एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम ऐसे समय मिल रहे हैं, जब भारत अगले 25 साल के लिए नए लक्ष्य तय कर रहा है। मुझे विश्वास है कि आपके प्रयासों से पर्यावरण की रक्षा में भी मदद मिलेगी और भारत का विकास भी उतनी ही तेज गति से होगा। पीएम मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुजरात के एकता नगर में राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज का नया भारत, नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आज भारत तेजी से विकसित होती इकोनॉमी भी है और निरंतर अपनी को भी मजबूत कर रहा है। हमारे फॉरेस्ट कवर में वृद्धि हुई है और वेट लैंड्स का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने कमिटमेंट को पूरा करने के हमारे ट्रैक रिकॉर्ड के कारण ही दुनिया आज भारत के साथ जुड़ भी रही है। बीते वर्षों में गिर के शेरों, बाघों, हाथियों, एक सींग के गेंडों और तेंदुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में चीता की घर वापसी से एक नया उत्साह लौटा है। पीएम मोदी के संबोधन के प्रमुख अंश : • भारत ने 2070 तक नेट जीरो का टार्गेट रखा है। अब देश का फोकस ग्रीन ग्रोथ पर है, ग्रीन जॉब्स पर है। इन सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, हर राज्य के पर्यावरण मंत्रालय की भूमिका बहुत बड़ी है। • मैं देश के सभी पर्यावरण मंत्रियों से आग्रह करूंगा कि राज्यों में सर्कुलर इकॉनॉमी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दें। इससे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति के हमारे अभियान को भी ताकत मिलेगी। • आजकल हम देखते हैं कि कभी जिन राज्यों में पानी की बहुलता थी, ग्राउंड वॉटर ऊपर रहता था, वहां आज पानी की किल्लत दिखती है। ये चुनौती सिर्फ पानी से जुड़े विभाग की ही नहीं है बल्कि पर्यावरण विभाग को भी इसे उतना ही बड़ी चुनौती समझना होगा। • आज का नया भारत, नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आज भारत तेजी से विकसित होती इकोनॉमी भी है और निरंतर अपनी इकोलॉजी को भी मजबूत कर रहा है। हमारे फॉरेस्ट कवर में वृद्धि हुई है और वेट लैंड्स का दायरा भी तेज़ी से बढ़ रहा है। • जंगली आग की वजह से ग्लोबल एममिशन में भारत की हिस्सेदारी भले ही नगण्य हो, लेकिन हमें अभी से जागरूक होना होगा। हर राज्य में फॉरेस्ट फायर फाइटिंग मैकेनिज्म मजबूत हो, टेक्नॉलॉजी ड्रिवेन हो, ये बहुत जरूरी है। • आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना, देश का विकास, देशवासियों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास सफल नहीं हो सकता। लेकिन हमने देखा है कि एनवायरनमेंट क्लियरेंस के नाम पर देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को कैसे उलझाया जाता था। • परिवेश पोर्टल, पर्यावरण से जुड़े सभी तरह के क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो माध्यम बना है। ये ट्रांसपेरेंट भी है और इससे अप्रूवल के लिए होने वाली भागदौड़ भी कम हो रही है। आठ साल पहले तक एनवायरनमेंट क्लियरेंस में जहां 600 से ज्यादा दिन लग जाते थे, वहीं आज 75 दिन लगते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरी तरह देश में बनी और डिजाइन की गई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत ने बुलेट ट्रेन की स्पीड को भी पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक वीडियो शेयर कर बताया है कि कैसे भारत की इस ट्रेन ने स्पीड पकड़ने के मामले में बुलेट ट्रेन को भी पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुसार, भारत की सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन महज 52 सेकंड में शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। वहीं, जापान में बनी बुलेट ट्रेन 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ने में 55 सेकंड का समय लेती है। इसके अलावा वीडियो में दिखाया गया है कि वंदे भारत ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। बावजूद इसके गिलास में भरा पानी तक नहीं छलक रहा। केंद्रीय मंत्री ने मेड इंडिया कैप्शन के साथ ट्विवटर पर वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कहा कि ट्रेन की स्पीड 180 किलोमीटर के पार जाने के बावजूद गिलास का पानी बाहर नहीं छलक रहा। यह भारत की एडवांस्ड तकनीक का नायाब नमूना है। हमारी वंदे भारत ट्रेन पूरी तरह देश में डिजाइन और बनाई गई है। ट्रेन की स्पीड का यह ट्रायल राजस्थान के कोटा से नागदा रेलवे स्टेशन के बीच किया गया, जहां कई बार ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। वीडियो में चलती ट्रेन के अंदर मोबाइल फोन की स्क्रीन पर स्पीडोमीटर से ट्रेन की गति नापी गई है। इसमें दिखाया है कि स्पीडोमीटर पर ट्रेन की गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 183 किलोमीटर की रेंज में दिख रही है। ट्विटर पर शेयर किए गए इस वीडियो पर तमाम यूजर्स के कमेंट आ रहे हैं और रेलवे व भारत सरकार की इस उपलब्धि पर बधाई दी जा रही है। पेटीएम के फाउंडर विजय शेयर शर्मा ने इसे गौरव करने वाला पल बताया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पोस्ट पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा, यह गौरव करने वाला पल है कि पूरी तरह भारत में बनी हमारी वंदे भारत ट्रेन ने शून्य से 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ने के मामले में बुलेट ट्रेन को भी पीछे छोड़ दिया है। वंदे भारत एक्सप्रेस जिसे ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता है, यह भारत की सेमी हाईस्पीड इंटरसिटी ईएमयू ट्रेन है और मार्च, 2022 से भारतीय रेलवे इसे दो रूट पर चला रही है। एक दिल्ली से श्री माता वैष्णों देवी कटरा के लिए चलती है और दूसरी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए जाती है। पूरी तरह भारत में विकसित इस ट्रेन में सेल्फ प्रोपेल्ड इंजन इंजन लगा है, जो बोगी में ही जुड़ा हुआ है। इसके सभी दरवाजे ऑटोमेटिक हैं और कोच में लगी चेयर 180 डिग्री पर रोटेट हो सकती हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 22 साल बाद चुनावी मुकाबले की प्रबल संभावना के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से बड़ा बयान आया है। गहलोत ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि मैं जल्द ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरूंगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र के एक गांव के एक स्कूल ने बृहस्पतिवार को बताया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार के अंतिम तीन में पहुंच गया है। समाज की प्रगति में योगदान के लिए दुनिया भर के स्कूलों में जश्न मनाने के उद्देश्य से इस पुरस्कार की शुरुआत ब्रिटेन में की गयी है। इस स्कूल का नाम पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल है जो पुणे के बोपखेल में स्थित है। यह स्कूल अब ढाई लाख अमेरिकी डॉलर के इस पुरस्कार के सामुदायिक सहयोग श्रेणी के पब्लिक परामर्श वोट राउंड में पहुंच गया है। अगले महीने विश्व शिक्षा सप्ताह के दौरान विजेता को यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। यह स्कूल पुणे के दूर-दराज के गांव में स्थित है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तौर पर एक गैर सरकारी संगठन आकांक्षा फाउंडेशन और स्थानीय सरकार के सहयोग से चलाया जाता है। इस स्कूल के अधिकतर छात्र कम आय वाले परिवार से हैं। इस साल की शुरुआत में पुरस्कार की स्थापना करने वाले ब्रिटेन के डिजिटल मीडिया मंच टी-4 एजुकेशन ने कहा, पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल स्थानीय चिकित्सकों, दुकानदारों, धार्मिक नेताओं के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम तैयार करता है, जो माता-पिता की वित्तीय जरूरत को पूरा करते हैं। एक्सेंचर, अमेरिकन एक्सप्रेस, यायासन हसनाह, टेम्पलटन वर्ल्ड चैरिटी फाउंडेशन, लेमन फाउंडेशन, डी2एल, मेल्बी गार्ड और यूनिवर्सिडैड कैमिलो जोस सेला के सहयोग से स्थापित पुरस्कार का उद्देश्य स्कूल की उन चलन को सभी के समक्ष रखना है जो अपने छात्रों के जीवन के साथ-साथ उनके समुदायों में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 5,443 नये मामले आने से देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,45,53,042 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 46,216 से बढ़कर 46,342 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 26 और मरीजों के दम तोड़ने से मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 5,28,429 हो गई है। इनमें संक्रमण से मौत की पुष्टि के बाद केरल में दर्ज किये गये 12 मामले भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों का 0.10 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.71 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 126 का इजाफा हुआ है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू कश्मीर के उपजिला सोपोर में सुरक्षा बलों ने बुधवार को लश्कर ए तैयबा के हाइब्रिड आतंकवादी और एक ओवरग्राउंड कार्यकर्ता (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि इन दोनों को तलाशी अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। सोपोर पुलिस ने सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स, 179 बटालियन सीआरपीएफ और माकरस के साथ बोटिंगू गांव में लश्कर के आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में एक विश्वसनीय जानकारी के आधार पर सोपोर में तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान दो व्यक्ति संदिग्ध स्थिति में घूमते पाये गये। पूछताछ में इन्होंने अपना नाम इम्तियाज अहमद गनई और वसीम अहमद लोन और बोटिंगू निवासी बताया। तलाशी लेने पर इम्तियाज गनई के कब्जे से एक पिस्तौल, एक मैगजीन, आठ पिस्टल राउंड और वसीम लोन के कब्जे से एक चीनी हथगोला बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलासा किया कि वे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर के लिए हाइब्रिड आतंकवादी और ओजीडब्ल्यू के रूप में काम कर रहे थे और सोपोर क्षेत्र और उसके आसपास सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमला करने की योजना बना रहे थे। पुलिस स्टेशन सोपोर में इस बारे में मामला दर्ज किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद ने बर्मिंघम और लंदन के लेस्टर में हिंदुओं और हिंदू पूजा स्थलों पर हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई है। विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लिज ट्रस को पत्र लिख कर कहा है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बड़ी संख्या में हिंदुओं, उनके पूजा स्थलों, उनके सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया है। उपद्रवियों का यह हिंसक, घृणित और चरमपंथी कृत्य पूरी तरह से एकतरफा है। आलोक कुमार ने पत्र में लिखा है कि उपद्रवी झूठे आरोप लगा रहे हैं कि हिंदुओं ने पहले उन्हें नुकसान पहुंचाया। यदि ऐसा होता तो, अस्पतालों में भर्ती होने वाले सारे लोग हिंदू नहीं होते। मुसलमानों के घरों, संपत्तियों या धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा होता। उन्होंने लिखा है कि हिंदुओं पर सीधा हमला किया गया है। लेस्टर में कई हिंदू पूजा स्थलों का अपमान कर उन्हें अपवित्र किया गया है। बर्मिंघम के स्मेथविक में भी एक प्रमुख हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के पास हिंसक विरोध प्रदर्शन किया गया है। विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष ने लिखा है कि हिंदुओं को उनकी विरासत, परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों को हटाने के लिए आतंकित किया जा रहा है और लेस्टर में कुछ हिंदुओं को ऐसा करने के लिए विवश भी होना पड़ा है। हिंदुओं के कई घरों और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कई हिंदू परिवारों ने कई दिनों से अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे हैं। आलोक कुमार के अनुसार हिंदू, स्वभाव से शांतिपूर्ण और कानून का पालन करने वाले लोग हैं। ब्रिटेन में हिंदुओं की आबादी 1.5 प्रतिशत है। हिंदुओं ने वहां आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक रूप से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बहुत बड़ी संख्या में ब्रिटेन के हिंदू स्वरोजगार करते हैं और दूसरों को रोजगार प्रदान करते हैं। हिंदू समुदाय के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिवंगत प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने ब्रिटेन में हिंदुओं के योगदान को यह कहते हुए स्वीकारा था, आपने हमें इस देश में परिवार के बारे में बहुत कुछ सिखाया है और हमें इसे लगातार ध्यान में रखना चाहिए। आप यूके के लिए बड़ी संपत्ति हैं। उन्होंने दावा किया है कि दुर्भाग्य से, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ऐसी हिंसा को दबाने में ढिलाई बरत रहे हैं। लेस्टर में हिंदुओं को 4 सितंबर, 2022 से लगातार हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री लिज ट्रस से अनुरोध किया है कि हिंदुओं के जीवन, गरिमा और संपत्तियों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस प्रयास किए जाएं। इस तरह के हिंसक और जघन्य घृणा-अपराधों में शामिल सभी लोगों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे कड़े कदमों के बिना ब्रिटेन की शांति और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को आगाह किया है कि ब्रिटेन सरकार को हाल के लेस्टर दंगों को पहली बार हुई घटना के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह हिंसा निरंतरता का हिस्सा है और घृणा, आक्रामकता और हिंसा की विचारधारा के कारण हुई है। यह हिंसा इस्लामिक कट्टरपंथ की नवीनतम कड़ी है। इस्लामिक कट्टरपंथ ने पिछले कई दशकों में ब्रिटेन और अन्य देशों को चोट पहुंचाई है। इससे पहले लंदन-मेट्रो बम विस्फोट, 2017 में लंदन ब्रिज हमला और 2019 में लंदन ब्रिज के पास छुरेबाजी की घातक आतंकी वारदात हो चुकी हैं। ये सभी हिंसक घटनाएं चरमपंथी और हिंसक विचारधारा से प्रेरित हैं। आलोक कुमार ने प्रधानमंत्री लिज ट्रस को सुझाव दिया है कि कट्टरपंथी विचारधाराओं के कारण होने वाली हिंसा और आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक दृष्टिकोण का विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि विहिप ने अपनी चिंता से अवगत कराने के लिए भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त से मुलाकात का समय मांगा था, किंतु अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि इसलिए यह पत्र ईमेल द्वारा भेजा जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने बुधवार को कहा कि कंपनी ने 300 कर्मचारियों को प्रतिद्वंदी संस्थान के साथ काम करते हुए पाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें कंपनी से निकाल दिया है। उन्होंने कहा कि वह मूनलाइटिंग को लेकर अपनी टिप्पणियों पर कायम हैं और यह कंपनी के प्रति निष्ठा का पूरी तरह उल्लंघन है। जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के साथ ही कोई दूसरा काम भी करता है, तो उसे तकनीकी तौर पर मूनलाइटिंग कहा जाता है। प्रेमजी ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वास्तविकता यह है कि आज ऐसे लोग हैं, जो विप्रो के साथ प्रतिद्वंदी कंपनी के लिए भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वास्तव में पिछले कुछ महीनों में ऐसे 300 कर्मचारियों का पता लगाया है, जो सच में ऐसा कर रहे हैं। कंपनी के साथ-साथ प्रतिद्वंद्वी संस्थान के लिए काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अलग से कहा कि कंपनी की ओर निष्ठा के उल्लंघन को लेकर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। प्रेमजी ने कहा कि मूनलाइटिंग की परिभाषा ही है कि गोपनीय तरीके से दूसरा काम करना। पारदर्शिता के तहत व्यक्ति वीकेंड में किसी परियोजना पर काम करने के बारे में साफ और खुली बातचीत कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धी कंपनियों के लिए गोपनीय तरीके से काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी कोई गुंजाइश नहीं है कि कोई विप्रो के साथ उसके प्रतिस्पर्धी संस्थान के साथ भी काम करे। गौरतलब है कि विप्रो के चेयरमैन की मूनलाइटिंग पर हाल में टिप्पणी के बाद उद्योग में एक नई बहस शुरू हो गई है। यह सीधे और सरल रूप से धोखा : प्रेमजी- प्रेमजी ने इस मुद्दे पर ट्विटर पर कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में मूनलाइटिंग करने वाले कर्मचारियों के बारे में बहुत सारी बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे और सरल रूप से धोखा है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इन्फोसिस ने कंपनी में नौकरी के साथ दूसरे काम करने वाले कर्मचारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतवानी दी है। इन्फोसिस ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा है कि दो जगहों पर काम करने या मूनलाइटिंग की इजाजत नहीं है। कंपनी ने कहा कि अनुबंध के किसी भी उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और नौकरी से निकाला भी जा सकता है। वहीं, प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम ने भी मूनलाइटिंग को अनैतिक कहा है। आईबीएम के प्रबंध निदेशक (भारत और दक्षिण एशिया) संदीप पटेल ने पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में कहा कि कर्मचारी अपने बाकी समय में जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन मूनलाइटिंग करना नैतिक रूप से सही नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 4,510 नए मामले आने से देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,45,47,599 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 47,379 से घटकर 46,216 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह आठ बजे अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से 33 और लोगों के दम तोड़ने से देश में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 5,28,403 हो गई है, जिसमें केरल में संक्रमण से मौत की पुष्टि के बाद दर्ज 19 मामले भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों का 0.10 प्रतिशत है, जबकि संक्रमण से ठीक होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.71 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,163 की कमी आई है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।
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