अब झारखंड का युवा हवाई जहाज में चढ़ेगा और उड़ायेगा भी : सीएम टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सिदो-कान्हू एयरपोर्ट परिसर, दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, नियुक्ति पत्र एवं परिसंपत्तियों का वितरण किया। झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का का शुभांरंभ करते हुए सीएम ने कहा कि इस संस्थान को स्थापित करने के लिए आधारशिला रखी गयी थी। उस समय इस संस्थान को आगे बढ़ाने के बजाय, इसको बंद डब्बे में डाल दिया। ऐसे संस्थानों को पूर्व में निरंकुश करने का काम किया गया। लेकिन अब यहां का युवा हवाई जहाज में चढ़ेगा और हवाई जहाज भी उड़ायेगा। अब युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर पायलट बन सकेंगे। 30 युवाओं का चयन प्रतियोगिता परीक्षा के जरिये होगा। 15 आरक्षित वर्ग के युवाओं को राज्य सरकार शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप पर प्रशिक्षण देगी।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और करोड़ों दिलों पर राज करने वाले धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 89 वर्ष की आयु में इस महान कलाकार के निधन से बॉलीवुड में गहरा शोक छा गया है। वहीं, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने धर्मेंद्र के निधन पर दुख जताया है। धर्मेंद्र जी का जाना फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्र जी के निधन का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। धर्मेंद्र जी ने अपने सरल, सहज और प्रभावशाली अभिनय से पीढ़ियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। उनका व्यक्तित्व जितना विनम्र था, उतना ही प्रेरणादायक भी। धर्मेंद्र जी का जाना फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मरांग बुरु से प्रार्थना करता हूं और शोकग्रस्त परिवारजनों, उनके प्रशंसकों एवं शुभचिंतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। अंतिम जोहार ही-मैन! बता दें कि अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत फिर बिगड़ जाने के बाद उनका निधन हो गया है। मुंबई में विले पार्ले स्थित शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया है। उनके बड़े बेटे सनी देयोल ने उन्हें मुखाग्नि दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। जिले में लगातार जंगली हाथियों के आंतक से ग्रामीण परेशान हैं। इस दौरान तीन लोगों को कुचल दिया गया है, जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गयी है, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गयी है। यह मामला गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गादी गांव का है। जंगली हाथियों के झुंड ने तीन लोगों को कुचल दिया है, जिसमें शांति देवी (70) और बोधी पंडित (55) की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गयी। घायल महिला का इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में चल रहा है। बताया गया कि सुबह शांति देवी अपने बारी की तरफ गयी हुई थी, कोहरे के कारण हाथियों का झुंड दिखाई नहीं दिया और अचानक हाथियों ने शांति देवी और बोधी पंडित को कुचल दिया। अलग-अलग इलाकों में घूम रहे झुंड जंगली हाथियों की झुंड कई दिनों से गिरिडीह जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भटक रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लगातार गिरिडीह पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों को खदेड़ने का प्रयास कर रही है और पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। परिवार वाले रो-रो कर बुरा हाल हैं। इस घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस और वन विभाग को दी गयी, जो घटनास्थल पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गयी हैं। ग्रामीणों का वन विभाग पर आरोप कई ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका कहना है कि सुरांगी जंगल में हाथी की मौजूदगी की सूचना एक दिन पहले ही वन विभाग को दे दी गयी थी। यदि विभाग समय रहते हाथी को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा देता, तो यह हादसा नहीं होता। वन विभाग ने प्रविधान के अनुरूप मृतक के आश्रितों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। जागो अपने पीछे पत्नी और तीन पुत्रों को छोड़ गया है। इसी क्षेत्र में एक और घटना में भीमाटांड़ के भीमलाल यादव को भी हाथी ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया है। घटना के बाद वन विभाग की एक टीम जंगल में गश्ती कर रही है। मौके पर सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
बुली महतो जयंती 27 नवंबर को होगी प्रतिमा अनावरण जयराम महतो, पदम श्री मधु मंसूरी, देवेंद्र नाथ महतो रहेंगे उपस्थित एबीएन न्यूज नेटवर्क, सोनाहातु/ रांची। झारखंड का इतिहास बेहद ही गौरवशाली रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में इस क्षेत्र के कई वीर-वीरांगनाओं ने अपना सक्रिय योगदान दिया है। अत्याधुनिक ऐतिहासिक अनुसंधान से बुली महतो का साक्ष्य मिला है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान झारखंड एवं बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुली महतो ने अंग्रेजों के खिलाफ प्रत्यक्ष लड़ाई लड़ा था। प्राप्त दस्तावेज से ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें काला पानी की सजा दिया था। स्वतंत्रता सेनानी बुली महतो की आदमकद प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को सफल करने को लेकर आज (सोमवार) उनके वंशज व परिवार के साथ सामूहिक बैठक हुई। यह बैठक उनके पैतृक गांव कोड़ाडीह के दुर्गा मंडप प्रांगण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता देवेंद्र नाथ महतो को वंशजों व ग्रामीणों ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आर्थिक सहयोग दिया। चावल दाल व नगद राशि प्रदान किया गया। बताते चलें कि उनकी जयंती पर 27 नवंबर 2025 (गुरुवार) को बारुहातू पंचायत के भकुवाडीड मोड़ में प्रतिमा अनावरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जायेगा। प्रशासनिक सूचनार्थ प्रदान कर दिया गया है। जिसमें डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, पद्म श्री मधु मंसूरी और सिल्ली विधानसभा पूर्व प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो, स्थानीय निर्वाचित मुखिया, ग्राम प्रधान व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
अनुसूचित जनजातीय उपयोजना अंतर्गत चार जिला के किसानों को बांटे गये पूसा के उन्नत बीज टीम एबीएन, रांची। पसंद फाउंडेशन के द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बरही, हजारीबाग की मदद से अनुसूचित जनजातीय उपयोजना अंतर्गत रांची के रातू प्रखंड, गुमला के भरनो, सिसई, बिशुनपुर प्रखंड, खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड तथा सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड के कुल 100 जनजातीय किसानों को चना, मसूर, सरसों तथा सात प्रकार के सब्जी के बीज नि:शुल्क दिये जा रहे हैं। संस्था के द्वारा परियोजना अंतर्गत जनजातिय किसानों के बीच दलहन/ तिलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पूसा के उन्नत किस्म के दल्हन, तिलहन के बीज पाकर किसानो में प्रसन्ता है।पसंद फाउंडेशन के कार्यकारी प्रबंधक कीर्तिमान नाथ ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बरही, हजारीबाग की कृषि वैज्ञानिक डॉ शिल्पी केरकेट्टा का विशेष सहयोग मिला और किसानों को नि:शुल्क बीज के साथ खेती की विधी भी बतायी गयी, जिससे किसानों को खेती से अधिकतम लाभ मिल सके।
टीम एबीएन, रांची। आज 22 नवंबर को रांची के प्रतिष्ठित न्यायिक संस्थान छोटा नागपुर लॉ कॉलेज में एम एम बनर्जी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का दूसरा दिन रहा। इस प्रतियोगिता में भारत के 16 राज्यों से आई 32 टीमों ने न्यायालय के सामने अपने विधिक तर्क रखें। आज प्रतियोगिता में न्यायालय का गठन झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्तागण, रोहन कश्यप, सैयद रमीज जफर, अमन कुमार, अर्पिता भारद्वाज, नेहा पांडे, दीक्षा द्विवेदी, प्रवीण चंद्र, निखिल रंजन, श्रेष्ठ मेहता, ईशान आशीष प्रत्यूषिता मेहा टुडू और शाहबाज अख्तर रहे। माननीय न्यायाधीशों द्वारा चार टीमों का चयन सेमीफाइनल के राउंड के लिए किया गया है जिसमें से दो टीम फाइनल राउंड के लिए प्रवेश करेगी। कल 23 नवंबर को महाविद्यालय में सेमीफाइनल और फाइनल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।जिसमें झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गण न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी, न्यायमूर्ति दीपक रोशन, पूर्व न्यायमूर्ति डॉक्टर एस एन पाठक, झारखंड अधिवक्ता परिषद के प्रेसिडेंट रितु कुमार और इसके साथ ही साथ जय प्रकाश (अतिरिक्त एडवोकेट जनरल) झारखंड राज्य उपस्थित रहेंगे। अतिथियों की गरिमामई उपस्थिति में फाइनल मैच की विजेता टीम को ट्रॉफी और धनराशि से सम्मानित किया जाएगा।
झारखंड विधानसभा का 25वां स्थापना दिवस : सीएम बोले- बदलाव कोई जादुई छड़ी नहीं टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के 25वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बदलाव कोई जादुई छड़ी नहीं है। राज्य की नीतियों और कानूनों को आमजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सेवा का अधिकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें कई बिंदु जोड़े गये हैं। समय सीमा के अंदर काम को पूरा करना होगा। समय सीमा के अंद अगर पदाधिकारी काम नहीं करते हैं तो दंड का भी प्रावधान है। इसका असर मील का पत्थर साबित होगा। म्यूटेशन, जमीन की मापी,चरित्र, जाति, मृत्यु, आय प्रमाण पत्र के लिए आज लोग धक्के खाते हैं। अब इसे टाइम बांट के अंदर पूरा करना होगा। बदलाव कोई जादुई छड़ी नहीं है। झारखंड को सोने की चिड़िया कहा जाता है। लेकिन यह साकार रुप में तभी दिखेगा जब सवा तीन करोड़ के चेहरे पर मुस्कान दिखेगा। इसमें बड़ी भूमिका विधायिका भी है। इसमें सभी का सकारात्मक भूमिका होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, बौद्धिक रूप से अगर मजबूत नहीं हैं तो ये संघर्ष लंबा हो सकता है। गाड़ी में पेट्रोल नहीं भरें तो एक कदम भी आगे नहीं चल सकती है। इसमें सभी का दायित्व बनता है। लोगों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। पहले चरण में आधी आबादी को मजबूत करने का संकल्प है। उत्कृष्ट विद्यालय खोला गया है। सेवा का अधिकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कई सारे लोग ऐसे हैं, जो बहुत ही सकारात्मक काम करने वाले लोग हैं। ऐसा नहीं है कि सब कुछ उलट चल रहा हो। उन्होंने कहा कि राज सिन्हा 21वां उत्कृष्ट विधायक चुने गये हैं। विशेश्वर खां को पहला उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिला था। चयन प्रक्रिया में पक्ष-विपक्ष के सम्मानित सदस्यों को ध्यान में रखकर उत्कृष्ट विधायक का चयन किया जाता है। कभी आसानी से चयन होता है तो कभी चिंतन मंथन से चुना जाता है।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे; राज्यपाल गंगवार बोलेटीम एबीएन, रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए। उन्होंने विधायकों से यह भी आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।रांची में झारखंड विधानसभा के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेरा मानना है कि टकराव नहीं, बल्कि स्वस्थ चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष को जनकल्याण और राज्य के विकास के लक्ष्य को लेकर कार्य करना चाहिए। झारखंड विधानसभा का गठन 22 नवंबर, 2000 को हुआ था। उन्होंने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ है। जनता द्वारा चुने गये विधायक न केवल राज्य में कानून निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का काम भी करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर विधायक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के भरोसे को बनाये रखना है। जनता द्वारा दिया गया अधिकार सेवा का अवसर है, शक्ति का माध्यम नहीं। विधायकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह विशेष दिन हमारे लिए यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम सभी मिलकर झारखंड को राजनीतिक रूप से मजबूत, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से समृद्ध बनायेंगे। मौके पर राज्यपाल ने धनबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के तीन बार के विधायक राज सिन्हा को श्रेष्ठ विधायक पुरस्कार भी प्रदान किया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद राज सिन्हा ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहां श्रेष्ठ विधायक के रूप में उपस्थित रहूंगा। इस सम्मान के लिए मैं उन सभी का आभारी हूं जिन्होंने मुझे इसके योग्य समझा। मैं यह पुरस्कार धनबाद की जनता को समर्पित करता हूं। यह मुझे और कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है, लेकिन अभी भी गरीबी, कुपोषण और पिछड़ेपन से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हर व्यक्ति को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के तहत राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल आफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गयी है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर हमने सेवा का अधिकार कार्यक्रम भी शुरू किया है। ये कदम भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगे। समारोह के दौरान राष्ट्र के लिए शहीद हुए झारखंड के सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
भव्य समारोह का आयोजन; शहीदों के परिजन और खिलाड़ियों को किया जायेगा सम्मानित टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा आज अपनी स्थापना का रजत जयंती समारोह (25 वर्ष) मना रही है। राज्य गठन के बाद से विधानसभा ने 25 वर्षों की एक बड़ी यात्रा पूरी की है। इस विशेष अवसर पर रांची स्थित विधानसभा परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। शहीदों के परिजन और खिलाड़ी होंगे सम्मानित राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित तमाम मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल अभियान में शहीद पुलिस कर्मियों और सैनिकों की पत्नी या अन्य आश्रितों तथा सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जायेगा। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रसिद्ध गायक रूप कुमार राठौर अपनी प्रस्तुति देंगे। हास्य कवि डॉ दिनेश बावरा तथा हास्य कलाकार रवींद्र जानी भी उपस्थित लोगों को गुदगुदायेंगे। पूर्व विधायकों को भी दिया जायेगा विशेष सम्मान इस समारोह में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों और पूर्व विधायकों को भी समारोह में विशेष सम्मान दिया जायेगा। साथ ही उत्कृष्ट विधायक के रूप में राज सिन्हा तथा विधानसभा के छह उत्कृष्ट कर्मियों को भी सम्मानित किया जायेगा।
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