Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

देश

View All
1 अप्रैल से टीवी, एसी, फ्रिज, LED के साथ मोबाइल चलाना भी हो रहा महंगा
Published / 2022-03-31 09:58:00
1 अप्रैल से टीवी, एसी, फ्रिज, LED के साथ मोबाइल चलाना भी हो रहा महंगा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बजट 2022 में किए गए कुछ प्रावधानों की वजह से 1 अप्रैल से उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ और बढ़ने वाला है। कल से TV, AC फ्रिज के साथ मोबाइल चलाना भी महंगा हो जाएगा। दरअसल, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल फरवरी में पेश बजट में कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था, जबकि कुछ पर इसमें कटौती की गई थी। नया शुल्क 1 अप्रैल से लागू हो रहा है। लिहाजा जिन कच्चे माल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है, उनसे जुड़े उत्पादों की कीमतों में इजाफा होना तय माना जा रहा है। सरकार ने 1 अप्रैल से एल्युमीनियम के अयस्क और कंसन्ट्रेट पर सरकार ने 30 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया है। इसका इस्तेमाल टीवी, एसी और फ्रिज का हार्डवेयर बनाने में होता है। कच्चे माल की सप्लाई महंगी होने की वजह से कंपनियों की उत्पादन लागत में इजाफा होगा और इसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इसके अलावा कंप्रेसर में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर भी आयात शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे रेफ्रिजरेटर के दाम बढ़ जाएंगे। सरकार ने LED बल्ब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर मूल सीमा शुल्क के साथ 6 फीसदी प्रतिपूर्ति शुल्क वसूलने की बात कही है। 1 अप्रैल से इसका नया नियम लागू होने के बाद LED बल्ब भी महंगे हो जाएंगे। सरकार ने चांदी पर आयात शुल्क में भी बदलाव किया है, जिससे 1 अप्रैल के बाद चांदी के बर्तन और इससे बनने वाले उत्पाद भी महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा स्टील के सामान पर भी महंगाई की मार पड़ेगी और कल से स्टील से बने बर्तन महंगे हो जाएंगे।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाये सरकार : राहुल गांधी
Published / 2022-03-31 08:39:36
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाये सरकार : राहुल गांधी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य सांसदों ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ गुरुवार को संसद के पास धरना दिया। इस धरने में कांग्रेस के सभी बड़े नेता शामिल हुए। पार्टी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरु होने से करीब डेढ़ घंटे पहले विजय चौक पर कांग्रेस के महंगाई मुक्त भारत अभियान के तहत धरना दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना कहा कि पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में 9 बार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसकी सीधी चोट आम आदमी पर पड़ रही है। हम सरकार से मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को तुरंत कम किया जाना चाहिए। कांग्रेस आज पूरे देश में ईंधन की बढ़ी कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है प्रदर्शन में राहुल गांधी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कई अन्य सांसद शामिल हुए। कांग्रेस सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, हमने पहले ही अनुमान लगाया था कि जब 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होंगे तो ईंधन के दाम बढ़ाए जाएंगे। हम मांग करते हैं कि ईंधन बढ़ी कीमतों को वापस लिया जाए। सरकार ईंधन के बढ़े दामों के कारण आम आदमी को होने वाली परेशानी को नहीं समझ सकती।

बिम्सटेक को और सक्रिय करें, इसमें शामिल देशों में व्यापार बढ़ाएं : मोदी
Published / 2022-03-30 06:30:00
बिम्सटेक को और सक्रिय करें, इसमें शामिल देशों में व्यापार बढ़ाएं : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 5वीं बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 2 सालों के चुनौतीपूर्ण माहौल में राष्ट्रपति राजपक्ष ने बिम्सटेक को कुशल नेतृत्व दिया है। जिसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं। आज के चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिप्रेक्ष्य में से हमारा क्षेत्र अछूता नहीं रहा है। हम अभी भी कोरोना के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बिम्सटेक की स्थापना का ये 25वां वर्ष है इसलिए आज के समिट को मैं विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानता हूं। इस लैंडमार्क समिट के परिणाम बिम्सटेक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेंगे। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक को और सक्रिय किया जाए, इसमें शामिल देशों में व्यापार बढ़ना चाहिए। बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि यूरोप में हाल के घटनाक्रमों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संदर्भ में क्षेत्रीय सहयोग करना एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है। हम नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित बिम्सटेक छात्रवृत्ति कार्यक्रम के दायरे का विस्तार और विस्तार करने पर काम कर रहे हैं। हम आपराधिक मामलों पर आपसी कानूनी सहायता पर एक संधि पर भी हस्ताक्षर कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर वेदर को सक्रिय केंद्र बनाने के लिए भारत 30 लाख डॉलर खर्च करने को तैयार है। इसके लिए सबका सहयोग ज़रूरी है।

मतुआ गुरु की शिक्षा ने समाज को बंटने से बचाया : मोदी
Published / 2022-03-30 04:58:43
मतुआ गुरु की शिक्षा ने समाज को बंटने से बचाया : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मतुआ समुदाय के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री हरिचंद ठाकुर को श्रद्धांजलि दी और कहा कि मौजूदा दौर में उनकी शिक्षाएं एवं सिद्धांत काफी महत्वपूर्ण हैं, जब भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ धमकी तथा हिंसा का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। मतुआ एक पिछड़ा हिंदू समुदाय है, जिसका एक वर्ग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने की मांग कर रहा है। मोदी ने उत्तर 24 परगना जिले में ठाकुरनगर के मतुआ धर्म महा मेला को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, श्री श्री हरिचंद ठाकुर की शिक्षाएं ऐसे वक्त में और महत्वपूर्ण हो जाती हैं, जब हम स्व हित के कारण हिंसा और भाषा एवं क्षेत्र के आधार पर समाज को विभाजित करने के प्रयास किये जाते देखते हैं। उन्होंने कहा कि हर किसी को समाज में कहीं भी हिंसा, अराजकता की मानसिकता का विरोध करना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषक हिंसा के परोक्ष संदर्भ को हाल में बीरभूम में हुई हत्याओं और पश्चिम बंगाल में हमले की अन्य घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण अगर कोई किसी को हिंसा से डराता है, तो यह दूसरे के अधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए समाज में कहीं भी हिंसा और अराजकता की मानसिकता का विरोध करना हमारा कर्तव्य है। मोदी ने मतुआ समुदाय से समाज में हर स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, आज मैं मतुआ समुदाय के सभी सदस्यों से यह अनुरोध करना चाहूंगा कि व्यवस्था से भ्रष्टाचार हटाने के लिए हम सभी को समाज में जागरूकता बढ़ानी होगी। अगर कोई कहीं भी प्रताड़ित होता है तो वहां निश्चित तौर पर अपनी आवाज उठाएं। यह राष्ट्र के साथ -साथ समाज के प्रति भी हमारा कर्तव्य है।

हाय रे महंगाई : पेट्रोल-डीजल में फिर 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी
Published / 2022-03-30 03:49:58
हाय रे महंगाई : पेट्रोल-डीजल में फिर 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी

एबीएन डेस्क। कमरतोड़ महंगाई की मार जनता पर लगातार पड़ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकबार फिर इजाफा हुआ है। मंगलवार रात को फिर से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल के दाम 80 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं। नए रेट बुधवार से लागू हो जाएंगे। बताते चलें कि पेट्रोल और डीजल 80 पैसे प्रति लीटर महंगा होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल का नया रेट 101.01 रुपए प्रति लीटर हो गया है तो वहीं दिल्ली में डीजल की कीमत 92.27 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। बात करें एनसीआर की तो नोएडा में पेट्रोल का नया रेट 101.04 रुपए प्रति लीटर है, जबकि डीजल का रेट 92.58 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। बता दें कि देश में 22 मार्च के बाद से लगातार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ रहे हैं। 24 मार्च को छोड़ दें तो हर दिन तेल के दाम बढ़े हैं। सोमवार रात को भी पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। पेट्रोल 80 पैसे और डीजल 70 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।

श्रीनगर : रैनावारी इलाके में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर
Published / 2022-03-30 03:40:48
श्रीनगर : रैनावारी इलाके में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के रैनावारी इलाके में मंगलवार देर रात सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। जानकारी के मुताबिक, मारे गए दोनों आतंकी लश्कर ए तैयबा और टीआरएफ आतंकी संगठन के बताए जा रहे हैं। हालांकि उनकी पहचान अभी उजागर नहीं की गई है। राज्य पुलिस और सीआरपीएफ ने इस एनकाउंटर में आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाला हुआ है। पुलिस ने बताया है कि मारे गए दोनों आतंकी घाटी के ही रहने वाले थे और घाटी में कई नागरिकों की हत्या की घटनाओं में उनका हाथ था। पुलिस को आतंकियों के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। सुरक्षाबलों को अभी और भी आतंकियों के छिपे होने का शक है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

स्टेल्थ ओमिक्रॉन से चीन-ब्रिटेन में बढ़ रहे कोरोना के मामले, जानें यह क्या है...
Published / 2022-03-29 17:34:44
स्टेल्थ ओमिक्रॉन से चीन-ब्रिटेन में बढ़ रहे कोरोना के मामले, जानें यह क्या है...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं। कोरोना की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार है जब नए मामलों की संख्या इतनी कम हो गई है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 1259 नए मामले आए हैं और 35 लोगों की मौत हुई है। जहां एक तरफ भारत में कोरोना का दायरा सिकुड़ रहा है, वहीं, चीन और ब्रिटेन में इस वायरस की वजह से केस तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन के शंघाई शहर में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ब्रिटेन में भी पिछले दो सप्ताह से नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन दोनों देशों में कोरोना के बढ़ने का कारण स्टेल्थ ओमिक्रॉन वेरिएंट है। आइए जानते हैं कि क्या है ये वेरिएंट और इससे क्यों बढ़ रहा है कोरोना : सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रोफेसर डॉ जुगल किशोर बताते हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के सब वेरिएंट BA.2 को स्टेल्थ ओमिक्रॉन कहा जाता है। यह वेरिएंट सामान्य ओमिक्रॉन वेरिएंट की तुलना में अधिक तेजी से फैलता है। भारत में संक्रमण की तीसरी लहर के दौरान ओमिक्रॉन के साथ स्टेल्थ ओमिक्रॉन भी फैला था, लेकिन तब चीन या ब्रिटेन में यह वेरिएंट नहीं पहुंथा था। अब ये सब वेरिएंट इन देशों में तेजी से फैल रहा है, जिसकी वजह से वहां संक्रमण के नए मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि ये वेरिएंट फैल भले ही तेजी से रहा हो, लेकिन इससे हॉस्पिटलाइजेशन या मौत के मामलों में अधिक इजाफा नहीं हो रहा है। स्टेल्थ ओमिक्रॉन भी अपने मूल वेरिएंट की तरह ही है। ये संक्रामक ज्यादा है, लेकिन घातक नहीं। भारत में अगले चार से छह महीने तक नहीं है खतरा : कोविड एक्सपर्ट डॉ युद्धवीर सिंह का कहना है कि भारत में अगले चार से छह महीने तक कोरोना की किसी नई लहर के आने की आशंका काफी कम है। इसका कारण यह है कि यहां तीसरी लहर के दौरान एक बड़ी आबादी ओमिक्रॉन से संक्रमित हो चुकी है। इसके साथ ही वैक्सीनेशन भी चल रहा है। नेचुरल इंफेक्शन और वैक्सीन से इम्यूनिटी बनी हुई है, जो अगले चार से छह महीने तक रह सकती है। ऐसे में पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली विधानसभा में 75,800 करोड़ रुपये का बजट पारित
Published / 2022-03-29 17:22:21
दिल्ली विधानसभा में 75,800 करोड़ रुपये का बजट पारित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली सरकार के वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 75,800 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। बजट सत्र के समापन के बाद अध्यक्ष ने विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। बजट सत्र 23 मार्च को शुरू हुआ था। बजट में खुदरा क्षेत्र को बढ़ावा, बिना मंजूरी वाले क्षेत्रों के प्रसिद्ध बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास, स्टार्टअप, पर्यटन और रात के समय की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के जरिये अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बजट पर बहस में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कट्टर देशभक्ति, कट्टर ईमानदारी और मानवता आम आदमी पार्टी की विचारधारा के तीन स्तंभ हैं और दिल्ली के 2022-23 के बजट में ये प्रदर्शित होते हैं। केजरीवाल ने सदन में कहा, विधानसभा में प्रस्तुत बजट कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, यह ऐतिहासिक है। स्वतंत्र भारत में पहली बार रोजगार बजट पेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, बजट सभी के लिए खुशहाली लाने को तैयार किया गया है। हम अपनी विचारधारा के कारण ह्यरोजगार बजट लाए हैं। कट्टर देशभक्ति, ईमानदारी और मानवता हमारी विचारधारा के तीन स्तंभ हैं। वित्त विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बजट दिल्लीवासियों से प्राप्त 6,500 सुझावों के आधार पर तैयार किया गया था। उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था पर हमारी टीम द्वारा विभिन्न संघों और नियामक निकायों के साथ 150 से अधिक बैठकें आयोजित की गई। इसके बाद बजट में प्रतिष्ठित बाजारों का पुनर्विकास, आईटी पार्क, स्टार्टअप नीति, ई-कॉमर्स को बढ़ावा, नयी नौकरियों का सृजन जैसे कुछ महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए हैं।

परसा : एकजुट ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा ज्ञापन, खदान शीघ्र शुरू कराने की मांग
Published / 2022-03-29 15:19:51
परसा : एकजुट ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा ज्ञापन, खदान शीघ्र शुरू कराने की मांग

एबीएन सेंट्रल डेस्क। परसा खदान को जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में परसा कोयला परियोजना के पक्ष में आस-पास के छ: गांवों के निवासी बड़ी संख्यामें आज अंबिकापुर में इकठ्ठा हुए और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। साथ ही राजधानी रायपुर स्थित तथाकथित एनजीओ के नाम पर स्थानिको को गुमराह करने वाले बाहरी तत्वों को ग्राम प्रवेश पर आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने मामले की जांच कराकर तुंरत ही कार्यवाही करने का आश्वासन परसा और आसपासके गाँव वालो को दिया है। परसा खदान शुरू होने से सिर्फ स्थानिको को रोजगार के अवसर ही नहीं परन्तु राज्य सरकार को बड़ा राजस्व और देश को किफायती दामों पर बिजली भी मिलेगी। परसा और आसपास के गाँव घाटबर्रा, फत्तेपुर, जनार्दनपुर, साल्हि, इत्यादि के 1200 से 1500 लोगो ने जिला प्रशासन से फर्जी एनजीओ वालों को उनके ग्राम में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा को अनुरोध किया है। परसा गांव के उप सरपंच शिव कुमार यादव ने कहा कि हम यहां परसा खदान परियोजना के समर्थन करते है और अलोक शुक्ला जो की स्थानिको को बाहरी लोगो को लाकर भड़काता है उसका विरोध करते है। हम कलेक्टर को निवेदन करते है की अगर परसा खदान शुरू नहीं होती है तो सरकार को अनुरोध करने के लिए हम यहां से राजधानी रायपुर भी जायेंगे। यह आदिवासी विस्तार है और उनको रोजगार की जरुरत है। जब कोरोना का संकट का समय था तब हमारे साथ खदान की कंपनियां खड़ी थी, न की वह बाहरी लोग जो खदान और क्षेत्र के विकास का विरोध करते है। सब्र खो चुके इन ग्रामीणों ने अब मांगे पूरी नहीं होने पर जिला प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में परसा कोयला परियोजना के लिए इस उम्मीद में अपनी जमीन दी थी कि उन्हें जमीन की अच्छी कीमत के साथ-साथ रोजगार भी उपलब्ध होगा। किन्तु आज तक जमीन देने के बावजूद खदान शुरू ना होने के कारण उन्हें रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे है। इस वजह से उन्हें गुजर-बसर करने के लिए जमीन मुआवजे से मिले पैसे ही निर्वाह के लिए खर्च करने पड़ रहे हैं। मुआवजे की राशि जो स्थानिको के भविष्य का एक मात्र सहारा है उसको खर्च करने पर मजबूर है। उन्होने बताया की इस सबका जिम्मेदार तथाकथित बाहरी एनजीओ के सरगना अलोक शुक्ला और उसके साथीदार है जो की परसा योजना को ही निशाना बना रहे है जबकि छत्तीसगसढ़ देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है। पड़ोस के गांव में संचालित पीईकेबी खदान के ग्रामीण, गावों के चौतरफा विकास होने से काफी समृद्ध हो रहे हैं। पीईकेबी खदान के सभी गांवों में ग्रामीणों को नौकरी देने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और ग्रामीण विकास से संबंधित कई अन्य योजनायें संचालित है, लेकिन हम परसा परियोजना के लाभार्थी ब्लॉक शुरू नहीं होने से इन सभी सुविधाओं से आज तक वंचित हैं, साल्हि गांव की वेदमती उइके ने बताया। गौरतलब है कि सरगुजा जिले में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए तीन कोल ब्लॉक परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी), परसा और केते एक्सटेंशन केंद्र सरकार द्वारा कई साल पहले आवंटित किया गए थे। अभी पीईकेबी में खनन का कार्य चल रहा है लेकिन शेष दो ब्लॉकों के लिए अनुमति लेने का कार्य छत्तीसगढ़ शासन के पास अटका पड़ा है। ग्रामीणों ने जिस कोल ब्लॉक के समर्थन के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया है, उसके जमीन का मुआवजा भूमि अधिग्रहण नीति के तहत ग्रामीणों को मिल चुका है जबकि ब्लॉक शुरू होने पर सभी लाभार्थियों को पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन नीति के तहत नौकरी दिया जाना शेष है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के कोयला खदानों से देश के गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्य के कई बिजली संयंत्रों में कोयले के आपूर्ति होती है जिससे बिजली का उत्पादन संभव हो पाता है और वहां की सरकार नागरिकों को सस्ते दरों पर बिजली उपलब्ध करा पाती हैं।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.