भारत विकास परिषद का उद्देश्य निस्वार्थ राष्ट्र सेवा- अरुण ओझा टीम एबीएन, कोडरमा। भारत विकास परिषद झुमरी तिलैया शाखा की बैठक सह चुनाव विवेक विला के बैंक्विट हाल में आयोजित की गयी। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत वंदे मातरम गीत गाकर कर की गयी। मौके पर चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में प्रांतीय वित्त सचिव अश्विनी तिवारी उपस्थित थे। पर्यवेक्षक श्री तिवारी के मौजूदगी में चुनाव कार्य संपन्न कराया गया। मौके पर सर्वसम्मति से अध्यक्ष- अधिवक्ता अरुण ओझा, सचिव- विमल पच्चीसिया एवं कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश राय का चयन किया गया। मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष राम प्रवेश पांडे ने नवनिर्वाचित सभी प्राधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि ये सभी काफी ऊर्जावान है। इनके कार्यकाल में परिषद काफी ऊंचाइयों को छुएगा। मौके पर नवनिर्वाचित सभी सदस्यों को माला पहनकर सम्मानित किया गया। वहीं नव निर्वाचित अध्यक्ष अरुण कुमार ओझा ने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि परिषद का मुख्य कार्य सेवा और संस्कार के कार्यों को बढ़ाते हुए राष्ट्र के उत्थान में अपना योगदान देना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश राणा ने किया जबकि संचालन सचिव छोटेलाल पांडे ने किया। मौके पर परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह संरक्षक मधुसूदन दारूका एवं सुरेश जैन ने भी अपने विचार रखें। मौके पर संरक्षक नारायण सिंह, प्रांतीय संयोजिका महिला एवं बाल विकास जूही दास गुप्ता, संस्कार प्रकल्प के संयोजक धर्मेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, गोपाल कुमार गुतुल, अनुराग सिंह, संजय अग्रवाल, संतोष कुमार सिन्हा पूर्व अध्यक्ष जयंती सेठ एवं नगर परिषद के सिटी मैनेजर लीमांशु कुमार उपस्थित थे। मौके पर लेवांशु कुमार ने भारत विकास परिषद की सदस्यता ग्रहण की। जिन्हें नवनिर्वाचित अध्यक्ष अरुण कुमार ओझा एवं प्रांतीय अध्यक्ष रामप्रवेश पांडे पुष्प गुछ देकर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।
उत्तरी छोटा नागपुर क्षत्रिय महासंघ का चुनाव संपन्न टीम एबीएन, कोडरमा। उत्तरी छोटा नागपुर क्षत्रिय महासंघ का अध्यक्ष और महासचिव का चुनाव सोमवार को सहाना गार्डन, कोडरमा में संपन्न हुआ। चुनाव पर्यवेक्षक रामनाथ सिंह और सह पर्यवेक्षक विजय सिंह तथा रंजीत सिंह की देखरेख में पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सुबह 11 बजे अध्यक्ष और महासचिव पद के लिए नामांकन प्रक्रिया आरंभ हुई। जिसमें अध्यक्ष पद के लिए राम लखन सिंह और राज नारायण सिंह ने नामांकन किया। वहीं महामंत्री पद के लिए शिवलाल सिंह अकेले उम्मीदवार रहे। मतदान प्रक्रिया अपराहन 1 बजे से प्रारंभ हुई। जिसमें सभी 17 जोन के कुल 164 मतदाताओं ने शांतिपूर्वक मतदान किया। अपराह्न 3 बजे तक मतदान का समय निर्धारित था, जिसमें कुल 137 लोगों ने मतदान किया। 28 लोग अनुपस्थित रहे। 3 बजे के बाद चुनाव पर्यवेक्षकों ने मतगणना की। जिसमें राम लखन सिंह को 96 वोट और राज नारायण सिंह को 39 वोट मिले। वहीं दो वोट रद्द हुए। महामंत्री पद के लिए एकमात्र नामांकन करने वाले शिवलाल सिंह को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। पूर्व अध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह, समाज के वरीय सदस्य रामचंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, नारायण सिंह, आलोक सिंह आदि ने निर्वाचित पदाधिकारियों को माल्यार्पण कर और बुके देकर स्वागत किया एवं भविष्य की शुभकामनाएं दी। मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष राम लखन सिंह और महामंत्री शिवलाल सिंह ने कहा कि समाज के द्वारा दिए गए दायित्व का हम लोग इमानदारी पूर्वक और निष्पक्षता से पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों के सहयोग से समाज को आगे बढ़ाना है, समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हम लोग सदैव उपलब्ध रहेंगे। दोनों निर्वाचित पदाधिकारियों ने मौके पर ही संघ के संरक्षक के रूप में पूर्व अध्यक्ष कामाख्या नारायण सिंह (डोमचांच), रामचंद्र सिंह (तिलैया ), वीरेंद्र सिंह (कोडरमा), कमेटी में उपाध्यक्ष पद पर राजेंद्र सिंह (तिलैया) और रंजीत सिंह (कोडरमा) के नाम की घोषणा की। जिसका उपस्थित सभी लोगों ने तालियों से स्वागत किया । मौके पर कामाख्या नारायण सिंह, रामचंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, दिनेश सिंह, नीलकंठ सिंह, राज नारायण सिंह, महेश सिंह, नागेश्वर सिंह, नीलकंठ सिंह, रणजीत सिंह, प्रोफेसर राजेश सिंह, राजू सिंह, अभिषेक सिंह, सतीश सिंह, मनोज सिंह, अवधेश सिंह, आनंद सिंह, मदन मोहन सिंह, परमानंद सिंह, राजीव सिंह, सुरेंद्र सिंह, मिथिलेश सिंह, जितेंद्र सिंह, शंकर सिंह, विजय सिंह, सत्यनारायण सिंह, दामोदर सिंह, अशोक सिंह, नरेश सिंह, राम प्रसाद सिंह, अशोक सिंह, सुनील सिंह, सुधीर सिंह, पवन सिंह, जय नारायण सिंह, दीपू सिंह, हरदेव सिंह, विजय सिंह, भोला सिंह, महेंद्र सिंह, रामसेवक सिंह, शिव शंकर सिंह सहित सैकड़ो क्षत्रिय बंधु उपस्थित थे।
जयनगर में ईद का जश्न: ईदगाह पर हजारों लोगों ने एक साथ अदा की नमाज, अमन और खुशहाली की मांगी दुआ टीम एबीएन, कोडरमा। प्रखंड के ईदगाह सहित सभी मस्जिदों में सोमवार को अकीदत के साथ ईद की नमाज अदा की गयी। यहां खुदा के सजदे में एक साथ हजारों लोगों ने सिर झुकाया और अमन व खुशहाली के लिए दुआ मांगी। इस दौरान प्रखंड मुख्यालय सहित गरचांच, मंडरिया, खेसकरी, कटहाडीह, पिपचो, बेको, तेतरॉन, परसाबाद, कटिया, गड़गी, तिलोकरी, गोपालडीह, ककरचोली सहित सभी मुस्लिम बहुल इलाकों में ईद को लेकर इलाका गुलजार रहा। पूर्वजों की कब्र पर पढ़ी फातिहा ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने उनके पूर्वज जो इस दुनिया से गुजर गए उनकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ी और उनके मगफिरत की विशेष रूप से अल्लाह ताला से दुआएं मांगी गयी। लोगों ने कहा कि इस ईद के आने से पहले पिछले साल ईद में कुछ लोग साथ में थे, जो दुनिया में नहीं रहे अब उनके सिर्फ यादें रह गयी है। उनके लिए लोगों ने मगफिरत की दुआएं मांगी। ईमान है मजबूत अल्लाह ने अगर रमजान फिर नसीब किया तो रखेंगे पूरे रोजे लोगों ने ईद आने की खुशी तो पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं लेकिन लोगों के मन में रमजान जाने का गम भी देखा गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि अल्लाह ताला ने अगर जिंदगी बख्शी और अगले साल फिर रमजान का महीना नसीब हुआ तो इनाम मजबूत है अगले साल इससे और भी ज्यादा मजबूती से रोजे रखकर अल्लाह ताला की इबादत की जाएगी। वैसे तो अल्लाह ताला की इबादत साल भर चलती है लेकिन रमजान में सवाब दोगुना हो जाता है। एक दूसरे को गले लगा कर दी ईद की बधाई अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ने के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद उल फितर की बधाई दी। और आपस में इत्तेहाद के साथ जिंदगी गुजारने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि ईद उल फितर रमजान के पवित्र महीने के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनायी जाती है। इस पर्व की शुरुआत पैगंबर मुहम्मद ने की थी। यह त्योहार इस्लाम धर्म में एकता और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं। अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और अपनी अनजानी गलतियों के लिए माफी मांगते हैं। भारत में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। पुलिसिया व्यवस्था रही चुस्त दुरुस्त इधर, ईद के मुबारक त्यौहार को शांति सौहार्द वातावरण में संपन्न करने को लेकर अंचल अधिकारी सारांश जैन, प्रखंड विकास पदाधिकारी गौतम कुमार, थाना प्रभारी बबलू कुमार सिंह सहित कई पुलिस जवान इलाके में तैनात दिखे। वहीं बड़ी संख्या में दोनों समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी और एकता का संदेश दिया।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। स्थानीय महात्मा गांधी नगर में स्थित कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर में तीन दिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का समापन सोमवार को देर शाम को किया गया। समापन सत्र योग एंव ओंकार ध्वनि के साथ प्रारंभ किया गया। मंचस्थ अतिथियों का परिचय विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य मनोज कुमार सिंह के ने कराया, जबकि कार्यशाला का वृत निवेदन विद्यालय के प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहु ने किया। वृत निवेदन के क्रम में प्राचार्य ने बताया कि विद्या विकास समिति झारखंड के योजनानुसार अपने विद्यालय में तीन दिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए समाप्ति की ओर है। कुल बारह सत्रों में तीन दिनों की कार्यशाला संपादित की गयी, जिसमें गत सत्र के कमजोर बिंदुओं को वर्तमान सत्र में चुनौती के स्वरूप लिया गया। साथ ही आगामी सत्र में विद्यालय की छोटी-छोटी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की योजना बनायी गयी। मौके पर विद्यालय के अध्यक्ष नारायण सिंह ने अपने अध्यक्षीय आशीर्वचन में कहा कि हम सभी आचार्य बंधु-भगिनी, समिति के लोग और समाज के सहयोग से इस विद्यालय को उत्तरोत्तर सफलता की ओर अग्रसर रखने में अपनी भूमिका निभायेंगे। मौके पर विद्यालय के कोषाध्यक्ष नवल कुमार, आचार्य रामानुज पांडेय, विजय कुमार मिश्र, बिरेंद्र मिश्रा, पवन कुमार शर्मा, कुमार मुरलीधर, विजय तिवारी, मुन्ना सिंह, अर्चना सिन्हा, शर्मिष्ठा शाहा, चंद्र कावेरी निहाल, रानी प्रसाद, श्वेता श्रीवास्तव, रिमझिम सिंह आदि सभी उपस्थित रहे। अंत में कल्याण मंत्र वाचन के साथ कार्यशाला समापन की घोषणा की गयी।
टीम एबीएन, रांची। भारत विकास परिषद, दक्षिण झारखंड प्रांत, पूर्वी रिजन के रांची मध्य शाखा का वार्षिक चुनाव 30 मार्च, 2024 शाम 5 बजे वाइबीएन पब्लिक स्कूल धुर्वा में संपन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया पर्यवेक्षक डॉ भारत भूषण के मार्गदर्शन आरंभ हुआ। चुनाव में सदस्यों के मत से 2025-26 के लिए अध्यक्ष के रूप में ई. सुनिल कुमार सिन्हा, सचिव विजय कुमार माथुर एवं कोषाध्यक्ष सीए धर्मेंद्र कुमार को चुना गया। चुनाव के दौरान जीपी सिंह, जीके शर्मा, एचपी भगत एवं भारत विकास के पदाधिकारी उपस्थित रहे। चुनाव के पश्चात हिंदू नव वर्ष पर सुरेश नारायण झा उद्बोधन हुआ और अंत में दीपोत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आधुनिक तकनीक से जुड़ेंगे सरकारी अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी, स्वास्थ्य मंत्री की बड़ी घोषणा टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने धनबाद में अंकुरम आईवीएफ, आईवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। मंत्री ने रविवार को फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का शुभारंभ किया। मौके पर बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य व्यक्ति, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ, मरीज और उनके परिजन उपस्थित रहे। संतान सुख से बड़ा कोई सुख नहीं होता मंत्री डॉ अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि संतान सुख से बड़ा कोई सुख नहीं होता। उन्होंने कहा, जो मां या बहन संतान सुख से वंचित रह जाती हैं, उन्हें न केवल परिवार में बल्कि समाज में भी कई तरह की परेशानियों और तानों का सामना करना पड़ता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन आधुनिक टेक्नोलॉजी ने इस स्थिति को बदल दिया है। अब आईवीएफ (इन विट्रो फटिर्लाइजेशन) जैसी तकनीक के माध्यम से बांझपन का सफल उपचार संभव हो गया है, जिससे मातृत्व का सुख पाने की राह आसान हुई है। 300 नई एंबुलेंस और 300 बाइक एम्बुलेंस की व्यवस्था की जायेगी मंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 300 नई एंबुलेंस और 300 बाइक एम्बुलेंस की व्यवस्था कर रही है, जिससे आपात स्थिति में लोगों को त्वरित चिकित्सा सेवा मिल सकेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि झारखंड में इलाज के अभाव में अब किसी की जान नहीं जायेगी। पीपीपी मॉडल के तहत खुलेंगे राज्य में नये मेडिकल अस्पताल मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाये जा रहे हैं। राज्य में पीपीपी मॉडल के तहत नये अस्पताल खोले जायेंगे, ताकि सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम हो और मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक वाली मशीनें लगायी जायेंगी और उन्हें संचालित करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जायेगी। मंत्री ने कहा, मैं स्वयं एक डॉक्टर हूं और राज्यवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हर निर्णय झारखंड के हित में लिया जा रहा है और इसके लिए मुझे जनता का समर्थन चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची महानगर ने नववर्ष उत्सव (वर्ष प्रतिपदा) का आयोजन आज रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के फुटबॉल मैदान में धूमधाम से किया। मुख्य अतिथि का संबोधन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शनिचरवा उरांव (वरीय प्रबंधक, झारखंड ऊर्जा विकास निगम) ने नववर्ष उत्सव के सफल आयोजन और सामाजिक चेतना के प्रसार के लिए संघ की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड में हम सब मिलकर नववर्ष मनायें, जैसे प्रकृति पुष्पित-पल्लवित हो रही है, वैसे ही हम नये विचारों के साथ राज्य को बेहतर बनाने का संकल्प लें। उद्बोधन के प्रमुख बिंदु प्राकृतिक परिवर्तन और नववर्ष का वैज्ञानिक दृष्टिकोण: कुणाल कुमार ने अपने उद्बोधन में प्रकृति में हो रहे परिवर्तनों की ओर ध्यान आकर्षित किया, जैसे पेड़ों में नई कोपलें आना, हरियाली का बढ़ना और नवरात्रि की शुरुआत। उन्होंने इसे नववर्ष के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संदर्भ में प्रस्तुत किया, highlighting how these natural changes symbolize new beginnings and energies.वर्ष प्रतिपदा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व उन्होंने बताया कि नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) पूरे देश में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है, जैसे श्रीराम का राज्याभिषेक, युधिष्ठिर का राज्याभिषेक, महर्षि दयानंद की आर्य समाज स्थापना, विक्रमादित्य महाराज का राज्याभिषेक आदि। यह दिन सृष्टि के सृजन का प्रतीक है, जब ब्रह्मा जी ने एकोहं बहुस्याम की संकल्पना के साथ सृष्टि की शुरुआत की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना और उद्देश्य डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी की जयंती पर, जिन्होंने हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए संघ की स्थापना की, उनके योगदान को याद किया गया। स्वामी विवेकानंद और बाबा साहेब अंबेडकर के उद्धरणों के माध्यम से समाज में एकता और जागरण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डा. साहब के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, संघ समाज के सर्वांगीण उन्नति के लिए निरंतर कार्यरत है। समाज में एकता की आवश्यकता उद्बोधन में समाज में व्याप्त बिखराव के कारण देश के विभाजन की चर्चा की गयी। महर्षि अरविंद की भविष्यवाणी के अनुसार, विभाजन के बाद के वर्षों में समाज में एकता की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं। संघ ने सामाजिक जागरण के माध्यम से समाज को एकजुट करने का निरंतर प्रयास किया है, जिसमें समाज का भरपूर सहयोग मिला है। शताब्दी वर्ष में शाखाओं के माध्यम से इस प्रयास को और गति देने का संकल्प लिया गया है। इन बिंदुओं के माध्यम से कुणाल कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी व्यक्तियों को समाज की एकता, सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान के प्रति जागरूक किया। संघ की स्थापना और उद्देश्य डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी की जयंती पर, जिन्होंने हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए संघ की स्थापना की, उनके योगदान को याद किया गया। स्वामी विवेकानंद और बाबा साहेब अंबेडकर के उद्धरणों के माध्यम से समाज में एकता और जागरण की आवश्यकता पर बल दिया गया। डा. साहब के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, संघ समाज के सर्वांगीण उन्नति के लिए निरंतर कार्यरत है। समाज के लिए संघ का योगदान समाज में व्याप्त बिखराव के कारण देश का विभाजन हुआ था। महर्षि अरविंद की भविष्यवाणी के अनुसार, विभाजन के बाद के वर्षों में समाज में एकता की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं। संघ ने सामाजिक जागरण के माध्यम से समाज को एकजुट करने का निरंतर प्रयास किया है, जिसमें समाज का भरपूर सहयोग मिला है। शताब्दी वर्ष में शाखाओं के माध्यम से इस प्रयास को और गति देने का संकल्प लिया गया है। कार्यक्रम की उपस्थिति कार्यक्रम में देव व्रत पाहन (क्षेत्र संघचालक), क्षेत्र कार्यकारिणी के सदस्य, दीदी सुनीता हल्देकर (सह-सरकार्यवाहिका, राष्ट्र सेविका समिति), विभाग संघचालक विवेक भासीन, महानगर संघचालक पवन मंत्री सहित संघ एवं अनुषांगिक संगठनों के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। 685 पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवक, 282 पुरुष और 52 मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। संदेश संघ शताब्दी कार्यक्रम में कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा; केवल एक ही लक्ष्य होगा: हर बस्ती में शाखा का संचालन। कार्यक्रम के समापन पर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया गया, जिससे सभी का मंगल हो।
31 मार्च 2025 दिन सोमवार को धूमधाम से मनायी जायेगी ईद : दारूल कजा इमारत शारीया रांचीटीम एबीएन, रांची। दारुल कजा इमारत शरीया रांची के काजी शरीअत मुफ्ती मुहम्मद अनवर कासमी ने एलान किया है कि उन्तीस रम्जानुल मुबारक 1446 हिजरी मुताबिक तीस मार्च 2025 दिन रविवार को रांची व झारखंड सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में शव्वाल उल मुर्करम 1446 हिजरी महीने यानी ईद उल फित्र का चांद आम तौर पर नजर आया है। जिसकी तसदीक हो चुकी है। इसलिए एकतीस मार्च 2025 दिन सोमवार को शव्वाल उल मुर्करम 1446 हिजरी महीने की पहली तारीख यानी ईद उल फित्र का दिन है। उन्होंने कहा कि यही फैसला मरकजी दारुल कजा इमारत शरीया बिहार ओडिशा व झारखंड फुलवारी शरीफ पटना का है।
31 मार्च 2025 दिन सोमवार को धूमधाम से मनायी जायेगी ईद : दारूल कजा इमारत शारीया रांचीटीम एबीएन, रांची। दारुल कजा इमारत शरीया रांची के काजी शरीअत मुफ्ती मुहम्मद अनवर कासमी ने एलान किया है कि उन्तीस रम्जानुल मुबारक 1446 हिजरी मुताबिक तीस मार्च 2025 दिन रविवार को रांची व झारखंड सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में शव्वाल उल मुर्करम 1446 हिजरी महीने यानी ईद उल फित्र का चांद आम तौर पर नजर आया है। जिसकी तसदीक हो चुकी है। इसलिए एकतीस मार्च 2025 दिन सोमवार को शव्वाल उल मुर्करम 1446 हिजरी महीने की पहली तारीख यानी ईद उल फित्र का दिन है। उन्होंने कहा कि यही फैसला मरकजी दारुल कजा इमारत शरीया बिहार ओडिशा व झारखंड फुलवारी शरीफ पटना का है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.