एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग मनाये जाने को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की ओर से आज मेदिनीनगर के शहरी क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। नगर आयुक्त जावेद हुसैन, उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद व सदर अनुमंडल सुलोचना मीणा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शहर के छह मुहान से निकलकर थाना रोड होते हुए पंच मुहान चौक, कन्नी राम चौक, नदी किनारे आदि विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: छह मुहान पहुंचकर समाप्त हुई। नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त व अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी से शांतिपूर्ण व सौहार्द्र तरीके से रामनवमी मनाने की अपील की। फ्लैग मार्च में अंचल अधिकारी अमरजीत बल्होत्रा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मणि भूषण प्रसाद, शहर थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार, यातायात प्रभारी समाल अहमद सहित जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अन्य पदाधिकारी व कई जवान शामिल थे।
सरहुल के दिन घंटों बिजली गुल रहने पर हाईकोर्ट गंभीर, रामनवमी समेत सभी जुलूस के दौरान पावर सप्लाई बंद करने पर लगायी रोक टीम एबीएन, रांची। 1 अप्रैल को सरहुल शोभा यात्रा के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 5 से 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रौशन की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने कहा कि बिजली एक अनिवार्य सेवा है। इसको बाधित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने बिजली निगम से जानना चाहा कि सरहुल के दिन घंटों बिजली आपूर्ति बाधित क्यों रही। इससे होने वाली परेशानी को ध्यान में क्यों नहीं रखा गया। यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी है। जवाब में महाधिवक्ता ने बताया कि साल 2000 में एक बड़ा हादसा हुआ था। जिसमें बिजली के तार की चपेट में आने से 29 लोगों की मौत हो गई थी। भविष्य में ऐसी घटना ना हो, इसको ध्यान में रखकर जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसपर खंडपीठ ने कहा कि अनिवार्य सेवा को बाधित नहीं किया जा सकता। लिहाजा, सरकार को सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराना चाहिए। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि 6 अप्रैल को रामनवमी और 6 जुलाई को मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर बिजली सप्लाई रोकने की फिर जरुरत पड़ेगी। इसपर खंडपीठ ने आदेश दिया कि कोई हादसा ना हो, इसके उपाय सुनिश्चित कराएं। लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इस मामले में 9 अप्रैल को विस्तृत सुनवाई होगी।
रेलवे स्टेशन मे स्थायी प्याऊ स्थापित करने के लिए अधिकारी से मुलाकात की टीम एबीएन, रांची। भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों को शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के प्रतिनिधियों ने आज रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक शुचि सिंह से मुलाकात की। बैठक के दौरान रांची पिसका और नामकुम स्टेशन परिसर में एक स्थायी प्याऊ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे यात्रियों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क जल सेवा उपलब्ध करायी जा सके। संस्था की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि प्याऊ की स्थापना, रखरखाव एवं स्वच्छता की पूरी जिम्मेदारी वह स्वयं वहन करेगी। रेलवे अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और जल्द ही स्थान निर्धारण एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने का आश्वासन दिया। मंच के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि यह पहल यात्रियों के लिए राहतकारी साबित होगी और समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। मंच ने रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि यह प्याऊ जल्द ही यात्रियों की सेवा में समर्पित होगा। उपरोक्त जानकारी प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी ने दी। प्रतिनिधिमंडल मे मंच के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, सचिव निकुंज पोद्दार, अमृत धारा के प्रभारी यश सुरेखा, अनीश सरावगी,अमित शर्मा व अन्य सदस्य मौजूद थे। उक्त जानकारी मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी राघव जालान ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 3 अप्रैल को रांची जीपीओ में नेशनल कॉर्डिशन कमेटी आॅफ पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर वित्त विधेयक के माध्यम से 1972 के पेंशन अधिनियम में संशोधन कर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वर्तमान केंद्रीय पेंशनर्स को वंचित किये जाने की साजिश के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने 25 मार्च को संसद में विपक्षी दलों के विरोध के पश्चात फाइनेंस बिल के माध्यम से 1972/ 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित कर 31. 12. 2025 तक रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मियों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया गया है। केवल जनवरी 26 या उसके बाद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8 वें वेतन आयोग का लाभ मिल पाएगा।केंद्र सरकार पेंशनर्स के साथ भेद भाव का रवैया अपना कर संविधान की धारा 19 का उल्लंघन कर रही है। सरकार पेंशनर्स को जनवरी 2026 से पहले और जनवरी 2026 के बाद खाने में वगीर्कृत कर संशोधित पेंशन अधिनियम के तहत वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर देना चाहती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 10857/ 2016 में अपने फैसले में स्पष्ट रूप से निर्णय दिया कि संशोधित पेंशन निर्धारण के उद्देश्य से पेंशनभोगियों को दो श्रेणियां बनाने का कोई वैध औचित्य नहीं है। ज्ञात हो कि 7वें वेतन आयोग ने 1.1. 2016 से पहले सेवानिवृत हुए पेंशनर्स और 1.1.2016 के बाद सेवानिवृत हुए पेंशनभोगियों के बीच समानता की सिफारिश की थी जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए लागू किया था। पेंशनर्स के साथ सेवा निवृति की तारीख की बुनियाद पर भेदभाव करना असंवैधानिक है तथा वित विधेयक में संशोधन वेतन आयोग को अख्तियार देता है कि वह वर्तमान पेंशनर्स को लाभ से वंचित कर दे और 2026 के बाद रिटायर होने वाले को वेतन आयोग का लाभ दे।पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर आज के दिन पूरे देश में विरोध- प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार से मांग की जा रही है कि इस अहितकारी एवं कर्मचारी / पेंशनर्स विरोधी कानून को अविलंब वापस लिया जाये। झारखंड के जिलों में भी प्रदर्शन किया जा रहा है। आज के धरना सभा को के डी राय, साधन कुमार सिन्हा, जय नारायण प्रसाद, रमेश सिंह, गणेश डे, रंग नाथ पांडेय आदि ने संबोधित किया। आज के धरना-प्रदर्शन में त्रिलोकीनाथ साहू, रमेश दुबे, सुखदेव राम, बी बारा, हसीना तिग्गा, अमिता मिंज, भवन बारला, राजेंद्र महतो, मन रखन महतो, बी एन मिश्रा, देव चरण महतो,जयराम प्रसाद, विल्सन, आदि उपस्थित थे। इससे संबंधित जानकारी माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को ईमेल एवं स्पीड पोस्ट के माध्यम से पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर एसोसिएशन की ओर से आपत्ति जताते हुए चिट्ठी प्रेषित की गयी है। उक्त जानकारी आल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड के राज्य सचिव एम जेड खान (6201143329) ने दी।
सीएम हेमंत से मिला महावीर मंडल का प्रतिनिधिमंडल, रामनवमी पर होने वाली भव्य शोभायात्रा में शामिल होने का दिया न्यौता टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में केंद्रीय समिति महावीर मंडल, रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आगामी 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी महोत्सव के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य शोभायात्रा में सपरिवार सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रामनवमी के प्रतीक के रूप में श्री हनुमान जी की मूर्ति एवं गदा सप्रेम भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को रामनवमी महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मौके पर डीआईजी सह एसएसपी रांची चंदन सिन्हा, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, केंद्रीय समिति महावीर मंडल रांची के अध्यक्ष जय सिंह यादव, उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, राहुल कुमार सिन्हा (चंकी), सुभाष कुमार साहू, संतोष गुप्ता, प्रमोद शाश्वत, दीपक ओझा, आलोक दुबे, बिंदुल वर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, राजू यादव, राकेश सिंह, शंकर दुबे, गोपाल पारीक, कमलेश यादव, सागर कुमार, संजय पोद्दार एवं अन्य उपस्थित थे।
रामनवमी भक्ति, धर्म, सत्य,मयार्दा और कर्तव्य पालन का प्रतीक : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि महा रामनवमी हिंदू धर्म के एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनायी जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है इस वर्ष रामनवमी का उत्सव 6 अप्रैल को मनाया जायेगा। पंचांग के अनुसार रामनवमी की तिथि 5 अप्रैल की संध्या 7:26 बजे से प्रारंभ होकर 6 अप्रैल की संध्या 7:22 बजे तक रहेगी उदया तिथि के अनुसार रामनवमी 6 अप्रैल को मनाया जायेगा। महा रामनवमी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान राम का जन्म त्रेतायुग में हुआ था, जब धरती पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ गया था।भगवान राम ने राक्षसों का वध कर धर्म की पुन: स्थापना की। रामनवमी इस महान कार्य को स्मरण करने का अवसर है। इस दिन का धार्मिक महत्व इतना अधिक है कि यह भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन, श्रद्धालु प्रात:काल स्नान करके व्रत करते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और राम कथा का आयोजन भी किया जाता है। राम का मंत्र श्रीराम जय राम जय जय राम का जाप भक्तगण पूरे दिन करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। कई स्थानों पर रामलीला का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें भगवान राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाता है। इसके अलावा महा रामनवमी का एक और विशेष पहलू है।रथ यात्रा खासकर श्रीराम के जन्मस्थान अयोध्या में इस दिन विशाल रथ यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें हजारों भक्त भाग लेते हैं। रथ में भगवान राम के प्रतीक के रूप में सुंदर मूर्तियों की सवारी की जाती है और यह यात्रा पूरे शहर में धूमधाम के साथ निकलती है। इस दिन का महत्व न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से है, बल्कि यह हमें जीवन के मूल्य और सिद्धांतों को समझने का भी अवसर प्रदान करता है। भगवान राम के जीवन से हमें सत्य, न्याय और धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है। महा रामनवमी का पर्व भारतीय संस्कृति और समाज में एकता, प्रेम, और भाईचारे का प्रतीक बनकर उभरता है। महा रामनवमी न केवल भगवान राम के जन्म का उत्सव है, बल्कि यह हमें उनके आदर्शों और शिक्षाओं का अनुसरण करने की प्रेरणा भी देता है। यह दिन हमें आत्मा की शुद्धि, समाज की भलाई और धर्म की महिमा का अनुभव कराता है। रामनवमी आस्था भक्ति और धर्म का संदेश देता है यह पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है बल्कि यह धर्म सत्य मर्यादा और कर्तव्य के पालन का प्रतीक भी है। भगवान श्री राम का जीवन हमें यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाये रखना चाहिए और सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। इस दिन भगवान श्रीराम का स्मरण करने और उनके आदर्शों को अपनाने से व्यक्ति के जीवन में शांति समृद्धि और सफलता का संचार होता है। रामनवमी के दिन मां दुर्गे के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व है। देवी सिद्धिदात्री को सभी प्रकार की सिद्धियों का दाता माना जाता है। उनकी आराधना से व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है और जीवन की सभी कठिनाइयां दूर होती है। यह भी कहा जाता है कि भगवान शिव ने सिद्धियों की प्राप्ति के लिए मां सिद्धि की आराधना की थी, इसलिए इस दिन देवी की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय लघु उद्योग लिमिटेड, भारत सरकार के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व जन स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्था अभियान ने सीठियो रोड, एचईसी धुर्वा, रांची में आज महिलाओं एवं बच्चों के लिए नि:शुल्क जांच एवं परीक्षण शिविर लगाया।शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विजेता सिंह ने उपस्थित महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। संस्था अभियान ने इस शिविर में सीठिओ बस्ती की गरीब एवं असहाय महिलाओं को जांचोपरांत दवा और सेनेटरी पैड मुफ्त में प्रदान किया। इससे पहले शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लघु उद्दोग लिमिटेड की रांची शाखा प्रमुख किरण तिरु का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर एवं शॉल ओढ़ाकर डॉक्टर विजेता सिंह ने किया। शिविर में समय देने के लिए किरण तिरु ने डॉक्टर विजेता सिंह का धन्यवाद किया एवं उनका भी स्वागत अंगवस्त्र देकर किया। आज के शिविर में लगभग 213 महिलाओं एवं बच्चों को देखा गया। मौके पर संस्था के सचिव मनोज कुमार राय, काउंसलर, अम्बिका रानी, कंपाउंडर शिवलाल प्रसाद, सहायक रमेश कुमार, गुनगुन, मौली तथा अन्वेषा उपस्थित थे। उक्त जानकारी मनोजकुमार राय और जय नारायण प्रसाद ने दी।
हेमंत सरकार अबुआ सरकार नहीं अहंकारी सरकार है, बाबूलाल मरांडी का निशानाटीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि सिरमटोली फ्लाइओवर रैंप निर्माण के खिलाफ झारखंड का आदिवासी समाज लंबे समय से चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।मरांडी ने कहा कि सरना स्थल हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा की पहचान है, जिसे संरक्षित रखना हर आदिवासी का कर्तव्य है। बावजूद इसके राज्य सरकार ने आदिवासियों की आवाज को अनसुना कर दिया, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है। मरांडी ने कहा कि आदिवासी होने के नाते मुख्यमंत्री से उम्मीद थी कि वे समाज की पीड़ा समझेंगे और आंदोलनकारियों से संवाद कर सरना स्थल की रक्षा सुनिश्चित करेंगे, लेकिन सरकार की निष्क्रियता साबित करती है कि वह आदिवासियों की मांगों को पूरा करने की इच्छुक नहीं है।श्री मरांडी ने कहा कि सरहुल पर्व के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा मुख्यमंत्री का विरोध स्पष्ट संदेश देता है कि यह सरकार अबुआ सरकार नहीं, बल्कि अहंकारी सरकार बन चुकी है, जो अपने ही लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है।
धनबाद में अपराधियों के हौसले बुलंद, मंदिर से घर लौट रही महिला के गले से सोने की चेन छीनकर हुए फरार एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड के धनबाद में इन दिनों अपराधियों के हौसले काफी बुलंद है। अपराधी इतने बेखौफ हैं कि दिनदहाड़े चोरी, लूट व गोली चलाने जैसी घटना को आराम से अंजाम देकर फरार हो रहे हैं। इस तरह की आपराधिक घटना धनबाद में आम बात हो गई है। धनबाद में पुलिस पस्त और अपराधी मस्त है। ताजा मामला बुधवार की सुबह की है। यहां धनबाद थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी में हुई है, जहां बाइक सवार अपराधियों ने मंदिर से पूजा कर घर लौट रही महिला के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गये हैं। पीड़ित महिला की पहचान सरस्वती पांडे साक्षी अपार्टमेंट, दादा दादी पार्क के समीप की रहने वाली के रूप में हुई है। पीड़ित महिला एसएनएमएमसीएच अस्पताल के रिटायर्ड कर्मी की पत्नी है। हालांकि घटना के बाद पीड़ित महिला शिकायत करने के लिए धनबाद थाने पहुंची है।
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