जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर सांसद सुखदेव भगत का भाजपा पर तीखा हमला परीक्षा का कोई पेपर लीक नहीं हुआ था, केवल ओएमआर शीट से जुड़ी कुछ तकनीकी त्रुटियां सामने आयी, जिस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली/लोहरदगा)। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता बिना तथ्य जाने सरकार और कांग्रेस पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। छात्रों के भविष्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि परीक्षा का कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। केवल ओएमआर शीट से जुड़ी कुछ तकनीकी त्रुटियां सामने आयी थीं, जिन्हें भाजपा जान-बूझकर पेपर लीक का मामला बताकर छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया। आयोग के अध्यक्ष ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया और पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गयी। अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है।सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक संवेदनशील नेता हैं और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाये। साथ ही विशेषज्ञों की मदद से परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार किये जायें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। सुखदेव भगत ने कहा कि छात्रों का भविष्य सर्वोपरि है। परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय होनी चाहिए, ताकि युवाओं का भरोसा कायम रहे। उन्होंने भाजपा से भी अपील की कि वह छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक सहयोग करे।
झारखंड के छात्रों के समर्थन में पूर्व सीएम रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम लिखा खुला पत्र टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम एक खुला पत्र लिखा है। अपने पत्र में रघवर दास ने कहा कि आदरणीय मुख्यमंत्री, झारखंड में कई दिनों से आंदोलनरत छात्रों की दुर्दशा देखकर व्यथित मन से मैं यह पत्र लिख रहा हूं। ऐसा नहीं है कि मैं यह पत्र पूर्व मुख्यमंत्री के नाते या किसी अन्य राजनीतिक मंशा से लिख रहा हूं, बल्कि छात्रों के इस आंदोलन को देखकर मुझे अपने छात्र जीवन और उससे जुड़े आंदोलन की याद आ गयी। इसलिए सोचा कि क्यों न आपसे उनकी जायज और जरूरी मांगों को लेकर बात करूं। अपने पत्र में रघुवर दास ने कहा कि दरअसल मैं भी 1974 के छात्र आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ा था और वहीं से मेरे जीवन की राजनीतिक यात्रा की शुरूआत हुई। इसलिए छात्रों का दुख दर्द भलि-भांति समझता हूं, उनकी अपेक्षाओं को जानता हूं। झारखंड के छात्र कॉलेज और कक्षाओं को छोड़कर यूं ही सड़कों पर नहीं उतरें हैं, बल्कि विगत पांच-छह वर्षों से जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षाओं में घोर अनियमितता बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हुए हैं। अपना भविष्य अंधकारमय देख आदिवासी, मूलवासी झारखंडी छात्र आज आंदोलन करने पर विवश हैं। समझ में नहीं आता कि झारखंड के छात्रों की यह दशा देखकर आपकी तंद्रा क्यों नहीं टूट रही ? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने को लेकर आंदोलनरत छात्रों से सीधी बातचीत की और उनकी मांगों के अनुरूप त्वरित कदम उठाये। न सिर्फ सीबीआई जांच के आदेश दिये बल्कि कई ऐसे प्रावधान भी बनाये गये ताकि भविष्य में कोई अनियमितता बरतने की हिमाकत नहीं कर सके। फिर आप जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने से क्यों कतरा रहे हैं? मेरा आग्रह है कि छात्रों का आंदोलन समाप्त कराने के लिए आप गंभीर और सार्थक पहल करें। उनके प्रतिनिधियों से सरकार बातचीत कर उनकी मांगों पर त्वरित और उचित कदम उठाये। छात्रों को भरोसा दिलाये कि झारखंड में उनका भविष्य पूर्णत: सुरक्षित है। गड़बड़ियों की जांच सीआईडी की जगह सीबीआई से हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले। साथ ही ऐसे प्रावधान भी किये जायें कि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता न हो सके। ऐसा नहीं किया गया तो संभव है छात्रों का यह आंदोलन जन आंदोलन के रूप में तब्दील हो जाये, जिसका खामियाजा झारखंड की शांतिप्रिय जनता के साथ सरकार को भी भुगतना पड़े।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज पद्म भूषण से सम्मानित, झारखंड आंदोलन के महानायक एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन, योगदान और आदर्शों को स्मरण किया। मौके पर उपस्थित प्रेस एवं मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था। आज उन्हें राज्य के हर कोने में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है, जहां के लोगों ने सदैव अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। इस संघर्ष में अनेक वीर सपूतों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बाबा हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और योगदान सदैव अमर रहेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड के मूलवासियों, आदिवासियों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा देखे गए सपनों को साकार करना तथा उनके आदर्शों के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। झारखंड की पहचान, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु ने जिस समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध झारखंड की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर झारखंड आंदोलन के सभी वीर शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोहरदगा सांसद सांसद सुखदेव भगत का केंद्र पर तीखा हमलागूंगी-बहरी हो चुकी है सरकार, लाठीचार्ज पर तय हो जवाबदेहीगृहमंत्री अमित शाह सदन से गायब, छात्रों से माफी मांगेंएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है।लोहरदगा से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद के भीतर और बाहर लगातार अमित शाह जवाब दो और अमित शाह सदन में आओ के नारे गूंज रहे हैं, लेकिन गृहमंत्री सदन में उपस्थित होने से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अपनी जवाबदेही से बचना चाहते हैं, वही जनता और संसद का सामना नहीं करते। मीडिया से बातचीत में सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के गृहमंत्री ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में उपस्थित होकर जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही से भागना किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए उचित नहीं है। यदि सरकार निर्दोष है तो उसे सदन में आकर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखना चाहिए। सांसद ने हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया और पेलेट गन तक का इस्तेमाल किया गया। उनका आरोप था कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी गृहमंत्री अमित शाह की बनती है। सुखदेव भगत ने कहा कि सरकार को इस घटना पर पीड़ित छात्रों से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट सरकार सवालों से बचती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न प्रधानमंत्री इस मामले पर बोल रहे हैं और न ही गृहमंत्री सदन में आकर जवाब दे रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार की यह चुप्पी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे यह संदेश जाता है कि सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और जब तक सरकार इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब नहीं देती, जिम्मेदारी तय नहीं करती तथा गृहमंत्री सदन में आकर अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है और उससे बचना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।
धनबाद : कतरास के बीसीसीएल एरिया 04 के चेतुडीह 2 पीट सब स्टेशन क्षेत्र के लोगों ने किया चक्का जामबीसीसीएल एरिया 04 के चेतुडीह 2 पीट सब स्टेशन कोलियरी में हल्ला बोल नाराज़ कॉलोनीवासियों ने किया चक्का जामएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। बीसीसीएल एरिया 04 के चेतुडीह कोलियरी में पानी की गंभीर समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोग कल 2 पीट सब स्टेशन पर पहुंचे और पावर सप्लाई बंद कर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।ज्ञात हो कि 15 दिन पहले एरिया 04 के चेतूडीह 2 पीट चानक में समरसेबल जल जाने के कारण पानी की सप्लाई बंद थी जिसके कारण छाताबाद 2 नंबर, 5 नंबर, 16 नंबर, लकड़का, मालकेरा आदि इलाके मे लोगों का जीना मुश्किल हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले। 15 दिनों से जलापूर्ति के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ प्रबंधन की तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पानी की व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।जैसे ही इस गंभीर समस्या की जानकारी बाघमारा के लोकप्रिय विधायक श्री शत्रुघ्न महतो को हुई उन्होंने तुरंत संबंधित विभाग के GM से सीधे फोन पर बात की और मामला की गंभीरता को देखते हुए इसे जल्द से जल्द ठीक करने का कड़ा निर्देश दिए और आज सुबह 09 बजे 2 पीट चानक में समरसेबल आ गया जलापूर्ति जो पिछले 15 दिनों से बंद थी वह कल सुबह तक शुरू हो जाएगी। इस नेक कार्य के लिए सभी ग्रामीणों ने विधायक जी का आभार प्रकट किया और उनको कोटि-कोटि धन्यवाद दिया विधायक जी ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान ही हमारी प्राथमिकता है।
टीम एबीएन, रांची। रांची में घर में जगह नहीं है और गाड़ी खरीदकर अपने घर के बाहर सड़क किनारे लगा दिये हैं तो अब सावधान हो जाइये। देर रात हिंदपीढ़ी के निजाम नगर में ऐसी ही सड़क किनारे खड़ी कई महंगी गाड़ियों की शीशे तोड़ डाले गए हैं, जिससे गाड़ी मालिकों में दहशत है। हालांकि पुलिस छानबीन में जुट गई है, लेकिन पुलिस का भी कहना है घर में पार्किंग की जगह है तभी गाड़ी खरीद कर रखिये। सड़क किनारे लोग गाड़ी लगाकर घंटों छोड़ देते हैं। खासकर गुल मुहल्ले में ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। रात्रि में सुरक्षा और एमरजेंसी सेवा के दौरान परेशानी हो सकती है।
सत्याग्रह धरना का 10वां दिन व अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का दूसरा दिन रहा जारी टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की नियुक्ति प्रक्रियाओं में अनियमितता एवं धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सोमवार को सत्याग्रह धरना का दसवां दिन तथा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का दूसरा दिन जारी रहा। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कल चार अगस्त की उनकी भूख हड़ताल झारखंड आंदोलन के अग्रणी व दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि गुरुजी के संघर्ष, त्याग और जनहित के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेते हुए वे राज्य के छात्रों के न्यायपूर्ण भविष्य के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुरुजी के आदर्शों एवं संघर्ष के मार्ग पर चलते हुए छात्रों के अधिकारों की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि जेपीएससी एवं जेएसएससी से जुड़े मामलों में शीघ्र, पारदर्शी एवं ठोस निर्णय लेकर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जायें। बताते चलें कि कल 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पुण्यतिथि है।
7-8 अगस्त को जमशेदपुर में होगा युवा आजसू का दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन, तैयारियों की हुई समीक्षा टीम एबीएन, रांची। आगामी 7 एवं 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले युवा आजसू के दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन की तैयारियों को लेकर सोमवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, हरमू (रांची) में युवा आजसू के प्रदेश संयोजकों एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने की। अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि यह अधिवेशन संगठन को नयी ऊर्जा, नया नेतृत्व और नई दिशा देने का कार्य करेगा। 14वीं जेपीएससी भर्ती घोटाले पर सुदेश महतो ने सरकार को घेरा मीडिया से बातचीत में सुदेश कुमार महतो ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटालों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सीआईडी जांच के भरोसे मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। उन्होंने मांग की कि 14वीं जेपीएससी एवं जेएसएससी भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच करायी जाये, जेपीएससी के वर्तमान सदस्यों को तत्काल हटाया जाये तथा सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं विशेषज्ञों की स्वतंत्र समिति गठित कर पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करार्यी जाये। सरकार से आजसू पार्टी की प्रमुख मांगें 14वीं जेपीएससी एवं जेएसएससी भर्ती घोटालों की अविलंब सीबीआई जांच करायी जाये। जेपीएससी के सभी वर्तमान सदस्यों को तत्काल हटाकर आयोग का पुनर्गठन किया जाए तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष व्यक्तियों की नियुक्ति की जाये।जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के गिरफ्तार द्वितीय टॉपर अभय तिवारी प्रकरण सहित पूरे भर्ती तंत्र की निष्पक्ष जांच हो तथा जेएसएससी के वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच कर उन्हें पद से हटाया जाये। सरकार यह सार्वजनिक करे कि अब तक सीआईडी को कितने महत्वपूर्ण मामलों की जांच सौंपी गयी, उनमें से कितने मामलों का अंतिम निष्पादन हुआ तथा कितने मामले अब भी लंबित हैं।
हर रविवार गूंजेंगे शिव और सावन के गीत टीम एबीएन, रांची। साहित्य संगम संस्थान झारखंड इकाई द्वारा पवित्र श्रावण मास के अवसर पर सावन की फुहार कार्यक्रम का शुभारंभ आज संस्थान के मंच से संगीतमय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के सचिव पूनम वर्मा अनूप ने मां सरस्वती की वंदना एवं स्वागत उद्बोधन से किया। इसके पश्चात काव्य प्रस्तुतियों का क्रम प्रारंभ हुआ।झारखंड इकाई की पंच परमेश्वरीकरुणा सिंह कल्पना ने प्रस्तुत किया- मुझको जिसने भी पूजा है, उसका जीवन धन्य हुआ। राजस्थान इकाई की सचिव अर्पणा सिंह अर्पी ने शिव शम्भू चले कैलाश बूंदें पड़ने लगी सुनाया। पटना इकाई की अध्यक्ष सुजाता प्रिय समृद्धि ने भोला के चरणों में ध्यान लगाओ भजन गाया।कल्याणी झा कनक ने रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे, बिजली चमक दिखाती है सुंदर गायन प्रस्तुत किया। खुशबू बरनवाल ने शिव जी आये घर-घर मंदिर सावन जल अब बरसाओ सुनाया। मधुमिता साहा ने कैसे कहूं प्रिया से दिल की बतिया गाया। लक्ष्मी कुमारी ने भी अपनी रचना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र ने अपने उद्बोधन में सच्चे आनंद के महत्व को बताया। उनके सुभाषित वचनों से सभागार मंत्रमुग्ध हो गया। इस दौरान संस्थान से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों रमेश हंसमुख, संजय कुमार सिंह, महेश प्रसाद, प्रमोद पाण्डेय, कृष्ण प्रेमी, रूपा माला, नंदिता माजी शर्मा, डॉ राजेश कुमार शर्मा पुरोहित ने अपनी प्रतिक्रिया दी और विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ नवीन कुमार भट्ट नीर ने बताया कि पवित्र श्रावण मास में झारखंड इकाई में यह कार्यक्रम विधिवत संपन्न हुआ। यह आयोजन इकाई के मार्गदर्शक डॉ प्रशांत करण, निवेदिता श्रीवास्तव गार्गी और सचिव/कार्यक्रम संयोजिका पूनम वर्मा अनूप के कुशल नेतृत्व में हुआ। श्रावण मास पर काव्यमंच पर प्रतिदिन शिवार्चन संध्या एकल काव्यपाठ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश के विभिन्न भागों से शिव प्रेमी प्रतिभागी हिस्सा लेकर श्रावण मास को मधुर भाव से शिवमय कर रहे हैं। शिवार्चन संध्या का संयोजन सरोज शुक्ला श्री द्वारा किया जा रहा है। सचिव पूनम वर्मा अनूप ने बताया कि यह साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन सावन मास के प्रत्येक रविवार को आयोजित होगा। मौके पर संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विभिन्न इकाइयों के सदस्य, वरिष्ठ साहित्यकारों, विद्वानों तथा साहित्य-प्रेमियों की आभासी उपस्थिति उल्लेखनीय रहेगी। कार्यक्रम का समापन 23 अगस्त 2026 को संस्थान के संरक्षक प्रशांत करण के समापन भाषण से होगा।
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