टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 15.08.2025 को धुर्वा स्थित वाई. एम. सी. ए. पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान वाई एम सी ए पब्लिक स्कूल धुर्वा में 79वा स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।इस दौरान खबर मन्त्र और एबीएन के मुख्य संपादक श्री एन के मुरलीधर ने राष्ट्रीय ध्वज को फहराया । इस मौके पर स्कूली छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया। छात्रों ने अपनी गीतों, भाषण आदि प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को भाव विभोर कर दिया।
लाम*M79 वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आज प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, पलामू प्रक्षेत्र एवं पुलिस उप महानिरीक्षक, पलामू क्षेत्र का संयुक्त कार्यालय भवन परिसर में पुलिस उप महानिरीक्षक श्री नौशाद आलम ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया एवं राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मौके पर पलामू उपायुक्त समीरा एस०, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीना, प्रमंडलीय जनसंपर्क ईकाई, पलामू के उप निदेशक (क्षेत्र) संजीव कुजूर सहित बड़ी संख्या में पलामू जिला एवं प्रमंडल के प्रशासनिक पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)।प्रमंडलीय आयुक्त के आवासीय कार्यालय परिसर में आयुक्त के सचिव विजय वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया एवं राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। मौके पर अन्य पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चौपारण। 14 अगस्त 2025 को शहीद भगत सिंह उच्च विद्यालय के प्रांगण में दिशोम गुरु शिबू सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री को सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी गण तथा छात्र छात्राओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको याद किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक महादेव प्रजापति, प्रभारी प्राधानाध्यापक कृष्ण कुमार शर्मा, दीपक कुमार, खुशी यादव, किरण कुमारी, शांति कुमारी, प्रीति कुमारी, जितेंद्र कुमार पांडे, अमरजीत प्रसाद, उमेश कुमार दांगी, तुलसी साह, महेंद्र राम आदि उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चौपारण। केबीएसएस प्लस 2 उच्च विद्यालय परिसर में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री व झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक कालीचरण राम के साथ शिक्षक महेश प्रसाद वर्णवाल, नागेश्वर वर्मा, राजेन्द्र कुमार, महेश महतो, शिव कुमार, संजय कुमार राम, राजा राम रवि, राधा कृष्ण पाठक, विजय कुमार, किशन कुमार, सतेन्द्र मिश्र, अमित रंजन सिंह, विवेक कुमार, सुलेखा कुमारी, सुभाषिनी कुमारी, रेशमी कुमारी, सुषमा कुमारी, कमाल अहमद अंसारी, दीपक गुप्ता, अंकुर कुमार, जितेंद्र कुमार, निवास चन्द्र सिन्हा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। शिक्षकों ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड की अस्मिता, अधिकार और पहचान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
16 अगस्त को नेमरा में होगा दिशोम गुरु का श्राद्ध कर्म, लाखों लोगों के जुटने की संभावना; जोरों पर तैयारियां टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन का 4 अगस्त को निधन हो गया था। 16 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में उनका श्राद्ध कर्म कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। श्राद्ध कर्म कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जतायी जा रही है।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गांव के सभी संताल समाज के लोगों के साथ बैठक कर श्राद्ध कर्म के हर विधि-विधान पर चर्चा कर उसका सपरिवार निर्वहन कर रहे हैं। श्राद्ध भोज में बनने वाले भोजन के बारे में भी लोगों से परामर्श ले रहे हैं। 5 लाख लोगों के लिए श्राद्ध भोज की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। चार पंडाल में लोगों के बैठने की व्यवस्था की जायेगी। सभी पंडाल के पास ही रसोई घर बनाये गये हैं। घर की बाड़ी में विशेष अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जायेगी। शिबू सोरेन के पसंदीदा साग को भी व्यंजनों में विशेष रूप से शामिल किया गया है। वाहनों की पार्किंग के लिए लुकैयाटांड से लेकर कई स्थलों को चिह्नित किया गया है। लुकैयाटांड में तीन हेलीपैड बन कर तैयार हैं। चौथा हेलीपैड पैतृक आवास के सामने बना दिया गया है। बिजली की व्यवस्था और साफ-सफाई सभी मार्गों पर किया जा रहा है। तालाब के पास एक साथ कई लोगों के नहाने के लिये शॉवर भी लगा दिये गये हैं। वहीं, श्राद्धकर्म कार्यक्रम को लेकर झारखंड पुलिस अलर्ट मोड पर है। भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची ट्रैफिक एसपी की ओर से ट्रैफिक को लेकर जरूरी गाइडलाइन जारी की गयी है। ओरमांझी ब्लॉक चौक से सिकिदिरी होते हुए गोला (रामगढ़) जाने वाले रास्ते पर सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक सभी छोटे और बड़े मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी जबकि सिल्ली और मुरी होकर गोला (रामगढ़) जाने वाले मार्ग पर भी सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी।मालवाहक वाहनों का प्रवेश और परिचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। रांची ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस दिन इन मार्गों से यात्रा करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें जिससे श्राद्ध कर्म कार्यक्रम शांति और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
हजारीबाग में झड़प मामले में 330 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी, नई कोयला खनन परियोजना को लेकर हुआ था बवाल एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में ग्रामीणों, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के अधिकारियों और प्रशासन के बीच झड़प के सिलसिले में 250 अज्ञात व्यक्तियों सहित 335 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने यह जानकारी दी। झड़प में 12 लोग घायल हुए थे पुलिस ने बताया कि मंगलवार को एक नयी कोयला खनन परियोजना पर बैठक के दौरान असहमति के बाद हुई झड़प में कम से कम 12 लोग घायल हो गये थे। बरकागांव के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) पवन कुमार ने बताया कि प्राथमिकी क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज कुमार ने दर्ज कराई है। एसडीपीओ ने बताया कि घटना की जांच चल रही है और तदनुसार कार्रवाई की जायेगी। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक भूमि अधिग्रहण और मुआवजे जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलायी गयी थी, क्योंकि एनटीपीसी बादाम में नयी कोयला खनन परियोजना शुरू करने वाली है। ग्रामीणों के एक वर्ग ने दावा किया था कि बैठक का स्थान अंतिम समय में बदल दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बुधवार को घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति अब नियंत्रण में है।
बेटे में झलकती है पिता की परछाई, जैसे वो आज भी साथ हों जल- जंगल - जमीन से है गहरा नाता, यह केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा हैं गांव और प्रकृति से जुड़ी हैं बचपन की यादें टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज पैतृक गांव नेमरा में सादगीपूर्ण अंदाज में गांव की गलियों और पगडंडियों पर घूमते नजर आये। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांव की मिट्टी में खुशबू और हरियाली की ठंडक है। मुख्यमंत्री ने कहा- गांव का विकास ही राज्य के विकास की असली नींव है। नेमरा गांव के रास्तों पर चलते हुए, किसानों से मिलते हुए, जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर बोलते हुए — हर जगह मुख्यमंत्री में पिता की विरासत जीवित दिखाई देती है। यह रिश्ता केवल खून का नहीं, बल्कि विचारों, सिद्धांतों और सेवा के संकल्प का है। झारखंड की धरती अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, कल-कल बहती नदियों और हरे-भरे खेतों के लिए जानी जाती है। इस धरती के सच्चे बेटे और वर्तमान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को प्रकृति से गहरा लगाव है। यह लगाव केवल शब्दों में नहीं, बल्कि उनके जीवनशैली और नीतियों में साफ दिखाई देता है। गांव के प्राकृतिक वातावरण में पले-बढ़े मुख्यमंत्री आज भी अपने व्यस्त राजनीतिक जीवन में प्रकृति के साथ समय बिताना नहीं भूलते। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा में सादगीपूर्ण अंदाज में गांव की गलियों और पगडंडियों पर घूमते हुए नजर आए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। बेटे में झलकती है पिता की परछाई मुख्यमंत्री को लोग सिर्फ राज्य का मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपने पिता दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन जी की परछाई के रूप में भी देखते हैं। चाहे ग्रामीण इलाकों का दौरा हो, गरीब और वंचितों की समस्याएं सुनना हो या जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना — हर कार्य में गुरुजी की सोच और आदर्श साफ झलकते हैं।जनसेवा, सरल स्वभाव और लोगों से गहरे जुड़ाव की वही विरासत, जिसे गुरुजी ने दशकों तक निभाया, आज मुख्यमंत्री अपने कार्यों से आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व में वही सादगी, वही संघर्ष और वही अटूट समर्पण झलकता है, जिसने गुरुजी को लोगों के दिलों में अमर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन का हर कदम पिता की सीख और आशीर्वाद से प्रेरित है। गुरुजी ने सिखाया कि राजनीति का अर्थ केवल सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सेवा और अधिकारों की रक्षा है। जल, जंगल और जमीन से है गहरा जुड़ाव मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि जल, जंगल और जमीन राज्य की पहचान और अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन तीनों संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन को अपनी प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का विषय नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध झारखंड बनाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की संस्कृति, परंपरा और आजीविका जल, जंगल और जमीन से अभिन्न रूप से जुड़ी है। यही कारण है कि राज्य सरकार जल संरक्षण, वनों की रक्षा और भूमि अधिकार सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की असली पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक धरोहर है। सरकार जल संरक्षण, वन संरक्षण और भूमि अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरती हरी-भरी और जीवनदायी बनी रहे। गांव और प्रकृति से जुड़ी हैं बचपन की यादें मुख्यमंत्री का बचपन गांव की गोद में बीता, जहां सुबह की ठंडी हवा, खेतों की हरियाली और नदी की कलकल ध्वनि उनका रोज का साथी था। इसी वातावरण में पला-बढ़ा मन आज भी प्रकृति की गोद में सुकून पाता है। मुख्यमंत्री का सपना है कि झारखंड आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उतना ही हरा-भरा, स्वच्छ और जीवनदायी बना रहे जितना यह आज है। वे मानते हैं कि विकास तभी सार्थक है, जब वह पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के साथ तालमेल बिठाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि जल, जंगल और जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा हैं। ये लोकगीतों, त्योहारों और पारंपरिक रीति-रिवाजों में रचे-बसे हैं। इसलिए, इनके संरक्षण को सांस्कृतिक संरक्षण के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव का विकास राज्य के सर्वांगीण विकास की बुनियाद है और हमारी सरकार ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने जोगता क्षेत्र अंतर्गत चल रहे अवैध कोयला कारोबार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग सोशल मीडिया के माध्यम से झारखंड मुख्यमंत्री, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस, एवं अन्य पदाधिकारियों से किया है। उन्होंने लिखा है कि निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा प्रदान करें।
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