टीम एबीएन, हजारीबाग। केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू जंगल के बरवाटांड़ नदी के समीप मंगलवार को पुलिस ने एक एकड़ भूमि पर लहलहाता पोस्ते की फसल को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी राकेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में हुई। पुलिस बल के जवानों ने एक एकड़ में लगे पोस्ते की फसल को लाठी-डंडे से पीट-पीट कर नष्ट कर दिया।
टीम एबीएन, खूंटी। भाजपा के जिला कार्यालय में मंगलवार को बूथ सशक्तीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा नेता सुनीता सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का मानना है कि बूथ कार्यकर्ता ही पार्टी और आम लोगों के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सशक्त बूथ कमेटी और पन्ना प्रमुख इसके सूत्रधार हैंं। हमारा बूथ-सबसे मजबूत मंत्र के साथ हम 2024 का चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। आप सभी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेवारी को मन से निभाएं, बूथ पर जायें और सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी, वर्गीकरण कर बूथ सशक्तीकरण करें। जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता ने कहा कि अंत्योदय की राह पर चलते हुए भाजपा मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। अगले साल हमें चुनाव में जाना है। जिला उपाध्यक्ष संजय साहू ने कहा कि जिला कमेटी, मंडल कमेटी और बूथ कमेटी बन गई है। अब बूथ का विस्तार कर उसे सशक्त करना है। जिला महामंत्री बिनोद नाग ने कहा कि बूथ कमेटी का विस्तार करते हुए 21 से बढ़ा कर 50 सदस्यों की कमेटी बनानी है। साथ ही सभी का विवरण सरल ऐप पर निबंधन कराना है। धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष गंदौरी गुड़िया ने किया। कार्यशाला में जिला उपाध्यक्ष विष्णु सोनी, कैलाश राम, जिला महामंत्री शशांक शेखर राय, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। आज ही के दिन महान भारतीय वैज्ञानिक डॉ सीवी रमण ने रमण इफेक्ट की खोज की थी, जिसके कारण उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ सीवी रमण को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। साथ ही विज्ञान विभाग के शिक्षकों ने दैनिक जीवन में विज्ञान का महत्त्व तथा वैज्ञानिक सोच का विकास विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। शिक्षिका सुजाता सिन्हा ने विज्ञान के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि विज्ञान हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। हमारे देश भूमि ज्ञान-विज्ञान की जननी रही है। तभी तो हमारी संस्कृति विज्ञान पर आधारित है। उन्होंने विज्ञान को न केवल एक महत्त्वपूर्ण विषय बताया, बल्कि अन्य सभी विषयों को विज्ञान से जोड़कर बताया कि किस प्रकार सभी विषय विज्ञान से जुड़कर संपूर्णता को प्राप्त करते हैं, यहां तक कि हमारी भाषा भी वैज्ञानिक है। हमारे धार्मिक क्रियाकलाप भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही बनाये गये हैं। इसलिए हम सबको वैज्ञानिक सोच विकसित करनी होगी, ताकि बदलते परिदृश्य के साथ हम स्वयं को समायोजित कर सकें, पिछड़े नहीं। समय के साथ-साथ चलते हुए उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें। प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि जब संपूर्ण विश्व में ज्ञान का प्रकाश फैला भी नहीं था, तब भी भारत विश्वगुरु के पद पर आसीन था। हमारे देश के ऋषि-महर्षि तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले थे। उनकी शिक्षा पद्धति भी विज्ञान पर आधारित थी। अब 21वीं सदी में इसका महत्त्व दिन-प्रतिदिन और भी बढ़ता जा रहा है। वैज्ञानिक सोच हमारे जीवन पद्धति को और भी विकसित और उन्नत बनायेगी। अत: हमें और अधिक तार्किक होने की आवश्यकता है। आज के विद्यार्थी जिज्ञासु प्रवृत्ति के हैं। हमें उनके प्रश्नों का तार्किक उत्तर देकर उन्हें संतुष्ट करना होगा तथा उनमें भी वैज्ञानिक सोच विकसित करनी होगी। इसलिए हमें सतत अपने ज्ञान को संवर्धित करना होगा। उक्त समारोह में पूरा विद्यालय परिवार शामिल हुआ। राष्ट्र गान के साथ सभा समाप्त हुई।
टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। कोयलांचल धनबाद में अगलगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला धनबाद के महुदा मोड़ का है, जहां अवस्थित प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लग गयी। प्लास्टिक गोदाम में लगी आग ने चंद सेकेंड में विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें ऊंची उठने लगी। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि काबू पाना आसान नहीं था। काले गुब्बार के धुएं से पूरा क्षेत्र ढंकता चला गया। लोगों ने घटना की सूचना महुदा थाना और अग्निशमन विभाग के लोगों को दी। जब तक पुलिस या दमकल मौके पर पहुंचती, तब तक आग ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आमलोग अपनी-अपनी जान बचाते घर-वार छोड़ भाग खड़े हुए, जबकि निकट के दर्जनों दुकानदार जैसे-तैसे अपनी दुकान खाली कर सारे माल लेकर भागने लगे। आग काफी तेजी से फैल रही थी, फिर भी स्थानीय लोग आग बुझाने का भरपूर प्रयास करते रहे। करीब एक घंटे के बाद 6 से अधिक दमकल के वाहन मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्लास्टिक गोदाम में आग कैसे लगी, अभी इसका पता नहीं चल पाया है। कुछ लोग अंदेशा जता रहे हैं कि किसी ने जान-बूझकर आग लगायी है। घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी निशा मुर्मू समेत महुदा, मधुबन समेत तमाम क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आनन-फानन में आग पर हर हाल में काबू पाने के लिए बोकारो जिला से दमकल की तत्काल 5-6 गाड़ियों को बुलाया। आगजनी के इस विकराल घटना पर काबू पाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बीसीसीएल के मुनीडीह प्रबंधन को भी फोन कर टैंकरों से पर्याप्त पानी मुहैया करने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि भीषण आगजनी के बाद आग पर दमकल की लगी कुल 9 गाड़ियों ने लगभग चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। घटना के इस दौरान किसी के हताहत की खबर नहीं है, लेकिन निकटवर्ती कई घर चपेट में आ गये। वहीं इस घटना में गोदाम संचालक गोपाल महतो की करोड़ों की संपत्ति जलकर राख होने का अनुमान है। फिलवक्त आग की घटना के संबंध में कोई स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं। इधर, बाजार क्षेत्र और घनी आबादी के बीच स्थापित कचरे के गोदाम की वैद्यता और सुरक्षा के प्रमाणिक मापदंड पर भी पुलिस प्रशासन कुछ भी कहने से बच रही है।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। महाशिवरात्रि के दौरान सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त रहे झारखंड में पलामू जिले के पांकी मंडल में आगामी होली तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस कस्बे में गत 15 फरवरी को दो समुदायों के बीच हुए सांप्रदायिक संघर्ष के बाद उसी दिन से निषेधाज्ञा लागू है। इस हिंसा के संबंध में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।एसडीएम ने दी जानकारी : मेदिनीनगर के अनुमंडलीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) राजेश कुमार साह ने सोमवार को स्थानीय संवाददाताओं को बताया कि आठ मार्च तक पांकी में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। निषेधाज्ञा तभी हटायी जायेगी जब स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह तसल्ली हो जायेगी कि अब इसकी जरुरत नहीं है।उन्होंने कहा कि निषेधाज्ञा होली के बाद हटाये जाने की उम्मीद है। साह ने कहा कि निषेधाज्ञा में ढील दे दी गयी है और बाजार, स्कूलों को खोलने की अनुमति है। फिर भी एक साथ चार से अधिक लोगों के जमा होने पर पूरी तरह रोक है। उन्होंने कहा कि ऐसा शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए किया गया है।शिवरात्रि के पर्व पर पांकी बाजार के पास एक सजावटी गेट के निर्माण को लेकर दो समुदायों के लोगों के विवाद हो गया था, जिसके बाद ये समूह आपस में भिड़ गये थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू करने का फैसला किया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर आगामी एक मार्च को पूरे राज्य में हड़ताल का ऐलान किया है। आईएमए और झारखंड चिकित्सा सेवा संघ ने कहा है कि अगर डॉक्टरों पर हमले और दुर्व्यवहार की घटनाओं पर सरकार ने तत्काल एक्शन नहीं लिया तो डॉक्टर बेमियादी कार्य बहिष्कार जैसा निर्णय लेने को बाध्य होंगे। सोमवार को रांची के एक मशहूर ऑथोर्पेडिक सर्जन डॉ अंचल पर कातिलाना हमला हुआ है। अज्ञात लोगों ने हमला कर उनका सिर फोड़ दिया। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी गयी है। इस घटना के बाद आईएमए की झारखंड इकाई ने आपात बैठक बुलायी। इसमें आगामी 1 मार्च को कार्य बहिष्कार आंदोलन को शत-प्रतिशत सफल बनाने का संकल्प लिया गया। हाल में रांची के अलावा गढ़वा, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, लोहरदगा और हजारीबाग की घटनाओं पर विरोध जताया गया।आइएमए के सेक्रेटरी प्रदीप सिंह ने कही ये बात : स्टेट आइएमए के सेक्रेटरी प्रदीप सिंह ने कहा कि डॉक्टर एक मार्च को अस्पताल तो आयेंगे, लेकिन परामर्श नही देंगे। हालांकि आपातकालीन परामर्श, पोस्टमार्टम और प्रसव की सुविधा बहाल रहेगी। डॉ सिंह ने कहा कि राज्य में डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं। गढ़वा सदर अस्पताल और राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।हजारीबाग में डीडीसी ने मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभागाध्यक्ष को अपने कक्ष में बुलाकर लंबे समय तक खड़ा रखा और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। आईएमए ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट और क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट लागू करने और बायोमैट्रिक अटेंडेंस से डॉक्टरों को मुक्त रखने की मांग की। झासा (झारखंड हेल्थ सर्विस एसोसिएशन) के अध्यक्ष डॉ पीपी साह ने कहा कि डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार घट रही हैं।इसके विरोध में यह सांकेतिक आंदोलन है जिसको व्यापक स्तर तक ले जाया जायेगा। आइएमए रांची के अध्यक्ष डॉ शंभु प्रसाद ने बताया कि डॉक्टरों के साथ प्रताड़ना के केसेज बढ़ते जा रहे हैं। डॉ भारती कश्यप ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की मांग डॉक्टर लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसपर ध्यान नहीं दे रही।
डेलिगेट्स का मन मोहेगी सोहराई पेंटिंगएबीएन सेंट्रल डेस्क। जी-20 समिट को लेकर रांची को चमकाने में कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। 1 मार्च को जी-20 के डेलिगेट्स रांची आयेंगे। उन्हें किसी तरह की कोई भी असुविधा न हो इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षाबलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की जायेगी। इससे आमजनों को परेशानी न हो इसका भी खास ख्याल रखा जा रहा है। प्रभारी ट्रैफिक एसपी नौशाद आलम ने ABNNews24.com को बताया जिन रूटों से मेहमान गुजरेंगे, उन सड़कों के नाम, उनमें कितने कट हैं। वहां कितने पुलिसबलों की तैनाती की जरूरत है, इन सभी को लेकर हर एरिया के थाने से रिपोर्ट मांगी गयी है। उधर, पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सुरक्षा के नोडल अधिकारी एडीजी अभियान से संजय आनंद लैठकर बनाये गये हैं।
टीम एबीएन, रांची। हुटुप इरबा स्थित शाश्वत इंस्टिट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन में दिनांक 28-2-22 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ विनोद कुमार राय ने छात्रों को बताया कि विज्ञान दिवस सर वेंकटरमण की याद में मनाया जाता है जिन्होंने रमण प्रभाव की खोज की थी, जिसके लिए उन्हें नोबल पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था। इसके पश्चात क्विज और डिबेट का भी आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में सेशन 2022-2024 सत्र के बच्चे शामिल हुए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंजली कुमारी, डॉ रश्मिरती, डॉ विनीता खलखो, ममता कुमारी, देशराज सिंह, संजीव कुमार, नागेंद्र सिंह, रूपेश कुमार, अशोक गोप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले में उपचुनाव को लेकर एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों को बैंकों में पैसा जमा नहीं करने की सलाह दी थी, जिसके बाद वह विवादों में घिर गये हैं। गोड्डा लोकसभा सीट से सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री के बयान को मूर्खतापूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की है।सीएम जनता से इस तरह के गलत कदम उठाने के लिए कह रहे हैं : निशिकांत दुबे ने कहा है कि देश पूरी दुनिया में पीएम मोदी के नेतृत्व में सम्मान पा रहा है। उन्होंने ये भी कहा है कि पैसा सुरक्षित भी है और विकास के लिए लग रहा है। उन्होंने हेमंत सोरेन के एक-एक आरोप का जवाब देते हुए एक पत्र भी ट्वीट किया है, जिसमें सीएम के आरोप का भी उल्लेख है। निशिकांत दुबे ने सीएम सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर होते हुए हेमंत सोरेन जनता से इस तरह के गलत कदम उठाने के लिए कह रहे हैं। ये हेमंत सोरेन के डर को दिखाता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।हेमंत जी क्या ये चाहते हैं कि जनता भ्रष्टाचार को गले लगा ले? : उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने गरीब, पिछड़े और आदिवासियों का वित्तीय सिस्टम में समावेश किया। उनके बैंक खाते खुलवा कर उनको साहूकारों से मुक्ति दिलायी। निशिकांत दुबे ने ये भी कहा कि अकेले झारखंड में ही 97 लाख से अधिक मुद्रा लोन और 1 करोड़ 62 लाख से अधिक जन धन योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि पहले मनरेगा के पैसे ठेकेदार और सरकारी तंत्र के लोग खा जाते थे। अब डीबीटी से पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। हेमंत जी क्या ये चाहते हैं कि जनता भ्रष्टाचार को गले लगा ले?दीपक प्रकाश ने सीएम के इस बयान को बताया असंवैधानिक : उधर, भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने भी पैसा जमीन में गाड़कर रखने वाले बयान को असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि ये गैरकानूनी और भ्रष्टाचारियों, काला धन को बढ़ावा देने वाला है। भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर घेरा है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री अपने इस बयान को लेकर जनता से तुरंत माफी मांगें।
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