एसआईआर पर मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर रहे हेमंत : आदित्य साहूअपने घुसपैठिये फर्जी वोटरों को बचाने के लिए गरीबों के नाम का उपयोग कर अपनी रोटी सेंक रहे हैं मुख्यमंत्रीझारखंड सरकार का वोट बैंक दांव पर, इसलिए छटपटा रहे हैं हेमंत सोरेन टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एसआईआर पर झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। गरीब गुरबा, आदिवासी, मूलवासी का नाम लेकर मुख्यमंत्री अपने हिडन एजेंडा को साध रहे हैं। श्री साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बतलाया है जिसमें उन्होंने बीजेपी पर एसआईआर की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ों को उनके मताधिकार एवं राशन और पेंशन से वंचित करने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गये हैं। अपने कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ हो जाने के ख्याल मात्र से ही उनकी नींद उड़ी हुई है। इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है। देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है।जो देश की आजादी के बाद से अब तक 13 बार किया जा चुका है। अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में बनी। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकार रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई। आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों? उस पर भी यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है, इसमें किसी राजनीतिक पार्टी का कोई भी दखल नहीं होता। चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके। इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है। श्री साहू ने कहा कि बिहार और बंगाल में विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक बयान की सारी कलई खुल चुकी है। इन राज्यों में किसी वास्तविक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटा। स्वाभाविक है कि झारखंड में भी किसी वास्तविक वोटर का नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिकता होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। सारा भ्रम विपक्षी पार्टियां फैला रही हैं। श्री साहू ने कहा कि दरअसल हेमंत सोरेन की बेचैनी और चिंता अपने कथित कोर घुसपैठिए वोटर को लेकर है जो इनके कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए हैं। यह किसी से छिपा नहीं है कि इस सरकार के कार्यकाल में पूरे झारखंड की डेमोग्राफी चेंज हुई है। विपक्ष ने अपने वोट बैंक के लिए इन घुसपैठियों को देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बसाया, लेकिन अब एसआईआर उनकी पहचान कर रहा है तो कांग्रेस, झामुमो, राजद सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनका वोट बैंक दांव पर है। हेमंत सोरेन इसी कारण भयभीत हैं कि अब उनकी पोल पट्टी खुलने वाली है।राज्य में जो लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी वोटर बने हुए हैं और वास्तविक लाभुकों की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें ही फिल्टर कर हटाना तो एसआईआर का उद्देश्य है। श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी कहा है कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी, रोहंगिया को बसा रही है। अपने वोट बैंक की खातिर यहां के आदिवासी मूलवासी का हक इन्हें दे रही है। साल 2014 से 2019 के बीच देश भर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि के मुकाबले झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होती है। जबकि 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि के मुकाबले झारखंड में यह वृद्धि 16.7% होती है। इस दौरान झारखंड में राष्ट्रीय ग्रोथ से भी अधिक मत प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार थी। भाजपा के शासनकाल में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह होती। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में फर्जी लोगों को वोटर बनाकर बसाया जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि एक और उदाहरण देखिए कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के हैदरजोड़ी पंचायत में एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन यहां मंईयां सम्मान योजना के तहत 174 मुस्लिम महिलाओं के नाम पर 2500 रुपए की राशि दी गयी। इसी प्रकार पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित एक गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी वहां 3000 मुस्लिम बच्चों का आधार कार्ड बन जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि किस बेदर्दी तरीके से हेमंत सरकार आदिवासियों मूलवासियों का हक बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लूटा रही है। इसलिए प्रदेश में एसआईआर रूपी फिल्टर होना आवश्यक है। अब घुसपैठियों को पालने पोसने वाले ऐसे दलों की बैचेनी को साफ समझा जा सकता है। यह एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। एसआईआर से यहां के वास्तविक अल्पसंख्यक भी खुश हैं क्योंकि उनके हिस्से का लाभ बांग्लादेशी, रोहंगिया जो अब तक डकारते रहे हैं, उस पर लगाम लगेगी।
मनोज कौशिक को सीआईडी से हटाये बिना ट्रेजरी की निष्पक्ष जांच असंभव : भाजपाभाजपा की मांग : मनोज कौशिक को सीआईडी से हटाये बिना ट्रेजरी स्कैम की निष्पक्ष जांच संभव नहींटीम एबीएन, रांची। झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे मामले में चल रही जांच प्रक्रिया और सरकार द्वारा दिये जा रहे आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है।अजय साह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक सीआईडी जांच शुरू नहीं होना अपने आप में कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस एजेंसी को जांच सौंपी जानी है, उसकी निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।उनके अनुसार, यह घोटाला शुरूआत में करीब 3.5 करोड़ रुपये का था, जो धीरे-धीरे 14 जिलों में फैलते हुए आधिकारिक रूप से 350 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आशंका जतायी कि जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ रहा है, वह भविष्य में हजारों करोड़ के घोटाले का रूप ले सकता है और यह स्थिति कहीं न कहीं चारा घोटाले के दूसरे संस्करण जैसी प्रतीत हो रही है।भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस महाघोटाले की जांच झारखंड पुलिस के बजाय सीआईडी को इसलिए सौंपी जानी है ताकि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस उद्देश्य के विपरीत नजर आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अनुराग गुप्ता मॉडल के तहत सीआईडी और झारखंड पुलिस की कमान एक ही अधिकारी के हाथों में केंद्रित कर दी गई है। वर्तमान में एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय और रांची के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।अजय साह ने यह भी बताया कि ट्रेजरी घोटाला मूल रूप से पुलिस ट्रेजरी से जुड़ा मामला है, जिसकी जवाबदेही डीडीओ यानी संबंधित जिलों के एसपी पर होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि मनोज कौशिक वर्ष 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी (डीडीओ) रह चुके हैं। ऐसे में यदि वही अधिकारी इस मामले की जांच का नेतृत्व करते हैं, तो यह हितों के टकराव और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। साथ ही, जिन जिलों में यह घोटाला संदिग्ध है, वे वर्तमान में भी उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच की संभावना और भी कम हो जाती है।भाजपा ने मांग की है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए मनोज कौशिक को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर किसी ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, जिसका इन जिलों या ट्रेजरी मामलों से पूर्व में कोई प्रत्यक्ष संबंध न रहा हो। अंत में अजय साह ने दोहराया कि यदि राज्य सरकार वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है, तो उसे तुरंत न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए या फिर इस पूरे प्रकरण को सीबीआई को सौंप देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
बोकारो : तीन वाहनों की टक्कर में दो मौतभीषण सड़क हादसा, तीन वाहनों की टक्कर में 2 लोगों की मौत, मची चीख-पुकारएबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के फोरलेन रजरप्पा मोड़ के समीप तेज रफ्तार तेल टैंकर और मिनी ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे की चपेट में एक आॅटो भी आ गया और 2 लोगों की मौत हो गयी।पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में ट्रक चालक और आॅटो चालक की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि आॅटो समेत तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।सूचना मिलते ही पेटरवार थाना प्रभारी राजू कुमार मुंडा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने धनबाद उपायुक्त को सौंपा ज्ञापनसम्मान कार्यक्रम व प्रशस्ति-पत्र वितरण करने की मांगएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा झारखंड अलग आंदोलन व पुनर्गठन में योगदान देने वाले चिन्हित आंदोलनकारीयों के सम्मान व अधिकार को लेकर लगातार सक्रिय है। मोर्चा का इकाई आज धनबाद उपायुक्त से मुलाकात की। आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के देनिय स्थिति से अवगत कराया। गृह कारा व आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 38 वीं संपुष्टि सूची के आलोक में शीघ्र सम्मान शिविर आयोजित कर प्रशस्ति-पत्र वितरण करने की मांग की ।मोर्चा के केंद्रीय प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने लिखित आवेदन में कहा की विभाग द्वारा दो दिसंबर 2025 को कुल 304 चिन्हित आंदोलनकारीयों की सूची जिला कार्यालय सौंप दिया गया है। जारी कई चिह्नित आंदोलनकारी वृद्धावस्था एवं भारी शारीरिक अस्वस्थता से जुझ रहे हैं। संपुष्टि सूची जिला कार्यालय को सोंपें हुए चार महीनों से अधिक समयावधि गुजर जाने के बाद भी अब तक जिला प्रशासन का उदासीनता बरकरार है। 38 वीं सम्पुष्टि सूची के प्रशस्ति-पत्र का वितरण नहीं हो सकता है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने आंदोलनकारीयों के बातों को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
लोहरदगा : ठकुराइन तालाब में युवक ने लगायी छलांग, मौतएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। अपर बाजार (गुदरी) ठकुराइन तालाब में जिस व्यक्ति ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पहचान बिट्टू सिंह उम्र 28 वर्ष पिता संतोष सिंह ग्राम कुंडू (हाता टोली) थाना कुंडू जिला लोहरदगा के रुप हुई। बताया जाता है कि लोहरदगा में शारदा हार्ड वेयर में काम करता था और वहीं अगल-बगल में कहीं रहता था। परिवार के लोगों एवं कुडू के आजसू नेता लाल गुडडू नाथ शाहदेव से जानकारी मिली कि वह कर्ज में डूबा हुआ था। कई जगह से कर्ज ले चुका था। जिससे मानसिक तनाव में रहता था भगवान मृत आत्मा को शांति प्रदान करें साथ ही इस दुख के घड़ी में परिवार के सदस्यों को भगवान धैर्य प्रदान करें यह कामना आजसू के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने की।
एसआर डीएवी पुंदाग में धूमधाम से मना अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवसटीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस पर अपनी पृथ्वी को हरी-भरी और खुशहाल रखने का संकल्प लिया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस की थीम हमारी पृथ्वी, हमारी शक्ति रखी गयी है। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में माता पृथ्वी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। कक्षा पंचम से नवम तक के विद्यार्थियों ने पौधारोपण किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न चित्रों एवं संदेशों के माध्यम से अपनी धरती को बचाने के उपाय सुझाये।प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यार्थियों के सुंदर प्रयासों की सराहना करते हुए अपने संदेश में कहा कि विज्ञान के बढ़ते चरण के साथ ही हमारी धरती खतरे में पड़ती जा रही है। उसकी सुरक्षा करना हम सबका कर्त्तव्य है। हर विद्यार्थी का पुनीत कर्तव्य है कि वह अपनी पृथ्वी का पारितंत्र सबके लिए सुखद बनायें। विद्यार्थियों में कर्तव्य बोध जगाना उनके शिक्षकों का पुनीत कर्तव्य है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के वीर सपूत अमर शहीद पांडेय गणपत राय के 168वें बलिदान दिवस पर आज शहीद पांडेय गणपत राय स्मारक समिति रांची एवं जिला प्रशासन रांची शहीद स्मारक समिति रांची के संयुक्त तत्वावधान में शहीद स्थल, जिला स्कूल के पास, रांची में एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने अमर शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पांडेय गणपत राय ने 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में विद्रोहियों के कमांडर-इन-चीफ के रूप में नेतृत्व करते हुए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष किया और झारखंड की धरती पर स्वतंत्रता की अलख जगायी। वक्ताओं ने उनके जीवन एवं बलिदान को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने तथा राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शहीद पांडेय गणपत राय स्मारक समिति की अध्यक्ष डॉ. वंदना राय ने अपने स्वागत उद्बोधन में सबों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करना हमारी जिम्मेदारी है और नई पीढ़ी को उनके इतिहास से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर माननीय सांसद (राज्यसभा) दीपक प्रकाश, माननीय रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद समेत शहर के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, शहीद पांडेय गणपत राय के परिवार से पंकज बाबू, डा वंदना राय, डॉ. राजेश कुमार लाल, राजेश्वर नाथ आलोक, राजीव सहाय, प्रोफेसर शब्या राय, डॉ. संध्या रानी, श्रीमती बीना राय, कनकलता सहाय, सीमा सिन्हा रवीश रौशन, अरविंद रौशन सहित देशभक्त नागरिकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उक्त जानकारी शहीद पांडेय गणपत राय स्मारक समिति की अध्यक्ष डॉ. वंदना राय ने दी।
रांची में सनसनी! डेयरी फार्म के पास युवक का शव बरामद, शरीर पर थे चोट के निशान टीम एबीएन, रांची। रांची के टाटीसिल्वे थाना क्षेत्र में रविवार को एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी। यह शव बड़ाम डेयरी फार्म के समीप स्थित एक मैदान से बरामद किया गया, जहां स्थानीय लोगों की नजर पड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गयी। सूचना मिलते ही टाटीसिल्वे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शरीर पर कई जगह चोट के निशान मृतक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाये गये हैं, जिससे प्रथमदृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस हत्या सहित अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक की पहचान जोरार कैलाश नगर निवासी जितेंद्र तिवारी के पुत्र अभिजीत तिवारी के रूप में की गयी है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गये, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमाटर्म रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
लातेहार के जंगल में दो महिलाओं के शव मिले, जंगली भैंसे के हमले का संदेह एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। जिले के एक जंगल में मंगलवार सुबह दो महिलाओं के शव मिले। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बताया जाता है कि गुरिकम जंगल में जंगली भैंसे के हमले के बाद महिलाओं की मौत हो गयी। वन क्षेत्र अधिकारी अजय टोप्पो ने बताया कि परिवार के सदस्यों के बयान के अनुसार, महिलाएं सोमवार सुबह जंगल में फूल इकट्ठा करने गयी थीं, लेकिन घर नहीं लौटीं। टोप्पो ने बताया, मंगलवार की सुबह जंगल में उनके शव मिले। ऐसा प्रतीत होता है कि जंगली भैंसे के हमले में उनकी मृत्यु हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतकों की पहचान शिलामणिया देवी (64) और शांति कुंवर (50) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को पचास-पचास हजार रुपये दिये जा चुके हैं, जबकि औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद 3.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। झारखंड सरकार जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर चार लाख रुपये का मुआवजा देती है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.