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अबतक देशभर में कुल 325 से अधिक स्थानों पर रोजगार सृजन केंद्र स्थापित
Published / 2023-02-05 17:40:40
अबतक देशभर में कुल 325 से अधिक स्थानों पर रोजगार सृजन केंद्र स्थापित

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 5 फरवरी को स्वावलंबी भारत अभियान के तहत पूरे देश में 101 स्थानों पर और कुल मिलाकर 325 से अधिक स्थानों पर रोजगार सृजन केंद्र की स्थापना अब तक हो गयी।विदित हो कि पिछले 22 जनवरी रविवार को स्वावलंबी भारत अभियान की केन्द्रीय टोली एवं क्षेत्र समन्वयकों की संयुक्त बैठक में निश्चय किया गया था कि पूरे देश में एक साथ अधिक से अधिक स्थानों पर दिनांक 5 फरवरी को रोजगार सृजन केंद्र की स्थापना की जायेगी। आप सभी को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आज पूरे 101 जिला केन्द्रों पर एक साथ रोजगार सृजन केंद्र का अनावरण आज हुआ। माननीय आर सुन्दरम (अखिल भारतीय संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच), माननीय सतीश शर्मा (राष्ट्रीय समन्वयक स्वावलंबी भारत अभियान) माननीय कश्मीरी लाल जी (अखिल भारतीय संगठक), एवं माननीय सतीश कुमार जी (भारतीय सह-संगठक) माननीय जितेन्द्र गुप्ता जी (लघु उद्योग भारती) की उपस्थिति में जिला रोजगार का अनावरण किया गया। यह यह केंद्र रोजगार स्वयं करने में मील का पत्थर साबित होगा। विदित हो कि स्वदेशी जागरण मंच पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रयास कर रही है और अपने सम विचारी आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाले 6 संगठन लघु उद्योग भारती भारतीय मजदूर संघ भारतीय किसान संघ विद्यार्थी परिषद ग्राहक पंचायत और सिंह स्वदेशी जागरण मंच पूरे देश में एक अभियान शुरू किया है और उस अभियान का नाम स्वावलंबी भारत अभियान रखा गया है इसके तहत भारतीय युवाओं के मानसिकता में परिवर्तन लाने का एक प्रयास है आज देश में युवा शक्ति जो हमारी पूंजी भी है। बेरोजगार भटक रहे हैं इनके मानसिकता में परिवर्तन लाकर इन्हें ना केवल स्वरोजगार की ओर बढ़ाने का काम इन केंद्रों से किया जाएगा वल्कि दूसरे को भी रोजगार उपलब्ध कराएं ऐसी सोच उनमें पैदा किया जाएगा रोजगार सृजन केंद्र युवाओं के आकांक्षा पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा इसके माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे इसके माध्यम से स्टार्टअप की शुरुआत कर सकेंगे इसके माध्यम से छोटे-मोटे उद्योग लगाने की लिए आवश्यक सामग्री इन केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा जो उन्हें रोजगार स्थापित करने में मदद करेगा बिहार क्षेत्र में दरभंगा पूर्णिया पटना नालंदा गया और जमुई झारखंड में महागामा गोड्डा गिरिडीह हजारीबाग रांची और पलामू स्थानों पर रोजगार सृजन केंद्र का उद्घाटन एक साथ राष्ट्रीय स्तर पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बिहार क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक श्री सचिंद्र कुमार बरियार क्षेत्रीय संयोजक क्षेत्रीय समन्वयक अमरेंद्र कुमार सिंह प्रांत संयोजक श्री राजेश कुमार उपाध्याय बिहार से समन्वयक सुमन शेखर जी विभाग के संयोजक श्री मुरारी झा दक्षिण बिहार के संयोजक यदुनंदन प्रसाद जी उत्तर बिहार के सह संयोजक रमाशंकर हिंदवानी जी रांची से प्रकाश नारायण शेखर सुमन जी चंदन जी हजारीबाग से नारायण कुशवाहा जी दिनेश कुमार उपस्थित थे।

रूसी तेल खरीदने के लिए अब दूसरे देश करेंसी में भारत ने शुरू किया भुगतान
Published / 2023-02-05 12:48:46
रूसी तेल खरीदने के लिए अब दूसरे देश करेंसी में भारत ने शुरू किया भुगतान

भारत ने डॉलर को दिया बड़ा झटकाएबीएन सेंट्रल डेस्क। किसी दूसरी करेंसी में तेल खरीदने को लेकर भारत और रूस के बीच काफी लंबे अर्से से बातचीत चल रही थी, लेकिन अब भारत सरकार के सूत्रों ने कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए एक नये मैकेनिज्म पर बात बन गई है। दिप्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले चार सूत्रों ने कहा है कि भारतीय रिफाइनर्स ने संयुक्त अरब अमीरात की करेंसी, दिरहम में दुबई स्थिति व्यापारियों के माध्यम से रूसी तेल के एक बड़े हिस्से का भुगतान करना शुरू कर दिया है। भारत और रूस के बीच दिरहम में शुरू हुए ट्रेड से अमेरिकी करेंसी डॉलर को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अब चीन, ईरान और सऊदी अरब समेत कई ऐसे देश हैं, जो अपने स्थानीय करेंसी में व्यापार के नये तंत्र को विकसित करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इससे बाजार में डॉलर की दादागीरी को बड़ा नुकसान होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को के खिलाफ लगाए गये पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को भारत मान्यता नहीं देता है, हालांकि भारत उन प्रतिबंधों का उल्लंघन भी नहीं करता है, लेकिन भारत और रूस के बीच पिछले साल से ही रुपया-रूबल व्यापार मैकेनिज्म को बनाने पर बात चल रही है, जो अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है। वहीं, भारतीय बैंक और वित्तीय संस्थान, रूस को किए जाने वाले भुगतान को लेकर सतर्क भी हैं, ताकि किसी भी तरह से पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो भारतीय रिफाइनर्स और व्यापारियों को इस बात को लेकर चिंता थी, कि अगर रूस कच्चे तेल की कीमत को जी-7 देशों के लगाये प्राइस कैप (60 डॉलर प्रति बैरल) से महंगा कर देता है, तो फिर वो डॉलर में भुगतान करने में सक्षम नहीं हो पाएंगे, क्योंकि ये सीधे तौर पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध का उल्लंघन करता है। लिहाजा, भारत सरकार भी भारतीय व्यापारियों के लिए किसी ऐसे विकल्प की तलाश में थी, जो पश्चिमी प्रतिबंधों के जवाब में अपनी अर्थव्यवस्था को डी-डॉलर करने के रूस के प्रयासों में भी सहायता कर सकता है। दुबई स्थिति बैंकों के माध्यम से भारतीय रिफाइनरों द्वारा रूसी कच्चे तेल के लिए दिरहम में व्यापारियों को भुगतान करने के पिछले प्रयास फेल हो गये थे, जिसकी वजह से भारतीय ट्रेडर्स को मजबूरी में फिर से डॉलर का ही सहारा लेना पड़ा था, लेकिन अब नये तंत्र से भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।

सुप्रीम कोर्ट में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति
Published / 2023-02-04 23:10:41
सुप्रीम कोर्ट में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उच्चतम न्यायालय में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से शनिवार को अलग-अलग जारी अधिसूचनाओं अधिसूचना के अनुसार, शीर्ष अदालत में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है।अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति संजय करोल, न्यायमूर्ति पी वी संजय कुमार, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा को पदोन्नत कर उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। इन पांच न्यायाधीशों के सोमवार को पदभार ग्रहण करने की संभावना है।पांचों न्यायाधीशों के पदभार ग्रहण करने के साथ ही शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 के मुकाबले बढ़कर 32 हो जायेगी। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की 31 जनवरी को दो अन्य न्यायाधीशों की पदोन्नति के लिए की गई सिफारिशें केंद्र सरकार के समक्ष लंबित हैं।उच्चतम न्यायालय के छह सदस्यीय कॉलेजियम ने 13 दिसंबर 2022 को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मिथल, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति करोल, मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुमार, पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमानुल्लाह और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मिश्रा को पदोन्नत कर शीर्ष अदालत में न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी।कॉलेजियम ने 31 जनवरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की भी सिफारिश की थी।

3.03 अरब डॉलर की छलांग के साथ विदेशी मुद्रा भंडार टॉप पर
Published / 2023-02-04 23:01:14
3.03 अरब डॉलर की छलांग के साथ विदेशी मुद्रा भंडार टॉप पर

सात महीने के उच्चतम स्तर 577 अरब डॉलर पर पहुंचाएबीएन सेंट्रल डेस्क। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.03 अरब डॉलर बढ़कर 576.76 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 1.72 अरब डॉलर बढ़कर 573.727 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।गौरतलब है कि अक्टूबर, 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के उच्चस्तर पर पहुंच गया था। वैश्विक घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय बैंक के रुपये की विनियम दर में तेज गिरावट को रोकने के लिए मुद्रा भंडार का उपयोग करने की वजह से बाद में इसमें गिरावट आयी थी।केंद्रीय बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा कही जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां  समीक्षाधीन सप्ताह में 2.66 अरब डॉलर बढ़कर 509.01 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर में अभिव्यक्त किये की जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्राओं में आई घटबढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।इसके अलावा स्वर्ण भंडार का मूल्य आलोच्य सप्ताह में 31.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 44.027 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार 4.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.478 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में रखा देश का मुद्रा भंडार 1.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.23 अरब डॉलर हो गया।

अब अग्निवीर में भर्ती के लिए देना होगा एंट्रेंस एग्जाम, जानें नये नियम
Published / 2023-02-04 22:56:49
अब अग्निवीर में भर्ती के लिए देना होगा एंट्रेंस एग्जाम, जानें नये नियम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत सेना में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अब पहले आॅनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) देनी होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को शारीरिक रूप से चुस्त दुरुस्त होने (फिजिकल फिटनेस) संबंधी परीक्षण और मेडिकल जांच से गुजरना होगा। सेना द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों में प्रक्रिया में बदलाव के संबंध में विज्ञापन दिये हैं। हालांकि, सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस बाबत अधिसूचना फरवरी के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है। सूत्र ने बताया कि भर्ती के लिए पहली आॅनलाइन परीक्षा अप्रैल में देश भर के लगभग 200 स्थानों पर आयोजित की जा सकती है और इसके लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसलिए हुआ नियमों में बदलाव : सूत्र ने कहा कि इस बदलाव से भर्ती रैलियों के दौरान देखी जाने वाली भारी भीड़ में कमी आएगी और भर्ती का प्रबंधन तथा संचालन आसान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के लिए पहले उम्मीदवारों को शारीरिक रूप से चुस्त दुरुस्त होने संबंधी परीक्षण से गुजरना पड़ता था, उसके बाद मेडिकल जांच और सीईई के लिए उपस्थित होना अंतिम चरण था। लेकिन, अब आॅनलाइन परीक्षा पहला चरण है।

पहली बार 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट बीएमसी ने किया पेश
Published / 2023-02-04 22:52:00
पहली बार 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट बीएमसी ने किया पेश

नगर निकाय ने पूंजीगत व्यय के लिए 27,247.80 करोड़ और राजस्व खर्च के लिए 25,305.94 करोड़ किये हैं आवंटितएबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए शनिवार को 52,619.07 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बीएमसी ने पहली बार 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया है।इस बार पेश किया गया बजट 2022-23 के 45,949 करोड़ रुपये के मुकाबले 14.52 प्रतिशत अधिक है। यह बजट बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल के समक्ष पेश किया गया, जिन्हें पार्षदों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल मार्च में राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय का प्रशासक नियुक्त किया था।बजट दस्तावेजों के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अनुमानित इस बजट में 52,619.07 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है, जो 2022-23 के बजटीय अनुमान 45,949.21 करोड़ रुपये से 14.52 प्रतिशत अधिक है। यह 1985 के बाद पहली बार है, जब देश के सबसे अमीर नगर निकाय के प्रशासन ने किसी प्रशासक के समक्ष बजट पेश किया है, क्योंकि उसके पार्षदों का पांच साल का कार्यकाल सात मार्च 2022 को समाप्त हो चुका है।बजट पेश करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में चहल ने कहा कि बीएमसी के इतिहास में यह पहली बार है कि अनुमानित बजट 50,000 करोड़ रुपये के पार चला गया है। बजट में नगर निकाय ने पूंजीगत व्यय के लिए 27,247.80 करोड़ रुपये और राजस्व खर्च के लिए 25,305.94 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। चहल ने यह भी कहा कि यह पहली बार है, जब नगर निकाय पूंजीगत व्यय के लिए 52 प्रतिशत और राजस्व खर्च के लिए 48 प्रतिशत बजट आवंटित कर रहा है।बजट दस्तावेज के मुताबिक, महत्वाकांक्षी तटीय सड़क परियोजना के लिए 3,545 करोड़ रुपये, जबकि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के लिए 1,060 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जिससे मुंबई और ठाणे शहर के बीच यात्रा का समय कम हो जायेगा। साथ ही यातायात संचालन और सड़क परियोजनाओं के लिए 2,825 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।चहल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और पारदर्शी कामकाज हमारे बजट के चार स्तंभ हैं। बीएमसी के लिए चुनाव लंबित है। कोरोना वायरस महामारी, वार्डों के परिसीमन और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) कोटा जैसी वजहों से चुनावों में देरी हुई है।

राजधानियों के प्रश्न में उलझा आंध्र प्रदेश
Published / 2023-02-04 18:40:18
राजधानियों के प्रश्न में उलझा आंध्र प्रदेश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक राजधानी या तीन राजधानियां? आंध्र प्रदेश में इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर किसी के पास नहीं है। फिलहाल, अमरावती के बजाय राज्य की राजधानी विशाखापत्तनम होगी। पिछले सप्ताह आंध्र प्रदेश वैश्विक निवेशक सम्मेलन में मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा था कि विशाखापत्तनम राज्य की राजधानी होगी और वह स्वयं वहां रहने जा रहे हैं। प्रश्न है कि कब तक? मुख्यंत्री के रूप में अपने बचे हुए कार्यकाल तक या निवेश सम्मेलन (मार्च में) तक? या फिर 2023 की शेष अवधि के लिए या इससे अधिक समय तक? शायद किसी के पास इसका स्पष्ट जबाब नहीं है।वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री ने कहा था कि फिलहाल अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी होगी। एक के बाद एक कानूनी चुनौतियों को देखते हुए रेड्डी ने राज्य विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार आंध्र प्रदेश में तीन राजधानियां बनाने का प्रस्ताव वापस ले रही है। इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि तीन राजधानियां बनाई जाएंगी जिनमें पहली विशाखापत्तनम (कार्यपालक राजधानी) में, दूसरी रायलसीमा क्षेत्र में कुर्नूल (न्यायिक राजधानी) में और तीसरी अमरावती (विधायिका राजधानी) में होगी।  अमरावती में राज्यपाल का कार्यालय और राज्य विधानसभा बनाने की योजना थी। तीन राजधानियां बनाने का उद्देश्य राज्य में विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित करना था। मगर ऐसा लगता है कि इस योजना से एक बड़ी उलझन की स्थिति पैदा हो गयी है। राजधानी का मामला आंध्र प्रदेश के विभाजन के साथ शुरू हुआ। विभाजन के बाद हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी बन गया। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के एन चंद्रबाबू नायडू को इसमें एक अवसर दिखा। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने अमरावती में एक हरित, भविष्यवादी और विश्व स्तरीय राजधानी बनाने की परिकल्पना की। नई राजधानी सिंगापुर की तर्ज पर बननी थी और इसकी निर्माण योजना सिंगापुर सरकार द्वारा नियुक्त सलाहकारों ने तैयार की। नई राजधानी 217 वर्ग किलोमीटर में बनाने की योजना थी और इस पर लगभग 8 अरब डॉलर रकम खर्च होती। इस पूरी योजना के पीछे एक अघोषित पहलू यह था कि अमरावती के इर्द-गिर्द जमीन धनाढ़्य कम्मा किसानों की थी जो तेदेपा के समर्थक भी माने जाते हैं। इससे नुकसान रेड्डी समुदाय को होता। रेड्डी समुदाय को राज्य में राजनीतिक रूप से ताकतवर माना जाता है और वह जमीन-जायदाद के मामले में भी संपन्न है। अमरावती को राजधानी बनाये जाने की घोषणा के बाद इस क्षेत्र के आसपास जमीन की कीमतें आसमान छूने लगीं और मालिकाना हक के स्थानांतरण और भूमि के इस्तेमाल में बदलाव की प्रक्रिया द्रुत गति से होने लगी। इससे पहले कि नायडू की योजना आगे बढ़ती राज्य में चुनाव ने दस्तक दे दी। अमरावती में राजधानी बनाने के लिए 54,000 एकड़ भूमि चिह्नित की गयी, जिनमें 42,000 एकड़ कृषि योग्य भूमि थी और 40,000 एकड़ सिंचित भूमि थी। किसानों के हाथ से उनकी जमीन निकलने का खतरा था मगर उन्हें इस बात की भी उम्मीद थी कि राज्य सरकार उन्हें मोटा मुआवजा देगी। मगर कृषि कार्य में भाग लेने वाले श्रमिक और पट्टाधारक सबसे अधिक दुखी थे। एक और बात यह थी कि पूरा क्षेत्र में कपास की खेती के लिए अनुकूल काली मिट्टी वाली जमीन थी और मगर निर्माण कार्य के लिए अनुकूल नहीं थी। नायडू की सरकार मई 2019 में सत्ता से बाहर हो गयी और जगन मोहन रेड्डी राज्य के नए मुख्यमंत्री बन गये। रायलसीमा क्षेत्र में दबदबा रखने वाला रेड्डी समुदाय इससे उत्साहित हुआ और उसने इस अवसर का लाभ उठाकर तेदेपा सरकार के पिछले दो कार्यकालों में पैदा हुए असंतुलन को साधने की कोशिश की। जगन मोहन रेड्डी ने पिछली कई समितियों की सिफारिशों में अवसर तलाश लिया और कुछ और समितियों का गठन कर दिया। जब वे तेदेपा को नुकसान पहुंचाने के लिए और अपना दबदबा बढ़ाने की मुहिम में थे तो उसी समय तीन राजधानियां बनाने की योजना उनके दिमाग में आयी। इनमें एक राजधानी रायलसीमा में बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि इसके बाद मुश्किलों का सिलसिला भी शुरू हो गया। ये ऐसी मुश्किलें थीं जिनसे तीन राजधानियां बनाने का योजना पर पानी फिर गया। राज्य सरकार को उच्च न्यायालय की जगह पर कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं था। इस वजह से अमरावती से उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पेचीदा हो गया। इसके अलावा खर्च भी एक समस्या थी। राज्य सरकार के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं थे इसलिए यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया कि केवल अमरावती ही नहीं बल्कि कुर्नूल और विशाखापत्तनम के लिए मुआवजे का प्रबंध कहां से होता? सच्चाई यह है कि राज्य सरकार के पास रकम नहीं है। एक अनुमान के अनुसार अधिग्रहीत भूमि का मूल्य करीब 1,50,000 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार को मुआवजे का भुगतान इस मूल्य के 150 प्रतिशत पर करना होगा। राज्य पर इसके कुल राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 33 प्रतिशत कर्ज है। राज्य सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा बैंकों को चला जाता है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति खस्ताहाल है और राजस्व के स्रोत भी सीमित हैं। राज्य सरकार के कुछ कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। पेंशनभोगियों को भी 20 तारीख के आस-पास पेंशन दी जाती है। आंध्र प्रदेश के विशेष मुख्य सचिव (वित्त) शमशेर सिंह रावत ने पिछले सप्ताह एक मीडिया को दिए बयान में अप्रत्यक्ष रूप से मान लिया कि वेतन देने में देरी हो रही है। रावत ने कहा कि कभी-कभार वेतन देने में थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने कहा कि 90-95 प्रतिशत मामलों में वेतन हरेक महीने की पांच तारीख तक निर्गत कर दिए जाते हैं। इन सभी समस्याओं के बीच विशाखापत्तनम अब राजधानी है। तीन राजधानियों की योजना समाप्त नहीं की गई है, बस इसे फिलहाल टाल दिया गया है। इस बीच, राज्य वित्तीय संकट से संकट की ओर बढ़ता जा रहा है।

हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 3.2 की तीव्रता के भूकंप के झटके
Published / 2023-02-04 14:53:44
हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 3.2 की तीव्रता के भूकंप के झटके

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में शुक्रवार रात 3.2 की तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने कहा कि रात नौ बजकर 31 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में स्थित था।एनसीएस ने कहा कि शुक्रवार को भारतीय समयानुसार रात नौ बजकर 31 मिनट पर आये 3.2 की तीव्रता के भूकंप का केंद्र उत्तर प्रदेश के शामली में 29.41 अक्षांश और 77.26 देशान्तर पर पांच किलोमीटर की गहराई पर था।

98 ट्रेनें रद्द और 18 ट्रेन के रूट बदले, बर्धमान रेलवे ट्रैक में मरम्मत का काम
Published / 2023-02-04 14:42:05
98 ट्रेनें रद्द और 18 ट्रेन के रूट बदले, बर्धमान रेलवे ट्रैक में मरम्मत का काम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जिला में रेल से यात्रा करने वालों के लिए एक जरूरी सूचना है। गोड्डा से सियालदह कोलकाता जाने वाली ईएमयू ट्रेन 9 फरवरी तक रद्द कर दी गयी हैं। क्योंकि बर्धमान रेलवे ट्रैक में मरम्मत का काम चल रहा है। इस वजह से आगामी दिनों में रेल से सफर करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ये जानकारी पीआरओ रेल डिवीजन पवन कुमार ने दी है।पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल के बर्धमान रेलवे स्टेशन में रखरखाव का कार्य किया जा रहा है। इस वजह से इस रूट से चलने वाली 98 ट्रेनों के परिचालन को कुछ दिनों के लिए रद्द कर दिया है। इसके साथ ही 18 ट्रेनों के रूट को डाइवर्ट कर दिया गया है। इसमें गोड्डा से सियालदह कोलकाता ईएमयू ट्रेन भी शामिल है। यह ट्रेन 4 से 9 फरवरी तक रद्द रहेगी। इस वजह से गोड्डा से पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।जिसके बाद ट्रेन 10 फरवरी से पूर्व की भांति निर्धारित टाइम टेबल पर चलेगी। इससे पहले इस ट्रेन का 1 फरवरी से 4 फरवरी तक ट्रेन का परिचालन बंद किया गया था। बर्धमान रेलवे स्टेशन में मेंटेनेन्स में अतिरिक्त समय लगने के वजह से 9 फरवरी तक ट्रेनों का परिचालन रद्द किया गया है। बता दें कि गोड्डा से सियालदह के 03112 डाउन ईएमयू ट्रेन प्रतिदिन सुबह रवाना होती है और दूसरे दिन रात के 12 बजे सियालदह स्टेशन से गोड्डा के लिए 03111 अप ट्रैन खुलती है।2022 नवंबर माह में गोड्डा समेत संथाल परगना के लिए कोलकाता को जाने वाली ट्रेन खुली थी। जिससे खासकर कारोबारियों के साथ साथ आम यात्रियों को काफी सुविधा होती है। यह ट्रेन आम लोगों के लिए काफी सस्ती है और गोड्डा से कोलकाता का रेल किराया महज 70 रुपये है। इस ट्रेन से बड़ी संख्या में मजदूर भी गोड्डा से कोलकाता कमाने के लिए जाते हैं।

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