सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चैनपुर में आयोजित हुआ दो दिवसीय रक्तदान शिविर, 15 यूनिट से ज्यादा रक्त संग्रह 14 नवंबर को एलसीएमसीएच, विश्रामपुर में रक्तदान शिविर एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 12 से 28 नवंबर 2025 तक पलामू जिले में आयोजित रक्तदान शिविर की श्रंखला में आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चैनपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यहां आयोजित दो दिवसीय रक्तदान शिविर के दौरान उपायुक्त समीरा एस एवं सीएचओ सहित 15 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इस क्रम में 15 यूनिट से ज्यादा रक्त संग्रह हुए। उपायुक्त समीरा एस. आज स्वयं रक्तदान कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान जीवनदान है। यह एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे हम जरूरतमंदों की जान बचा सकते हैं। स्वस्थ नागरिक को रक्तदान करनी चाहिए। उपायुक्त की प्रेरक संदेश और सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम में विशेष उत्साह का वातावरण रहा। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने स्वस्थ व्यक्तियों से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तकोष में रक्त रहने से जरूरतमंद व्यक्तियों को खतरे से बचाया जा सकता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी चमन कुमार ने रक्तदान शिविर के मौके पर कहा कि रक्तदान सभी स्वस्थ नागरिकों को आदत में शामिल करनी चाहिए। रक्त संग्रह के उपरांत विभिन्न बीमारियों की जांच की जाती है। इसके बाद रक्तकोष में जमा रहता है। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को त्वरित रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उसे तत्काल दे पाना संभव हो पाता है। रक्तदान करने में कोई झिझक नहीं रहनी चाहिए। स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर दूसरों की जीवन बचा सकते हैं। दो दिवसीय रक्तदान शिविर में प्रभारी अंचलाधिकारी जागो महतो, मुकेश विश्वकर्मा, सहदेव सिंह, सीएचओ सोनू कुमार, अशोक कुमार, अभिषेक कुमार बंटी सहित 15 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा में अपने योगदान पर गर्व व्यक्त किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप दास सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे। रक्तदान शिविर की श्रृंखला में 14 नवंबर 2025 को एलसीएमसीएच, विश्रामपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुशल नेतृत्व और सार्थक प्रयासों से झारखंड को मिली एक और बड़ी उपलब्धि, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डीपीआईआईटी द्वारा आयोजित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान सर्वे में झारखंड को टॉप अचीवर अवार्ड उद्योग सचिव अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक विशाल सागर एवं प्रबन्ध निदेशक, जियाडा वरुण रंजन ने अवार्ड ग्रहण करने के उपरांत मुख्यमंत्री से की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने सभी को दी बधाई मुख्यमंत्री ने कहा- सभी के समन्वित प्रयासों से मिली राज्य को मिली यह बड़ी उपलब्धि, पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच, कुशल नेतृत्व और सार्थक प्रयासों से झारखंड राज्य आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय - डीपीआईआईटी द्वारा आयोजित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान सर्वे में झारखंड को टॉप अचीवर का सम्मान प्राप्त हुआ है। उद्योग सचिव अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक विशाल सागर एवं प्रबंध निदेशक, जियाडा वरुण रंजन ने यह अवार्ड प्राप्त करने के उपरांत आज झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि झारखंड को यह सम्मान बिजनेस एंट्री, कंस्ट्रक्शन परमिट, लेबर रेगुलेशन और सर्विस सेक्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला है। मुख्यमंत्री ने इस सम्मान के लिए अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि ये उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। ऐसे सम्मान से और बेहतर करने की हमें प्रेरणा मिलती है। विकास में नित्य नयी ऊंचाइयों को हासिल कर रहा हमारा झारखंड मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों का नतीजा है कि झारखंड विकास के मामले में नित्य नयी ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी। राज्य हित में हमारी सरकार लगातार योजनाएं बना रही है । इन योजनाओं को बेहतर क्रियान्वयन हो, इसमें हर अधिकारी की अहम भूमिका है। सभी के प्रयासों से हम एक नया और विकसित झारखंड बनाने में निश्चित तौर पर कामयाब होंगे। क्या है बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान अवार्ड केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय- डीपीआईआईटी के इज आफ डूइंग बिजनेस के तहत बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान का उद्देश्य प्रमुख नियामक और शासन संकेतकों पर राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना है। इसके जरिए राज्यों में प्रतिस्पर्धी और सुधार-उन्मुख कारोबारी माहौल को बढ़ावा देना है। झारखंड को यह सम्मान प्राप्त होना औद्योगिक निवेश के प्रति राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता, नीतिगत नवाचार, डिजिटल और संस्थागत दक्षता को दर्शाता है। झारखंड आज पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापार करने में सहूलियत को बढ़ावा देने वाली पहलों के माध्यम से देश के सबसे प्रगतिशील और निवेश अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।
कुडू नवाटोली में सांसद सुखदेव भगत और विधायक डॉ रामेश्वर उरांव ने पीएमएवाई व अबुआ आवास योजना के लाभुकों का कराया गृह प्रवेश मंईयां सम्मान की राशि का हो सही इस्तेमाल: सुखदेव भगत सरकार की ओर से मिले आवास की देखभाल स्वयं करें लाभुक : डॉ रामेश्वर उरांव वर्ष 2016 से अब तक 38430 लोगों को मिल चुका है आवास योजना का लाभ : डॉ ताराचंद एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सुखदेव भगत, माननीय सांसद लोहरदगा संसदीय क्षेत्र, डॉ रामेश्वर उरांव लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र और उपायुक्त डॉ ताराचंद द्वारा आज जिला के कुडू प्रखंड के कुडू पंचायत के नवाटोली गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के दो लाभुकों एवं अबुआ आवास योजना के एक लाभुक का सांकेतिक रूप से गृह प्रवेश कराया गया। इसमें अबुआ आवास योजना की लाभुक अनिता उरांव, प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक रामी उरांव व प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक मंगला उरांव शामिल हैं। जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 127, अबुआ आवास योजना के 892, पीएम जनमन के 21 और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के 05 लाभुकों का गृह प्रवेश समेत कुल 1045 लाभुकों का गृह प्रवेश कराया गया। झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर यह जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुल 323 स्थानों पर ग्राम संकल्प सभा का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम में माननीय सांसद ने कहा कि गांव में हमेशा आप एक-दूसरे के संपर्क में रहें और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर भगायें। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत एक बड़ी राशि मिल रही है जिसका इस्तेमाल आप बेहतर कार्य के लिए करें। बच्चों को पढ़ायें। अगर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं तो उसमें व्यवसाय को आगे बढ़ाने में इस राशि का इस्तेमाल करें। गांव में कोई भी खुला शौच न करें। नशा से सभी दूर रहें। सांसद ने कहा कि सरकार कई आवश्यकताएं पूरी कर रही हैं। दशकों पहले ऐसी सुविधा नहीं थी कि सरकार आवास बनाने के लिए आर्थिक सहायता दे। अब दे रही है तो इसका बेहतर इस्तेमाल करें। अपने घरों की हमेशा साफ-सफाई करें। आज आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में माननीय विधायक ने कहा कि सरकार ने आवास योजना से लाभान्वित किया है। यह मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। आपको इसे संभाल कर रखना है। हमेशा साफ-सफाई रखना है। आवश्यकता पड़े तो मरम्मती भी स्वयं करा लेना है। विधायक ने कहा कि सरकार व्यक्ति के जन्म से ही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करती है। आंगनवाड़ी केंद्र में पोषक तत्वों से भरपूर आहार मिलता है। जनवितरण प्रणाली की दुकानों से खाद्यान्न, पढ़ने के छात्रवृत्ति, छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, विद्यालय जाने के लिए साईकिल वितरण की योजना, विवाह के लिए लड़कियों को कन्यादान योजना, गर्भावस्था से प्रसव तक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, बीमारी के लिए भी कई योजनाओं से लाभान्वित किया जाता है।स्वरोजगार करने के लिए भी मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत भी ऋ़ण उपलब्ध कराया जाता है। ऐसी ही कई महत्वकांक्षी योजनाएं हैं जिसका लाभ लिया जा सकता है। तन ढंकने के लिए सरकार धोती/लुंगी-साड़ी वितरण योजना का लाभ दे रही है। महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना का लाभ, सभी वर्ग को सर्वजन पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि वर्ष 2016 से अब लोहरदगा जिला में अब तक 38430 लोगों को विभिन्न आवास योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। नये लोगों का भी सर्वे किया गया है जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। उन्हें भी लाभान्वित किया जायेगा। उपायुक्त ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं जिसमें ये सभी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इतने वर्षों में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। हम सभी को मिलकर राज्य को आगे बढ़ाना है, एक बेहतर माहौल तैयार करना है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभुक को 2500 रुपए प्रतिमाह दे रही है। इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं अपने बच्चों की पढ़ाई, व्यवसाय में करें। नशापान से ग्रामीण दूर रहें। ये रहे मौजूद आज के कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, कुडू अंचल अधिकारी संतोष उरांव, सांसद के निजी सचिव आलोक साहू, विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, जिला परिषद सदस्य गंगोत्री देवी, मुखिया सुषमा देवी, प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला समन्वयक केके गुप्ता समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें साथियों के साथ सीएम हेमंत सोरेन भी शामिल हुए तथा रक्त दान कर स्वैच्छिक रक्तदान महाअभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समस्त राज्य वासियों से अपील है कि वे बढ़-चढ़कर इस महाअभियान का हिस्सा बनें, जोहार। मुख्यमंत्री ने रक्तदान महादान का संदेश देते हुए कहा कि आपका दिया रक्त जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के काम आ सकता है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। रक्तदान अभियान के जरिए पूरा राज्य जीवनदान का केंद्र बनेगा सीएम ने कहा कि झारखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ एक नए संकल्प के साथ हमारा राज्य आगे बढ़ाने को तैयार है। अब पूरा राज्य जीवनदान का केंद्र बनेगा। इस बाबत स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा 12 से 28 नवंबर तक पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग स्थान पर विशेष रक्त दान शिविर लगाये जायेंगे, जहां लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर सकेंगे। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में रक्त की कमी को पूरा करना और हर जरूरतमंद तक सुरक्षित रक्त पहुंचाना है। अस्पताल में रक्त की कमी से किसी की जिंदगी की सांसे थमे नहीं, इसे सुनिश्चित करना हम सभी का परम उत्तरदायित्व है। ऐसे में हम सभी मिलकर झारखंड को जीवनदायिनी राज्य बनाने का संकल्प लें।
लातेहार में पांच लाख रुपये के इनामी माओवादी ने किया सरेंडर, एसपी ने दी जानकारी एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। जिले में बुधवार को दो माओवादी एक उपक्षेत्रीय कमांडर जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था, और झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का एक क्षेत्रीय कमांडर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी। दोनों की पहचान गुमला जिले के उपक्षेत्रीय कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश जी और लातेहार जिले के क्षेत्रीय कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित लोहरा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने बताया कि जेजेएमपी के दो सक्रिय माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है। ब्रजेश यादव पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। वह उपक्षेत्रीय कमांडर के रूप में काम कर रहा था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि लातेहार के हेरहंज क्षेत्र के अवधेश लोहरा ने भी आत्मसमर्पण किया है। उस पर कुल पांच मामले दर्ज हैं। एसपी गौरव ने कहा कि दोनों ने राज्य सरकार की पहल ह्यनई दिशाह्ण नीति के तहत हमारे सामने आत्मसमर्पण किया है। इस नीति के अंतर्गत मिलने वाले सभी लाभ इनके परिवारों को प्रदान किए जा रहे हैं। इस बीच, पलामू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि यह लातेहार पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है कि दो उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
राज्य ही नहीं, देशभर में प्रसिद्ध है झारखंड का जामताड़ा टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रदेश का एक जिला, जिसका नाम लगभग हर केस में सामने आता है। कई राज्यों की पुलिस यहां आकर कार्रवाई भी कर चुकी है। आलम ऐसा है कि इस जिले के नाम पर ओटीटी पर एक वेब सीरीज भी बनायी गयी है। जिसमें यहां से जुड़े साइबर क्राइम के कई तथ्यों को नाटकीय तरीके से दर्शाया गया है। हालांकि साइबर क्राइम के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है न सिर्फ जामताड़ा बल्कि झारखंड के हर जिले में इसको लेकर प्रशासन सख्त है। राज्य में पिछले 6 वर्षों के दौरान 5146 साइबर अपराधी पकड़े गये। पुलिसिया शिकंजे का आलम यह है कि कई जिलों की जेलों में कैदियों की संख्या में सबसे ज्यादा साइबर अपराधी हैं। इसके बावजूद आए दिन किसी न किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में बताया है कि रिकार्ड के अनुसार झारखंड में साइबर अपराध का ग्राफ बढ़ा है यह नहीं कह सकते हैं। साइबर अपराधी बढ़े हैं, यह भी अभी सटीक नहीं कहा जा सकता है। लेकिन यह तय है कि हम कार्रवाई बहुत सटीक कर रहे है। झारखंड के बाहर से हो रही साइबर ठगी के आकड़ों को झारखंड से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है। डीजीपी के अनुसार साइबर अपराध का आंकड़ा हम डायल 1930 पर आयी शिकायतों पर करते हैं। इसमें झारखंड से बाहर के मामले भी रिपोर्ट होते हैं। प्रतिबिंब ऐप देशभर के लिए बेहतर साबित हो रहा झारखंड सीआईडी के द्वारा बनाये गये प्रतिबिंब ऐप के जरिए देश भर में 2000 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गयी है। इस ऐप से साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे मोबाइल नंबर की मैपिंग की जाती है। मैपिंग के आधार पर उनके मोबाइल सिम और उससे जुड़े बैंक खाते को फ्रिज करवाया जाता है। झारखंड सीआईडी ने साइबर अपराधियों के द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड का डाटा बेस तैयार कर प्रतिबिंब ऐप पर फीड करती है। साथ ही ठगी के लिए जिन इलाकों का इस्तेमाल सर्वाधिक हो रहा है, उसकी मैपिंग भी की जा रही है। जिसे सीआईडी के प्रतिबिंब पोर्टल पर रजिस्टर किया जाता है। सिम कार्ड और ठगी के लिए जहां से फोन किए जा रहे हैं, उन इलाकों की भी मैपिंग की जा रही है। प्रतिबिंब में उन सारे नंबर्स को दर्ज किया जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में देशभर में कहीं भी किया जा रहा है। साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे इन नंबर्स को राज्य के संबंधित जिले के एसपी को भेजा जाता ताकि उन नंबर्स को ब्लॉक कराया जा सके। ऐसे मामलों में पुलिस एफआईआर होने का इंतजार नहीं करती, इसमें सीधे मिली सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। प्रतिदिन में हर दिन 4 से 5 हजार कंप्लेंट आते हैं। प्रतिबिंब ऐप साइबर अपराध को लेकर एक बड़ा गेम चेंजर बना है। इसके जरिए झारखंड से अलग दूसरे राज्यों में भी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। क्या है गिरफ्तारी के आंकड़े झारखंड देशभर में साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे ज्यादा कार्रवाई करने वाला राज्य है। सीआईडी से मिले आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में वर्ष 2019 से लेकर दिसंबर 2024 तक कुल 5146 साइबर अपराधी गिरफ्तार किये गये। साल 2024 में कुल 1003 साइबर अपराधी गिरफ्तार किये गये। साल 2019 में 537, 2020 में 1022, 2021 में 1188, 2022 में 526, 2023 में 870 और साल 2024 में 1003 साइबर अपराधी गिरफ्तार किये गये। छह साल में कितने कांड दर्ज इस लिस्ट में राजधानी रांची टॉप पर है। जहां साइबर ठगी के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। साल 2019 से साइबर अपराध के आंकड़ों पर गौर करें तो 2019 में राजधानी में 481 मामले रिपोर्ट हुए, 2020 में ये मामले घट कर 286 हो गये, 2021 में 257, 2022 में 257 और साल 2023 में 234 और साल 2024 में 185 मामले दर्ज किये गये। इसके अलावा कुल आंकड़ों को साल के हिसाब से देखें तो 2019 में 1385 केस, 2020 में 1240, 2021 में 1050, 2022 में 901, 2023 में 893 और साल 2024 में 714 साइबर अपराध के केस दर्ज किये गये हैं। बाकी जिलों की स्थिति साइबर अपराधी के लिए सुर्खियों में रहे धनबाद में 2019 से लेकर 2024 तक कुल 616 मामले रिपोर्ट हुए हैं। वहीं देवघर में 491, जामताड़ा में 438, जमशेदपुर में 485, हजारीबाग में 435, गिरिडीह में 389, रामगढ़ में 283, पलामू में 279, लातेहार में 264, सरायकेला में 230, बोकारो में 200, दुमका में 201, गोड्डा में 199, चतरा में 194, गढ़वा में 140, चाईबासा में 150, गुमला में 106, पाकुड़ में 95, साहिबगंज में 97, कोडरमा में 98, लोहरदगा में 85, खूंटी में 76 और सिमडेगा में 60 मामले रिपोर्ट हुए हैं। साइबर क्राइम के लिए सबसे ज्यादा बदनाम हैं ये जिले झारखंड के चार जिले जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह और देवघर साइबर अपराध के लिए देशभर में बदनाम हैं। लेकिन आज के दौर में भी सबसे खतरनाक जामताड़ा ही है, उसके बाद देवघर और गिरिडीह है। सीआईडी के साइबर क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार आज भी साइबर अपराध के देश के सबसे पुराना मॉड्यूल जामताड़ा ही सबसे ज्यादा एक्टिव है और ये काफी खतरनाक भी है। साइबर अपराधियों ने जामताड़ा मॉड्यूल का विस्तार कर दिया है। जिसकी वजह से रिकार्ड में जामताड़ा नहीं आता है। लेकिन क्राइम वहीं से हो रहा या फिर जामताड़ा के साइबर अपराधी दूसरे राज्यों में जाकर क्राइम कर रहे हैं। ऐसी बातें भी कई मामलों की जांच के दौरान सामने आयी हैं। जामताड़ा मॉड्यूल का विस्तार पिछले दो वर्ष के दौरान सीआईडी के साइबर क्राइम ब्रांच के जांच में साइबर अपराधियों का विदेशी कनेक्शन सामने आ रहा है। दरअसल, विदेशी कनेक्शन को साइबर अपराध की दुनिया में लाने का श्रेय भी जामताड़ा मॉड्यूल को ही जाता है। साइबर अपराध को लेकर जब झारखंड का जामताड़ा जिला बदनाम हुआ और देशभर की पुलिस जामताड़ा में छापेमारी कर साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने लगी। इसके बाद जामताड़ा मॉड्यूल को हाईटेक करते हुए उसका कनेक्शन विदेश से कर दिया गया। पहले जो ठगी के पैसे देश के अंदर फर्जी डॉक्यूमेंट पर खोले गये बैंक खाते में जाते थे अब वही पैसा विदेशी अकाउंट में जाने लगा। आज के दौर में भी जामताड़ा, देवघर और गिरिडीह माड्यूल साइबर अपराध के लिए बदनाम है। झारखंड पुलिस पूरे देश में साईबर क्राईम को कंट्रोल करने की दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए चर्चा में रही है। वर्तमान डीजीपी को इस मामले में महारत हासिल है।
कैबिनेट का फैसला: विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से, देशी मांगुर राजकीय मछली घोषित टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर से शुरू होगा। जो 11 दिसंबर तक चलेगा। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। वहीं देशी मांगुर को राजकीय मछली का दर्जा देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, आदित्यपुर/ रांची। सरायकेला जिले के आदित्यपुर में बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। सुबह आज करीब 9:45 बजे शर्मा बस्ती की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी यार्ड में अचानक नियंत्रण खो बैठी और यार्ड की दीवार तोड़ते हुए दूसरी खड़ी मालगाड़ी से जा टकरायी।टक्कर के कारण दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गये और यार्ड की दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी। घटना के समय यार्ड में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरातफरी मच गयी, लेकिन सभी समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गये, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टकराने वाली मालगाड़ी बिना इंजन के पटरियों पर दौड़ रही थी, जिससे यह आशंका जतायी जा रही है कि ब्रेक फेल या तकनीकी खराबी की वजह से यह हादसा हुआ। रेल प्रशासन को सूचना मिलने के बाद तुरंत वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। रेलवे प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो यह पता लगायेगी कि बिना इंजन के मालगाड़ी कैसे चल पायी और इस हादसे के पीछे मूल कारण क्या है? राहत की बात यह है कि हादसे में जान माल की कोई क्षति नहीं हुई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल खोने वाली मालगाड़ी के डिब्बों को हटाकर जल्द से जल्द रेल परिचालन बहाल करने का काम जारी है।
झारखंड के हजारीबाग में वसूली के आरोप में छह बदमाश गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने कथित तौर पर जबरन वसूली में शामिल 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छह बदमाशों ने 30 अक्टूबर को गुलाम रबानी नामक एक व्यक्ति से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अधिकारी ने बताया कि रबानी के मोबाइल पर वसूली की मांग करते हुए एक फोन आया था। बरही के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अजीत कुमार विमल ने कहा कि हमने रबानी से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने में शामिल छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों ने छह नवंबर को रबानी के घर में खड़ी गाड़ी पर भी गोलीबारी की थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बरकट्ठा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किये गये छह लोगों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक मोटरसाइकिल, आठ कारतूस और छह मोबाइल फोन जब्त किये हैं। गिरफ्तार बदमाशों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि इसी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल टाटीझरिया में एक अन्य व्यक्ति से रंगदारी मांगने के लिए किया गया था, जिसके लिए टाटीझरिया थाने में मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार लोग हजारीबाग जिले के रहने वाले हैं।
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