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बढ़ता उत्तरप्रदेश... यूपी में खुला देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर
Published / 2022-11-01 11:38:25
बढ़ता उत्तरप्रदेश... यूपी में खुला देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के सबसे बड़े डाटा सेंटर की सौगात दे दी है। सीएम योगी ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क फाइव स्थित 6500 करोड़ रुपये के निवेश वाले योट्टा डाटा सेंटर के पहले टावर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार और नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने योट्टा कंपनी के साथ अगले पांच से सात वर्षों में 39 हजार करोड़ रुपये के निवेश करने पर अनुबंध भी किया। साथ ही डाटा सेंटर के दो नये टावरों के निमाण की आधारशिला भी रखी गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार शाम करीब 4.30 बजे नॉलेज पार्क फाइव स्थित योट्टा डाटा सेंटर पहुंचे और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स आईटी, कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और मुख्य सचिव डीएस मिश्र की मौजूदगी में डाटा सेंटर का लोकार्पण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी हीरानंदानी ग्रुप ने बीते साल पहली बार मुंबई से बाहर निकलते हुए उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया। इनवेस्ट यूपी के अंतर्गत कंपनी ने डाटा सेंटर के लिए ग्रेटर नोएडा को चुना। उन्होंने कहा कि इस डाटा सेंटर में आगामी पांच वर्षों में कुल छह टॉवरों का निर्माण होना है, जिससे करीब 39 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर है। डाटा सेंटर लगाने की उपलब्धि ग्रेटर नोएडा के नाम आ गयी है। उन्होंने कह कि डाटा सेंटर क्षेत्र की कई और कंपनियां भी ग्रेटर नोएडा में निवेश की इच्छा जता रही हैं। मुख्यमंत्री ने हीरानंदानी ग्रुप के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि डाटा सेंटर क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा अब और भी बड़ा मुकाम हासिल करेगा। इस डाटा सेंटर के आने से प्रदेश में कंपनियों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी एजेंसियों को आसानी से डाटा उपलब्ध हो सकेंगे। उनको अपना डाटा स्टोर रखने के लिए सुरक्षित सर्वर मिल सकेगा। सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब आदि) प्लेटफॉर्म के ही करोड़ों उपभोक्ता हैं, उनका डाटा सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बैंकिंग, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और आधार आदि का डाटा भी इस डाटा सेंटर में सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में मोबाइल और इंटरनेट 20 फीसदी उपभोक्ता भारत का है, लेकिन डाटा स्टोरेज के लिए हमें दूसरों के यहां जगह तलाशनी पड़ती थी। उत्तर प्रदेश देश सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। यहां डाटा स्टोरेज, डाटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण का एरिया आईटी उद्योग का प्रमुख केंद्र है। देश-विदेश से अनेक निवेशक यहां निवेश कर रहे हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मैनपावर है। तकनीक से ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार हो सकती है। मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए हीरानंदानी ग्रुप के फाउंडर निरंजन हीरानंदानी और चेयरमैन दर्शन हीरानंदानी और सीईओ सुनील गुप्ता की सराहना की।

महाराष्ट्र : तेज रफ्तार कार ने सात श्रद्धालुओं को कुचला
Published / 2022-10-31 22:45:48
महाराष्ट्र : तेज रफ्तार कार ने सात श्रद्धालुओं को कुचला

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कार्तिकी एकादशी के लिए पंढरपुर जा रहे श्रद्धालुओं के बीच उस वक्त हाहाकार मच गया, जब एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इस टक्कर में जहां 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी, वहीं कई लोग घायल हो गये। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार अस्पताल में भर्ती
Published / 2022-10-31 20:20:50
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार अस्पताल में भर्ती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार को बेचैनी महसूस होने पर सोमवार को मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। राकांपा के महासचिव शिवाजीराव गर्जे ने एक बयान में कहा कि राज्यसभा सदस्य पवार (81) अगले कुछ दिनों तक अस्पताल में रहेंगे और बाद में 3 नवंबर से शुरू होने वाली पार्टी की बैठक में शामिल होंगे। गर्जे ने कहा कि पवार ने बेचैनी की शिकायत की जिसके बाद उन्हें उनके चिकित्सक की सलाह पर ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गर्जे ने कहा, वह तीन दिन तक अस्पताल में रहेंगे और दो नवंबर को उन्हें छुट्टी मिलने की उम्मीद है। वह पार्टी की तीन नवंबर से शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। राकांपा पदाधिकारी ने पार्टी नेताओं और कार्यकतार्ओं से अस्पताल में भीड़-भाड़ न करने की अपील की। पवार की पिछले साल अप्रैल में निजी अस्पताल में पित्ताशय की सर्जरी हुई थी। उन्होंने मुंह के अल्सर का उपचार भी कराया था।

गुजरात हादसा : 15 वर्षों के लिए ओरेवा ग्रुप को मिली थी पुल के देखरेख की जिम्मेदारी
Published / 2022-10-31 20:16:15
गुजरात हादसा : 15 वर्षों के लिए ओरेवा ग्रुप को मिली थी पुल के देखरेख की जिम्मेदारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मच्छू नदी पर बने सस्पेंशन ब्रिज के रखरखाव का जिम्मा गुजरात की एक प्रतिष्ठित कंपनी ओरेवा ग्रुप के पास थी। बता दें कि ओरेवा ग्रुप वही कंपनी है जो घर-घर में मौजूद अजन्ता ब्रांड की घड़ियों का निर्माण करती है। ओरेवा ग्रुप को कंपनी के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी 15 वर्षों के लिए दी गई थी। इसी वर्ष मार्च में ब्रिज के पुनरुद्धार के लिए इसे बंद कर दिया गया था। इसे बीते 26 अक्तूबर को ही गुजराती नववर्ष के मौके पर दोबारा खोला गया था। ब्रिज की सैर के लिए कंपनी लोगों से 17 रुपये प्रति व्यक्ति का शुल्क भी वसूल रही थी। घड़ी से लेकर ई-बाइक्स तक बनाती है कंपनी : सस्पेंशन ब्रिज के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली मोरबी स्थिति ओरेवा ग्रुप अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी प्रचलित है। कंपनी दीवार घड़ियों से लेकर ई-बाइक्स और इलेक्ट्रिकल बल्व तक का निर्माण करती है। हादसे के बाद कंपनी लोगों के निशाने पर आ गई है। पुल का मेंटेनेंस कार्य हासिल करने से पहले कंपनी ने दावा किया था कि वह नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल से पुल को इस रूप में विकसित करना चाहती है जिससे दीवार घड़ियों के निर्माण के लिए पहले से मशहूर मोरबी को एक नई पहचान मिले। 45 देशों तक फैला कारोबार : ओरेवा ग्रुप के संस्थापक ओधवजी पटेल थे। कंपनी का कारोबार फिलहाल दुनिया के 45 देशों तक फैला है। कंपनी के पास लगभग 7000 कर्मचारी हैं, जिनमें 5000 महिलाएं हैं। कंपनी घड़ी और ई-बाइक्स बनाने के साथ-साथ किसानों के लिए जल संचयन का भी कार्य करती है। कंपनी ऊर्जा का बचत करने वाले एलईडी बल्स, कैलकुलेटर्स और टाइल्स का भी निर्माण करती है। गुजरात के मोरबी और कच्छ जिले में ओरेवा ब्रांड के नाम से कंपनी स्नैक्स के कारोबार में भी दखल रखती है। दीवार घड़ियों के पिता थे संस्थापक : कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद के एसजी हाईवे पर मौजूद थालतेज सर्कल पर स्थित है। अक्तूबर 2012 में दीवार घड़ियों के पिता के तौर पर मशहूर ओधवजी पटेल की मौत के बाद उनके बेटे जयसुख ओधवजी ओरेवा समूह का कारोबार संभाल रहे हैं। कंपनी का टर्नओवर करीब 800 करोड़ रुपये का है। जयसुख ओधवजी को वर्ष 2020 में गुजरात के अहमदाबाद पश्चिम लोकसभा सीट के सांसद कीर्ति सोलंकी ने नव नक्षत्र सम्मान नाम के बिजनेस अवार्ड से भी सम्मानित किया था। कौन सी चूक ने ले ली 132 की जान : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुल का जीर्णोद्धार करने वाले जिंदल ग्रुप ने इस ब्रिज के लिए 25 साल की गारंटी दी थी। हालांकि कंपनी ने ब्रिज पर एक साथ 100 लोगों को चढ़ने देने की इजाजत देने की बात कही थी। इस ब्रिज का फिटनेस सर्टिफिकेट और सरकार के तीन एजेंसियों के द्वारा जांच होना बाकी था। लेकिन दीपावली के दौरान हड़बड़ी में जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौत्री के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन करवा दिया। बताया गया है कि हादसे के वक्त ब्रिज पर 500-700 लोग थे। मोरबी नगरपालिका लगा रही आरोप : हादसे के बाद मोरबी नगरपालिका के प्रमुख संदीप सिंह जाला ने कहा है कि कंपनी ने नगरपालिका से फिटनेस सर्टिफिकेट लिए बिना ही बीते हफ्ते पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया। उनके अनुसार पुल जीर्णोद्धार का कार्य एक सरकारी निविदा के तहत किया गया था, ऐसे में ओरेवा ग्रुप को कराए गए कार्य की विस्तृत जानकारी नगरपालिका को उपलब्ध करानी चाहिए थी। उन्हें पुल को दोबारा शुरू करने से पहले क्वालिटी जांच भी करवानी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं किया गया। सरकार को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि पुल को दोबारा चालू कर दिया गया है। एफआईआर में किसी का नाम नहीं : बता दें कि फिलहाल हादसे के संबंध में दर्ज की गई एफआईआर में जयसुख या ओरेवा ग्रुप का नाम कहीं दर्ज नहीं है। पुलिस ने अब तक इस मामले में किसी आरोपित को चिह्नित नहीं किया है। हां, ब्रिज के मेंटेनेंस का काम करने वाली एजेंसी, उसके प्रबंधकों और अन्य के खिलाफ शिकायत जरूर दर्ज की गई है, पर उनके बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। हादसे की जांच का कार्य डीएसपी पीए जाला को सौंपा गया है। पुलिस का कहना है कि यह लापरवाही का मामला है।

गुजरात हादसा : छुट्टी का दिन होना बना हादसा का बड़ा कारण...
Published / 2022-10-31 20:15:50
गुजरात हादसा : छुट्टी का दिन होना बना हादसा का बड़ा कारण...

छुट्टी का दिन होने के कारण रविवार की शाम करीब साढ़े छह बजे पुल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में अब तक 132 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरनेवालों की कुल संख्या 150 तक जा सकती है। फिलहाल दुर्घटनास्थल का नजारा हृदय को छलनी करनेवाला है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। मोरबी में मच्छू नदी पर बने एक सस्पेंशन ब्रिज के टूटकर नदी में गिरने से अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से पुल के मेंटेनेंस का जिम्मा सभालने वाली कंपनी ओरेवा ग्रुप सवालों के घेरे में आ गई है। आइए जानते हैं घड़ी निर्माण से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में दखल रखने वाली ओरेवा ग्रुप की क्या है कहानी? कौन हैं कंपनी के कर्ता-धर्ता? क्या वाकई में कंपनी की लापरवाही का खामियाजा लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी है? पिछले हफ्ते ही खुला था पांच महीने से बंद पुल : छुट्टी का दिन होने के कारण रविवार की शाम करीब साढ़े छह बजे पुल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में अब तक 132 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरनेवालों की कुल संख्या 150 तक जा सकती है। फिलहाल दुर्घटनास्थल का नजारा हृदय को छलनी करनेवाला है। जहां अफरातफरी के बीच शवों की तलाश में रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया जा रहा है। ऐसे तो गुजरात के मोरबी में मच्चू नदी पर बना स्पेंशन ब्रिज 140 पुराना था पर रखरखाव से जुड़े कार्य करवाने के लिए पिछले कुछ समय से ब्रिज बंद था और उसे दोबारा पिछले हफ्ते (26 अक्तूबर 2022) ही खोला गया था। मोरबी जिले के कलेक्ट्रेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुल को 19वीं सदी की इंजीनियरिंग का अजूबा माना जाता था। यह मोरबी के शासकों की प्रगतिशील और वैज्ञानिक प्रकृति का प्रतीक था।

गुजरात : मृतकों की संख्या 132 से पार, 15 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Published / 2022-10-31 12:09:31
गुजरात : मृतकों की संख्या 132 से पार, 15 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बने एक ओवरब्रिज के गिरने से एक बड़ी दुर्घटना में 200 से अधिक लोग नदी में गिर गए हैं। 132 लोगों की इस हादसे में जान चली गई। गुजरात सूचना विभाग ने बताया है सोमवार सुबह तक 32 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 177 लोगों को बचा गया है। 19 का इलाज जारी है। सेना, नौसेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों और सरकारी अधिकारियों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पुल एक पिकनिक स्पॉट है, जहां वीकेंड और छुट्टी के दिनों पर भारी भीड़ देखी जाती है। रक्षा अधिकारी ने जानकारी दी है कि मोरबी में तैनात भारतीय सेना की टीमों ने दुर्घटना में बचे लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। तीनों रक्षा सेवाओं ने तलाशी अभियान के लिए अपनी टीमें तैनात कर दी हैं।

देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 1,326 नये संक्रमित, एक्टिव केस 18,000 से कम
Published / 2022-10-31 11:34:50
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 1,326 नये संक्रमित, एक्टिव केस 18,000 से कम

एबीएन सेंटल डेस्क। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,326 नये मामले सामने आने से देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,46,53,592 पर पहुंच गयी है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 17,912 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से आठ और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,29,024 हो गई है। इन आठ मृतकों में वे पांच लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.78 प्रतिशत हो गयी है। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 405 की कमी दर्ज की गयी है। मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 1.59 फीसदी, जबकि साप्ताहिक दर 1.08 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं, कोविड-19 से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,41,06,656 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गयी है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 219.63 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गयी थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गये थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में इस महामारी से जिन तीन और मरीजों ने दम तोड़ा है, उनमें से महाराष्ट्र, मिजोरम और उत्तर प्रदेश का एक-एक मरीज था।

राष्ट्रपति ने दी लौहपुरुष को श्रद्धांजलि, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे पीएम
Published / 2022-10-31 11:30:13
राष्ट्रपति ने दी लौहपुरुष को श्रद्धांजलि, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे पीएम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश आज पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मना रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेकर कई नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरदार पटेल के स्मारक स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवड़िया पहुंचे। उन्होंने यहां सरदार पटेल के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। उनके अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृहमंत्री अमित शाह, दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भी लौह पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सूर्य की शक्ति अब आय भी बढ़ायेगी और पैसे भी बचायेगी पीएम
Published / 2022-10-30 22:22:06
सूर्य की शक्ति अब आय भी बढ़ायेगी और पैसे भी बचायेगी पीएम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए की। पीएम मोदी ने कहा कि छठ मईया सबको अपना आशीर्वाद दे। देशवासियों से रू-ब-रू होते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आस्था का पर्वों के साथ गहन संबंध है। छठ पूजा का भी प्रकृति के साथ गहरा नाता। बता दें कि पीएम मोदी के मन की बात का यह 94वां संस्करण था। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को देश की जनता से अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं। कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क, आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट और न्यूज ऑन एआईआर मोबाइल एप पर किया जाता है। आकाशवाणी समाचार, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी कार्यक्रम सीधा प्रसारित होगा।

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