झारखंड विधानसभा में गूंजा छात्रों का मुद्दा, बाबूलाल मरांडी बोले- जेपीएससी में भ्रष्ट अफसरों को अध्यक्ष बनायेंगे तो... टीम एबीएन, रांची। झारखंड में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन बृहस्पतिवार को शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुख मुद्दा बना। झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन पर कहा कि जांच में यदि आप भ्रष्ट अफसरों को लगायेंगे, जेपीएससी जैसे संस्थान में भ्रष्ट अफसरों को अध्यक्ष बनायेंगे, जब ऐसे भ्रष्ट लोग पद पर बैठेंगे तो यही होगा। छह प्रदर्शनकारी छात्र आमरण अनशन पर हैं उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया, बाकी लोगों की गिरफ्तारी हुई, ये सब लोग दिखावटी हैं लेकिन इन पर कैसे भरोसा किया जाये?... इसलिए हमारी मांग है कि अदालत की निगरानी में जांच हो और समय सीमा के अंदर जांच का परिणाम भी आना चाहिए। पिछले 13 दिनों में आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है और छह प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है। जेपीएससी में व्यापक सुधार की मांग प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने तथा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक ने महतो से की फोन पर बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है और उन्होंने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनके समर्थन में दो महिलाओं सहित पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर बैठ गये। महतो के रक्त शर्करा और रक्तचाप का स्तर काफी गिर जाने से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गयी। हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर दिल्ली में 26 दिन का अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने महतो से फोन पर बात की और उनसे अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम-से-कम पानी पीने का आग्रह किया। वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पिया। कार्रवाई और न्याय की सरकार से उम्मीद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार से बार-बार अपील करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कठोर तरीका अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा, दो महिलाओं समेत हमारे पांच साथी आंदोलन को मजबूत करने और हमारी मांगों पर दबाव बनाने के लिए आमरण अनशन में शामिल हुए हैं। अनशन कर रहीं प्रदर्शनकारी सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं की अनदेखी की है, जिसके कारण उनके पास आंदोलन तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक जैसे हैं। जब बच्चे भूखे रहते हैं तो अभिभावक को भी पीड़ा होती है। हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतें सुनेंगे। हमें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई और न्याय चाहिए। आंदोलनरत छात्रों को कांग्रेस ने दिया समर्थन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को धरनास्थल का दौरा किया और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग दोहरायी। भाजपा विधायक दल ने बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का फैसला किया है। हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने भी आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन दिया है। भर्ती घोटाले में अब 19 लोग गिरफ्तार इस बीच, कथित भर्ती घोटाले की सीआईडी जांच तेज हो गई है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बुधवार को पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं, जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है। छात्र संगठनों द्वारा सात और दस अगस्त को विधानसभा घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने छह से 12 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह से रात 10 बजे तक विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
कहा - मोहन भागवत जेन-जेड से पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ही बात करेंगे एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने पेपर लीक और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जेड संवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्री भगत ने कहा, मैं समझता हूं इससे पहले जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, प्रधानमंत्री से बात करनी चाहिए थी, वो गृहमंत्री से बात करनी चाहिए थी, इनसे धर्मेंद्र प्रधान से बात करनी चाहिए।जिन्होंने पेपर लीक का कहीं जिक्र भी नहीं किया। और जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया तो उसमें गर्व का भाव था, कोई ग्लानि का भाव नहीं है। जैसे उन्होंने कोई एवरेस्ट फतह की हो। संघ प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जेड से संवाद पर उन्होंने कहा, मोहन भागवत बच्चों के प्रति या तो उस अभिव्यक्ति को स्वीकार करें। लेकिन मुझे नहीं लगता वहां जायेंगे तो वो प्रवचन ही देंगे। भारत की साझी विरासत का जिक्र करते हुए कहा, भारत की जो साझी विरासत रही है जिसमें हम अनेक संस्कृतियों का मिलन और उनको लेके हम चलते हैं। लेकिन मोहन भागवत वहां भी जाकर मैं समझता हूं कि कोई बहुत खुले मन से बड़े हृदय से बात नहीं कर पाएंगे। क्योंकि ये बात भी जो करेंगे तो इनमें मन में एक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ही बात करेंगे।
जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन: छात्र प्रतिनिधिमंडल की वार्ता पर बोले जयराम महतो- बातचीत से निकले समाधान टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो गुरुवार को धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। इस दौरान खास बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर विधानसभा में भी चर्चा हुई है और सरकार को आंदोलन की स्थिति से अवगत कराया गया है। सवाल: विधानसभा सत्र के बीच आप छात्रों के बीच पहुंचे हैं, इस आंदोलन को किस रूप में देखते हैं? जयराम महतो: आज विधानसभा में भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि आज कंडोलेंस का दिन था, इसके बावजूद मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्रियों को धरना स्थल की स्थिति और छात्रों की मांगों के बारे में जानकारी दी गयी है। मैंने कहा है कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल को खुद धरना स्थल पर जाकर छात्रों से मिलना चाहिए। छात्रों की मांगें जायज हैं। यह कोई आज का मामला नहीं है, लंबे समय से झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय और ठगी होती रही है। सवाल: छात्र आंदोलन में दो अलग-अलग मंच दिखाई दे रहे हैं। क्या इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा? जयराम महतो: नहीं, ऐसा नहीं है। यह छात्रों का मामला है और सभी एक ही मुद्दे को लेकर खड़े हैं। सभी का उद्देश्य एक है। जब मुद्दा एक है तो मंच अलग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सभी छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। सवाल: लेकिन जब एक मंच के प्रतिनिधि सरकार से वार्ता के लिए जा रहे हैं तो दूसरे मंच पर आपकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आप दोनों जगह क्यों नहीं जा रहे हैं? जयराम महतो: मैं वहां भी जाऊंगा। अगर किसी मंच के प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जा रहे हैं तो यह गंभीर विषय है। ऐसे प्रतिनिधियों को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर बातचीत का रास्ता क्यों नहीं अपनाया जा रहा है। मेरा उद्देश्य किसी मंच के साथ खड़ा होना नहीं, बल्कि छात्रों की मांगों का समाधान निकालना है। सवाल: इस समय आंदोलन में दो मंच बन चुके हैं। देखा जा रहा है कि जो जनप्रतिनिधि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के एक मंच पर आ रहे हैं, वे रविंद्र भवन चौक वाले मंच पर नहीं जा रहे। वहीं वहां पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि भी इस मंच पर नहीं आ रहे। आप इसे किस रूप में देखते हैं? जयराम महतो: यह अच्छी परंपरा नहीं है। अगर कोई जनप्रतिनिधि एक मंच पर छात्रों से मिलने जा रहा है तो उसे दूसरे मंच पर भी जाना चाहिए। इसी तरह इस मंच के प्रतिनिधियों को भी दूसरे मंच पर जाना चाहिए। यह गलत परिपाटी है और ऐसा नहीं होना चाहिए। आखिर दोनों जगह छात्र ही आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग भी एक ही है। मंच दो हों या चार, मुद्दा एक है। ऐसे में सभी को आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि मंचों के बीच दूरी को। कुछ लोग है जो अपना एजेंडा चला रहे हैं लेकिन दोनों मंचों के जो छात्र हैं एक दूसरे को सम्मान कर रहे हैं कोई भी किसी के लिए अपशव्द का उपयोग नहीं कर रहे हैं यह बड़ी बात है दोनों मंच से एक ही बात उठ रही है। सवाल: आपके मंच के प्रतिनिधियों को सरकार से वार्ता के लिए शामिल नहीं किया गया है, इस पर क्या कहेंगे? जयराम महतो: कोई बात नहीं। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिनिधिमंडल भेजना या वार्ता में शामिल होना नहीं है। अगर छात्र प्रतिनिधि सरकार से मिलकर बातचीत करते हैं और आंदोलन किसी सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म होता है तो यही सबसे बड़ी बात होगी। हमारी कामना है कि छात्रों की मांगों का समाधान निकले और यह आंदोलन एक बेहतर परिणाम के साथ समाप्त हो। जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में सभी को गंभीरता दिखाने की जरूरत है। सरकार और छात्रों के बीच संवाद के जरिए जल्द समाधान निकलना चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड पुलिस धनबाद पुलिस विधायक सरयू राय, धनबाद डीसी को ट्वीट करते हुए लिखा कि धनबाद के पुटकी क्षेत्र अंतर्गत न्यू कॉलोनी में खुलेआम एकरार मियां चला रहे हैं अवैध लोहा का गोदाम। वही दूसरी ओर केंदुआ में पारस, करकेंद में वरुण कब्बडी में आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध लोहा गोदाम चला जा रहा है। कबाड़ी गोदाम की आड़ में बीसीसीएल ओर रेलवे का चोरी का लोहा बड़े पैमाने पर पुटकी, करकेंद, केंदुआ के अवैध लोहा गोदाम में खपाया जाता है, जिससे थाना प्रभारी की भी छवि धूमिल हो रही है। प्रशासन से अनुरोध है कि इनके पास लाइसेंस है कि नहीं लोहा गोदाम चलने का अगर नहीं है तो इन पर अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे अन्यथा इनके पास लाइसेंस है तो ये भी जांच कराया जाए कि कैसे कचरा ओर कबाड़ी गोदाम के आड़ में बीसीसीएल ओर रेलवे की चोरी का लोहा खपाया जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। नेशनल लेबल भारत एंड स्काउट गाइड के कल्चरल मिट की तैयारी को चिरी डाइट में सचिव शैलेंद्र सुमन जायज़ा लेते अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के बच्चे पहुंच रहे हैं।
लोहरदगा : शुभम साहू के परिजनों से मिले पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहूदोषियों को कड़ी सजा दिलाने का दिलाया भरोसाएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या के बाद शोक की लहर अभी भी बनी हुई है। इसी क्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने शुभम साहू के आवास पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत शुभम साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।धीरज प्रसाद साहू ने शुभम के माता-पिता एवं अन्य परिजनों से मिलकर उनकी पीड़ा सुनी और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि एक युवा व्यवसायी की इस तरह निर्मम हत्या अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी।इस दौरान पूर्व सांसद ने लोहरदगा पुलिस अधीक्षक से भी दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने एसपी से कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की वारदात करने का दुस्साहस न कर सके।उन्होंने कहा कि अपराधियों को कड़ी सजा मिलना समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि लोहरदगा हमेशा से शांतिप्रिय जिला रहा है। हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं ने लोगों में चिंता बढ़ाई है।ऐसे में पुलिस प्रशासन को अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं। समाज के सभी वर्गों को भी पीड़ित परिवार का मनोबल बढ़ाने और न्याय की इस लड़ाई में साथ देने की आवश्यकता है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, निश्चय वर्मा, नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर, अनुज साहू, अरुण साहू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने दिवंगत शुभम साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।गौरतलब है कि पिछले दिनों लोहरदगा में युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बन गया था। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अब परिजन और आमजन मामले में शीघ्र न्याय एवं दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने की अपेक्षा कर रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र में आज बुधवार सुबह एक सनकी युवक द्वारा किये गये कुल्हाड़ी से हमले में वृद्ध दंपती की मौत हो गयी, जबकि उनकी पुत्रवधू गंभीर रूप से घायल हो गयी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, एक परिवार के सदस्य धान की बुआई के लिए बीज लेकर खेत जा रहे थे। इसी दौरान गांव के ही राजू सिंह ने अचानक उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से परिवार के लोग संभल भी नहीं सके। हमले में वृद्ध पति-पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि उनकी पुत्रवधू गंभीर रूप से घायल हो गयी। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। सूचना मिलने पर नावाडीह थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी राजू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी की मानसिक स्थिति और हमले के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। घटना के संबंध में परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने आंदोलनरत छात्रों से की मुलाकात, कहा- पूरे मामले की हो सीबीआई जांच टीम एबीएन, रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के विधायकों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं एवं छात्रों के बीच 15 मिनट से अधिक समय तक की वार्ता हुई। बाबूलाल मरांडी छात्रों की मांगें सहित आंदोलन से जुड़े सारे पहलुओं से अवगत हुए। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में जिस प्रकार गड़बड़ियां हुई हैं, छात्रों की मांग इन परीक्षाओं को रद्द करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की है। इससे कम मांग पर छात्र मानने को कतई तैयार नहीं हैं। छात्रों की सारी मांगें बिल्कुल जायज और वाजिब हैं। भाजपा छात्रों के मुद्दे पर उनके साथ सड़क से सदन तक खड़ी है। इस मामले को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में पेपर लीक का मामला ही नहीं है बल्कि यहां जेपीएससी और जेएसएससी के द्वारा खुलेआम नौकरियां बेची गयी हैं। केवल 14वीं जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी का ही मामला नहीं है बल्कि जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित तमाम परीक्षा में धांधली एवं अनियमितता सामने आयी है। उत्पाद सिपाही भर्ती में सवालों को तमाड़ में चुने हुए छात्रों को रटवाया गया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जेएसएससी के द्वारा वैसे अभ्यर्थी, जिनसे पैसा लिया गया था उन्हें बिहार, नेपाल और रांची में 120 प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये थे और वे सारे सवाल हु-ब-हु पूछे गये थे।जेपीएससी की परीक्षा के कट आफ मार्क्स जारी नहीं किया गया था, परिणाम पार्ट-पार्ट में निकाला गया था। जब हाइकोर्ट की डांट पड़ी तो कट आॅफ मार्क्स जारी किये गये तो यह पाया गया कि जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था उनसे कहीं अधिक मार्क्स वैसे बच्चे लाये थे जिनका चयन ही नहीं हुआ था। इसलिए अब तक पिछले 6 वर्षों में जितनी भी परीक्षायें जेपीएससी ने आयोजित किया है उन सबमें गड़बड़ी है। अत: इस सबकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड को करप्शन के दलदल से बचाना हम सबों का दायित्व है। छात्रों के भविष्य के साथ-साथ झारखंड के भविष्य को भी बचाने की जरूरत है। इस गड़बड़ी के माध्यम से जो लोग अफसर, बाबू बनेंगे, जो लोग आज पैसे देकर नौकरी खरीदेंगे, वो अगले 30 साल तक झारखंड में करप्शन का रायता फैलायेंगे। वे इस राज्य को लूटकर पूरी तरह खोखला कर देंगे। इस परिपाटी को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में राज्य को करप्शन से बचाना है, जेपीएससी और जेएसएससी संस्थान को भ्रष्टाचार मुक्त करना है तो इसके अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव को तुरंत बर्खास्त करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। साथ ही इन सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर इनकी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाया। बारिश के मौसम में इस विषम परिस्थिति में छात्र आंदोलन में डंटे हुए हैं, ये अपना वाजिब हक-अधिकार मांग रहे हैं परंतु झारखंड सरकार और प्रशासन ने थोड़ी भी मानवीय संवेदना नहीं दिखायी। उल्टा नियम कायदों की आड़ में छात्रों को परेशान किया गया, यह कहीं से भी उचित नहीं है। इस दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, मनोज यादव, नागेंद्र महतो, डॉ नीरा यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, अमित यादव, शत्रुघ्न महतो, उज्ज्वल दास, मंजू कुमारी, प्रदीप प्रसाद, पूर्णिमा साहू, आजसू विधायक निर्मल महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
छात्रों के समर्थन में हम खुलकर हैं बस इसका राजनीतीकरण नहीं हो होना चाहिए : भानु प्रताप शाही टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने एबीएन न्यूज 24 से खास बातचीत करते हुए जेपीएससी जेएसएससी को लेकर कहा कि छात्रों के समर्थन में हम खुलकर हैं बस इसका राजनीतिकरण नहीं हो होना चाहिए। इसलिए हम सभी सामने नहीं आ रहे थे, हमारा नैतिक समर्थन शुरू से ही रहा है। पूरी भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है वहीं उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर से यहां का आंदोलन काफी अलग है, यहां छात्र शांतिपूर्ण एवं मर्यादित तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हेमंत सरकार की नाक, कान, आंख सब बंद है। यहां तक कि हाथ भी बंधे हैं। भानु प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री मगरमच्छ के समान हैं। आखिर अभय तिवारी कौन है, जो इतनी परीक्षाएं पास की है। 14वीं जेपीएससी से लेकर जेएसएससी तक की सेटिंग वही करता था। क्या वह हेमंत सोरेन का भाई है, क्या वह कल्पना सोरेन का देवर है। भानु प्रताप शाही ने कहा कि हर हाल में सीबीआई जांच करानी होगी। परीक्षा रद्द करनी होगी अन्यथा मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होगा।
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