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डब्ल्यूएमओ का खुलासा : 2015 से 2022 तक सबसे गर्म रहा मौसम
Published / 2022-11-07 11:31:33
डब्ल्यूएमओ का खुलासा : 2015 से 2022 तक सबसे गर्म रहा मौसम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने रविवार को एक रिपोर्ट में कहा कि 2022 में वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक (1850-1900) औसत से 1.15 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है, जिससे 2015 से लेकर आठ वर्ष तक की अवधि सबसे गर्म रही हो सकती है। रविवार को जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के लिए कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) के 27वें संस्करण में जारी डब्ल्यूएमओ प्रोविजनल स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022 शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर 1993 के बाद से दोगुनी हो गई है और जनवरी 2020 से लगभग 10 मिलीमीटर बढ़कर इस साल एक नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 30 साल पहले उपग्रह माप शुरू होने के बाद से समुद्र के स्तर में कुल वृद्धि का 10 प्रतिशत हिस्सा पिछले ढाई साल में बढ़ा है। 2022 की अस्थायी रिपोर्ट में इस्तेमाल किये गये आंकड़े इस साल सितंबर के अंत तक के हैं। अंतिम रिपोर्ट अगले साल अप्रैल में जारी की जायेगी। रिपोर्ट में कहा गया है, 2022 में अब तक का वैश्विक औसत तापमान 1850-1900 के औसत से 1.15 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। यदि मौजूदा विसंगति वर्ष के अंत तक जारी रहती है, तो विश्लेषण 2022 को (1850 से) रिकॉर्ड में पांचवें या छठे सबसे गर्म वर्ष के रूप में दर्ज करेगा और प्रत्येक मामले में 2021 की तुलना में मामूली गर्म होगा। आठ साल – 2015 से 2022– रिकॉर्ड में आठ सबसे गर्म वर्ष होने की आशंका है। 2022 पांचवा या छठा सबसे गर्म साल : डब्ल्यूएमओ ने कहा कि ला नीना की स्थिति के बावजूद वैश्विक तापमान लगातार दूसरे वर्ष कम रहने के बावजूद, 2022 अभी भी रिकॉर्ड पर पांचवां या छठा सबसे गर्म वर्ष होने की संभावना है। 2013-2022 की अवधि के लिए 10 साल का औसत पूर्व-औद्योगिक आधार रेखा से 1.14 डिग्री सेल्सियस अधिक होने का अनुमान है। इसकी तुलना 2011 से 2020 तक 1.09 डिग्री सेल्सियस के साथ है, जैसा कि जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) की छठी आकलन रिपोर्ट द्वारा अनुमान लगाया गया है। भारत और पाकिस्तान में पूर्व-मानसून की अवधि में असाधारण रूप से गर्मी रही। पाकिस्तान में सबसे अधिक गर्मी मार्च और अप्रैल में रही। गर्मी के कारण फसल की पैदावार में गिरावट आई है। भारत से गेहूं और चावल के निर्यात पर प्रतिबंध से पहले से ही खाद्यान्न की कमी से प्रभावित देशों के लिए मुश्किलें बढ़ गयी हैं। जुलाई और अगस्त में रिकॉर्ड तोड़ बारिश से पाकिस्तान में व्यापक बाढ़ आयी। कम से कम 1,700 व्यक्तियों की मौत हुईं और 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए जबकि 79 लाख लोग विस्थापित हुए। भारत में भी मानसून के मौसम के दौरान विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण बाढ़ आयी, विशेष रूप से जून में पूर्वोत्तर में ऐसा हुआ। डब्ल्यूएमओ ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण लगभग 700 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 900 लोगों ने आकाशीय बिजली गिरने से जान गंवा दी। बाढ़ से असम में 6,63,000 लोग विस्थापित भी हुए हैं। जितनी ज्यादा गर्मी, उतना ज्यादा प्रभाव : डब्ल्यूएमओ के महासचिव प्रोफेसर पेटेरी तालास ने कहा, जितनी अधिक गर्मी होगी, उतना ही बुरा प्रभाव होगा। कई ग्लेशियरों के लिए पहले ही बहुत देर हो चुकी है और हजारों साल नहीं तो सैकड़ों साल तक उनका पिघलना जारी रहेगा, जिसके जल सुरक्षा के लिए बड़े निहितार्थ होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी भी प्रतिवर्ष मिलीमीटर के संदर्भ में मापा जाता है, यह बढ़ोतरी प्रति शताब्दी आधा से एक मीटर तक जाती है और यह लाखों तटीय निवासियों और निचले राज्यों के लिए एक दीर्घकालिक और बड़ा खतरा है। ग्लोबल वार्मिंग के साथ बर्फ पिघलने की दर में वृद्धि के साथ, उपग्रह अल्टीमीटर रिकॉर्ड के 30 वर्षों (1993-2022) में वैश्विक औसत समुद्र स्तर प्रति वर्ष अनुमानित 3.4 मिलीमीटर बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1993-2002 और 2013-2022 के बीच यह दर दोगुनी हो गई है और जनवरी 2021 तथा अगस्त 2022 के बीच समुद्र के स्तर में लगभग 5 मिलीमीटर की वृद्धि हुई है। जनवरी 2020 से, वैश्विक औसत समुद्र स्तर में लगभग 10 मिलीमीटर की वृद्धि हुई है, जो 1993 में उपग्रह माप शुरू होने के बाद से समुद्र के स्तर में कुल वृद्धि का लगभग 10 प्रतिशत है।

गुजरात : पीएम मोदी की वलसाड में रैली, 552 लड़कियों के सामूहिक विवाह के बने गवाह
Published / 2022-11-06 22:43:49
गुजरात : पीएम मोदी की वलसाड में रैली, 552 लड़कियों के सामूहिक विवाह के बने गवाह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के वलसाड जिले में एक जनसभा को संबोधित किये और भावनगर में एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री का अपने गृह राज्य का यह पहला दौरा किये। इससे पहले भाजपा प्रवक्ता यग्नेश दवे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार दोपहर वलसाड जिले के नाना पोंढा में एक रैली को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी शाम को भावनगर में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगे। भावनगर में एक सामूहिक विवाह समारोह ‘पापा नी परी’ लग्नोत्सव 2022 समारोह में 522 लड़कियों का विवाह कार्यक्रम में होगा, जिनके पिता नहीं हैं। गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा। मतगणना 8 दिसंबर को होगी।

4.7 तीव्रता के भूकंप के झटकों से हिली उत्तराखंड की धरती
Published / 2022-11-06 22:38:59
4.7 तीव्रता के भूकंप के झटकों से हिली उत्तराखंड की धरती

एबीएन, सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड में रविवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आये। यह झटके रुद्रप्रयाग, देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किये गये। डुंडा भटवाड़ी, बड़कोट नौगांव क्षेत्र में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई। राहत की बात यह है कि कहीं से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चिन्यालीसौंड से 35 किमी दूर बताया जा रहा है।

राष्ट्रपति से झारखंड के राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग करेगी माले : दीपांकर भट्टाचार्य
Published / 2022-11-05 22:44:08
राष्ट्रपति से झारखंड के राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग करेगी माले : दीपांकर भट्टाचार्य

टीम एबीएन, रांची। माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाकपा-माले झारखंड के राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग राष्ट्रपति से करेगी। राज्यपाल रमेश बैस जिस भाषा में बात कर रहे हैं, यह झारखंड और झारखंड की चुनी हुई सरकार के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से वर्तमान राज्यपाल को झारखंड से वापस बुलाने की मांग करेंगे। भट्टाचार्य शनिवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस मनाने की ओर बढ़ रहे झारखंड में केंद्र की सत्ता की सह पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश लोकतंत्र के हित में नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के सवाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाकपा माले महासचिव ने कहा कि कानून अपना काम करे, लेकिन दलीय भेदभाव के साथ यह नहीं होना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा नेताओं पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल करते हुए कहा कि झारखंड, मध्यप्रदेश या गुजरात में भ्रष्टाचार में स्पष्ट संलिप्तता के बावजूद भाजपा नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। भूमि बैंक के लिए आदिवासी बहुल इलाकों में चलाए जा रहे भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की बात करते हुए भाकपा माले महासचिव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कारपोरेट बिचौलिया के रूप काम नहीं करे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आदिवासियों की निजी, सामुदायिक एवं वन भूमि की बेदखली के खिलाफ है और हर स्तर पर भूमि आंदोलन का समर्थन करती है। भट्टाचार्य ने मनरेगा न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भूखमरी से पीड़ित झारखंड में मनरेगा को भ्रष्टाचार से मुक्त कर बेरोजगारी पर लगाम लगाने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने रामगढ़ में छह नवंबर को आयोजित झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा (झामस) के केंद्रीय सम्मेलन के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि झामस के केंद्रीय सम्मेलन में झारखंड के गरीबों को संगठित कर जल, जंगल जमीन के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया जायेगा।

गुजरात हादसे की सच्चाई बाहर लाना जरूरी : गहलोत
Published / 2022-11-05 22:42:47
गुजरात हादसे की सच्चाई बाहर लाना जरूरी : गहलोत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को एक बार दोबारा गुजरात के मोरबी पुल हादसे की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा किए बिना इस काम में हुए सरकारी भ्रष्टाचार की सच्चाई बाहर आना संभव नहीं हैं। सीएम ने ट्वीट कर अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित एक समाचार का हवाला देते हुए लिखा कि मोरबी पुल हादसे की शुरुआती जांच से पता चला है कि 2 करोड़ रुपये में से सिर्फ 12 लाख रुपये यानी सिर्फ 6 प्रतिशत राशि ही पुल के रख रखाव पर खर्च हुई। यह गुजरात की बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण है। ऐसी भ्रष्ट सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। गहलोत ने लिखा कि-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पूरी पार्टी की मांग है कि जब तक हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में इस घटना की न्यायिक जांच नहीं होगी तो इतने बड़े स्तर के सरकारी भ्रष्टाचार की सच्चाई बाहर आना संभव नहीं है। श्याम सरन नेगी के निधन पर संवेदना प्रकट : मुख्यमंत्री गहलोत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के एक अन्य ट्वीट को री-ट्वीट कर आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी के निधन पर संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा कि-आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी का निधन एक दु:खद समाचार है। उन्होंने देश को स्वतंत्र आसमान में पहली सांस लेते देखा था और अपनी आखिरी सांस तक लोकतंत्र की डोर को थामे रखा। नेगी हमें सदा देश के प्रति हमारे दायित्व की याद दिलायेंगे।

पाकिस्तान : सिख यात्रियों को ननकाना साहब ले जा रही विशेष ट्रेन पटरी से उतरी
Published / 2022-11-05 22:41:47
पाकिस्तान : सिख यात्रियों को ननकाना साहब ले जा रही विशेष ट्रेन पटरी से उतरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शनिवार को बड़ा हादसा होने से बचा। सिख तीर्थयात्रियों को ननकाना साहब ले जा रही विशेष ट्रेन के नौ डिब्बे पटरी से उतर गये। हादसे में किसी के हताहत न होने की खबर से प्रशासन ने राहत की सांस ली। पाकिस्तान सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं। पूरी दुनिया में 08 नवंबर को सिखों के पहले गुरु, गुरुनानक साहब की जयंती मनाई जानी है। गुरुनानक साहब का जन्म मौजूदा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित जिस शहर में हुआ था, उसे अब ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। वहां स्थित गुरुद्वारा ननकाना साहिब में पूरी दुनिया से सिख तीर्थयात्री पहुंचते हैं। 08 नवंबर को ननकाना साहिब में गुरुनानक जयंती मनाने के लिए सिख श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो चुके हैं। इसी समारोह में शामिल होने के लिए सिख तीर्थयात्री एक विशेष ट्रेन से ननकाना साहब जा रहे थे। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस विशेष ट्रेन के नौ डिब्बे पटरी से उतर गये। अभी तक हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। पाकिस्तान रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार यह विशेष ट्रेन कराची से ननकाना साहिब जा रही थी। इसी दौरान पंजाब प्रांत के शोरकोट और पीर महल रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के नौ डिब्बे पटरी से उतर गए। उन्होंने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे के बाद यात्रियों को ननकाना साहिब रवाना करने के इंतजाम किये जा रहे हैं। अभी यह भी पता नहीं चला है कि पटरी से उतरी ट्रेन में भारतीय सिख तीर्थयात्री मौजूद थे या नहीं। पाकिस्तान सरकार के मंत्री ख्वाजा साद रफीक ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गयी है।

हिंद महासागर में चीन का जासूसी जहाज देख इंडियन नेवी अलर्ट
Published / 2022-11-05 18:56:16
हिंद महासागर में चीन का जासूसी जहाज देख इंडियन नेवी अलर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन की सैटेलाइट और बैलिस्टिक मिसाइल ट्रेकिंग शिप युआन वांग 6 हिंद महासागर में बिना अनुमति के प्रवेश कर गई है। भारतीय नौसेना चीन की इस हरकत को लगातार ट्रैक कर रही है। भारतीय सेना ने बताया कि इस शिप का श्रीलंका के पास किसी भी बंदरगाह में प्रवेश करना निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद 4 नवंबर को लोम्बोक स्ट्रेट्स के जरिए हिंदी महासागर में प्रवेश किया। जहां पर चीन का यह शिप है वह जगह पोर्ट ब्लेयर से करीब 3500 किलोमीटर दूरी पर है। जबकि ट्विटर फीड के आधार पर मीडिया रिपोर्ट्स ने बताया कि शिप इस महीने एपीजे कलाम द्वीप के तट से निर्धारित बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की निगरानी के लिए निकला था। राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकार अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं हैं क्योंकि चीन के पास उपग्रह के माध्यम से भारतीय मिसाइल प्रक्षेपण की निगरानी करने की क्षमता है। साउथ ब्लॉक के अधिकारियों के अनुसार, स्ट्रेटेजिक सपोर्ट शिप वास्तव में 12 नवंबर और महीने के अंत में होने वाली चीनी सैटेलाइट के लॉन्च की निगरानी के लिए हिंद महासागर में था। अगस्त में श्रीलंका में हंबनटोटा के चीनी पट्टे वाले बंदरगाह पर डॉक किए गए अपनी अन्य साथी जहाज युआन वांग 5 के उलट, युआन वांग 6 किसी भी श्रीलंकाई बंदरगाह में प्रवेश करने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन लोम्बोक स्ट्रेट्स के दक्षिण में वह खुले समुद्री रास्ते में मौजूद है। मामला यह है कि चीनी का स्ट्रेटेजिक जहाज लगातार ही हिंद महासागर की मैपिंग कर रहा है। वह मलाक्का स्ट्रेट्स के अन्य रास्ते खोजने में लगा हुआ है। दरअसल चीनी जहाज केवल हिंद महासागर के रास्ते ही मैलाक्का रीजन पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा सुंदा, लोमबोक, ओमबाई और वेटर स्ट्रेट्स के लिए भी यही रास्ता है। इनमें से ज्यादातर इंडोनेशिया कंट्रोल करता है। बीजिंग न केवल भारत से दूर अफ्रीका के पूर्वी तट पर जिबूती में चीनी बेस तक पहुंचने के लिए हिंद महासागर में समुद्री मार्गों की खोज कर रहा है। बल्कि आर्कटिक सर्कल के माध्यम से हैम्बर्ग जैसे यूरोपीय बंदरगाहों तक पहुंचने के लिए भी है, जहां चीनी कंपनी उडरउड ने 24 प्रतिशत इक्विटी से अधिक में खरीदा है।

सेब के बंपर उत्पादन के बावजूद कश्मीर के किसान बेहाल, 30% गिरे दाम
Published / 2022-11-05 18:54:26
सेब के बंपर उत्पादन के बावजूद कश्मीर के किसान बेहाल, 30% गिरे दाम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कश्मीर में चालू सत्र के दौरान सेब का बंपर उत्पादन उत्पादकों को खुश करने में विफल रहा है और उनकी उपज में पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। भारी नुकसान का सामना कर रहे सेब किसानों ने अब सरकार से समर्थन की मांग की है। कश्मीरी सेब सितंबर में तब सुर्खियों में आया था, जब एशिया के सबसे बड़े थोक बाजार आजादपुर मंडी समेत घाटी के बागानों से केंद्र शासित प्रदेश के बाहर के बाजारों तक इसके परिवहन में बार-बार व्यवधान आने पर हंगामा हुआ था। कश्मीर देश में कुल सेब की फसल का लगभग 75 प्रतिशत उत्पादन करता है और इसे अपनी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानता है। यह क्षेत्र जम्मू और कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 8.2 प्रतिशत का योगदान देता है। चैंबर आॅफ आजादपुर फल एवं सब्जी व्यापारी अध्यक्ष मेथा राम कृपलानी ने बताया, इस सत्र में कश्मीर से आने वाले सेब की दरें वर्ष 2021 की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि उत्पादकों को भारी नुकसान हो रहा है। सरकारी समर्थन के बिना नुकसान को दूर करना उनके लिए बहुत मुश्किल है। कृपलानी दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के सदस्य और कश्मीर एप्पल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कीमतों में कमी के कई कारण बताए। उन्होंने कहा, चालू सत्र में अच्छी गुणवत्ता वाली बंपर फसल हुई थी लेकिन पिछले साल की तुलना में पैकेजिंग और परिवहन शुल्क जैसे खर्च लगभग दोगुने हो गए हैं। दरें सीधे आपूर्ति और मांग से जुड़ी हुई हैं और आपूर्ति अधिक है, इसलिए उत्पाद की दर लगभग 30 प्रतिशत कम हो गई है। कश्मीर की आधी से ज्यादा आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बागवानी उद्योग से जुड़ी हुई है। इसकी खेती 1.45 लाख हेक्टेयर भूमि में की जाती है। कश्मीर घाटी फल उत्पादकों और डीलर्स यूनियन के बडगाम जिला अध्यक्ष बाबा ने कहा, ह्यह्यसरकार को आगे आना होगा और हमें बचाना होगा, अन्यथा मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारी नुकसान से उबरना बहुत मुश्किल है।

कर्नाटक : आटो-ट्रक की टक्कर में 11 लोग गंभीर
Published / 2022-11-05 18:53:58
कर्नाटक : आटो-ट्रक की टक्कर में 11 लोग गंभीर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्नाटक के बीदर में चिट्टागुप्पा तालुक के एक गांव में शुक्रवार देर रात एक आॅटो रिक्शा और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर में सात महिलाओं की मौत हो गयी और 11 अन्य घायल हो गये। ये महिलाएं मजदूर थीं और काम के बाद आॅटो रिक्शा से घर लौट रही थीं। आॅटो रिक्शा की बरमालखेडा सरकारी स्कूल के समीप ट्रक से टक्कर हो गयी। पुलिस ने बताया कि घायल हुए 11 लोगों में दोनों वाहनों के चालक भी शामिल हैं। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान पार्वती (40), प्रभावती (36), गुंडम्मा (60), यदम्मा (40), जगम्मा (34), ईश्वरम्मा (55) और रुक्मणि बाई (60) के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि हादसे में घायल हुए 11 लोगों में दोनों वाहन के चालक भी शामिल हैं। घायलों में से दो की हालत गंभीर है। मामला दर्ज कर लिया गया है।

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