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हैकिंग : संसद टीवी के यूट्यूब चैनल नाम हुआ एथेरियम क्रिप्टोकरेंसी
Published / 2022-02-15 12:48:47
हैकिंग : संसद टीवी के यूट्यूब चैनल नाम हुआ एथेरियम क्रिप्टोकरेंसी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूट्यूब पर संसद टीवी के खाते को कथित तौर पर यूट्यूब के सामुदायिक दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने के चलते बंद कर दिया गया है। यूट्यूब के इस चैनल पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाता है। इसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि खाते को हैक कर उसका नाम बदलकर एथेरियम रख दिया गया था, जो एक क्रिप्टो मुद्रा है। इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि गूगल के सामने इस मुद्दे को उठाया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि हैकिंग जैसा कुछ हुआ है। उन्होंने कहा कि गूगल से शिकायत की गई है और वे उसे देख रहे हैं। संसद टीवी के यूट्यूब खाते के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किये जा रहे हैं जिस पर लिखा कि इस खाते को यूट्यूब के सामुदायिक दिशा निदेर्शों के उल्लंघन के चलते बंद कर दिया गया है।

रूस-यूक्रेन तनातनी का भारत पर असर...
Published / 2022-02-15 11:59:11
रूस-यूक्रेन तनातनी का भारत पर असर...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब नए वैश्विक जगत में सोवियत संघ बिखर चुका है और उसी के दो पुराने साथी आमने-सामने है। सोवियत संघ की जगह अब चीन एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, जो अमेरिका को चुनौती दे रहा है। अगर रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी बढ़ती है, तो उसका असर पूरी दुनिया में होगा और दुनिया एक बार फिर खेमेबाजी में बंट जाएगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 93.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुके है। रूस और यूक्रेन में तनातनी का भारत पर क्या असर पड़ रहा है? सरल शब्दों में समझिए क्या है यह विवाद और क्या है इसकी जड़? क्या है नाटो और क्या करता है यह? अमेरिका पूरी तरह यूक्रेन के साथ है और चीन रूस के साथ जा सकता है तो भारत किसके साथ रहेगा? रूस और यूक्रेन युद्ध के मुहाने पर हैं। कभी भी युद्ध शुरू हो सकता है। रूस, यूक्रेन से 28 गुना बड़ा है, जिसका क्षेत्रफल 1 करोड़ 70 लाख वर्ग किलोमीटर है। यानी रूस भारत से करीब 5 गुना बड़ा है। यूक्रेन, रूस की तुलना में छोटा है और भारत यूक्रेन से तीन गुना बड़ा कहा जा सकता है। आम बोलचाल में लोग सोवियत संघ को रूस कहा करते थे, लेकिन 1991 में सोवियत संघ के 15 खण्डों में बंट जाने के बाद रूस और यूक्रेन अब एक अलग देश है। यूक्रेन में करीब 20 हज़ार भारतीय हैं। अमेरिका अपने नागरिकों को यूक्रेन से सुरक्षित निकाल चुका है, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों के लिए अभी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। रूसी सेना ने यूक्रेन को 9 ठिकानों पर घेर रखा है। यूक्रेन की राजधानी कीव तक रूसी सेना पहुंच सकती है। इसलिए अमेरिका यूक्रेन की मदद करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी सेना अब तक कुल 10 विमान हथियारों की खेप यूक्रेन पहुंचा चुका है। लगभग 400 टन गोला बारूद इन हथियारों में शामिल है। अभी लगभग 5 गुना अमेरिकी मदद और पहुंचनी है। 26 दिसम्बर, 1991 को सोवियत संघ का विघटन हो गया। सोवियत संघ के टूटने से जो 15 देश बने थे, उनमें रूस और यूक्रेन पड़ोसी देश थे। विघटन के 23 साल बाद रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया पर हमला किया और उसे अपने देश में मिला लिया। तभी से यूक्रेन और रूस में तनातनी जारी है। रूस की आबादी करीब 15 करोड़ है और यूक्रेन करीब 4.5 करोड़ का देश। दोनों ही देश तेल और गैस के मामले में बहुत समृद्ध है। रूस के गैस भंडार के 70 प्रतिशत हिस्से पर वहां की सरकार का कब्जा है और रूस उसमें से बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस सप्लाई करता है। अप्रैल 2021 में रूस ने तेल और गैस की सप्लाई में कटौती कर दी। जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया, तब यूक्रेन को लगने लगा कि कहीं ऐसा न हो कि रूस पूरे यूक्रेन को ही अपने देश में मिला लें। इसके जवाब में यूक्रेन ने नाटो से हाथ मिला लिया। नाटो यानी नार्थ एटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन, जो एक सैन्य गठबंधन है। इस संगठन का एक ही लक्ष्य है रूस और उसके समर्थकों को बाहर रखो। अमेरिका और उसके सहयोगियों को अंदर रखो। जर्मनी और उसके मित्रों को जमीन के नीचे रखो। अभी इस संगठन में दुनिया के 30 देश है और यह संगठन पुराने सोवियत संघ और साम्यवादी व्यवस्था के खिलाफ बना था। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब जापान आत्मसमर्पण करने को तैयार था, लेकिन फिर भी अमेरिका ने जापान पर दो बार परमाणु बम बरसाए, इससे सोवियत संघ खासा खफा हुआ, क्योंकि अमेरिका ने यह बात दुनिया को बताई नहीं थी कि उसके पास जो परमाणु बम है, उसका उपयोग वह विश्व युद्ध में कर सकता है। उसके बाद ही सोवियत संघ और अमेरिका की राहें न केवल अलग-अलग हुईं, बल्कि उनमें प्रतिस्पर्धा भी हो गई। मामला चाहे अंतरिक्ष में जाने का हो या ओलंपिक में पदक लाने का। दोनों ही देशों की प्रतिस्पर्धा पूरी दुनिया में चल रही थी। दुनिया भी उस वक्त सोवियत संघ और अमेरिका के खेमे में बंटी हुई थी। अब नए वैश्विक जगत में सोवियत संघ बिखर चुका है और उसी के दो पुराने साथी आमने-सामने है। सोवियत संघ की जगह अब चीन एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, जो अमेरिका को चुनौती दे रहा है। अगर रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी बढ़ती है, तो उसका असर पूरी दुनिया में होगा और दुनिया एक बार फिर खेमेबाजी में बंट जाएगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 93.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुके हैं, जो कुछ समय पहले तक इसके आधे ही थे। युद्ध हुआ, तो कच्चे तेल के दाम और बढ़ सकते हैं और दुनिया इससे प्रभावित हो सकती है। भारत फिलहाल दोनों ही देशों से दोस्ताना संबंध बनाए हुए हैं। अगर इन दोनों देशों में टकराव हुआ, तो भारत को किसी एक के पाले में जाना पड़ेगा। भारतीय कूटनीति इसकी इजाजत नहीं देती। भारत के लिए निष्पक्ष रहना सबसे अच्छी स्थिति हो सकती है, लेकिन भारत की निष्पक्षता ने अमेरिका की त्यौरियां चढ़ा दी है। भारत के लिए मुश्किल यह भी है कि वह अपनी सैन्य जरूरतों का 55 प्रतिशत सामान रूस से आयात करता है। एस 400 मिसाइल सिस्टम देने के लिए भारत रूस से संपर्क साधे हुए है और अमेरिका इस कोशिश में है कि भारत इस प्रस्तावित सोवियत खरीदारी से दूर रहे। भारत के लिए एक और मुश्किल यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के भी मित्र हैं और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भी। अमेरिका के लिए मुश्किल यह है कि अगर वह रूस पर दबाव बनाएगा, तो चीन रूस के करीब पहुंच सकता है और रूस तथा चीन जैसी महाशक्तियां कोई नया बखेड़ा खड़ा कर सकते हैं। भारत अगर अमेरिका का समर्थन करता है, तो उसका असर रूस से उसके रिश्ते पर पड़ेगा। भारत और चीन में लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है और रूस अभी तक निष्पक्ष है। अगर भारत अमेरिका का पक्ष लेता है, तो हो सकता है कि रूस चीन का पक्ष लेने लगे। सीधे-सीधे शब्दों में यह कहें कि अगर भारत को चीन का सामना करना है, तो वह अमेरिका की अनदेखी नहीं कर सकता। फिलहाल भारत "रुको और देखो" की नीति का पालन कर रहा है। भारत चाहता है कि रूस आक्रामक रवैया नहीं अपनाए। जब रूस ने 2014 के शुरू में क्रीमिया पर कब्जा किया था, तब भारत में यूपीए की सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उस वक्त इसका विरोध किया था। 2020 में यूक्रेन ने क्रीमिया में मानव अधिकारों के उल्लंघन का मामला संयुक्त राष्ट्र में उठाया, तब भारत ने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया था। अब कहा जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति कभी भी यूक्रेन पर हमले का आदेश दे सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया के कई देश रूस पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगा देंगे। अमेरिका इस तरह के प्रतिबंधों को लगाने की अगुवाई करेगा। अगर अमेरिकी समर्थक देश रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं, तो रूस उन प्रतिबंधों के खिलाफ चीन की मदद लेगा और चीन से अपना कारोबार बढ़ा लेगा। भारत न तो रूस के खिलाफ जा सकता है और न ही अमेरिका के। अभी तक भारत का रूख यही है कि वह दोनों देशों के बीच टकराव से दूर रहेगा। भारत को यह भी देखना है कि अगर क्रीमिया में कथित मानव अधिकारों की बात होती है, तो कुछ देश भारत के कुछ हिस्सों में भी मानव अधिकारों के मुद्दे को लेकर बखेड़ा खड़ा कर सकते हैं। चीन में हो रहे विंटर ओलंपिक में भारत ने हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन खेलों के बहाने ही सही, चीन की यात्रा पर चले गए। उन्होंने वहां चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की। पाकिस्तान ने भी इस मौके का फायदा उठाया और प्रधानमंत्री इमरान खान अपने 7 मंत्रियों को लेकर इस खेल आयोजन में पहुंच गए। सबसे मजेदार बात यह रही कि पाकिस्तान की तरफ से केवल 1 ही खिलाड़ी चीन में हुए विंटर ओलंपिक्स में शामिल हुआ था और इमरान खान सहित 8 मंत्री चीन पहुंच चुके थे। जाहिर है यह सभी वहां अपनी रणनीति के तहत गए थे। पाकिस्तान का उद्देश्य चीन से नजदीकी पाना रहा होगा। जो भी हो भारत चाहे या न चाहे रूस और यूक्रेन के बीच अगर युद्ध होता है, तो इससे हमारी परेशानी बढ़ेगी ही।

कोरोना : देशभर में 30 हजार से कम लोग नए संक्रमित, 347 की मौत
Published / 2022-02-15 07:06:02
कोरोना : देशभर में 30 हजार से कम लोग नए संक्रमित, 347 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में बीते एक सप्ताह से कोरोना महामारी बेदम होती दिख रही है। संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी मंगलवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटों में कोरोना के 27,409 मामले सामने आए हैं जो कि शनिवार के आंकड़ों से लगभग 25 फीसदी कम हैं। इस दौरान 347 लोगों की मौत भी हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार देश में अब 4.23 (4,23,127) सक्रिय मामले बचे हैं। वहीं अब तक स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 4.17 करोड़ हो गई है। अब तक कुल 75.30 करोड़ से अधिक सैंपल टेस्ट किए जा चुके भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 12 लाख 29 हजार 536 सैंपल टेस्ट किए गए। वहीं देश में महामारी के शुरुआत से लेकर अब तक कुल 75,30,33,302 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 173 करोड़ के पार : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अब तक कुल 173 करोड़, 42 लाख 62 हजार 440 कोरोना वैक्सीन के डोज दी जा चुकी हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बतायी हमले की तारीख, अपने नागरिकों से अमेरिका की अपील- तुरंत देश छोड़ें
Published / 2022-02-15 02:41:08
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बतायी हमले की तारीख, अपने नागरिकों से अमेरिका की अपील- तुरंत देश छोड़ें

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन से लगती सीमा पर रूस ने एक लाख नहीं बल्कि 1.30 लाख सैनिक तैनात कर रखे हैं। अमेरिका ने यह चेतावनी भी दी कि रूस इसी सप्ताह यूक्रेन पर हमला कर सकता है। इसे देखते हुए कुछ विमानन कंपनियों ने यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए अपनी उड़ानें भी रद्द कर दी हैं। वहीं नाटो देशों ने हथियारों की नई खेप भी रूस से मुकाबले को भेजी है। रूस द्वारा यूक्रेन के तीन तरफ से युद्धाभ्यास के दौरान बड़े बम गिराने की तैयारी की खबरों के बीच अमेरिका ने अपने चार बी-52 बॉम्बर लड़ाकू विमानों को ब्रिटेन में तैनात कर दिया है। इन विमानों ने परमाणु बम से लैस होकर भूमध्य सागर में यूक्रेन सीमा के आसपास उड़ान भी भरी है। द ड्राइव की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बमवर्षक नॉर्थ डकोटा से ब्रिटेन पहुंचे हैं और आगामी 3 सप्ताह तक यहीं बने रहेंगे। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से करीब एक घंटे तक बातचीत की। बाद में उनके सहयोगियों ने बताया कि जेलेंस्की ने बाइडन से कहा कि यूक्रेन के लोग रूसी सेना की ओर से संभावित हमले के मद्दे नजर भरोसेमंद संरक्षण में हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि रूस के हमले को रोकने के लिए कूटनीति और निवारण, दोनों उपाय किए जाएं। अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा : इस गहराते तनाव के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि यूक्रेन सीमा पर नाटकीय रूप से रूसी सेना की तैनाती को देखते हुए हमने कीव से अपने दूतावास को अस्थायी रूप से ल्वीव से संचालित करने का फैसला लिया है। इसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी अमेरिकी नागरिकों से तुरंत यूक्रेन छोड़ने की अपील करते हैं। हालांकि पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका अब भी नहीं मानता कि पुतिन ने आक्रमण करने का फैसला किया है, लेकिन संभव है कि वह बिना किसी चेतावनी के ऐसा करें। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताई हमले की तारीख : इधर, इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट से तनाव के बादलों को और हवा दे दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा- 16 फरवरी रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले का दिन होगा। जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वह बातचीत के माध्यम से हर तरह के विवाद को सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि 16 फरवरी हमले का दिन होगा। उन्होंने आगे कहा कि हम इसे एकता दिवस बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े आदेश पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। आज दोपहर हम राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, नीले-पीले रंग के फीते लगाएंगे और दुनिया को अपनी एकता दिखाएंगे।

कारगिल युद्ध के शहीद युमनाम कलेशोर कॉम के परिजनों से मिले राजनाथ
Published / 2022-02-15 02:35:40
कारगिल युद्ध के शहीद युमनाम कलेशोर कॉम के परिजनों से मिले राजनाथ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर विधानसभा चुनाव के चलते केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को राज्य के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने लांगथबल में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सेना के जवान स्वर्गीय युमनाम कलेशोर कॉम के घर भी गए। यहां उन्होंने युमनाम कलेशोर कॉम के परिवार के लोगों से मुलाकात की और उनके आवास पर दोपहर का भोजन भी किया।

नई गाइडलाइंस के तहत बंगाल में खुल जायेंगे स्कूल
Published / 2022-02-15 02:31:08
नई गाइडलाइंस के तहत बंगाल में खुल जायेंगे स्कूल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना संक्रमण के चलते पूरे देशभर में बंद किए गए स्कूलों को एक बार फिर से खोला जा रहा है दिल्ली में जहां आज 14 फरवरी से नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूल खुल गए है वहीं इस बीच ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में स्कूल खोलने का एलान किया है। सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक 16 फरवरी 2022 से पश्चिम बंगाल में सभी प्राथमिक और हाई स्कूलों को खोल दिया जाएगा, हालांकि नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। नए आदेशों के अनुसार, स्कूल खोलने को लेकर स्कूल एजुकेशन विभाग अलग से एक एसओपी जारी करेगा। ये भी कहा गया है कि मास्क, फिज़िकल डिस्टेंसिंग, स्वास्थ्य और सफाई से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से हर वक्त पालन किया जाए। बता दें कि पिछले महीने 31 जनवरी को ममता बनर्जी की सरकार ने 3 फरवरी से स्कूल और कॉलेज खोलने का फैसला किया था। सरकार ने तब कक्षा 8 से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल जाने की अनुमति दी थी, जबकि बाकी छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस ही लेने को कहा गया था।

पंजाब : हेमा मालिनी का पंजाब दौरा रद्द
Published / 2022-02-15 02:23:09
पंजाब : हेमा मालिनी का पंजाब दौरा रद्द

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाब में विधान सभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव प्रचार को लेकर गतिविधियां तेज की जा रही है। इसी के चलते आज बीजेपी सांसद हेमा मालिनी पंजाब दौरे पर आ रही थी परंतु कुछ कारणों की वजह से यह कार्यक्रम रद्द हो गया है। बता दें कि 30 स्टार प्रचारक की सूची में हेमा मालिनी का भी नाम था। हेमा मालिनी ने आज अमृतसर सहित कई जगहों पर चुनाव प्रचार करना था।

देश के आम आदमी को ध्यान में रख बना है केंद्रीय आम बजट : अर्जुन मुंडा
Published / 2022-02-15 02:19:26
देश के आम आदमी को ध्यान में रख बना है केंद्रीय आम बजट : अर्जुन मुंडा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट के केंद्र में देश के आम आदमी को रखा गया है। मुंडा ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा केंद्रीय बजट 2022-23 पर आयोजित एक परिचर्चा में कहा कि आजादी का 75 वें वर्ष के उत्सव में भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। यह साल उत्सव के साथ संकल्प तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में अगले पांच वर्ष के साथ 25 वर्ष के विकास की रूप रेखा है। 100 साल का आजाद भारत कैसा होगा, इसकी स्पष्ट झांकी है। उन्होंने कहा कि भारत एक परिवार है,एक जन है इस द्दष्टि से सोचने का अवसर है। आज पहली बार इस देश मे देश के प्रत्येक नागरिक की चिंता और उसे विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनाया गया है। यह सरकार आलोचनाओं में न पड़ते हुए नए भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बजट में हर परिवार, हर व्यक्ति को पार्ट ऑफ इकॉनमी बनाया गया है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास इसी मूलमंत्र की अभिव्यक्ति है। प्रधानमंत्री ने स्वयं के साथ देश की जनता को प्रतिबध्दता से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में अब एकांगी नहीं समग्रता में सोच विकसित हुआ है। देश को ऐसी व्यवस्था से जोड़ा जा रहा जो स्व शासित भी हो और स्व चालित भी। अंतिम व्यक्ति उसकी हिस्से की सुविधा पहुचे। सभी जरूरतें स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो। मुंडा ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना और डिजिटल इंडिया पर बोलते हुए कहा कि इससे विकास समावेशी स्थायी और त्वरित होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की अप्रत्याशित चुनौतियों मे भारत की नई पहचान विश्व में बनी। विकसित देशों के साथ भारत ने दुनिया को कोविड टीका बनाकर देश की क्षमता को स्थापित किया। यह सब मोदी जी के कुशल नेतृत्व से ही संभव हुआ।

एअर इंडिया : नये सीइओ बने आयसी संभालेंगे जिम्मेदारी
Published / 2022-02-14 14:27:42
एअर इंडिया : नये सीइओ बने आयसी संभालेंगे जिम्मेदारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा संस ने तुर्किश एयरलाइंस के पूर्व चेयरमैन इल्कर आयसी को एअर इंडिया का नया एमडी और सीइओ बनाया है। कंपनी के बोर्ड की आज हुई मीटिंग में यह फैसला किया गया। वे एक अप्रैल से अपनी जिम्मेदारी को संभालेंगे। बोर्ड की मीटिंग में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी शामिल हुए थे। बोर्ड ने उचित विचार-विमर्श के बाद उनके नाम को मंजूरी दी। उनकी जॉइनिंग के लिए अभी सभी रेगुलेटरी से मंजूरी लेना बाकी है। टाटा ग्रुप ने एअर इंडिया की 100% हिस्सेदारी 18,300 करोड़ रुपए में खरीदी थी। 27 जनवरी को यह डील पूरी हुई और उस दिन से टाटा संस इसका मालिक हो गया। इस्तांबुल में पैदा हुए आयसी : आयसी का जन्म 1971 में इस्तांबुल में हुआ था। 51 वर्षीय आयसी, तुर्की की बिल्केंट यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के 1994 बैच के पूर्व छात्र हैं। 1995 में उन्होंने इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी में पॉलिटिक साइंस पर एक रिसर्च प्रोजेक्ट किया था। 1997 में उन्होंने इस्तांबुल की मरमारा यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस मास्टर प्रोग्राम पूरा किया। टाटा ग्रुप से जुड़ने पर खुश हूं : आयसी आयसी ने कहा, "मैं लीडिंग आइकॉनिक एयरलाइंस को लीड करने और टाटा ग्रुप से जुड़ने के लिए काफी खुश हूं। हम एअर इंडिया की मजबूत विरासत का उपयोग करेंगे और दुनिया में इसे बेस्ट एयरलाइंस बनाने की कोशिश करेंगे।" द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, आयसी टर्किश फुटबॉल फेडरेशन, टर्किश एयरलाइंस स्पोर्ट्स क्लब और ळऋऋ स्पोर्टिफ एनोनिम सिरकेटी के बोर्ड मेंबर हैं। वह कनाडाई तुर्की बिजनेस काउंसिल और यूएस-तुर्की बिजनेस काउंसिल के सदस्य भी हैं।

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