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विपक्ष को देश के वोटरों पर भरोसा नहीं : निशिकांत दुबे
Published / 2025-11-20 21:56:54
विपक्ष को देश के वोटरों पर भरोसा नहीं : निशिकांत दुबे

हिन्दुस्तान के मतदाताओं पर भरोसा नहीं है, निशिकांत दुबे का विपक्ष पर बड़ा हमला टीम एबीएन, रांची। पश्चिम बंगाल में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे बांग्लादेशी मतदाताओं के सहारे सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें भारत के मतदाताओं पर भरोसा नहीं है। निशिकांत दुबे ने कहा, ये बांग्लादेशी मतदाताओं के साथ अपनी सरकार बनाने की कोशिश करते रहे हैं। इनको हिन्दुस्तान के मतदाताओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने एसआईआर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह राजीव गांधी की देन है और इसे समझने की आवश्यकता है। दुबे ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने पिता के सपने पूरे नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को राजीव गांधी को पढ़ना चाहिए। SIR को पढ़ना चाहिए। भाजपा सांसद का यह बयान उस समय आया है जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच विवाद बढ़ा हुआ है। रकफ प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक तनाव जारी है।

पलामू : सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो लोगों की मौत
Published / 2025-11-20 20:27:13
पलामू : सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो लोगों की मौत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिला में छतरपुर थाना क्षेत्र के खेन्द्रा के इलाके में हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गयी है जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों जख्मी को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में भर्ती करवाया गया है। इस हादसे में मरने वाले दो लोगों में एक की पहचान हुसैनाबाद के देवरी के रहने वाले बसंत चौधरी जबकि दूसरे की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के गुरहा के रहने वाले रमेश पासी के रूप में हुई है। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को किया गया। दरअसल, बसंत चौधरी और रमेश पासी अलग-अलग बाइक से थे और छतरपुर हुसैनाबाद रोड पर सफर कर रहे थे। इसी क्रम में दोनों की बाइक आपस में टकरा गयी थी। इस दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद छतरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बाइक पर सवार चार लोगों को इलाज के लिए छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती करवाया था। छतरपुर के अनुमंडलीय अस्पताल में बसंत चौधरी और रमेश पासी को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य जख्मी को इलाज के लिए रेफर कर दिया। इस हादसे को लेकर छतरपुर थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने बताया कि दो बाइक की टक्कर हुई थी जिसमें दो लोगों की मौत हुई है। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है जबकि पुलिस पूरे मामले में आगे की छानबीन कर रही है। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गये हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है।

जमशेदपुर : थाना से मात्र 200 मीटर दूर घर से 20 लाख के ज्वेलरी की चोरी
Published / 2025-11-19 17:43:02
जमशेदपुर : थाना से मात्र 200 मीटर दूर घर से 20 लाख के ज्वेलरी की चोरी

झारखंड में चोरों के बुलंद हौंसले देख पुलिस पड़ी कमजोर, थाने से महज 200 मीटर दूर एक बंद घर से 20 लाख के जेवरात चोरी टीम एबीएन, जमशेदपुर। झारखंड में एक के बाद एक चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। जमशेदपुर में एक बार फिर चोरी की घटना से हड़कंप मच गया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। 20 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर भागे चोर  जानकारी के मुताबिक उलीडीह थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक मकान में चोरों ने डाका डाल दिया है। दरअसल, घर के लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गये थे। देर रात जब सभी घर लौटे तो देखा कि मेन गेट का ताला टूटा हुआ था और घर में रखे सारे जेवरात गायब हो गये हैं। घरवालों के मुताबिक 20 लाख रुपये के जेवरात चोरी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग दहशत में आ गये हैं। एक के बाद एक चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है।

देवघर : जेवर दुकान से दो महिला ग्राहकों ने उड़ाये जेवरात
Published / 2025-11-19 17:42:13
देवघर : जेवर दुकान से दो महिला ग्राहकों ने उड़ाये जेवरात

ज्वेलरी शॉप पर ग्राहक बनकर आयीं 2 महिला, बैठे-बैठे कर दिया कांड; सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना टीम एबीएन, रांची। झारखंड से आये दिन कोई न कोई लूट की घटना सामने आ ही रही है। चाहे घर हो या सुनार की दुकान। अपराधी बेखौफ होकर लूट की घटना को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला झारखंड के देवघर से आया है। जानकारी के मुताबिक यहां रामयश रोड स्थित मां जगदंबा ज्वेलर्स में 2 महिलाएं ग्राहक बनकर पहुंची। दुकानदार ने उन्हें पायल दिखाना शुरू किया। दोनों महिलाओं ने पांच जोड़ी पायल चुपके से चोरी कर ली। कुछ देर बाद दुकानदार को शक हुआ और जब सीसीटीवी कैमरा देखा गया, तो चोरी की पूरी घटना सामने आ गयी। कैमरे में दिखा कि दोनों महिलाएं दुकान पर शॉल ओढ़कर बैठी हुई हैं। दुकान मालिक जेवर दिखा रहा है। महिलाओं ने मौका देखकर पांच जोड़ी पायल शॉल में छिपा ली। इसके बाद दुकानदार ने शोर मचाया। दुकानदार के शोर मचाते हुए आसपास के लोग मौके पर जुट गए और दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया। महिलाएं बिहार के लखीसराय जिले की रहने वाली बतायी जा रही हैं।

रानी लक्ष्मीबाई की अदम्य साहस और देशप्रेम की गाथा हर भारतीय के हृदय में अमर है : संजय सर्राफ
Published / 2025-11-19 17:39:34
रानी लक्ष्मीबाई की अदम्य साहस और देशप्रेम की गाथा हर भारतीय के हृदय में अमर है : संजय सर्राफ

एबीएन सोशल डेस्क। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता एवं हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। उनकी जयंती हर वर्ष 19 नवंबर को बड़े सम्मान एवं गर्व के साथ मनाई जाती है। यह दिवस न केवल उनके जन्म का स्मरण करता है बल्कि भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में उनकी अमिट भूमिका, साहस, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना को भी श्रद्धांजलि देता है। महारानी लक्ष्मीबाई जिनका बचपन का नाम मणिकर्णिका (मनु) था, अल्पायु से ही असाधारण प्रतिभा और शौर्य से परिपूर्ण थीं। तलवारबाजी, घुड़सवारी और युद्धकला में उनकी दक्षता उन्हें सामान्य लड़कियों से अलग पहचान दिलाती थी। बाद में उनका विवाह झांसी के महाराज गंगाधर राव से हुआ और वे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम से विख्यात हुईं। महाराज गंगाधर राव की मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने डॉक्ट्रिन आफ लैप्स के तहत झांसी पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिसे रानी ने दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया। उनका प्रसिद्ध वाक्य- मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध भारतीय जनमानस के आत्मसम्मान और विद्रोह का प्रतीक बन गया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने न केवल झांसी की रक्षा की बल्कि कई क्षेत्रों में अंग्रेजों से सीधे युद्ध किया। उन्होंने अपनी सेना के साथ अद्भुत साहस और रणनीति का परिचय दिया। रानी का नेतृत्व एक महिला योद्धा के लिए मिसाल था। युद्धभूमि में वे अपने पुत्र दामोदर राव को पीछे बांधकर दुश्मनों से लड़ती रहीं। ग्वालियर के समीप 18 जून 1858 को लड़ते-लड़ते वे वीरगति को प्राप्त हुईं। रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने का उद्देश्य सिर्फ उनके शौर्य को याद करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को साहस, त्याग, नेतृत्व, आत्मसम्मान और देशभक्ति की प्रेरणा देना है। यह दिवस उन सभी महिलाओं और पुरूषों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है जो अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने का साहस रखते हैं।भारत के विद्यालयों, सरकारी संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों और सेना में इस दिन विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं-जैसे कि व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शौर्य दिवस समारोह, कविताएं, निबंध प्रतियोगिताएं और उनके जीवन पर आधारित नाट्य मंचन। आज भी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई भारतीय इतिहास की सबसे अग्रणी और प्रेरणादायी वीरांगनाओं में गिनी जाती हैं। उनके अदम्य साहस और देशप्रेम की गाथा हर भारतीय के हृदय में अमर है।रानी लक्ष्मीबाई की जयंती भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय को याद करने और स्वतंत्रता की महत्ता को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मैट्रिक-इंटर परीक्षा शुल्क में हुई बढ़ोतरी अविलंब वापस हो : आजसू
Published / 2025-11-19 17:38:28
मैट्रिक-इंटर परीक्षा शुल्क में हुई बढ़ोतरी अविलंब वापस हो : आजसू

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 19/11/2025 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा के नाम ज्ञापन जैक के सचिव जयंत कुमार मिश्रा से वार्ता कर अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 10वीं और 12वीं की परीक्षा फीस में की गयी बढ़ोतरी को कम करने के लिए ज्ञापन सौंपा। आजसू ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जैक की आफिशियल वेबसाइट एवं विभिन्न अखबारों के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हो रही है कि वर्ष 2025-26 में आयोजित होने वाली मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा शुल्क में परिषद द्वारा वृद्धि की गयी है। झारखंड राज्य में पहले से ही लाखों विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हैं। ऐसी परिस्थिति में परीक्षा शुल्क में की गयी यह बढ़ोतरी छात्रों एवं उनके अभिभावकों के ऊपर एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में पड़ेगी। आजसू छात्र संघ की ओर से आपका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए विनम्र आग्रह किया जाता है कि वर्ष 2025-26 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा शुल्क में की गयी बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाये तथा शुल्क को पूर्ववत रखा जाये। यदि शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लिया गया, तो आजसू छात्र संघ विद्यार्थियों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। तत्पश्चात जैक के सचिव जयंत कुमार मिश्रा ने सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और छात्र हित में कदम उठाते हुए परिषद की बैठक में आजसू मांग को रखने की बात कही। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, अमन साहू, रवि रोशन, योगेश महतो, नितेश शर्मा, प्रियांशु तिवारी, मुकेश महतो इत्यादि उपस्थित थे।

पत्रकार बलदेव प्रसाद शर्मा को मातृ शोक
Published / 2025-11-18 23:22:09
पत्रकार बलदेव प्रसाद शर्मा को मातृ शोक

इस दुख के घड़ी में संगठन के तमाम लोग माता जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हैटीम एबीएन, रांची। एनयूजे (आई) झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ साथी बलदेव प्रसाद शर्मा की माता जी मुन्नी देवी का 17 नवंबर 2025 की रात्रि लगभग आठ बजे 93 साल की अधिक अवस्था में निधन हो गया। मुन्नी देवी ने संघर्षों से अपने जीवन को नारायण भक्ति और गौ सेवा में समर्पित कर रखा था। मृत्युभाषी, मिलनसार और धर्म परायणता की वह प्रतिमूर्ति थीं। संस्कृत से संस्कृति को शिखर तक पहुंच कर अपने बेटे- बेटियों से लेकर पोता-पोतियों और नातियों को जो संस्कार दिया है, वह वट वृक्ष की तरह शिक्षा और राष्ट्र सेवा को समर्पित है।मुन्नी देवी 93 सालों की अधिक अवस्था में भी गौ भक्ति में लीन रहती थीं। यह इस बात का घोतक है, कि हमारी संस्कृति और परंपरा कि वह ध्वजवाहिका थी। इसकी झलक बलदेव प्रसाद शर्मा के जीवन दर्पण में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। एनयूजे- आई परिवार माता जी को अपनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करती है, कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। इस दारुण दुख की घड़ी में हम सभी बलदेव प्रसाद शर्मा के शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी दृढता के साथ खड़े हैं। ईश्वर उन्हें इस कठिन घड़ी में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। !!ॐ शांति!!

21 को पलामू के लेस्लीगंज में दहाड़ेंगे सीएम हेमंत सोरेन
Published / 2025-11-18 23:19:32
21 को पलामू के लेस्लीगंज में दहाड़ेंगे सीएम हेमंत सोरेन

21 नवंबर को पलामू दौरे पर सीएम हेमंत सोरेनएबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 21 नवंबर को पलामू दौरे पर रहेंगे। इस दौरान सीएम आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम पलामू के नीलांबर पीतांबरपूर (लेस्लीगंज) प्रखंड के महावीर मोड़ पर आयोजित होना है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पलामू जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।जिस जगह पर कार्यक्रम आयोजित होना है वह नीलांबर पीतांबरपूर और मेदिनीनगर सदर प्रखंड का सीमावर्ती इलाका है। 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद पलामू के इलाके में मुख्यमंत्री का यह पहला सरकारी दौरा है। पलामू दौरे के दौरान सीएम हेमंत सोरेन कई बड़ी योजनाओं के आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की परिसंपत्ति का भी वितरण करेंगे। इस दौरान झारखंड सरकार के कई मंत्री, स्थानीय सांसद और विधायक को भी आमंत्रित किया जाएगा।

झारखंड विधानसभा में अब नियुक्ति घोटाला
Published / 2025-11-18 23:12:50
झारखंड विधानसभा में अब नियुक्ति घोटाला

झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाला: राजनीतिक लड़ाइयों में मशीनरी क्यों लगाते हैं? CBI को सुप्रीम कोर्ट की फटकारटीम एबीएन, रांची। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों और पदोन्नति में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए प्रारंभिक जांच शुरू करने की अनुमति मांगने वाली सीबीआई की याचिका खारिज कर दी।अदालत ने कड़े शब्दों में पूछा कि केंद्रीय एजेंसी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए मशीनरी का इस्तेमाल क्यों कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष 14 नवंबर को झारखंड हाईकोर्ट के 23 सितंबर 2024 के उस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ के स्थान पर अब मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ सीबीआई की अंतरिम याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने सीबीआई से कहा कि आप अपनी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए मशीनरी का इस्तेमाल क्यों करते हैं? हमने आपको कई बार बताया है। इसके साथ ही अदालत ने एजेंसी की याचिका खारिज कर दी। झारखंड विधानसभा सचिवालय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि जब भी कोई मामला आता है, सीबीआई उससे पहले ही अदालत में मौजूद रहती है।23 सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी थीसीबीआई की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने इसका खंडन करते हुए कहा कि इस मामले में ऐसा नहीं है। लेकिन सिब्बल ने दलील दी कि ऐसा कई मामलों में, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, देखा गया है। राजू ने कहा कि सीबीआई तभी उपस्थित होती है जब किसी अपराध की आशंका होती है। इससे पहले भी जस्टिस गवई की पीठ ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई थी, जिसमें नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं की जांच का निर्देश दिया गया था। झारखंड विधानसभा सचिवालय और अन्य पक्षों ने हाईकोर्ट के 23 सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी थी। 14 नवंबर 2024 के बाद इस मामले में कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हुई थी।अधिवक्ता तुलिका मुखर्जी के माध्यम से दायर एक याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने बिना किसी आपराधिक मामले या संज्ञेय अपराध के सीबीआई को जांच का आदेश दे दिया, जबकि यह पूरा मामला सिविल प्रकृति का है और इसमें सेवा संबंधी जटिल प्रश्न शामिल हैं। याचिका के अनुसार, इस मामले में न कोई FIR है और न ही कोई संज्ञेय अपराध बनता है। इसमें कहा गया कि पैसे के लेन-देन का कोई सबूत नहीं, धोखाधड़ी का कोई प्रमाण नहीं, कोई आपराधिकता स्थापित नहीं होती। याचिका में बताया गया कि झारखंड विधानसभा सचिवालय (भर्ती एवं सेवा शर्त नियम, 2003) 10 मार्च 2003 को अस्तित्व में आया, जिसके बाद सचिवालय और विभिन्न समितियों के कामकाज को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। विज्ञापन, एडमिट कार्ड और परीक्षा/साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2003-2007 के बीच नियुक्तियां और पदोन्नतियां की गईं।30 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट सौंपीइसके बाद कुछ लोगों की कथित बातचीत की अनवेरिफाइड ऑडियो रिकॉर्डिंग एक सीडी में बदलकर स्पीकर को सौंपी गई। अक्टूबर 2007 में पांच सदस्यीय समिति बनाकर मामले की जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट अगस्त 2008 में स्पीकर के सामने पेश हुई, लेकिन समिति के दो सदस्यों ने इसका विरोध किया। जुलाई 2014 में कैबिनेट सचिवालय एवं सतर्कता विभाग ने झारखंड हाईकोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश को इस पूरी भर्ती-पदोन्नति प्रक्रिया की जांच के लिए नियुक्त किया। इस आयोग ने 12 जुलाई 2018 को राज्यपाल को 30 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की मंजूरीयाचिका में कहा गया कि आयोग की रिपोर्ट आयोग जांच अधिनियम, 1952 के अनुसार राज्य सरकार को कभी भेजी ही नहीं गई। 10 सितंबर 2018 को राज्यपाल ने स्पीकर को रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा, जिसके बाद 26 अगस्त 2019 को दो अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की मंजूरी दी गई। अगस्त 2022 में कानूनी व्याख्या और तथ्यों की जटिलता को देखते हुए एक और आयोग गठित करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने यह नहीं देखा कि विधानसभा सचिवालय इस रिपोर्ट और ATR के आधार पर कार्रवाई कर रहा था। यह याचिका सार्वजनिक रोजगार में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले पर दायर की गई थी।

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