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डीजल-पेट्रोल की कीमतों में निरन्तर वृद्धि से जनता त्रस्त
Published / 2022-04-03 07:29:11
डीजल-पेट्रोल की कीमतों में निरन्तर वृद्धि से जनता त्रस्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले कुछ दिनों से ईंधन के बढ़ते दामों से लोग परेशान हो गये हैं। आज रविवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गयी है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 103 रुपये 41 पैसे प्रति लीटर हो गये जबकि डीजल 94 रुपये 67 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल की दरों में प्रति लीटर 84 पैसे की वृद्धि की गयी जिससे यहां अब इसकी कीमत 118.41रुपये हो गयी। इसी तरह डीजल के दाम प्रति लीटर 85 पैसे बढ़ाये गये। यहां अब इसकी 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गयी। अब बात करें कोलकाता की तो यहां पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 84 पैसे जबकि डीजल 80 प्रति लीटर बढ़ाये गये। इस तरह यहां पेट्रोल 113.03 रुपये और डीजल 97.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहे हैं। चेन्नई में पेट्रोल 108.96 रुपये प्रति लीटर (75 पैसे की वृद्धि) और डीजल 99.04 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। देशभर में ईंधन की दरों में वृद्धि की गई है। लेकिन स्थानीय कर प्रावधानों के अनुरूप अलग-अलग राज्यों में यह दर अलग-अलग है। 22 मार्च को साढ़े चार महीने के लंबे अंतराल बाद दरों में बदलाव किया गया था, लेकिन इसके बाद से कीमतों में यह 11वीं वृद्धि है।

1990 के बाद पहली बार… राज्यसभा में भी नम्बर 1 हुई भाजपा
Published / 2022-04-02 18:01:11
1990 के बाद पहली बार… राज्यसभा में भी नम्बर 1 हुई भाजपा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में न केवल लोकसभा में अपनी मजबूती का लगातार प्रदर्शन किया है, बल्कि वह राज्यसभा में भी लगातार बढ़ी है और उसने 1990 के बाद पहली बार एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। पार्टी के सदस्यों की संख्या राज्यसभा में 100 के पार चली गई है। हालांकि अभी भी बहुमत नहीं है। बहुमत के लिए किसी पार्टी को राज्यसभा में 123 सदस्यों की जरूरत होती है। असम, त्रिपुरा और नागालैंड की चारों राज्यसभा सीटें जीतने के बाद राज्यसभा में बीजेपी सदस्यों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है। 2014 में बीजेपी के पास थे 55 सदस्य : राज्यसभा की वेबसाइट पर सीटों की नयी संख्या अभी भले ही अधिसूचित नहीं हुई है, लेकिन ताजा चुनाव के बाद भाजपा के उच्च सदन में कुल सांसदों की संख्या 100 के पार है। उसके पास पहले ही 97 सीटें थीं। गौरतलब है कि भाजपा की सीटें वर्ष 2014 में 55 थीं यानी पिछले सात साल में इसमें करीब 100 फीसदी इजाफा हुआ है। बीजेपी ने दो सीटें असम के राज्यसभा चुनाव से जीती हैं, जहां उसने एक सीट कांग्रेस से झटक ली। बीजेपी ने कांग्रेस औऱ एआईयूडीएफ के कुछ विधायकों के समर्थन से दूसरी सीट पर भी जीत पक्की की। 1988 में कांग्रेस के पास थे 108 सदस्य : इससे पहले 1988 में कांग्रेस के पास सर्वाधिक 108 सदस्य थे, लेकिन तब से उसकी ताकत लगातार कम हुई है। कांग्रेस केंद्र में सरकार के साथ कई राज्यों में सत्ता गंवा चुकी है। हालांकि बीजेपी की सीटें आने वाले समय में कुछ कम हो सकती है, क्योंकि 52 सीटों पर चुनाव होना है, क्योंकि आने वाले वक्त में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड जैसे राज्यों में चुनाव होना है, जहां विपक्ष शासित सरकारें हैं। लगातार बढ़ रही भाजपा : अगर राज्यसभा की 13 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने जहां पंजाब में एक सीट गंवाई, लेकिन उसे पूर्वोत्तर के तीन राज्यों से 1-1 सीट के साथ हिमाचल प्रदेश की सभी सीटें उसकी झोली में आईं। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सभी पांच सीटें जीती हैं। हालांकि बीजेपी अभी भी राज्यसभा में अपने बलबूते बहुमत से काफी दूर है। बीजेपी को वर्ष 2014 के बाद 2019 के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लोकसभा में प्रचंड बहुमत मिला था। पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने ज्यादातर राज्यों में अपनी सत्ता बरकरार रखी है या स्थिति में सुधार किया है। सियासी नजरिए से आज के समय में बहुत बड़ी उपलब्धि है।

बंगाल : उपचुनाव में मिथुन दा की छोटी बहन के "शत्रु" बने बिहारी बाबू
Published / 2022-04-02 15:38:52
बंगाल : उपचुनाव में मिथुन दा की छोटी बहन के "शत्रु" बने बिहारी बाबू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल में अपने प्रचार अभियान के लगभग एक साल के अंतराल के बाद बॉलीवुड स्टार और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार को फिर से प्रचार किया। उन्होंने आसनसोल के निवासियों से लोकसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार अग्निमित्र पॉल को वोट देने की अपील की। भाजपा के स्टार प्रचारक ने एक वीडियो संदेश में आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट के विधायक पॉल को अपनी छोटो बोन (छोटी बहन) बताया और कहा कि कुछ अन्य लोगों के विपरीत फैशन डिजाइनर से राजनेता बनी अग्नि हमेशा उनके संपर्क में रही हैं। मिथुन बोले, अग्नि मेरी छोटी बहन : मिथुन ने कहा, अग्नि मेरी छोटी बहन है। मैं अपने जीवन की यात्रा में कई लोगों से मिला हूं, लेकिन उन सभी ने संपर्क तोड़ दिया है जब उन्हां मेरी मदद की जरूरत नहीं थी। लेकिन अग्नि अलग हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब वह मेरे बारे में पूछताछ नहीं करती। वह हर स्थिति में मेरे साथ रही है। मिथुन ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगर वह अपने लोगों के लिए इतनी मददगार है, तो कल्पना कीजिए कि वह आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के निवासियों की मदद कैसे करेंगी, जो अपने परिवार से कम नहीं हैं। अपने दशकों लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में अभिनय करने वाले मिथुन को हाल ही में द कश्मीर फाइल्स में एक महत्वपूर्ण भूमिका में दिखे थे। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि मिथुन दा ने गर्मी और उमस का सामना करते हुए पिछले साल के विधानसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था और राज्य का व्यापक दौरा किया था। शत्रुघ्न सिन्हा से है मुकाबला : भट्टाचार्ट ने कहा, कुछ स्वास्थ्य मुद्दों के कारण वह पिछले कुछ महीनों में ज्यादा सक्रिय नहीं थे। वह राज्य में टीएमसी कुशासन को भी समाप्त करना चाहते हैं। इसके अलावा एक बड़े भाई ने लोगों से अपनी बहन को वोट देने का आग्रह किया। हम उनकी अपील से खुश हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा आसनसोल लोकसभा सीट और बालीगंज विधानसभा क्षेत्र दोनों में हार जाएगी, जहां 12 अप्रैल को उपचुनाव होने हैं और चक्रवर्ती की अपील ज्यादा असर नहीं दिखाएगी। टीएमसी की ओर से अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ अग्निमित्र पॉल मैदान में खड़ी हैं।

श्रीलंका को 40,000 टन चावल भेज रहा भारत
Published / 2022-04-02 10:13:45
श्रीलंका को 40,000 टन चावल भेज रहा भारत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पड़ोसी देश श्रीलंका पिछले कुछ समय से महंगाई और गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार लगभग समाप्त हो जाने और कई देशों के कर्ज से दबे पड़ोसी देश के ऊपर दिवालिया होने का संकट उत्पन्न हो गया है। श्रीलंका को इस संकट से उबारने के लिए कई देश आगे आए हैं लेकिन भारत इसमें सबसे अधिक भूमिका निभा रहा है। भूखमरी को खत्म करने के लिए भारत ने श्रीलंका के लिए 40000 टन चावल का सप्लाई किया है।

बाइडेन सरकार को भारत को नहीं डराने की चेतावनी, पोस्टर चिपकाकर जताया विरोध
Published / 2022-04-02 10:06:34
बाइडेन सरकार को भारत को नहीं डराने की चेतावनी, पोस्टर चिपकाकर जताया विरोध

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चरम पर है। इस युद्ध में अमेरिका की भी खूब फजीहत हो रही है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस के साथ व्यापार को बंद करे, लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। जिस वजह से बाइडेन सरकार लगातार भारत को चेतावनी दे रही है। इस बीच दिल्ली में स्थिति अमेरिकी दूतावास के सामने अज्ञात लोगों ने एक पोस्टर चिपका दिया, जिसमें लिखा है कि अमेरिकी सरकार भारत को डराना बंद करो। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी दूतावास के बाहर नीले रंग का बोर्ड लगा है, जिस पर शुक्रवार रात किसी ने पोस्टर चिपका दिया। इसपर लिखा है कि भारत को डराना बंद करो। रात करीब 10.15 पर इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक टीम मौके पर पहुंची और दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेक्शन ऑफ प्रॉपर्टी (DPDP) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पोस्टर में लिखा था कि बाइडेन प्रशासन, भारत को धमकाना बंद करो। हमें आपकी जरूरत नहीं है। अमेरिका को चीन के खिलाफ भारत की जरूरत है। हमें अपने सभी अनुशासित और बहादुर भारतीय सशस्त्र बलों पर गर्व है। जय जवान, जय भारत। हालांकि अब इस पोस्टर को हटा दिया गया है, लेकिन इसकी फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वहीं यूक्रेन से युद्ध के बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को दौरा किया और कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साफतौर पर कहा कि रूस और भारत के संबंध काफी मजबूत हैं। भारत जो भी चीज मांगेगा, रूसी सरकार उसकी सप्लाई करने को तैयार है। रूसी मंत्री के इस बयान से अमेरिका को और ज्यादा मिर्ची लगी है।

फरवरी के अंत तक 82.7% पर राजकोषीय घाटा
Published / 2022-04-01 15:47:53
फरवरी के अंत तक 82.7% पर राजकोषीय घाटा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार का राजकोषीय घाटा फरवरी, 2022 के अंत तक पूरे साल के बजट लक्ष्य का 82.7 प्रतिशत रहा है। बृहस्पतिवार को जारी सरकार आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सरकार का खर्च बढ़ने की वजह से राजकोषीय घाटा भी ऊंचा रहा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा या व्यय और राजस्व के बीच का अंतर 2020-21 के संशोधित अनुमान (आरई) का 76 प्रतिशत था। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर जारी आंकड़ों के अनुसार, निरपेक्ष रूप से फरवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा 13,16,595 करोड़ रुपये रहा है। सीजीए के अनुसार, सरकार की राजस्व प्राप्तियां 2021-22 के बजट के संशोधित अनुमान का 18.27 लाख करोड़ रुपये या 83.9 प्रतिशत रही हैं। 2020-21 की समान अवधि में यह 88.2 प्रतिशत थीं। आंकड़ों के अनुसार, सरकार का कुल व्यय संशोधित अनुमान का 83.4 प्रतिशत या 31.43 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह संशोधित अनुमान का 81.7 प्रतिशत था। सरकार का 31 मार्च, 2022 यानी आज समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.8 प्रतिशत या 7.1 लाख करोड़ रुपये पर सीमित रखने का लक्ष्य है।

परीक्षा पे चर्चा : छात्रों से मिल बोले पीएम मोदी- एग्जाम को बना दें त्योहार
Published / 2022-04-01 08:17:00
परीक्षा पे चर्चा : छात्रों से मिल बोले पीएम मोदी- एग्जाम को बना दें त्योहार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (शुक्रवार) परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया। मौके पर दिल्ली के तालकटोरा स्टडियम में हज़ारों की संख्या में छात्र पहुंचे। खास बात ये रही कि देश के अलग-अलग कोने से छात्रों को सवाल पूछने का भी मौका मिला। मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ये उनका बड़ा ही प्रिय कार्यक्रम है। उन्होंने अफसोस जताया कि कोरोना के कारण वो उनसे नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा, मेरे लिए आज का कार्यक्रम विशेष खुशी का है, क्योंकि एक लंबे अंतराल के बाद आप सबसे मिलने का मौका मिल रहा है। पीएम ने कहा, त्योहारों के बीच में एग्जाम भी होते हैं। इस वजह से त्योहारों का मजा नहीं ले पाते। लेकिन अगर परीक्षा को ही त्योहार बना दें, तो उसमें कईं रंग भर जाते हैं। पीएम ने कहा, मन में तय कर लीजिए कि परीक्षा जीवन का सहज हिस्सा है। हमारी विकास यात्रा के ये छोटे-छोटे पड़ाव हैं। इस पड़ाव से पहले भी हम गुजर चुके हैं। पहले भी हम कई बार परीक्षा दे चुके हैं। जब ये विश्वास पैदा हो जाता है तो आने वाले एक्जाम के लिए ये अनुभव आपकी ताकत बन जाता हैं। पीए मोदी ने छात्रों से कहा, दिन भर में कुछ पल ऐसे निकालिए, जब आप ऑनलाइन भी नहीं होंगे, ऑफलाइन भी नहीं होंगे बल्कि इनरलाइन होंगे। जितना अपने अंदर जाएंगे, आप अपनी ऊर्जा को अनुभव करेंगे पीएम ने आगे कहा, छात्रों को यह महसूस नहीं करना चाहिए कि वे अच्छे अंक लाने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों के दबाव में हैं। माता-पिता को अपने सपनों को बच्चों में नहीं डालना चाहिए। उन्हें स्वतंत्र रूप से अपना भविष्य तय करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

दो साल बाद कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध खत्म, महाराष्ट्र-दिल्ली में अब फेस मास्क जरूरी नहीं
Published / 2022-04-01 08:06:59
दो साल बाद कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध खत्म, महाराष्ट्र-दिल्ली में अब फेस मास्क जरूरी नहीं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंध आज से समाप्त हो गए। लेकिन फेस मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंड अब भी जारी रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की थी। पूरे भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना महामारी के प्रकोप से निपटने के लिए मार्च 2020 में कुछ प्रतिबंध लगाए थे। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पिछले हफ्ते सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा था कि महामारी प्रबंधन से संबंधित क्षमताओं का देश में काफी विकास हो चुका है, इसलिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोरोना रोकथाम उपायों के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधानों को लागू नहीं रखने का निर्णय लिया है। पूरे 2 साल बाद कोरोना महामारी से जुड़े प्रतिबंध हटाए गए हैं : सरकार ने 24 मार्च, 2020 को पहली बार देश में कोविड-19 की रोकथाम के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, (डीएम अधिनियम) 2005 के तहत आदेश और दिशा-निर्देश जारी किए थे और इन्हें विभिन्न अवसरों पर संशोधित किया गया। भल्ला ने कहा, मौजूदा आदेश 31 मार्च को समाप्त होने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से आगे कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड की रोकथाम के उपायों पर जारी सलाह महामारी के लिए समग्र राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का मार्गदर्शन करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड की रोकथाम के दिशा-निर्देशों में फेस मास्क का उपयोग और हाथ की स्वच्छता शामिल है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पर बोले गडकरी- बस दो साल में...
Published / 2022-03-31 17:25:54
इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पर बोले गडकरी- बस दो साल में...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया भर में प्रदूषण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर जीवाश्म ईंधन की जगह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत अमीर देशों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चलाने में एक तो पर्यावरण का ख्याल रखा जाता है और दूसरा इसके चलाने में लागत बहुत कम आती है। लेकिन भारत जैसे विकासशील देशों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत बहुत ज्यादा है। इसलिए आम लोग इसे खरीद नहीं पाते हैं। अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों को भरोसा दिया है कि दो साल के अंदर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत पेट्रोल गाड़ियों के बराबर हो जाएगी। नितिन गडकरी ने संसद में कहा, मैं सभी सदस्यों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अगले दो साल के अंदर देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत वही होगी जो आज पेट्रोल की है। नितिन गडकरी ने कहा चाहे वह टू व्हीलर हो,थ्री व्हीलर हो या फिर फोर व्हीलर सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत घट जाएगी। इसके बाद परिवहन में देश की दिशा बदल जाएगी। लोकसभी में स्पीकर ओम बिड़ला द्वारा संसद परिसर में चार्जिंग स्टेशन के अनुरोध पर गडकरी ने कहा, सभी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन तैयार हो जाएगा, इसके बाद सांसद इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन बनवाए जाएंगे। इसे हम पार्किंग सिस्टम की तरह सुविधा देना चाहते हैं। गडकरी ने कहा कि बिजली मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए नोटिस जारी किया है। देश में ही बनेगा हाइड्रोजन : बुधवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हाइड्रोजन से चलने वाली कार से संसद भवन पहुंचे थे। यह कार जापान की टोयोटा कंपनी ने बनाई है। इसमें हाइड्रोजन ईंधन फरीदाबाद के तेल पंप से भरा गया था। इस गाड़ी से संसद भवन पहुंचने के बाद नितिन गडकरी ने कहा था कि हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। नितिन गडकरी ने कहा, हम आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन को प्रोत्साहित कर रहे है जिसे पानी से तैयार किया जाता है। फिलहाल, इस कार को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर तैयार किया गया है लेकिन हम खुद ग्रीन हाइड्रोजन को अपने स्तर पर बनाएंगे। इसे विदेश से मंगाने पर लगाम लगाएंगे। इससे हमारे देश में रोजगार भी बढ़ेगा।

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