एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया में बुधवार देर रात एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कुयें का स्लैब टूटने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 13 हो गयी है। हादसे में घायल 12 से अधिक लोगों में कुछ की हालत गंभीर बनी हुयी है। मरने वालों में महिलाएं, किशोरियां और बच्चे शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होने ट्वीट किया- "जनपद कुशीनगर के ग्राम नौरंगिया स्कूल टोला की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई ग्रामवासियों की मृत्यु अत्यंत दु:खद है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।" जिला प्रशासन ने हादसे में मरने वाले प्रत्येक के परिजन को चार-चार लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की बात कही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नौरंगिया स्कूल टोला गांव में कल रात हल्दी के मटकोड़ की रस्म के दौरान अचानक कुएं का स्लैब टूट गया और 25 से अधिक महिलाएं, युवतियां व बच्चे भरभराकर कुएं में गिर गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सबको कुएं निकाला। उन्होने बताया कि नौरंगिया गांव के स्कूल टोला निवासी परमेश्वर कुशवाहा के बेटे अमित कुशवाहा के विवाह से पहले हल्दी की रस्म अदा की जा रही थी। घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित कुएं के सामने मटकोड़ (विवाह के पहले की रस्म) का कार्यक्रम चल रहा था। जिस कुएं के पास कार्यक्रम चल रहा था, उसे आरसीसी स्लैब बनाकर बंद किया गया था। रस्म के दौरान बड़ी संख्या में महिला, युवती व बच्चियां कुएं पर बने स्लैब पर जाकर खड़े हो गए। अचानक स्लैब टूट गया और उसपर खड़ी महिला, युवतियां व बच्चियां कुएं में समा गईं। कुआं काफी गहरा है। पानी भी भरा था। इस घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने राहत-बचाव शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। इस बीच किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दल-बल के साथ आए पुलिसकर्मियों ने राहत-बचाव कार्य तेज किया। जिन लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया, उन सबको जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने परीक्षण किया और 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में पूजा यादव (20), शशिकला (15), आरती (13), पूजा चौरसिया (17), ज्योति चौरसिया (10), मीरा (22), ममता (35), शकुंतला (34), परी (20), राधिका (20) और सुंदरी (9) शामिल है। दो की पहचान नहीं हो सकी है। घटना के बाद गांव के प्रिंस और रविशंकर समेत कई लोगों ने अपनी जान की परवाह नहीं की और अंधेरे के बीच गहरे कुएं में उतर गए। एक करके महिला, युवती व बच्चियों को बाहर निकालना शुरू किया। छह लोगों को बाहर निकाला जा सका था। इस बीच पुलिस भी आ गई। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में 25 महिला, युवती और बच्चियों को कुएं से बाहर निकाला गया है। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सबका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कई की हालत गंभीर बनी हुई है। नौरंगिया गांव में पांच वर्ष पहले भी एक शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2017 में गांव में बारात आई थी, जिसमे सड़क के किनारे द्वार पूजा से पहले ऑर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था। बराती और घराती आकेर्स्ट्रा देख रहे थे। इसी दौरान अनियंत्रित पिकअप लोगों को रौदते हुए निकल गयी थी। उस हादसे में क्यासपति, बिट्टू शर्मा, अंगिरा व तारा देवी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 लोग घायल हुए थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा है कि उनकी सरकार की नीतियां अदूरदर्शी, विभाजनकारी और अहंकारपूर्ण है जिसके कारण अर्थव्यवस्था गिर रही है, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन सरकार नीतियों में सुधार करने के बजाय समस्याओं के लिए पहले की सरकारों को दोषी ठहराने में लगी है। डॉ सिंह ने पंजाब के मतदाताओं के नाम अपने एक वीडियो संदेश में गुरुवार को कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश हुई है, उसको लेकर वह पंजाब के लोगों के बीच आकर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को विधानसभा चुनाव में पंजाबियत की शान की सुरक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी को वोट देना चाहिए। उन्होंने कहा "कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार चरणजीत सिंह चन्नी और वहां के लोगों को भाजपा द्वारा बदनाम करने का प्रयास किया गया जिसे किसी भी लिहाज से सही परिपाटी नहीं माना जा सकता। किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश की गई थी। जिन पंजाबियों के साहस, शौर्य, देशभक्ति और त्याग को पूरी दुनिया सलाम करती है, उन पंजाबियों के बारे में क्या कुछ नहीं कहा गया। पंजाब की बहादुर मिट्टी से उपजे एक सच्चे भारतीय के रूप में मुझे उस पूरे घटनाक्रम से पीड़ा हुई है।" पूर्व प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरते कहा कि उसे अर्थव्यवस्था की जरा भी समझ नहीं है। इनकी गलत आर्थिक नीतियों की वजह से देश आर्थिक संकट में फंस गया है और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। किसान, कारोबारी, छात्र, महिलाएं सब परेशान हैं। देश में सामाजिक असमानता बढ़ रही है, लोगों पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है जबकि अमीर और अमीर के बीच की खाई बढ़ रही है लेकिन सरकार आंकड़ों की बाजीगरी करके दावा कर रही है कि सब कुछ ठीक है। उन्होंने मोदी सरकार की नीति और नीयत दोनों में खोट बताते हुए कहा कि उसकी हर नीति में स्वार्थ है और नीयत में नफरत तथा बंटवारा है। अपने स्वार्थ की सिद्ध के लिए लोगों को जाति-धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांटकर उन्हें आपस में लड़ाया जा रहा है। इस सरकार का राष्ट्रवाद नक़ली, खोखला और खतरनाक है। इनका राष्ट्रवाद "बांटो और राज करो" की अंग्रेजी नीति पर टिका हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में बीते दिनों कोरोना से राहत मिलने के बाद एक बार फिर से मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। लगातार दो दिनों से संक्रमितों की संख्या भी 30 हजार से अधिक आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गुरुवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटों में कोरोना के 30,757 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 541 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार देश में अब 3.32 लाख (3,32,918) सक्रिय मामले बचे हैं। वहीं महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक स्वस्थ होने वाले कुल मरीजों की संख्या 4.19 करोड़ हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि रोजाना संक्रमण दर घटकर 2.61 फीसदी पर आ गई है। देश में स्वस्थ होने की दर 98.03 फीसदी हो गई है। इन पांच राज्यों के आंकड़े अभी भी परेशान करने वाले : देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमितों की संख्या केरल में है। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 12,223 मामले मिले हैं। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है जहां कि 2,748 केस हैं। तीसरे स्थान पर कर्नाटक है जहां कि कोरोना के 1,894 मरीज मिले हैं। वहीं चौथे पर राजस्थान जहां 1,702 मामले हैं जबकि पांचवें पर मिजोरम है जहां 1571 लोग वायरस की चपेट में आए हैं। कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 174 करोड़ के पार : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अब तक कोरोना वैक्सीन की 174 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। पिछले 24 घंटों में कुल 34.75 लाख वैक्सीन डोज दिए गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय तट रक्षक ने देश की समुद्री सीमा में कथित रूप से मछली पकड़ रहे बांग्लादेश के 88 मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी नौकाएं जब्त की हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी मछुआरों और नौकाओं को बुधवार की शाम पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज में समुद्री पुलिस को सौंप दिया गया है। अधिकारी ने बताया, भारतीय तटरक्षक ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से करीब 10-15 समुद्री मील भीतर बंगधुनी द्वीप के पास भारतीय समुद्र में कथित रूप से मछलियां पकड़ रहे 88 बांग्लादेशी मछुआरों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार तड़के सामान्य गश्ती के दौरान भारतीय तटरक्षक जहाज को तीन बांग्लादेशी नौकाएं दिखीं, जो भारतीय समुद्री सीमा में बंगधुनी द्वीप के पास अवैध रूप से मछलियां पकड़ रही थीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतें अगले 20 वर्षों में दोगुनी हो जाने की उम्मीद है। साथ ही, उन्होंने विकसित देशों से वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर अपने वादों को पूरा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने 21वें विश्व सतत विकास सम्मेलन (डब्ल्यूएसडीएस-22) के उदघाटन भाषण में कहा कि पर्यावरणीय धारणनीयता केवल जलवायु न्याय से ही हासिल की जा सकती है। ऊर्जा जरूरतें अगले 20 वर्षों में दोगुनी हो जाने की उम्मीद : उन्होंने कहा, भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतें अगले 20 वर्षों में दोगुनी हो जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कहा, यह ऊर्जा उपलब्ध कराने से इनकार करना लाखों लोगों को जीने से मना करने जैसा होगा। सफल जलवायु कार्रवाई के लिए पर्याप्त वित्त उपलब्ध होने की भी जरूरत है। इसके लिए, विकसित देशों को वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर अपने वादे पूरे करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा समझौता (यूएनएफसीसीसी) के तहत वादों को पूरा करने में यकीन करता है। मोदी ने कहा, हम यूएनएफसीसीसी के तहत किये गये अपने सभी वादों को पूरा करने में दृढ़ विश्वास रखते हैं। हमने ग्लासगो में हुए सीओपी-26 के दौरान भी अपनी आकांक्षाओं से अवगत कराया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बहुत ही विविधताओं वाला देश है, जहां विश्व की आठ प्रतिशत प्रजातियां हैं। मोदी ने कहा, भारत का क्षेत्रफल विश्व की कुल भूमि का 2.4 प्रतिशत ही है लेकिन यहां विश्व की आठ प्रतिशत प्रजातियां हैं। इस पारिस्थितिकी का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। हम अपने संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं। डब्ल्यूएसडीएस-2022 तीन दिवसीय सम्मेलन है, जिसका आयोजन 100 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) कर रहा है। यह 18 फरवरी को संपन्न होगा।
प्रसिद्ध भारतीय गायक और संगीतकार बप्पी लहरी का निधन हो गया है। आज मुंबई के एक अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। बप्पी दा के नाम से मशहूर आलोकेश लाहिड़ी महज 69 उम्र के थे। उन्होंने भारतीय सिनेमा में संश्लेषित डिस्को संगीत के उपयोग को लोकप्रिय बनाया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के सबसे बड़े ABG बैंक घोटाले में सीबीआई ने मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। 22842 करोड़ रुपये के इस घोटाले से जुड़े आरोपी अब देश छोड़कर नहीं जा सकते। सीबीआई का आधिकारिक तौर पर कहना है कि उसे इस मामले की जांच के दौरान पता चला है कि यह घोटाला साल 2005 से शुरू हो गया था और साल 2012 तक यह घोटाला लगातार चलता रहा। सीबीआई ने कहा है कि बैंकों ने साल 2013 में इस खाते का NPA होने के बाद फॉरेंसिक ऑडिट कराया था, जो कई सालों तक चला और उसके बाद सीबीआई को बैंक द्वारा शिकायत दी गई। इस मामले की एफआईआर में पांचों आरोपियों को शामिल किया गया है, जिनके खिलाफ एजेंसी ने लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी शिकायत में गुजरात की एबीजी शिपयार्ड कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनियों को आरोपी बताया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रसिद्ध बंगाली गायिका संध्या मुखर्जी का कोलकाता, पश्चिम बंगाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 27 जनवरी को संध्या मुखर्जी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने सांस फूलने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें कोलकाता ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से दक्षिण कोलकाता स्थित आवास से सरकारी एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, बाथरूम में फिसलने के बाद गायिका संध्या मुखर्जी की तबीयत बिगड़ने लगी थी। उनके दोनों फेफड़ों में संक्रमण पाया गया था। बाथरूम में फिसलने के बाद उन्हें बुखार भी आया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। "बंगा विभूषण" से सम्मानित और सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाली संध्या मुखर्जी ने हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार के प्रस्ताव से इनकार कर दिया था। बताया गया कि जब केंद्र सरकार के अधिकारियों ने उनकी सहमति के लिए टेलीफोन पर उनसे संपर्क किया था, तो गायिका ने यह सम्मान लेने से मना कर दिया था। एक शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय गायिका मुखर्जी ने कई बंगाली फिल्मों और कई हिंदी फिल्मों अपनी आवाज दी थी। उन्होंने एसडी बर्मन, मदन मोहन, नौशाद, अनिल विश्वास और सलिल चौधरी सहित प्रमुख संगीत निर्देशकों के साथ भी काम किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव का खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है। दोनों देशों में संघर्ष की संभावनाओं के मद्देनजर कच्चे माल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के खतरे को देखते हुए कीमतों में पिछले सात वर्षो में उच्च बढ़ोतरी देखी गई है जिससे महंगाई दरों में इजाफा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट की माने, तो यूक्रेन से जंग या फिर अमेरिका द्वारा रूस पर प्रतिबंध की सूरत में गैस, धातु, खाद्य पदार्थों सहित कई चीजों की कीमतें आसमान छू सकती हैं और नतीजतन यूरोप के साथ पूरी दुनिया को एक बड़े संकट से गुजरना पड़ेगा। भारत में बढ़ सकती है महंगाई : कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी ने महंगाई की चिंता को भी बढ़ा दिया है। यह रुख भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपनी कच्चे तेल संबंधी आवश्यकताओं पर विदेशी आयात पर अधिक निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में इजाफा होने से देश में घरेलू बाजार में तेल कीमतों में बढ़ोतरी होने से इसका महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा। तेल की आसमान छूती कीमत : रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से यह लगभग 95 डालर प्रति बैरल तक हो गई है जिससे अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ब्रिटेन में तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब है और दोनों मुल्कों में जंग हुई, तो यह कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। इसके साथ युद्ध की स्थिति में दूसरे देशों को अपने व्यापार मार्ग में बदलाव करना होगा, जिससे महंगाई में और इजाफा होने की गुंजाइश है। गैस पर भी मंडराया संकट : रूस और यूक्रेन के बीच संभावित युद्ध का असर गैस बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। यूरोप के गैस बाजार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का आलम यह है कि पिछले करीब 1 साल में गैस के दाम में पांच गुना तक इजाफा हुआ है। अगर युद्ध होता है, तो यूरोपीय देशों को भेजे जाने वाली गैस आपूर्ति में रुकावट पैदा हो सकती है और ऐसा इसलिए क्योंकि इसका करीब एक-तिहाई हिस्सा यूक्रेन के रास्ते ही पहुंचाया जाता है। युद्ध की हालत में लागू प्रतिबंधों की वजह से व्यापार रुक सकता है और ऐसे में गैस कि किल्लत लाजिमी है। क्यों है यूक्रेन और रूस में तनाव, क्या है इसकी वजह : 1960 के कोल्ड वॉर के बाद ये पहली बार है जब परमाणु शक्तियों से लैस रूस और अमेरिका युद्ध के कगार पर खड़े हैं। पूरी दुनिया में तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका गहरा रही है। बता दें कि यूक्रेन एक जमाने में रूसी साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था। फिर सोवियत संघ (वररफ) बना, तब भी वह उसमें शामिल रहा, लेकिन वररफ के विघटन के बाद यूक्रेन ने 1991 में खुद को आजाद देश घोषित कर दिया। इसके बाद उसने रूस के बजाय अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से रिश्ते मजबूत किए।
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