एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के लिटर इलाके में रविवार को आतंकियों ने दो गैर कश्मीरियों को गोली मार दी। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें उचित उपचार के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने पठानकोट निवासी दो लोगों को शाम के समय गोली मारी जब वह लिटर इलाके में पहुंचे थे। दोनों में एक वाहन चालक और दूसरा उसका साथी है। बताया जाता है कि दोनों पोल्ट्री वाहन में सवार थे। घायलों को उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीएस तुल्लाह ने बताया कि घायलों में से एक सुरेंद्र के सीने के बायीं तरफ गोली लगी है। उसे बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। दूसरे की पहचान धीरज दत्ता के तौर पर हुई। उसके पैर में गोली लगी है और इलाज चल रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के कोविड-19 कार्यकारी समूह ने सीरम इंस्टीट्यूट के कोवोवैक्स को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के वास्ते शामिल करने की सिफारिश की है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को दी। भारत के औषधि नियामक ने कोवोवैक्स को 28 दिसंबर को वयस्कों में आपात स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए और 9 मार्च को 12-17 आयु वर्ग के लिए कुछ शर्तों के अधीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। सूत्रों ने कहा कि कोविड-19 कार्यकारी समूह ने अब एनटीएजीआई की स्थायी तकनीकी उप-समिति से सिफारिश की है कि कोवोवैक्स को 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाए। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर कोवोवैक्स को टीकाकरण अभियान में शामिल करने का अनुरोध किया था। सूत्रों में से एक ने कहा, एनटीएजीआई के कोविड-19 कार्यकारी समूह की एक बैठक एक अप्रैल को हुई थी, जिस दौरान कोवोवैक्स के आंकड़े की समीक्षा की गई थी, जिसके बाद यह सिफारिश की गई थी कि टीके को राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है ताकि 12 साल की उम्र और उससे अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जा सके। श्री सिंह ने कहा था कि पुणे स्थित कंपनी एसएसआई 900 रुपये और जीएसटी के हिसाब से निजी अस्पतालों को कोवोवैक्स टीके की खुराक प्रदान करना चाहती है और केंद्र को भी टीकों की आपूर्ति करने के लिए निर्देशों का इंतजार कर रही है। भारत ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया था। बायोलॉजिकल ई के कॉर्बेवैक्स का उपयोग उन्हें टीका लगाने के लिए किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को लिखे एक पत्र में, सिंह ने कहा कि निजी कंपनियां, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन, केंद्र सरकार के संगठन और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अपने कर्मचारियों, परिवारों और बच्चों को टीका लगाने के लिए कोवोवैक्स के लिए अनुरोध कर रहे है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि सिंह ने पत्र में लिखा है, हमारे सीईओ अदार सी पूनावाला के दूरदर्शी नेतृत्व में हमने एक और विश्व स्तरीय कोविड-19 टीके कोवोवैक्स को विकसित, निर्मित किया और 28 दिसंबर को 18 साल और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए अपने राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण से आपातकालीन उपयोग अनुमति प्राप्त की और 9 मार्च, 2022 को 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए अनुमति हासिल की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं कि कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को जन जागरूकता के माध्यम से हल किया जाएगा और संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करना होगा। बकौल भागवत 2011 के बाद गत 11 वर्षों में हमने सामूहिक प्रयास किए और इसी कारण अब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू नहीं है। भागवत ने नवरेह महोत्सव में कश्मीरी पंडितों को संबोधित करते हुए कहा, हम (कश्मीरी पंडित) पिछले 3-4 दशकों से अपने ही देश में अपने घर से विस्थापित होने का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि हम इस स्थिति में हार स्वीकार न करें और चुनौतियों का सामना करें। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, मैंने पहले भी कहा था कि कश्मीरी पंडितों की समस्या के समाधान के लिए जन जागरूकता और आर्टिकल 370 जैसी बाधाओं को हटाना जरूरी है। उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन पर कहा, हमने कश्मीर चरमपंथ के कारण छोड़ा, लेकिन अब जब हम वापस लौटेंगे तो हमारे पास सुरक्षा और आजीविका का आश्वासन होगा। उन्होंने कहा कि अब कश्मीरी पंडित हिंदू और भारत भक्त के रूप में वापस जाएंगे। बकौल भागवत, हम इस तरह से जिएंगे कि कोई हमें विस्थापित करने की हिम्मत न करे। आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को उम्मीद जताई कि आतंकवाद की शुरुआत के बाद 1990 के दशक में अपने घरों से विस्थापित हुए कश्मीरी पंडित जल्द ही कश्मीर घाटी में अपने घर लौट आएंगे। भागवत ने नवरेह समारोह के आखिरी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कश्मीरी हिंदू समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, मुझे लगता है कि वह दिन बहुत करीब है जब कश्मीरी पंडित अपने घरों में वापस आएंगे और मैं चाहता हूं कि वह दिन जल्द आए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र के नासिक में रविवार को एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। हादसा दोपहर करीब 3.10 बजे की है। मध्य रेलवे की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई है।।रेलवे के मुताबिक दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर लाहवित और देवलाली (नासिक के पास) के बीच 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। दुर्घटनास्थल पर रेलवे कर्मचारी और मेडिकल वैन मौके पर पहुंच गए हैं। खबर लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओडिशा के पुरी में स्थित विश्वविख्यात जगन्नाथ मंदिर में मिट्टी के 40 चूल्हे रविवार को क्षतिग्रस्त अवस्था में पाए गए। इन चूल्हों का इस्तेमाल महाप्रसाद तैयार करने में किया जाता था जो भगवान को अर्पित किया जाता है। ये चूल्हे दुनिया की सबसे बड़ी रसोई रोसा घर में थे। जानकारी के अनुसार लगभग 300 कुंतल चावल इस रसोई में रोज पकाया जाता है। मंदिर में तोड़फोड़ की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर समर्थ वर्मा ने पुलिस अधीक्षक वीके सिंह के साथ घटनास्थल का दौरा किया था। जिला कलेक्टर ने कहा, रोसा घर में लगभग 40 चूल्हों के साथ तोड़फोड़ की गई है। हमने इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। पुलिस और मंदिर के अधिकारियों की ओर से एक संयुक्त जांच का आदेश भी जारी किया गया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि इस घटना से फिलहाल श्रद्धालुओं को महाप्रसाद मिलने में असर पड़ेगा, लेकिन दो दिन के अंदर हालात सामान्य हो जाएंगे। रिकॉर्ड्स ऑफ राइट्स (आरओआर) के अनुसार 12वीं शताब्दी के इस मंदिर की रसोई में 240 पंजीकृत चूल्हे हैं। इनमें से 40 को नुकसान पहुंचा है। रसोई में प्रवेश की अनुमति केवल सुआराओं (रसोइये) को होती है। शक है कि शनिवार रात हुई इस घटना में कुछ सेवकों का हाथ हो सकता है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के कई राज्यों में मार्च के महीने में ही लोगों को जून-जुलाई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा। 121 साल के बाद सबसे गर्म मार्च देखा गया। अप्रैल में पारा और ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां लगातार तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में चलेगी भीषण लू : बिहार, यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू और हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। विदर्भ और गुजरात में भी पारा ऊपर चढ़ेगा। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान के कुछ हिस्सों, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी : मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अगले पांच दिनों तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का कारण बनेंगी। दो से चार अप्रैल के बीच पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाके और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तीन से चार अप्रैल को मेघालय में भी भारी वर्षा की संभावना है। 121 सालों में मार्च सबसे अधिक गर्म : मौसम विभाग के मुताबिक 121 सालों में मार्च इस बार सबसे गरम रहा, वहीं 1908 के बाद सबसे कम बारिश मार्च में दर्ज हुई। मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के अभाव में उत्तर भारत में इस दौरान असामान्य रूप से पारा तपा और कम बारिश हुई। दक्षिण भारत का मौसम तंत्र भी इस कारण प्रभावित हुआ। पूरे देश में इस बार मार्च का औसत अधिकतम तापमान 33.10 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो पिछले 121 साल में सर्वाधिक था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी राजस्व में 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 06 हजार करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हुआ है। आबकारी विभाग की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में 31 मार्च तक सरकार को 36,208.44 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। यह राशि पिछले साल की तुलना में 20.45 प्रतिशत अधिक (6147 करोड़ रुपए) है। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार को 30,061.44 करोड़ रुपए का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ था। आबकारी विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी ने कहा कि विभाग ने अपने वादे के मुताबिक लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कोरोना की लगातार तीन लहरों में लंबे समय तक चले लॉकडाउन और रात्रिकालीन कर्फ्यू के बावजूद हासिल हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के पश्चात यहां पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। आज काशी पर देश-दुनिया की नजर है। सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए योगी ने शनिवार शाम कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप वाराणसी क्षेत्र में विकास एवं निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन एवं कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से निर्धारित समय में पूर्ण गुणवत्ता के साथ सभी विकास कार्यों को पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के कोरोना प्रबंधन की सराहना देश एवं विश्व में हुई है। अब स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं। इसलिए 15 से 17 आयु वर्ग के बच्चों के वैक्सीनेशन कार्य के लक्ष्य को अभियान चलाकर पूर्ण किया जाए। आज से प्रदेशव्यापी संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान आरम्भ हो गया है, जिसके अन्तर्गत स्वच्छता, साफ-सफाई एवं फॉगिंग की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लगातार की जाए। नमामि गंगे परियोजना के कार्यों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए। योगी ने कहा कि प्रदेश में 01 अप्रैल से एमएसपी के तहत गेहूं खरीद का कार्य प्रारम्भ हो गया है। गेहूं क्रय केंद्रों को पूरी तरह प्रभावी रखा जाए और क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो। उन्होने कहा कि चार अप्रैल से स्कूल चलो अभियान संचालित किया जाएगा। कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विद्यालयों को गोद लें। सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भी सुशासन, सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व की भांति ही भ्रष्टाचार, अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सायं काल एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ायी जाए। मिशन शक्ति कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। पुलिस थानों में आम आदमी के साथ सद्व्यवहार किया जाए। पुलिस को जनता के साथ अच्छा व्यवहार प्रदर्शित करना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रात के अंधेरे में एक रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी। यह नजारा आसमान में दिखा, लोगों का कहना है कि उन्होंने कई चमकीली रेखाएं देखीं। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि यह उल्का पिंडों की बारिश हो सकती है या फिर यह गिरता हुआ सैटेलाइट है। इस रहस्यमयी रोशनी को लोगों ने अपने कैमरे में भी कैद किया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। हालांकि, वैज्ञानिकों का दावा है कि ये चीनी रॉकेट के अंश थे। दरअसल, महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, अकोला व जलगांव के अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर, खरगौन, झाबुआ में कई जिलों में लोगों ने रात को आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखने का दावा किया। इसके बाद लोगों में अफवाह फैल गई कि यह उल्का पिंडों की बारिश है या फिर गिरता हुआ सैटेलाइट। हालांकि, अमेरिकी वैज्ञानिक जोनाथन मैकडॉवल ने ट्वीट कर बताया कि यह चीन का रॉकेट चेंग झेन 3बी था। धरती पर फिर से दाखिल हो रहा चीनी रॉकेट : अमेरिकी वैज्ञानिक ने बताया कि चीनी रॉकेट धरती के वातावरण में फिर से दाखिल हो रहा था। इसे पिछले साल फरवरी में छोड़ा गया था। वापस धरती की तरफ गिरते हुए इसके कुछ हिस्से वातावरण में संपर्क में आने से जल उठे थे। उन्होंने कहा कि मेरे अनुसार, ये चमकीली रेखाएं उसी के जलने से पैदा हुई थीं। नहीं हुआ कोई नुकसान : येओला के तहसीलदार प्रमोद हिले ने बताया कि रात करीब 8 बजे आसमान में एक उल्कापिंड दिखाई दे रहा था। मैंने इसे खुद देखा। इसकी दिशा उत्तर से पूर्व की ओर थी। यह चार भागों में बंट गया। उन्हाेंने कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है और डरने की कोई बात नहीं है।
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