23 दिसंबर : भारतीय राष्ट्रीय किसान दिवस पर विशेषएबीएन सेंट्रल डेस्क। किसान दिवस हर साल आज के दिन 23 दिसंबर को मनाया जाता है।भारत एक कृषि प्रधान देश है। हमारी संपन्नता हमारे कृषि उत्पादन पर निर्भर करती है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारतीय कृषक की एक बड़ी भूमिका है। वास्तव में भारत कृषकों की भूमि है। हमारी 75% जनता गांव में रहती है। भारतीय किसान का सर्वत्र सम्मान होता है। वह ही संपूर्ण भारत वासियों के लिए अन्न और सब्जियां उत्पन्न करता है। पूरा वर्ष भारतीय कृषक खेत जोतने, बीज बोने और फसल उगाने में व्यस्त रहता है। वास्तव में उसका जीवन अत्यंत व्यस्त होता है। वह प्रातः उठता है और खेतों में चला जाता है। खेतों में वह दिन भर काम करता है। मेहनत करता है और देर रात तक घर आता है। वह दिनभर खेतों में काम करता है। उनके भोजन बहुत ही साधारण होते हैं। कठिन परिश्रम के बाद ही अनाज का उपज होता है। इतना परिश्रम करने के बाद भी उसे बहुत कम लाभ होता है। वह अपनी उपज को बहुत कम दामों पर बाजार में बैचता है। कृषक बहुत ही सादा जीवन जीता है। उसका पहनावा बहुत ही साधारण होता है। वे फुस झोपड़ियों में रहते हैं। अभी तो बहुत किसानों के पक्के मकान भी बन गये है। उनकी संपत्ति कुछ बैल, हल और कुछ एकड़ धरती ही होती है। वह अधिकतर अभाव का जीवन जीता है। एक कृषक राष्ट्र की आत्मा होती है। हमारा देवगन राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था जय किसान जय जवान उन्होंने कहा था कि किसान राष्ट्र के अन्नदाता है। उसी पर कृषि उत्पादन निर्भर करता है। उन्हें कृषि के सभी आधुनिकतम यंत्र और उपयोगी रसायन उपलब्ध कराने चाहिए ताकि वह अधिक उत्पादन कर सके। किसान दिवस आज के दिन चौधरी चरण सिंह जयंती पर आज मनाया जा रहा है।
शिवा राजोरा एबीएन एडिटोरियल डेस्क। सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआई) के पहले संस्करण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 राज्यों में शीर्ष पर 4 केंद्रशासित प्रदेश हैं। इसमें पुदुच्चेरी पहले स्थान पर है, जबकि उसके बाद लक्षद्वीप, गोवा, सिक्किम और मिजोरम का स्थान है। वहीं 10 राज्यों में शामिल अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर भी हैं। मंगलवार को जारी सूचकांक राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और जिलों के लिए तैयार किया गया है। इसे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की पहल पर इंस्टीट्यूट फॉर कंपटेटिवनेस ऐंड सोशल प्रोग्रेस इंपरेटिव ने तैयार किया है। इस सूचकांक को तैयार करने में सामाजिक प्रगति के 3 अहम क्षेत्रों- मानव की बुनियादी जरूरतों (जैसे पोषण और बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल, जल और स्वच्छता, व्यक्तिगत सुरक्षा व आश्रय), बेहतरी के मूल सिद्धांत (बुनियादी ज्ञान तक पहुंच, सूचना और संचार तक पहुंच, स्वास्थ्य एवं बेहतरी और पर्यावरण की गुणवत्ता) और अवसर (व्यक्तिगत अधिकार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और चयन, समावेशन और उच्च शिक्षा तक पहुंच) का इस्तेमाल किया गया है। यानी 3 अहम क्षेत्रों को 12 उपक्षेत्रों में विभाजित करके आकलन किया गया है और उसके मुताबिक सूची तैयार की गई है। पुदुच्चेरी का देश में सबसे ज्यादा 65.99 एसपीआई अंक है। उसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद, आवास, जल एवं स्वच्छता की स्थिति बेहतर रहने की अहम भूमिका है। उसके बाद लक्षद्वीप और गोवा का स्थान है, जिन्हें क्रमश: 65.89 और 65.53 अंक मिले हैं। प्रमुख राज्यों में, तमिलनाडु और केरल शीर्ष 10 में शामिल हैं। दूसरी ओर असम, बिहार और झारखंड तालिका में सबसे नीचे हैं। जबकि जिलों में, आइजोल 72.9 अंक के साथ तालिका में शीर्ष पर है। एसपीआई अंक के आधार पर, राज्यों और जिलों को सामाजिक प्रगति के छह स्तरों के तहत स्थान दिया गया है।
महंगाई पर नजर रख रही है सरकार : सीतारमण एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरा साल भारत में जबरदस्त महंगाई का साल था। लेकिन अब दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों को सरपट दौड़ती महंगाई या स्टैगफ्लेशन का डर सता रहा है। यह है क्या, जिसके दुष्चक्र में फंसने पर अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह तबाह हो जाती हैं? दूध के दाम इस साल चार बार बढ़ चुके हैं। गैस सिलेंडर हों या सब्जियां सबके दामों में आग लगी हुई है। महंगाई का सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में यही हाल है। जाहिर है, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी इससे परेशान हैं। क्योंकि ज्यादातर देशों में महंगाई को नियंत्रण में रखने की जिम्मेदारी उनके केंद्रीय बैंक पर ही होती है। वैसे अलग-अलग देशों में महंगाई का सहनीय स्तर भी अलग-अलग होता है। जैसे भारत में रिजर्व बैंक ने महंगाई का सहनीय स्तर 6 फीसदी रखा हुआ है, वहीं अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इसे 2 फीसदी रखा है। यानी महंगाई इस स्तर से ज्यादा होगी, तभी वो इसे कम करने का प्रयास करेंगे। कमाई की ग्रोथ से जुड़ी है महंगाई की ग्रोथ केंद्रीय बैंक इस सहनीय स्तर को देश की जीडीपी में होने वाली ग्रोथ और लोगों की कमाई में होने वाली बढ़ोतरी के हिसाब से तय करते हैं। माने जिस देश में लोगों की कमाई में हर साल औसतन जितनी बढ़ोतरी हो रही होती है, उसके हिसाब से तय किया जाता है कि वहां के लोग अगले साल कितनी महंगी चीजें खरीद पायेंगे। अर्थशास्त्रियों के इस समझदारी भरे रवैये के बावजूद वर्तमान महंगाई ने उन्हें मुश्किल में डाल रखा है। उन्हें डर सता रहा है क्योंकि उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही। कभी थोड़ी कम हो भी रही है, तो कुछ ही दिनों में फिर पलटी मार जा रही है। जिद्दी महंगाई का डर बढ़ता जा रहा महंगाई का इस रवैये के चलते अर्थशास्त्रियों को स्टैगफ्लेशन का डर सता रहा है। स्टैगफ्लेशन जिद्दी महंगाई होती है, जिसे अर्थशास्त्र की किताबों में सरपट दौड़ती महंगाई के नाम से भी जाना जाता है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में अर्थशास्र की प्रोफेसर मनीषा मेहरोत्रा कहती हैं कि स्टैगफ्लेशन में महंगाई तो एक चुनौती होती है लेकिन बेरोजगारी भी इसकी एक प्रमुख चुनौती होती है। इसमें महंगाई का एक ऐसा दुष्चक्र चलने लगता है, जिसमें बैंकों का ब्याज दरें बढ़ाकर महंगाई को नियंत्रित करने का प्रयास हमेशा सफल नहीं होता। सामान के साथ महंगाई का भी आयात डॉ मेहरोत्रा के मुताबिक वर्तमान में पूरी दुनिया में महंगाई एक साथ बढ़ी हुई है और ऐसे में आयातित महंगाई भी महंगाई बढ़ा रही है। यानी चीन से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम हों, कतर से आने वाली सीएनजी या सऊदी अरब से आने वाला कच्चा तेल, सभी भारत में पहले से बढ़ी महंगाई की आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। इलाहाबाद में ऐड कंपनी चलाने वाले व्यवसायी अजय कुमार ने हाल ही में कुछ कैमरे खरीदे, वे कहते हैं कि यह कैमरे दो साल पहले की कीमत के मुकाबले बहुत महंगे हैं। महंगाई ने हमारी लागत बहुत बढ़ा दी है। जाहिर है हमें अब ग्राहकों के लिए भी कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। सेंट्रल बैंक ऐसे घटाता है महंगाई दुनिया पर मंडराते इस स्टैगफ्लेशन के खतरे के बीच दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर महंगाई नियंत्रित करने का काम कर रहे हैं। दरअसल ब्याज दरों और महंगाई में छत्तीस का आंकड़ा होता है। जब ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं तो लोन लेना भी महंगा हो जाता है। इससे लोग कम लोन लेते हैं और मार्केट में कम पैसा पहुंचता है। जिससे लोग कम सामान खरीदते हैं तो डिमांड घट जाती है और इससे महंगाई भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। लेकिन जब महंगाई जरूरत से ज्यादा बढ़ी हो और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हों तो ब्याज दरें घटाने का भी कोई असर नहीं होता। हाल ही में भारत में भी ऐसा देखा गया। जब रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर महंगाई नियंत्रित करने का प्रयास किया लेकिन विफल रहा। इसके बाद सरकार ने उससे जवाब मांग लिया कि ऐसा क्यों हुआ। हालांकि सरकार ने विपक्ष की मांग के बावजूद रिजर्व बैंक की ओर से जवाब में भेजी गई रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में भारत में भी स्टैगफ्लेशन का डर लोगों को सता रहा है। हालांकि पिछले महीने महंगाई में कुछ कमी आई है लेकिन अभी भी जानकारों को इसके फिर बढ़ जाने का डर है। वैसे इस बीच जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पूछा गया कि क्या भारत में स्टैगफ्लेशन आ सकता है? तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य में बूस्टर डोज लगवाने का अभियान चलाया जाये। बूस्टर डोज लगवाने के लिए कल से ही कैम्प लगाना शुरू करें। जनपदों में बूस्टर डोज के लिए कैम्प लगाए जायें। सभी जनपदों में कंट्रोल रूम सक्रिय किये जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के जो भी नये मामले आयेंगे, उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग भी करायी जाये।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बूस्टर डोज लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाये। इसका विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाये। उन्होंने मुख्य सचिव को कोविड की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड बूस्टर डोज की जितनी आवश्यकता है, शीघ्र केन्द्र सरकार को डिमांड भेजी जाएलये। सभी आवश्यक संसाधनों की पूर्ण उपलब्धता रखी जाये।स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि बूस्टर डोज पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा की राज्य में कोविड की प्रथम एवं द्वितीय डोज लगभग शत प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। बूस्टर डोज के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जायेगा।बैठक में मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव रंजीत सिन्हा, डॉ आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव अमरदीप कौर एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नाबालिग का अपहरण करने के आरोप में भक्तिनगर थाना की पुलिस ने एक युवक को बुधवार देर रात गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक का नाम बसंत पांडे है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, वार्ड नंबर 40 में रहने वाली एक 13 वर्षीय नाबालिग का बुधवार को अपहरण हो गया था। जिसकी शिकायत नाबालिग के परिजन ने थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अपहरण हुई नाबालिग को छोटा फाफरी इलाके से बरामद कर लिया गया। वहीं, बसंत पांडे को गिरफ्तार किया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 185 नये मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,76,515 पर पहुंच गयी है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 3,402 रह गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में संक्रमण से एक और मरीज की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,30,681 हो गयी है।कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 3,402 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में छह मामलों की कमी दर्ज की गयी है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,41,42,432 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.03 खुराक दी जा चुकी है। गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गयी थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गयी थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेगी। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ट्रॉफी का अनावरण करेंगे। हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को हॉकी इंडिया नई दिल्ली द्वारा देश के विभिन्न 16 राज्यों में भ्रमण कराया जा रहा है। अंतिम पड़ाव में यह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंच रही है।उल्लेखनीय है कि ओडिशा में 13 से 29 जनवरी 2023 तक एफआईएच ओडिशा मेन्स वर्ल्ड कप आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भुवनेश्वर और राउरकेला में संपन्न होगी।हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी रायपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इस ट्रॉफी के स्वागत के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री निवास में सुबह 10.30 बजे आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल हॉकी वर्ल्ड ट्रॉफी का अनवारण भी करेंगे।छत्तीसगढ़ हॉकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि यह पहला मौका है, जब हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी रायपुर आ रही है। इसके पूर्व 23 दिसंबर 2022 को फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा स्टेडियम बेंगलुरू (कर्नाटक) में एक भव्य समारोह में ट्रॉफी को छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी को सौंपा जायेगा।अंसारी बेंगलुरू से यह ट्राफी लेकर सुबह 9 बजे फ्लाइट से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुचेंगे, जहां बाजे-गाजे के साथ ट्रॉफी का स्वागत किया जायेगा। सभी खिलाड़ी तथा खेल संघ के पदाधिकारी वहां से ट्रॉफी को लेकर सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुचेंगे। कार्यक्रम के बाद ट्रॉफी को रैली के रूप में शहर के नेताजी सुभाष स्टेडियम ले जाया जायेगा। वहां से शहर के एक बड़े मॉल और तेलीबांधा मरीन ड्राइव में आम जनता के लिके प्रदर्शन के लिए ले जाया जायेगा। इसके बाद यह ट्रॉफी विश्व कप आयोजन स्थल भुवनेश्वर के लिये रवाना होगी।खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन तथा छत्तीसगढ़ हॉकी ने सभी खिलाड़ी और खेलप्रेमी जनता से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के सदन में चर्चा के दौरान खुफिया सॉफ्टवेयर पेगासस का जिक्र करने पर कड़ी आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा कि सदन में गंभीरता से बहस के लिए आधारहीन बातें नहीं करनी चाहिए और स्वच्छंद आरोप नहीं लगाने चाहिए।लोकसभा में नियम 193 के तहत नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विषय पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इसके नियंत्रण के लिए सीमा सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जा रहा है? इसी दौरान उन्होंने कहा कि सरकार पेगासस के माध्यम से पत्रकार और नेताओं की जासूसी कर रही है, लेकिन ड्रग माफिया पर नियंत्रण के लिए कितना प्रयास कर रही है? यह बताये।गृहमंत्री ने उनकी बात पर आपत्ति जताई और कहा कि सदन में गंभीरता से बहस होनी चाहिए। स्वच्छंद आरोप नहीं लगाने चाहिए। हर सदस्य को केवल वही बातें रखनी चाहिए जो सदन की गरिमा के अनुरूप हो। आगे उन्होंने कहा कि चर्चा से उनकी यह बात हटायी जानी चाहिए। मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदस्यों को तथ्यों और प्रमाणों के साथ बात रखनी चाहिए, इससे उनकी स्वयं की मान्यता बढ़ती है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों ने गुरुवार को बुलाई महत्वपूर्ण बैठकएबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन सहित कई देशों में एक फिर कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र केंद्र व राज्य सरकारें अलर्ट हो गई हैं। कोरोना की स्थिति की समीक्षा और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली में बैठक की। कोरोना की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और दिल्ली सरकार भी चौकन्नी हो गयी हैं। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए गुरुवार को बैठक बुलायी है। चीन में कोरोना से बिगड़ते हालात को देखते हुए बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम बैठक की।बैठक में देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री मंडाविया ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने विशेषज्ञों के साथ बैठक की। अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सभी को सतर्क रहने और निगरानी तेज करने के निर्देश दिये गये हैं। इस बैठक में मंत्री मंडाविया के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ भारती पवार और स्वास्थ्य विभाग के वरिषठ अधिकारी मौजूद रहे। इसी बीच लखनऊ से जानकारी मिली है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में एक बैठक करेंगे। इसमें कोरोना की मौजूदा स्थिति और नए वेरिएंट से निपटने के उपायों पर चर्चा की जायेगी। बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान काम कर रही नौ अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी।कोरोना से निपटने के लिए दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी एक आपात बैठक गुरुवार को बुलायी है। इस बैठक में कोरोना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि कोरोना के ओमिक्रॉन बीए.7 वैरिएंट के देश में संदिग्ध चार मामले सामने आये हैं। इनमें से गुजरात में तीन संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें वडोदरा में दो और अहमदबाद में एक संदिग्ध मरीज मिला है। एक संदिग्ध एक मामला मिला है।
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