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अगर गुजरात में भी दौड़ा भाजपा का विजय रथ, तो आगे भी दौड़ता ही रहेगा...
Published / 2022-11-04 20:57:45
अगर गुजरात में भी दौड़ा भाजपा का विजय रथ, तो आगे भी दौड़ता ही रहेगा...

एबीएन सेंट्रल डेस्क (पवन)। गुजरात में दो चरणों में होने जा रहे चुनाव में एक खास बात यह है कि 3,24,422 मतदाता इस बार पहली बार मतदान करेंगे। नये वोटरों का रुझान सभी पार्टियों के लिए काफी मायने रखता है इसलिए देखना होगा कि राजनीतिक दल अपने अपने चुनावी घोषणापत्रों में किन वादों का ऐलान करते हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है जिसके साथ ही अब गुजरात में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। पिछले कुछ समय से गुजरात में जिस तरह तमाम घोषणाओं और राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का जो सिलसिला चल रहा था वह अब थम जायेगा। गुजरात में अब सबकी नजर इस पर रहेगी कि क्या वहां लगातार 7वीं बार भाजपा को सरकार बनाने का मौका मिलता है? साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या मुफ्त सौगातों के वादे पर ही जनता रीझती है? इस साल की शुरूआत में हुए पांच राज्यों के चुनावों में से चार में जीत हासिल करने के बाद यदि भाजपा गुजरात को भी जीतने में सफल रहती है तो 2023 के चुनावों में विपक्ष के लिए भाजपा के विजय रथ को रोकना मुश्किल हो जायेगा। गुजरात चूंकि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का गृह राज्य भी है इसलिए यह दोनों नेता चुनाव जीतने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे लेकिन अंतत: परिणाम वही होगा जोकि जनता चाहती है। गुजरात में दो चरणों में होने जा रहे चुनाव में एक खास बात यह है कि 3,24,422 मतदाता इस बार पहली बार मतदान करेंगे। नये वोटरों का रुझान सभी पार्टियों के लिए काफी मायने रखता है इसलिए देखना होगा कि राजनीतिक दल अपने अपने चुनावी घोषणापत्रों में किन वादों का ऐलान करते हैं। भाजपा की ओर से यहां विकास को बड़ा मुद्दा बनाये जाने की संभावना है साथ ही वह अपनी हिंदुत्ववादी वाली छवि भी चुनाव प्रचार के दौरान और उभार सकती है। गुजरात राज्य के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो गुजरात में पिछले 27 सालों से भाजपा का राज है। भाजपा ने गुजरात में पिछले छह विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज करके रिकॉर्ड बनाया है इसलिए इस बात पर सभी की निगाह है कि क्या सातवीं बार भी जनता भाजपा को मौका देगी। गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा ने राज्य में विकास की बदौलत अपनी जड़ें बहुत मजबूत कीं लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई अन्य मुख्यमंत्री यहां खुद ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सका। यही कारण रहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में भाजपा ने पहले आनंदीबेन पटेल, फिर विजय रूपाणी और उसके बाद भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया। देखना होगा कि क्या भाजपा भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर चुनाव लड़ती है या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही पूरा चुनाव लड़ा जाता है। गुजरात के चुनावी मुकाबले की बात करें तो वैसे तो यहां चुनावी जंग भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होती रही है लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी यहां तीसरी शक्ति के रूप में उभरी है जिसके चलते चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है। गुजरात में चुनावों के ऐलान के साथ ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर ऐलान भी कर दिया है कि इस बार हम ही चुनाव जीतेंगे। दिल्ली के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में भी जीत दर्ज करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब तक दर्जनों बार वहां का दौरा कर चुके हैं। केजरीवाल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी गुजरात में कई रोड शो कर चुके हैं। कांग्रेस की ओर से अब तक कोई बड़ा नेता यहां प्रचार के लिए नहीं पहुँचा है। पार्टी अध्यक्ष चुनाव के समय जरूर मल्लिकार्जुन खडगे यहां के संक्षिप्त दौरे पर आये थे। राहुल गांधी फिलहाल भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं तो दूसरी ओर प्रियंका गांधी हिमाचल प्रदेश चुनावों में व्यस्त हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पिछले कुछ समय से गुजरात और हिमाचल प्रदेश का दौरा करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने गुजरात में सैंकड़ों करोड़ रुपयों की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है हालांकि मोरबी में पुल गिरने की घटना में बड़ी संख्या में लोगों की मौत ने भाजपा के प्रति नाराजगी भी पैदा की है। लेकिन भाजपा को उम्मीद है कि चुनावों के दौरान उसे अपने कामों के आधार पर वोट मिलेगा। तारीखों के ऐलान के साथ ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा भारी बहुमत से गुजरात में पुन: डबल इंजन की सरकार बनाएगी और आगामी 5 वर्षों के लिए जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कटिबद्ध भाव से काम करेगी। बता दें कि 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है। गुजरात में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 99 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं। प्रतिशत के लिहाज से देखा जाए तो उस चुनाव में भाजपा को 49.05 प्रतिशत मत मिले थे जबकि कांग्रेस को 42.97 प्रतिशत मत मिले थे। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इस वजह से विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 111 हो गई जबकि कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 62 पर पहुंच गयी।

गुजरात चुनाव : इसुदान गढ़वी को ही सीएम बनायेगी आप
Published / 2022-11-04 17:54:46
गुजरात चुनाव : इसुदान गढ़वी को ही सीएम बनायेगी आप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आम आदमी पार्टी (आप) ने इसुदान गढ़वी को गुजरात में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद इसका एलान किया। इसुदान गुजरात के गढ़वी समाज से आते हैं। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि आप के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को सीएम का फेस बनाया जा सकता है। आप ने पंजाब की तरह यहां भी सीएम पद के उम्मीदवार के लिए सर्वे कराया था। सर्वे में गढ़वी को 73 फीसदी लोगों का वोट मिला। इसुदान के नाम का एलान होते ही हर कोई उनके बारे में जानने की कोशिश करने लगा है। सवाल यह है कि आखिर इसुदान गढ़वी को ही क्यों आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है? गढ़वी की उम्मीदवारी से आप को क्या फायदा हो सकता है? भाजपा और कांग्रेस पर इसका क्या असर पड़ेगा? आइए जानते हैं... पहले इसुदान गढ़वी के बारे में जानें : इसुदान गढ़वी ने पत्रकारिता से राजनीति में कदम रखा है। गढ़वी का जन्म गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के पिपलिया में हुआ। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई जाम खंभालिया में पूरी की। कॉमर्स से स्नातक करने के बाद 2005 में गढ़वी ने गुजरात विद्यापीठ से पत्रकारिता की पढ़ाई की। इसके बाद दूरदर्शन से जुड़ गए और वहां पर एक शो करने लगे। इसुदान ने पोरबंदर की एक स्थानीय चैनल में बतौर रिपोर्टर काम किया। 2015 में इसुदान अहमदाबाद आए और यहां वह एक गुजराती चैनल के एडिटर बन गए। उस वक्त इसुदान की उम्र महज 32 साल थी। इसुदान ने इस दौरान ‘महामंथन’ नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की। इसकी वह एंकरिंग करते थे। गुजराती भाषा में होने वाले इस कार्यक्रम ने इसुदान को काफी पहचान दिलाई। खासतौर पर किसानों के बीच इसुदान काफी लोकप्रिय हो गये। अपने इस कार्यक्रम में गढ़वी किसानों के मुद्दों को उठाते थे। सौराष्ट्र में इस कार्यक्रम को सबसे ज्यादा देखा जाता था। इसुदान खुद किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पिता खेराजभाई गढ़वी अभी भी खेती करते हैं। इसुदान ने पत्रकार रहते हुए वापी, पोरबंदर, जामनगर, अहमदाबाद और गांधीनगर में काम किया। पिछले साल जब आदमी पार्टी ने गुजरात में संगठन विस्तार की कवायद शुरू की तो इसुदान पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आ गए। इसुदान गढ़वी ने जून 2021 की शुरुआत में नौकरी से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वे पत्रकारिता छोड़कर जनता के लिए काम करेंगे। जून में जब अरविंद केजरीवाल गुजरात पहुंचे तो इसुदान आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। गढ़वी को ही क्यों : इसे समझने के लिए हमने गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार वीरांग भट्ट से बात की। उन्होंने कहा, इसुदान ओबीसी वर्ग से आते हैं। गुजरात में करीब 48 प्रतिशत से ज्यादा ओबीसी वोटर हैं। इसुदान की जाति गढ़वी है। गुजरात के राजकोट, जामनगर, कच्छ, बनासकांठा, जूनागढ़ समेत कुछ अन्य जिलों में गढ़वी समाज की अच्छी संख्या है। वीरांग आगे कहते हैं, टीवी कार्यक्रम के जरिए गढ़वी ने किसानों के बीच अच्छी लोकप्रियता हासिल की है। वह किसानों के मुद्दों को लेकर आक्रामक रहे हैं। हाल ही में पशुपालकों ने सरकार के कुछ नियमों के खिलाफ हड़ताल की थी, इसकी पूरी रूपरेखा गढ़वी ने ही तैयार की थी। ऐसे में गढ़वी के जरिए आम आदमी पार्टी को किसानों का साथ मिल सकता है। वीरांग के अनुसार, इसुदान सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। मुखर होकर वह आम लोगों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसे में सरकार विरोधियों के बीच भी उनकी अच्छी लोकप्रियता है। गढ़वी समाज का वोट परंपरागत तौर से कांग्रेस को मिलता है। गढ़वी को चेहरा बनाकर आप कांग्रेस के वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेगी। गोपाल क्यों नहीं : वीरांग के अनुसार, गोपाल इटालिया कुछ वक्त पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां पर किए आपत्तिजनक बयानों की वजह से चर्चा में आये थे। ऐसे में अगर इटालिया मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाते तो भाजपा इस मुद्दे पर आप के घोर सकती थी। 2017 में कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर के बयान का नुकसान उनकी पार्टी को उठाना पड़ा था। इस वजह से भी आप जोखिम नहीं लेने से बच गई। वहीं, गोपाल इटालिया पाटिदार नेता हैं। पाटिदार वोटर्स भाजपा के साथ माना जाता है। 2017 पाटीदार आंदोलन के बाद भी पाटिदार समाज का काफी वोट भाजपा मिला था। ऐसे में इटालिया को चेहरा बनाने का आप को शायद कम फायदा होता। गढ़वी समाज का इतिहास : गढ़वी समाज के लोग मुख्यरूप से खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़े हुए हैं। जब राजशाही के दौर में इस समाज के लोग गायन में काफी सक्रिय थे। अभी भी गुजरात में गढ़वी समाज के काफी गायक हैं जो डायरो (कवि सम्मेलन) करते हैं। इसमें स्थानीय भाषा में प्रस्तुति दी जाती है। इसमें गायन के साथ जोक्स और हास्य के कार्यक्रम होते हैं। कीर्तिदान गढ़वी गुजरात के बड़े गायक हैं। वहीं, राजनीतिक तौर पर गढ़वी समाज की भागीदारी काफी कम रही है। बीजेपी से पूर्व में पुष्पदान गढ़वी और वीके गढ़वी मंत्री, विधायक और सांसद बने हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब गढ़वी समाज के किसी व्यक्ति को किसी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है।

देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 1216 नये संक्रमित
Published / 2022-11-04 17:39:29
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 1216 नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,216 नए मामले सामने आने से देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,46,58,365 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 15,705 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण से 18 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 5,30,479 हो गई है। इन 18 मरीजों में वे 15 लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 16,098 से घटकर 15,705 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 393 की कमी दर्ज की गई है। वहीं, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.78 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,41,12,181 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.69 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। मंत्रालय के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के जो तीन मामले सामने आए हैं, उनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज शामिल हैं।

ये कैसी पढ़ाई... मुख्य परीक्षा के टॉपर साक्षात्कार में फिसड्डी
Published / 2022-11-03 23:31:04
ये कैसी पढ़ाई... मुख्य परीक्षा के टॉपर साक्षात्कार में फिसड्डी

एबीएन सेंटल डेस्क। हरियाणा न्यायिक परीक्षा के सोमवार को जारी हुए परिणाम में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। इसकी मुख्य परीक्षा के टॉपर साक्षात्कार में पिछड़ गये, वहीं सूची में नीचे स्थान वाले उनसे आगे निकल गये। मुख्य परीक्षा में 573 अंकों के साथ टॉप करने वाली एक महिला अभ्यर्थी को साक्षात्कार में 200 में से मात्र 34.29 नंबर मिले। उनका चयन तो हो गया, लेकिन वह सूची में चौथे नंबर पर आ गईं। कुल 239 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, 121 का ही चयन हुआ है। सामान्य वर्ग के कुल 156 पदों के लिए मुख्य परीक्षा पास करने वाले 310 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 82 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों में मुख्य परीक्षा में 450 से 573 नंबर हासिल करने वाले शामिल हैं। इनको साक्षात्कार में 200 में से 33.89 से 124 नंबर मिले। वहीं, 500 से लेकर 531 नंबर हासिल करने वाले नौ अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ। इनको साक्षात्कार में सिर्फ 6.86 से 29 तक नंबर मिले। चयनित 450 अंकों वाले को साक्षात्कार में 105 नंबर मिले, वहीं नहीं चुने गये 531 अंकों वाले को मात्र 6.88 नंबर मिले। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग के कुल 40 पदों के लिए 46 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से दस का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 418.5 से 476.5 तक नंबर थे। उन्हें साक्षात्कार में 42.14 से 86.63 तक अंक मिले। इस वर्ग में 433 से 462 अंक प्राप्त करने वाले आठ अभ्यर्थी थे, जिनका चयन नहीं हुआ, उन्हें साक्षात्कार में 19 से 44.86 तक नंबर मिले। पिछड़ा वर्ग-ए के कुल 21 पदों के लिए 50 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से 13 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 425.5 से 504 तक नंबर थे और उनको साक्षात्कार में 35.89 से 78.25 तक अंक मिले। इस वर्ग में 442 से 476 अंक प्राप्त करने वाले छह अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, उन्हें साक्षात्कार में 9.33 से 36.44 तक नंबर मिले। पिछड़ा वर्ग-बी के कुल 11 पदों के लिए 34 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से 15 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 423.5 से 497 तक नंबर थे और उनको साक्षात्कार में 27.22 से 105.33 तक अंक मिले। इस वर्ग में 441.5 से 455.5 अंक प्राप्त करने वाले छह अभ्यर्थी थे, जिनका चयन नहीं हुआ। इनको साक्षात्कार में 20.22 से 55 तक नंबर मिले। लिखित परीक्षा पर सवाल : वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ अनिल पाणिकर ने कहा कि इस स्तर की परीक्षा में यदि कोई इतना ज्यादा स्कोर कर रहा है और साक्षात्कार में महज 6-7 नंबर मिल रहे हैं, तो लिखित परीक्षा पर ही सवाल खड़े होते हैं कि इसमें फर्जीवाड़ा हो सकता है। यह संभव नहीं है कि लिखित परीक्षा में अच्छे नंबर हासिल करने के बावजूद कोई 200 नंबर के साक्षात्कार में 6-7 नंबर ही ले पाये। ऐसा लग रहा है कि साक्षात्कार देने वाले सही ढंग से ड्रेस पहनकर नहीं आए या सही ढंग से चल भी नहीं सके।

राजस्थान : अश्लील वीडियो बना रहे गिरोह का भंडाफोड़, चार बदमाश गिरफ्तार
Published / 2022-11-03 22:42:14
राजस्थान : अश्लील वीडियो बना रहे गिरोह का भंडाफोड़, चार बदमाश गिरफ्तार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंदौर के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रईस, जीशान, यासिब और हारून खान के रूप में हुई है। नौवीं-दसवीं कक्षा तक पढ़े चारों आरोपी भरतपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में गिरोह चला रहे थे। पुलिस आयुक्त ने कहा, गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन बदमाशों ने महज छह महीनों में अलग-अलग आईएमईआई नंबर वाले 1,100 से ज्यादा मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है। गिरोह ने इन उपकरणों के जरिये वीडियो कॉल करके देश भर के सैकड़ों लोगों के अश्लील वीडियो बनाये हैं। उन्होंने बताया कि वैवाहिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर गिरोह अपने शिकार खोजता था। पुलिस आयुक्त ने बताया, गिरोह के सदस्य लोगों के मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद उन्हें महिलाओं के नाम से वीडियो कॉल करते थे। कॉल के दौरान एक महिला का पहले से बनाया गया अश्लील वीडियो चला दिया जाता था और मोबाइल स्क्रीन को रिकॉर्ड कर लिया जाता था। मिश्रा ने बताया कि मोबाइल स्क्रीन रिकॉर्ड कर तैयार अश्लील वीडियो के आधार पर संबंधित व्यक्ति को धमकी दी जाती थी कि अगर उसने तय रकम नहीं चुकाई तो यह वीडियो उसके परिजनों और परिचितों को भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सितंबर में गिरोह के जाल में फंसे 59 वर्षीय व्यक्ति ने ऐसी धमकियों से प्रताड़ित होकर इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के खिलाफ जांच शुरू की थी। पुलिस आयुक्त के मुताबिक राजस्थान के भरतपुर जिले में ऐसे कई गिरोह काम कर रहे हैं।

गुजरात चुनाव 2022 : एक और पांच दिसंबर को मतदान, आठ को मतगणना
Published / 2022-11-03 14:22:32
गुजरात चुनाव 2022 : एक और पांच दिसंबर को मतदान, आठ को मतगणना

एबीएन सेंट्रल डाक। चुनाव आयोग ने गुजरात में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। गुजरात में 1 और 5 दिसंबर को चुनाव होंगे। जबिक आठ दिसंबर को मतगणना होगी। इस दिन हिमाचल प्रदेश के हुए विधानसभा के चुनाव का भी मतगणना होगी। गुरूवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि दिसंबर 1 और 5 को मतदान होंगे और 8 दिसंबर को मतगणना होगी। पहले चरण के लिए गजट नोटिफिकेशन 5 नवंबर और दूसरे के लिए 10 नवंबर को होगा। इस बार आयोग ने राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ज्ञात हो कि विधानसभा की 182 सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने 99 पर कब्जा जमाकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायी थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 77 सीटें गयीं। 3,24,422 नये मतदाता पहली बार करेंगे मतदान : मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि गुजरात विधानसभा चुनाव में 3,24,422 नये मतदाता इस बार पहली बार मतदान करेंगे। कुल मतदान केंद्र की संख्या 51,782 है। राज्य में स्थापित मतदान स्थलों में से कम से कम 50% मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि मतदान के बेहतर अनुभव के लिए, 1274 मतदान केंद्रों का प्रबंधन पूरी तरह से महिला और सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा किया जायेगा। 182 मतदान केंद्रो पर मतदाताओं का लोक निर्माण विभाग स्वागत करेगा। पहली बार 33 मतदान केंद्रों की स्थापना और प्रबंधन सबसे कम उम्र के मतदान कर्मचारी करेंगे। हमारा मकसद निष्पक्ष चुनाव हो राजीव कुमार ने कहा कि अगर कोई ईवीएम पर सवाल उठाता है और वो चुनाव जीत जाता है तो सवाल बंद हो जाते हैं। हमारा मकसद निष्पक्ष चुनाव है और चुनाव आयोग आज नहीं बना। हमेशा से ही हमारी निष्पक्षता जगजाहिर रही है। चुनाव आयोग आज तो बना नहीं है ये एक विरासत है। हमारी ड्यूटी यह है कि निष्पक्षता जो पहले से बनी है, उसे हम आगे बढ़ाएं।

क्या पूरी होंगी अटकी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं...
Published / 2022-11-02 20:48:21
क्या पूरी होंगी अटकी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं...

एबीएन सोशल डेस्क। नई परियोजनाओं की घोषणाओं के बीच केंद्र सरकार अब दशकों से अटकी परियोजनाओं को चालू वित्त वर्ष के अंत का पूरा करने पर ध्यान दे रही है। ऊर्जा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी करने का जिम्मा नीति आयोग को सौंपा गया था। समझा जाता है कि आयोग ने 5.66 लाख करोड़ रुपये लागत वाली 494 परियोजनाओं को छांटा है जिसे मार्च 2023 तक पूरा किया जाना है। नीति आयोग की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार इनमें 1.92 लाख करोड़ रुपये की 279 सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं, 1.11 लाख करोड़ रुपये की पेट्रोलियम परियोजनाएं, करीब एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर 3.8 लाख करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है और चालू वित्त वर्ष में इन्हें पूरा करने के लिए 1.8 लाख करोड़ रुपये की और जरूरत आने का अनुमान है। इनमें से कुछ प्रमुख परियोजनाओं में 28,181 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे की ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, 14,719 करोड़ रुपये की लागत वाली पावरग्रिड कॉरपोरेशन की पूर्वोत्तर पश्चिमोत्तर इंटरकनेक्टर परियोजना, हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 26,264 करोड़ रुपये की लागत वाली विशाख रिफाइनरी आधुनिकीकरण परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं को संबंधित मंत्रालयों द्वारा चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 नवंबर को विशाखापत्तनम दौरे के समय विशाख रिफाइनरी के आधुनिकीकरण की आधारशिला रखेंगे। इस साल की शुरूआत में केंद्र ने नीति आयोग को अटकी परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा करना सुनिश्चित कराने का जिम्मा दिया था। विभिन्न मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श के बाद 1,500 में से 494 परियोजनाओं को चालू वित्त वर्ष में पूरा करने के लिए छांटा गया था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सरकार की ओर से इन परियोजनाओं की प्रगति पर करीब से नजर रखी जा रही है। इस बीच विभिन्न विभागों और राज्य तथा केंद्र सरकार के मंत्रालयों के बीच सामंजस्य नहीं होने की वजह से कई परियोजनाएं अटकी थीं। जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नीति आयोग को लंबित सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को चिह्नित करने और उन्हें पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत लाने की संभावना तलाशने के लिए कहा था ताकि इन परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके। परियोजनाओं की समीक्षा से पता चला कि रेलवे और कोयला से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति धीमी है। रिपोर्ट में कहा गया कि इन परियोजनाओं को चालू वित्त वर्ष में पूरा करने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने की जरूरत है। रेलवे से जुड़ी 50 परियोजनाएं ऐसी थीं जिनकी लागत 55,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। इसी तरह दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी कुछ परियोजनाओं की लागत करीब दोगुनी हो गई। राजमार्ग से जुड़ी 279 परियोजनाओं की लागत में 8,000 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।

अप्रैल-सितंबर में 1.48 अरब डॉलर के साथ गेहूं का निर्यात दोगुना
Published / 2022-11-02 20:33:58
अप्रैल-सितंबर में 1.48 अरब डॉलर के साथ गेहूं का निर्यात दोगुना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल से सितंबर तक के बीच में गेहूं का निर्यात दोगुणा होकर करीब 1.48 डॉलर पर पहुंच चुका है। एक साल पहले की समान अवधि में निर्यात 63 करोड़ डॉलर रहा था। हालांकि, सरकार ने मई में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन कुछ देश, जो अपनी खाद्य सुरक्षा जरुरतों को पूरा करने के लिए गेहूं की मांग करते हैं, उनकी इस जरुरत को पूरा करने के लिए निर्यात करने की अनुमति है। मंत्रालय ने कहा, अप्रैल-सितंबर-2022 में गेहूं का निर्यात बढ़कर 148.7 करोड़ डॉलर का हो गया, जो अप्रैल-सितंबर-2021 में 63 करोड़ डॉलर का हुआ था। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक गेहूं की आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित हो गई है। दोनों ही गेहूं के प्रमुख उत्पादक देश हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात 25 प्रतिशत बढ़ा। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के उत्पादों का कुल निर्यात अप्रैल-सितंबर, 2022 में बढ़कर 13.77 अरब डॉलर का हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 11.05 अरब डॉलर का हुआ था। वर्ष 2022-23 के लिए, एपीडा द्वारा 23.56 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया गया है और छह महीने की अवधि में 13.77 अरब डॉलर का निर्यात पहले ही हासिल कर लिया गया है। इसी तरह, समीक्षाधीन अवधि के दौरान ताजा फलों का निर्यात बढ़कर 31.3 करोड़ डॉलर का हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 30.1 करोड़ डॉलर रहा था। मसूर का निर्यात 13.5 करोड़ डॉलर से बढ़कर 33 करोड़ डॉलर हो गया। बासमती चावल का निर्यात भी अप्रैल-सितंबर, 2022 के दौरान बढ़कर 2.28 अरब का डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 1.66 अरब डॉलर का हुआ था। गैर-बासमती चावल का निर्यात आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.20 अरब डॉलर का दर्ज किया गया। इसी तरह, पॉल्ट्री उत्पादों का निर्यात 83 प्रतिशत बढ़कर 5.7 करोड़ डॉलर का हो गया, जबकि डेयरी उत्पादों का निर्यात 58 प्रतिशत बढ़कर 34.2 करोड़ डॉलर का हो गया।

मध्य प्रदेश : सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत, कई गंभीर
Published / 2022-11-02 13:44:38
मध्य प्रदेश : सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत, कई गंभीर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। बोलेरो और डंपर की टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना में 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना देर रात की है। सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है और जांच शुरू कर दी गयी है। जानकारी के मुताबिक, नूराबाद थाना इलाके के नेशनल हाईवे 44 पर बीती रात यह भीषण सड़क हादसा देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि बोलेरो गाड़ी से कुछ लोग ग्वालियर से लौट रहे थे। वही पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो गाड़ी के परखच्चे उड़ गये और इस घटना में मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची ने इस घटना में गंभीर रूप से घायल 6 लोगों को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज से पहले ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। इस घटना में कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है यह सभी मृतक और घायल व्यक्ति नूराबाद थाना इलाके के बित्तोली गांव के रहने बाले हैं और बीती रात ग्वालियर से वापस अपने घर आ रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने मृतकों के शवों को नूराबाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और जांच जारी है।

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