताड़ा प्रखंड और अंचल कार्यालय पर भी महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं का आरोप है कि योजना की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई, लेकिन अब भी कई महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला है। लाभुकों का कहना है कि उन्हें पहले सूचना दी गई थी कि उनके बैंक खातों में पैसे आ चुके हैं, लेकिन जब वे बैंक पहुंचीं तो पता चला कि खाते में कोई राशि नहीं आई। इससे नाराज महिलाएं कभी बैंक तो कभी प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हो गईं। अधिकारियों से पूछने पर कोई ठोस समाधान नहीं मिल रहा है।
टीम एबीएन, रांची। विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय में संगोष्ठी सह प्रभात फेरी का आयोजन सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार एवं जिला नोडल पदाधिकारी एनसीडी सेल, रांची डॉक्टर सीमा गुप्ता के निदेश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जन जन तक ओरल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर दंत चिकित्सा पदाधिकारी सदर अस्पताल रांची डॉक्टर रवि राज द्वारा बताया गया कि स्वस्थ एवं बेहतर जीवन जीने के लिए हमें मौखिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।इस दिन को हर साल एक थीम के साथ मनाया जाता है. इस साल वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे की थीम है- A Happy Mouth is… A Happy Mind, जो इस बात पर जोर देती है कि ओरल हेल्थ और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।मौखिक स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को भी समुदायों की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।दाँतों की सड़न के बारे में शिक्षाखराब दंत देखभाल से होने वाली जटिलताओं के बारे में जानकारीसही तरीके से ब्रश करने के टिप्स और तकनीकेंफ़्लॉस और माउथवॉश के उपयोग दंत प्रत्यारोपण के लाभदंत कैंसर की जांच कराने का महत्वइन सब गतिविधियों से हम अपने मौखिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।निम्नलिखित उपायों से दाँतों की सड़न को रोका जा सकता है:स्वस्थ और कम चीनी वाला आहार लेंदिन में दो बार ब्रश करने की आदत विकसित करना, अधिमानतः प्रत्येक भोजन के बादफ्लोराइड माउथवॉश का उपयोग हर साल दंत चिकित्सा जांच कार्यक्रम में भाग लेनादाढ़ों (पीछे के दांतों) पर डेंटल सीलेंट (सुरक्षात्मक प्लास्टिक कोट) लगानाऐसा पानी पीना जिसमें फ्लोराइड की आवश्यक मात्रा हो।भोजन या नाश्ते के सेवन की आवृत्ति में कमी ज़ाइलिटोल-आधारित च्युइंग गम की प्राथमिकता धूम्रपान और तम्बाकू के सेवन से परहेज़कार्यक्रम के दौरान जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉक्टर असीम कुमार मांझी, श्री प्रवीण कुमार सिंह डीपीएम रांची, डॉ सुधा सिंह दंत चिकित्सक, डॉक्टर कुमारी सुषमा चिकित्सा, सदर अस्पताल रांची,श्री सरोज कुमार चौधरी एफएलसी, एनसीडी, श्री अभिषेक कुमार देव एनसीडी सेल, रांची शहीत एनएमटीसी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा / पलामू। बंशीधर महोत्सव को राजकीय महोत्सव बनाया गया है। इसी तरह पलामू प्रमंडल के आदिवासी भाइयों-बहनों के ऐतिहासिक दुबियाखाड़ मेला को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया है।आप सभी का आशीर्वाद, आप लोगों का सहयोग यूं ही बना रहा तो विगत 5 साल में जो गति विकास को दिया गया है वह गति 100 गुना बढ़ाने का मैं वादा करता हूं। साथ ही यहां की जो भी चिर-परिचित पुरानी मांगे हैं, उन सभी मांगों का समाधान करने का हम कार्य करेंगे।सरकार बनाने के बाद पहला सत्र हम लोग चला रहे हैं इसके बाद आपके बीच सरकार आपके द्वार आएगी। जहां आपकी समस्या का समाधान आपके दरवाजे पर करने का हम कार्य करेंगे।कुछ खुराफ़ात लोग हमें काम नहीं करने देते कुछ खुराफात लोग हमारे कार्यों में व्यवधान डालते हैं। हमें कार्य करने से रोकते हैं एवं गलत-गलत झूठा आरोप लगाकर परेशान करने की कोशिश करते हैं। इन लोगों को अच्छा काम पसंद नहीं है।पलामू पानी के लिए हमेशा तरसता रहा है। यह शैडो जोन में आता है, गर्मी यहां अधिक पड़ती है। किसान पानी की बूंद के लिए तरसता रहता है लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती है। हमने इस क्षेत्र को, गांव, खेत और किसानों तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया था, उसके तहत हम लोगों ने कनहर परियोजना का शुभारंभ किया। लगभग 1200 करोड रुपए की यह योजना आने वाले 6 से 8 महीने में पूर्ण होने जा रही है जो यहां के किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने का कार्य करेगी।इस प्रमंडल में बिजली नहीं मिल पाता था। 2013-14 में जब हम पहली बार सरकार में आये थे उस समय पलामू प्रमंडल को बिजली से किसी ने जोड़ने का काम किया था तो हमने किया था। आधारभूत संरचना की बात करें तो हर ओर सड़क का निर्माण हो रहा है, उसमें लोगों का आवागमन हो रहा है। कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ रही है। विगत 5 वर्षों में यहां जो बदलाव देखने को मिला वह राज्य अलग होने के 20-22 साल तक देखने को नहीं मिला था।
आदिवासियों की घटती जनसंख्या को लेकर बाबूलाल मरांडी ने जताई चिंताकहा- झारखंड में NRC लागू करे हेमंत सरकारटीम एबीएन, रांची। होली की छुट्टियों के बाद कल यानी मंगलवार को फिर से झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हुई। इस दौरान सदन में कार्रवाई कल्याण मंत्रालय के बजट अनुदान मांग पर चर्चा हुई।हेमंत सरकार झारखंड में NRC लागू होने का केंद्र को प्रस्ताव भेजेइस चर्चा में आदिवासियों की राज्य में घटती जनसंख्या को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में आदिवासियों की आबादी कम हो रही है और एक विशेष समुदाय की आबादी बढ़ रही है। मरांडी ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार किसी आयोग का गठन करें या फिर केंद्र को प्रस्ताव भेजे कि राज्य में एनआरसी लागू हो। बाबूलाल मरांडी ने कहा, हमारे यहां आदिवासियों की जनसंख्या किन वजहों से कम हो रही है, यह हमें देखना चाहिए। मरांडी ने कहा, साल 1951 से 2011 के सेंसस तक इतनी बड़ी तादाद में आदिवासियों की आबादी कम हुई है। दूसरी ओर अल्पसंख्यकों में मुसलमानों की आबादी बढ़ी है। आखिर वह कहां से बढ़ी है? मरांडी ने कहा, हम चिंतित हैं और इसलिए हम राज्य सरकार से कहते हैं कि एक बार हमें सपोर्ट करिए ताकि झारखंड में हम एनआरसी करा लें और यह पता चल सके कि कौन कहां से आया है। आपको यह बात तो बतानी ही पड़ेगी कि आदिवासी आखिर कम कैसे हुए? हमें इसपर चिंता करनी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, आदिवासियों की आबादी घटती रहेगी तो लोकसभा सीट, विधानसभा सीट और सरकारी सेवाओं में भी दुर्गामी प्रभावी पड़ेगा। इसलिए यह विषय सभी के लिए चिंता का है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की हेमंत सरकार चुप चाप मार्च लूट की ओर बढ़ रही है। प्रतुल ने कहा 2024 - 25 के बजट में जनवरी तक बजट की राशि का सिर्फ 60वां हिस्सा खर्च हुआ था। यानी 2 महीने में 40 प्रतिशत राशि खर्च होने की तैयारी है। जबकि नियमों और परंपराओं के अनुसार मार्च में अधिकतम सिर्फ 15 प्रतिशत राशि की निकासी हो सकती है।प्रतुल ने कहा कि सबसे अफसोस जनक स्थिति विकास से जुड़े विभागों की है जहां बड़ी संख्या में राशि अभी तक खर्च नहीं हुई। इसके बंदरबांट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से जल जीवन मिशन में फिसड्डी चल रही हेमंत सरकार ने मौजूदा बजट में तो सारी सीमाएं पार कर दी है। फरवरी तक पेयजल विभाग ने योजना और विकास की सिर्फ 10 प्रतिशत राशि ही खर्च की है। 4500 करोड़ रुपयों के विभाग के बजट के तुलना में फरवरी तक सिर्फ 438 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। ऐसी स्थिति में कई पेयजल योजनाएं अटक गए हैं। जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार झारखंड सरकार को बहुत बार नसीहत दे चुकी है। अभी भी झारखंड के लगभग लाख घरों में नल से जल नहीं पहुंच पाया है।
श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्री राम जन्मोत्सव पर कथा का अद्भुत चित्रणटीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचिका सुश्री संगीता किशोरी जी ने श्री राम जन्मोत्सव के अवसर पर एक अत्यंत मार्मिक एवं सुंदर कथा का चित्रण किया। उनकी कथा ने सभी श्रद्धालुओं के हृदय को गहरे तक छुआ और श्री राम के जन्म की महिमा का अद्भुत रूप से वर्णन किया। कथा की शुरुआत में संगीता किशोरी जी ने श्री राम के जन्म से जुड़ी पवित्रता और महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम का जन्म एक युग परिवर्तन का प्रतीक है। रघुकुल नायक श्री राम का जन्म न केवल अयोध्या बल्कि सम्पूर्ण धरती के लिए सुख, शांति और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ जब असुरों के अत्याचार और अधर्म ने समाज को तहस-नहस कर दिया था। श्री राम के जन्म ने न केवल धर्म की विजय का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि मानवता के उच्चतम आदर्शों को भी प्रस्तुत किया। कथा के दौरान संगीता किशोरी जी ने श्री राम के जन्म के साथ जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया। उन्होंने माता कौशल्या के गर्भ से श्री राम के जन्म की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान राम का जन्म एक विशेष दिन और समय में हुआ, जो अनन्त ब्रह्मा के विधान के अनुसार था। उनके जन्म के समय आकाश में दिव्य आभा फैल गई थी, और सभी दिशाओं से पुण्य की गंध फैलने लगी थी। संगीता किशोरी जी ने श्री राम के जन्म की महिमा और उनके जीवन के उद्देश्यों को बताया कि राम का जन्म केवल एक राजकुमार के रूप में नहीं हुआ, बल्कि वे सम्पूर्ण मानवता के लिए आदर्श हैं। उनके जीवन की प्रत्येक घटना हमें धर्म, सत्य, न्याय, प्रेम और सदाचार का पाठ पढ़ाती है।कथा में राम जी के जन्म की जीवंत झांकियां देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और श्री राम के जन्म की पवित्रता का अनुभव किया। साथ ही, यह कथा उन्हें जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती है। इस सुंदर कथा ने श्रद्धालुओं को यह समझाया कि श्री राम का जन्म केवल इतिहास नहीं, बल्कि हमारे जीवन में नित नई प्रेरणा देने वाला एक अद्वितीय प्रसंग है।इस प्रकार, श्री राम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कथा ने सभी को भक्ति, श्रद्धा और समर्पण के मार्ग पर चलने का प्रेरणा दी। इस आयोजन ने सभी को यह सिखाया कि धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। आज तीसरे दिन भी राम कथा में भक्तों की भारी जनसमूह उमड़ी।उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन, कार्यक्रम के संयोजक वासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, पवन मंत्री, राजकुमार मारू, अरुण बुधिया, गौरव काबरा, निरंजन शर्मा, अमित चौधरी, नरेंद्र लखोटिया, रोहित शारदा, रवि नारसरिया, उदय शर्मा, अशोक सोढ़ानी, राकेश भाला, निकिता भाला, सुनीता देवी, चंदा देवी, सीमा देवी, के अलावे गांवों के सैकड़ो के संख्या मे पुरुष, महिलाएं उपस्थित थे। 20 मार्च को श्री राम कथा के चौथे दिन धनुष यज्ञ पर कथा होगा।
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