टीम एबीएन, रांची। सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को समाजहित में काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि जनजातीय समाज की संस्कृति, विरासत और परंपराओं का संरक्षक भी है। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाना और स्थानीय समस्याओं पर आधारित शोध को प्रोत्साहित करना विश्वविद्यालयों का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और सामाजिक चुनौतियों के समाधान खोजने में अग्रणी बनें। राज्यपाल ने सिदो और कान्हु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संथाल विद्रोह हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है, जिसने साहस, आत्मसम्मान और संगठन की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों को इन वीरों से सतत प्रेरणा लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बड़े उत्तरदायित्व की शुरुआत है। यह उपाधि विद्यार्थियों के परिश्रम, अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया।
झारखंड के रामगढ़ में हाथियों ने मचायी तबाही, 45 वर्षीय महिला को कुचल कर उतारा मौत के घाट एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले के जगेश्वर ओपी क्षेत्र अंतर्गत खरकंडा गांव में रविवार देर रात हाथियों के एक बड़े झुंड ने भारी उत्पात मचा दिया। करीब आधी रात को अचानक गांव में घुसे इस झुंड ने न केवल कई घरों को तहस-नहस किया, बल्कि 45 वर्षीय सांझो देवी की कुचलकर हत्या भी कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोकारो सीमा से लगे इस गांव में देर रात हाथियों के झुंड के प्रवेश की भनक लगते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गयी। अपनी सुरक्षा के लिए अधिकांश ग्रामीण घरों की छतों पर चढ़कर छिप गये, लेकिन सांझो देवी समय पर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सकीं और हाथियों के हमले का शिकार हो गयी। हाथियों ने कई कच्चे और पक्के मकानों को तोड़ दिया तथा घरों में रखे धान सहित अन्य खाद्यान्न भी खा लिये। ग्रामीणों का कहना है कि झुंड करीब दो घंटे तक गांव में डेरा जमाए रहा, जिसके चलते भारी नुकसान हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम देर रात गांव पहुंची, लेकिन तब तक हाथी काफी तबाही मचा चुके थे। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुबह तक झुंड को गांव से बाहर खदेड़ने की कोशिशें जारी रखीं। अधिकारियों के अनुसार झुंड अभी भी गांव के आसपास ही मौजूद है, जिससे सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। सोमवार सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने लालपनिया रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के लिए स्थायी सहायता और क्षतिग्रस्त घरों की भरपाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय पर कार्रवाई न करने और गांव में हाथियों की बढ़ती आवाजाही पर रोक नहीं लगाने का आरोप भी लगाया है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को राहत देने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
हेमंत सोरेन का नाम लेकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को किया फोन, बोला- अपनी पत्नी से बात कराओ टीम एबीएन, रांची। झारखंड के रांची से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को फोन कर परेशान किया। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गयी है। अपनी पत्नी से बात करायें जानकारी के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को कॉल कर कहा कि अपनी पत्नी से बात करायें। उस व्यक्ति ने खुद को झारखंड का मुख्यमंत्री बताते हुए कॉल किया था। कॉल का आडियो रिकॉर्ड एक पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसमें बातचीत स्पष्ट सुनाई दे रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले की पहचान के लिए ट्रैकिंग की जा रही है। यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है शिकायत के अनुसार 15 नवंबर की रात 9:50 बजे एक व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को फोन कर न केवल परेशान किया, बल्कि उनकी पत्नी से बात कराने की भी जिद की।एफआईआर में कहा गया है कि यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है, जो गंभीर और निंदनीय है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गयी है।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 17/11/2025 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लंबित छात्रवृत्ति की अभिलंब मांग किया गया। आजसू ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से को अवगत करवाते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की वर्ष 2024-25 सत्र की छात्रवृत्ति राशि अब तक लंबित है। इस कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षा जारी रखने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। आजसू छात्र संघ, विद्यार्थियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए, आपसे विनम्र अनुरोध करता है कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लंबित छात्रवृत्ति राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही, भविष्य में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुगम बनाने हेतु ठोस कदम उठाये जायें। मुख्यमंत्री से शीघ्र एवं सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा आजसू करती है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, रवि रोशन, राज, शिवम, बिट्टू, राज दुबे इत्यादि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी आजसू छात्र संघ के अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनाँक 16 नवम्बर को बीआईटी क्रिकेट लीग पोलटेक्निक मैदान मेसरा में दो मैच खेले गये। पहला मुकाबला डिवाइन स्ट्राइकर और अवेंजर वारियर्स के बीच खेला गया डिवाइन स्ट्राइकर्स के कप्तान श्रीधर पटनायक और शुभम ने पारी की शुरुआत करते हुए शानदार 96 रन की पारी खेली श्रीधर ने बेहतरीन 45 रन बनाए डिवाइन की टीम ने 160 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया।जवाबी पारी खेलने उतरी अव्रेजर वारीरियर्स लक्ष्य को पूरा करने में असमर्थ दिखे पूरी टीम 102 रन बनाकर आउट हो गई डिवाइन की टीम ने यह मैच 59 रन से जीत लिया। डिवाइन के कप्तान डॉ श्रीधर को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया। दूसरा मुकाबला विक्ट्री टाइटन्स और यंग ग्लेडिएटर्स के बीच खेला गया।विक्ट्री टाइटन्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 97 रनों का आसान लक्ष्य यंग ग्लेडिएटर्स के प्रारंभिक जोड़ी बादल और रामकिशोर ने धुँवाधार बल्लेबाज़ी करते हुए आसानी से मुकाबला जीत लिया। यंग ग्लेडिएटर्स के रामकिशोर को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय ने पुरस्कृत किया।
*=======*एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज स्थानीय सूचना भवन सभागार में बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रमंडलीय सूचना एवं जनसंपर्क इकाई तथा सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, पलामू के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों ने कहा कि डिजिटल युग में भ्रामक सूचनाएँ और फेक न्यूज़ तेजी से फैल रही हैं, ऐसे समय में प्रेस की जिम्मेदारी और भी बढ़ गयी है।तथ्य-जांच, विश्वसनीय स्रोत, नैतिक पत्रकारिता और संपादकीय अनुशासन ही प्रेस की विश्वसनीयता को बनाए रख सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकारों ने यह भी बताया कि मीडिया का मूल उद्देश्य जनता को सत्य, सटीक और संतुलित जानकारी उपलब्ध कराना है।वक्ताओं ने चर्चा के दौरान पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, तकनीकी चुनौतियों, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव तथा विश्वसनीय सूचना तंत्र को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्रमंडलीय जनसंपर्क कार्यालय के उपनिदेशक संजीव कुजूर ने सभी का स्वागत करते हुए विषय प्रवेश कराया। उन्होंने भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए सत्यपरक जानकारियां प्रस्तुत करने की बातें कही, ताकि समाज को गति मिले।पत्रकार प्रभात मिश्रा सुमन ने कहा कि हमसभी भ्रामक सूचनाओं के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरणपूर्वक बताया कि हमसभी कैसे भ्रामक सूचनाओं के आगोश में आ रहे हैं और इससे बचाव के क्या तरीके हैं। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता का संरक्षण पत्रकारों को खुद करना होगा। उन्होंने अप्पा दीपो भव: की बात कहते हुए खुद दीपक बनने की सलाह दी। उन्होंने काकोरी एक्शन के नायक शहीद अशफाकउल्ला खॉं के पलामू में रहने की जानकारी सहित संविधान सभा में पलामू व झारखंड के सपूतों के बारे में बृहद जानकारी देते हुए कहा कि तथ्य की प्रमाणिकता रहने से सूचनाएं भ्रामक नहीं होगी। उन्होंने सभी से प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन करने के बाद ही प्रचारित व प्रसारित करने की सलाह दी।राष्ट्रीय नवीन मेल के स्थानीय संपादक सह वरिष्ठ पत्रकार राणा अरुण सिंह ने कहा कि आज का विषय, बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण, हमारे लिए गहन आत्ममंथन का अवसर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया का समाज और देश-दुनिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। यह एक ऐसा युग है जहां हर व्यक्ति सूचना का संप्रेषक बन गया है। भविष्य में यह प्रभाव वरदान बनेगा या अभिशाप, यह समय ही बताएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता बनाए रखना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। सूचना के प्रसार में सत्यापन की जिम्मेदारी हर व्यक्ति पर है। केवल स्रोत की जांच और तथ्य की पुष्टि करने के बाद ही सूचना का प्रकाशन या प्रसारण किया जाना चाहिए। क्योंकि सूचना का प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है, इसलिए इसके माध्यम से समाज में विकृतियों और भ्रम की संभावना कम करने का प्रयास होना चाहिए।उन्होंने समाज को सशक्त बनाने के लिए सही और सटीक जानकारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्रोतों को जागरूक करना आवश्यक है। भ्रमित और भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम ही समाज में सामंजस्य और विकास की नींव रखती है। उनका संदेश था कि सही सूचना के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है और हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाकर इसे सुनिश्चित कर सकता है।हिन्दुस्तान के पलामू ब्यूरो प्रमुख सतीश चंद्र मिश्र सुमन ने प्रेस दिवस पर आयोजित बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण विषय पर अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि समाज को बनाने के लिए सूचनाओं की सत्यता की जांच कर उसमें मूल्यवृद्धि कर जनता के बीच प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को पत्रकारीय गुण को जगाते हुए सही जानकारी का संप्रेषण करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि संप्रेषण के तीन मुख्य स्तंभों में दो यथा मिडिया और रिसिवर पूर्व की तुलना में वर्तमान में क्रमश: अध्यधिक तेज और अधिक जागरूक हो गया है। इस कारण तीसरे स्तंभ मेसेज में मिलावट आम लोग भी पकड़ ले रहे हैं। इस लिए विश्वास का संकट गहराता जा रहा है। इससे बचाव सभी स्तर पर जरूरी है तभी प्रेस की विश्वसनीयता और मर्यादा दोनों संरक्षित हो पाएगी।द इमर्जिंग वर्ल्ड के पॉलिटिकल एडिटर संजय पांडेय ने कहा कि आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना प्रवाह काफी बढ़ा है। आज लोगों को /डिजिटल साक्षरता अपनानी ही पड़ेगी। ऐसे में सभी को डिजिटल अवेयरनेस की जरूरत है। पत्रकारिता में खबरों का संग्रह कर रहे पत्रकार को तथ्य जांच की अनिवार्यता को समझना है। उन्होंने कहा कि सत्य केवल खबर नहीं बल्कि विश्वास है। फेसबुक, व्हाट्सएप सहित अन्य माध्यमों द्वारा सूचना प्राप्त हो रही है। सूचनाओं को पढ़ने के साथ ही फेक सूचना की सत्यता की जांच करने की जरूरत है। तथ्य जांच के उपरांत ही प्रकाशित एवं प्रसारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने पत्रकारों को स्वयं को अपडेट रहने की सलाह दी। साथ ही मीडिया एथिक्स एवं प्रेस लॉ की जानकारी की अनिवार्यता पर बल दिया। वहीं जमीनी स्तर पर पहुंचकर खबरों को बनाने की सलाह दी।दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार तौहीद रब्बानी ने कहा कि परिचर्चा की सार्थकता को हमसभी प्रेस मीडिया को आत्मसात करने और व्यवहारिक जीवन में उतारते हुए भ्रामक सूचनाओं को संप्रेषण से बचने की जरूरत है। उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग करने, प्राप्त सूचनाओं के तथ्यों की पुष्टि करते हुए पाठक/दर्शक के समक्ष सत्य समाचार प्रेसित करने पर बल दिया। पत्रकार संजय सिंह उमेश एवं प्रेम प्रकाश ने भी परिचर्चा को संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन प्रेस छायाकार सैकत चट्टोपाध्याय एवं धन्यवाद ज्ञापन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एपीआरओ अजीत कुमार तिवारी ने की। मौके पर प्रमंडलीय जनसंपर्क इकाई के एपीआरओ बिजय कुमार ठाकुर, एसएमपीओ अमनदीप कुजूर सहित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभी कर्मी एवं बड़ी संख्या में सभी प्रेस, मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत में प्रतिवर्ष 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल प्रेस की स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि लोकतंत्र में मीडिया की निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित करता है। 16 नवंबर 1966 को प्रेस परिषद् अधिनियम के तहत प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) की स्थापना हुई थी। इसीलिए यह तिथि भारतीय प्रेस की आत्मगौरव, स्वतंत्रता और संयम की याद दिलाती है। प्रेस परिषद् का मुख्य दायित्व देश में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना और पत्रकारिता की उच्च मर्यादाओं को बनाए रखना है।आज के प्रतिस्पर्धी और तकनीकी युग में जब समाचार केवल कागज़ तक सीमित नहीं रहा,बल्कि डिजिटल मीडिया, सोशल प्लेटफ़ॉर्म और प्रसारण के असीमित माध्यमों में फैल चुका है, तब प्रेस दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है। सत्य, निष्पक्षता और नैतिक पत्रकारिता की कसौटी पर खरा उतरना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण है। ऐसे समय में यह दिन हमें स्मरण कराता है कि समाचार का उद्देश्य समाज को जागरूक करना, जनमत का निर्माण करना और सत्ता के प्रत्येक केंद्र पर प्रश्न उठाना है।प्रेस केवल समाचार देता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता है। पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रहरी हैं। सूचना का अधिकार, सामाजिक न्याय, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित की नीतियों को आम नागरिक तक पहुँचाने में प्रेस की भूमिका अतुलनीय है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पत्रकारों के त्याग, संघर्ष और समर्पण का सम्मान करने का अवसर है। इस दिन विचार-विमर्श, सेमिनार, परिचर्चा और पुरस्कार समारोहों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य पत्रकारिता की गुणवत्ता, स्वतंत्रता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करना होता है। आज आवश्यकता है कि मीडिया अपनी विश्वासनीयता बनाए रखे, गलत सूचना और पक्षपात से दूर रहे तथा समाज को जोड़ने वाली रचनात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दे। प्रेस की शक्ति तभी सार्थक है जब वह निष्पक्ष, निर्भीक और सत्यनिष्ठ हो। राष्ट्रीय प्रेस दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वतंत्र प्रेस सिर्फ पत्रकारों की आवश्यकता नहीं, बल्कि यह आम नागरिक की आवाज़, लोकतंत्र की नींव और देश की प्रगति का आधार है।
मनमोहक भजनों में भक्तगण खूब झूमेटीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में 238वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। आज का श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट के सदस्यों के सौजन्य से आयोजित किया गया।श्री राधा कृष्ण जी का दिव्य अलौकिक श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात मेवायुक्त केसरिया खीर महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, तथा मंदिर परिसर में उपस्थित 2 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। तत्पश्चात भजन- संध्या के कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों ने मनमोहक सुमधुर भजनों श्रोताओं को खूब झुमाया। श्री राधा कृष्ण के जयकारा से पूरा वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय बन गया। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आज श्री राधा कृष्ण मंदिर में 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं में दर्शन किये। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस अवसर पर-अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल संजय सर्राफ सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती और झारखंड राज्य के 25 वें रजत जयंती स्थापना दिवस के पावन अवसर पर बी.डी .पब्लिक स्कूल, फ्रेंड्स कॉलोनी, पंडरा, रांची में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।यह आयोजन लेक व्यू हॉस्पिटल ब्लड बैंक, बारियातू, रांची के तरफ से अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, रांची जिला के तत्वाधान में आयोजित किया गया । इस रक्तदान शिविर में फ्रेंड्स कॉलोनी, पंडरा के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया साथ ही बी.डी. पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं कर्मचारीगण भी इसमें शामिल हुए और न केवल रक्तदान किया बल्कि रक्तदान से होने वाले फायदे और रक्तदान के प्रति जो भ्रांतियां समाज में फैली है उनसे वाकिफ भी हुए। इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, रांची जिला के अध्यक्ष आलोक कुमार पांडे, उपाध्यक्ष बृजमोहन ओझा के नेतृत्व में अक्टूबर 2025 में चाईबासा में एक ब्लड बैंक पर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाने के घटना के बारे में परिचर्चा भी किया गया। इस तरह के अक्षम्य गलतियां कैसे सुधार किये जा सकतें हैं उसके बारे में ब्लड बैंक के उपस्थित डॉक्टर डॉ. मुकेश कुमार और पूरी टीम के साथ चर्चा की गई। रक्तदान शिविर में 21 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। रक्तदान करने वालों में कई लोगों ने जीवन में पहली बार रक्तदान किया और रक्तदान के बाद अपने अनुभव को साझा किया। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, रांची जिला अध्यक्ष आलोक कुमार पांडे ने भी जीवन में पहली बार रक्तदान किया और उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। उपाध्यक्ष बृजमोहन ओझा जो अब तक 34 बार रक्तदान कर चुके हैं उन्होंने लोगों को न केवल प्रेरित किया बल्कि उनके अंदर के डर को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्तदान शिविर के रक्त वीरों में शामिल थे आलोक कुमार पांडे, ब्रज बिहारी सिंह, विपिन बिहारी प्रजापति, विकास कुमार सिंह, मंटू कुमार, नवनीत कुमार पांडे, उत्तम कुमार, सहदेव नाथ, विकास पासवान, मनोज कुमार, स्वाती, कीर्ति लता सहित अन्य। बृज बिहारी सिंह ने अपने 55वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया और अपने जन्मदिन को यादगार बनाया। सभी रक्त वीरों को ब्लड डोनर कार्ड और मेडल से सम्मानित किया गया। इस रक्तदान शिविर सह स्वास्थ्य गोष्टी के सरल और सफल आयोजन में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत सह सचिव आर अजय की महती भूमिका रही।
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