टीम एबीएन, रांची। हर वर्ष की तरह आज फिर बाल दिवस के अवसर पर झारखंड के मेरे नौनिहालों और युवा साथियों से मुलाकात हुई। यूनिसेफ के सदस्यों के साथ आज बच्चों से मुलाकात हुई। आप सभी की प्रतिभा और जोश, बेहद ऊर्जा देने वाला है। बच्चों और युवा साथियों ने जब बताया कि उन्हें सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस, सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री सारथी योजना, कन्यादान एवं विभिन्न स्कॉलरशिप आदि से लाभ मिला है, तो सुनकर प्रसन्नता हुई। साथ ही खुशी है कि यूनिसेफ बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए काम कर रहा है। आप सभी बच्चों और युवा साथियों को भविष्य के लिए बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं और जोहार।आप और आपका परिवार सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से मजबूत हों, यही मेरा संकल्प है। झारखंड के मेरे नौनिहाल और युवा साथी आगे बढ़ते रहें, आपका हेमंत भैया आपके साथ है।
राज्य के 11 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी टीम एबीएन, रांची। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के रांची समेत 11 जिलों के लिए 17 नवंबर तक शीतलहर की चेतावनी जारी की। आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, रांची और हजारीबाग के लिए 14 नवंबर सुबह 8:30 बजे से 17 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक येलो अलर्ट जारी किया। आईएमडी के रांची स्थित कार्यालय के उप-निदेशक और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि इन 11 जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी भागों के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खूंटी में तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और इसके साथ ही राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं डाल्टनगंज में 9.3 डिग्री सेल्सियस और रांची में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, लोहरदगा में 9.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दृश्यता प्रभावित होगी। आईएमडी ने साथ ही लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।
झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर रेवारातू व जोटांग में हुए कार्यक्रम, जलाशय के किनारे पौधरोपण टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य के गौरवपूर्ण 25वें स्थापना दिवस समारोह के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड राज्य जलछाजन मिशन एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा रेवारातू गांव स्थित तालाब के किनारे पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी ने आम, अमरूद, संतरा, कटहल आदि फलदार पौधे लगाये। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को पौधरोपण करने के बाद पौधों की नियमित सुरक्षा सुनिश्चित करने की शपथ दिलायी गयी। कार्यक्रम में डीडीसी जावेद हुसैन ने कहा कि झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है और इस अवसर पर जिलेभर में कई जनहितकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जलछाजन योजनाएं ग्रामीण झारखंड की भूमि, आजीविका और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं तथा एक समृद्ध और टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर रही है। कार्यक्रम में स्टेट नोडल आफिसर अरूण कुमार बोस ने भी जलछाजन के तालाबों के किनारे पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी भूमि संरक्षण पदाधिकारी श्याम बिंद ने बताया कि जिले के जलछाजन से निर्मित तालाबों/ जलस्रोतों के किनारे नियमित रूप से पौधरोपण किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय सृजन के अवसर बढ़ेंगे और मिट्टी कटाव में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के दिशा में कार्य किया जा रहा है। मौके पर स्थानीय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक रंगोली बनाकर पौधरोपण एवं जल संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आये प्रतिभागियों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उनका उत्साहवर्धन किया गया। मौके पर सतबरवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय स्कूली विद्यार्थी, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इधर, वन विभाग की ओर से पांकी के जोटांग गांव में भी कार्यक्रम आयोजित की गयी।
टीम एबीएन, रांची। आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आदिवासी समाज स्वयं देश की मुख्यधारा है। देश की आजादी की लड़ाई हो, समाज निर्माण का प्रश्न हो या जनजागरण का आंदोलन हर दौर में आदिवासी समाज ने देश को दिशा दी है। उक्त विचार झारखंड राज्य जनजातीय आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने व्यक्त किये। वे आज विश्व संवाद केंद्र, रांची और प्रभात प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रही थीं। कार्यक्रम प्रभात प्रकाशन के कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। सुश्री लकड़ा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज और देश के जागरण के लिए अविस्मरणीय कार्य किये। आज भारत ही नहीं, विदेशों में भी उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर कालखंड में जनजातीय समाज में वीर और वीरांगनाओं ने समाज का नेतृत्व किया चाहे वीर बुद्ध हों, तेलंगा खड़िया, या फूलो-झानो जैसी वीरांगनाएं। जब हम भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हैं, तब डोम्बारी बुरू के बलिदान को भी नहीं भूल सकते। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने की नहीं, बल्कि उनके साथ चलने की आवश्यकता है। भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 24 वर्ष की आयु में समाज और देश को जागृत किया हिंदुत्व को सुरक्षित रखा- यह अपने आप में अद्भुत उदाहरण है। जैसे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान किया, वैसे ही आज हमें सामाजिक अवरोधों के विरुद्ध अपने भीतर के बिरसा को जागृत करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष रामावतार नारसरिया ने कहा कि इतिहास में जनजातीय आंदोलनों को अपेक्षित स्थान नहीं दिया गया। जनजातीय समाज ने अंग्रेजों के खिलाफ जो संगठित आंदोलन चलाया, वह भारत के स्वतंत्रता इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। दुर्भाग्यवश, अंग्रेजों की नीतियों ने इन आंदोलनों को विभाजित कर दिया। मंच संचालन कर रहे चिंतक एवं लेखक डा. मयंक मुरारी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं किया, बल्कि सामाजिक और धार्मिक जागरण का भी अभियान चलाया। 24 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने जो कार्य किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रभात प्रकाशन, झारखंड के हेड राजेश कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन स्निग्ध रंजन ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डा. अंजनी कुमार श्रीवास्तव (पूर्व कुलपति), विजय कुमार- प्रांत सह प्रचार प्रमुख, विजय कुमार सिंह, राजेंद्र मिश्र, संजय जैन, सुषमा कुमारी, पिंकी खोया, शिवेंदु सागर, शंकर सिंह, महानगर कार्यवाह दीपक पांडेय, देवेश अजमानी, अवनिंद्र कुमार, असीत कुमार सहित समाज के अनेक सज्जन शक्ति उपस्थित रहे।
राज्य के 52,794 विद्यार्थियों ने प्रखंड स्तर पर आयोजित क्विज, निबंध समेत कई प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया टीम एबीएन, रांची। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा राज्य के सरकारी एवं आवासीय विद्यालयों में जारी झारखंड राज्य की 25वीं रजत जयंती वर्ष विरासत, प्रगति और आकांक्षाओं के उत्सव के आज तीसरे दिन राज्य के 52,794 विद्यार्थियों ने प्रखंड स्तर पर आयोजित क्विज, निबंध, नृत्य, संगीत, ड्रामा, कहानी लेखन एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राज्य के सभी सरकारी एवं आवासीय विद्यालयों में विशेष प्रात:कालीन सभाओ का आयोजन किया गया। इनमे राज्य के 30.8 लाख विद्यार्थी शामिल हुए और राज्य के महापुरुषों एवं आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। विशेष प्रात:कालीन सभाओं में स्कूली बच्चों को राज्य के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध कला संस्कृति और जनजातीय गौरव के बारे में अवगत कराया गया। प्रखंड स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को जिलास्तर पर अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
रांची में 15-16 को ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव, इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस (15 नवंबर) के अवसर पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम को देखते हुए, रांची पुलिस ने 15 और 16 नवंबर को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये हैं। गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, इन दो दिनों में कई मार्गों पर बड़े और छोटे वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन पर पूरी तरह से रोक रहेगी, जिससे आम जनता को पहले से ही योजना बनाने की सलाह दी गयी है। इन मुख्य मार्गों पर सभी वाहनों का प्रवेश एवं परिचालन रहेगा वर्जित 15 और 16 नवंबर को दिन के 11 बजे से रात के 8 बजे तक निम्नलिखित मुख्य मार्गों पर आकस्मिक वाहनों और कार्यक्रम में भाग लेने वाले वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश एवं परिचालन पूर्ण रूप से बंद रहेगा। बूटी मोड़ चौक से रिम्स चौक रिम्स चौक से करमटोली चौक करमटोली चौक से एसएसपी आवास चौक से रणधीर वर्मा चौक जेल चौक से करमटोली चौक करमटोली चौक से टीआरआई मोड़ तक इन चौराहों के बीच आटो और ई-रिक्शा का प्रवेश बंद रहेगा अरगोड़ा चौक सहजानंद चौक न्यू मार्केट चौक हॉटलिप्स चौक राम मंदिर (कांके रोड) चांदनी चौक (कांके) यात्रियों से रांची पुलिस ने की अपील रांची पुलिस ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए इन दो दिनों में यातायात प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनायें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
राज्य स्थापना दिवस पर जिला मुख्यालयों में होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रभारी मंत्री घोषित टीम एबीएन, रांची। राज्य स्थापना दिवस (15 नवंबर) के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रभारी मंत्री घोषित कर दिये गये हैं। इसका आदेश मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, मंत्री दीपक बिरूवा को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), मंत्री चमरा लिंडा को गुमला, मंत्री इरफान अंसारी को जामताड़ा, मंत्री हफीजूल हसन को देवघर, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को गोड्डा मंत्री योगेन्द्र प्रसाद को बोकारो मंत्री सुदिव्य कुमार को गिरिडीह और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को लोहरदगा का प्रभारी मंत्री घोषित किया गया है।
कल घाटशिला उपचुनाव का रिजल्ट, 13 प्रत्याशियों के किस्मत का होगा फैसला टीम एबीएन, घाटशिला/ रांची। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव मंगलवार को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के साथ संपन्न हुआ। शाम 5 बजे तक कुल 74.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब लोगों का कल का इंतजार है क्योंकि कल सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और यह साफ हो जायेगा कि सीट किसके नाम जायेगी। 15 टेबल पर 20 राउंड में मतगणना की जायेगी सूत्रों के मुताबिक को-आपरेटिव कॉलेज में कुल 15 टेबल पर 20 राउंड में मतगणना की जायेगी। सर्विस वोट सुबह 8 बजे से पहले आने वाले मतों में शामिल किये जायेंगे। इसके चलते मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गयी है। प्रवेश केवल अधिकृत पासधारी व्यक्तियों को ही मिलेगा और संपूर्ण प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया निर्वाचन की विश्वसनीयता का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। प्रत्येक कर्मी को आयोग के निर्देशों का हूबहू पालन करना होगा। निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही नहीं हो। बता दें कि घाटशिला विधानसभा सीट पर कुल 73.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत से अधिक है। इस उपचुनाव में कुल 2,55,823 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें महिलाओं की संख्या 1,30,921 और पुरुष मतदाता 1,24,899 रही। यानी इस बार महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान कर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। इस उपचुनाव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि घाटशिला की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है। मतगणना 14 नवंबर को होगी। झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। वैसे तो 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) की बैठक आज हरमू स्थित आजसू केंद्रीय कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने की। बैठक में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2024 से लंबित छात्रवृत्ति राशि के शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर छात्र संघ अब भिक्षा आंदोलन शिक्षा के लिए भिक्षा नामक राज्यव्यापी जनजागरण अभियान प्रारंभ करेगा।इस अभियान के तहत आगामी दिनों में झारखंड के सभी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों के साथ जनसंपर्क अभियान चलाया जायेगा। आंदोलन के क्रम में छात्र संघ के कार्यकर्ता और छात्र समुदाय प्रतीकात्मक रूप से कटोरा लेकर सड़कों पर उतरेंगे और सरकार से यह प्रश्न करेंगे कि जब छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को भिक्षा मांगनी पड़े, तो विकास और शिक्षा के दावे का क्या अर्थ रह जाता है?आजसू छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र ही छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं की, तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से तेज किया जाएगा और इसका अंतिम चरण मुख्यमंत्री के समक्ष भिक्षा आंदोलन के रूप में प्रदर्शित किया जायेगा, जिसमें प्रदेश भर के छात्र एकजुट होकर शिक्षा के अधिकार की मांग करेंगे।इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा की शिक्षा हमारा अधिकार है, भीख नहीं। अगर झारखंड सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रही, तो हम कटोरा लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाती, तब आंदोलन ही आखिरी रास्ता बचता है। आजसू छात्रों की इस न्यायपूर्ण लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।वहीं आजसू छात्र संघ के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने कहा कि भिक्षा आंदोलन छात्रों की मजबूरी नहीं, बल्कि सरकार की असंवेदनशीलता के खिलाफ आवाज है। जब सरकार बहाने बनाती है, तब छात्र सड़कों पर उतर कर सच्चाई दिखाते हैं। यह आंदोलन सरकार को छात्रों की पीड़ा का आईना दिखायेगा।बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, जमाल गद्दी, प्रताप सिंह, रवि रोशन, प्रशांत महतो, शिवम सिंह, राज मजूमदार, योगेश, आरंभ गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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